Chemistry Class 11th

Bihar Board Class 11 Chemistry Chapter 5 – द्रव्य की अवस्थाएँ

24 August 2026  |  By Ramnivas KT

द्रव्य की अवस्थाएँ कक्षा 11 रसायन विज्ञान का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इसमें पदार्थ की अलग-अलग भौतिक अवस्थाओं, विशेषकर गैसीय और द्रव अवस्था, तथा उनके व्यवहार को समझाया जाता है। किसी पदार्थ के अणु किस प्रकार गति करते हैं, उनके बीच कितना आकर्षण होता है और तापमान तथा दाब बदलने पर उनके व्यवहार में क्या परिवर्तन आता है—इन सभी बातों को इस अध्याय में विस्तार से समझा जाता है।

इस chapter में Boyle’s Law, Charles’ Law, Gay-Lussac’s Law, Avogadro’s Law, Ideal Gas Equation, Dalton’s Law of Partial Pressures, Kinetic Molecular Theory, वास्तविक गैसों का व्यवहार, van der Waals equation, critical temperature तथा liquid state जैसे महत्वपूर्ण topics शामिल हैं। Numerical questions में गैस समीकरण का प्रयोग भी बार-बार किया जाता है, इसलिए formula के साथ उसकी application समझना जरूरी है।

Table of Contents

द्रव्य की अवस्थाएँ क्या हैं?

पदार्थ सामान्यतः तीन प्रमुख अवस्थाओं में पाया जाता है—ठोस, द्रव और गैस। इन तीनों अवस्थाओं में पदार्थ की chemical identity समान रह सकती है, लेकिन उसके particles की arrangement, movement और intermolecular interaction अलग-अलग होती है।

उदाहरण के लिए पानी ठोस अवस्था में बर्फ, द्रव अवस्था में जल और गैसीय अवस्था में जलवाष्प के रूप में पाया जाता है। तीनों में H2O ही मौजूद रहता है, लेकिन molecules की गति और उनके बीच की दूरी अलग होती है।

अवस्थाकणों की स्थितिआकृतिआयतन
ठोसकाफी पास और व्यवस्थितनिश्चितनिश्चित
द्रवपास-पास लेकिन गतिशीलनिश्चित नहींलगभग निश्चित
गैसबहुत दूर-दूरनिश्चित नहींनिश्चित नहीं

अंतर-अणुक बल

एक molecule के molecules के बीच लगने वाले आकर्षण बल को अंतर-अणुक बल (Intermolecular Force) कहा जाता है। यह उस covalent या ionic bond से अलग होता है जो molecule के अंदर atoms को जोड़कर रखता है।

गैसों में molecules के बीच की दूरी अधिक होने के कारण intermolecular forces का प्रभाव सामान्य परिस्थितियों में कम होता है। द्रवों में molecules पास-पास होते हैं, इसलिए आकर्षण अधिक प्रभावी होता है। ठोसों में यह interaction और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।

अंतर-अणुक बल और ऊष्मीय ऊर्जा का संबंध

किसी पदार्थ की अवस्था को समझने के लिए दो चीजों को साथ-साथ देखना चाहिए—अणुओं के बीच का आकर्षण और molecules की thermal energy।

यदि particles की thermal energy अधिक है, तो वे intermolecular attraction को पार करके अधिक स्वतंत्र रूप से गति कर सकते हैं। यही कारण है कि अधिक तापमान पर द्रव का वाष्पीकरण बढ़ता है। दूसरी ओर तापमान घटाने पर particles की kinetic energy कम होती है और intermolecular attraction का प्रभाव बढ़ने लगता है।

गैसीय अवस्था की मुख्य विशेषताएँ

गैसों के मापने योग्य गुण

गैस के व्यवहार को मुख्यतः चार quantities से describe किया जाता है—pressure (P), volume (V), temperature (T) और amount of gas (n)। इनमें किसी एक quantity को बदलने पर दूसरी quantity भी बदल सकती है। इसी संबंध को अलग-अलग gas laws द्वारा व्यक्त किया जाता है।

दाब क्या है?

किसी सतह के प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को pressure कहते हैं। गैस के मामले में molecules container की दीवारों से टकराते हैं। इन collisions के कारण दीवार पर force लगता है और इसी force प्रति unit area को gas pressure के रूप में मापा जाता है।

P = F/A

Pressure की SI unit pascal (Pa) है। इसके अतिरिक्त bar, atmosphere और torr जैसी units भी प्रयोग की जाती हैं।

आयतन

गैस जिस container में रखी जाती है, सामान्यतः उसी container का पूरा available volume घेर लेती है। इसलिए gas का volume उस space के बराबर माना जाता है जिसे वह occupy कर रही है।

तापमान

Temperature particles की average kinetic energy से संबंधित physical quantity है। Gas laws में temperature को हमेशा Kelvin scale पर लेना चाहिए।

Celsius को Kelvin में बदलने के लिए:

T(K) = t(°C) + 273

उदाहरण: 27°C = 27 + 273 = 300 K

बॉयल का नियम

Boyle’s Law के अनुसार निश्चित मात्रा की किसी gas का temperature constant रखा जाए तो उसका pressure volume के inversely proportional होता है।

V ∝ 1/P

अर्थात:

PV = constant

दो अवस्थाओं के लिए:

P1V1 = P2V2

इसका सीधा अर्थ है कि temperature constant रहने पर volume कम करने से pressure बढ़ता है और volume बढ़ाने से pressure कम होता है।

Boyle’s Law का उदाहरण

यदि किसी gas का volume 500 dm3 से घटाकर 200 dm3 किया जाए और initial pressure 1 bar हो, तो:

P1V1 = P2V2

P2 = (1 × 500)/200 = 2.5 bar

अर्थात gas को 200 dm3 तक compress करने के लिए अंतिम pressure 2.5 bar होगा।

चार्ल्स का नियम

Charles’ Law के अनुसार निश्चित मात्रा की gas का pressure constant रखा जाए तो उसका volume absolute temperature के directly proportional होता है।

V ∝ T

इसलिए:

V/T = constant

दो स्थितियों के लिए:

V1/T1 = V2/T2

इस नियम से स्पष्ट होता है कि pressure constant रहने पर temperature बढ़ाने से gas का volume बढ़ता है।

गे-लुसाक का नियम

निश्चित मात्रा की gas का volume constant रखा जाए तो उसका pressure absolute temperature के directly proportional होता है।

P ∝ T

अर्थात:

P/T = constant

दो अवस्थाओं के लिए:

P1/T1 = P2/T2

अवोगाद्रो का नियम

Avogadro’s Law के अनुसार समान temperature और pressure पर गैस का volume उसके moles की संख्या के directly proportional होता है।

V ∝ n

इसका अर्थ है कि temperature और pressure समान होने पर gas के moles दोगुने करने पर उसका volume भी दोगुना हो जाएगा।

गैस का संयुक्त समीकरण

Boyle’s Law, Charles’ Law और Avogadro’s Law को एक साथ मिलाने पर प्राप्त होता है:

V ∝ nT/P

इससे:

PV = nRT

इसे Ideal Gas Equation कहा जाता है।

आदर्श गैस समीकरण

PV = nRT

जहाँ:

यदि pressure bar और volume litre में लिया जाए तो R का मान लगभग 0.083 L bar K−1 mol−1 लिया जा सकता है। SI units में R का मान लगभग 8.314 J K−1 mol−1 है।

गैस का घनत्व और मोलर द्रव्यमान

Ideal gas equation में:

PV = nRT

और यदि n = m/M रखा जाए, तो:

PV = (m/M)RT

इससे:

M = mRT/PV

क्योंकि density:

d = m/V

इसलिए:

d = PM/RT

अर्थात निश्चित temperature पर gas का density pressure के directly proportional होता है।

डाल्टन का आंशिक दाब नियम

जब दो या दो से अधिक gases बिना आपस में chemical reaction किए एक ही container में मौजूद हों, तो प्रत्येक gas अपने-अपने partial pressure के बराबर pressure डालती है। मिश्रण का total pressure सभी partial pressures के योग के बराबर होता है।

Ptotal = P1 + P2 + P3 + …

इसे Dalton’s Law of Partial Pressures कहा जाता है।

Partial pressure और mole fraction

यदि किसी gas का mole fraction xi है, तो:

Pi = xiPtotal

इस formula का उपयोग gas mixture में किसी particular gas का partial pressure निकालने के लिए किया जाता है।

गैसों को पानी के ऊपर collect करना

यदि कोई gas पानी के ऊपर collect की जाती है तो collected gas में उस gas के साथ water vapour भी मौजूद हो सकता है। इसलिए total pressure में dry gas और water vapour दोनों का योगदान होता है।

Pdry gas = Ptotal − Pwater vapour

इसलिए water displacement method से प्राप्त gas के pressure की गणना करते समय aqueous tension को ध्यान में रखना जरूरी है।

गतिज आण्विक सिद्धांत

Kinetic Molecular Theory of Gases गैस के macroscopic behaviour को उसके microscopic particles की गति से समझाती है। इसके अनुसार गैस molecules लगातार random motion में रहते हैं और container की walls से लगातार टकराते हैं।

गतिज सिद्धांत की मुख्य मान्यताएँ

गैस molecules की kinetic energy

एक gas molecule की translational kinetic energy:

E = 1/2 mv2

Temperature बढ़ने पर molecules की average kinetic energy बढ़ती है। इसलिए गर्म gas के molecules सामान्यतः अधिक तेज गति से move करते हैं।

वास्तविक गैस और आदर्श गैस

Ideal gas वह theoretical gas है जो सभी temperatures और pressures पर gas laws का बिल्कुल पालन करती है। वास्तविक दुनिया में ऐसी perfect gas नहीं मिलती।

Real gases कुछ परिस्थितियों में ideal behaviour से deviation दिखाती हैं। विशेषकर high pressure और low temperature पर यह deviation अधिक दिखाई देता है।

वास्तविक गैसें आदर्श व्यवहार से क्यों विचलित होती हैं?

Ideal gas model में molecules के बीच attraction और molecules के अपने volume को नगण्य माना जाता है। लेकिन वास्तविक gas में molecules का अपना finite size होता है और उनके बीच intermolecular attraction भी मौजूद रहता है।

जब pressure बढ़ता है तो molecules बहुत पास आ जाते हैं। तब उनके actual volume और mutual attraction का प्रभाव नगण्य नहीं रह जाता। इसी कारण real gas ideal gas equation से deviation दिखाती है।

संपीड्यता गुणांक

Real gas के ideal behaviour से deviation को समझने के लिए compressibility factor Z का प्रयोग किया जाता है।

Z = PV/nRT

Ideal gas के लिए:

Z = 1

यदि Z का मान 1 से अलग है तो gas ideal behaviour से deviation दिखा रही है।

वाण्डरवाल्स समीकरण

Real gases के व्यवहार को अधिक सही ढंग से समझाने के लिए van der Waals ने ideal gas equation में दो corrections किए। पहला correction molecules के अपने volume के लिए और दूसरा intermolecular attraction के लिए है।

Van der Waals equation:

(P + an2/V2)(V − nb) = nRT

यहाँ a intermolecular attraction से संबंधित correction और b molecules के effective volume से संबंधित correction है।

Van der Waals constant ‘a’

a का मान gas molecules के बीच intermolecular attraction की strength से संबंधित है। सामान्यतः a का मान अधिक होने का अर्थ है कि उस gas में intermolecular attraction अपेक्षाकृत अधिक प्रभावी है।

Van der Waals constant ‘b’

b molecules के finite size के कारण उपलब्ध volume में किए जाने वाले correction को दर्शाता है। इसे excluded volume से जोड़ा जाता है।

गैसों का द्रवीकरण

Gas को liquid में बदलने की प्रक्रिया को liquefaction कहते हैं। इसके लिए gas के molecules को इतना पास लाना और उनकी kinetic energy को इतना कम करना आवश्यक होता है कि intermolecular attraction उन्हें liquid state में बनाए रख सके।

सामान्यतः pressure बढ़ाने और temperature घटाने से gas liquefy होने की दिशा में जाती है। लेकिन केवल pressure बढ़ाना हर temperature पर पर्याप्त नहीं होता।

क्रांतिक तापमान

Critical temperature वह अधिकतम temperature है जिसके ऊपर किसी gas को केवल pressure बढ़ाकर liquid में convert नहीं किया जा सकता।

यदि gas critical temperature से नीचे है तो उचित pressure लगाने पर उसका liquefaction संभव हो सकता है। Critical temperature से ऊपर intermolecular attraction को pressure द्वारा पर्याप्त प्रभावी बनाना संभव नहीं होता।

CO2 और CH4 के critical temperature की तुलना

CO2 का critical temperature लगभग 31.1°C है, जबकि methane का critical temperature लगभग −81.9°C है। अधिक critical temperature सामान्यतः stronger intermolecular attraction की ओर संकेत करता है। इसलिए CO2 में CH4 की तुलना में intermolecular attraction अधिक प्रभावी माना जाता है।

द्रव अवस्था

Liquid state में molecules gas की तुलना में अधिक पास होते हैं और intermolecular forces का प्रभाव भी अधिक होता है। Liquid का अपना निश्चित volume होता है, लेकिन उसका निश्चित shape नहीं होता। जिस container में liquid रखा जाता है, वह उसी के अनुसार अपना shape ले लेता है।

द्रवों का वाष्प दाब

किसी liquid की सतह से कुछ molecules पर्याप्त kinetic energy प्राप्त करके gas phase में चले जाते हैं। इस प्रक्रिया को evaporation कहते हैं। बंद container में evaporation और condensation के बीच equilibrium स्थापित होने पर vapour द्वारा लगाया गया pressure vapour pressure कहलाता है।

Temperature बढ़ने पर अधिक molecules पर्याप्त energy प्राप्त कर लेते हैं, इसलिए vapour pressure बढ़ता है।

उबालांक

जब किसी liquid का vapour pressure बाहरी pressure के बराबर हो जाता है, तब liquid पूरे volume में तेजी से vapour बनाना शुरू करता है। इस temperature को boiling point कहते हैं।

इसलिए boiling point external pressure पर भी निर्भर करता है। बाहरी pressure कम होने पर liquid कम temperature पर boil कर सकता है।

श्यानता

Liquid की flow करने की क्षमता के विरोध को viscosity कहा जाता है। जिन liquids में molecules के बीच attraction अधिक होता है, उनमें सामान्यतः flow का resistance अधिक हो सकता है।

Temperature बढ़ाने पर liquids की viscosity सामान्यतः कम होती है, क्योंकि molecules अधिक आसानी से एक-दूसरे के पास से निकल पाते हैं।

पृष्ठ तनाव

Liquid की surface molecules के बीच आकर्षण के कारण एक प्रकार की tension दिखाती है, जिसे surface tension कहते हैं। Surface molecules पर net inward attraction होता है, जिसके कारण liquid की surface minimum area लेने की tendency रखती है।

अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्रश्न 5.1 – 30°C तथा 1 bar दाब पर वायु के 500 dm3 आयतन को 200 dm3 तक संपीडित करने के लिए कितने न्यूनतम दाब की आवश्यकता होगी?

उत्तर: तापमान को constant माना गया है, इसलिए Boyle’s Law लागू होगा।

दिया गया है:

P1 = 1 bar

V1 = 500 dm3

V2 = 200 dm3

Boyle’s Law:

P1V1 = P2V2

अतः:

P2 = (P1V1)/V2

P2 = (1 × 500)/200 = 2.5 bar

उत्तर: आवश्यक न्यूनतम दाब 2.5 bar है।

प्रश्न 5.2 – 35°C ताप तथा 1.2 bar दाब पर 120 mL धारिता वाले पात्र में गैस की निश्चित मात्रा भरी है। यदि 35°C पर गैस को 180 mL धारिता वाले फ्लास्क में स्थानान्तरित किया जाता है तो गैस का क्या दाब होगा?

उत्तर: तापमान और gas की मात्रा constant है, इसलिए Boyle’s Law लगाया जाएगा।

P1 = 1.2 bar, V1 = 120 mL और V2 = 180 mL

P1V1 = P2V2

P2 = (1.2 × 120)/180 = 0.8 bar

उत्तर: गैस का नया दाब 0.8 bar होगा।

प्रश्न 5.3 – अवस्था-समीकरण का उपयोग करते हुए स्पष्ट कीजिए कि दिए गए ताप पर गैस का घनत्व गैस के दाब के समानुपाती होता है।

उत्तर: Ideal gas equation:

PV = nRT

और n = m/M रखने पर:

PV = (m/M)RT

अतः:

P = (m/V)(RT/M)

क्योंकि m/V = d, इसलिए:

P = dRT/M

दिए गए temperature पर R, T और M constant हैं। इसलिए:

d ∝ P

अर्थात निश्चित ताप पर gas का density उसके pressure के directly proportional होता है।

प्रश्न 5.4 – 0°C पर तथा 2 bar दाब पर किसी गैस के ऑक्साइड का घनत्व 5 bar दाब पर डाइनाइट्रोजन के घनत्व के समान है तो ऑक्साइड का अणु-भार क्या होगा?

उत्तर: Gas density का relation:

d = PM/RT

दोनों gases के लिए temperature समान है और density भी समान दी गई है। इसलिए:

PoxideMoxide = PN2MN2

दिया है:

Poxide = 2 bar

PN2 = 5 bar

MN2 = 28 g mol−1

इसलिए:

2 × M = 5 × 28

M = 70 g mol−1

उत्तर: गैसीय ऑक्साइड का molar mass 70 g mol−1 होगा।

प्रश्न 5.5 – 27°C पर 1g आदर्श गैस का दाब 2 bar है। जब समान ताप एवं दाब पर इसमें 2g आदर्श गैस मिलाई जाती है तो दाब 3 bar हो जाता है। इन गैसों के अणु-भार में सम्बन्ध स्थापित कीजिए।

उत्तर: पहली gas का partial pressure 2 bar है। दोनों gases को मिलाने के बाद total pressure 3 bar है। इसलिए दूसरी gas का partial pressure:

PB = 3 − 2 = 1 bar

एक ही T और V पर:

P ∝ n

इसलिए:

nA/nB = PA/PB = 2/1

अब:

n = m/M

इसलिए:

(1/MA)/(2/MB) = 2

अर्थात:

MB = 4MA

उत्तर: दूसरी gas का molar mass पहली gas के molar mass का चार गुना है।

प्रश्न 5.6 – नाली साफ करने वाले ड्रेनेक्स में सूक्ष्म मात्रा में एल्यूमीनियम होता है। यह कॉस्टिक सोडा से क्रिया पर डाइहाइड्रोजन गैस देता है। यदि 1 bar तथा 20°C ताप पर 0.15g एल्यूमीनियम अभिक्रिया करेगा तो निर्गमित डाइहाइड्रोजन का आयतन क्या होगा?

उत्तर: Aluminium, aqueous sodium hydroxide की उपस्थिति में hydrogen gas देता है। Reaction को सरल रूप में इस प्रकार लिखा जा सकता है:

2Al + 2NaOH + 6H2O → 2Na[Al(OH)4] + 3H2

Al का molar mass लगभग 27 g mol−1 है।

Al के moles:

n(Al) = 0.15/27 = 0.00556 mol

2 mol Al से 3 mol H2 बनता है। इसलिए:

n(H2) = (3/2) × 0.00556 ≈ 0.00833 mol

अब PV = nRT से:

V = nRT/P

यहाँ T = 20 + 273 = 293 K और P = 1 bar।

V ≈ 0.00833 × 0.083 × 293 ≈ 0.203 L

उत्तर: लगभग 0.203 L या 203 mL H2 गैस प्राप्त होगी।

प्रश्न 5.7 – यदि 27°C पर 9 dm3 धारिता वाले फ्लास्क में 3.2g मेथेन तथा 4.4g कार्बन डाइऑक्साइड का मिश्रण हो तो इसका दाब क्या होगा?

उत्तर: पहले दोनों gases के moles निकालते हैं।

CH4 का molar mass = 16 g mol−1

n(CH4) = 3.2/16 = 0.2 mol

CO2 का molar mass = 44 g mol−1

n(CO2) = 4.4/44 = 0.1 mol

कुल moles:

n = 0.2 + 0.1 = 0.3 mol

अब P = nRT/V में T = 300 K और V = 9 L रखने पर:

P = (0.3 × 0.083 × 300)/9 ≈ 0.83 bar

उत्तर: मिश्रण का कुल दाब लगभग 0.83 bar होगा।

प्रश्न 5.8 – 27°C ताप पर जब 1L के फ्लास्क में 0.7 bar पर 2.0 L डाइऑक्सीजन तथा 0.8 bar पर 0.5L डाइहाइड्रोजन को भरा जाता है तो गैसीय मिश्रण का दाब क्या होगा?

उत्तर: दोनों gases को अलग-अलग initial containers से 1 L final flask में transfer किया जा रहा है। समान temperature पर प्रत्येक gas का final partial pressure:

Pfinal = PinitialVinitial/Vfinal

O2 के लिए:

PO2 = (0.7 × 2.0)/1 = 1.4 bar

H2 के लिए:

PH2 = (0.8 × 0.5)/1 = 0.4 bar

Dalton’s Law के अनुसार:

Ptotal = 1.4 + 0.4 = 1.8 bar

उत्तर: कुल दाब 1.8 bar होगा।

प्रश्न 5.9 – यदि 27°C ताप तथा 2 bar दाब पर एक गैस का घनत्व 5.46 g/dm3 है तो STP पर इसका घनत्व क्या होगा?

उत्तर: Ideal gas के लिए:

d ∝ P/T

इसलिए:

d2/d1 = (P2T1)/(P1T2)

दिया है:

d1 = 5.46 g dm−3

P1 = 2 bar

T1 = 300 K

STP के लिए लगभग P2 = 1 bar और T2 = 273 K लेते हैं।

d2 = 5.46 × (1 × 300)/(2 × 273)

d2 ≈ 3.00 g dm−3

उत्तर: STP पर gas का density लगभग 3.00 g dm−3 होगा।

प्रश्न 5.10 – यदि 546°C तथा 0.1 bar दाब पर 34.05 mL फॉस्फोरस वाष्प का भार 0.0625g है तो फॉस्फोरस का मोलर द्रव्यमान क्या होगा?

उत्तर: Ideal gas equation:

PV = nRT

और n = W/M:

PV = WRT/M

अतः:

M = WRT/PV

दिया है:

W = 0.0625 g

T = 546 + 273 = 819 K

P = 0.1 bar

V = 34.05 mL = 0.03405 L

R = 0.083 L bar K−1 mol−1

मान रखने पर:

M ≈ (0.0625 × 0.083 × 819)/(0.1 × 0.03405)

M ≈ 125 g mol−1

उत्तर: फॉस्फोरस वाष्प का molar mass लगभग 125 g mol−1 है।

प्रश्न 5.11 – एक विद्यार्थी 27°C पर गोल पेंदे के फ्लास्क में अभिक्रिया-मिश्रण डालना भूल गया तथा उस फ्लास्क को ज्वाला पर रख दिया। कुछ समय पश्चात् उसे अपनी भूल का अहसास हुआ। उसने उत्तापमापी की सहायता से फ्लास्क का ताप 477°C पाया। आप बताइए कि वायु का कितना भाग फ्लास्क से बाहर निकला?

उत्तर: प्रयोग के दौरान pressure को atmospheric pressure के लगभग constant माना जाएगा, इसलिए Charles’ Law लागू होगा।

T1 = 27 + 273 = 300 K

T2 = 477 + 273 = 750 K

यदि initial volume V है, तो:

V2/V1 = T2/T1

V2 = V × 750/300 = 2.5V

फ्लास्क की capacity V ही है, इसलिए अतिरिक्त volume:

2.5V − V = 1.5V

अतः बाहर निकलने वाली वायु का fraction:

1.5V/2.5V = 3/5

उत्तर: कुल वायु का 3/5 भाग बाहर निकल जाएगा।

प्रश्न 5.12 – 3.32 bar पर 5 dm3 आयतन घेरने वाली 4.0 mol गैस के ताप की गणना कीजिए। (R = 0.083 bar dm3 K−1 mol−1)

उत्तर:

PV = nRT

इसलिए:

T = PV/nR

T = (3.32 × 5)/(4 × 0.083)

T = 50 K

उत्तर: गैस का तापमान 50 K होगा।

प्रश्न 5.13 – 1.4g डाइनाइट्रोजन गैस में उपस्थित कुल इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना कीजिए।

उत्तर: N2 का molar mass = 28 g mol−1

1.4g N2 के moles:

n = 1.4/28 = 0.05 mol

अणुओं की संख्या:

N = 0.05 × 6.022 × 1023

N = 3.011 × 1022 molecules

एक N atom में 7 electrons होते हैं। इसलिए N2 molecule में:

2 × 7 = 14 electrons

कुल electrons:

14 × 3.011 × 1022 = 4.215 × 1023

उत्तर: कुल लगभग 4.215 × 1023 electrons होंगे।

प्रश्न 5.14 – यदि एक सेकण्ड में 1010 गेहूँ के दाने वितरित किये जायें तो आवोगाद्रो-संख्या के बराबर दाने वितरित करने में कितना समय लगेगा?

उत्तर: Avogadro number:

NA = 6.022 × 1023

यदि प्रत्येक second में 1010 grains distribute होते हैं, तो समय:

t = 6.022 × 1023/1010

t = 6.022 × 1013 s

वर्षों में:

t ≈ 1.91 × 106 वर्ष

उत्तर: लगभग 6.022 × 1013 सेकण्ड या 19.1 लाख वर्ष लगेंगे।

प्रश्न 5.15 – 27°C ताप पर 1 dm3 आयतन वाले फ्लास्क में 8g डाइऑक्सीजन तथा 4g डाइहाइड्रोजन के मिश्रण का कुल दाब कितना होगा?

उत्तर:

O2 के moles:

n(O2) = 8/32 = 0.25 mol

H2 के moles:

n(H2) = 4/2 = 2 mol

कुल moles:

n = 2.25 mol

T = 27 + 273 = 300 K और V = 1 dm3

P = nRT/V

P = (2.25 × 0.083 × 300)/1

P = 56.025 bar

उत्तर: मिश्रण का कुल दाब लगभग 56.03 bar होगा।

प्रश्न 5.16 – पेलोड की गणना कीजिए जब 10 m त्रिज्या और 100 kg द्रव्यमान वाला गुब्बारा 1.66 bar पर 27°C में helium से भरा हो। वायु का घनत्व 1.2 kg m−3 और R = 0.083 bar dm3 K−1 mol−1 है।

उत्तर: यहाँ 100 kg खाली balloon का mass है। पहले balloon का volume निकालेंगे।

V = 4/3 πr3

V ≈ 4/3 × 22/7 × 103 = 4190.5 m3

विस्थापित air का mass:

mair = 4190.5 × 1.2 = 5028.6 kg

अब helium का mass ideal gas equation से:

PV = (m/M)RT

अर्थात:

m = MPV/RT

He का M = 4 × 10−3 kg mol−1

Volume को dm3 में लेने पर V = 4190.5 × 103 dm3

m ≈ 1117.5 kg

भरे हुए balloon का कुल mass:

100 + 1117.5 = 1217.5 kg

अब payload:

Payload = displaced air mass − filled balloon mass

= 5028.6 − 1217.5

= 3811.1 kg

उत्तर: payload लगभग 3811 kg होगा।

प्रश्न 5.17 – 31.1°C और 1 bar दाब पर 8.8g CO2 द्वारा घेरे गये आयतन की गणना कीजिए। (R = 0.083 bar L K−1 mol−1)

उत्तर:

CO2 का molar mass = 44 g mol−1

n = 8.8/44 = 0.2 mol

T = 31.1 + 273 = 304.1 K

Ideal gas equation:

V = nRT/P

V = (0.2 × 0.083 × 304.1)/1

V ≈ 5.05 L

उत्तर: CO2 लगभग 5.05 L volume घेरेगा।

प्रश्न 5.18 – समान दाब पर किसी गैस के 2.9g द्रव्यमान का 95°C तथा 0.184g डाइहाइड्रोजन का 17°C पर आयतन समान है। बताइए कि गैस का मोलर द्रव्यमान क्या होगा?

उत्तर: दोनों gases के pressure और volume समान हैं। Ideal gas equation से:

V = nRT/P

क्योंकि P और V समान हैं:

n1T1 = n2T2

Unknown gas के लिए:

n1 = 2.9/M

H2 के लिए:

n2 = 0.184/2 = 0.092 mol

T1 = 95 + 273 = 368 K

T2 = 17 + 273 = 290 K

अतः:

(2.9/M) × 368 = 0.092 × 290

हल करने पर:

M ≈ 40 g mol−1

उत्तर: गैस का molar mass लगभग 40 g mol−1 है।

प्रश्न 5.19 – 1 bar दाब पर डाइहाइड्रोजन तथा डाइऑक्सीजन के मिश्रण में 20% डाइहाइड्रोजन भार से रखा जाता है तो डाइहाइड्रोजन का आंशिक दाब क्या होगा?

उत्तर: सुविधा के लिए कुल mixture को 100g मान लेते हैं।

H2 = 20g और O2 = 80g

H2 के moles:

20/2 = 10 mol

O2 के moles:

80/32 = 2.5 mol

कुल moles:

12.5 mol

H2 का mole fraction:

xH2 = 10/12.5 = 0.8

Dalton’s Law:

PH2 = xH2Ptotal

PH2 = 0.8 × 1 = 0.8 bar

उत्तर: H2 का partial pressure 0.8 bar होगा।

प्रश्न 5.20 – pV2T2/n राशि के लिए SI इकाई क्या होगी?

उत्तर: SI units में:

Pressure = Pa

Volume = m3

Temperature = K

Amount = mol

इसलिए:

[pV2T2/n] = Pa·m6·K2·mol−1

अर्थात इसकी SI unit:

Pa m6 K2 mol−1

प्रश्न 5.21 – चार्ल्स के नियम के आधार पर समझाइए कि −273°C सबसे कम संभव तापमान क्यों माना जाता है।

उत्तर: Charles’ Law के अनुसार pressure constant रहने पर gas का volume absolute temperature के proportional होता है।

V ∝ T

यदि temperature को लगातार कम किया जाए तो theoretical extrapolation के अनुसार volume भी घटता जाएगा। Celsius scale पर लगभग −273°C पर extrapolated volume zero प्राप्त होता है।

इस temperature को absolute zero कहा जाता है और Kelvin scale में इसका मान 0 K है। वास्तविक gases इससे पहले ही ideal behaviour से deviation दिखाती हैं, इसलिए इसे केवल gas law के आधार पर एक theoretical lower limit के रूप में समझना चाहिए।

प्रश्न 5.22 – कार्बन डाइऑक्साइड तथा मेथेन का क्रांतिक ताप क्रमशः 31.1°C एवं −81.9°C है। इनमें से किसमें प्रबल अन्तर-अणुक बल है तथा क्यों?

उत्तर: CO2 का critical temperature CH4 की तुलना में काफी अधिक है। अधिक critical temperature का अर्थ सामान्यतः molecules के बीच अधिक प्रभावी intermolecular attraction से होता है।

इसलिए CO2 में CH4 की तुलना में intermolecular attraction अधिक प्रभावी है। दोनों molecules overall non-polar हैं, लेकिन CO2 के larger molecular size और polarizability के कारण dispersion forces अधिक प्रभावी हो सकती हैं।

प्रश्न 5.23 – वाण्डरवाल्स प्राचल की भौतिक सार्थकता को समझाइए।

उत्तर: Van der Waals equation में दो constants a और b होते हैं। ये ideal gas model की दो मुख्य सीमाओं के लिए corrections देते हैं।

प्राचल a: यह intermolecular attraction से संबंधित है। इसका मान अधिक होने पर molecules के बीच attractive forces अधिक प्रभावी मानी जाती हैं।

प्राचल b: यह gas molecules के finite size के कारण available volume में होने वाले correction से संबंधित है। इसे excluded volume से जोड़ा जाता है।

अध्याय के अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न – Boyle’s Law और Charles’ Law में क्या अंतर है?

उत्तर: Boyle’s Law में temperature constant रखकर pressure और volume के संबंध को बताया जाता है। इसके अनुसार P और V inversely proportional हैं। Charles’ Law में pressure constant रखकर volume और absolute temperature का संबंध बताया जाता है। इसके अनुसार V और T directly proportional हैं।

Boyle’s LawCharles’ Law
Temperature constantPressure constant
V ∝ 1/PV ∝ T
PV = constantV/T = constant

प्रश्न – Ideal gas और real gas में क्या अंतर है?

उत्तर: Ideal gas एक theoretical model है जिसमें molecules का अपना volume और intermolecular attraction नगण्य माना जाता है। Real gas के molecules का finite volume होता है और उनके बीच attraction भी होता है। इसलिए real gases विशेषकर high pressure और low temperature पर ideal behaviour से deviation दिखाती हैं।

प्रश्न – High pressure पर real gases ideal behaviour से क्यों विचलित होती हैं?

उत्तर: High pressure पर gas molecules बहुत पास आ जाते हैं। ऐसी स्थिति में molecules के वास्तविक आकार और उनके बीच intermolecular attraction का प्रभाव significant हो जाता है। Ideal gas equation इन दोनों effects को neglect करती है, इसलिए high pressure पर deviation बढ़ जाता है।

प्रश्न – Low temperature पर real gases में deviation क्यों बढ़ता है?

उत्तर: Low temperature पर molecules की kinetic energy घट जाती है। इसलिए intermolecular attraction का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक प्रभावी हो जाता है। इसी कारण gas molecules ideal gas की तरह स्वतंत्र रूप से behave नहीं करते और deviation बढ़ता है।

प्रश्न – Dalton’s Law क्या है?

उत्तर: किसी non-reacting gas mixture का total pressure mixture में उपस्थित सभी gases के partial pressures के योग के बराबर होता है।

Ptotal = P1 + P2 + P3 + …

प्रश्न – Critical temperature क्या है?

उत्तर: वह maximum temperature जिसके ऊपर किसी gas को केवल pressure बढ़ाकर liquid में convert नहीं किया जा सकता, critical temperature कहलाता है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

  1. गैस के pressure की SI unit क्या है? — Pascal।
  2. Boyle’s Law में कौन-सी quantity constant रहती है? — Temperature।
  3. Boyle’s Law के अनुसार P और V का संबंध कैसा है? — Inversely proportional।
  4. Charles’ Law में कौन-सी quantity constant रहती है? — Pressure।
  5. Charles’ Law के अनुसार V और T का संबंध कैसा है? — Directly proportional।
  6. Avogadro’s Law किसके संबंध को बताता है? — Volume और number of moles।
  7. Ideal gas equation क्या है? — PV = nRT।
  8. R का SI value लगभग कितना है? — 8.314 J K−1 mol−1
  9. Gas density का formula क्या है? — d = PM/RT।
  10. Dalton’s Law किससे संबंधित है? — Partial pressures।
  11. Gas mixture का total pressure किसके बराबर होता है? — सभी partial pressures के योग के।
  12. Ideal gas के लिए compressibility factor Z कितना होता है? — 1।
  13. High pressure पर real gases में deviation क्यों बढ़ता है? — Molecular volume और intermolecular attraction के कारण।
  14. Low temperature पर deviation क्यों बढ़ता है? — Intermolecular attraction के प्रभाव के कारण।
  15. Critical temperature क्या बताता है? — Gas के liquefaction की upper temperature limit।
  16. Van der Waals constant a किससे संबंधित है? — Intermolecular attraction।
  17. Van der Waals constant b किससे संबंधित है? — Molecular volume/excluded volume।
  18. CO2 का critical temperature लगभग कितना है? — 31.1°C।
  19. Methane का critical temperature लगभग कितना है? — −81.9°C।
  20. Liquid का अपना निश्चित shape होता है? — नहीं।
  21. Liquid का अपना निश्चित volume होता है? — हाँ, लगभग निश्चित।
  22. Temperature बढ़ाने पर liquid का vapour pressure सामान्यतः क्या होता है? — बढ़ता है।
  23. Liquid का boiling point कब प्राप्त होता है? — जब vapour pressure external pressure के बराबर हो जाता है।
  24. Water के ऊपर collected gas में कौन-सा अतिरिक्त vapour हो सकता है? — Water vapour।
  25. Absolute zero का Kelvin temperature क्या है? — 0 K।

अध्याय के महत्वपूर्ण सूत्र

नियम/अवधारणासूत्र
Boyle’s LawP1V1 = P2V2
Charles’ LawV1/T1 = V2/T2
Gay-Lussac’s LawP1/T1 = P2/T2
Avogadro’s LawV1/n1 = V2/n2
Ideal Gas EquationPV = nRT
Density of gasd = PM/RT
Molar massM = dRT/P
Dalton’s LawPtotal = ΣPi
Partial pressurePi = xiPtotal
Compressibility factorZ = PV/nRT
Van der Waals equation(P + an2/V2)(V − nb) = nRT

अध्याय का सार

द्रव्य की अवस्थाएँ अध्याय में पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं और विशेष रूप से gases तथा liquids के behaviour को समझाया गया है। पदार्थ की अवस्था intermolecular forces और particles की thermal energy के बीच संतुलन से प्रभावित होती है।

गैसों के behaviour को समझने में pressure, volume, temperature और number of moles महत्वपूर्ण quantities हैं। Boyle’s Law pressure और volume, Charles’ Law volume और temperature, Gay-Lussac’s Law pressure और temperature तथा Avogadro’s Law volume और number of moles के बीच संबंध बताते हैं।

इन gas laws को combine करने पर PV = nRT प्राप्त होता है, जिसे ideal gas equation कहते हैं। इसी equation से gas density, molar mass और अनेक numerical problems को आसानी से हल किया जा सकता है। Gas mixtures में Dalton’s Law of Partial Pressures का प्रयोग किया जाता है।

वास्तविक gases ideal behaviour से विशेषकर high pressure और low temperature पर विचलित होती हैं। इस deviation को समझाने के लिए van der Waals equation में intermolecular attraction और molecular volume के corrections शामिल किए जाते हैं।

Gas liquefaction में critical temperature का विशेष महत्व है। Liquid state में vapour pressure, boiling point, viscosity और surface tension जैसी properties महत्वपूर्ण हैं। इस प्रकार यह पूरा chapter gas laws और numerical problems के साथ-साथ पदार्थ की microscopic structure और macroscopic properties के बीच संबंध को समझने में मदद करता है।

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