प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन – BSEB कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 10 सम्पूर्ण व्याख्या एवं प्रश्नोत्तर
प्रस्तावना (BSEB कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 10)
“प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन” BSEB कक्षा 10 विज्ञान के भौतिक विज्ञान खंड का दसवाँ अध्याय है। इस अध्याय में प्रकाश के व्यवहार तथा उसके विभिन्न माध्यमों में संचरण से संबंधित महत्वपूर्ण अवधारणाओं का अध्ययन किया जाता है। प्रकाश के किसी चमकीले पृष्ठ से टकराकर उसी माध्यम में वापस लौटने की घटना को परावर्तन तथा एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में जाने पर प्रकाश की दिशा बदलने की घटना को अपवर्तन कहते हैं।
इस अध्याय में समतल दर्पण, गोलीय दर्पण, अवतल और उत्तल दर्पण, दर्पण द्वारा बनने वाले प्रतिबिंब, दर्पण सूत्र, आवर्धन, प्रकाश का अपवर्तन, अपवर्तनांक, गोलीय लेंस, उत्तल और अवतल लेंस, लेंस सूत्र तथा लेंस की शक्ति का अध्ययन किया जाता है। परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे परिभाषा, सूत्र, संख्यात्मक प्रश्न, किरण आरेख तथा वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाते हैं।
प्रकाश क्या है?
प्रकाश ऊर्जा का एक रूप है, जिसकी सहायता से हम वस्तुओं को देख पाते हैं। जब किसी वस्तु से प्रकाश हमारी आँखों तक पहुँचता है, तब हमें वह वस्तु दिखाई देती है। प्रकाश सामान्यतः सीधी रेखा में गमन करता है। इसे प्रकाश का सरल रेखीय संचरण कहा जाता है।
प्रकाश की किरणों के व्यवहार को समझने के लिए परावर्तन और अपवर्तन की घटनाओं का अध्ययन किया जाता है। दर्पण तथा लेंस प्रकाश की किरणों की दिशा बदलने के लिए महत्वपूर्ण प्रकाशीय उपकरण हैं।
प्रकाश का परावर्तन
जब प्रकाश की किरण किसी चमकीले या परावर्तक पृष्ठ से टकराकर उसी माध्यम में वापस लौटती है, तो इस घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं। दर्पण प्रकाश के परावर्तन का सबसे सामान्य उदाहरण है।
परावर्तन में आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में होते हैं। परावर्तन के नियमों के आधार पर दर्पण से बनने वाले प्रतिबिंब का अध्ययन किया जाता है।
परावर्तन के नियम
प्रकाश के परावर्तन के दो प्रमुख नियम हैं:
- आपतित किरण, परावर्तित किरण और आपतन बिंदु पर खींचा गया अभिलंब तीनों एक ही तल में होते हैं।
- आपतन कोण और परावर्तन कोण सदैव बराबर होते हैं। अर्थात ∠i = ∠r।
आपतित किरण
जो प्रकाश किरण किसी परावर्तक पृष्ठ पर आकर गिरती है, उसे आपतित किरण कहते हैं।
परावर्तित किरण
परावर्तक पृष्ठ से टकराने के बाद जो प्रकाश किरण वापस उसी माध्यम में लौटती है, उसे परावर्तित किरण कहते हैं।
अभिलंब
आपतन बिंदु पर परावर्तक पृष्ठ के लंबवत खींची गई काल्पनिक रेखा को अभिलंब कहते हैं। आपतन कोण तथा परावर्तन कोण को अभिलंब के सापेक्ष मापा जाता है।
आपतन कोण
आपतित किरण और आपतन बिंदु पर खींचे गए अभिलंब के बीच बनने वाले कोण को आपतन कोण कहते हैं। इसे सामान्यतः i से प्रदर्शित किया जाता है।
परावर्तन कोण
परावर्तित किरण और आपतन बिंदु पर खींचे गए अभिलंब के बीच बनने वाले कोण को परावर्तन कोण कहते हैं। इसे सामान्यतः r से प्रदर्शित किया जाता है।
समतल दर्पण
जिस दर्पण की परावर्तक सतह समतल होती है, उसे समतल दर्पण कहते हैं। सामान्य दर्पण इसका उदाहरण है। समतल दर्पण द्वारा बनने वाला प्रतिबिंब आभासी, सीधा तथा वस्तु के समान आकार का होता है।
समतल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब की विशेषताएँ
- प्रतिबिंब आभासी होता है।
- प्रतिबिंब सीधा होता है।
- प्रतिबिंब का आकार वस्तु के आकार के बराबर होता है।
- प्रतिबिंब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनता है जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के सामने होती है।
- प्रतिबिंब में पार्श्व परिवर्तन होता है।
पार्श्व परिवर्तन
समतल दर्पण में वस्तु के दाएँ भाग का प्रतिबिंब बाएँ भाग में और बाएँ भाग का प्रतिबिंब दाएँ भाग में दिखाई देता है। इस घटना को पार्श्व परिवर्तन कहते हैं। इसी कारण एम्बुलेंस के आगे लिखे शब्दों को कई बार उल्टे क्रम में लिखा जाता है ताकि सामने चल रहे वाहन का चालक उन्हें पीछे के दर्पण में सही क्रम में पढ़ सके।
गोलीय दर्पण
जिस दर्पण की परावर्तक सतह किसी खोखले गोले के भाग के समान होती है, उसे गोलीय दर्पण कहते हैं। गोलीय दर्पण दो प्रकार के होते हैं:
- अवतल दर्पण
- उत्तल दर्पण
अवतल दर्पण
जिस गोलीय दर्पण की परावर्तक सतह अंदर की ओर अर्थात गोले के केंद्र की ओर मुड़ी होती है, उसे अवतल दर्पण कहते हैं। यह प्रकाश की समानांतर किरणों को एक बिंदु की ओर अभिसरित कर सकता है।
अवतल दर्पण का उपयोग दंत चिकित्सक, शेविंग मिरर तथा कुछ प्रकाशीय उपकरणों में किया जाता है। खगोलीय दूरदर्शी और सौर भट्ठी में भी अवतल दर्पण के अभिसारी गुण का उपयोग किया जाता है।
उत्तल दर्पण
जिस गोलीय दर्पण की परावर्तक सतह बाहर की ओर उभरी होती है, उसे उत्तल दर्पण कहते हैं। यह प्रकाश की समानांतर किरणों को फैलाता है और अधिक क्षेत्र का दृश्य प्रदान करता है।
वाहनों में पीछे का विस्तृत क्षेत्र देखने के लिए उत्तल दर्पण का उपयोग किया जाता है। उत्तल दर्पण हमेशा वस्तु का आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
गोलीय दर्पण से संबंधित प्रमुख शब्द
ध्रुव
गोलीय दर्पण की परावर्तक सतह के मध्य बिंदु को ध्रुव कहते हैं। इसे सामान्यतः P से प्रदर्शित किया जाता है।
वक्रता केंद्र
जिस गोले का गोलीय दर्पण एक भाग होता है, उसके केंद्र को वक्रता केंद्र कहते हैं। इसे सामान्यतः C से प्रदर्शित किया जाता है।
वक्रता त्रिज्या
ध्रुव और वक्रता केंद्र के बीच की दूरी को वक्रता त्रिज्या कहते हैं। इसे R से प्रदर्शित किया जाता है।
मुख्य अक्ष
ध्रुव और वक्रता केंद्र से होकर गुजरने वाली सीधी रेखा को मुख्य अक्ष कहते हैं।
मुख्य फोकस
मुख्य अक्ष के समानांतर आने वाली प्रकाश किरणें परावर्तन के बाद जिस बिंदु पर मिलती हैं या जिस बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं, उसे मुख्य फोकस कहते हैं। इसे F से प्रदर्शित किया जाता है।
फोकस दूरी
ध्रुव और मुख्य फोकस के बीच की दूरी को फोकस दूरी कहते हैं। इसे f से प्रदर्शित किया जाता है। गोलीय दर्पण के लिए R = 2f का संबंध महत्वपूर्ण है।
अवतल दर्पण में प्रतिबिंब निर्माण
अवतल दर्पण में वस्तु की स्थिति बदलने पर प्रतिबिंब की स्थिति, आकार और प्रकृति बदलती रहती है। परीक्षा में अवतल दर्पण के विभिन्न स्थानों पर रखी वस्तु के प्रतिबिंब का किरण आरेख विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
- वस्तु अनंत पर हो तो प्रतिबिंब मुख्य फोकस पर बनता है।
- वस्तु वक्रता केंद्र से बाहर हो तो प्रतिबिंब फोकस और वक्रता केंद्र के बीच बनता है।
- वस्तु वक्रता केंद्र पर हो तो प्रतिबिंब भी वक्रता केंद्र पर बनता है।
- वस्तु फोकस और वक्रता केंद्र के बीच हो तो प्रतिबिंब वक्रता केंद्र से बाहर बनता है।
- वस्तु फोकस पर हो तो परावर्तित किरणें समानांतर हो जाती हैं और प्रतिबिंब अनंत पर माना जाता है।
- वस्तु फोकस और ध्रुव के बीच हो तो प्रतिबिंब आभासी, सीधा और बड़ा बनता है।
उत्तल दर्पण में प्रतिबिंब निर्माण
उत्तल दर्पण में वस्तु को किसी भी स्थिति में रखने पर प्रतिबिंब दर्पण के पीछे ध्रुव और फोकस के बीच बनता है। यह प्रतिबिंब हमेशा आभासी, सीधा और छोटा होता है।
दर्पण सूत्र
गोलीय दर्पण के लिए वस्तु दूरी, प्रतिबिंब दूरी और फोकस दूरी के बीच संबंध को दर्पण सूत्र कहते हैं:
1/f = 1/v + 1/u
जहाँ u वस्तु दूरी, v प्रतिबिंब दूरी और f फोकस दूरी है। संख्यात्मक प्रश्नों में कार्तीय चिह्न परंपरा का सही प्रयोग करना आवश्यक है।
दर्पण का आवर्धन
दर्पण द्वारा बने प्रतिबिंब की ऊँचाई और वस्तु की ऊँचाई के अनुपात को आवर्धन कहते हैं। इसे m से प्रदर्शित किया जाता है।
m = hi/ho = -v/u
यहाँ hi प्रतिबिंब की ऊँचाई और ho वस्तु की ऊँचाई है।
प्रकाश का अपवर्तन
जब प्रकाश एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में प्रवेश करता है, तो उसकी चाल और सामान्यतः उसकी दिशा बदल जाती है। प्रकाश की दिशा में होने वाले इस परिवर्तन को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।
उदाहरण के लिए पानी में रखा सिक्का ऊपर उठा हुआ दिखाई देना तथा पानी में डाली गई पेंसिल का मुड़ा हुआ दिखाई देना प्रकाश के अपवर्तन से संबंधित घटनाएँ हैं।
अपवर्तन के नियम
- आपतित किरण, अपवर्तित किरण और आपतन बिंदु पर खींचा गया अभिलंब एक ही तल में होते हैं।
- किसी निश्चित दो माध्यमों के लिए आपतन कोण की ज्या और अपवर्तन कोण की ज्या का अनुपात स्थिर रहता है।
इसे स्नेल का नियम कहते हैं:
sin i / sin r = नियतांक
अपवर्तनांक
किसी माध्यम का अपवर्तनांक यह बताता है कि उस माध्यम में प्रकाश की चाल निर्वात की तुलना में कितनी कम है। अपवर्तनांक को सामान्यतः n से प्रदर्शित किया जाता है।
n = c/v
यहाँ c निर्वात में प्रकाश की चाल और v माध्यम में प्रकाश की चाल है।
प्रकाश का विरल और सघन माध्यम में अपवर्तन
जब प्रकाश विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाता है, तो वह अभिलंब की ओर मुड़ता है। इसके विपरीत जब प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाता है, तो वह अभिलंब से दूर मुड़ता है।
यदि प्रकाश किरण अभिलंब के साथ माध्यम की सीमा पर गिरती है, तो उसकी दिशा में परिवर्तन नहीं होता, हालांकि माध्यम बदलने के कारण उसकी चाल बदल सकती है।
लेंस
दो गोलाकार सतहों से घिरा हुआ पारदर्शी माध्यम, जिसकी कम-से-कम एक सतह गोलाकार हो, लेंस कहलाता है। लेंस मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:
- उत्तल लेंस
- अवतल लेंस
उत्तल लेंस
जिस लेंस का मध्य भाग मोटा और किनारे पतले होते हैं, उसे उत्तल लेंस कहते हैं। यह प्रकाश की समानांतर किरणों को अभिसरित करता है। इसलिए इसे अभिसारी लेंस भी कहा जाता है।
उत्तल लेंस का उपयोग आवर्धक काँच, कैमरा, सूक्ष्मदर्शी तथा अन्य प्रकाशीय उपकरणों में किया जाता है।
अवतल लेंस
जिस लेंस का मध्य भाग पतला और किनारे मोटे होते हैं, उसे अवतल लेंस कहते हैं। यह प्रकाश की समानांतर किरणों को अपसारित करता है। इसलिए इसे अपसारी लेंस भी कहा जाता है।
अवतल लेंस सामान्यतः वस्तु का आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
लेंस के प्रमुख भाग
प्रकाशिक केंद्र
लेंस के मुख्य अक्ष पर स्थित वह बिंदु जिससे होकर गुजरने वाली प्रकाश किरण सामान्यतः बिना महत्वपूर्ण विचलन के निकल जाती है, प्रकाशिक केंद्र कहलाता है।
मुख्य अक्ष
लेंस की दोनों सतहों के वक्रता केंद्रों को मिलाने वाली सीधी रेखा को मुख्य अक्ष कहते हैं।
मुख्य फोकस
मुख्य अक्ष के समानांतर आने वाली प्रकाश किरणें उत्तल लेंस से अपवर्तन के बाद जिस बिंदु पर मिलती हैं, वह उसका मुख्य फोकस कहलाता है। अवतल लेंस में ये किरणें जिस बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं, वह मुख्य फोकस कहलाता है।
फोकस दूरी
प्रकाशिक केंद्र और मुख्य फोकस के बीच की दूरी को फोकस दूरी कहते हैं। इसे f से प्रदर्शित किया जाता है।
उत्तल लेंस द्वारा प्रतिबिंब निर्माण
उत्तल लेंस में वस्तु की स्थिति बदलने पर प्रतिबिंब की प्रकृति और आकार बदलते हैं। प्रमुख स्थितियाँ निम्न हैं:
- वस्तु अनंत पर हो तो प्रतिबिंब मुख्य फोकस पर बनता है।
- वस्तु 2F से बाहर हो तो प्रतिबिंब F और 2F के बीच बनता है।
- वस्तु 2F पर हो तो प्रतिबिंब 2F पर बनता है।
- वस्तु F और 2F के बीच हो तो प्रतिबिंब 2F से बाहर बनता है।
- वस्तु F पर हो तो प्रतिबिंब अनंत पर बनता है।
- वस्तु प्रकाशिक केंद्र और F के बीच हो तो प्रतिबिंब आभासी, सीधा और बड़ा बनता है।
अवतल लेंस द्वारा प्रतिबिंब निर्माण
अवतल लेंस द्वारा किसी वास्तविक वस्तु का प्रतिबिंब सामान्यतः लेंस और उसके मुख्य फोकस के बीच बनता है। यह प्रतिबिंब आभासी, सीधा और छोटा होता है।
लेंस सूत्र
लेंस में वस्तु दूरी, प्रतिबिंब दूरी और फोकस दूरी के बीच संबंध को लेंस सूत्र कहते हैं:
1/f = 1/v – 1/u
यहाँ u वस्तु दूरी, v प्रतिबिंब दूरी और f लेंस की फोकस दूरी है। संख्यात्मक प्रश्न हल करते समय कार्तीय चिह्न परंपरा का ध्यान रखना चाहिए।
लेंस का आवर्धन
लेंस द्वारा बनाए गए प्रतिबिंब की ऊँचाई और वस्तु की ऊँचाई के अनुपात को लेंस का आवर्धन कहते हैं।
m = hi/ho = v/u
लेंस की शक्ति
लेंस की अभिसारी या अपसारी क्षमता को उसकी शक्ति कहते हैं। शक्ति को P से प्रदर्शित किया जाता है।
P = 1/f
यहाँ f को मीटर में व्यक्त किया जाता है और शक्ति की SI इकाई डायोप्टर (D) है। उत्तल लेंस की शक्ति धनात्मक तथा अवतल लेंस की शक्ति ऋणात्मक होती है।
दर्पण और लेंस में अंतर
| आधार | दर्पण | लेंस |
|---|---|---|
| प्रकाश के साथ व्यवहार | प्रकाश का परावर्तन करता है | प्रकाश का अपवर्तन करता है |
| मुख्य प्रकार | अवतल और उत्तल | अवतल और उत्तल |
| प्रमुख सूत्र | 1/f = 1/v + 1/u | 1/f = 1/v – 1/u |
| आवर्धन | m = -v/u | m = v/u |
परावर्तन और अपवर्तन में अंतर
| आधार | परावर्तन | अपवर्तन |
|---|---|---|
| घटना | प्रकाश उसी माध्यम में लौटता है | प्रकाश दूसरे माध्यम में प्रवेश करता है |
| दिशा | परावर्तन के कारण बदलती है | माध्यम बदलने पर सामान्यतः बदलती है |
| उदाहरण | दर्पण | पानी में पेंसिल का मुड़ा दिखाई देना |
| मुख्य नियम | आपतन कोण = परावर्तन कोण | स्नेल का नियम |
महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न
- प्रकाश का किसी चमकीले पृष्ठ से टकराकर उसी माध्यम में वापस लौटना कहलाता है:
(a) अपवर्तन (b) परावर्तन (c) विवर्तन (d) व्यतिकरण
उत्तर: (b) परावर्तन - परावर्तन के नियम के अनुसार आपतन कोण और परावर्तन कोण में क्या संबंध है?
(a) i > r (b) i < r (c) i = r (d) कोई संबंध नहीं
उत्तर: (c) i = r - अवतल दर्पण की परावर्तक सतह कैसी होती है?
(a) बाहर की ओर उभरी (b) अंदर की ओर मुड़ी (c) समतल (d) अनियमित
उत्तर: (b) अंदर की ओर मुड़ी - उत्तल दर्पण किस प्रकार का दर्पण है?
(a) अभिसारी (b) अपसारी (c) समतल (d) पारदर्शी
उत्तर: (b) अपसारी - वाहनों में पीछे का विस्तृत क्षेत्र देखने के लिए किस दर्पण का उपयोग किया जाता है?
(a) अवतल (b) उत्तल (c) समतल (d) कोई नहीं
उत्तर: (b) उत्तल - दर्पण सूत्र क्या है?
(a) 1/f = 1/v + 1/u
(b) 1/f = 1/v – 1/u
(c) f = u + v
(d) f = uv
उत्तर: (a) 1/f = 1/v + 1/u - गोलीय दर्पण के लिए वक्रता त्रिज्या और फोकस दूरी में क्या संबंध है?
(a) R = f (b) R = 2f (c) R = f/2 (d) R = 4f
उत्तर: (b) R = 2f - उत्तल दर्पण द्वारा बनने वाला प्रतिबिंब सामान्यतः कैसा होता है?
(a) वास्तविक और उल्टा (b) आभासी, सीधा और छोटा (c) वास्तविक और बड़ा (d) उल्टा और बड़ा
उत्तर: (b) आभासी, सीधा और छोटा - प्रकाश का एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर दिशा बदलना कहलाता है:
(a) परावर्तन (b) अपवर्तन (c) प्रकीर्णन (d) परासरण
उत्तर: (b) अपवर्तन - स्नेल का नियम किस घटना से संबंधित है?
(a) परावर्तन (b) अपवर्तन (c) ध्वनि (d) विद्युत
उत्तर: (b) अपवर्तन - अपवर्तनांक का सूत्र क्या है?
(a) n = v/c (b) n = c/v (c) n = cv (d) n = c+v
उत्तर: (b) n = c/v - विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाने पर प्रकाश किरण:
(a) अभिलंब की ओर मुड़ती है (b) अभिलंब से दूर मुड़ती है (c) सीधी वापस लौटती है (d) रुक जाती है
उत्तर: (a) अभिलंब की ओर मुड़ती है - उत्तल लेंस का मध्य भाग कैसा होता है?
(a) पतला (b) मोटा (c) समान (d) अपारदर्शी
उत्तर: (b) मोटा - अवतल लेंस को क्या कहा जाता है?
(a) अभिसारी लेंस (b) अपसारी लेंस (c) परावर्तक लेंस (d) समतल लेंस
उत्तर: (b) अपसारी लेंस - उत्तल लेंस की शक्ति कैसी होती है?
(a) धनात्मक (b) ऋणात्मक (c) शून्य (d) हमेशा 1 D
उत्तर: (a) धनात्मक - अवतल लेंस की शक्ति कैसी होती है?
(a) धनात्मक (b) ऋणात्मक (c) शून्य (d) अनंत
उत्तर: (b) ऋणात्मक - लेंस की शक्ति की SI इकाई क्या है?
(a) मीटर (b) सेंटीमीटर (c) डायोप्टर (d) न्यूटन
उत्तर: (c) डायोप्टर - लेंस की शक्ति का सूत्र क्या है?
(a) P = f (b) P = 1/f (c) P = u/v (d) P = v/u
उत्तर: (b) P = 1/f - अवतल लेंस द्वारा वास्तविक वस्तु का प्रतिबिंब सामान्यतः कैसा होता है?
(a) वास्तविक, उल्टा और बड़ा (b) आभासी, सीधा और छोटा (c) वास्तविक और सीधा (d) बड़ा और वास्तविक
उत्तर: (b) आभासी, सीधा और छोटा - समतल दर्पण में प्रतिबिंब का आकार कैसा होता है?
(a) वस्तु से बड़ा (b) वस्तु से छोटा (c) वस्तु के बराबर (d) शून्य
उत्तर: (c) वस्तु के बराबर
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
- प्रश्न: प्रकाश का परावर्तन क्या है?
उत्तर: प्रकाश की किरण का परावर्तक पृष्ठ से टकराकर उसी माध्यम में वापस लौटना प्रकाश का परावर्तन कहलाता है। - प्रश्न: प्रकाश का अपवर्तन क्या है?
उत्तर: प्रकाश का एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में जाने पर उसकी दिशा बदलना प्रकाश का अपवर्तन कहलाता है। - प्रश्न: अवतल दर्पण क्या है?
उत्तर: जिसकी परावर्तक सतह अंदर की ओर मुड़ी होती है, उसे अवतल दर्पण कहते हैं। - प्रश्न: उत्तल दर्पण क्या है?
उत्तर: जिसकी परावर्तक सतह बाहर की ओर उभरी होती है, उसे उत्तल दर्पण कहते हैं। - प्रश्न: मुख्य फोकस क्या है?
उत्तर: मुख्य अक्ष के समानांतर आने वाली प्रकाश किरणें परावर्तन या अपवर्तन के बाद जिस बिंदु पर मिलती हैं या जिस बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं, उसे मुख्य फोकस कहते हैं। - प्रश्न: फोकस दूरी क्या है?
उत्तर: ध्रुव और फोकस या लेंस के प्रकाशिक केंद्र और फोकस के बीच की दूरी को फोकस दूरी कहते हैं। - प्रश्न: अपवर्तनांक क्या है?
उत्तर: किसी माध्यम में प्रकाश की चाल के संबंध में निर्वात में प्रकाश की चाल का अनुपात उस माध्यम का अपवर्तनांक कहलाता है। - प्रश्न: लेंस की शक्ति की इकाई क्या है?
उत्तर: लेंस की शक्ति की SI इकाई डायोप्टर है। - प्रश्न: उत्तल लेंस को अभिसारी लेंस क्यों कहते हैं?
उत्तर: उत्तल लेंस प्रकाश की समानांतर किरणों को अपवर्तन के बाद एक बिंदु की ओर अभिसरित करता है, इसलिए इसे अभिसारी लेंस कहते हैं। - प्रश्न: अवतल लेंस को अपसारी लेंस क्यों कहते हैं?
उत्तर: अवतल लेंस प्रकाश की समानांतर किरणों को फैलाता है, इसलिए इसे अपसारी लेंस कहते हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न
- प्रश्न: परावर्तन के दोनों नियम लिखिए।
उत्तर: पहला, आपतित किरण, परावर्तित किरण और आपतन बिंदु पर खींचा गया अभिलंब एक ही तल में होते हैं। दूसरा, आपतन कोण और परावर्तन कोण बराबर होते हैं अर्थात ∠i = ∠r। - प्रश्न: अवतल और उत्तल दर्पण में अंतर बताइए।
उत्तर: अवतल दर्पण की परावर्तक सतह अंदर की ओर मुड़ी होती है और यह समानांतर किरणों को अभिसरित करता है। उत्तल दर्पण की परावर्तक सतह बाहर की ओर उभरी होती है और यह समानांतर किरणों को अपसारित करता है। उत्तल दर्पण हमेशा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है, जबकि अवतल दर्पण वस्तु की स्थिति के अनुसार विभिन्न प्रकार के प्रतिबिंब बना सकता है। - प्रश्न: वाहनों में उत्तल दर्पण का उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर: उत्तल दर्पण का दृष्टिक्षेत्र बड़ा होता है और यह आभासी, सीधा तथा छोटा प्रतिबिंब बनाता है। इसलिए चालक वाहन के पीछे और आसपास के अधिक क्षेत्र को देख सकता है। - प्रश्न: अवतल दर्पण का उपयोग दंत चिकित्सक क्यों करते हैं?
उत्तर: जब दाँत को अवतल दर्पण के फोकस और ध्रुव के बीच रखा जाता है, तो उसका आभासी, सीधा और बड़ा प्रतिबिंब बनता है। इससे दंत चिकित्सक दाँत का बड़ा प्रतिबिंब देख सकता है। - प्रश्न: विरल और सघन माध्यम में प्रकाश के अपवर्तन को समझाइए।
उत्तर: जब प्रकाश विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाता है, तो उसकी चाल कम होती है और किरण अभिलंब की ओर मुड़ती है। जब प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाता है, तो उसकी चाल बढ़ती है और किरण अभिलंब से दूर मुड़ती है। - प्रश्न: उत्तल और अवतल लेंस में अंतर बताइए।
उत्तर: उत्तल लेंस मध्य में मोटा और किनारों पर पतला होता है तथा प्रकाश किरणों को अभिसरित करता है। अवतल लेंस मध्य में पतला और किनारों पर मोटा होता है तथा प्रकाश किरणों को अपसारित करता है। - प्रश्न: लेंस की शक्ति क्या है? इसका सूत्र लिखिए।
उत्तर: लेंस की अभिसरण या अपसरण क्षमता को उसकी शक्ति कहते हैं। इसका सूत्र P = 1/f है, जहाँ f फोकस दूरी मीटर में है। इसकी इकाई डायोप्टर है। - प्रश्न: समतल दर्पण द्वारा बनने वाले प्रतिबिंब की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: समतल दर्पण का प्रतिबिंब आभासी और सीधा होता है। इसका आकार वस्तु के बराबर होता है। प्रतिबिंब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनता है जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के सामने होती है और इसमें पार्श्व परिवर्तन होता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
- प्रश्न: अवतल दर्पण द्वारा विभिन्न स्थितियों में बनने वाले प्रतिबिंब को समझाइए।
उत्तर: अवतल दर्पण में प्रतिबिंब वस्तु की स्थिति पर निर्भर करता है। वस्तु अनंत पर हो तो प्रतिबिंब फोकस पर बनता है। वस्तु वक्रता केंद्र से बाहर हो तो प्रतिबिंब फोकस और वक्रता केंद्र के बीच बनता है। वस्तु वक्रता केंद्र पर हो तो प्रतिबिंब उसी स्थान पर समान आकार का बनता है। वस्तु फोकस और वक्रता केंद्र के बीच हो तो प्रतिबिंब वक्रता केंद्र से बाहर बड़ा और वास्तविक बनता है। वस्तु फोकस पर हो तो प्रतिबिंब अनंत पर बनता है। जब वस्तु फोकस और ध्रुव के बीच होती है, तब प्रतिबिंब आभासी, सीधा और बड़ा बनता है। - प्रश्न: प्रकाश के अपवर्तन की घटना को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: जब प्रकाश एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में प्रवेश करता है, तो उसकी चाल बदलने के कारण उसकी दिशा भी बदल सकती है। इस घटना को अपवर्तन कहते हैं। पानी में रखी पेंसिल का मुड़ा हुआ दिखाई देना तथा पानी में रखा सिक्का वास्तविक स्थिति से ऊपर दिखाई देना इसके सामान्य उदाहरण हैं। विरल से सघन माध्यम में जाने पर प्रकाश अभिलंब की ओर तथा सघन से विरल माध्यम में जाने पर अभिलंब से दूर मुड़ता है। - प्रश्न: उत्तल लेंस द्वारा बनने वाले प्रतिबिंब की विभिन्न स्थितियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: उत्तल लेंस में वस्तु की स्थिति बदलने पर प्रतिबिंब की स्थिति और प्रकृति बदलती है। अनंत पर रखी वस्तु का प्रतिबिंब फोकस पर बहुत छोटा बनता है। वस्तु 2F से बाहर हो तो प्रतिबिंब F और 2F के बीच बनता है। वस्तु 2F पर हो तो प्रतिबिंब 2F पर समान आकार का बनता है। वस्तु F और 2F के बीच हो तो प्रतिबिंब 2F से बाहर बड़ा बनता है। वस्तु F पर हो तो प्रतिबिंब अनंत पर बनता है। वस्तु प्रकाशिक केंद्र और F के बीच हो तो प्रतिबिंब आभासी, सीधा और बड़ा बनता है। - प्रश्न: दर्पण सूत्र और दर्पण के आवर्धन का सूत्र लिखकर समझाइए।
उत्तर: गोलीय दर्पण के लिए दर्पण सूत्र 1/f = 1/v + 1/u है। इसमें f फोकस दूरी, v प्रतिबिंब दूरी और u वस्तु दूरी है। दर्पण का आवर्धन m = hᵢ/hₒ = -v/u होता है। आवर्धन के मान से प्रतिबिंब के आकार तथा चिह्न से उसकी प्रकृति के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। संख्यात्मक प्रश्नों में कार्तीय चिह्न परंपरा का पालन करना आवश्यक है। - प्रश्न: लेंस सूत्र और लेंस की शक्ति को समझाइए।
उत्तर: लेंस के लिए लेंस सूत्र 1/f = 1/v – 1/u है। इसमें u वस्तु दूरी, v प्रतिबिंब दूरी और f फोकस दूरी है। लेंस की शक्ति उसकी अभिसरण या अपसरण क्षमता बताती है। इसका सूत्र P = 1/f है, जहाँ f को मीटर में लिया जाता है। शक्ति की इकाई डायोप्टर है। उत्तल लेंस की शक्ति धनात्मक और अवतल लेंस की शक्ति ऋणात्मक होती है।
परीक्षा-उपयोगी महत्वपूर्ण प्रश्न
- प्रकाश के परावर्तन की परिभाषा और नियम लिखिए।
- समतल दर्पण द्वारा बनने वाले प्रतिबिंब की विशेषताएँ लिखिए।
- अवतल और उत्तल दर्पण में अंतर बताइए।
- गोलीय दर्पण के ध्रुव, वक्रता केंद्र, मुख्य अक्ष और फोकस को समझाइए।
- अवतल दर्पण के विभिन्न स्थितियों में बनने वाले प्रतिबिंबों का वर्णन कीजिए।
- उत्तल दर्पण का उपयोग वाहनों में क्यों किया जाता है?
- दंत चिकित्सक अवतल दर्पण का उपयोग क्यों करता है?
- दर्पण सूत्र लिखिए और उसमें प्रयुक्त राशियों को समझाइए।
- दर्पण के आवर्धन का सूत्र लिखिए।
- प्रकाश के अपवर्तन की परिभाषा और नियम लिखिए।
- स्नेल के नियम को समझाइए।
- अपवर्तनांक क्या है? इसका सूत्र लिखिए।
- विरल और सघन माध्यम में प्रकाश के अपवर्तन को समझाइए।
- उत्तल और अवतल लेंस में अंतर बताइए।
- उत्तल लेंस द्वारा बनने वाले प्रतिबिंबों का वर्णन कीजिए।
- अवतल लेंस द्वारा बनने वाले प्रतिबिंब की विशेषताएँ लिखिए।
- लेंस सूत्र लिखिए।
- लेंस की शक्ति क्या है? इसका सूत्र और SI इकाई लिखिए।
- दर्पण और लेंस में अंतर बताइए।
- परावर्तन और अपवर्तन में अंतर स्पष्ट कीजिए।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
- प्रकाश का परावर्तन उसी माध्यम में प्रकाश के लौटने की घटना है।
- आपतन कोण और परावर्तन कोण बराबर होते हैं।
- अवतल दर्पण की परावर्तक सतह अंदर की ओर मुड़ी होती है।
- उत्तल दर्पण की परावर्तक सतह बाहर की ओर उभरी होती है।
- उत्तल दर्पण हमेशा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
- वाहनों में पीछे देखने के लिए उत्तल दर्पण का उपयोग किया जाता है।
- दंत चिकित्सक दाँत का बड़ा प्रतिबिंब देखने के लिए अवतल दर्पण का उपयोग कर सकता है।
- गोलीय दर्पण के लिए R = 2f होता है।
- दर्पण सूत्र 1/f = 1/v + 1/u है।
- दर्पण का आवर्धन m = -v/u होता है।
- प्रकाश के एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर दिशा बदलना अपवर्तन कहलाता है।
- विरल से सघन माध्यम में प्रकाश अभिलंब की ओर मुड़ता है।
- सघन से विरल माध्यम में प्रकाश अभिलंब से दूर मुड़ता है।
- स्नेल का नियम अपवर्तन से संबंधित है।
- अपवर्तनांक n = c/v होता है।
- उत्तल लेंस अभिसारी लेंस होता है।
- अवतल लेंस अपसारी लेंस होता है।
- लेंस सूत्र 1/f = 1/v – 1/u है।
- लेंस का आवर्धन m = v/u होता है।
- लेंस की शक्ति P = 1/f होती है।
- लेंस की शक्ति की इकाई डायोप्टर है।
- उत्तल लेंस की शक्ति धनात्मक होती है।
- अवतल लेंस की शक्ति ऋणात्मक होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- प्रश्न: BSEB कक्षा 10 विज्ञान का अध्याय 10 कौन-सा है?
उत्तर: BSEB कक्षा 10 विज्ञान का अध्याय 10 “प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन” है। - प्रश्न: प्रकाश का परावर्तन क्या है?
उत्तर: प्रकाश की किरण का किसी परावर्तक पृष्ठ से टकराकर उसी माध्यम में वापस लौटना प्रकाश का परावर्तन कहलाता है। - प्रश्न: प्रकाश के परावर्तन का मुख्य नियम क्या है?
उत्तर: आपतन कोण और परावर्तन कोण बराबर होते हैं। - प्रश्न: उत्तल दर्पण का उपयोग कहाँ किया जाता है?
उत्तर: वाहनों में पीछे और आसपास के अधिक क्षेत्र को देखने के लिए उत्तल दर्पण का उपयोग किया जाता है। - प्रश्न: दर्पण सूत्र क्या है?
उत्तर: गोलीय दर्पण के लिए दर्पण सूत्र 1/f = 1/v + 1/u है। - प्रश्न: प्रकाश का अपवर्तन क्या है?
उत्तर: प्रकाश का एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में जाने पर उसकी दिशा बदलना प्रकाश का अपवर्तन कहलाता है। - प्रश्न: उत्तल लेंस को अभिसारी लेंस क्यों कहते हैं?
उत्तर: उत्तल लेंस प्रकाश की समानांतर किरणों को एक बिंदु की ओर अभिसरित करता है, इसलिए इसे अभिसारी लेंस कहते हैं। - प्रश्न: अवतल लेंस को अपसारी लेंस क्यों कहते हैं?
उत्तर: अवतल लेंस प्रकाश की समानांतर किरणों को फैलाता है, इसलिए इसे अपसारी लेंस कहते हैं। - प्रश्न: लेंस की शक्ति की इकाई क्या है?
उत्तर: लेंस की शक्ति की इकाई डायोप्टर है। - प्रश्न: लेंस की शक्ति का सूत्र क्या है?
उत्तर: लेंस की शक्ति का सूत्र P = 1/f है, जहाँ f फोकस दूरी मीटर में होती है। - प्रश्न: उत्तल लेंस की शक्ति धनात्मक क्यों होती है?
उत्तर: उत्तल लेंस अभिसारी होता है और इसकी फोकस दूरी कार्तीय चिह्न परंपरा में धनात्मक होती है, इसलिए इसकी शक्ति P = 1/f धनात्मक होती है। - प्रश्न: अवतल लेंस द्वारा कैसा प्रतिबिंब बनता है?
उत्तर: वास्तविक वस्तु का अवतल लेंस सामान्यतः आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
निष्कर्ष (BSEB कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 10)
“प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन” अध्याय प्रकाश के व्यवहार को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। परावर्तन के अध्ययन में समतल तथा गोलीय दर्पणों के गुण, उनके द्वारा बनने वाले प्रतिबिंब और दर्पण सूत्र महत्वपूर्ण हैं। अपवर्तन के अंतर्गत प्रकाश के माध्यम बदलने पर होने वाले दिशा परिवर्तन, अपवर्तनांक और स्नेल के नियम का अध्ययन किया जाता है।
लेंस के भाग में उत्तल और अवतल लेंस, उनके द्वारा बनने वाले प्रतिबिंब, लेंस सूत्र, आवर्धन तथा लेंस की शक्ति विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। परीक्षा की तैयारी करते समय विद्यार्थियों को सभी महत्वपूर्ण सूत्रों के साथ किरण आरेख और संख्यात्मक प्रश्नों का अभ्यास अवश्य करना चाहिए।
यह लेख शैक्षणिक उद्देश्य से BSEB कक्षा 10 विज्ञान पाठ्यक्रम के आधार पर तैयार किया गया है। सामग्री को विद्यार्थियों के लिए सरल, व्यवस्थित और परीक्षा-उपयोगी भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
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