Biology Class 11th

Bihar Board Class 11 Biology Chapter 9 – जैव अणु

24 August 2026  |  By Ramnivas KT

Table of Contents

जैव अणु

जीवित कोशिकाओं में अनेक प्रकार के रासायनिक पदार्थ पाए जाते हैं। इन पदार्थों में कुछ बहुत छोटे अणु होते हैं, जबकि कुछ बड़े और जटिल अणु होते हैं। कोशिका की संरचना, ऊर्जा उत्पादन, वृद्धि, आनुवंशिकता और विभिन्न जैव-रासायनिक क्रियाओं में इनका महत्वपूर्ण योगदान होता है। इन्हें सामान्य रूप से जैव अणु कहा जाता है।

जैव अणुओं के प्रमुख वर्ग

जैव अणुओं को उनकी रासायनिक प्रकृति और कार्य के आधार पर मुख्यतः कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, लिपिड और न्यूक्लिक अम्ल जैसे समूहों में समझा जाता है। इनके अलावा अनेक छोटे कार्बनिक यौगिक और अकार्बनिक पदार्थ भी कोशिका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वृहत् अणु

बहुत अधिक आणविक भार वाले बड़े जैविक अणुओं को वृहत् अणु या Macromolecules कहा जाता है। पॉलीसैकेराइड, प्रोटीन और न्यूक्लिक अम्ल इसके प्रमुख उदाहरण हैं। ये अक्सर छोटी इकाइयों के जुड़ने से बने बड़े बहुलक होते हैं।

कार्बोहाइड्रेट

कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। ग्लूकोज जैसी सरल शर्कराएँ कोशिकीय श्वसन में ऊर्जा उपलब्ध कराती हैं, जबकि स्टार्च और ग्लाइकोजन जैसे जटिल कार्बोहाइड्रेट भोजन के संग्रह में उपयोगी हैं।

मोनोसैकेराइड

वे शर्कराएँ जिन्हें और सरल शर्करा में नहीं तोड़ा जा सकता, मोनोसैकेराइड कहलाती हैं। ग्लूकोज, फ्रक्टोज और राइबोज इसके उदाहरण हैं।

डाइसैकेराइड

दो मोनोसैकेराइड के जुड़ने से डाइसैकेराइड बनता है। सुक्रोज और माल्टोज इसके उदाहरण हैं।

पॉलीसैकेराइड

बहुत से मोनोसैकेराइड आपस में जुड़कर पॉलीसैकेराइड बनाते हैं। स्टार्च, ग्लाइकोजन और सेलुलोस इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

ग्लाइकोसिडिक बंध

दो शर्करा इकाइयों के बीच बनने वाले रासायनिक बंध को ग्लाइकोसिडिक बंध कहते हैं। इसी प्रकार के बंधों की सहायता से अनेक मोनोसैकेराइड मिलकर बड़े कार्बोहाइड्रेट बनाते हैं।

प्रोटीन

प्रोटीन अमीनो अम्लों से बने जटिल जैव अणु हैं। शरीर में संरचना, एन्जाइम क्रिया, परिवहन, रक्षा और अनेक अन्य जैविक कार्यों में प्रोटीन की भूमिका होती है।

पेप्टाइड बंध

एक अमीनो अम्ल के कार्बोक्सिल समूह और दूसरे अमीनो अम्ल के अमीनो समूह के बीच बनने वाले बंध को पेप्टाइड बंध कहते हैं। इसी बंध की सहायता से अमीनो अम्लों की श्रृंखला बनकर पॉलीपेप्टाइड तैयार होती है।

प्रोटीन की संरचना

प्रोटीन की संरचना को प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक और चतुष्क स्तरों पर समझा जाता है। अमीनो अम्लों का क्रम प्राथमिक संरचना को दर्शाता है। पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला का स्थानीय वलन द्वितीयक संरचना में दिखाई देता है, जबकि पूरी श्रृंखला का त्रिविमीय वलन तृतीयक संरचना बनाता है।

लिपिड

लिपिड जल में सामान्यतः अघुलनशील कार्बनिक पदार्थ हैं। वसा, तेल, फॉस्फोलिपिड और स्टेरॉइड इनके प्रमुख रूप हैं। ये ऊर्जा संग्रह, कोशिका झिल्ली निर्माण और कुछ जैविक संकेतों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ट्राइग्लिसराइड

एक ग्लिसरॉल अणु और तीन वसीय अम्लों के संयोजन से ट्राइग्लिसराइड बनता है। ग्लिसरॉल और वसीय अम्लों के बीच एस्टर बंध बनते हैं।

न्यूक्लिक अम्ल

DNA और RNA न्यूक्लिक अम्ल हैं। इनमें आनुवंशिक सूचना का भंडारण, अभिव्यक्ति और स्थानांतरण महत्वपूर्ण कार्य हैं। इनके निर्माण की मूल इकाई न्यूक्लियोटाइड होती है।

फॉस्फोडाइएस्टर बंध

न्यूक्लियोटाइड एक-दूसरे से फॉस्फोडाइएस्टर बंध द्वारा जुड़कर पॉलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखला बनाते हैं। DNA और RNA की संरचना समझने में यह बंध महत्वपूर्ण है।

एन्जाइम

एन्जाइम जैविक उत्प्रेरक हैं। ये रासायनिक प्रतिक्रियाओं की गति बढ़ाते हैं और स्वयं स्थायी रूप से समाप्त नहीं होते। अधिकांश एन्जाइम प्रोटीन प्रकृति के होते हैं, हालांकि कुछ RNA अणु भी उत्प्रेरक भूमिका निभा सकते हैं।

एन्जाइम के प्रमुख गुण

  • एन्जाइम जैविक अभिक्रियाओं की गति बढ़ाते हैं।
  • इनकी क्रिया विशिष्ट होती है।
  • तापमान और pH इनके कार्य को प्रभावित करते हैं।
  • अल्प मात्रा में भी एन्जाइम प्रभावी हो सकते हैं।
  • कई एन्जाइमों को सहकारक की आवश्यकता होती है।

जैव अणुओं में प्रमुख बंध

बंधमुख्य भूमिका
ग्लाइकोसिडिक बंधशर्करा इकाइयों को जोड़ता है।
पेप्टाइड बंधअमीनो अम्लों को जोड़कर प्रोटीन बनाता है।
फॉस्फोडाइएस्टर बंधन्यूक्लियोटाइडों को जोड़ता है।
एस्टर बंधग्लिसरॉल और वसीय अम्लों के संयोजन में पाया जाता है।

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. वृहत् अणु क्या हैं?

उत्तर: अधिक आणविक भार वाले बड़े जैविक अणुओं को वृहत् अणु कहते हैं। पॉलीसैकेराइड, प्रोटीन और न्यूक्लिक अम्ल इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

प्रश्न 2. ग्लाइकोसिडिक बंध क्या है?

उत्तर: दो शर्करा इकाइयों के बीच बनने वाला बंध ग्लाइकोसिडिक बंध कहलाता है। यह पॉलीसैकेराइड निर्माण में महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 3. पेप्टाइड बंध क्या है?

उत्तर: एक अमीनो अम्ल के कार्बोक्सिल समूह और दूसरे के अमीनो समूह के बीच बनने वाला बंध पेप्टाइड बंध कहलाता है।

प्रश्न 4. प्रोटीन की तृतीयक संरचना क्या है?

उत्तर: एक पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला के त्रिविमीय वलन से बनने वाली विशिष्ट आकृति को प्रोटीन की तृतीयक संरचना कहते हैं।

प्रश्न 5. ट्राइग्लिसराइड किससे बनता है?

उत्तर: एक ग्लिसरॉल और तीन वसीय अम्लों के संयोजन से ट्राइग्लिसराइड बनता है। इनके बीच एस्टर बंध पाए जाते हैं।

प्रश्न 6. एन्जाइम क्या हैं?

उत्तर: एन्जाइम जैविक उत्प्रेरक हैं जो कोशिका में होने वाली अनेक रासायनिक अभिक्रियाओं की गति को बढ़ाते हैं।

प्रश्न 7. एलैनीन क्या है?

उत्तर: एलैनीन एक अमीनो अम्ल है। इसमें सामान्य अमीनो अम्लों की तरह अमीनो और कार्बोक्सिल समूह पाए जाते हैं तथा इसकी पार्श्व शृंखला एक मिथाइल समूह होती है।

प्रश्न 8. गोंद और फेविकोल में क्या अंतर है?

उत्तर: प्राकृतिक गोंद पौधों से प्राप्त कार्बोहाइड्रेट-आधारित पदार्थ हो सकता है, जबकि फेविकोल एक औद्योगिक रूप से निर्मित कृत्रिम चिपकाने वाला पदार्थ है। दोनों की उत्पत्ति और रासायनिक प्रकृति समान नहीं है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

  1. प्रोटीन की मूल इकाई क्या है? — अमीनो अम्ल।
  2. पॉलीसैकेराइड किसकी बहुलक संरचना हैं? — मोनोसैकेराइड।
  3. अमीनो अम्लों को जोड़ने वाला बंध कौन-सा है? — पेप्टाइड बंध।
  4. न्यूक्लियोटाइडों को जोड़ने वाला प्रमुख बंध कौन-सा है? — फॉस्फोडाइएस्टर बंध।
  5. ट्राइग्लिसराइड में कितने वसीय अम्ल होते हैं? — तीन।
  6. एन्जाइम किस प्रकार के जैविक पदार्थ हैं? — जैविक उत्प्रेरक।
  7. DNA और RNA किस वर्ग के जैव अणु हैं? — न्यूक्लिक अम्ल।

अध्याय सार

जैव अणु कोशिका की संरचना और क्रियाओं के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। कार्बोहाइड्रेट मुख्यतः ऊर्जा और संग्रह, प्रोटीन संरचना तथा जैविक क्रियाओं, लिपिड ऊर्जा-संग्रह और झिल्ली निर्माण तथा न्यूक्लिक अम्ल आनुवंशिक सूचना से जुड़े हैं। ग्लाइकोसिडिक, पेप्टाइड, एस्टर और फॉस्फोडाइएस्टर बंध इस अध्याय के प्रमुख रासायनिक concepts हैं। एन्जाइम जैविक अभिक्रियाओं को नियंत्रित करने वाले महत्वपूर्ण उत्प्रेरक हैं।

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