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Bihar Board Class 11 Hindi Chapter 5 – भारत-दुर्दशा

Bihar Board Class 11 Hindi Chapter 5 भारत-दुर्दशा भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की प्रसिद्ध रचना है। इसमें भारत की तत्कालीन राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है।

कवि परिचय

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रमुख साहित्यकार और हिंदी नवजागरण के अग्रदूत माने जाते हैं। उनकी रचनाओं में राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक जागरण प्रमुख रूप से दिखाई देता है।

भारत-दुर्दशा का भाव

कवि भारत की दयनीय स्थिति को देखकर दुखी हैं। देश पर विदेशी शासन, आर्थिक शोषण और सामाजिक कमजोरियों के कारण भारत की स्थिति खराब हो गई है।

कवि देशवासियों में राष्ट्रीय चेतना उत्पन्न करना चाहते हैं। रचना में देश की दुर्दशा के साथ उसके पुनरुत्थान की आवश्यकता भी महसूस होती है।

मुख्य विशेषताएँ

  • राष्ट्रीय चेतना
  • देशभक्ति
  • औपनिवेशिक शोषण की आलोचना
  • सामाजिक जागरण
  • देश की दयनीय स्थिति का चित्रण

महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

भारत-दुर्दशा के रचनाकार कौन हैं?

‘भारत-दुर्दशा’ के रचनाकार भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हैं।

कवि भारत की स्थिति से दुखी क्यों हैं?

विदेशी शासन, आर्थिक शोषण और सामाजिक समस्याओं के कारण देश की दयनीय स्थिति देखकर कवि दुखी हैं।

रचना का मुख्य संदेश क्या है?

रचना देशवासियों में राष्ट्रीय चेतना और जागरूकता पैदा करने का संदेश देती है।

Previous Chapter

Bihar Board Class 11 Hindi Chapter 4 सहजोबाई के पद

Conclusion

Bihar Board Class 11 Hindi Chapter 5 भारत-दुर्दशा राष्ट्रीय चेतना और देश की तत्कालीन स्थिति को व्यक्त करने वाली महत्वपूर्ण रचना है।

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