Bihar Board Class 11 की Home Science (गृह विज्ञान) पुस्तक में कुल 20 अध्याय शामिल हैं, जो किशोरावस्था के विकास, आहार-पोषण और वस्त्र विज्ञान जैसे तीन प्रमुख क्षेत्रों को कवर करते हैं। इस पेज पर सभी अध्यायों के हल क्रमवार दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से समझ सकें और परीक्षा की तैयारी सुगमता से कर सकें।
BSEB Class 11 Home Science (गृह विज्ञान) अध्याय सूची
| क्रम | अध्याय का नाम |
|---|---|
| 1 | गृह विज्ञान का अर्थ तथा क्षेत्र |
| 2 | किशोरावस्था को समझना |
| 3 | किशोर और सामाजिक तथा संवेगात्मक विकास |
| 4 | किशोरों में ज्ञानात्मक विकास |
| 5 | प्रमुख विकासोचित कार्य |
| 6 | वैयक्तिक भिन्नताएँ |
| 7 | किशोरों को कुछ विशेष आवश्यकताएँ |
| 8 | किशोरों की कुछ समस्याएँ |
| 9 | जनसंख्या शिक्षा |
| 10 | आहार, पोषण तथा स्वास्थ्य : परिभाषा एवं संबंध |
| 11 | भोजन के कार्य |
| 12 | उचित पोषण एवं उत्तम स्वास्थ्य के लिए खाद्य पदार्थों का चयन |
| 13 | पौष्टिक आहार : उचित चयन, तैयारी, पकाना तथा संग्रह |
| 14 | साधन |
| 15 | व्यवस्थापन |
| 16 | समय व ऊर्जा का व्यवस्थापन |
| 17 | कार्याचर या कार्य नैतिकता |
| 18 | तन्तु विज्ञान |
| 19 | कपड़ों का निर्माण |
| 20 | वस्त्रों की परिसज्जा |
अध्यायवार संक्षिप्त परिचय
अध्याय 1. गृह विज्ञान का अर्थ तथा क्षेत्र: इस अध्याय में गृह विज्ञान विषय की परिभाषा, इसके अध्ययन क्षेत्र और दैनिक जीवन में इसके महत्व को समझाया गया है।
अध्याय 2. किशोरावस्था को समझना: यहाँ किशोरावस्था की विशेषताओं, इस दौर में होने वाले शारीरिक व मानसिक परिवर्तनों को स्पष्ट किया गया है।
अध्याय 3. किशोर और सामाजिक तथा संवेगात्मक विकास: इस अध्याय में किशोरों के सामाजिक संबंधों और उनके भावनात्मक विकास से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गई है।
अध्याय 4. किशोरों में ज्ञानात्मक विकास: यहाँ किशोरावस्था में सोचने-समझने की क्षमता के विकास और तर्क शक्ति में आने वाले बदलावों को समझाया गया है।
अध्याय 5. प्रमुख विकासोचित कार्य: इस अध्याय में किशोरावस्था के दौरान पूरे किए जाने वाले महत्वपूर्ण विकासात्मक कार्यों की जानकारी दी गई है।
अध्याय 6. वैयक्तिक भिन्नताएँ: यहाँ अलग-अलग व्यक्तियों के बीच पाई जाने वाली शारीरिक, मानसिक और व्यवहारिक भिन्नताओं के कारणों को समझाया गया है।
अध्याय 7. किशोरों को कुछ विशेष आवश्यकताएँ: इस अध्याय में किशोरों की शैक्षणिक, सामाजिक और भावनात्मक आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला गया है।
अध्याय 8. किशोरों की कुछ समस्याएँ: यहाँ किशोरावस्था में सामने आने वाली सामान्य समस्याओं और उनके समाधान के उपायों की चर्चा की गई है।
अध्याय 9. जनसंख्या शिक्षा: इस अध्याय में जनसंख्या वृद्धि के कारणों, इसके प्रभावों और जनसंख्या शिक्षा की आवश्यकता को समझाया गया है।
अध्याय 10. आहार, पोषण तथा स्वास्थ्य : परिभाषा एवं संबंध: यहाँ आहार, पोषण और स्वास्थ्य के बीच के आपसी संबंध को स्पष्ट किया गया है।
अध्याय 11. भोजन के कार्य: इस अध्याय में भोजन के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कार्यों को विस्तार से समझाया गया है।
अध्याय 12. उचित पोषण एवं उत्तम स्वास्थ्य के लिए खाद्य पदार्थों का चयन: यहाँ संतुलित आहार बनाने और सही खाद्य पदार्थों के चयन की विधियों पर चर्चा की गई है।
अध्याय 13. पौष्टिक आहार : उचित चयन, तैयारी, पकाना तथा संग्रह: इस अध्याय में भोजन तैयार करने, पकाने और उसे सुरक्षित रखने के सही तरीकों को समझाया गया है।
अध्याय 14. साधन: यहाँ मानव और भौतिक साधनों के प्रकार तथा गृह प्रबंधन में उनके उपयोग को स्पष्ट किया गया है।
अध्याय 15. व्यवस्थापन: इस अध्याय में गृह प्रबंधन की प्रक्रिया, इसके चरणों और दैनिक जीवन में इसकी उपयोगिता को समझाया गया है।
अध्याय 16. समय व ऊर्जा का व्यवस्थापन: यहाँ समय और ऊर्जा के सही उपयोग की योजना बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई है।
अध्याय 17. कार्याचर या कार्य नैतिकता: इस अध्याय में कार्यस्थल पर अपनाए जाने वाले नैतिक मूल्यों और कार्य के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण को समझाया गया है।
अध्याय 18. तन्तु विज्ञान: यहाँ प्राकृतिक और कृत्रिम रेशों के प्रकार, उनके गुण और उपयोग की जानकारी दी गई है।
अध्याय 19. कपड़ों का निर्माण: इस अध्याय में धागों से कपड़ा बनाने की विभिन्न विधियों जैसे बुनाई और निटिंग को समझाया गया है।
अध्याय 20. वस्त्रों की परिसज्जा: यहाँ वस्त्रों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया, उनकी परिसज्जा के उद्देश्य और तरीकों पर चर्चा की गई है।