Bihar Board Class 10 Political Science Chapter 2 सत्ता में साझेदारी की कार्यप्रणाली – सम्पूर्ण व्याख्या एवं प्रश्नोत्तर
Bihar Board Class 10 Political Science Chapter 2 सत्ता में साझेदारी की कार्यप्रणाली
सत्ता में साझेदारी की कार्यप्रणाली में लोकतंत्र में सत्ता के बँटवारे, संघीय शासन, सरकार के विभिन्न अंगों, दबाव समूहों तथा राजनीतिक दलों की भूमिका को समझाया गया है।
लोकतंत्र और सत्ता में भागीदारी
लोकतंत्र जनता का शासन है। इसमें जनता प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शासन में भाग लेती है। सत्ता की साझेदारी लोकतंत्र को अधिक सहभागी बनाती है तथा विभिन्न समूहों के बीच संतुलन स्थापित करती है।
संघीय शासन व्यवस्था
संघीय शासन व्यवस्था में सत्ता का बँटवारा केंद्र और राज्यों के बीच किया जाता है। दोनों स्तरों की सरकारों के अधिकार संविधान द्वारा निर्धारित होते हैं।
संघीय शासन की प्रमुख विशेषताएँ
- लिखित संविधान।
- संविधान की सर्वोच्चता।
- केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन।
- स्वतंत्र न्यायपालिका।
- संविधान में आवश्यकतानुसार संशोधन की व्यवस्था।
भारत में संघीय व्यवस्था
भारत में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अधिकारों का विभाजन संविधान द्वारा किया गया है। विधायी शक्तियों को संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची में बाँटा गया है।
सरकार के तीन अंग
सरकार के तीन प्रमुख अंग विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका हैं। विधायिका कानून बनाती है, कार्यपालिका उन्हें लागू करती है और न्यायपालिका कानूनों की व्याख्या तथा अधिकारों की रक्षा करती है।
शक्तियों का पृथक्करण
सरकार के तीनों अंगों को अलग-अलग अधिकार देने से किसी एक अंग में अत्यधिक शक्ति केंद्रित नहीं होती। जब ये संस्थाएँ एक-दूसरे पर नियंत्रण रखती हैं तो इसे नियंत्रण और संतुलन की व्यवस्था कहा जाता है।
दबाव समूह
दबाव समूह ऐसे संगठन होते हैं जो सीधे सत्ता प्राप्त करने के बजाय सरकार की नीतियों और निर्णयों को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं। किसान, मजदूर, व्यापारिक और कर्मचारी संगठन इसके उदाहरण हो सकते हैं।
राजनीतिक दल और दबाव समूह
राजनीतिक दल चुनाव लड़कर सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं, जबकि दबाव समूह का मुख्य उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना नहीं बल्कि सरकार की नीतियों को प्रभावित करना होता है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. संघ राज्य की विशेषता नहीं है?
उत्तर: इकहरी शासन-व्यवस्था।
प्रश्न 2. भारत में केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन कितनी सूचियों में है?
उत्तर: तीन सूचियों में।
प्रश्न 3. सरकार के तीन प्रमुख अंग कौन हैं?
उत्तर: विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न: संघवाद क्या है?
उत्तर: ऐसी शासन व्यवस्था जिसमें सत्ता केंद्र और राज्यों जैसे विभिन्न स्तरों के बीच संवैधानिक रूप से बाँटी जाती है, संघवाद कहलाती है।
प्रश्न: दबाव समूह क्या है?
उत्तर: ऐसा संगठन जो सरकारी नीतियों को प्रभावित करने का प्रयास करता है लेकिन स्वयं सत्ता प्राप्त करने का मुख्य उद्देश्य नहीं रखता, दबाव समूह कहलाता है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. सत्ता की साझेदारी लोकतंत्र में क्या महत्व रखती है?
उत्तर: सत्ता की साझेदारी से विभिन्न समूहों को शासन में भागीदारी मिलती है। इससे सामाजिक टकराव कम होते हैं और लोकतंत्र अधिक स्थिर तथा सहभागी बनता है।
प्रश्न 2. दबाव समूह सरकार को कैसे प्रभावित करते हैं?
उत्तर: दबाव समूह अपनी मांगों के समर्थन में अभियान, जनमत, प्रदर्शन और अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों का उपयोग करते हैं। वे सरकार की नीतियों और निर्णयों को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं।
प्रश्न 3. राजनीतिक दल और दबाव समूह में क्या अंतर है?
उत्तर: राजनीतिक दल चुनाव लड़कर सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं, जबकि दबाव समूह मुख्य रूप से सरकार की नीतियों को प्रभावित करने के लिए काम करते हैं।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. संघीय शासन व्यवस्था की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन करें।
उत्तर: संघीय शासन में संविधान द्वारा केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन किया जाता है। संविधान सर्वोच्च होता है। दोनों स्तरों की सरकारों को अपने-अपने क्षेत्र में अधिकार प्राप्त होते हैं। विवादों के समाधान के लिए स्वतंत्र न्यायपालिका होती है और संविधान में आवश्यकतानुसार संशोधन की व्यवस्था होती है।
प्रश्न 2. भारत में सत्ता की साझेदारी के प्रमुख तरीकों को समझाइए।
उत्तर: भारत में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सत्ता का विभाजन है। इसके अलावा स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को भी अधिकार दिए गए हैं। सरकार के तीनों अंगों के बीच शक्तियों का विभाजन तथा सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देना भी सत्ता की साझेदारी के महत्वपूर्ण तरीके हैं।
Important Points
- संघीय व्यवस्था में सत्ता विभिन्न स्तरों के बीच बाँटी जाती है।
- भारत में संघ, राज्य और समवर्ती सूचियाँ हैं।
- विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका सरकार के प्रमुख अंग हैं।
- दबाव समूह सरकार की नीतियों को प्रभावित करते हैं।
- नियंत्रण एवं संतुलन लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण विशेषता है।
Exam Tips
- संघवाद की विशेषताएँ याद करें।
- तीनों सूचियों की जानकारी तैयार करें।
- राजनीतिक दल और दबाव समूह का अंतर अवश्य पढ़ें।
FAQs
संघवाद क्या है?
केंद्र और राज्यों के बीच संवैधानिक रूप से सत्ता बाँटने वाली शासन व्यवस्था संघवाद कहलाती है।
भारत में शक्तियों का विभाजन कितनी सूचियों में है?
संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची—तीन सूचियों में।
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.