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Bihar Board Class 12 Home Science Chapter 15 & 16 – आंतरिक सजावट के सिद्धांत तथा गृह सज्जा में कला तत्वों का प्रयोग

अध्याय 15 एवं 16: आंतरिक सजावट के सिद्धांत तथा गृह सज्जा में कला तत्वों का प्रयोग

Table of Contents

परिचय

आंतरिक सजावट तथा गृह सज्जा घर को सुंदर, आकर्षक और उपयोगी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। घर की सजावट से परिवार के सदस्यों की पसंद, रुचि, कार्यक्षमता तथा कलात्मक भावना का पता चलता है। गृह सज्जा में विभिन्न कला तत्वों का उचित प्रयोग करके घर के वातावरण को सुंदर, आरामदायक और प्रभावशाली बनाया जा सकता है।

अध्याय का संक्षिप्त परिचय

इस अध्याय में आंतरिक सजावट के सिद्धांत तथा गृह सज्जा में कला तत्वों के प्रयोग का अध्ययन किया गया है। अध्याय 15 में आंतरिक सजावट के सिद्धांत तथा अध्याय 16 में गृह सज्जा में कला तत्वों का प्रयोग प्रमुख रूप से समझाया गया है। यह विषय परीक्षा के साथ-साथ गृह सज्जा के व्यावहारिक ज्ञान की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

मुख्य अवधारणाएँ

  • गृह सज्जा – घर के विभिन्न भागों को सुंदर, उपयोगी और व्यवस्थित बनाने की प्रक्रिया।
  • सौंदर्य – सजावट द्वारा घर में आकर्षण और सुंदरता उत्पन्न करना।
  • अभिव्यक्तिशीलता – सजावट के माध्यम से व्यक्ति की पसंद, भावना और व्यक्तित्व को व्यक्त करना।
  • कला तत्व – रेखा, आकार, रूप, रंग, प्रकाश, नमूना, पोत और सामंजस्य आदि।
  • मनोवैज्ञानिक प्रभाव – कला तत्वों का व्यक्ति के मन, भावनाओं और व्यवहार पर पड़ने वाला प्रभाव।

1. आंतरिक सजावट के उद्देश्य

आंतरिक सजावट का मुख्य उद्देश्य घर को सुंदर और उपयोगी बनाना है। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

1.1 सौंदर्य

आंतरिक सजावट का पहला उद्देश्य घर को सुंदर और आकर्षक बनाना है। उचित रंग, फर्नीचर, पर्दे, प्रकाश तथा सजावटी वस्तुओं के प्रयोग से घर की सुंदरता बढ़ती है।

1.2 अभिव्यक्तिशीलता

घर की सजावट से परिवार के सदस्यों की रुचि, पसंद तथा व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति होती है। सजावट के माध्यम से व्यक्ति अपने विचारों और कलात्मक भावना को प्रदर्शित कर सकता है।

1.3 कार्यक्षमता और उपयोगिता

सजावट केवल सुंदरता के लिए नहीं होती बल्कि घर की वस्तुओं का उचित उपयोग तथा सुविधाजनक व्यवस्था भी आवश्यक है। फर्नीचर और अन्य वस्तुओं का चयन कमरे के आकार तथा आवश्यकता के अनुसार किया जाना चाहिए।

1.4 मौलिकता

गृह सज्जा में मौलिकता का विशेष महत्व है। सजावट में व्यक्ति अपनी रुचि और रचनात्मकता का प्रयोग करके घर को विशिष्ट रूप दे सकता है।

2. अभिव्यक्तिशीलता की शैलियाँ

गृह सज्जा में अभिव्यक्तिशीलता मुख्य रूप से दो प्रकार की शैलियों के माध्यम से दिखाई देती है:

2.1 औपचारिक शैली

औपचारिक शैली में गंभीरता, अनुशासन और परंपरा का भाव दिखाई देता है। इसमें वस्तुओं की व्यवस्था व्यवस्थित और संतुलित रूप में की जाती है। इस शैली में सादगी तथा व्यवस्थित रूप को महत्व दिया जाता है।

2.2 अनौपचारिक शैली

अनौपचारिक शैली में प्राकृतिकता, आराम और गर्मजोशी का भाव होता है। इसमें चमकीले तथा गर्म रंगों का प्रयोग किया जा सकता है। आरामदायक फर्नीचर, असममित संतुलन तथा स्वागतपूर्ण वातावरण इस शैली की विशेषताएँ हैं।

यह शैली आधुनिक अमेरिकी जीवन में अधिक दिखाई देती है। इसमें घर को अधिक आरामदायक और प्राकृतिक बनाने पर जोर दिया जाता है।

3. कला और उसके तत्व

कला मनुष्य की रचनात्मक भावना और सौंदर्य-बोध की अभिव्यक्ति है। गृह सज्जा में कला के विभिन्न तत्वों का उचित प्रयोग करके घर को आकर्षक बनाया जाता है।

गृह सज्जा में प्रयोग किए जाने वाले प्रमुख कला तत्व हैं:

  • रेखा
  • आकार
  • रूप
  • रंग
  • प्रकाश एवं छाया
  • नमूना या प्रतिरूप
  • पोत
  • सामंजस्य

4. रेखा

रेखा गृह सज्जा का एक महत्वपूर्ण कला तत्व है। रेखाओं का प्रयोग फर्नीचर, पर्दे, दीवारों, फर्श, वस्त्रों तथा सजावटी वस्तुओं में किया जाता है। अलग-अलग प्रकार की रेखाएँ व्यक्ति पर अलग-अलग मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालती हैं।

4.1 क्षैतिज रेखा

क्षैतिज रेखाएँ स्थिरता, विश्राम और शांति का भाव उत्पन्न करती हैं। ऐसी रेखाएँ आराम और स्थायित्व का अनुभव कराती हैं।

4.2 ऊर्ध्वाधर रेखा

ऊर्ध्वाधर रेखाएँ पुरुषत्व, कठोरता, दृढ़ता, सक्रियता, तत्परता, अनुशासन, सरलता और जीवंतता का भाव उत्पन्न करती हैं।

4.3 तिरछी रेखा

तिरछी रेखाएँ गति का अनुभव कराती हैं। ये आगे या पीछे की ओर धक्का देने अथवा खींचने का भाव उत्पन्न कर सकती हैं। इनका अनुचित प्रयोग बेचैनी का वातावरण उत्पन्न कर सकता है।

4.4 वक्र रेखा

वक्र रेखाएँ कोमलता, सुंदरता, शालीनता, प्रसन्नता और विनम्रता का भाव उत्पन्न करती हैं।

रेखाओं के मनोवैज्ञानिक प्रभाव

रेखा का प्रकारमनोवैज्ञानिक प्रभाव
क्षैतिज रेखास्थिरता, विश्राम और शांति
ऊर्ध्वाधर रेखादृढ़ता, अनुशासन, सक्रियता और जीवंतता
तिरछी रेखागति और आंदोलन
वक्र रेखाकोमलता, सुंदरता, प्रसन्नता और शालीनता

5. रेखाओं का मनोवैज्ञानिक प्रभाव

गृह सज्जा में रेखाओं का चुनाव केवल सुंदरता के लिए नहीं किया जाता बल्कि उनका मनुष्य के मन पर भी प्रभाव पड़ता है।

  • क्षैतिज रेखा – स्थिरता, आराम और शांति का अनुभव कराती है।
  • ऊर्ध्वाधर रेखा – दृढ़ता, सक्रियता, अनुशासन और तत्परता का भाव देती है।
  • तिरछी रेखा – गति और गतिविधि का भाव उत्पन्न करती है।
  • वक्र रेखा – कोमलता, सुंदरता और प्रसन्नता का भाव उत्पन्न करती है।

6. आकार और रूप

6.1 आकार

आकार रेखाओं से बनता है। जब रेखाएँ एक निश्चित सीमा में मिलती हैं तो एक आकार का निर्माण होता है। गृह सज्जा में विभिन्न प्रकार के आकारों का प्रयोग किया जाता है।

आकार मुख्य रूप से दो प्रकार के हो सकते हैं:

ज्यामितीय आकार

ज्यामितीय आकारों में वर्ग, आयत, त्रिभुज और वृत्त आदि शामिल हैं। इनका प्रयोग फर्नीचर, फर्श, पर्दे, टाइल तथा अन्य सजावटी वस्तुओं में किया जाता है।

प्राकृतिक आकार

प्राकृतिक आकार प्रकृति से प्राप्त होते हैं। पत्तियाँ, फूल, पौधे, पशु तथा पक्षी आदि प्राकृतिक आकारों के उदाहरण हैं।

6.2 रूप

रूप किसी वस्तु की कुल लंबाई, चौड़ाई, ऊँचाई और उसके आकार से संबंधित होता है। गृह सज्जा में गोलाकार, घनाकार, आयताकार तथा घनाभ जैसे रूपों का प्रयोग किया जाता है।

शोपीस, फर्नीचर तथा अन्य सजावटी वस्तुओं का रूप कमरे की सुंदरता को प्रभावित करता है। इसलिए कमरे के आकार और उपयोगिता के अनुसार वस्तुओं का चयन करना चाहिए।

7. रंग

रंग गृह सज्जा का अत्यंत महत्वपूर्ण तत्व है। उचित रंगों का चुनाव कमरे के आकार, वातावरण और उपयोग के अनुसार किया जाना चाहिए।

हल्के रंग छोटे कमरे को अपेक्षाकृत बड़ा दिखाई देने में सहायता करते हैं, जबकि गहरे रंग बड़े कमरे को अपेक्षाकृत छोटा दिखाई दे सकते हैं।

रंगप्रभाव
नीलाशांति और स्थिरता
लालऊर्जा, उत्तेजना, प्रसन्नता, प्रेम और खतरे का भाव
पीलाआत्मविश्वास
हराआराम, शांति और ताजगी

8. प्रकाश और छाया

प्रकाश गृह सज्जा का महत्वपूर्ण तत्व है। उचित प्रकाश घर को आकर्षक और उपयोगी बनाता है। प्राकृतिक प्रकाश अर्थात सूर्य का प्रकाश भी घर के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रकाश से आशा, उत्साह और प्रसन्नता का भाव उत्पन्न हो सकता है। इसके विपरीत अंधकार निराशा और अवसाद का भाव उत्पन्न कर सकता है। हालांकि अत्यधिक प्रकाश भी हानिकारक हो सकता है। इसलिए कमरे में प्रकाश की उचित व्यवस्था आवश्यक है।

9. नमूना या प्रतिरूप

नमूना या प्रतिरूप गृह सज्जा में सौंदर्य बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जाता है। नमूनों को मुख्य रूप से निम्न प्रकारों में समझा जा सकता है:

9.1 प्राकृतिक नमूना

प्रकृति से प्राप्त आकृतियों और वस्तुओं से बनाए गए नमूने प्राकृतिक नमूने कहलाते हैं। इनमें फूल, पत्तियाँ, लताएँ, पशु-पक्षी आदि शामिल हैं।

9.2 परंपरागत नमूना

प्राकृतिक आकृतियों को सरल और कलात्मक रूप में प्रस्तुत करके बनाए गए नमूने परंपरागत नमूने कहलाते हैं। लोक कला, छपाई, कालीन तथा बुनाई में इनका प्रयोग किया जाता है।

कृष्ण लीला तथा राम वनवास जैसे विषयों पर आधारित चित्र भी इसके उदाहरण हो सकते हैं।

9.3 ज्यामितीय नमूना

त्रिभुज, वृत्त, वर्ग, आयत आदि ज्यामितीय आकृतियों पर आधारित नमूनों को ज्यामितीय नमूना कहा जाता है। इनका प्रयोग टाइल, पर्दे, कपड़े आदि में किया जाता है।

10. पोत

पोत किसी वस्तु की भौतिक और स्थानिक स्पर्श संबंधी गुणवत्ता को दर्शाता है। किसी वस्तु को छूने पर उसकी सतह का जो अनुभव होता है, वह उसके पोत से संबंधित होता है।

पोत के उदाहरणों में चिकना, मुलायम, खुरदरा, रोएँदार, छिद्रयुक्त तथा चट्टानी सतह आदि शामिल हैं।

11. सामंजस्य

सामंजस्य का अर्थ है वस्तुओं, रंगों, आकृतियों तथा अन्य सजावटी तत्वों का उचित मेल और उचित स्थान पर व्यवस्थित प्रयोग। गृह सज्जा में सामंजस्य होने से सभी वस्तुएँ एक-दूसरे के साथ संतुलित और सुंदर दिखाई देती हैं।

12. फर्नीचर की भूमिका

फर्नीचर घर की सुंदरता और उपयोगिता दोनों को प्रभावित करता है। बैठने, सोने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए आरामदायक फर्नीचर आवश्यक है।

फर्नीचर का चयन करते समय निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • कमरे का आकार
  • परिवार की आवश्यकता
  • वस्तु की उपयोगिता
  • आराम
  • घर की सजावट

कमरे के आकार के अनुसार फर्नीचर का चयन करने से स्थान का उचित उपयोग होता है और कमरे की सुंदरता भी बनी रहती है।

शब्दावली

शब्दअर्थ
आंतरिक सजावटघर के अंदर के स्थान को सुंदर, उपयोगी और व्यवस्थित बनाने की प्रक्रिया।
अभिव्यक्तिशीलतासजावट के माध्यम से रुचि और व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति।
रेखागृह सज्जा का एक प्रमुख कला तत्व।
आकाररेखाओं से निर्मित आकृति।
रूपवस्तु की लंबाई, चौड़ाई, ऊँचाई और आकार का समग्र स्वरूप।
पोतवस्तु की सतह की भौतिक एवं स्पर्श संबंधी गुणवत्ता।
सामंजस्यविभिन्न तत्वों का उचित मेल और व्यवस्था।

अध्याय का सारांश

आंतरिक सजावट घर के सौंदर्य, उपयोगिता और आराम को बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। गृह सज्जा में अभिव्यक्तिशीलता के माध्यम से व्यक्ति अपनी रुचि और व्यक्तित्व को व्यक्त करता है। औपचारिक शैली में गंभीरता, अनुशासन और परंपरा का भाव होता है, जबकि अनौपचारिक शैली प्राकृतिकता, आराम और गर्मजोशी को महत्व देती है।

गृह सज्जा में रेखा, आकार, रूप, रंग, प्रकाश एवं छाया, नमूना, पोत तथा सामंजस्य जैसे कला तत्वों का प्रयोग किया जाता है। विभिन्न प्रकार की रेखाएँ अलग-अलग मनोवैज्ञानिक प्रभाव उत्पन्न करती हैं। रंग भी मनुष्य के मन और कमरे के वातावरण को प्रभावित करते हैं। हल्के रंग छोटे कमरे को बड़ा तथा गहरे रंग बड़े कमरे को छोटा दिखा सकते हैं।

फर्नीचर का चयन कमरे के आकार, आवश्यकता और उपयोगिता के अनुसार किया जाना चाहिए। कला तत्वों का उचित संयोजन करके घर को सुंदर, आरामदायक और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।

त्वरित पुनरावृत्ति

  • आंतरिक सजावट का उद्देश्य घर को सुंदर, उपयोगी और आरामदायक बनाना है।
  • गृह सज्जा में व्यक्ति की रुचि और व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति होती है।
  • औपचारिक शैली में गंभीरता, अनुशासन और परंपरा का भाव होता है।
  • अनौपचारिक शैली प्राकृतिकता, आराम और गर्मजोशी को व्यक्त करती है।
  • रेखा, आकार, रूप, रंग, प्रकाश, नमूना, पोत और सामंजस्य प्रमुख कला तत्व हैं।
  • क्षैतिज रेखा स्थिरता और शांति का भाव देती है।
  • ऊर्ध्वाधर रेखा दृढ़ता, अनुशासन और सक्रियता का भाव देती है।
  • तिरछी रेखा गति का भाव उत्पन्न करती है।
  • वक्र रेखा कोमलता और सुंदरता का भाव देती है।
  • ज्यामितीय आकारों में वर्ग, आयत, त्रिभुज और वृत्त शामिल हैं।
  • प्राकृतिक आकार प्रकृति से प्राप्त होते हैं।
  • हल्के रंग छोटे कमरे को बड़ा दिखा सकते हैं।
  • नीला रंग शांति और स्थिरता का भाव देता है।
  • हरा रंग आराम, शांति और ताजगी का भाव देता है।
  • प्रकाश आशा, उत्साह और प्रसन्नता का भाव उत्पन्न करता है।
  • सामंजस्य का अर्थ वस्तुओं और कला तत्वों का उचित मेल और व्यवस्था है।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1. आंतरिक सजावट का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

(A) केवल खर्च बढ़ाना
(B) घर को सुंदर, उपयोगी और व्यवस्थित बनाना
(C) घर को खाली रखना
(D) केवल फर्नीचर खरीदना

सही उत्तर: (B) घर को सुंदर, उपयोगी और व्यवस्थित बनाना

व्याख्या: आंतरिक सजावट का उद्देश्य घर की सुंदरता, उपयोगिता और आराम को बढ़ाना है।

प्रश्न 2. गृह सज्जा में कौन-सा प्रमुख कला तत्व है?

(A) रेखा
(B) आकार
(C) रंग
(D) उपर्युक्त सभी

सही उत्तर: (D) उपर्युक्त सभी

व्याख्या: रेखा, आकार और रंग सहित कई तत्व गृह सज्जा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रश्न 3. क्षैतिज रेखा किस भाव को उत्पन्न करती है?

(A) स्थिरता और शांति
(B) बेचैनी
(C) गति
(D) कठोरता

सही उत्तर: (A) स्थिरता और शांति

व्याख्या: क्षैतिज रेखाएँ विश्राम, स्थिरता और शांति का भाव उत्पन्न करती हैं।

प्रश्न 4. ऊर्ध्वाधर रेखा किससे संबंधित है?

(A) दृढ़ता और अनुशासन
(B) केवल आराम
(C) केवल कोमलता
(D) केवल शांति

सही उत्तर: (A) दृढ़ता और अनुशासन

व्याख्या: ऊर्ध्वाधर रेखाएँ दृढ़ता, अनुशासन, सक्रियता और तत्परता का भाव देती हैं।

प्रश्न 5. तिरछी रेखा किसका भाव उत्पन्न करती है?

(A) स्थिरता
(B) गति
(C) शांति
(D) विश्राम

सही उत्तर: (B) गति

व्याख्या: तिरछी रेखा गति और आंदोलन का भाव उत्पन्न करती है।

प्रश्न 6. वक्र रेखा किस भाव को व्यक्त करती है?

(A) कोमलता और सुंदरता
(B) कठोरता
(C) अनुशासन
(D) खतरा

सही उत्तर: (A) कोमलता और सुंदरता

व्याख्या: वक्र रेखाएँ कोमलता, सुंदरता, प्रसन्नता और शालीनता का भाव उत्पन्न करती हैं।

प्रश्न 7. निम्न में से कौन-सा ज्यामितीय आकार है?

(A) फूल
(B) पत्ती
(C) वृत्त
(D) पक्षी

सही उत्तर: (C) वृत्त

व्याख्या: वृत्त एक ज्यामितीय आकार है, जबकि फूल, पत्ती और पक्षी प्राकृतिक आकार हैं।

प्रश्न 8. छोटे कमरे को बड़ा दिखाने में कौन-से रंग सहायक होते हैं?

(A) हल्के रंग
(B) केवल काले रंग
(C) केवल गहरे रंग
(D) कोई रंग नहीं

सही उत्तर: (A) हल्के रंग

व्याख्या: हल्के रंग छोटे कमरे को अपेक्षाकृत बड़ा दिखाई देने में सहायता करते हैं।

प्रश्न 9. नीला रंग किस भाव से संबंधित है?

(A) शांति और स्थिरता
(B) खतरा
(C) बेचैनी
(D) कठोरता

सही उत्तर: (A) शांति और स्थिरता

व्याख्या: नीला रंग शांति और स्थिरता का भाव उत्पन्न करता है।

प्रश्न 10. हरा रंग किस भाव को उत्पन्न करता है?

(A) आराम, शांति और ताजगी
(B) खतरा
(C) कठोरता
(D) निराशा

सही उत्तर: (A) आराम, शांति और ताजगी

व्याख्या: हरा रंग आराम, शांति और ताजगी का भाव देता है।

प्रश्न 11. गृह सज्जा में प्रकाश का क्या महत्व है?

(A) घर को अंधकारमय बनाना
(B) आकर्षण और उपयोगिता बढ़ाना
(C) केवल खर्च बढ़ाना
(D) वस्तुओं को छिपाना

सही उत्तर: (B) आकर्षण और उपयोगिता बढ़ाना

व्याख्या: उचित प्रकाश घर को आकर्षक और उपयोगी बनाता है।

प्रश्न 12. नमूने का कौन-सा प्रकार प्रकृति से संबंधित है?

(A) प्राकृतिक
(B) ज्यामितीय
(C) केवल आधुनिक
(D) केवल औपचारिक

सही उत्तर: (A) प्राकृतिक

व्याख्या: फूल, पत्तियाँ, लताएँ, पशु-पक्षी आदि प्राकृतिक नमूनों के उदाहरण हैं।

प्रश्न 13. पोत किससे संबंधित है?

(A) वस्तु की सतह की गुणवत्ता
(B) केवल रंग
(C) केवल आकार
(D) केवल प्रकाश

सही उत्तर: (A) वस्तु की सतह की गुणवत्ता

व्याख्या: पोत वस्तु की भौतिक और स्पर्श संबंधी गुणवत्ता को दर्शाता है।

प्रश्न 14. सामंजस्य का अर्थ क्या है?

(A) वस्तुओं का गलत स्थान
(B) तत्वों का उचित मेल और व्यवस्था
(C) कमरे को खाली रखना
(D) केवल रंग बदलना

सही उत्तर: (B) तत्वों का उचित मेल और व्यवस्था

व्याख्या: गृह सज्जा में सामंजस्य विभिन्न तत्वों के उचित मेल और व्यवस्था से उत्पन्न होता है।

प्रश्न 15. फर्नीचर का चयन किस आधार पर करना चाहिए?

(A) केवल कीमत
(B) केवल रंग
(C) कमरे का आकार, आवश्यकता और उपयोगिता
(D) केवल डिजाइन

सही उत्तर: (C) कमरे का आकार, आवश्यकता और उपयोगिता

व्याख्या: फर्नीचर का चयन कमरे के आकार, आवश्यकता और उपयोगिता को ध्यान में रखकर करना चाहिए।

प्रश्न 16. अनौपचारिक शैली की प्रमुख विशेषता क्या है?

(A) प्राकृतिकता और आराम
(B) केवल अनुशासन
(C) केवल परंपरा
(D) केवल गंभीरता

सही उत्तर: (A) प्राकृतिकता और आराम

व्याख्या: अनौपचारिक शैली में प्राकृतिकता, आराम और गर्मजोशी का भाव प्रमुख होता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. आंतरिक सजावट से क्या समझते हैं?

उत्तर: घर के अंदर के स्थान को सुंदर, उपयोगी, आरामदायक और व्यवस्थित बनाने की प्रक्रिया को आंतरिक सजावट कहा जाता है।

प्रश्न 2. आंतरिक सजावट के कोई तीन उद्देश्य लिखिए।

उत्तर: आंतरिक सजावट के प्रमुख उद्देश्य हैं—सौंदर्य बढ़ाना, व्यक्तित्व एवं रुचि की अभिव्यक्ति करना तथा घर की कार्यक्षमता और उपयोगिता बढ़ाना।

प्रश्न 3. औपचारिक और अनौपचारिक शैली में क्या अंतर है?

उत्तर: औपचारिक शैली में गंभीरता, अनुशासन और परंपरा का भाव होता है, जबकि अनौपचारिक शैली में प्राकृतिकता, आराम, गर्मजोशी और स्वागतपूर्ण वातावरण को महत्व दिया जाता है।

प्रश्न 4. कला के प्रमुख तत्व कौन-कौन से हैं?

उत्तर: कला के प्रमुख तत्वों में रेखा, आकार, रूप, रंग, प्रकाश एवं छाया, नमूना, पोत और सामंजस्य शामिल हैं।

प्रश्न 5. क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर रेखाओं का मनोवैज्ञानिक प्रभाव बताइए।

उत्तर: क्षैतिज रेखाएँ स्थिरता, विश्राम और शांति का भाव उत्पन्न करती हैं, जबकि ऊर्ध्वाधर रेखाएँ दृढ़ता, सक्रियता, अनुशासन और तत्परता का भाव देती हैं।

प्रश्न 6. गृह सज्जा में रंगों का क्या महत्व है?

उत्तर: रंग कमरे की सुंदरता और वातावरण को प्रभावित करते हैं। हल्के रंग छोटे कमरे को बड़ा दिखा सकते हैं तथा गहरे रंग बड़े कमरे को छोटा दिखा सकते हैं। अलग-अलग रंग मनुष्य के मन पर अलग-अलग प्रभाव डालते हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. गृह सज्जा में कला तत्वों की भूमिका का वर्णन कीजिए।

उत्तर: गृह सज्जा में कला तत्वों का महत्वपूर्ण स्थान है। रेखा, आकार, रूप, रंग, प्रकाश एवं छाया, नमूना, पोत तथा सामंजस्य के उचित प्रयोग से घर को सुंदर और आकर्षक बनाया जा सकता है। रेखाएँ विभिन्न मनोवैज्ञानिक प्रभाव उत्पन्न करती हैं। रंग कमरे के वातावरण और आकार के अनुभव को प्रभावित करते हैं। प्रकाश घर को आकर्षक और उपयोगी बनाता है। नमूने सजावटी वस्तुओं और वस्त्रों की सुंदरता बढ़ाते हैं। पोत वस्तुओं की सतह को अलग अनुभव प्रदान करता है तथा सामंजस्य सभी तत्वों को एक-दूसरे के साथ उचित रूप से जोड़ता है।

प्रश्न 2. विभिन्न प्रकार की रेखाओं के मनोवैज्ञानिक प्रभावों को समझाइए।

उत्तर: गृह सज्जा में रेखाओं का विशेष महत्व है। क्षैतिज रेखाएँ स्थिरता, विश्राम और शांति का भाव उत्पन्न करती हैं। ऊर्ध्वाधर रेखाएँ पुरुषत्व, कठोरता, दृढ़ता, सक्रियता, तत्परता, अनुशासन, सरलता और जीवंतता का भाव देती हैं। तिरछी रेखाएँ गति और आंदोलन का अनुभव कराती हैं तथा इनके अनुचित प्रयोग से बेचैनी उत्पन्न हो सकती है। वक्र रेखाएँ कोमलता, सुंदरता, प्रसन्नता और शालीनता का भाव उत्पन्न करती हैं।

बोर्ड परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

  • आंतरिक सजावट क्या है? इसके उद्देश्यों को लिखिए।
  • औपचारिक एवं अनौपचारिक शैली में अंतर स्पष्ट कीजिए।
  • गृह सज्जा में कला के प्रमुख तत्वों का वर्णन कीजिए।
  • विभिन्न प्रकार की रेखाओं के मनोवैज्ञानिक प्रभाव समझाइए।
  • ज्यामितीय एवं प्राकृतिक आकारों को उदाहरण सहित समझाइए।
  • गृह सज्जा में रंगों के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
  • प्रकाश एवं छाया का गृह सज्जा पर क्या प्रभाव पड़ता है?
  • प्राकृतिक, परंपरागत एवं ज्यामितीय नमूनों को समझाइए।
  • पोत तथा सामंजस्य से क्या समझते हैं?
  • फर्नीचर का चयन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

अंतिम पुनरावृत्ति

परीक्षा की तैयारी करते समय निम्न बिंदुओं को विशेष रूप से याद रखें:

  • आंतरिक सजावट के उद्देश्य
  • औपचारिक एवं अनौपचारिक शैली
  • कला के प्रमुख तत्व
  • चार प्रकार की रेखाएँ और उनके मनोवैज्ञानिक प्रभाव
  • ज्यामितीय एवं प्राकृतिक आकार
  • रंगों के मनोवैज्ञानिक प्रभाव
  • प्रकाश एवं छाया का महत्व
  • प्राकृतिक, परंपरागत एवं ज्यामितीय नमूने
  • पोत और सामंजस्य
  • फर्नीचर के चयन के आधार

निष्कर्ष

आंतरिक सजावट तथा गृह सज्जा में कला तत्वों का प्रयोग घर को सुंदर, आरामदायक और उपयोगी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रेखा, आकार, रूप, रंग, प्रकाश, नमूना, पोत और सामंजस्य जैसे तत्वों का उचित संयोजन गृह सज्जा को प्रभावशाली बनाता है। इसलिए घर की सजावट करते समय केवल सुंदरता ही नहीं बल्कि उपयोगिता, आराम, आवश्यकता और मनोवैज्ञानिक प्रभाव का भी ध्यान रखना चाहिए।