वाक्य प्रयोग द्वारा लिंग निर्णय – कक्षा 10 हिंदी व्याकरण संपूर्ण अध्ययन

12 August 2026  |  By Ramnivas KT

प्रस्तावना

हिंदी व्याकरण में “लिंग” (Gender) एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, जो बिहार बोर्ड कक्षा 10 की परीक्षा में प्रतिवर्ष पूछा जाता है। हिंदी भाषा की एक विशेषता यह है कि यहाँ बहुत-से शब्दों का लिंग केवल उनके रूप या बनावट को देखकर निश्चित नहीं किया जा सकता। ऐसे शब्दों का सही लिंग जानने के लिए उन्हें किसी वाक्य में प्रयोग करके देखना पड़ता है। इसी प्रक्रिया को “वाक्य प्रयोग द्वारा लिंग निर्णय” कहा जाता है। इस लेख में हम लिंग की परिभाषा, प्रकार, नियम, तथा वर्णानुक्रम (क्रमवार) में महत्वपूर्ण शब्दों के लिंग-निर्णय को उदाहरण वाक्यों सहित विस्तार से समझेंगे।

लिंग की परिभाषा

संज्ञा अथवा सर्वनाम के जिस रूप से यह पता चलता है कि वह शब्द किसी पुरुष-जाति का बोधक है या स्त्री-जाति का, उसे “लिंग” कहते हैं। हिंदी में लिंग के दो भेद माने जाते हैं:

लिंग का प्रकारपरिभाषाउदाहरण
पुल्लिंग (Masculine)जिस शब्द से पुरुष-जाति अथवा नर-प्राणी का बोध होलड़का, घोड़ा, हाथी, बाजार
स्त्रीलिंग (Feminine)जिस शब्द से स्त्री-जाति अथवा मादा-प्राणी का बोध होलड़की, घोड़ी, हथिनी, दुकान

ध्यान देने योग्य बात यह है कि हिंदी में संस्कृत की भाँति नपुंसकलिंग नहीं माना जाता। निर्जीव वस्तुओं तथा भाववाचक संज्ञाओं को भी पुल्लिंग या स्त्रीलिंग में ही रखा जाता है, और यहीं पर विद्यार्थियों को सबसे अधिक कठिनाई होती है।

वाक्य प्रयोग द्वारा लिंग निर्णय क्यों आवश्यक है?

हिंदी में अनेक शब्द ऐसे हैं जिनके रूप (आकार) से यह अनुमान लगाना कठिन होता है कि वे पुल्लिंग हैं या स्त्रीलिंग। उदाहरण के लिए “दही” पुल्लिंग है, जबकि “दाल” स्त्रीलिंग; दोनों ही खाद्य-पदार्थ हैं, परंतु उनके लिंग अलग-अलग हैं। इसी प्रकार “घी” पुल्लिंग है और “धूप” स्त्रीलिंग। ऐसे शब्दों का लिंग केवल तभी स्पष्ट होता है, जब उन्हें किसी वाक्य में प्रयोग करके क्रिया अथवा विशेषण के रूप से जाँचा जाए। इसीलिए परीक्षा में प्रायः यह प्रश्न पूछा जाता है – “वाक्य प्रयोग द्वारा निम्नलिखित शब्दों का लिंग निर्णय करें।”

लिंग पहचानने के सामान्य नियम (Tips)

क्रमनियमउदाहरण
1वाक्य में शब्द के साथ आई क्रिया के रूप (रहा/रही, गया/गई) से लिंग पहचानेंदही जमा है (पुं०), धूप निकली है (स्त्री०)
2संस्कृत के अकारांत तत्सम शब्द प्रायः पुल्लिंग होते हैंअध्याय, उपाय, इतिहास, उपहार
3ईकारांत तथा आकारांत भाववाचक संज्ञाएँ प्रायः स्त्रीलिंग होती हैंभक्ति, शक्ति, आशा, इच्छा
4द्रव पदार्थ (तरल वस्तुएँ) प्रायः पुल्लिंग होते हैंदूध, दही, तेल, पानी, घी, शरबत
5नदियों के नाम प्रायः स्त्रीलिंग होते हैंगंगा, यमुना, कोसी, सोन
6पर्वतों के नाम प्रायः पुल्लिंग होते हैंहिमालय, विंध्याचल
7अपवाद बहुत अधिक हैं, इसलिए सबसे विश्वसनीय तरीका है – वाक्य में प्रयोग करके देखनाचाँद (पुं०) – आकाश में चाँद है; चाँद (स्त्री०) – सिर की चाँद चमक रही है

परीक्षा-टिप: जब भी किसी शब्द का लिंग-निर्णय पूछा जाए, तो सबसे पहले उस शब्द को अपने वाक्य में रखकर देखें कि उसके साथ “है/हैं”, “था/थी”, “रहा/रही”, “गया/गई” में से कौन-सा रूप स्वाभाविक लगता है। यही सबसे सरल और सुरक्षित तरीका है।

वर्णानुक्रम में शब्दों का लिंग-निर्णय (वाक्य प्रयोग सहित)

नीचे दी गई तालिकाओं में बिहार बोर्ड की परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण शब्दों को वर्णानुक्रम (अ से ह) में उनके लिंग तथा वाक्य-प्रयोग सहित प्रस्तुत किया गया है।

अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ओ से शुरू होने वाले शब्द

शब्दलिंगवाक्य-प्रयोग
अर्थपुं०इस पंक्ति का अर्थ स्पष्ट नहीं है।
अग्निस्त्री०यज्ञ की अग्नि धधक रही है।
अरहरस्त्री०इस वर्ष अरहर की फसल अच्छी हुई।
अवस्थास्त्री०दादाजी की अवस्था अब कमजोर हो चली है।
आवाजस्त्री०दरवाजे के बाहर से कोई आवाज आ रही है।
आयुस्त्री०छात्रा की आयु पंद्रह वर्ष है।
आकाशपुं०आज आकाश पूरी तरह साफ है।
आत्मास्त्री०सच्चे मन की आत्मा सदा शांत रहती है।
इत्रपुं०यह इत्र बहुत सुगंधित है।
इतिहासपुं०हमारे विद्यालय का इतिहास सौ वर्ष पुराना है।
ईखस्त्री०खेत में ईख लहलहा रही है।
ईर्ष्यास्त्री०दूसरों से ईर्ष्या करना उचित नहीं है।
उम्रस्त्री०उसकी उम्र अभी बहुत कम है।
उत्तरपुं०छात्र ने प्रश्न का सही उत्तर लिखा।
उड़ानस्त्री०विमान की उड़ान समय पर हुई।
ऊनपुं०सर्दियों में ऊन का दाम बढ़ जाता है।
ऊंचाईस्त्री०पहाड़ की ऊंचाई मापना कठिन है।
एकतास्त्री०देश की एकता सबसे बड़ी शक्ति है।
ऐश्वर्यपुं०राजा का ऐश्वर्य देखते ही बनता था।
ओसस्त्री०सुबह-सुबह घास पर ओस चमक रही थी।
औरतस्त्री०एक औरत बाजार से सामान खरीद रही थी।

क, ख, ग, घ से शुरू होने वाले शब्द

शब्दलिंगवाक्य-प्रयोग
कमलपुं०तालाब में कमल खिले हुए हैं।
कमरस्त्री०भारी बोझ उठाने से उसकी कमर दुखने लगी।
कोयलस्त्री०आम के पेड़ पर कोयल मधुर स्वर में गा रही है।
किताबस्त्री०मेरी नई किताब बस्ते में रखी है।
कपासस्त्री०इस क्षेत्र में कपास बहुत कम उगती है।
खतपुं०दादाजी ने अपने मित्र को खत लिखा।
खीरस्त्री०त्योहार पर माँ ने स्वादिष्ट खीर बनाई।
खबरस्त्री०आपके आने की खबर सबको मिल गई।
गन्धस्त्री०गुलाब की गन्ध पूरे बगीचे में फैल गई।
गेहूंपुं०बाजार में इस बार गेहूं महँगा बिक रहा है।
गरीबीस्त्री०शिक्षा के अभाव में गरीबी बढ़ती जाती है।
घीपुं०शुद्ध घी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।
घासस्त्री०मैदान में हरी घास फैली हुई है।
घरपुं०हमारा घर गाँव के बीचोंबीच है।

च, छ, ज, झ से शुरू होने वाले शब्द


शब्दलिंगवाक्य-प्रयोग
चावलपुं०इस साल चावल की उपज अच्छी हुई।
चाँदपुं० / स्त्री०आकाश में चाँद निकल आया है (पुं०); उसके सिर की चाँद साफ दिखती है (स्त्री०)।
चिड़ियास्त्री०पेड़ पर बैठी चिड़िया चहक रही है।
चाँदीस्त्री०बाजार में आजकल चाँदी सस्ती हो गई है।
छतस्त्री०पुराने मकान की छत टपक रही है।
छातापुं०बरसात में मेरा छाता खो गया।
जातिस्त्री०मानव जाति को एकता में रहना चाहिए।
जीवनपुं०मनुष्य का जीवन अनमोल होता है।
जहाजपुं०समुद्र में एक बड़ा जहाज खड़ा है।
झरनापुं०पहाड़ से झरना कल-कल बहता है।
झूठपुं०उसका झूठ जल्द ही पकड़ा गया।

ट, ठ, ड, ढ, त, थ, द, ध, न से शुरू होने वाले शब्द






शब्दलिंगवाक्य-प्रयोग
टोपीस्त्री०बच्चे की टोपी हवा में उड़ गई।
टिकटपुं०मेरा रेल का टिकट बुक हो गया।
टीसस्त्री०पुरानी चोट की टीस अब भी उठती है।
ठंढकस्त्री०पहाड़ों पर अभी से ठंढक पड़ने लगी है।
ढोलपुं०शादी में ढोल जोर-जोर से बज रहा था।
तलवारस्त्री०वीर सैनिक की तलवार चमक रही थी।
तालाबपुं०गाँव के बीच एक पुराना तालाब है।
थकानस्त्री०लंबी यात्रा के बाद थकान महसूस हो रही थी।
दहीपुं०गर्मी में ठंडा दही खाना अच्छा लगता है।
दालस्त्री०माँ ने आज स्वादिष्ट दाल बनाई है।
दर्दपुं०चोट लगने से उसे बहुत दर्द हो रहा है।
धूपस्त्री०सर्दियों में सुबह की धूप अच्छी लगती है।
धनपुं०ईमानदारी से कमाया धन ही सच्चा सुख देता है।
नदीस्त्री०गाँव के पास एक चौड़ी नदी बहती है।

प, फ, ब, भ, म से शुरू होने वाले शब्द









शब्दलिंगवाक्य-प्रयोग
पत्रपुं०मुझे कल एक जरूरी पत्र मिला।
पूँछस्त्री०कुत्ते की पूँछ हिल रही थी।
प्यासस्त्री०धूप में चलने से बहुत प्यास लगी।
प्राणपुं०दुर्घटना में उसके प्राण संकट में पड़ गए।
फूलपुं०बगीचे में लाल फूल खिले हुए हैं।
फसलस्त्री०इस बार धान की फसल बहुत अच्छी हुई।
बरसातस्त्री०इस वर्ष बरसात समय पर हुई।
बाजारपुं०त्योहार के पहले बाजार में भीड़ बढ़ जाती है।
बर्फस्त्री०पहाड़ों पर सफेद बर्फ जमी हुई थी।
भूखस्त्री०खेलकर आने के बाद उसे तेज भूख लगी।
भातपुं०दोपहर के भोजन में भात और दाल परोसा गया।
भीड़स्त्री०मेले में इतनी भीड़ थी कि चलना कठिन हो गया।
मृत्युस्त्री०वृद्ध की मृत्यु शांतिपूर्वक हुई।
मोतीपुं०हार में सुंदर मोती जड़े हुए थे।

र, ल, व, श, ष, स, ह से शुरू होने वाले शब्द









शब्दलिंगवाक्य-प्रयोग
रातस्त्री०पूरी रात बारिश होती रही।
रास्तापुं०स्कूल जाने का रास्ता बहुत लंबा है।
राखस्त्री०हवन के बाद वहाँ केवल राख बची थी।
लूस्त्री०गर्मियों में तेज लू चलती है।
लालचपुं०अधिक धन का लालच अच्छा नहीं होता।
विद्यालयपुं०हमारा विद्यालय गाँव के बाहर स्थित है।
वर्षास्त्री०तेज वर्षा से खेत लहलहा उठे।
शक्तिस्त्री०एकता में ही असली शक्ति छिपी है।
शरबतपुं०गर्मी में ठंडा शरबत बहुत राहत देता है।
समझस्त्री०उसकी समझ अब पहले से बेहतर हो गई है।
सिरपुं०बहुत काम करने से उसका सिर भारी हो गया।
सेनास्त्री०देश की सेना सीमा पर डटी हुई है।
हड्डीस्त्री०गिरने से उसके हाथ की हड्डी टूट गई।
हाथीपुं०जंगल में एक बड़ा हाथी घूम रहा था।
हथियारपुं०पुराना हथियार अब संग्रहालय में रखा है।

ऐसे शब्द जिनका लिंग प्रसंग (संदर्भ) के अनुसार बदलता है

कुछ शब्द ऐसे हैं जो एक ही रूप में पुल्लिंग भी हो सकते हैं और स्त्रीलिंग भी, यह पूरी तरह वाक्य के अर्थ और प्रसंग पर निर्भर करता है। ऐसे शब्दों को विशेष ध्यान से याद रखना चाहिए, क्योंकि परीक्षा में इन्हें लेकर सबसे अधिक भ्रम होता है।

शब्दपुल्लिंग प्रयोगस्त्रीलिंग प्रयोग
चाँदआकाश में चाँद चमक रहा है।उसके सिर की चाँद चमक रही है।
टीकामाथे पर सुंदर टीका लगा है।विद्वान ने ग्रंथ पर टीका लिखी है।
धातुसोना एक कीमती धातु है (सदैव स्त्री०)।

महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न

  1. ‘दही’ का लिंग है –

    (a) पुल्लिंग (b) स्त्रीलिंग (c) उभयलिंग (d) इनमें से कोई नहीं

    उत्तर: (a) पुल्लिंग

  2. ‘टीस’ का लिंग निर्णय करें –

    (a) पुल्लिंग (b) स्त्रीलिंग (c) उभयलिंग (d) इनमें से कोई नहीं

    उत्तर: (b) स्त्रीलिंग

  3. ‘ढोल’ का लिंग निर्णय करें –

    (a) पुल्लिंग (b) स्त्रीलिंग (c) उभयलिंग (d) इनमें से कोई नहीं

    उत्तर: (a) पुल्लिंग

  4. ‘धूप’ का लिंग है –

    (a) पुल्लिंग (b) स्त्रीलिंग (c) उभयलिंग (d) इनमें से कोई नहीं

    उत्तर: (b) स्त्रीलिंग

  5. ‘घी’ का लिंग है –

    (a) पुल्लिंग (b) स्त्रीलिंग (c) उभयलिंग (d) इनमें से कोई नहीं

    उत्तर: (a) पुल्लिंग

अभ्यास हेतु प्रश्न (लघु उत्तरीय)

  1. प्रश्न: ‘वाक्य प्रयोग द्वारा लिंग निर्णय’ से क्या तात्पर्य है?

    उत्तर: जिन शब्दों का लिंग केवल उनके रूप से स्पष्ट नहीं होता, उन्हें किसी वाक्य में प्रयोग करके क्रिया अथवा विशेषण के रूप के आधार पर उनका लिंग निश्चित करने की प्रक्रिया को ‘वाक्य प्रयोग द्वारा लिंग निर्णय’ कहते हैं।

  2. प्रश्न: हिंदी में द्रव पदार्थों का लिंग प्रायः क्या होता है? उदाहरण सहित बताएँ।

    उत्तर: हिंदी में द्रव पदार्थ प्रायः पुल्लिंग होते हैं, जैसे – दूध, दही, घी, तेल, पानी, शरबत आदि।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. प्रश्न: लिंग-निर्णय के प्रश्न परीक्षा में किस प्रकार पूछे जाते हैं?

    उत्तर: परीक्षा में प्रायः यह पूछा जाता है – “वाक्य प्रयोग द्वारा निम्नलिखित शब्दों का लिंग निर्णय करें”, जिसमें छात्र को दिए गए शब्द का सही वाक्य बनाकर उसका लिंग (पुं० या स्त्री०) बताना होता है।

  2. प्रश्न: क्या हिंदी में सभी शब्दों के लिंग-निर्णय के लिए निश्चित नियम हैं?

    उत्तर: नहीं, हिंदी में अधिकांश नियमों के अपवाद पाए जाते हैं, इसलिए सबसे विश्वसनीय तरीका है शब्द को वाक्य में प्रयोग करके उसकी क्रिया के रूप से लिंग पहचानना।

  3. प्रश्न: किन शब्दों का लिंग प्रसंग के अनुसार बदल सकता है?

    उत्तर: ‘चाँद’ और ‘टीका’ जैसे कुछ शब्दों का लिंग वाक्य के अर्थ और प्रसंग के अनुसार पुल्लिंग या स्त्रीलिंग दोनों हो सकता है।

निष्कर्ष

“वाक्य प्रयोग द्वारा लिंग निर्णय” हिंदी व्याकरण का ऐसा विषय है, जिसमें केवल रटने से नहीं, बल्कि नियमित अभ्यास और वाक्य-प्रयोग से ही महारत हासिल की जा सकती है। छात्रों को चाहिए कि वे प्रतिदिन कुछ नए शब्दों को वाक्य में प्रयोग करके उनका लिंग स्वयं पहचानने का अभ्यास करें। इससे न केवल परीक्षा में यह प्रश्न सरलता से हल होगा, बल्कि हिंदी भाषा पर उनकी पकड़ भी मजबूत होगी।

यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य से BSEB कक्षा 10 हिंदी व्याकरण पाठ्यक्रम के आधार पर तैयार किया गया है।

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