Hindi Class 11th

Bihar Board Class 11 Hindi – कविता की परख

23 August 2026  |  By Ramnivas KT

Bihar Board Class 11 Hindi कविता की परख आचार्य रामचंद्र शुक्ल का महत्वपूर्ण आलोचनात्मक निबंध है। इसमें कविता को समझने, उसके प्रभाव को पहचानने और उसकी गुणवत्ता को परखने के आधारों पर विचार किया गया है।

कविता की परख – लेखक परिचय

आचार्य रामचंद्र शुक्ल हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध आलोचक, इतिहासकार और निबंधकार थे। हिंदी साहित्य के विकास और आलोचना के क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

कविता की परख का सारांश

इस निबंध में लेखक कविता की प्रकृति और उसके प्रभाव को समझाते हैं। उनके अनुसार कविता केवल शब्दों का सुंदर संयोजन नहीं है, बल्कि वह मनुष्य के हृदय को व्यापक संसार से जोड़ने का माध्यम है।

कविता मनुष्य को दूसरे प्राणियों, प्रकृति और समाज के सुख-दुःख से जोड़ती है। अच्छी कविता मनुष्य के हृदय की संकीर्णता को दूर करती है और उसमें संवेदना तथा मानवीयता उत्पन्न करती है।

रामचंद्र शुक्ल कविता को परखने के लिए उसके भाव, प्रभाव, भाषा, कल्पना और जीवन से संबंध को महत्वपूर्ण मानते हैं।

मुख्य विचार

महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

कविता की परख के लेखक कौन हैं?

‘कविता की परख’ के लेखक आचार्य रामचंद्र शुक्ल हैं।

कविता का मनुष्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?

कविता मनुष्य के हृदय को संवेदनशील बनाती है और उसे संसार के सुख-दुःख से जोड़ती है।

कविता किस प्रकार मनुष्यता का विकास करती है?

कविता मनुष्य के हृदय में संवेदना, सहानुभूति और व्यापक मानवीय दृष्टि उत्पन्न करके मनुष्यता का विकास करती है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

Previous Topic

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Conclusion

Bihar Board Class 11 Hindi कविता की परख विद्यार्थियों को कविता के वास्तविक उद्देश्य और उसके प्रभाव को समझने की दृष्टि प्रदान करता है।

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