Bihar Board Class 11 Biology Chapter 1 – जीव जगत
जीव जगत कक्षा 11 जीव विज्ञान का पहला अध्याय है। इस अध्याय में हमें अपने आसपास मौजूद जीवों की विशाल विविधता, उनकी पहचान, नामकरण और वैज्ञानिक वर्गीकरण के बारे में समझाया जाता है। पृथ्वी पर पाए जाने वाले जीव आकार, आकृति, संरचना, निवास-स्थान और जीवन-प्रक्रियाओं के आधार पर एक-दूसरे से काफी अलग हो सकते हैं। इतनी बड़ी जैव विविधता का व्यवस्थित अध्ययन करने के लिए जीवों को पहचानना और अलग-अलग समूहों में रखना आवश्यक हो जाता है।
इस अध्याय में वर्गिकी (Taxonomy), सिस्टेमैटिक्स (Systematics), द्विनाम पद्धति (Binomial Nomenclature), वर्गिकी पदानुक्रम (Taxonomic Hierarchy), संग्रहालय, वनस्पति उद्यान, हर्बेरियम तथा वर्गीकरण की कुंजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समझाया गया है। परीक्षा की दृष्टि से भी यह अध्याय महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे परिभाषा, अंतर, उदाहरण तथा लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
जीव जगत क्या है?
हमारे चारों ओर असंख्य प्रकार के जीव पाए जाते हैं। पेड़-पौधे, पशु, पक्षी, सूक्ष्मजीव तथा अनेक ऐसे जीव हैं जिनकी संरचना और जीवन-शैली एक-दूसरे से काफी भिन्न होती है। जीवों की इस विशाल विविधता को जैव विविधता (Biodiversity) कहा जाता है।
इतने अधिक जीवों का एक साथ अध्ययन करना आसान नहीं है। इसलिए वैज्ञानिकों ने जीवों को उनकी समानताओं और विभिन्नताओं के आधार पर अलग-अलग समूहों में व्यवस्थित करने की वैज्ञानिक व्यवस्था विकसित की। इसी प्रक्रिया से जीवों की पहचान, नामकरण और वर्गीकरण को व्यवस्थित रूप मिला।
जीवों का वर्गीकरण क्यों आवश्यक है?
यदि दुनिया में पाए जाने वाले प्रत्येक जीव का अध्ययन अलग-अलग किया जाए तो यह अत्यंत कठिन और समय लेने वाला कार्य होगा। जीवों को समान लक्षणों के आधार पर समूहों में रखने से उनका अध्ययन अधिक व्यवस्थित हो जाता है।
जीवों के वर्गीकरण की आवश्यकता मुख्यतः निम्न कारणों से होती है—
- जीवों की पहचान को आसान बनाने के लिए।
- समान लक्षण वाले जीवों को एक समूह में रखने के लिए।
- जीवों का व्यवस्थित और वैज्ञानिक अध्ययन करने के लिए।
- अलग-अलग जीवों के बीच समानता और अंतर समझने के लिए।
- जीवों के पारस्परिक तथा जातिवृत्तीय संबंधों को समझने के लिए।
- ज्ञात और अज्ञात जीवों की पहचान में सहायता प्राप्त करने के लिए।
वर्गीकरण की प्रारंभिक प्रणालियाँ
प्राचीन समय में मनुष्य जीवों को अपनी आवश्यकता और उपयोगिता के आधार पर अलग-अलग समूहों में रखता था। भोजन, औषधि, हानि, लाभ आदि के आधार पर भी जीवों को पहचाना जाता था। बाद में वैज्ञानिकों ने अधिक व्यवस्थित आधारों का प्रयोग करना शुरू किया।
कृत्रिम वर्गीकरण
जब जीवों को केवल कुछ बाहरी या सीमित लक्षणों के आधार पर समूहों में रखा जाता है, तो ऐसी व्यवस्था को कृत्रिम वर्गीकरण कहा जाता है। उदाहरण के लिए पौधों को केवल आकार या जीवन-अवधि के आधार पर अलग-अलग समूहों में रखना।
ऐसे वर्गीकरण की कमी यह है कि इससे जीवों के वास्तविक प्राकृतिक और विकासात्मक संबंधों की पूरी जानकारी नहीं मिलती।
प्राकृतिक वर्गीकरण
प्राकृतिक वर्गीकरण में जीवों के अधिक व्यापक लक्षणों—जैसे संरचना, कार्यिकी, प्रजनन, व्यवहार आदि—को ध्यान में रखा जाता है। इससे जीवों के बीच मौजूद वास्तविक समानता और भिन्नता को समझने में अधिक सहायता मिलती है।
आधुनिक वर्गीकरण
आधुनिक वर्गीकरण में जीवों की संरचना और कार्यिकी के साथ-साथ उनके विकासात्मक तथा जातिवृत्तीय संबंधों को भी महत्व दिया जाता है। आधुनिक तकनीकों के विकास के साथ आणविक तथा आनुवंशिक सूचनाएँ भी जीवों के संबंध समझने में उपयोगी हुई हैं।
वर्गिकी क्या है?
जीवों की पहचान, नामकरण और वर्गीकरण से संबंधित विज्ञान को वर्गिकी (Taxonomy) कहते हैं। वर्गिकी में किसी जीव के लक्षणों का अध्ययन करके उसकी पहचान की जाती है और फिर उसे उचित वर्गीकरण समूह में रखा जाता है।
सिस्टेमैटिक्स क्या है?
सिस्टेमैटिक्स (Systematics) जीवों की विविधता के साथ-साथ उनके पारस्परिक तथा विकासात्मक संबंधों का अध्ययन करने वाली व्यापक शाखा है। इसमें जीवों की पहचान और वर्गीकरण के साथ उनके जातिवृत्तीय संबंधों को भी समझने का प्रयास किया जाता है।
वर्गिकी और सिस्टेमैटिक्स में अंतर
| वर्गिकी (Taxonomy) | सिस्टेमैटिक्स (Systematics) |
|---|---|
| जीवों की पहचान, नामकरण और वर्गीकरण से मुख्य रूप से संबंधित है। | जीवों के वर्गीकरण के साथ उनके विकासात्मक और जातिवृत्तीय संबंधों का भी अध्ययन करती है। |
| जीवों को वैज्ञानिक रूप से व्यवस्थित करने में सहायता करती है। | जीवों के व्यापक पारस्परिक संबंधों को समझने में सहायता करती है। |
द्विनाम पद्धति क्या है?
जीवों को वैज्ञानिक नाम देने की ऐसी प्रणाली जिसमें प्रत्येक जीव का नाम दो शब्दों में लिखा जाता है, उसे द्विनाम पद्धति (Binomial Nomenclature) कहते हैं।
इस पद्धति को वैज्ञानिक रूप देने में कैरोलस लिनियस (Carolus Linnaeus) का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
द्विनाम नाम में पहला शब्द वंश (Genus) और दूसरा शब्द जाति विशेषण (specific epithet) होता है। दोनों को मिलाकर वैज्ञानिक नाम बनता है।
उदाहरण — आम का वैज्ञानिक नाम
आम का वैज्ञानिक नाम Mangifera indica है।
- Mangifera — वंश (Genus)
- indica — जाति विशेषण (specific epithet)
वैज्ञानिक नाम लिखते समय सामान्यतः वंश का पहला अक्षर बड़े अक्षर में और दूसरा शब्द छोटे अक्षरों में लिखा जाता है। मुद्रित रूप में वैज्ञानिक नाम को प्रायः italic में लिखा जाता है।
द्विनाम पद्धति के प्रमुख नियम
- वैज्ञानिक नाम दो शब्दों से मिलकर बना होता है।
- पहला शब्द वंश का नाम होता है।
- दूसरा शब्द जाति विशेषण होता है।
- वंश का पहला अक्षर Capital लिखा जाता है।
- दूसरा शब्द सामान्यतः छोटे अक्षरों में लिखा जाता है।
- मुद्रित रूप में वैज्ञानिक नाम italic में लिखा जाता है।
- हाथ से लिखने पर दोनों शब्दों को अलग-अलग underline किया जा सकता है।
वर्गिकी पदानुक्रम
जीवों के वर्गीकरण में विभिन्न स्तरों या श्रेणियों को एक निश्चित क्रम में व्यवस्थित किया जाता है। इसे वर्गिकी पदानुक्रम (Taxonomic Hierarchy) कहते हैं।
मुख्य वर्गिकी श्रेणियाँ निम्न क्रम में समझी जा सकती हैं—
जाति → वंश → कुल → गण → वर्ग → संघ/प्रभाग → जगत
जाति (Species)
वर्गीकरण की मूलभूत और सबसे छोटी प्रमुख इकाई जाति है। सामान्यतः समान लक्षणों वाले तथा आपस में प्रजनन करके उर्वर संतति उत्पन्न करने में सक्षम जीवों को एक जाति में रखा जाता है।
वंश (Genus)
निकट संबंध वाली समान या संबंधित जातियों के समूह को वंश कहा जाता है।
उदाहरण के लिए Panthera वंश में सिंह और बाघ जैसी संबंधित प्रजातियाँ आती हैं।
कुल (Family)
समान लक्षणों वाले संबंधित वंशों का समूह कुल कहलाता है।
गण (Order)
संबंधित कुलों को मिलाकर गण बनाया जाता है।
वर्ग (Class)
समान विशेषताओं वाले संबंधित गणों का समूह वर्ग कहलाता है।
संघ (Phylum)
संबंधित वर्गों को मिलाकर संघ बनाया जाता है। पौधों के संदर्भ में इसी स्तर के लिए प्रायः प्रभाग (Division) शब्द का प्रयोग भी किया जाता है।
जगत (Kingdom)
वर्गीकरण की प्रमुख उच्च श्रेणी जगत है। अनेक संबंधित संघ या प्रभाग मिलकर जगत का निर्माण करते हैं।
वर्गिकी पदानुक्रम का उदाहरण
शेर का वर्गीकरण समझने के लिए एक उदाहरण देखें—
| वर्गिकी श्रेणी | शेर का वर्गीकरण |
|---|---|
| जगत | Animalia |
| संघ | Chordata |
| वर्ग | Mammalia |
| गण | Carnivora |
| कुल | Felidae |
| वंश | Panthera |
| जाति | Panthera leo |
टैक्सॉन क्या है?
वर्गीकरण की किसी भी श्रेणी में रखे गए जीवों के समूह को टैक्सॉन (Taxon) कहा जाता है। उदाहरण के लिए जाति, वंश, कुल, गण, वर्ग, संघ आदि प्रत्येक एक वर्गिकी संवर्ग या टैक्सॉन हो सकते हैं।
वर्गीकरण की कुंजी (Key)
किसी अज्ञात जीव की पहचान करने के लिए उसके दिखाई देने वाले या वैज्ञानिक रूप से उपयोगी लक्षणों की तुलना की जाती है। इस कार्य में वर्गीकरण की कुंजी (Key) उपयोगी होती है।
कुंजी सामान्यतः विरोधी या विपरीत लक्षणों के आधार पर विकल्प देती है। सही लक्षण चुनते हुए आगे बढ़ने पर अज्ञात जीव की पहचान तक पहुँचा जा सकता है।
हर्बेरियम
हर्बेरियम (Herbarium) सूखे, दबाए और सुरक्षित किए गए पौधों के नमूनों का व्यवस्थित संग्रह होता है। पौधे के नमूने को पहचान और अध्ययन के लिए एक शीट पर सुरक्षित किया जाता है और उसके साथ आवश्यक जानकारी भी दर्ज की जाती है।
वनस्पति उद्यान
वनस्पति उद्यान (Botanical Garden) में विभिन्न प्रकार के जीवित पौधों को पहचान, संरक्षण, अध्ययन और शिक्षण के उद्देश्य से व्यवस्थित रूप से उगाया और संरक्षित किया जाता है।
संग्रहालय
जीवों या उनके सुरक्षित नमूनों को वैज्ञानिक अध्ययन और शिक्षण के लिए व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखने वाले स्थान को संग्रहालय कहा जाता है। जीव विज्ञान से संबंधित संग्रहालयों में पौधों और जन्तुओं के विभिन्न संरक्षित नमूने रखे जा सकते हैं।
प्राणि उद्यान
प्राणि उद्यान या Zoological Park में विभिन्न प्रकार के जीवित जंतुओं को नियंत्रित और सुरक्षित वातावरण में रखा जाता है। इसका उद्देश्य अध्ययन, शिक्षा, संरक्षण और लोगों में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी होता है।
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. जीवों को वर्गीकृत क्यों किया जाता है?
उत्तर: जीवों की संख्या और विविधता बहुत अधिक है। इसलिए उनकी पहचान, अध्ययन और आपसी समानता तथा भिन्नता को समझने के लिए उन्हें वैज्ञानिक आधार पर विभिन्न समूहों में वर्गीकृत किया जाता है।
प्रश्न 2. वर्गिकी किसे कहते हैं?
उत्तर: जीवों की पहचान, नामकरण और वर्गीकरण से संबंधित विज्ञान को वर्गिकी या Taxonomy कहते हैं।
प्रश्न 3. द्विनाम पद्धति क्या है?
उत्तर: जीवों को वैज्ञानिक नाम देने की वह पद्धति जिसमें प्रत्येक जीव का वैज्ञानिक नाम दो शब्दों से मिलकर बनता है, द्विनाम पद्धति कहलाती है। इसमें पहला शब्द वंश तथा दूसरा जाति विशेषण को दर्शाता है।
प्रश्न 4. आम का वैज्ञानिक नाम क्या है?
उत्तर: आम का वैज्ञानिक नाम Mangifera indica है।
प्रश्न 5. वर्गिकी पदानुक्रम क्या है?
उत्तर: जीवों के वर्गीकरण में विभिन्न वर्गिकी श्रेणियों को निम्न से उच्च क्रम में व्यवस्थित करने की व्यवस्था को वर्गिकी पदानुक्रम कहते हैं।
प्रश्न 6. वर्गीकरण की मूल इकाई क्या है?
उत्तर: वर्गीकरण की मूलभूत इकाई जाति (Species) है।
प्रश्न 7. टैक्सॉन क्या है?
उत्तर: वर्गीकरण की किसी भी श्रेणी में रखे गए जीवों के समूह को टैक्सॉन कहते हैं।
प्रश्न 8. हर्बेरियम क्या है?
उत्तर: सूखे, दबाए और सुरक्षित किए गए पौधों के नमूनों के व्यवस्थित संग्रह को हर्बेरियम कहते हैं।
प्रश्न 9. वर्गीकरण की कुंजी किस काम आती है?
उत्तर: वर्गीकरण की कुंजी अज्ञात जीव की पहचान करने में सहायता करती है। यह सामान्यतः जीव के तुलनात्मक लक्षणों पर आधारित होती है।
अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न 10. कृत्रिम वर्गीकरण क्या है?
उत्तर: जब जीवों को सीमित या कुछ विशेष बाहरी लक्षणों के आधार पर समूहों में रखा जाता है, तो उसे कृत्रिम वर्गीकरण कहा जाता है।
प्रश्न 11. प्राकृतिक वर्गीकरण क्या है?
उत्तर: जीवों के अधिक व्यापक प्राकृतिक लक्षणों और उनकी समानताओं तथा विभिन्नताओं के आधार पर किया गया वर्गीकरण प्राकृतिक वर्गीकरण कहलाता है।
प्रश्न 12. आधुनिक वर्गीकरण में किस प्रकार के संबंधों को महत्व दिया जाता है?
उत्तर: आधुनिक वर्गीकरण में जीवों के प्राकृतिक लक्षणों के साथ उनके विकासात्मक और जातिवृत्तीय संबंधों को भी महत्व दिया जाता है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
-
जीवों की विविधता को क्या कहा जाता है?
उत्तर: जैव विविधता। -
वर्गीकरण की मूलभूत इकाई क्या है?
उत्तर: जाति। -
Taxonomy का हिंदी अर्थ क्या है?
उत्तर: वर्गिकी। -
Binomial Nomenclature का हिंदी नाम क्या है?
उत्तर: द्विनाम पद्धति। -
द्विनाम पद्धति में कितने शब्द होते हैं?
उत्तर: दो। -
वैज्ञानिक नाम का पहला शब्द क्या दर्शाता है?
उत्तर: वंश। -
आम का वैज्ञानिक नाम क्या है?
उत्तर: Mangifera indica। -
Mangifera क्या दर्शाता है?
उत्तर: वंश। -
जीवों की पहचान में किसका प्रयोग किया जाता है?
उत्तर: वर्गीकरण की कुंजी। -
सूखे पौधों के नमूनों का संग्रह क्या कहलाता है?
उत्तर: हर्बेरियम। -
जाति के ऊपर कौन-सी श्रेणी आती है?
उत्तर: वंश। -
वंश के ऊपर कौन-सी श्रेणी आती है?
उत्तर: कुल। -
कुल के ऊपर कौन-सी श्रेणी आती है?
उत्तर: गण। -
गण के ऊपर कौन-सी श्रेणी आती है?
उत्तर: वर्ग। -
वर्ग के ऊपर कौन-सी श्रेणी आती है?
उत्तर: संघ।
याद रखने योग्य वर्गिकी क्रम
जाति → वंश → कुल → गण → वर्ग → संघ/प्रभाग → जगत
इसे परीक्षा से पहले एक बार जरूर दोहराएँ, क्योंकि वर्गिकी पदानुक्रम से सीधे प्रश्न पूछे जाने की संभावना रहती है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
- जैव विविधता का अर्थ समझें।
- वर्गिकी और सिस्टेमैटिक्स में अंतर याद रखें।
- द्विनाम पद्धति के नियमों को समझें।
- Mangifera indica का उदाहरण जरूर याद रखें।
- जाति से जगत तक वर्गिकी पदानुक्रम याद करें।
- टैक्सॉन की परिभाषा समझें।
- कुंजी, हर्बेरियम, संग्रहालय और वनस्पति उद्यान का उपयोग जानें।
अध्याय का संक्षिप्त सार
इस अध्याय का मूल उद्देश्य जीवों की विशाल विविधता को वैज्ञानिक ढंग से समझना है। जीवों को पहचानने और व्यवस्थित रूप से अध्ययन करने के लिए वर्गिकी की आवश्यकता होती है। वैज्ञानिक नामकरण के लिए द्विनाम पद्धति का प्रयोग किया जाता है, जबकि विभिन्न श्रेणियों को जाति से जगत तक एक निश्चित पदानुक्रम में व्यवस्थित किया जाता है। हर्बेरियम, संग्रहालय, वनस्पति उद्यान, प्राणि उद्यान और वर्गीकरण की कुंजी जैसे साधन भी जीवों के अध्ययन और पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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Bihar Board Class 11 Biology Chapter 2 – जीव जगत का वर्गीकरण
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