Bihar Board Class 11 Biology Chapter 8 – कोशिका : जीवन की इकाई
कोशिका : जीवन की इकाई
कोशिका जीवों की संरचना और कार्य की मूल इकाई है। छोटे एककोशिकीय जीवों से लेकर जटिल बहुकोशिकीय जीवों तक सभी जीवों का जीवन कोशिकीय संगठन पर आधारित है। एककोशिकीय जीव में एक ही कोशिका लगभग सभी आवश्यक जीवन-क्रियाएँ करती है, जबकि बहुकोशिकीय जीवों में अलग-अलग कोशिकाएँ विशेष कार्यों के लिए अनुकूलित होती हैं।
कोशिका की खोज
रॉबर्ट हुक ने कॉर्क की पतली काट का सूक्ष्मदर्शी से अध्ययन करते हुए छोटी-छोटी कोठरियों जैसी संरचनाएँ देखीं और उन्हें Cell नाम दिया। बाद में जीवित कोशिकाओं के अध्ययन और सूक्ष्मदर्शी तकनीक के विकास से कोशिका की वास्तविक संरचना को समझने में प्रगति हुई।
कोशिका सिद्धांत
श्लाइडेन और श्वान ने कोशिका सिद्धांत को विकसित किया। बाद में विरखो ने यह विचार जोड़ा कि नई कोशिकाएँ पूर्व-स्थित कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं।
कोशिका सिद्धांत का मूल विचार यह है कि जीवों का शरीर कोशिकाओं से बना होता है और कोशिका जीवन की मूल संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिका
| प्रोकैरियोटिक कोशिका | यूकैरियोटिक कोशिका |
|---|---|
| वास्तविक केन्द्रक नहीं होता। | झिल्ली से घिरा स्पष्ट केन्द्रक होता है। |
| झिल्ली-बद्ध कोशिकांग सामान्यतः नहीं होते। | माइटोकॉन्ड्रिया, गोल्जी तंत्र आदि झिल्ली-बद्ध कोशिकांग पाए जाते हैं। |
| आकार सामान्यतः छोटा होता है। | आकार और संगठन अधिक जटिल होता है। |
पादप कोशिका और जन्तु कोशिका
पादप कोशिका में कोशिका भित्ति, प्लास्टिड और सामान्यतः बड़ी रिक्तिका जैसी संरचनाएँ प्रमुख होती हैं। जन्तु कोशिका में कोशिका भित्ति और प्लास्टिड नहीं पाए जाते। दोनों में प्लाज्मा झिल्ली, कोशिकाद्रव्य, केन्द्रक, माइटोकॉन्ड्रिया, राइबोसोम और कई अन्य संरचनाएँ मिलती हैं।
प्लाज्मा झिल्ली
प्लाज्मा झिल्ली कोशिका की बाहरी सीमा बनाती है। यह चयनात्मक पारगम्यता रखती है, अर्थात कुछ पदार्थों को अंदर या बाहर जाने देती है जबकि कुछ को रोकती है।
कोशिका भित्ति
पादप कोशिकाओं में प्लाज्मा झिल्ली के बाहर कोशिका भित्ति पाई जाती है। यह मुख्यतः सेल्युलोस जैसे पदार्थों से बनी होती है और कोशिका को आकार तथा यांत्रिक मजबूती देती है।
केन्द्रक
केन्द्रक यूकैरियोटिक कोशिका में आनुवंशिक पदार्थ का प्रमुख केन्द्र है। इसमें DNA और गुणसूत्र पाए जाते हैं। कोशिका की अनेक गतिविधियों के नियंत्रण में केन्द्रक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
माइटोकॉन्ड्रिया
माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का ऊर्जा-उत्पादक अंगक कहा जाता है। यहाँ कोशिकीय श्वसन के दौरान ATP के रूप में उपयोगी ऊर्जा का निर्माण होता है।
प्लास्टिड
प्लास्टिड मुख्यतः पादप कोशिकाओं में पाए जाते हैं। क्लोरोप्लास्ट प्रकाश संश्लेषण के लिए महत्वपूर्ण है। अन्य प्लास्टिड रंग और भोजन के संग्रह जैसे कार्य कर सकते हैं।
राइबोसोम
राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण का प्रमुख स्थल है। ये झिल्ली-बद्ध कोशिकांग नहीं होते।
अंतःप्रद्रव्यी जालिका
अंतःप्रद्रव्यी जालिका कोशिका के अंदर झिल्लीदार नलिकाओं और थैलियों का नेटवर्क बनाती है। रफ ER पर राइबोसोम पाए जाते हैं और यह प्रोटीन संश्लेषण तथा परिवहन से जुड़ा है। स्मूथ ER लिपिड संश्लेषण तथा अन्य कार्यों में भाग लेता है।
गॉल्जी तंत्र
गॉल्जी तंत्र पदार्थों के संशोधन, पैकेजिंग और परिवहन में महत्वपूर्ण है। यह कोशिका में बनने वाले कई पदार्थों को उचित स्थान तक पहुँचाने में सहायता करता है।
लाइसोसोम
लाइसोसोम में पाचक एंजाइम पाए जाते हैं। ये कोशिका के अंदर अनावश्यक या क्षतिग्रस्त पदार्थों के अपघटन में सहायता करते हैं।
रिक्तिका
रिक्तिका में जल, घुले हुए पदार्थ और अन्य पदार्थ संग्रहित हो सकते हैं। पादप कोशिकाओं में बड़ी केंद्रीय रिक्तिका कोशिका के तुर्गर दाब को बनाए रखने में महत्वपूर्ण होती है।
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. कोशिका को जीवन की मूल इकाई क्यों कहते हैं?
उत्तर: सभी जीवों की संरचना कोशिकाओं से होती है और जीवन की प्रमुख क्रियाएँ कोशिका के अंदर ही संपन्न होती हैं। इसलिए कोशिका को जीवन की मूल संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई माना जाता है।
प्रश्न 2. कोशिका की खोज किसने की?
उत्तर: रॉबर्ट हुक ने 1665 में कॉर्क की कोशिकीय संरचना का वर्णन करते हुए Cell शब्द का प्रयोग किया।
प्रश्न 3. नई कोशिकाएँ कहाँ से बनती हैं?
उत्तर: नई कोशिकाएँ पूर्व-स्थित कोशिकाओं से बनती हैं।
प्रश्न 4. प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिका में मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर: प्रोकैरियोटिक कोशिका में झिल्ली-बद्ध वास्तविक केन्द्रक नहीं होता, जबकि यूकैरियोटिक कोशिका में स्पष्ट झिल्ली-बद्ध केन्द्रक पाया जाता है।
प्रश्न 5. माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का पावरहाउस क्यों कहते हैं?
उत्तर: माइटोकॉन्ड्रिया में कोशिकीय श्वसन की महत्वपूर्ण क्रियाएँ होती हैं और ATP के रूप में उपयोगी ऊर्जा बनती है। इसलिए इसे कोशिका का पावरहाउस कहा जाता है।
प्रश्न 6. राइबोसोम का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: राइबोसोम प्रोटीन के संश्लेषण का प्रमुख स्थल है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
- कोशिका की खोज किसने की? — रॉबर्ट हुक।
- कोशिका सिद्धांत से श्लाइडेन और श्वान किस रूप में जुड़े हैं? — कोशिका सिद्धांत के प्रतिपादक।
- नई कोशिका किससे बनती है? — पूर्व-स्थित कोशिका से।
- प्रोटीन संश्लेषण का स्थल क्या है? — राइबोसोम।
- ATP निर्माण से प्रमुख रूप से कौन-सा कोशिकांग जुड़ा है? — माइटोकॉन्ड्रिया।
- पादप कोशिका की बाहरी कठोर संरचना क्या है? — कोशिका भित्ति।
अध्याय सार
कोशिका जीवों की मूल संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है। इस अध्याय में कोशिका की खोज और सिद्धांत से लेकर प्रोकैरियोटिक तथा यूकैरियोटिक कोशिका, पादप एवं जन्तु कोशिका तथा विभिन्न कोशिकांगों के कार्यों का अध्ययन किया जाता है। परीक्षा के लिए कोशिका सिद्धांत, कोशिका के प्रकार और कोशिकांगों के कार्य विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
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