सर्वनाम – परिभाषा, भेद, उदाहरण एवं सम्पूर्ण जानकारी | कक्षा 10 हिंदी व्याकरण
बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10 हिंदी व्याकरण की परीक्षा में सर्वनाम एक महत्वपूर्ण और नियमित रूप से पूछा जाने वाला विषय है। सर्वनाम भाषा को संक्षिप्त, सुंदर और प्रभावशाली बनाने में सहायक होता है, क्योंकि यह संज्ञा शब्दों की बार-बार पुनरावृत्ति को रोकता है। इस लेख में हम सर्वनाम की परिभाषा, उसके भेद, मूल शब्द, पहचान करने की विधि और परीक्षा उपयोगी प्रश्न-उत्तर को विस्तार से सरल भाषा में समझेंगे।
सर्वनाम क्या है?
संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं। जब हम बातचीत करते हैं या कुछ लिखते हैं, तो एक ही नाम को बार-बार दोहराना भाषा को नीरस और अरुचिकर बना देता है। इसी पुनरावृत्ति को रोकने और भाषा को सुंदर, संक्षिप्त तथा प्रभावशाली बनाने के लिए हम संज्ञा के स्थान पर सर्वनाम शब्दों का प्रयोग करते हैं। उदाहरण के लिए – “राम एक अच्छा लड़का है। राम रोज स्कूल जाता है। राम के पास एक किताब है” के स्थान पर हम कहते हैं – “राम एक अच्छा लड़का है। वह रोज स्कूल जाता है। उसके पास एक किताब है।” यहाँ “वह” और “उसके” सर्वनाम शब्द हैं, जो “राम” के स्थान पर प्रयुक्त हुए हैं।
सर्वनाम के मूल शब्द
हिंदी व्याकरण में सर्वनाम के केवल ग्यारह मूल (मौलिक) शब्द माने जाते हैं। हिंदी भाषा में प्रयुक्त होने वाले शेष सभी सर्वनाम शब्द इन्हीं ग्यारह मूल शब्दों के कारक और वचन के आधार पर रूपांतरित रूप हैं। ये ग्यारह मूल शब्द हैं:
मैं, हम, तू, आप, यह, वह, ये, वे, जो, सो, कौन, कोई, कुछ
(ध्यान दें – कुछ स्रोतों में इन्हें ग्यारह मुख्य रूपों में गिना जाता है, जबकि विस्तार में इनके अनेक रूपांतरित रूप जैसे मुझे, हमें, तुझे, आपका, इसका, उसका, इनका, उनका आदि भी सर्वनाम के अंतर्गत आते हैं।)
सर्वनाम के भेद
व्याकरण की दृष्टि से सर्वनाम के छह भेद माने जाते हैं:
- पुरुषवाचक सर्वनाम
- निश्चयवाचक सर्वनाम
- अनिश्चयवाचक सर्वनाम
- प्रश्नवाचक सर्वनाम
- संबंधवाचक सर्वनाम
- निजवाचक सर्वनाम
1. पुरुषवाचक सर्वनाम
जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग वक्ता द्वारा स्वयं के लिए, सुनने वाले (श्रोता) के लिए अथवा किसी अन्य व्यक्ति के लिए किया जाता है, उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। यह तीन उपभेदों में विभाजित है:
- उत्तम पुरुष (वक्ता के लिए) – मैं, हम, मुझे, हमें, मेरा, हमारा
- मध्यम पुरुष (श्रोता के लिए) – तू, तुम, आप, तुझे, तुम्हें, आपका
- अन्य पुरुष (किसी तीसरे व्यक्ति के लिए) – यह, वह, ये, वे, उसे, उन्हें
वाक्य में प्रयोग:
- मैं फिल्म देखना चाहता हूँ। (उत्तम पुरुष)
- आप कहते हैं तो ठीक ही होगा। (मध्यम पुरुष)
- वह पढ़ने में बहुत तेज है। (अन्य पुरुष)
2. निश्चयवाचक सर्वनाम
जिस सर्वनाम शब्द से किसी निश्चित (पास या दूर की) वस्तु या व्यक्ति का बोध होता है, उसे निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं।
उदाहरण: यह, वह, ये, वे
वाक्य में प्रयोग:
- यह मेरी किताब है।
- वह मेरा घर है।
- ये मेरे मित्र हैं।
3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम
जिस सर्वनाम शब्द से किसी अनिश्चित (अस्पष्ट) वस्तु या व्यक्ति का बोध होता है, अर्थात जिसके बारे में निश्चित जानकारी न हो, उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं।
उदाहरण: कोई, कुछ
वाक्य में प्रयोग:
- कोई दरवाजे पर खड़ा है।
- मुझे कुछ चाहिए।
- थोड़ा कुछ भी दो।
4. प्रश्नवाचक सर्वनाम
जिस सर्वनाम शब्द का प्रयोग किसी प्रश्न को पूछने के लिए किया जाता है, उसे प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं।
उदाहरण: कौन, क्या
वाक्य में प्रयोग:
- तुम कौन हो?
- यह क्या है?
- वह कौन है?
5. संबंधवाचक सर्वनाम
जिस सर्वनाम शब्द से एक शब्द या उपवाक्य का दूसरे शब्द या उपवाक्य से संबंध का बोध होता है, उसे संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं। यह प्रायः दो वाक्यों या उपवाक्यों को आपस में जोड़ने का कार्य करता है।
उदाहरण: जो, सो
वाक्य में प्रयोग:
- जो मेहनत करता है, सो सफल होता है।
- जो व्यक्ति सत्य बोलता है, उसका सम्मान होता है।
6. निजवाचक सर्वनाम
जिस सर्वनाम शब्द से कर्ता स्वयं अपने लिए संकेत करता है, अर्थात जो कर्ता की अपनी निजता को व्यक्त करता है, उसे निजवाचक सर्वनाम कहते हैं।
उदाहरण: अपना, आप (स्वयं के अर्थ में), स्वयं, खुद
वाक्य में प्रयोग:
- मैं अपना काम स्वयं करता हूँ।
- वह अपने आप चला गया।
- तुम अपना ख्याल रखना।
सर्वनाम की पहचान करने की विधि
किसी वाक्य में सर्वनाम शब्द की पहचान के लिए निम्नलिखित बिंदु सहायक हैं:
- यह शब्द किसी संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होता है, अर्थात किसी नाम को दोबारा न दोहराकर उसके स्थान पर आता है।
- यह ग्यारह मूल शब्दों में से कोई एक अथवा उनका रूपांतरित रूप होता है।
- वाक्य में यह प्रायः कर्ता, कर्म या संबंध-सूचक के रूप में प्रयुक्त होता है।
सर्वनाम से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदु (परीक्षा के लिए उपयोगी टिप्स)
- पुरुषवाचक सर्वनाम को पहचानने के लिए देखें कि वह वक्ता, श्रोता या तीसरे व्यक्ति में से किसके लिए प्रयुक्त हो रहा है।
- निश्चयवाचक और अनिश्चयवाचक सर्वनाम में अंतर यह है कि निश्चयवाचक किसी स्पष्ट वस्तु को इंगित करता है (यह, वह), जबकि अनिश्चयवाचक अस्पष्ट रहता है (कोई, कुछ)।
- प्रश्नवाचक सर्वनाम सदैव प्रश्न बनाने में प्रयुक्त होता है और वाक्य के अंत में प्रायः प्रश्नचिह्न (?) आता है।
- संबंधवाचक सर्वनाम “जो-सो” के जोड़े में प्रयुक्त होकर दो उपवाक्यों को जोड़ता है।
- निजवाचक सर्वनाम में कर्ता स्वयं अपने लिए “अपना” या “स्वयं” जैसे शब्दों का प्रयोग करता है।
सर्वनाम के भेदों का सारणीबद्ध अवलोकन
| सर्वनाम का भेद | उदाहरण शब्द | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|
| पुरुषवाचक सर्वनाम | मैं, तुम, वह | मैं स्कूल जा रहा हूँ। |
| निश्चयवाचक सर्वनाम | यह, वह | यह मेरी पुस्तक है। |
| अनिश्चयवाचक सर्वनाम | कोई, कुछ | कोई आ रहा है। |
| प्रश्नवाचक सर्वनाम | कौन, क्या | तुम कौन हो? |
| संबंधवाचक सर्वनाम | जो, सो | जो मेहनत करता है, सो सफल होता है। |
| निजवाचक सर्वनाम | अपना, स्वयं | वह अपना काम स्वयं करता है। |
महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions)
- सर्वनाम के कुल कितने भेद होते हैं?(क) चार (ख) पाँच (ग) छह (घ) सात
उत्तर: (ग) छह
- सर्वनाम के मूल शब्द कुल कितने हैं?(क) दस (ख) ग्यारह (ग) बारह (घ) नौ
उत्तर: (ख) ग्यारह
- “जो मेहनत करता है, सो सफल होता है” वाक्य में कौन-सा सर्वनाम है?(क) निश्चयवाचक (ख) संबंधवाचक (ग) प्रश्नवाचक (घ) निजवाचक
उत्तर: (ख) संबंधवाचक
- “वह अपने आप चला गया” वाक्य में कौन-सा सर्वनाम है?(क) पुरुषवाचक (ख) निजवाचक (ग) अनिश्चयवाचक (घ) प्रश्नवाचक
उत्तर: (ख) निजवाचक
- “कोई आ रहा है” वाक्य में कौन-सा सर्वनाम है?(क) निश्चयवाचक (ख) अनिश्चयवाचक (ग) संबंधवाचक (घ) निजवाचक
उत्तर: (ख) अनिश्चयवाचक
- “मैं” और “हम” किस प्रकार के पुरुषवाचक सर्वनाम हैं?(क) मध्यम पुरुष (ख) अन्य पुरुष (ग) उत्तम पुरुष (घ) निश्चयवाचक
उत्तर: (ग) उत्तम पुरुष
- “तुम कौन हो?” वाक्य में “कौन” कौन-सा सर्वनाम है?(क) निश्चयवाचक (ख) प्रश्नवाचक (ग) संबंधवाचक (घ) पुरुषवाचक
उत्तर: (ख) प्रश्नवाचक
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
प्रश्न: सर्वनाम किसे कहते हैं?
उत्तर: संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं, जो संज्ञा की पुनरावृत्ति को रोककर वाक्य को संक्षिप्त और प्रभावशाली बनाते हैं।
प्रश्न: पुरुषवाचक सर्वनाम के कितने प्रकार होते हैं और वे कौन-से हैं?
उत्तर: पुरुषवाचक सर्वनाम तीन प्रकार का होता है – उत्तम पुरुष (मैं, हम), मध्यम पुरुष (तू, तुम, आप) और अन्य पुरुष (यह, वह, ये, वे)।
प्रश्न: प्रश्नवाचक और अनिश्चयवाचक सर्वनाम में क्या अंतर है?
उत्तर: प्रश्नवाचक सर्वनाम का प्रयोग प्रश्न पूछने के लिए किया जाता है (जैसे – कौन, क्या), जबकि अनिश्चयवाचक सर्वनाम से किसी अनिश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध होता है (जैसे – कोई, कुछ)।
प्रश्न: निजवाचक सर्वनाम की क्या विशेषता होती है?
उत्तर: निजवाचक सर्वनाम में कर्ता स्वयं अपने लिए संकेत करता है, जिससे कार्य में कर्ता की व्यक्तिगत भागीदारी स्पष्ट होती है, जैसे – “मैं अपना काम स्वयं करता हूँ।”
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (अभ्यास हेतु)
प्रश्न: सर्वनाम के सभी भेदों को उदाहरण सहित विस्तार से समझाइए।
उत्तर: सर्वनाम के छह भेद हैं। पुरुषवाचक सर्वनाम वक्ता, श्रोता या अन्य व्यक्ति के लिए प्रयुक्त होता है और इसके तीन उपभेद हैं – उत्तम पुरुष (मैं, हम), मध्यम पुरुष (तू, तुम, आप) तथा अन्य पुरुष (यह, वह, ये, वे)। निश्चयवाचक सर्वनाम किसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति का बोध कराता है, जैसे – यह, वह। अनिश्चयवाचक सर्वनाम अनिश्चित वस्तु या व्यक्ति का बोध कराता है, जैसे – कोई, कुछ। प्रश्नवाचक सर्वनाम प्रश्न पूछने के लिए प्रयुक्त होता है, जैसे – कौन, क्या। संबंधवाचक सर्वनाम दो वाक्यों या उपवाक्यों के बीच संबंध स्थापित करता है, जैसे – जो, सो। निजवाचक सर्वनाम में कर्ता स्वयं अपने लिए प्रयोग करता है, जैसे – अपना, स्वयं। इन सभी भेदों के सही ज्ञान से छात्र वाक्य-रचना और परीक्षा दोनों में दक्षता प्राप्त कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण परीक्षा प्रश्न (Important Exam Questions)
- निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित सर्वनाम शब्दों के भेद बताइए।
- पुरुषवाचक सर्वनाम के तीनों उपभेदों को उदाहरण सहित लिखिए।
- संज्ञा और सर्वनाम में क्या अंतर है, उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
- संबंधवाचक और निश्चयवाचक सर्वनाम में अंतर स्पष्ट कीजिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: सर्वनाम के कुल कितने भेद और मूल शब्द होते हैं?
उत्तर: सर्वनाम के छह भेद और ग्यारह मूल शब्द होते हैं – मैं, हम, तू, आप, यह, वह, ये, वे, जो, सो, कौन, कोई, कुछ।
प्रश्न 2: सर्वनाम का प्रयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर: सर्वनाम का प्रयोग संज्ञा की बार-बार पुनरावृत्ति को रोकने और वाक्य को संक्षिप्त, सुंदर तथा प्रभावशाली बनाने के लिए किया जाता है।
प्रश्न 3: निजवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं?
उत्तर: जिस सर्वनाम से कर्ता स्वयं अपने लिए संकेत करता है, उसे निजवाचक सर्वनाम कहते हैं, जैसे – अपना, स्वयं, आप।
प्रश्न 4: पुरुषवाचक सर्वनाम की पहचान कैसे करें?
उत्तर: यदि सर्वनाम वक्ता (मैं, हम), श्रोता (तुम, आप) या किसी तीसरे व्यक्ति (यह, वह) के लिए प्रयुक्त हो रहा हो, तो वह पुरुषवाचक सर्वनाम है।
निष्कर्ष
सर्वनाम हिंदी व्याकरण की एक महत्वपूर्ण इकाई है, जो भाषा को संक्षिप्त, सुंदर और प्रभावशाली बनाने में सहायक होती है। इस लेख में दी गई परिभाषा, भेद, उदाहरण, सारणी और अभ्यास प्रश्नों के माध्यम से छात्र सर्वनाम से संबंधित सभी प्रकार के परीक्षा प्रश्नों को सरलता और आत्मविश्वास के साथ हल कर सकते हैं। नियमित अभ्यास और वाक्य-प्रयोग से इस विषय पर पूर्ण दक्षता प्राप्त की जा सकती है।
यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य से BSEB कक्षा 10 पाठ्यक्रम (हिंदी व्याकरण) के आधार पर तैयार किया गया है।
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.