Biology Class 11th

Bihar Board Class 11 Biology Chapter 5 – पुष्पी पादपों की आकारिकी

24 August 2026  |  By Ramnivas KT

पुष्पी पादपों की आकारिकी

पुष्पी पादपों की आकारिकी में पौधे के बाहरी रूप और विभिन्न अंगों की संरचना का अध्ययन किया जाता है। जड़, तना, पत्ती, पुष्प, फल और बीज पौधे के प्रमुख अंग हैं। इनके रूप, स्थिति और विशेषताओं को समझकर विभिन्न पौधों की पहचान की जा सकती है।

जड़

जड़ सामान्यतः पौधे का भूमिगत भाग है। इसका प्रमुख कार्य पौधे को मिट्टी में मजबूती देना तथा जल और खनिजों का अवशोषण करना है।

जड़ के प्रमुख प्रकार

  • मूसला जड़
  • रेशेदार जड़
  • अपस्थानिक जड़

जड़ों के रूपांतरण

कुछ पौधों में जड़ें अपने सामान्य कार्य के अलावा भोजन संग्रह, सहारा देने या श्वसन जैसे विशेष कार्यों के लिए रूपांतरित हो जाती हैं। बरगद की सहायक जड़ें, शलजम की संग्रहकारी जड़ और मैंग्रोव की श्वसन जड़ इसके उदाहरण हैं।

तना

तना पौधे के वायवीय भागों को सहारा देता है तथा जड़ से प्राप्त जल और खनिजों को ऊपर पहुँचाने और पत्तियों में बने भोजन को अन्य भागों तक पहुँचाने में सहायता करता है।

तने के रूपांतरण

तना भोजन संग्रह, कायिक प्रवर्धन, आरोहण और सुरक्षा के लिए रूपांतरित हो सकता है। आलू का कंद, अदरक का प्रकंद और कुछ पौधों के कांटेदार तने इसके उदाहरण हैं।

पत्ती

पत्ती सामान्यतः प्रकाश संश्लेषण का प्रमुख अंग है। इसके मुख्य भाग पर्णाधार, पर्णवृंत और पर्णफलक होते हैं।

पर्णविन्यास

तने की पर्वसंधियों पर पत्तियों की व्यवस्था को पर्णविन्यास कहते हैं। इसके प्रमुख प्रकार एकांतर, अभिमुख और चक्राकार हैं।

पत्तियों के रूपांतरण

पत्तियाँ सुरक्षा, आरोहण और अन्य विशेष कार्यों के लिए रूपांतरित हो सकती हैं। बरबेरी में पत्तियाँ काँटों में बदल सकती हैं, जबकि कुछ लता पौधों में पत्तियों के भाग आरोहण में सहायता करते हैं।

पुष्पक्रम

पुष्पी अक्ष पर पुष्पों की व्यवस्था को पुष्पक्रम कहते हैं। मुख्यतः असीमाक्षी और ससीमाक्षी पुष्पक्रम महत्वपूर्ण हैं।

पुष्प

पुष्प पुष्पी पादपों का लैंगिक प्रजनन से संबंधित प्रमुख अंग है। इसके सामान्य भाग बाह्यदल, दल, पुंकेसर और अंडप होते हैं।

पुष्पदल विन्यास

कलिका अवस्था में बाह्यदल या दलों की पारस्परिक व्यवस्था को पुष्पदल विन्यास कहा जाता है। इसके प्रमुख प्रकार कोरस्पर्शी, व्यावर्तित, कोरछादी और वैक्जीलरी हैं।

बीजांडन्यास

अंडाशय में बीजांडासन पर बीजांडों की व्यवस्था को बीजांडन्यास कहा जाता है। इसके प्रमुख प्रकार सीमांत, भित्तीय, स्तम्भीय, मुक्त स्तम्भीय, आधारलग्न और धरातलीय हैं।

अंडाशय की स्थिति के आधार पर पुष्प

  • अधोजाय: अंडाशय ऊर्ध्ववर्ती होता है।
  • परिजाय: अन्य पुष्पीय भाग लगभग अंडाशय के समान स्तर पर होते हैं।
  • उपरिजाय: अन्य पुष्पीय भाग अंडाशय के ऊपर स्थित होते हैं।

बीज

निषेचन के बाद बीजांड बीज में विकसित होता है। एकबीजपत्री और द्विबीजपत्री बीजों की संरचना में अंतर पाया जाता है।

फेबेसी और सोलेनेसी

फेबेसी और सोलेनेसी महत्वपूर्ण पुष्पी पादप कुल हैं। परीक्षा में इनके पुष्पीय लक्षण, पुष्प सूत्र, उदाहरण और फल के प्रकार से प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. मूल के रूपांतरण से क्या समझते हैं?

उत्तर: जब जड़ अपने सामान्य अवशोषण और स्थिरीकरण कार्यों के अतिरिक्त किसी विशेष कार्य के लिए अपना आकार और संरचना बदल लेती है, तो इसे जड़ का रूपांतरण कहते हैं।

प्रश्न 2. पर्णविन्यास क्या है?

उत्तर: तने की पर्वसंधियों पर पत्तियों के लगने की व्यवस्था को पर्णविन्यास कहते हैं।

प्रश्न 3. पुष्पक्रम क्या है?

उत्तर: पुष्पी अक्ष पर पुष्पों के लगने की व्यवस्था को पुष्पक्रम कहा जाता है।

प्रश्न 4. बीजांडन्यास क्या है?

उत्तर: अंडाशय के भीतर बीजांडासन पर बीजांडों की व्यवस्था को बीजांडन्यास कहते हैं।

प्रश्न 5. असीमाक्षी और ससीमाक्षी पुष्पक्रम में मुख्य अंतर क्या है?

उत्तर: असीमाक्षी पुष्पक्रम में मुख्य अक्ष की वृद्धि लंबे समय तक जारी रहती है, जबकि ससीमाक्षी पुष्पक्रम में मुख्य अक्ष का अंत पुष्प में हो जाता है और आगे की वृद्धि पार्श्व शाखाओं से होती है।

प्रश्न 6. पिच्छाकार और हस्ताकार संयुक्त पत्ती में अंतर बताइए।

उत्तर: पिच्छाकार संयुक्त पत्ती में पर्णक एक सामान्य अक्ष के दोनों ओर लगे होते हैं, जबकि हस्ताकार संयुक्त पत्ती में पर्णक एक ही बिंदु से निकलते हुए हाथ की उँगलियों जैसे दिखाई देते हैं।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

  1. पत्ती का प्रमुख कार्य क्या है? — प्रकाश संश्लेषण।
  2. आलू किसका रूपांतरित रूप है? — तना।
  3. अदरक क्या है? — प्रकंद।
  4. अंडाशय में बीजांडों की व्यवस्था क्या कहलाती है? — बीजांडन्यास।
  5. कलिका में दलों की व्यवस्था क्या कहलाती है? — पुष्पदल विन्यास।
  6. पुष्पी अक्ष पर पुष्पों की व्यवस्था क्या कहलाती है? — पुष्पक्रम।

अध्याय सार

इस अध्याय में पुष्पी पादपों के बाहरी अंगों और उनकी विविध आकृतियों को समझाया जाता है। जड़, तना और पत्ती के सामान्य रूप तथा रूपांतरण, पुष्पक्रम, पुष्प की संरचना, बीजांडन्यास, अंडाशय की स्थिति और बीज की संरचना इस अध्याय के प्रमुख परीक्षा-योग्य भाग हैं।

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