Bihar Board Class 10 History Chapter 7 व्यापार और भूमंडलीकरण
इस अध्याय में विश्व व्यापार के विस्तार, लोगों के प्रवास, औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था, परिवहन और संचार के विकास तथा महामंदी के प्रभावों का अध्ययन किया जाता है।
विश्व अर्थव्यवस्था का विकास
19वीं शताब्दी में दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंध तेजी से बढ़े। रेल, भाप के जहाज और टेलीग्राफ ने दूरी को कम किया और व्यापार को आसान बनाया।
प्रवास
रोजगार और बेहतर जीवन की तलाश में लाखों लोग एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में गए। भारतीय मजदूर भी विभिन्न औपनिवेशिक क्षेत्रों में काम करने के लिए गए।
औपनिवेशिक व्यापार
औपनिवेशिक शक्तियों ने उपनिवेशों की अर्थव्यवस्था को अपने हितों के अनुसार व्यवस्थित किया। कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार माल के बाजार के रूप में उपनिवेशों का उपयोग किया गया।
महामंदी
1929 के बाद विश्व अर्थव्यवस्था में गंभीर मंदी आई। उत्पादन और व्यापार में कमी हुई, कीमतें गिरीं और बेरोजगारी बढ़ी। किसानों को भी कृषि उत्पादों की कीमतों में गिरावट का सामना करना पड़ा।
अतिलघु प्रश्न
प्रश्न: भूमंडलीकरण क्या है?
विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं, समाजों और बाजारों के बीच बढ़ते आर्थिक एवं सामाजिक संपर्क को भूमंडलीकरण कहा जाता है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न: परिवहन और संचार ने विश्व व्यापार को कैसे बढ़ाया?
रेल और भाप के जहाजों ने माल और लोगों की आवाजाही तेज की। टेलीग्राफ ने दूर-दराज के क्षेत्रों के बीच सूचना का आदान-प्रदान आसान बनाया। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के विस्तार में सहायता मिली।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न: महामंदी के प्रमुख प्रभाव बताइए।
महामंदी के दौरान उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारी कमी आई। वस्तुओं की कीमतें गिरीं और बेरोजगारी बढ़ी। कृषि उत्पादों की कीमत कम होने से किसानों की आय प्रभावित हुई। कई देशों में आर्थिक और सामाजिक संकट गहरा गया।
Exam Tips
- भूमंडलीकरण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि समझें।
- 19वीं शताब्दी के व्यापार और प्रवास को तैयार करें।
- 1929 की महामंदी के कारण और प्रभाव याद करें।
FAQs
महामंदी कब शुरू हुई?
1929 के बाद विश्व अर्थव्यवस्था में महामंदी का गंभीर प्रभाव दिखाई दिया।