Bihar Board Class 10 Disaster Management Chapter 2 प्राकृतिक आपदा एवं प्रबंधन : बाढ़ सुखाड़ – सम्पूर्ण व्याख्या एवं प्रश्नोत्तर

17 August 2026  |  By Ramnivas KT

प्राकृतिक आपदा एवं प्रबंधन : बाढ़ सुखाड़ अध्याय में बाढ़ और सूखे के कारण, प्रभाव, प्रभावित क्षेत्रों तथा इनके प्रबंधन एवं बचाव के उपायों का अध्ययन किया जाता है।

बाढ़ का अर्थ

जब किसी क्षेत्र में जल की मात्रा सामान्य सीमा से अधिक हो जाती है और पानी बड़े क्षेत्र में फैलकर जनजीवन एवं संपत्ति को प्रभावित करता है, तो उसे बाढ़ कहा जाता है।

बाढ़ के प्रमुख कारण

बिहार में बाढ़

बिहार की भौगोलिक स्थिति और हिमालय से आने वाली नदियों के कारण राज्य के कई क्षेत्रों में बाढ़ की समस्या गंभीर है। कोसी नदी को प्रायः “बिहार का शोक” कहा जाता है। गंडक, कमला बलान और अन्य नदियाँ भी बाढ़ की स्थिति उत्पन्न कर सकती हैं।

बाढ़ से होने वाली हानि

सूखा क्या है?

लंबे समय तक पर्याप्त वर्षा न होने के कारण जब किसी क्षेत्र में जल की गंभीर कमी हो जाती है और कृषि तथा जनजीवन प्रभावित होता है, तो उस स्थिति को सूखा कहा जाता है।

सूखे के कारण

सूखे से बचाव

वर्षा जल का संग्रह, जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं का विकास, सूखा-रोधी फसलों का उपयोग और जल के विवेकपूर्ण उपयोग से सूखे के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

बाढ़ प्रबंधन

बाढ़ के समय लोगों को सुरक्षित एवं ऊँचे स्थानों पर पहुँचाना, भोजन और पेयजल की व्यवस्था करना, चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना तथा पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना आवश्यक है।

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्रश्न: बाढ़ के प्रमुख कारण क्या हैं?

उत्तर: अत्यधिक वर्षा, नदियों में जल की अधिकता, नदी तल में अवसाद का जमाव, तटबंधों का टूटना और जल निकासी की खराब व्यवस्था बाढ़ के प्रमुख कारण हैं।

प्रश्न: कोसी नदी को क्या कहा जाता है?

उत्तर: कोसी नदी को “बिहार का शोक” कहा जाता है।

प्रश्न: सूखा किस प्रकार की आपदा है?

उत्तर: सूखा प्राकृतिक आपदा है।

प्रश्न: सूखे से बचने का एक प्रमुख उपाय बताइए।

उत्तर: वर्षा जल का संग्रह करना सूखे से बचाव का महत्वपूर्ण उपाय है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

प्रश्न: बाढ़ किस प्रकार की आपदा है?

उत्तर: प्राकृतिक आपदा।

प्रश्न: बिहार का शोक किस नदी को कहा जाता है?

उत्तर: कोसी नदी।

Important Points

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