Bihar Board Class 11 Hindi Chapter 2 – गौरा
Bihar Board Class 11 Hindi Chapter 2 – गौरा महादेवी वर्मा का मार्मिक रेखाचित्र है। इसमें एक गाय के माध्यम से लेखिका ने पशु-प्रेम, करुणा, मनुष्य और पशु के आत्मीय संबंध तथा स्वार्थ के कारण पैदा होने वाली क्रूरता को सामने रखा है। गौरा केवल एक पशु नहीं रह जाती, बल्कि घर के परिवार का हिस्सा बन जाती है।
गौरा – लेखिका परिचय
महादेवी वर्मा हिंदी साहित्य की प्रमुख छायावादी कवयित्री और संवेदनशील गद्यकार थीं। उनका जन्म 1907 ई. में फर्रुखाबाद में हुआ था। उनकी कविताओं में करुणा, वेदना, रहस्यात्मकता और मानवीय संवेदना प्रमुख हैं।
उनकी प्रमुख काव्य रचनाओं में नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्यगीत और दीपशिखा शामिल हैं। गद्य में स्मृति की रेखाएँ, अतीत के चलचित्र और श्रृंखला की कड़ियाँ महत्वपूर्ण हैं।
गौरा का परिचय
गौरा एक सुंदर और स्वस्थ गाय थी। उसके सफेद शरीर, चमकीले बाल, बड़ी आँखों और सुडौल शरीर ने लेखिका को आकर्षित किया। लेखिका के घर आने के बाद गौरा शीघ्र ही वहाँ के पशु-पक्षियों और मनुष्यों से घुल-मिल गई।
लेखिका गौरा को उपयोगिता के आधार पर नहीं, बल्कि एक संवेदनशील जीव के रूप में देखती थीं। उसके प्रति घर के सभी लोगों का अपनापन बढ़ता गया।
लालमणि का जन्म
लगभग एक वर्ष बाद गौरा ने एक सुंदर बछड़े को जन्म दिया। उसके लाल रंग के कारण उसका नाम लालमणि रखा गया और घर में उसे प्यार से लालू कहा जाने लगा। माँ और बच्चे का संबंध रेखाचित्र का अत्यंत भावुक पक्ष है।
गौरा की मृत्यु
गौरा दूध देने लगी तो लेखिका के घर आने वाला ग्वाला आर्थिक रूप से परेशान होने लगा, क्योंकि अब उससे पहले की तरह दूध नहीं लिया जाता था। उसके मन में स्वार्थ पैदा हुआ। उसने गौरा को गुड़ में सुई मिलाकर खिला दी।
गौरा की तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सकीय जाँच की गई और उसके शरीर में सुई होने का पता चला। ग्वाले के व्यवहार और बाद में उसके गायब हो जाने से घटना का रहस्य और स्पष्ट हुआ। गौरा की मृत्यु लेखिका के लिए अत्यंत दुखद घटना थी।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. गौरा कौन थी?
उत्तर: गौरा एक सुंदर गाय थी।
प्रश्न 2. लालमणि कौन था?
उत्तर: लालमणि गौरा का बछड़ा था।
प्रश्न 3. गौरा को सुई किसने खिलाई?
उत्तर: एक ग्वाले ने गौरा को गुड़ में सुई मिलाकर खिलाई थी।
प्रश्न 4. ‘गौरा’ किस साहित्यिक विधा की रचना है?
उत्तर: ‘गौरा’ एक रेखाचित्र है।
प्रश्न 5. गौरा लेखिका को किससे मिली थी?
उत्तर: गौरा लेखिका को उनकी छोटी बहन श्यामा से मिली थी।
प्रश्न 6. गौरा की मृत्यु के पीछे कौन-सी मानवीय प्रवृत्ति दिखाई गई है?
उत्तर: अंध स्वार्थलिप्सा और संवेदनहीनता।
प्रश्न 7. महादेवी वर्मा का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर: फर्रुखाबाद में।
प्रश्न 8. महादेवी वर्मा किस काव्यधारा की प्रमुख कवयित्री हैं?
उत्तर: छायावाद की।
प्रश्न 9. ‘नीहार’ कब प्रकाशित हुई?
उत्तर: 1930 ई. में।
प्रश्न 10. ‘सांध्यगीत’ और ‘दीपशिखा’ किसकी रचनाएँ हैं?
उत्तर: महादेवी वर्मा की।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. महादेवी वर्मा और श्यामा के पशुपालन संबंधी विचारों में क्या अंतर था?
उत्तर: महादेवी वर्मा पशु-पक्षियों को स्नेह और अपनत्व के कारण पालती थीं। उनके लिए पशु केवल उपयोगी वस्तु नहीं थे। दूसरी ओर श्यामा पशुपालन को अधिक व्यावहारिक और उपयोगिता की दृष्टि से देखती थीं।
प्रश्न 2. गौरा का शारीरिक चित्रण कीजिए।
उत्तर: गौरा सफेद, स्वस्थ और आकर्षक गाय थी। उसके पैर मजबूत, पीठ चिकनी और भरी हुई, गर्दन लंबी तथा आँखें बड़ी और चमकीली थीं। उसका सफेद शरीर विशेष चमक लिए हुए था।
प्रश्न 3. गौरा के बच्चे का नाम लालमणि क्यों रखा गया?
उत्तर: गौरा के बच्चे का शरीर लाल रंग का था। इसी कारण उसका नाम लालमणि रखा गया और प्यार से उसे लालू कहा गया।
प्रश्न 4. गौरा की मृत्यु का रहस्य कैसे सामने आया?
उत्तर: गौरा की बीमारी बढ़ने पर चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। जाँच से पता चला कि उसके शरीर में सुई पहुँची थी। ग्वाले के व्यवहार और उसके बाद उसके गायब होने से यह संदेह मजबूत हुआ कि उसी ने गौरा को सुई खिलाई थी।
प्रश्न 5. ‘गौरा’ रेखाचित्र का मूल संदेश क्या है?
उत्तर: रचना का मूल संदेश पशुओं के प्रति करुणा और संवेदनशीलता रखना है। स्वार्थ के कारण किसी निर्दोष जीव को नुकसान पहुँचाना मनुष्य की संवेदनहीनता को दिखाता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. ‘गौरा’ का सारांश लिखिए।
उत्तर: ‘गौरा’ महादेवी वर्मा का संवेदनशील रेखाचित्र है। गौरा एक सुंदर गाय थी जो लेखिका के घर आती है और शीघ्र ही परिवार का हिस्सा बन जाती है। उसका स्वभाव सरल था और वह घर के अन्य पशु-पक्षियों के साथ भी घुल-मिल जाती थी।
कुछ समय बाद गौरा एक सुंदर बछड़े को जन्म देती है। उसका नाम लालमणि रखा जाता है। गौरा पर्याप्त दूध देने लगती है। इससे घर में उसका महत्व और बढ़ जाता है। लेकिन उसके दूध के कारण पुराने ग्वाले का दूध बेचने का काम प्रभावित होता है। स्वार्थ में आकर वह गौरा को गुड़ में सुई खिलाता है।
गौरा बीमार पड़ती है और चिकित्सकीय जाँच से उसके साथ हुई क्रूरता सामने आती है। अंततः उसकी मृत्यु हो जाती है। लेखिका इस घटना के माध्यम से मनुष्य की स्वार्थी प्रवृत्ति और पशुओं के प्रति संवेदनहीन व्यवहार पर गंभीर प्रश्न उठाती हैं।
प्रश्न 2. महादेवी वर्मा के साहित्यिक व्यक्तित्व का परिचय दीजिए।
उत्तर: महादेवी वर्मा छायावाद की प्रमुख कवयित्री थीं। उनकी रचनाओं में करुणा, वेदना, विरह, रहस्यात्मकता और मानवीय संवेदना प्रमुख रूप से दिखाई देती है। उनकी प्रमुख काव्य कृतियाँ नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्यगीत और दीपशिखा हैं।
गद्य के क्षेत्र में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके रेखाचित्र और संस्मरण हिंदी गद्य की महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हैं। ‘गौरा’ इसी संवेदनशील गद्य-लेखन का उदाहरण है।
प्रश्न 3. गौरा के चरित्र की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: गौरा सुंदर, स्वस्थ, शांत, स्नेहशील और मिलनसार गाय थी। वह घर के पशु-पक्षियों से घुल-मिल गई थी और मनुष्यों को भी पहचानती थी। उसके प्रति लेखिका का प्रेम यह दिखाता है कि पशु भी भावनाओं और संबंधों को समझने वाले जीव हैं।
मुख्य संदेश
‘गौरा’ हमें यह सिखाती है कि पशुओं के प्रति करुणा और जिम्मेदारी रखना भी मानवता का हिस्सा है। केवल आर्थिक लाभ के लिए किसी जीव को नुकसान पहुँचाना मनुष्य की संवेदना को कमजोर करता है।
पिछला अध्याय
Bihar Board Class 11 Hindi Chapter 1 – पंच परमेश्वर
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