Biology Class 11th

Bihar Board Class 11 Biology Chapter 14 – पादप में श्वसन

24 August 2026  |  By Ramnivas KT

पादप में श्वसन

पौधों को अपनी विभिन्न जैविक क्रियाओं के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यह ऊर्जा मुख्यतः श्वसन के दौरान कार्बनिक पदार्थों के ऑक्सीकरण से प्राप्त होती है। प्रकाश-संश्लेषण द्वारा तैयार भोजन को पौधा सीधे ऊर्जा के रूप में उपयोग नहीं करता, बल्कि श्वसन की प्रक्रिया के माध्यम से उसमें संचित ऊर्जा को ATP के रूप में उपलब्ध कराता है।

इस अध्याय में श्वसन की मूल अवधारणा से लेकर ग्लाइकोलिसिस, पाइरुवेट का ऑक्सीकरण, क्रेब्स चक्र, इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र, ऑक्सीकारी फॉस्फोरिलीकरण और किण्वन तक की प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जाता है। इसके साथ respiratory quotient तथा respiratory pathway की amphibolic प्रकृति भी महत्वपूर्ण है।

श्वसन क्या है?

कोशिकाओं में कार्बनिक पदार्थों के नियंत्रित जैव-रासायनिक ऑक्सीकरण द्वारा ऊर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया को कोशिकीय श्वसन कहते हैं। इस प्रक्रिया में ऊर्जा धीरे-धीरे मुक्त होती है, जिससे कोशिका उसे ATP के रूप में सुरक्षित कर सकती है।

श्वसन और दहन में अंतर

श्वसनदहन
यह कोशिका के अंदर एन्जाइमों द्वारा नियंत्रित क्रमिक प्रक्रिया है।दहन सामान्यतः तीव्र रासायनिक प्रक्रिया होती है।
ऊर्जा नियंत्रित ढंग से ATP में संचित होती है।ऊर्जा मुख्यतः ऊष्मा और प्रकाश के रूप में निकलती है।
जीवित कोशिकाओं में होता है।जीवित कोशिका की आवश्यकता नहीं होती।

श्वसनीय क्रियाधार

वे कार्बनिक पदार्थ जिनके ऑक्सीकरण से श्वसन के दौरान ऊर्जा प्राप्त होती है, श्वसनीय क्रियाधार कहलाते हैं। कार्बोहाइड्रेट, विशेषकर ग्लूकोज, सबसे सामान्य respiratory substrate है। आवश्यकता के अनुसार वसा, प्रोटीन और कुछ कार्बनिक अम्ल भी श्वसन में उपयोग किए जा सकते हैं।

ग्लाइकोलिसिस

ग्लूकोज के पाइरुविक अम्ल में टूटने की प्रक्रिया को glycolysis कहते हैं। यह कोशिका द्रव्य के cytosol में होती है। ग्लूकोज छह कार्बन वाला यौगिक है, जबकि इसके अंतिम उत्पाद pyruvate में तीन कार्बन होते हैं।

ग्लाइकोलिसिस में प्रारंभिक चरणों में ऊर्जा खर्च होती है, जबकि बाद के चरणों में ATP और NADH प्राप्त होते हैं। इसलिए इसे ऊर्जा निवेश और ऊर्जा प्राप्ति वाले चरणों में समझना सुविधाजनक है।

पाइरुवेट का ऑक्सीकरण

ऑक्सीजन की उपलब्धता में glycolysis से बना pyruvate mitochondria में पहुँचता है। वहाँ oxidative decarboxylation द्वारा acetyl-CoA का निर्माण होता है। इस दौरान CO₂ और NADH बनते हैं।

क्रेब्स चक्र

Acetyl-CoA आगे Krebs cycle में प्रवेश करता है। यह प्रक्रिया mitochondria के matrix में होती है। इसमें carbon compounds का क्रमिक ऑक्सीकरण होता है और NADH, FADH₂ तथा ATP/GTP जैसे ऊर्जा-समृद्ध पदार्थ बनते हैं। कार्बन डाइऑक्साइड भी इस प्रक्रिया में निकलती है।

इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र

NADH और FADH₂ में संचित उच्च ऊर्जा वाले इलेक्ट्रॉन electron transport chain को दिए जाते हैं। यह तंत्र mitochondria की inner membrane में स्थित होता है। इलेक्ट्रॉनों के क्रमिक स्थानांतरण से ऊर्जा निकलती है, जिसका उपयोग ATP synthesis के लिए किया जाता है।

ऑक्सीकारी फॉस्फोरिलीकरण

Electron transport chain से प्राप्त ऊर्जा का उपयोग ADP और inorganic phosphate से ATP बनाने में किया जाता है। ऑक्सीजन की उपस्थिति में होने वाले इस ATP निर्माण को oxidative phosphorylation कहते हैं।

किण्वन

जब ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होती या कोशिका anaerobic conditions में कार्य करती है, तो pyruvate का पूर्ण ऑक्सीकरण नहीं होता। ऐसी परिस्थितियों में fermentation pathway सक्रिय हो सकता है।

यीस्ट में alcoholic fermentation के दौरान pyruvate से ethanol और CO₂ बनते हैं। कुछ सूक्ष्मजीवों तथा पेशी कोशिकाओं में परिस्थितियों के अनुसार lactic acid fermentation हो सकता है।

ऑक्सीश्वसन और अनॉक्सीश्वसन

ऑक्सीश्वसनअनॉक्सीश्वसन
ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है।ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है।
कार्बनिक पदार्थ का अधिक पूर्ण ऑक्सीकरण होता है।ऑक्सीकरण अपेक्षाकृत अपूर्ण रहता है।
ऊर्जा उत्पादन अधिक होता है।ऊर्जा उत्पादन कम होता है।

श्वसन पथ एक Amphibolic Pathway क्यों है?

श्वसन पथ केवल ऊर्जा उत्पादन के लिए ही उपयोग नहीं होता। कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन के अपघटन से बनने वाले विभिन्न पदार्थ इसी pathway के अलग-अलग चरणों में प्रवेश कर सकते हैं। दूसरी ओर श्वसन के कुछ मध्यवर्ती पदार्थ दूसरी जैव-संश्लेषण प्रक्रियाओं में भी उपयोग किए जा सकते हैं। इसलिए respiratory pathway को amphibolic pathway कहा जाता है।

श्वसन गुणांक

एक निश्चित समय में श्वसन के दौरान बाहर निकाली गई CO₂ और अवशोषित O₂ की मात्रा के अनुपात को respiratory quotient या RQ कहते हैं।

RQ = बाहर निकली CO₂ / अवशोषित O₂

कार्बोहाइड्रेट के लिए RQ सामान्यतः 1 होता है, जबकि वसा के लिए यह 1 से कम, लगभग 0.7 होता है।

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. श्वसनीय क्रियाधार क्या है?

उत्तर: वे कार्बनिक पदार्थ जिनके ऑक्सीकरण से श्वसन के दौरान ऊर्जा प्राप्त होती है, श्वसनीय क्रियाधार कहलाते हैं। ग्लूकोज इसका सबसे सामान्य उदाहरण है।

प्रश्न 2. ग्लाइकोलिसिस कहाँ होती है?

उत्तर: ग्लाइकोलिसिस कोशिका द्रव्य के cytosol में होती है।

प्रश्न 3. क्रेब्स चक्र कहाँ होता है?

उत्तर: यूकैरियोटिक कोशिकाओं में क्रेब्स चक्र मुख्यतः mitochondria के matrix में होता है।

प्रश्न 4. Electron Transport Chain का मुख्य कार्य क्या है?

उत्तर: इलेक्ट्रॉनों के क्रमिक स्थानांतरण से ऊर्जा मुक्त करना और उस ऊर्जा की सहायता से ATP synthesis में योगदान देना इसका मुख्य कार्य है।

प्रश्न 5. वसा का RQ लगभग कितना होता है?

उत्तर: वसा का RQ लगभग 0.7 होता है।

प्रश्न 6. ऑक्सीकारी फॉस्फोरिलीकरण क्या है?

उत्तर: Electron transport chain से प्राप्त ऊर्जा का उपयोग करके ADP और phosphate से ATP बनाने की प्रक्रिया oxidative phosphorylation कहलाती है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

  1. ग्लाइकोलिसिस कहाँ होती है? — Cytosol में।
  2. क्रेब्स चक्र कहाँ होता है? — Mitochondrial matrix में।
  3. सबसे सामान्य respiratory substrate क्या है? — Glucose।
  4. वसा का RQ कितना होता है? — लगभग 0.7।
  5. ETS कहाँ स्थित होता है? — Mitochondria की inner membrane में।
  6. श्वसन पथ को क्या कहा जाता है? — Amphibolic pathway।

अध्याय सार

पादपों में श्वसन भोजन में संचित रासायनिक ऊर्जा को ATP के रूप में उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। Glycolysis, pyruvate oxidation, Krebs cycle, electron transport chain और oxidative phosphorylation इसके प्रमुख चरण हैं। Oxygen की कमी में fermentation हो सकता है। RQ तथा respiratory pathway की amphibolic प्रकृति परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

पिछला अध्याय: Bihar Board Class 11 Biology Chapter 13 – उच्च पादपों में प्रकाश-संश्लेषण

अगला अध्याय: Bihar Board Class 11 Biology Chapter 15 – पादप वृद्धि एवं परिवर्धन

Leave a Reply