BSEB Class 11 Political Science – सभी Chapters राजनीति शास्त्र

Bihar Board Class 11 की Political Science (राजनीति शास्त्र) किताब दो भागों में बंटी है — राजनीतिक सिद्धान्त और भारत का संविधान: सिद्धान्त और व्यवहार। इस पेज पर दोनों भागों के सभी अध्यायों का chapter-wise हल एक साथ उपलब्ध है। नीचे दी गई सूची से किसी भी chapter पर क्लिक करके आप उसका विस्तृत solution देख सकते हैं।

खण्ड 1: राजनीतिक सिद्धान्त

क्रमअध्याय का नामलिंक
1राजनीतिक सिद्धान्त : एक परिचयपढ़ें →
2स्वतंत्रतापढ़ें →
3समानतापढ़ें →
4सामाजिक न्यायपढ़ें →
5अधिकारपढ़ें →
6नागरिकतापढ़ें →
7राष्ट्रवादपढ़ें →
8धर्मनिरपेक्षतापढ़ें →
9शांतिपढ़ें →
10विकासपढ़ें →

खण्ड 2: भारत का संविधान – सिद्धान्त और व्यवहार

क्रमअध्याय का नामलिंक
1संविधान: क्यों और कैसे?पढ़ें →
2भारतीय संविधान में अधिकारपढ़ें →
3चुनाव और प्रतिनिधित्वपढ़ें →
4कार्यपालिकापढ़ें →
5विधायिकापढ़ें →
6न्यायपालिकापढ़ें →
7संघवादपढ़ें →
8स्थानीय शासनपढ़ें →
9संविधान: एक जीवन्त दस्तावेजपढ़ें →
10संविधान का राजनीतिक दर्शनपढ़ें →

अध्यायवार संक्षिप्त परिचय

खण्ड 1, अध्याय 1. राजनीतिक सिद्धान्त: एक परिचय: इस अध्याय में राजनीतिक सिद्धान्त की प्रकृति, इसके अध्ययन क्षेत्र और महत्व को समझाया गया है।

खण्ड 1, अध्याय 2. स्वतंत्रता: यहाँ स्वतंत्रता की अवधारणा, इसके प्रकार और व्यक्ति व समाज के लिए इसके महत्व पर चर्चा की गई है।

खण्ड 1, अध्याय 3. समानता: इस अध्याय में सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक समानता की अवधारणाओं तथा इन्हें प्राप्त करने के उपायों को समझाया गया है।

खण्ड 1, अध्याय 4. सामाजिक न्याय: यहाँ सामाजिक न्याय के सिद्धांतों, आरक्षण की नीति और वंचित वर्गों के अधिकारों पर चर्चा की गई है।

खण्ड 1, अध्याय 5. अधिकार: इस अध्याय में मानव अधिकारों की अवधारणा, उनके प्रकार और संविधान में दिए गए अधिकारों को समझाया गया है।

खण्ड 1, अध्याय 6. नागरिकता: यहाँ नागरिकता की अवधारणा, नागरिकों के अधिकार-कर्तव्य और वैश्विक नागरिकता जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।

खण्ड 1, अध्याय 7. राष्ट्रवाद: इस अध्याय में राष्ट्रवाद की अवधारणा, इसके विभिन्न स्वरूप और भारतीय राष्ट्रवाद की विशेषताओं को समझाया गया है।

खण्ड 1, अध्याय 8. धर्मनिरपेक्षता: यहाँ भारतीय धर्मनिरपेक्षता की अवधारणा, पश्चिमी धर्मनिरपेक्षता से इसके अंतर और इसकी विशेषताओं को समझाया गया है।

खण्ड 1, अध्याय 9. शांति: इस अध्याय में शांति की अवधारणा, युद्ध व हिंसा के कारण और शांति स्थापना के उपायों पर चर्चा की गई है।

खण्ड 1, अध्याय 10. विकास: यहाँ विकास की विभिन्न अवधारणाओं, सतत विकास और विकास से जुड़े नैतिक प्रश्नों को समझाया गया है।

खण्ड 2, अध्याय 1. संविधान: क्यों और कैसे?: इस अध्याय में भारतीय संविधान निर्माण की प्रक्रिया, संविधान सभा और इसकी आवश्यकता को समझाया गया है।

खण्ड 2, अध्याय 2. भारतीय संविधान में अधिकार: यहाँ मौलिक अधिकारों, उनके प्रकार और नागरिकों के लिए उनके महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई है।

खण्ड 2, अध्याय 3. चुनाव और प्रतिनिधित्व: इस अध्याय में भारत की चुनाव प्रणाली, प्रतिनिधित्व के तरीकों और चुनाव आयोग की भूमिका को समझाया गया है।

खण्ड 2, अध्याय 4. कार्यपालिका: यहाँ भारत की कार्यपालिका की संरचना, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद की भूमिका को समझाया गया है।

खण्ड 2, अध्याय 5. विधायिका: इस अध्याय में संसद की संरचना, कार्यप्रणाली और कानून निर्माण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है।

खण्ड 2, अध्याय 6. न्यायपालिका: यहाँ भारतीय न्याय व्यवस्था की संरचना, सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका और न्यायिक समीक्षा को समझाया गया है।

खण्ड 2, अध्याय 7. संघवाद: इस अध्याय में भारतीय संघीय व्यवस्था, केंद्र-राज्य संबंध और शक्तियों के बंटवारे को समझाया गया है।

खण्ड 2, अध्याय 8. स्थानीय शासन: यहाँ पंचायती राज व्यवस्था, नगरपालिका और स्थानीय स्वशासन के महत्व पर चर्चा की गई है।

खण्ड 2, अध्याय 9. संविधान: एक जीवन्त दस्तावेज: इस अध्याय में संविधान संशोधन प्रक्रिया और समय के साथ संविधान में हुए बदलावों को समझाया गया है।

खण्ड 2, अध्याय 10. संविधान का राजनीतिक दर्शन: यहाँ संविधान की प्रस्तावना में निहित मूल्यों जैसे न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को समझाया गया है।