Bihar Board Class 10 History Chapter 4 भारत में राष्ट्रवाद
भारत में राष्ट्रवाद अध्याय में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के विकास और महात्मा गांधी के नेतृत्व में हुए प्रमुख आंदोलनों का अध्ययन किया जाता है।
गांधीजी का भारत आगमन
महात्मा गांधी 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे। उन्होंने सत्याग्रह और अहिंसा को राजनीतिक संघर्ष का माध्यम बनाया। चंपारण, खेड़ा और अहमदाबाद के आंदोलनों ने उन्हें भारतीय राजनीति में प्रमुख स्थान दिलाया।
चंपारण सत्याग्रह
चंपारण में नील की खेती से जुड़े किसानों की समस्याओं को लेकर गांधीजी ने सत्याग्रह किया। इससे किसानों की समस्याओं को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ने में मदद मिली।
खेड़ा सत्याग्रह
फसल खराब होने के बावजूद किसानों से लगान की मांग की जा रही थी। गांधीजी ने किसानों की मांगों का समर्थन किया और सत्याग्रह के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाया।
रॉलेट एक्ट
1919 के रॉलेट एक्ट ने सरकार को बिना सामान्य न्यायिक प्रक्रिया के लोगों को गिरफ्तार करने जैसी शक्तियाँ दीं। गांधीजी ने इसका विरोध किया।
जलियाँवाला बाग हत्याकांड
13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियाँवाला बाग में जनरल डायर के आदेश पर निहत्थे लोगों पर गोली चलाई गई। इस घटना ने भारतीयों में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध आक्रोश को और बढ़ा दिया।
असहयोग आंदोलन
खिलाफत प्रश्न, पंजाब की घटनाओं और स्वराज की मांग के कारण असहयोग आंदोलन शुरू किया गया। लोगों से सरकारी संस्थाओं और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने का आह्वान किया गया। चौरी-चौरा की हिंसक घटना के बाद गांधीजी ने 1922 में आंदोलन वापस ले लिया।
सविनय अवज्ञा आंदोलन
1930 में गांधीजी ने नमक कानून के विरोध में दांडी यात्रा की। नमक कानून तोड़कर उन्होंने औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध सविनय अवज्ञा आंदोलन को व्यापक रूप दिया।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. गांधीजी भारत कब लौटे?
उत्तर: 1915 में।
प्रश्न 2. जलियाँवाला बाग की घटना कब हुई?
उत्तर: 13 अप्रैल 1919।
प्रश्न 3. दांडी यात्रा कब हुई?
उत्तर: 1930 में।
अतिलघु प्रश्न
प्रश्न: सत्याग्रह क्या है?
अन्याय के विरुद्ध सत्य और अहिंसा पर आधारित शांतिपूर्ण संघर्ष को सत्याग्रह कहा जाता है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न: असहयोग आंदोलन क्यों शुरू किया गया?
रॉलेट एक्ट, जलियाँवाला बाग की घटना, खिलाफत प्रश्न और स्वराज की मांग के कारण गांधीजी ने असहयोग आंदोलन शुरू किया।
प्रश्न: सविनय अवज्ञा आंदोलन का महत्व क्या था?
इस आंदोलन ने औपनिवेशिक कानूनों को शांतिपूर्ण ढंग से चुनौती दी। नमक कानून के विरोध ने आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाया।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न: भारत में राष्ट्रवाद के विकास में गांधीजी की भूमिका बताइए।
गांधीजी ने सत्याग्रह और अहिंसा को राष्ट्रीय आंदोलन का आधार बनाया। उन्होंने स्थानीय किसान और मजदूर समस्याओं को राष्ट्रीय राजनीति से जोड़ा। असहयोग और सविनय अवज्ञा जैसे आंदोलनों के माध्यम से उन्होंने विभिन्न सामाजिक वर्गों को स्वतंत्रता संघर्ष में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
Important Points
- 1915 – गांधीजी का भारत आगमन
- 1919 – रॉलेट एक्ट
- 1919 – जलियाँवाला बाग
- 1920 – असहयोग आंदोलन
- 1922 – चौरी-चौरा के बाद आंदोलन वापसी
- 1930 – दांडी मार्च
Exam Tips
- गांधीजी के प्रारंभिक सत्याग्रह याद करें।
- रॉलेट एक्ट और जलियाँवाला बाग की घटनाएँ तैयार करें।
- असहयोग और सविनय अवज्ञा आंदोलन में अंतर समझें।
FAQs
गांधीजी भारत कब आए?
1915 में।
दांडी यात्रा क्यों की गई?
नमक कानून के विरोध में।