Bihar Board Class 11 Hindi Chapter 7 – तोड़ती पत्थर
Bihar Board Class 11 Hindi Chapter 7 तोड़ती पत्थर सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की प्रसिद्ध कविता है। इसमें इलाहाबाद की सड़क पर पत्थर तोड़ती एक श्रमिक महिला के माध्यम से श्रम, गरीबी और सामाजिक असमानता का चित्रण किया गया है।
कवि परिचय
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला छायावाद के प्रमुख कवियों में से एक थे। उनकी कविता में स्वतंत्रता, विद्रोह, मानवता और सामाजिक संवेदना का प्रभाव दिखाई देता है।
तोड़ती पत्थर का भावार्थ
कवि ने सड़क किनारे पत्थर तोड़ती एक गरीब महिला को देखा। वह कठोर धूप और कठिन परिस्थितियों में लगातार श्रम कर रही थी। उसके जीवन में गरीबी और अभाव हैं, फिर भी वह अपने काम में लगी रहती है।
कविता श्रमिक वर्ग की कठिन परिस्थितियों और समाज की आर्थिक असमानता को सामने लाती है। महिला का संघर्ष उसकी दृढ़ता और आत्मसम्मान का भी प्रतीक बन जाता है।
मुख्य भाव
- श्रम और संघर्ष
- गरीबी
- सामाजिक असमानता
- श्रमिक जीवन
- नारी संघर्ष
महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
तोड़ती पत्थर के कवि कौन हैं?
‘तोड़ती पत्थर’ के कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला हैं।
कविता में कवि ने किसका चित्रण किया है?
कवि ने कठिन परिस्थितियों में पत्थर तोड़ती एक श्रमिक महिला का चित्रण किया है।
कविता का मुख्य संदेश क्या है?
कविता श्रमिकों के कठिन जीवन, गरीबी और सामाजिक असमानता के प्रति संवेदना उत्पन्न करती है।
Previous Chapter
Bihar Board Class 11 Hindi Chapter 6 झंकार
Conclusion
Bihar Board Class 11 Hindi Chapter 7 तोड़ती पत्थर श्रमिक जीवन और सामाजिक विषमता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने वाली महत्वपूर्ण कविता है।
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