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BSEB Class 11 Geography – सभी Chapters भूगोल

Bihar Board Class 11 की Geography (भूगोल) किताब दो भागों में बंटी है — भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत और भारत का भौतिक पर्यावरण। इस पेज पर दोनों भागों के सभी अध्यायों का chapter-wise हल एक साथ उपलब्ध है। नीचे दी गई सूची से किसी भी chapter पर क्लिक करके आप उसका विस्तृत solution देख सकते हैं।

खण्ड 1: भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत

क्रमअध्याय का नाम
1भूगोल एक विषय के रूप में
2पृथ्वी की उत्पत्ति एवं विकास
3पृथ्वी की आंतरिक संरचना
4महासागरों और महाद्वीपों का वितरण
5खनिज एवं शैल
6भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ
7भू-आकृतियाँ तथा उनका विकास
8वायुमंडल का संघटन तथा संरचना
9सौर विकिरण, ऊष्मा संतुलन एवं तापमान
10वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसम प्रणालियाँ
11वायुमंडल में जल
12विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन
13महासागरीय जल
14महासागरीय जल संचलन
15पृथ्वी पर जीवन
16जैव विविधता एवं संरक्षण

खण्ड 2: भारत – भौतिक पर्यावरण

क्रमअध्याय का नाम
1भारत-स्थिति
2संरचना तथा भू-आकृति विज्ञान
3अपवाह तंत्र
4जलवायु
5प्राकृतिक वनस्पति
6मृदा
7प्राकृतिक संकट तथा आपदाएँ

अतिरिक्त सामग्री

क्रमटॉपिक
1मानचित्र संबंधी प्रश्न एवं उत्तर

अध्यायवार संक्षिप्त परिचय

खण्ड 1, अध्याय 1. भूगोल एक विषय के रूप में: इस अध्याय में भूगोल की प्रकृति, इसके क्षेत्र और भूगोल को एक विषय के रूप में समझने की मूल बातें बताई गई हैं।

खण्ड 1, अध्याय 2. पृथ्वी की उत्पत्ति एवं विकास: यहाँ सौरमंडल की उत्पत्ति के सिद्धांत तथा पृथ्वी के विकास की प्रक्रिया को समझाया गया है।

खण्ड 1, अध्याय 3. पृथ्वी की आंतरिक संरचना: इस अध्याय में भूकंप तरंगों के आधार पर पृथ्वी की आंतरिक परतों और उनकी संरचना को समझाया गया है।

खण्ड 1, अध्याय 4. महासागरों और महाद्वीपों का वितरण: यहाँ महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत और प्लेट विवर्तनिकी के आधार पर महाद्वीपों व महासागरों के वितरण को समझाया गया है।

खण्ड 1, अध्याय 5. खनिज एवं शैल: इस अध्याय में खनिजों के प्रकार तथा आग्नेय, अवसादी और कायांतरित शैलों की विशेषताओं पर चर्चा की गई है।

खण्ड 1, अध्याय 6. भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ: यहाँ अपक्षय, अपरदन और निक्षेपण जैसी भू-आकृतियों को गढ़ने वाली प्राकृतिक प्रक्रियाओं को समझाया गया है।

खण्ड 1, अध्याय 7. भू-आकृतियाँ तथा उनका विकास: इस अध्याय में नदी, हिमानी, पवन और भूमिगत जल द्वारा बनाई गई भू-आकृतियों का अध्ययन किया जाता है।

खण्ड 1, अध्याय 8. वायुमंडल का संघटन तथा संरचना: यहाँ वायुमंडल की परतों, उसकी गैसीय संरचना और महत्व को समझाया गया है।

खण्ड 1, अध्याय 9. सौर विकिरण, ऊष्मा संतुलन एवं तापमान: इस अध्याय में सूर्य से प्राप्त ऊष्मा, पृथ्वी के ऊष्मा संतुलन और तापमान के वितरण को समझाया गया है।

खण्ड 1, अध्याय 10. वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसम प्रणालियाँ: यहाँ वायुदाब पेटियों, पवनों तथा चक्रवात-प्रतिचक्रवात जैसी मौसम प्रणालियों की जानकारी दी गई है।

खण्ड 1, अध्याय 11. वायुमंडल में जल: इस अध्याय में आर्द्रता, वाष्पीकरण, संघनन और वर्षा जैसी प्रक्रियाओं को समझाया गया है।

खण्ड 1, अध्याय 12. विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन: यहाँ विश्व की प्रमुख जलवायु प्रकारों तथा जलवायु परिवर्तन के कारणों व प्रभावों पर चर्चा की गई है।

खण्ड 1, अध्याय 13. महासागरीय जल: इस अध्याय में महासागरीय जल के तापमान, लवणता और उसके वितरण को समझाया गया है।

खण्ड 1, अध्याय 14. महासागरीय जल संचलन: यहाँ महासागरीय धाराओं, ज्वार-भाटा और लहरों जैसी जल संचलन प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई है।

खण्ड 1, अध्याय 15. पृथ्वी पर जीवन: इस अध्याय में जैवमंडल, पारिस्थितिकी तंत्र और जीवमंडल में ऊर्जा प्रवाह को समझाया गया है।

खण्ड 1, अध्याय 16. जैव विविधता एवं संरक्षण: यहाँ जैव विविधता के महत्व, इसके संरक्षण के उपायों और संकटग्रस्त प्रजातियों पर चर्चा की गई है।

खण्ड 2, अध्याय 1. भारत-स्थिति: इस अध्याय में भारत की भौगोलिक स्थिति, विस्तार और उसके पड़ोसी देशों से संबंध को समझाया गया है।

खण्ड 2, अध्याय 2. संरचना तथा भू-आकृति विज्ञान: यहाँ भारत की भूगर्भिक संरचना और हिमालय, मैदान, पठार व तटीय क्षेत्र जैसी भू-आकृतियों की जानकारी दी गई है।

खण्ड 2, अध्याय 3. अपवाह तंत्र: इस अध्याय में भारत की प्रमुख नदी प्रणालियों, हिमालयी और प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र को समझाया गया है।

खण्ड 2, अध्याय 4. जलवायु: यहाँ भारतीय मानसून की प्रक्रिया, मौसमों के प्रकार और जलवायु की क्षेत्रीय भिन्नताओं पर चर्चा की गई है।

खण्ड 2, अध्याय 5. प्राकृतिक वनस्पति: इस अध्याय में भारत में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के वनों और वनस्पति क्षेत्रों को समझाया गया है।

खण्ड 2, अध्याय 6. मृदा: यहाँ भारत में पाई जाने वाली प्रमुख मृदा प्रकारों, उनकी विशेषताओं और मृदा अपरदन की समस्या पर चर्चा की गई है।

खण्ड 2, अध्याय 7. प्राकृतिक संकट तथा आपदाएँ: इस अध्याय में भूकंप, बाढ़, सूखा और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारणों व प्रबंधन को समझाया गया है।