Bihar Board Class 10 History Chapter 5 अर्थव्यवस्था और आजीविका सम्पूर्ण Notes एवं प्रश्नोत्तर
Bihar Board Class 10 History Chapter 5 अर्थव्यवस्था और आजीविका
इस अध्याय में औद्योगीकरण, श्रमिक वर्ग, पारंपरिक उद्योगों, कृषि और लोगों की बदलती आजीविका का अध्ययन किया जाता है।
औद्योगीकरण
मशीनों और कारखानों के विकास से उत्पादन की मात्रा बढ़ी। उत्पादन की नई तकनीकों ने रोजगार और बाजार की प्रकृति में परिवर्तन किया।
मजदूर वर्ग
कारखानों में काम करने वाले मजदूरों को कई बार लंबे समय तक काम करना पड़ता था। कम मजदूरी, असुरक्षित कार्यस्थल और खराब आवास जैसी समस्याएँ आम थीं।
भारत के पारंपरिक उद्योग
भारत के हस्तशिल्प और कपड़ा उद्योग लंबे समय से प्रसिद्ध थे। औपनिवेशिक व्यापार नीतियों और ब्रिटिश मशीन निर्मित वस्तुओं की प्रतिस्पर्धा के कारण अनेक कारीगरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
कृषि और आजीविका
औपनिवेशिक आर्थिक नीतियों ने कृषि उत्पादन को भी प्रभावित किया। कई क्षेत्रों में किसानों को बाजार की मांग के अनुसार फसल उगाने के लिए प्रेरित या बाध्य किया गया।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न: औद्योगीकरण का प्रमुख आधार क्या था?
उत्तर: मशीन आधारित उत्पादन और कारखाना व्यवस्था।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न: औद्योगीकरण ने मजदूरों को कैसे प्रभावित किया?
औद्योगीकरण से रोजगार के अवसर बढ़े, लेकिन मजदूरों को लंबे कार्य घंटे, कम मजदूरी और असुरक्षित परिस्थितियों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न: औपनिवेशिक शासन ने भारतीय पारंपरिक उद्योगों को कैसे प्रभावित किया?
औपनिवेशिक व्यापार व्यवस्था ने भारतीय उद्योगों को विदेशी मशीन निर्मित वस्तुओं से प्रतिस्पर्धा के सामने ला दिया। भारतीय कच्चे माल का निर्यात और तैयार माल का आयात बढ़ा। इससे कई कारीगरों और पारंपरिक उत्पादकों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई।
Exam Tips
- औद्योगीकरण और मजदूर वर्ग के संबंध को समझें।
- भारतीय कारीगरों पर औपनिवेशिक नीतियों का प्रभाव तैयार करें।
- कृषि और बाजार के संबंध को समझें।
FAQs
औद्योगीकरण क्या है?
मशीनों, कारखानों और बड़े पैमाने पर उत्पादन के विस्तार की प्रक्रिया को औद्योगीकरण कहा जाता है।
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