BSEB Class 12 Sociology – सभी Chapters समाजशास्त्र Solutions

बिहार बोर्ड कक्षा 12 समाजशास्त्र की किताब दो भागों में बंटी हुई है — पहली किताब “भारतीय समाज” और दूसरी किताब “भारत में सामाजिक परिवर्तन एवं विकास” पर आधारित है। नीचे दोनों किताबों के अध्याय क्रमवार अलग-अलग टेबल में दिए गए हैं ताकि आप आसानी से सही अध्याय तक पहुँच सकें।

Book 1: भारतीय समाज

क्रमअध्याय का नामलिंक
1भारतीय समाज: एक परिचयपढ़ें →
2भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचनापढ़ें →
3सामाजिक संस्थाएँ: निरंतरता एवं परिवर्तनपढ़ें →
4बाजार एक सामाजिक संस्था के रूप मेंपढ़ें →
5सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूपपढ़ें →
6सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियांपढ़ें →
7परियोजन कार्य के लिए सुझावपढ़ें →

Book 1: अध्यायवार संक्षिप्त परिचय

1. भारतीय समाज: एक परिचय: भारतीय समाज की विविधता और उसे समझने के समाजशास्त्रीय नजरिए को यह अध्याय शुरुआती रूप में समझाता है।

2. भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना: जनसंख्या के आकार, वितरण और उसकी संरचना से जुड़े पहलुओं को इस अध्याय में कवर किया गया है।

3. सामाजिक संस्थाएँ: निरंतरता एवं परिवर्तन: परिवार, जाति और धर्म जैसी सामाजिक संस्थाओं में समय के साथ आए बदलावों को यह अध्याय दर्शाता है।

4. बाजार एक सामाजिक संस्था के रूप में: बाजार को केवल आर्थिक नहीं बल्कि एक सामाजिक संस्था के रूप में देखने का नजरिया इस अध्याय में दिया गया है।

5. सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप: जाति, लिंग और वर्ग के आधार पर होने वाली असमानता और बहिष्कार को यह अध्याय समझाता है।

6. सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियां: भारत की सांस्कृतिक विविधता और उससे जुड़ी चुनौतियों को इस अध्याय में दर्शाया गया है।

7. परियोजना कार्य के लिए सुझाव: समाजशास्त्र में प्रोजेक्ट वर्क कैसे तैयार किया जाए, इसके सुझाव इस अध्याय में दिए गए हैं।

Book 2: भारत में सामाजिक परिवर्तन एवं विकास

क्रमअध्याय का नामलिंक
1संरचनात्मक परिवर्तनपढ़ें →
2सांस्कृतिक परिवर्तनपढ़ें →
3भारतीय लोकतंत्र की कहानियाँपढ़ें →
4ग्रामीण समाज में विकास एवं परिवर्तनपढ़ें →
5औद्योगिक समाज में परिवर्तन और विकासपढ़ें →
6भूमंडलीकरण और सामाजिक परिवर्तनपढ़ें →
7जनसंपर्क साधन और जनसंचारपढ़ें →
8सामाजिक आंदोलनपढ़ें →

Book 2: अध्यायवार संक्षिप्त परिचय

1. संरचनात्मक परिवर्तन: उपनिवेशवाद, औद्योगीकरण और शहरीकरण जैसे कारकों से भारतीय समाज की संरचना में आए बदलावों को यह अध्याय बताता है।

2. सांस्कृतिक परिवर्तन: संस्कृतिकरण, आधुनिकीकरण और पश्चिमीकरण जैसी प्रक्रियाओं से समाज में आए सांस्कृतिक बदलावों को इस अध्याय में समझाया गया है।

3. भारतीय लोकतंत्र की कहानियाँ: भारत में लोकतंत्र की जड़ों के मजबूत होने और उसके सामाजिक असर को यह अध्याय दर्शाता है।

4. ग्रामीण समाज में विकास एवं परिवर्तन: हरित क्रांति और भूमि सुधारों से ग्रामीण समाज में आए बदलावों को इस अध्याय में कवर किया गया है।

5. औद्योगिक समाज में परिवर्तन और विकास: औद्योगीकरण और मजदूर वर्ग की स्थिति में आए बदलावों को यह अध्याय समझाता है।

6. भूमंडलीकरण और सामाजिक परिवर्तन: वैश्वीकरण के भारतीय समाज पर पड़ने वाले सामाजिक और आर्थिक असर को इस अध्याय में दर्शाया गया है।

7. जनसंपर्क साधन और जनसंचार: मीडिया के अलग-अलग रूपों और समाज पर उनके प्रभाव को यह अध्याय बताता है।

8. सामाजिक आंदोलन: किसान, मजदूर और महिला आंदोलनों जैसे सामाजिक आंदोलनों की भूमिका को इस अध्याय में समझाया गया है।