Biology Class 11th

Bihar Board Class 11 Biology Chapter 19 – उत्सर्जी उत्पाद एवं उनका निष्कासन

24 August 2026  |  By Ramnivas KT

उत्सर्जी उत्पाद एवं उनका निष्कासन

जीवों के शरीर में उपापचय की अनेक क्रियाएँ लगातार चलती रहती हैं। इन क्रियाओं के दौरान कुछ ऐसे पदार्थ बनते हैं जिन्हें शरीर में अधिक मात्रा में जमा रहने देना हानिकारक हो सकता है। इन अवांछित पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया को उत्सर्जन कहते हैं।

मनुष्य में उत्सर्जन के लिए मुख्य अंग वृक्क हैं। इनके अलावा फेफड़े, त्वचा और यकृत भी कुछ उत्सर्जी पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में सहायता करते हैं। इस अध्याय में उत्सर्जी उत्पाद, वृक्क की संरचना, नेफ्रॉन, मूत्र निर्माण, GFR, counter-current mechanism, osmoregulation और dialysis जैसे महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन किया जाता है।

उत्सर्जन क्या है?

उपापचय से उत्पन्न हानिकारक या अनावश्यक पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया उत्सर्जन कहलाती है। कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट, अतिरिक्त जल और लवण इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

नाइट्रोजनयुक्त उत्सर्जी पदार्थ

प्रोटीन और न्यूक्लिक अम्लों के उपापचय से नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट बनते हैं। अमोनिया, यूरिया और यूरिक अम्ल प्रमुख nitrogenous wastes हैं।

अमोनिया

अमोनिया अत्यधिक विषैला और जल में आसानी से घुलनशील पदार्थ है। इसे शरीर से बाहर निकालने के लिए काफी मात्रा में जल की आवश्यकता होती है। इसलिए जलीय जीवों में ammonotelism अधिक उपयुक्त होता है।

यूरिया

मनुष्य और अधिकांश स्तनधारी मुख्य रूप से यूरिया का उत्सर्जन करते हैं। यकृत में अमोनिया को कम विषैले यूरिया में बदलने की प्रक्रिया होती है। इसके बाद यूरिया रक्त द्वारा वृक्क तक पहुँचता है और मूत्र के साथ बाहर निकलता है।

यूरिक अम्ल

पक्षी और अनेक सरीसृप मुख्यतः uric acid का उत्सर्जन करते हैं। यह अपेक्षाकृत कम विषैला और जल में कम घुलनशील होता है, इसलिए इसके निष्कासन में जल की बचत होती है।

मानव उत्सर्जन तंत्र

मानव urinary system में दो वृक्क, दो ureters, एक urinary bladder और एक urethra प्रमुख अंग हैं। वृक्क रक्त को छानकर मूत्र का निर्माण करते हैं। Ureter मूत्र को वृक्क से मूत्राशय तक पहुँचाता है, जबकि urethra के माध्यम से मूत्र शरीर से बाहर निकलता है।

वृक्क की संरचना

प्रत्येक वृक्क में बाहरी cortex और अंदरूनी medulla पाया जाता है। Medulla में renal pyramids होते हैं। वृक्क की कार्यात्मक इकाई nephron है।

नेफ्रॉन

Nephron वृक्क की structural और functional unit है। प्रत्येक nephron में renal corpuscle तथा renal tubule प्रमुख भाग होते हैं।

Renal corpuscle में glomerulus और Bowman’s capsule शामिल होते हैं। इसके बाद filtrate proximal convoluted tubule, loop of Henle, distal convoluted tubule और collecting duct की ओर बढ़ता है।

मूत्र निर्माण

मूत्र निर्माण को मुख्यतः तीन प्रक्रियाओं से समझा जाता है—glomerular filtration, tubular reabsorption और tubular secretion।

Glomerular Filtration

Glomerulus की केशिकाओं में रक्त का दबाव plasma के कुछ घटकों को Bowman’s capsule में filter करने के लिए प्रेरित करता है। सामान्यतः protein-rich और cellular components filter में नहीं जाते।

GFR क्या है?

एक मिनट में दोनों वृक्कों के glomeruli द्वारा बनने वाले filtrate की मात्रा को Glomerular Filtration Rate या GFR कहते हैं। स्वस्थ वयस्क मनुष्य में इसका सामान्य मान लगभग 125 mL प्रति मिनट माना जाता है।

Tubular Reabsorption

Glomerular filtrate में शरीर के लिए उपयोगी कई पदार्थ भी होते हैं। वृक्क नलिकाएँ glucose, amino acids, आवश्यक ions और पर्याप्त मात्रा में जल आदि को वापस रक्त में पहुँचा देती हैं। इस प्रक्रिया को tubular reabsorption कहते हैं।

Tubular Secretion

कुछ पदार्थों को रक्त से renal tubule में सक्रिय रूप से पहुँचाया जाता है। इससे शरीर के acid-base balance तथा ionic composition को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है।

Henle Loop

Loop of Henle की descending और ascending limbs की permeability अलग होती है। यह arrangement medulla में osmotic gradient बनाए रखने और concentrated urine बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Counter Current Mechanism

Henle loop और vasa recta की विशेष व्यवस्था को counter-current mechanism के संदर्भ में समझा जाता है। Medulla में osmotic gradient बनाए रखने से collecting duct से जल के पुनरवशोषण में सहायता मिलती है और कम जल उपलब्ध होने पर अधिक concentrated urine बन सकता है।

ADH का कार्य

Antidiuretic hormone या ADH collecting ducts और distal nephron में जल के पुनरवशोषण को बढ़ाने में महत्वपूर्ण है। शरीर में जल की कमी होने पर ADH का प्रभाव बढ़ता है, जिससे अधिक जल वापस रक्त में जा सकता है और urine अधिक concentrated हो जाता है।

Osmoregulation

शरीर के तरल में जल और घुले हुए लवणों का संतुलन बनाए रखने की प्रक्रिया osmoregulation कहलाती है। वृक्क इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ADH, aldosterone और अन्य regulatory mechanisms जल तथा ions के संतुलन को प्रभावित करते हैं।

Juxtaglomerular Apparatus

Juxtaglomerular apparatus या JGA nephron के एक विशेष क्षेत्र में पाया जाता है। यह blood pressure तथा GFR के regulation से जुड़ा है। JGA से renin का स्राव renin-angiotensin-aldosterone system को सक्रिय करने में महत्वपूर्ण होता है।

मूत्रण

मूत्राशय में मूत्र जमा होने के बाद उचित समय पर उसे बाहर निकालने की प्रक्रिया micturition कहलाती है। इसमें bladder muscles तथा urinary sphincters की समन्वित क्रिया होती है।

वृक्क के अतिरिक्त उत्सर्जी अंग

फेफड़े CO₂ और जलवाष्प को बाहर निकालते हैं। त्वचा sweat के माध्यम से जल, लवण और थोड़ी मात्रा में nitrogenous wastes बाहर निकाल सकती है। यकृत ammonia को urea में बदलने तथा bile के माध्यम से कुछ अपशिष्टों के निष्कासन में योगदान देता है।

वृक्क विफलता और Dialysis

जब वृक्क रक्त को पर्याप्त रूप से filter नहीं कर पाते, तो शरीर में nitrogenous wastes और अन्य पदार्थ जमा होने लगते हैं। गंभीर kidney failure की स्थिति में dialysis द्वारा रक्त से कुछ अपशिष्ट पदार्थ हटाए जा सकते हैं।

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. GFR क्या है?

उत्तर: दोनों वृक्कों के glomeruli द्वारा एक मिनट में निर्मित filtrate की मात्रा को glomerular filtration rate या GFR कहते हैं। इसका सामान्य मान लगभग 125 mL प्रति मिनट माना जाता है।

प्रश्न 2. नेफ्रॉन क्या है?

उत्तर: नेफ्रॉन वृक्क की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है। इसमें renal corpuscle और renal tubule प्रमुख भाग होते हैं।

प्रश्न 3. Counter-current mechanism का क्या महत्व है?

उत्तर: यह renal medulla में osmotic gradient बनाए रखने में सहायता करता है। इसके कारण collecting duct से जल का पुनरवशोषण बढ़ाया जा सकता है और शरीर कम जल की स्थिति में concentrated urine बना सकता है।

प्रश्न 4. ADH का मुख्य कार्य क्या है?

उत्तर: ADH वृक्क में जल के पुनरवशोषण को बढ़ाता है। इससे शरीर में जल की बचत होती है और मूत्र अधिक सान्द्र हो सकता है।

प्रश्न 5. मनुष्य ammonia का उत्सर्जन मुख्य रूप से क्यों नहीं करता?

उत्तर: अमोनिया अत्यधिक विषैला होता है और इसे बाहर निकालने के लिए बहुत अधिक जल की आवश्यकता होती है। इसलिए मनुष्य में ammonia को liver में urea में परिवर्तित करके उत्सर्जित किया जाता है।

प्रश्न 6. JGA का क्या महत्व है?

उत्तर: JGA GFR और blood pressure regulation से जुड़ा है। इसकी renin secretion renin-angiotensin-aldosterone mechanism को सक्रिय कर सकती है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

  1. वृक्क की कार्यात्मक इकाई क्या है? — Nephron।
  2. GFR का सामान्य मान लगभग कितना है? — 125 mL/min।
  3. मनुष्य मुख्यतः किस nitrogenous waste का उत्सर्जन करता है? — Urea।
  4. ADH किसके पुनरवशोषण को बढ़ाता है? — Water।
  5. Renin किस apparatus से संबंधित है? — JGA।
  6. Henle loop किस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण है? — Urine concentration।
  7. CO₂ का उत्सर्जन मुख्यतः किस अंग से होता है? — Lungs।

अध्याय सार

उत्सर्जन शरीर से metabolic wastes को बाहर निकालने की आवश्यक प्रक्रिया है। मानव में kidneys इसका मुख्य कार्य करती हैं। Nephron, glomerular filtration, GFR, reabsorption, secretion, counter-current mechanism, ADH, osmoregulation और JGA इस अध्याय के मुख्य concepts हैं।

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