Bihar Board Class 10 Geography Chapter 1 भारत : संसाधन एवं उपयोग – सम्पूर्ण व्याख्या एवं प्रश्नोत्तर
भारत : संसाधन एवं उपयोग बिहार बोर्ड कक्षा 10 भूगोल का महत्वपूर्ण अध्याय है। इसमें संसाधन का अर्थ, संसाधनों का वर्गीकरण, संसाधन नियोजन, संरक्षण और सतत विकास की अवधारणा का अध्ययन किया जाता है।
संसाधन का अर्थ
प्रकृति द्वारा उपलब्ध वे पदार्थ या वस्तुएँ जो मानव की आवश्यकताओं की पूर्ति में उपयोगी होती हैं, संसाधन कहलाती हैं। भूमि, जल, वन, खनिज, ऊर्जा तथा मानव संसाधन इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
संसाधनों का वर्गीकरण
- जैव और अजैव संसाधन
- नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधन
- व्यक्तिगत, सामुदायिक, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संसाधन
- संभावी और विकसित संसाधन
संसाधन नियोजन
संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने के लिए उनकी पहचान, सर्वेक्षण, मानचित्रण, उचित तकनीक तथा संस्थागत व्यवस्था तैयार करना संसाधन नियोजन कहलाता है।
संसाधन संरक्षण
संसाधनों के अत्यधिक और अविवेकपूर्ण उपयोग से पर्यावरणीय समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। इसलिए संसाधनों का संरक्षण आवश्यक है। संरक्षण का उद्देश्य वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों के लिए संसाधनों को सुरक्षित रखना है।
सतत विकास
ऐसा विकास जिसमें वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं की पूर्ति हो और भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं से समझौता न हो, सतत विकास कहलाता है।
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
प्रश्न: संसाधन क्या है?
उत्तर: मानव की आवश्यकताओं की पूर्ति में उपयोगी प्राकृतिक या मानवीय पदार्थ और सेवाएँ संसाधन कहलाती हैं।
प्रश्न: संसाधन नियोजन क्यों आवश्यक है?
उत्तर: संसाधनों के असमान वितरण, सीमित मात्रा और बढ़ती आवश्यकताओं के कारण उनका नियोजित एवं विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है।
प्रश्न: सतत विकास क्या है?
उत्तर: वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए भविष्य की पीढ़ियों के लिए संसाधनों को सुरक्षित रखने वाला विकास सतत विकास कहलाता है।
Important Points
- संसाधन मानव जीवन के लिए उपयोगी होते हैं।
- संसाधनों का वितरण समान नहीं है।
- संसाधन नियोजन का उद्देश्य संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग है।
- सतत विकास वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखता है।
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