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Bihar Board Class 11 Chemistry Solutions Chapter 14 पर्यावरणीय रसायन

Bihar Board Class 11 Chemistry Chapter 14 – पर्यावरणीय रसायन रसायन विज्ञान का महत्वपूर्ण अध्याय है। इसमें पर्यावरण में होने वाले रासायनिक परिवर्तनों, वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, ग्रीनहाउस प्रभाव, अम्ल वर्षा, धूम कुहरा, ओजोन परत के क्षय और हरित रसायन का अध्ययन किया जाता है।

इस अध्याय में विद्यार्थियों को प्रदूषकों के स्रोत, उनके पर्यावरणीय प्रभाव तथा प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपायों को समझना चाहिए। परीक्षा की दृष्टि से CO प्रदूषण, greenhouse effect, acid rain, photochemical smog, ozone depletion, BOD, pesticides, herbicides, green chemistry और waste management विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।

यह कक्षा 11 रसायन विज्ञान का अंतिम अध्याय है। पिछले अध्याय को पढ़ने के लिए देखें:

Chapter 13 – हाइड्रोकार्बन्स

Table of Contents

पर्यावरणीय रसायन क्या है?

रसायन विज्ञान की वह शाखा जिसमें पर्यावरण में होने वाले रासायनिक परिवर्तनों, प्रदूषकों तथा उनके प्रभावों का अध्ययन किया जाता है, पर्यावरणीय रसायन कहलाती है।

पर्यावरण में मुख्य रूप से वायु, जल, मिट्टी, वनस्पति, जीव-जंतु तथा सूर्य के प्रकाश आदि घटक शामिल होते हैं।

पर्यावरण प्रदूषण

जब किसी पर्यावरणीय घटक में अवांछनीय पदार्थों की मात्रा इतनी बढ़ जाती है कि उससे जीव-जगत तथा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगे, तो इसे पर्यावरण प्रदूषण कहते हैं।

प्रमुख प्रदूषण हैं:

  • वायु प्रदूषण
  • जल प्रदूषण
  • मृदा या भूमि प्रदूषण
  • औद्योगिक प्रदूषण

वायु प्रदूषण

वायु में अवांछनीय गैसों तथा सूक्ष्म ठोस या द्रव कणों की मात्रा बढ़ जाने से वायु प्रदूषण होता है। वायु प्रदूषकों को मुख्य रूप से गैसीय प्रदूषक और कणिकीय प्रदूषक के रूप में समझा जा सकता है।

गैसीय प्रदूषक

महत्वपूर्ण गैसीय प्रदूषकों में सल्फर के ऑक्साइड, नाइट्रोजन के ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन तथा ओजोन आदि शामिल हैं। जीवाश्म ईंधनों के दहन से SO2 जैसे प्रदूषक उत्पन्न हो सकते हैं। 1

कणिकीय प्रदूषक

वायु में निलंबित सूक्ष्म ठोस कण अथवा द्रव की छोटी बूंदों को कणिकीय प्रदूषक कहा जाता है। धूल, धुआँ, कोहरा, राख तथा कुछ जैविक कण इसके उदाहरण हैं।

कणिकीय पदार्थों का प्रभाव उनके आकार पर भी निर्भर करता है। बड़े कण नासिका में रुक सकते हैं, जबकि बहुत छोटे कण श्वसन तंत्र के अंदर तक पहुँच सकते हैं। 2

कार्बन मोनोऑक्साइड प्रदूषण

कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) एक विषैली गैस है। इसका प्रमुख स्रोत कार्बनयुक्त ईंधनों का अपूर्ण दहन है। मोटर वाहनों से निकलने वाला धुआँ भी CO का महत्वपूर्ण स्रोत हो सकता है।

CO अधिक खतरनाक क्यों है?

CO रक्त में उपस्थित हीमोग्लोबिन के साथ बहुत मजबूत बंध बनाकर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन बनाता है। इससे हीमोग्लोबिन की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता कम हो जाती है। इसलिए अधिक मात्रा में CO का संपर्क गंभीर रूप से हानिकारक हो सकता है। 3

परीक्षा में लिखें: कार्बन मोनोऑक्साइड हीमोग्लोबिन के साथ ऑक्सीजन की अपेक्षा अधिक प्रबलता से संयुक्त होकर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन बनाती है।

ग्रीनहाउस प्रभाव

पृथ्वी के वायुमंडल में कुछ गैसें पृथ्वी से निकलने वाले ऊष्मीय विकिरण को अवशोषित करती हैं। इस प्रक्रिया के कारण पृथ्वी का तापमान जीवन के लिए अनुकूल सीमा में बना रहता है। इसे ग्रीनहाउस प्रभाव कहा जाता है।

प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें

  • कार्बन डाइऑक्साइड (CO2)
  • मेथेन (CH4)
  • ओजोन (O3)
  • क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs)

इन गैसों की मात्रा में वृद्धि से भूमंडलीय तापवृद्धि से संबंधित समस्याएँ बढ़ सकती हैं। 4

यदि ग्रीनहाउस गैसें नहीं होतीं तो क्या होता?

यदि पृथ्वी के वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसें बिल्कुल नहीं होतीं, तो पृथ्वी का तापमान काफी कम हो जाता। इससे जीवन के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ प्रभावित होतीं। स्रोत के अभ्यास प्रश्न में भी इसी विषय पर चर्चा की गई है। 5

अम्ल वर्षा

जब वायुमंडल में उपस्थित कुछ अम्लीय ऑक्साइड जल के साथ अभिक्रिया करके अम्ल बनाते हैं और वर्षा के साथ पृथ्वी पर पहुँचते हैं, तो इसे अम्ल वर्षा (Acid Rain) कहते हैं। सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइड इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 6

अम्ल वर्षा में प्रमुख अभिक्रियाएँ

2SO2(g) + O2(g) + 2H2O(l) → 2H2SO4(aq)

4NO2(g) + O2(g) + 2H2O(l) → 4HNO3(aq)

अम्ल वर्षा के प्रभाव

  • जल और मृदा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
  • वनस्पतियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
  • धातु और पत्थर से बनी संरचनाओं का क्षरण होता है।
  • संगमरमर से बने स्मारकों को नुकसान पहुँच सकता है।

अम्लीय वर्षा संगमरमर (CaCO3) जैसी संरचनाओं के साथ अभिक्रिया कर सकती है, जिससे स्मारकों का धीरे-धीरे क्षरण होता है। 7

धूम कुहरा (Smog)

Smoke और Fog शब्दों से मिलकर बना Smog अर्थात धूम कुहरा, धुएँ और कोहरे से संबंधित वायुमंडलीय प्रदूषण है। इसके दो प्रमुख प्रकार हैं:

प्रकारमुख्य विशेषतापरिस्थिति
सामान्य धूम कुहराधूम + कोहरा + SO2ठंडी और नम जलवायु
प्रकाश रासायनिक धूम कुहराNOx, हाइड्रोकार्बन, O3 आदिगर्म, शुष्क और धूप वाला मौसम

सामान्य धूम कुहरा अपचायक प्रकृति का माना जाता है, जबकि प्रकाश रासायनिक धूम कुहरा ऑक्सीकारक प्रकृति का होता है। 8

प्रकाश रासायनिक धूम कुहरा

सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में वाहनों तथा औद्योगिक स्रोतों से निकलने वाले नाइट्रोजन ऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन आपस में विभिन्न प्रकाश-रासायनिक अभिक्रियाएँ करते हैं। इससे ओजोन तथा अन्य ऑक्सीकारक पदार्थ बन सकते हैं।

प्रकाश रासायनिक धूम कुहरे में ओजोन, NO2, PAN, formaldehyde और अन्य ऑक्सीकारक पदार्थ महत्वपूर्ण हो सकते हैं। 9

प्रकाश रासायनिक धूम कुहरे के दुष्प्रभाव

  • आँखों में जलन
  • नाक और गले में जलन
  • खाँसी और श्वसन संबंधी परेशानी
  • पौधों पर हानिकारक प्रभाव
  • रबर तथा कुछ निर्माण सामग्री का क्षय

नियंत्रण के उपाय

Photochemical smog को कम करने के लिए उसके प्रमुख पूर्वगामियों, विशेषकर नाइट्रोजन ऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन के उत्सर्जन को नियंत्रित करना आवश्यक है। वाहनों में catalytic converters जैसे उपाय उपयोगी हो सकते हैं। 10

ओजोन परत

समतापमंडल में उपस्थित ओजोन की अधिक सांद्रता वाला क्षेत्र पृथ्वी को सूर्य के हानिकारक पराबैंगनी विकिरणों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ओजोन का निर्माण ऑक्सीजन अणुओं पर पराबैंगनी विकिरण की क्रिया से संबंधित है।

O2 + UV → 2O

O + O2 → O3

ओजोन परत का क्षय

कुछ CFC यौगिक समतापमंडल तक पहुँचकर तीव्र UV विकिरण से टूट सकते हैं और क्लोरीन मुक्त मूलक उत्पन्न कर सकते हैं। ये क्लोरीन मूलक ओजोन के साथ श्रृंखला अभिक्रियाओं में भाग लेकर ओजोन को नष्ट कर सकते हैं। 11

ओजोन क्षय की महत्वपूर्ण अभिक्रियाएँ

Cl + O3 → ClO + O2

ClO + O → Cl + O2

इन अभिक्रियाओं में क्लोरीन मूलक पुनः उत्पन्न हो जाता है और आगे भी ओजोन के क्षय में भाग ले सकता है।

ओजोन छिद्र

ओजोन परत के किसी क्षेत्र में ओजोन की सांद्रता में अत्यधिक कमी को सामान्य रूप से ओजोन छिद्र कहा जाता है। अंटार्कटिका के ऊपर ओजोन क्षय इस विषय का प्रमुख उदाहरण है। स्रोत में polar stratospheric clouds और chlorine chemistry के माध्यम से इस प्रक्रिया को समझाया गया है। 12

ओजोन छिद्र के प्रभाव

  • पृथ्वी तक अधिक UV विकिरण पहुँच सकता है।
  • त्वचा पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकते हैं।
  • आँखों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
  • पादप-प्लवकों तथा जलीय पारिस्थितिकी पर प्रभाव पड़ सकता है।
  • कुछ फसलों और वनस्पतियों को नुकसान हो सकता है।

जल प्रदूषण

जब जल में ऐसे पदार्थों की मात्रा बढ़ जाती है जो जल की गुणवत्ता और जलीय जीवन को प्रभावित करते हैं, तो उसे जल प्रदूषण कहते हैं।

जल प्रदूषण के प्रमुख कारण

  • घरेलू सीवेज
  • औद्योगिक अपशिष्ट
  • कार्बनिक अपशिष्ट
  • रोगजनक सूक्ष्मजीव
  • कृषि से बहकर आने वाले उर्वरक और कीटनाशक

रोगजनक जीव घरेलू सीवेज और पशु अपशिष्ट के माध्यम से जल में पहुँच सकते हैं। कार्बनिक पदार्थों की अधिक मात्रा भी जल की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। 13

BOD क्या है?

BOD का पूरा नाम Biochemical Oxygen Demand अर्थात जैव-रासायनिक ऑक्सीजन माँग है। जल में उपस्थित जैव-विघटनीय कार्बनिक पदार्थों को सूक्ष्मजीवों द्वारा विघटित करने के लिए आवश्यक घुलित ऑक्सीजन की मात्रा को BOD कहा जाता है।

सामान्यतः जल में कार्बनिक प्रदूषण अधिक होने पर BOD का मान भी अधिक हो सकता है। स्रोत में स्वच्छ जल के लिए BOD को 5 ppm से कम तथा अत्यधिक प्रदूषित जल के लिए 17 ppm या उससे अधिक बताया गया है। 14

जल में घुलित ऑक्सीजन की कमी

जब जल में कार्बनिक पदार्थ अधिक मात्रा में पहुँचते हैं, तो सूक्ष्मजीव उनके अपघटन के लिए घुली हुई ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं। इससे जल में dissolved oxygen कम हो सकती है।

ऑक्सीजन की कमी होने पर मछलियों सहित जलीय जीवों के लिए प्रतिकूल परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। स्रोत के उदाहरण में अधिक phytoplankton की उपस्थिति और ऑक्सीजन की कमी को मछलियों की मृत्यु से जोड़ा गया है। 15

मृदा या भूमि प्रदूषण

मृदा में अवांछनीय रसायनों, अपशिष्टों और प्रदूषकों की मात्रा बढ़ने से मृदा प्रदूषण होता है। कृषि में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अत्यधिक या अनुचित प्रयोग इसका एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है।

मृदा प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपाय

  • कीटनाशकों का आवश्यकता के अनुसार उपयोग करना चाहिए।
  • रासायनिक उर्वरकों की मात्रा नियंत्रित रखनी चाहिए।
  • मिट्टी और सिंचाई के जल की जाँच करानी चाहिए।
  • कम्पोस्ट तथा जैविक खाद को बढ़ावा देना चाहिए।
  • मृदा अपरदन को रोकने के लिए वृक्षारोपण करना चाहिए।
  • खेतों में उचित जल निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए।

ये उपाय स्रोत में दिए गए मृदा प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रश्न के मुख्य बिंदुओं पर आधारित हैं। 16

पीड़कनाशी (Pesticides)

ऐसे रासायनिक पदार्थ जिनका उपयोग फसलों को हानिकारक कीटों और कुछ रोगों से बचाने के लिए किया जाता है, पीड़कनाशी कहलाते हैं।

उदाहरण:

  • एल्ड्रीन
  • डायल्ड्रीन
  • BHC

कुछ पीड़कनाशी जैव-अवक्रमणीय नहीं होते और खाद्य श्रृंखला में एक पोषी स्तर से दूसरे पोषी स्तर तक पहुँच सकते हैं। 17

शाकनाशी (Herbicides)

खरपतवारों को नष्ट करने के लिए प्रयुक्त रसायनों को शाकनाशी कहा जाता है।

उदाहरण:

  • सोडियम क्लोरेट – NaClO3
  • सोडियम आर्सेनेट – Na3AsO3

जैव आवर्धन (Biomagnification)

कुछ स्थायी और जैव-अवक्रमणीय प्रदूषक खाद्य श्रृंखला में एक पोषी स्तर से अगले पोषी स्तर तक पहुँचते हुए उच्च पोषी स्तरों पर अधिक सांद्रता में जमा हो सकते हैं। इस घटना को जैव आवर्धन कहा जाता है।

पीड़कनाशियों के संदर्भ में यह प्रक्रिया विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। 18

हरित रसायन

ऐसे रासायनिक सिद्धांत और प्रक्रियाएँ जिनका उद्देश्य रसायनों और रासायनिक प्रक्रियाओं के कारण होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को कम करना है, हरित रसायन (Green Chemistry) कहलाती हैं।

हरित रसायन का उद्देश्य ऐसे उत्पाद और प्रक्रियाएँ विकसित करना है जिनमें कम अपशिष्ट, कम ऊर्जा खपत और कम पर्यावरणीय प्रदूषण हो। 19

हरित रसायन के प्रमुख लाभ

  • अपशिष्ट उत्पादन कम होता है।
  • ऊर्जा की बचत हो सकती है।
  • हानिकारक रसायनों का उपयोग कम किया जा सकता है।
  • उत्पादन प्रक्रिया अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाई जा सकती है।
  • संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग होता है।

हरित रसायन के उदाहरण

1. कपड़ों की निर्जल धुलाई

कुछ पारंपरिक dry-cleaning solvents पर्यावरण के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए अपेक्षाकृत कम हानिकारक विकल्पों की ओर बढ़ना हरित रसायन की दिशा में एक कदम है। स्रोत में liquid CO2 तथा उपयुक्त detergent के प्रयोग का उल्लेख है। 20

2. कागज का विरंजन

कागज को bleach करने के लिए क्लोरीन के स्थान पर hydrogen peroxide जैसे विकल्पों का उपयोग पर्यावरणीय दृष्टि से अधिक अनुकूल प्रक्रिया का उदाहरण है। 21

3. रासायनिक संश्लेषण

हरित रसायन में ऐसे reaction conditions चुने जाते हैं जिनसे अधिक मात्रा में उपयोगी उत्पाद मिले और अनावश्यक उप-उत्पाद तथा अपशिष्ट कम बने।

घरेलू अपशिष्ट और कम्पोस्ट

घरेलू कचरे में जैव-अवक्रमणीय तथा अजैव-अवक्रमणीय दोनों प्रकार के पदार्थ होते हैं। इन्हें अलग-अलग करना अपशिष्ट प्रबंधन का महत्वपूर्ण चरण है।

अपशिष्टप्रबंधन
पत्तियाँ और जैविक कचराकम्पोस्ट बनाया जा सकता है
प्लास्टिकपुनर्चक्रण
काँचपुनर्चक्रण
धातुपुनर्चक्रण

जैव-अवक्रमणीय कार्बनिक अपशिष्ट को उचित तरीके से कम्पोस्ट में बदला जा सकता है। 22

कम्पोस्ट खाद

पत्तियों, घास और अन्य जैव-अवक्रमणीय घरेलू या कृषि अपशिष्टों को उचित परिस्थितियों में सूक्ष्मजीवों द्वारा विघटित कराने पर प्राप्त जैविक खाद को कम्पोस्ट खाद कहा जाता है।

कम्पोस्ट बनाने के लिए जैविक कचरे को अलग करके उचित स्थान पर रखा जाता है और समय के साथ उसका जैविक अपघटन होता है। तैयार कम्पोस्ट को पौधों और खेतों में खाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है। 23

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण अंतर

सामान्य धूम कुहरा और प्रकाश रासायनिक धूम कुहरा

आधारसामान्य धूम कुहराप्रकाश रासायनिक धूम कुहरा
जलवायुठंडी और नमगर्म, शुष्क और धूप वाली
मुख्य घटकधुआँ, कोहरा, SO2NOx, hydrocarbons, O3 आदि
प्रकृतिअपचायकऑक्सीकारक
सूर्यप्रकाश की भूमिकामुख्य नहींमहत्वपूर्ण

महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर

प्रश्न 1. पर्यावरणीय रसायन को परिभाषित कीजिए।

उत्तर: पर्यावरण में होने वाले रासायनिक परिवर्तनों तथा उनके प्रभावों का अध्ययन करने वाली रसायन विज्ञान की शाखा को पर्यावरणीय रसायन कहते हैं।

प्रश्न 2. CO, CO2 से अधिक खतरनाक क्यों है?

उत्तर: CO हीमोग्लोबिन के साथ प्रबलता से जुड़कर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन बनाता है और रक्त की ऑक्सीजन परिवहन क्षमता को कम करता है।

प्रश्न 3. ग्रीनहाउस गैसों के नाम लिखिए।

उत्तर: CO2, CH4, O3 और CFCs प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों के उदाहरण हैं।

प्रश्न 4. अम्ल वर्षा क्या है?

उत्तर: वायुमंडल में उपस्थित सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइड आदि जब जल के साथ अभिक्रिया करके अम्ल बनाते हैं और वर्षा के साथ पृथ्वी पर पहुँचते हैं, तो इसे अम्ल वर्षा कहते हैं।

प्रश्न 5. प्रकाश रासायनिक धूम कुहरा क्या है?

उत्तर: सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में नाइट्रोजन ऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन की प्रकाश-रासायनिक अभिक्रियाओं से बनने वाला ऑक्सीकारक धूम कुहरा प्रकाश रासायनिक धूम कुहरा कहलाता है।

प्रश्न 6. BOD का पूरा नाम क्या है?

उत्तर: BOD का पूरा नाम Biochemical Oxygen Demand अर्थात जैव-रासायनिक ऑक्सीजन माँग है।

प्रश्न 7. ओजोन परत के क्षय का प्रमुख कारण क्या है?

उत्तर: CFCs से उत्पन्न chlorine radicals ओजोन के साथ श्रृंखला अभिक्रियाओं में भाग लेकर ओजोन का क्षय कर सकते हैं।

प्रश्न 8. जैव आवर्धन क्या है?

उत्तर: खाद्य श्रृंखला के उच्च पोषी स्तरों पर किसी स्थायी प्रदूषक की सांद्रता का बढ़ना जैव आवर्धन कहलाता है।

प्रश्न 9. पीड़कनाशी और शाकनाशी में अंतर बताइए।

उत्तर: पीड़कनाशी का उपयोग हानिकारक कीटों आदि को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है, जबकि शाकनाशी का उपयोग खरपतवारों को नष्ट करने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 10. हरित रसायन क्या है?

उत्तर: रासायनिक प्रक्रियाओं और उत्पादों को इस प्रकार विकसित करने का दृष्टिकोण जिससे प्रदूषण, अपशिष्ट और संसाधनों की अनावश्यक खपत कम हो, हरित रसायन कहलाता है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)

प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन-सी ग्रीनहाउस गैस है?

(A) CH4
(B) N2
(C) H2
(D) He

उत्तर: (A) CH4

प्रश्न 2. CO मुख्य रूप से किस प्रक्रिया से बनती है?

(A) पूर्ण दहन
(B) अपूर्ण दहन
(C) प्रकाश संश्लेषण
(D) वाष्पीकरण

उत्तर: (B) अपूर्ण दहन

प्रश्न 3. BOD किससे संबंधित है?

(A) वायु प्रदूषण
(B) जल प्रदूषण
(C) ध्वनि प्रदूषण
(D) मृदा अपरदन

उत्तर: (B) जल प्रदूषण

प्रश्न 4. प्रकाश रासायनिक धूम कुहरा मुख्यतः किस मौसम में बनता है?

(A) ठंडा और नम
(B) गर्म, शुष्क और धूप वाला
(C) केवल वर्षा ऋतु
(D) केवल बर्फीले क्षेत्र

उत्तर: (B) गर्म, शुष्क और धूप वाला

प्रश्न 5. अम्ल वर्षा में मुख्य रूप से कौन-से ऑक्साइड महत्वपूर्ण हैं?

(A) SO2 और NOx
(B) H2 और O2
(C) He और Ne
(D) केवल CO

उत्तर: (A) SO2 और NOx

प्रश्न 6. ओजोन का रासायनिक सूत्र है –

(A) O
(B) O2
(C) O3
(D) O4

उत्तर: (C) O3

प्रश्न 7. BOD का मान अधिक होना सामान्यतः किसका संकेत है?

(A) अधिक जैविक प्रदूषण
(B) शुद्ध जल
(C) अधिक ऑक्सीजन
(D) कम कार्बनिक पदार्थ

उत्तर: (A) अधिक जैविक प्रदूषण

प्रश्न 8. खरपतवार को नियंत्रित करने के लिए प्रयुक्त रसायन कहलाते हैं –

(A) पीड़कनाशी
(B) शाकनाशी
(C) उर्वरक
(D) उत्प्रेरक

उत्तर: (B) शाकनाशी

प्रश्न 9. निम्न में से कौन जल प्रदूषण का स्रोत हो सकता है?

(A) घरेलू सीवेज
(B) शुद्ध ऑक्सीजन
(C) सूर्य का प्रकाश
(D) नाइट्रोजन गैस

उत्तर: (A) घरेलू सीवेज

प्रश्न 10. Green Chemistry का प्रमुख उद्देश्य है –

(A) प्रदूषण बढ़ाना
(B) अपशिष्ट बढ़ाना
(C) पर्यावरणीय नुकसान कम करना
(D) ऊर्जा की अधिक खपत करना

उत्तर: (C) पर्यावरणीय नुकसान कम करना

Chapter 14 के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

विषयमुख्य तथ्य
COहीमोग्लोबिन से प्रबलता से जुड़ती है
CO2ग्रीनहाउस प्रभाव में योगदान
Acid RainSOx और NOx से संबंधित
Photochemical SmogNOx + Hydrocarbons + Sunlight
OzoneO3
BODBiochemical Oxygen Demand
Pesticideहानिकारक कीटों के नियंत्रण में उपयोग
Herbicideखरपतवार नियंत्रण में उपयोग
Green Chemistryकम प्रदूषण और कम अपशिष्ट वाली रासायनिक प्रक्रिया
Compostजैव-अवक्रमणीय अपशिष्ट से खाद

अध्याय 14 का संक्षिप्त सारांश

पर्यावरणीय रसायन में पर्यावरण के विभिन्न घटकों में होने वाले रासायनिक परिवर्तन और प्रदूषण का अध्ययन किया जाता है। वायु प्रदूषण में गैसीय और कणिकीय प्रदूषक महत्वपूर्ण हैं। CO हीमोग्लोबिन से जुड़कर शरीर में ऑक्सीजन परिवहन को प्रभावित करती है।

CO2, CH4, O3 और CFCs जैसी गैसें greenhouse effect से संबंधित हैं। SO2 और nitrogen oxides acid rain में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। Smog के सामान्य और photochemical प्रकारों में अंतर परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

ओजोन परत पृथ्वी को हानिकारक UV विकिरण से बचाने में महत्वपूर्ण है। CFCs से उत्पन्न chlorine radicals ozone depletion में भूमिका निभा सकते हैं। जल प्रदूषण में BOD एक महत्वपूर्ण अवधारणा है और अधिक जैविक पदार्थों के कारण BOD बढ़ सकती है।

मृदा प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए रसायनों का संतुलित उपयोग, कम्पोस्ट और जैविक खाद को बढ़ावा देना तथा उचित कृषि पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है। हरित रसायन का लक्ष्य कम अपशिष्ट और कम पर्यावरणीय नुकसान वाली रासायनिक प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना है।

अध्याय से जुड़े महत्वपूर्ण लिंक

Chapter 13 – हाइड्रोकार्बन्स

निष्कर्ष

Bihar Board Class 11 Chemistry Chapter 14 – पर्यावरणीय रसायन में प्रदूषण और पर्यावरण से संबंधित रासायनिक प्रक्रियाओं को समझाया गया है। बोर्ड परीक्षा की तैयारी करते समय CO प्रदूषण, greenhouse effect, acid rain, सामान्य एवं photochemical smog, ozone depletion, ozone hole, water pollution, BOD, soil pollution, pesticides, herbicides, green chemistry और composting को विशेष रूप से तैयार करना चाहिए।

इस अध्याय में परिभाषा आधारित प्रश्नों के साथ-साथ कारण बताइए, अंतर बताइए और रासायनिक अभिक्रियाओं से जुड़े प्रश्न भी महत्वपूर्ण हैं।

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