Biology Class 11th

Bihar Board Class 11 Biology Chapter 15 – पादप वृद्धि एवं परिवर्धन

24 August 2026  |  By Ramnivas KT

पादप वृद्धि एवं परिवर्धन

पौधे का जीवन एक बीज या अन्य प्रारंभिक अवस्था से शुरू होकर अंकुरण, वृद्धि, परिपक्वता, पुष्पन और फलन जैसी अवस्थाओं से गुजरता है। इस पूरे क्रम में केवल आकार का बढ़ना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि कोशिकाओं का विभेदन, अंगों का निर्माण और विभिन्न अवस्थाओं का क्रमिक विकास भी होता है।

वृद्धि क्या है?

किसी जीव या उसके अंग के आकार, आयतन, भार या शुष्क पदार्थ में स्थायी और अपरिवर्तनीय वृद्धि को growth कहा जाता है। पौधों में वृद्धि मुख्यतः कोशिका विभाजन, कोशिका विस्तार और कोशिका विभेदन के कारण होती है।

वृद्धि दर

समय की एक इकाई में होने वाली वृद्धि को growth rate कहते हैं। इसे absolute growth rate और relative growth rate के रूप में समझा जा सकता है।

अंकगणितीय वृद्धि

जब किसी संरचना में प्रति इकाई समय लगभग समान मात्रा में वृद्धि होती है, तो इसे arithmetic growth कहते हैं। इस प्रकार की वृद्धि को सरल रेखीय रूप से प्रदर्शित किया जा सकता है।

ज्यामितीय वृद्धि

जब वृद्धि के दौरान कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती हैं और नई कोशिकाएँ आगे भी विभाजन करती रहती हैं, तो वृद्धि की दर बहुत तेजी से बढ़ सकती है। इसे geometric growth कहते हैं।

सिग्मॉइड वृद्धि वक्र

प्राकृतिक परिस्थितियों में पौधों की वृद्धि हमेशा अनंत गति से नहीं चलती। प्रारंभ में वृद्धि धीमी होती है, फिर तेज होती है और अंत में संसाधनों तथा अन्य सीमाओं के कारण धीमी पड़ जाती है। इस प्रकार बनने वाले S-आकार के graph को sigmoid growth curve कहते हैं।

विभेदन, परिवर्धन और पुनर्विभेदन

विशेष कार्य और संरचना प्राप्त करने के लिए कोशिकाओं में होने वाले स्थायी परिवर्तन को differentiation कहते हैं। विभेदन के बाद कोशिकाओं और ऊतकों में विभिन्न अंगों का क्रमिक निर्माण development से संबंधित है।

कभी-कभी परिपक्व कोशिकाएँ कुछ परिस्थितियों में पुनः विभाजन की क्षमता प्राप्त कर सकती हैं। इसे dedifferentiation कहते हैं। इसके बाद पुनः विशेष कार्य करने वाली कोशिका बनने की प्रक्रिया redifferentiation कहलाती है।

पादप वृद्धि नियामक

पौधों में बहुत कम मात्रा में कार्य करके वृद्धि, विकास, पुष्पन, फलन, पत्ती झड़ने और अन्य प्रक्रियाओं को प्रभावित करने वाले कार्बनिक पदार्थ plant growth regulators कहलाते हैं।

ऑक्सिन

Auxin कोशिका विस्तार, phototropism, root initiation और कई अन्य वृद्धि प्रतिक्रियाओं से जुड़ा प्रमुख plant hormone है। इसकी मात्रा और पौधे के अंग के अनुसार इसका प्रभाव अलग हो सकता है।

जिबरेलिन

Gibberellins तने की लंबाई बढ़ाने, seed germination, bolting और कुछ पौधों में flowering तथा फल विकास को प्रभावित करते हैं। GA₃ इसका प्रसिद्ध उदाहरण है।

सायटोकाइनिन

Cytokinins कोशिका विभाजन को बढ़ावा देते हैं। ये पत्तियों की senescence को धीमा करने और tissue culture में shoot formation जैसे कार्यों में उपयोगी हैं।

एब्सिसिक अम्ल

Abscisic acid या ABA को सामान्यतः stress hormone कहा जाता है। सूखे जैसी परिस्थितियों में यह stomata के बंद होने को बढ़ावा देकर जल की हानि कम करने में सहायता करता है। यह seed dormancy से भी संबंधित है।

एथिलीन

Ethylene गैसीय plant hormone है। फल पकने, पत्तियों और फलों के abscission तथा कुछ अन्य developmental responses में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

प्रकाशकालिता

पौधों की flowering जैसी प्रतिक्रियाओं पर दिन और रात की अवधि के प्रभाव को photoperiodism कहते हैं। पौधों को short-day, long-day और day-neutral categories में समझा जा सकता है।

वसन्तीकरण

कम तापमान की निश्चित अवधि के संपर्क में आने से पौधे में flowering की क्षमता विकसित या बढ़ जाती है। इस प्रक्रिया को vernalization कहते हैं।

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. वृद्धि और विकास में क्या अंतर है?

उत्तर: वृद्धि मुख्यतः आकार, आयतन, भार या कोशिका संख्या में स्थायी बढ़ोतरी से संबंधित है, जबकि विकास में वृद्धि के साथ विभेदन, अंगों का निर्माण और जीवन-चक्र की विभिन्न अवस्थाओं का क्रमिक परिवर्तन शामिल होता है।

प्रश्न 2. पौधों की वृद्धि को केवल एक parameter से क्यों नहीं बताया जा सकता?

उत्तर: अलग-अलग अंगों में वृद्धि का रूप अलग हो सकता है। कहीं कोशिका संख्या बढ़ती है, कहीं कोशिका आकार बढ़ता है और कहीं लंबाई या शुष्क भार में परिवर्तन अधिक महत्वपूर्ण होता है। इसलिए केवल एक parameter पर्याप्त नहीं होता।

प्रश्न 3. ABA को stress hormone क्यों कहते हैं?

उत्तर: प्रतिकूल परिस्थितियों, विशेषकर जल की कमी में ABA stomata के बंद होने को बढ़ावा देता है और पौधे को stress सहने में सहायता करता है। इसलिए इसे stress hormone कहा जाता है।

प्रश्न 4. Photoperiodism क्या है?

उत्तर: दिन और रात की अवधि के प्रति पौधे की physiological प्रतिक्रिया को photoperiodism कहते हैं। इसका flowering पर विशेष प्रभाव पड़ता है।

प्रश्न 5. Vernalization क्या है?

उत्तर: कम तापमान की निश्चित अवधि के प्रभाव से पौधे में flowering की क्षमता विकसित या बढ़ने की प्रक्रिया vernalization कहलाती है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

  1. Stress hormone किसे कहते हैं? — ABA।
  2. फल पकाने में कौन-सा hormone महत्वपूर्ण है? — Ethylene।
  3. Cell division से प्रमुख रूप से कौन-सा hormone जुड़ा है? — Cytokinin।
  4. Stem elongation में कौन-सा hormone महत्वपूर्ण है? — Gibberellin।
  5. Photoperiodism किससे संबंधित है? — प्रकाश अवधि के प्रति प्रतिक्रिया।
  6. Vernalization किस factor से संबंधित है? — कम तापमान।

अध्याय सार

पादप वृद्धि एवं परिवर्धन में वृद्धि की दर, वृद्धि वक्र, differentiation और plant growth regulators को समझना आवश्यक है। Auxin, gibberellin, cytokinin, ABA और ethylene के कार्य अलग-अलग हैं। Photoperiodism तथा vernalization flowering के महत्वपूर्ण regulatory mechanisms हैं।

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