Bihar Board Class 11 History Chapter 9 – औद्योगिक क्रांति में 18वीं और 19वीं शताब्दी में ब्रिटेन में हुए औद्योगिक परिवर्तनों का अध्ययन किया जाता है। इस अध्याय में कृषि क्रांति, मशीनों के आविष्कार, कारखाना पद्धति, कपड़ा उद्योग, लोहा-कोयला उद्योग, भाप की शक्ति, रेलवे, मजदूरों की स्थिति और औद्योगिक क्रांति के सामाजिक तथा आर्थिक प्रभावों को समझाया गया है।
अध्याय का परिचय
औद्योगिक क्रांति उन व्यापक परिवर्तनों की प्रक्रिया थी जिनके कारण उत्पादन का तरीका बदल गया। पहले वस्तुओं का निर्माण मुख्यतः घरों या छोटी कार्यशालाओं में हाथ से किया जाता था। बाद में मशीनों, कारखानों और नई ऊर्जा-स्रोतों के प्रयोग से बड़े पैमाने पर उत्पादन होने लगा।
इस परिवर्तन की शुरुआत सबसे पहले ब्रिटेन में हुई। ब्रिटेन में पूँजी, कच्चा माल, कोयला और लौह-अयस्क, व्यापारिक बाजार, बैंकिंग व्यवस्था तथा तकनीकी आविष्कारों जैसी कई परिस्थितियाँ एक साथ उपलब्ध थीं।
पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. ब्रिटेन (इंग्लैंड) 1793 से 1815 तक कई युद्धों में लिप्त रहा। इसका ब्रिटेन के उद्योगों पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: 1793 से 1815 तक ब्रिटेन लंबे समय तक युद्धों में व्यस्त रहा। इससे यूरोप के साथ उसका व्यापार प्रभावित हुआ। कई उद्योगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और कुछ कारखाने बंद करने पड़े। बेरोजगारी बढ़ी तथा रोटी और मांस जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि हुई।
प्रश्न 2. नहर और रेलवे परिवहन के सापेक्षिक लाभ क्या-क्या हैं?
उत्तर:
| नहर परिवहन | रेल परिवहन |
|---|---|
| भारी सामान को अपेक्षाकृत सस्ते में ले जाया जा सकता था। | सामान को कम समय में दूर तक पहुँचाया जा सकता था। |
| भारी माल के परिवहन के लिए उपयोगी था। | देश के अंदरूनी भागों तक माल पहुँचाना आसान था। |
| परिवहन की गति अपेक्षाकृत कम थी। | परिवहन अधिक तेज था। |
प्रश्न 3. इस अवधि में किए गए आविष्कारों की दिलचस्प विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर: औद्योगिक क्रांति के समय हुए कई आविष्कार केवल सैद्धांतिक वैज्ञानिक ज्ञान के आधार पर नहीं हुए थे। इनमें दृढ़ता, रुचि, जिज्ञासा, व्यावहारिक अनुभव और कभी-कभी संयोग की भी भूमिका थी।
- रिचर्ड आर्कराइट मूल रूप से नाई था, लेकिन उसने वाटर फ्रेम का विकास किया।
- सैम्युअल क्रॉम्पटन ने म्यूल मशीन विकसित की।
- एडमंड कार्टराइट का प्रारंभिक अध्ययन साहित्य, चिकित्सा और कृषि से संबंधित था।
- जॉन मैकऐडम ने सड़क निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- जेम्स ब्रिंडली ने नहर निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया।
प्रश्न 4. बताइए कि ब्रिटेन के औद्योगीकरण पर कच्चे माल की आपूर्ति का क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: ब्रिटेन में औद्योगिक विकास के लिए कच्चे माल की आवश्यकता तेजी से बढ़ी। इंग्लैंड भारत से बड़ी मात्रा में सूती कपड़ा मंगाता था। बाद में भारत से कच्ची कपास का आयात भी बढ़ा। इंग्लैंड में कपास की कताई और बुनाई करके तैयार कपड़ा बनाया जाने लगा।
नई मशीनों के कारण कताई और बुनाई की गति बढ़ी। धीरे-धीरे उत्पादन घरों से हटकर कारखानों में जाने लगा। इस प्रकार कच्चे माल की नियमित आपूर्ति ने ब्रिटेन के कपड़ा उद्योग के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रश्न 5. ब्रिटेन में स्त्रियों के भिन्न-भिन्न वर्गों के जीवन पर औद्योगिक क्रांति का क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: औद्योगिक क्रांति का महिलाओं के विभिन्न वर्गों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ा।
निर्धन वर्ग की महिलाएँ: गरीब परिवारों की महिलाएँ कारखानों में काम करने लगीं। उन्हें लंबे समय तक काम करना पड़ता था और मजदूरी कम थी। कारखानों का वातावरण कठिन और असुरक्षित था, जिसका उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता था।
मध्यम और धनी वर्ग की महिलाएँ: उन्हें नई उपभोक्ता वस्तुओं और भोजन सामग्री की उपलब्धता का लाभ मिला। परिवहन और संचार के विकास से उनकी जीवन-शैली में भी परिवर्तन आया।
प्रश्न 6. विश्व के भिन्न-भिन्न देशों में रेलवे आ जाने से वहाँ के जनजीवन पर क्या प्रभाव पड़ा? तुलनात्मक विवेचना कीजिए।
उत्तर: रेलवे ने परिवहन को तेज और अधिक व्यवस्थित बनाया। औद्योगिक देशों को इससे कच्चा माल और तैयार माल तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने में सुविधा हुई।
उपनिवेशों में रेलवे का प्रयोग संसाधनों को अंदरूनी क्षेत्रों से बंदरगाहों तक पहुँचाने के लिए भी किया गया। इससे औपनिवेशिक व्यापार का विस्तार हुआ। दूसरी ओर, कई उपनिवेशों के पारंपरिक उद्योगों को विदेशी मशीन-निर्मित वस्तुओं से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ी।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. कृषि क्रांति की परिभाषा लिखिए।
उत्तर: 18वीं शताब्दी में कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीकों, नई मशीनों और बेहतर कृषि पद्धतियों के प्रयोग से उत्पादन में हुई वृद्धि को कृषि क्रांति कहा जाता है।
प्रश्न 2. 18वीं शताब्दी में कृषि क्रांति के दो कारण लिखिए।
उत्तर: कृषि के क्षेत्र में नई वैज्ञानिक खोजें हुईं और नई मशीनों के प्रयोग से खेत जोतने तथा फसल काटने का काम अधिक तेजी से होने लगा।
प्रश्न 3. कृषि क्रांति में योगदान देने वाले दो प्रमुख व्यक्तियों के नाम बताइए।
उत्तर: जीथरो टुल और रॉबर्ट वेस्टनर के नाम source में दिए गए हैं। जीथरो टुल की सीड ड्रिल तथा वेस्टनर की कृषि पद्धति से संबंधित योगदान का उल्लेख किया गया है।
प्रश्न 4. कृषि क्रांति के दो अच्छे प्रभाव बताइए।
उत्तर: कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई और बड़े कृषि फार्मों का विकास हुआ। इससे कृषि उत्पादन की क्षमता बढ़ी और कुछ कृषक अधिक समृद्ध हुए।
प्रश्न 5. कृषि क्रांति के दो बुरे परिणाम बताइए।
उत्तर: छोटे किसानों पर दबाव बढ़ा और भूमिहीन मजदूरों की संख्या बढ़ी। साथ ही घरेलू उद्योगों को भी नुकसान पहुँचा।
प्रश्न 6. औद्योगिक क्रांति के दो सामाजिक प्रभाव बताइए।
उत्तर: समाज में पूँजीपति और मजदूर वर्ग का विकास हुआ। दोनों वर्गों के आर्थिक हितों में अंतर के कारण श्रमिक और पूँजीपति के बीच संघर्ष भी बढ़ा।
प्रश्न 7. औद्योगिक क्रांति के दो आर्थिक प्रभाव बताइए।
उत्तर: मशीनों के कारण उत्पादन की मात्रा बढ़ी और घरेलू उद्योगों में काम करने वाले अनेक लोगों को रोजगार की समस्या का सामना करना पड़ा। मजदूरों की आर्थिक स्थिति भी कठिन हुई।
प्रश्न 8. औद्योगिक क्रांति के पश्चात मजदूरों की दशा सुधारने के लिए क्या कदम उठाए गए?
उत्तर: फैक्टरी कानून बनाए गए और काम के घंटे सीमित करने का प्रयास किया गया। बच्चों को कम आयु में कारखानों में काम करने से रोकने के लिए भी कानून बनाए गए।
प्रश्न 9. इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति होने के दो महत्वपूर्ण कारण बताइए।
उत्तर: इंग्लैंड में पूँजी की पर्याप्त उपलब्धता थी और वहाँ कोयला तथा लौह-अयस्क जैसे प्राकृतिक संसाधन पर्याप्त मात्रा में थे।
प्रश्न 10. भाप के इंजन ने उद्योग तथा यातायात के क्षेत्र में किस प्रकार परिवर्तन किया?
उत्तर: भाप की शक्ति से मशीनों को चलाना संभव हुआ और बड़े पैमाने पर उत्पादन बढ़ा। बाद में भाप के इंजन का प्रयोग रेलवे तथा जहाजों में भी हुआ, जिससे परिवहन तेज हुआ।
प्रश्न 11. औद्योगिक क्रांति का इंग्लैंड के श्रमिकों पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: श्रमिकों को लंबे समय तक काम करना पड़ता था। काम करने की परिस्थितियाँ कठिन थीं, मजदूरी कम थी तथा कारखानों में सुरक्षा और स्वास्थ्य की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
प्रश्न 12. कारखाना पद्धति से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: जब उत्पादन घरों के बजाय मशीनों और संगठित श्रम की सहायता से कारखानों में बड़े पैमाने पर किया जाने लगा, तो इसे कारखाना पद्धति कहा गया।
प्रश्न 13. समाजवाद की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: समाजवाद ऐसी आर्थिक व्यवस्था की अवधारणा है जिसमें उत्पादन के साधनों पर समाज या राज्य का नियंत्रण हो तथा उत्पादन का उद्देश्य व्यापक सामाजिक हित माना जाए।
प्रश्न 14. औद्योगिक क्रांति ने साम्राज्यवाद को किस प्रकार जन्म दिया?
उत्तर: उद्योगों के लिए कच्चे माल और तैयार वस्तुओं के लिए बाजार की आवश्यकता बढ़ी। यूरोपीय देशों ने एशिया और अफ्रीका में कच्चे माल तथा बाजार प्राप्त करने के लिए अपना राजनीतिक प्रभाव बढ़ाया। इससे साम्राज्यवाद का विस्तार हुआ।
प्रश्न 15. मजदूर आंदोलन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर: खराब कामकाजी परिस्थितियों, कम मजदूरी और लंबे कार्य समय के विरोध में मजदूरों ने संगठन बनाए। उन्होंने बेहतर मजदूरी, काम के कम घंटे और श्रमिक अधिकारों की माँग की।
प्रश्न 16. इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति का भारत पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: ब्रिटिश मशीन-निर्मित वस्तुओं के कारण भारतीय पारंपरिक उद्योगों को कठिन प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। भारत से कच्चा माल ब्रिटिश उद्योगों के लिए भेजा जाने लगा और तैयार माल भारतीय बाजार में बेचा गया।
प्रश्न 17. अंग्रेजों की भारत पर विजय ने इंग्लैंड की औद्योगिक क्रांति की प्रगति में किस प्रकार सहायता की?
उत्तर: भारत ब्रिटिश तैयार माल का एक बड़ा बाजार बना। साथ ही भारत से कच्चा माल ब्रिटेन के उद्योगों को मिलता था। इस प्रकार भारत ब्रिटिश औद्योगिक व्यवस्था के लिए बाजार और कच्चे माल का महत्वपूर्ण स्रोत बना।
प्रश्न 18. औद्योगिक क्रांति से उत्पन्न प्रमुख बुराइयाँ बताइए।
उत्तर: शहरी भीड़, आवास और स्वास्थ्य की समस्याएँ बढ़ीं। श्रमिकों की कठिन परिस्थितियाँ, बाल एवं महिला श्रम, उपनिवेशवाद तथा साम्राज्यवादी प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी।
प्रश्न 19. पूर्व औद्योगिक और औद्योगिक क्रांति के बाद उत्पादन के तरीकों में अंतर बताइए।
| पूर्व औद्योगिक व्यवस्था | औद्योगिक क्रांति के बाद |
|---|---|
| उत्पादन मुख्यतः घरों में होता था। | उत्पादन मुख्यतः कारखानों में होने लगा। |
| हाथ के औजारों का प्रयोग अधिक था। | मशीनों का प्रयोग बढ़ा। |
| उत्पादन सीमित मात्रा में होता था। | बड़े पैमाने पर उत्पादन होने लगा। |
| स्थानीय जरूरतों पर अधिक ध्यान था। | व्यापक बाजारों के लिए उत्पादन बढ़ा। |
प्रश्न 20. 18वीं शताब्दी में हुए मुख्य आविष्कारों को उनके आविष्कारकों के नाम सहित लिखिए।
| आविष्कार | आविष्कारक |
|---|---|
| फ्लाइंग शटल | जॉन के |
| स्पिनिंग जैनी | जेम्स हारग्रीव्ज |
| वाटर फ्रेम | रिचर्ड आर्कराइट |
| म्यूल | सैम्युअल क्रॉम्पटन |
| पावरलूम | एडमंड कार्टराइट |
| भाप इंजन में सुधार | जेम्स वाट |
| सड़क निर्माण की नई पद्धति | जॉन मैकऐडम |
| नहर निर्माण | जेम्स ब्रिंडली |
प्रश्न 21. प्रथम औद्योगिक क्रांति से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: 1780 के दशक से 1850 के दशक के बीच ब्रिटेन में उद्योगों और अर्थव्यवस्था में हुए बड़े परिवर्तन को प्रथम औद्योगिक क्रांति कहा जाता है।
प्रश्न 22. ‘औद्योगिक क्रांति’ शब्द का प्रचलन कैसे हुआ?
उत्तर: यूरोपीय विद्वानों ने औद्योगिक परिवर्तन के लिए ‘औद्योगिक क्रांति’ शब्द का प्रयोग किया। बाद में यह शब्द ब्रिटेन में 18वीं और 19वीं शताब्दी के औद्योगिक परिवर्तनों के लिए व्यापक रूप से प्रचलित हुआ।
प्रश्न 23. दूसरी औद्योगिक क्रांति क्या थी?
उत्तर: लगभग 1850 के बाद औद्योगिक विकास का दूसरा चरण आया। इसमें रसायन, बिजली और नई तकनीकों जैसे क्षेत्रों का विस्तार हुआ तथा जर्मनी और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसी शक्तियों का औद्योगिक महत्व बढ़ा।
प्रश्न 24. 1750 से 1800 ई. के बीच यूरोप की जनसंख्या का मुख्य पहलू क्या था?
उत्तर: इस अवधि में यूरोप के अनेक शहरों की जनसंख्या तेजी से बढ़ी। ब्रिटेन के कई शहरों में विशेष रूप से तेज शहरीकरण दिखाई दिया और लंदन सबसे बड़ा शहर बना रहा।
प्रश्न 25. इंग्लैंड में मशीनीकरण तथा उद्योग के काम आने वाले कौन-कौन से खनिज उपलब्ध थे?
उत्तर: कोयला और लौह-अयस्क पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थे। इसके अलावा सीसा, ताँबा और टिन जैसे खनिज भी पाए जाते थे।
प्रश्न 26. लोहा-प्रगलन के लिए काठकोयले के प्रयोग की क्या समस्याएँ थीं?
उत्तर: काठकोयला पर्याप्त तापमान उत्पन्न नहीं कर पाता था, उसकी उपलब्धता सीमित थी और लंबी दूरी तक ले जाने में समस्या होती थी। इसलिए लोहे के उत्पादन के लिए बेहतर ईंधन की आवश्यकता थी।
प्रश्न 27. जॉन विल्किनसन ने लोहे का उपयोग किस-किस काम के लिए किया?
उत्तर: उन्होंने लोहे से कुर्सियाँ और पाइप जैसी वस्तुएँ बनाने में योगदान दिया। उन्होंने ढलवाँ लोहे की बड़ी पाइपों के निर्माण को भी विकसित किया।
प्रश्न 28. ब्रिटेन के औद्योगीकरण में भाप की शक्ति का क्या महत्व था?
उत्तर: भाप की शक्ति से मशीनों को लगातार चलाना संभव हुआ। यह ऊर्जा का उपयोगी और अपेक्षाकृत भरोसेमंद स्रोत बनी तथा खनन, कारखानों और परिवहन के विकास में सहायक हुई।
प्रश्न 29. थॉमस न्यूकॉमेन ने भाप का इंजन कब बनाया? इसमें क्या कमी थी?
उत्तर: थॉमस न्यूकॉमेन ने 1712 में भाप इंजन बनाया। इसकी प्रमुख कमी यह थी कि संघनन बेलन को बार-बार ठंडा करना पड़ता था, जिससे ऊर्जा की काफी हानि होती थी।
प्रश्न 30. कपड़े के उद्योग में आधुनिक युग के आरंभ में किस तरह से क्रांति आई? किन्हीं दो मशीनों के नाम लिखिए।
उत्तर: कताई और बुनाई की नई मशीनों ने कपड़ा उत्पादन की गति और मात्रा बढ़ा दी। उत्पादन धीरे-धीरे घरों से हटकर कारखानों में जाने लगा। प्रमुख मशीनों में फ्लाइंग शटल और पावरलूम शामिल हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. ब्रिटेन के लिए कपास उद्योग का क्या महत्व था?
उत्तर: 1780 के दशक से कपास उद्योग ब्रिटिश औद्योगीकरण का महत्वपूर्ण आधार बन गया। ब्रिटेन में कपास का उत्पादन पर्याप्त नहीं था, इसलिए कच्ची कपास आयात की जाती थी। तैयार कपड़े का बड़ा हिस्सा विदेशी बाजारों में बेचा जाता था। इस उद्योग ने कारखाना प्रणाली, श्रमिकों और मशीनों के विकास को बढ़ावा दिया।
प्रश्न 2. 18वीं शताब्दी तक ब्रिटेन में प्रयोग में लाने योग्य लोहे की क्या समस्या थी? धमनभट्टी के आविष्कार ने इस समस्या का समाधान कैसे किया?
उत्तर: पहले लोहे के प्रगलन में काठकोयले का प्रयोग होता था। इससे पर्याप्त तापमान प्राप्त करना कठिन था और उच्च गुणवत्ता का लोहा बनाना मुश्किल था। 1709 में अब्राहम डर्बी द्वारा कोक के प्रयोग ने इस समस्या को दूर करने में सहायता की। कोक से अधिक तापमान प्राप्त हुआ और लोहे का उत्पादन अधिक प्रभावी हुआ।
प्रश्न 3. 1830 ई. तक ब्रिटेन में नहरों के विकास का विवरण दीजिए।
उत्तर: प्रारंभ में नहरें मुख्यतः कोयले को खानों से शहरों तक पहुँचाने के लिए बनाई गईं। 1761 में जेम्स ब्रिंडली द्वारा वर्सली कैनाल का निर्माण किया गया। नहरों से भारी सामान का परिवहन सड़क की तुलना में सस्ता हुआ। बाद में विभिन्न नहरें आपस में जुड़ गईं और अनेक औद्योगिक नगर व्यापारिक नेटवर्क से जुड़े।
प्रश्न 4. 1842 के सर्वेक्षण से ब्रिटेन में लोगों की जीवन-अवधि तथा मौतों के बारे में क्या तथ्य सामने आए?
उत्तर: सर्वेक्षण से पता चला कि औद्योगिक नगरों में रहने वाले श्रमिकों की जीवन-स्थितियाँ खराब थीं। प्रदूषित पानी, खराब स्वच्छता और महामारियों के कारण मृत्यु दर अधिक थी। औद्योगिक नगरों में बच्चों की मृत्यु भी बहुत अधिक थी।
प्रश्न 5. क्या औद्योगिक क्रांति को ‘क्रांति’ कहना उचित है? तर्क दीजिए।
उत्तर: औद्योगिक परिवर्तन अचानक एक ही समय में पूरे ब्रिटेन में नहीं हुआ। यह धीरे-धीरे अलग-अलग क्षेत्रों और उद्योगों में फैला। लंबे समय तक ब्रिटेन के कई क्षेत्रों में पारंपरिक उत्पादन जारी रहा। इसलिए इतिहासकारों में इस बात पर चर्चा रही है कि इसे पूरी तरह अचानक हुई क्रांति के बजाय दीर्घकालीन औद्योगिक परिवर्तन के रूप में भी देखा जाए।
प्रश्न 6. औद्योगिक क्रांति से क्या अर्थ है? इसके मुख्य लक्षणों की चर्चा करें।
उत्तर: औद्योगिक क्रांति से आशय उत्पादन प्रणाली में हुए उन व्यापक परिवर्तनों से है जिनमें हाथ के औजारों और घरेलू उत्पादन के स्थान पर मशीनों तथा कारखाना प्रणाली का विस्तार हुआ।
- मशीनों का बढ़ता प्रयोग।
- कारखाना प्रणाली का विकास।
- बड़े पैमाने पर उत्पादन।
- भाप की शक्ति का प्रयोग।
- कपड़ा, लोहा और कोयला उद्योगों का विस्तार।
- रेलवे और नहरों जैसे परिवहन साधनों का विकास।
- शहरीकरण में तेजी।
प्रश्न 7. औद्योगिक क्रांति ने मजदूरों पर क्या प्रभाव डाला? कोई चार बातें बताइए।
उत्तर:
- मजदूरों को लंबे समय तक काम करना पड़ता था।
- कारखानों में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर थी।
- मजदूरों के आवास और स्वास्थ्य की स्थिति खराब थी।
- महिलाओं और बच्चों को कम मजदूरी पर काम करना पड़ता था।
प्रश्न 8. औद्योगिक क्रांति के सामाजिक परिणाम बताइए। इस क्रांति ने किन-किन सामाजिक समस्याओं को जन्म दिया?
उत्तर: औद्योगिक क्रांति से बड़े औद्योगिक नगर विकसित हुए और ग्रामीण आबादी का एक हिस्सा रोजगार की तलाश में नगरों में आने लगा। इससे शहरी आबादी तेजी से बढ़ी।
इसके परिणामस्वरूप आवास, स्वच्छता, स्वास्थ्य और प्रदूषण की समस्याएँ बढ़ीं। कुटीर उद्योगों को मशीन-निर्मित वस्तुओं से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ी। पूँजीपति और मजदूर वर्ग के बीच आर्थिक अंतर तथा श्रमिक संघर्ष भी बढ़ा।
प्रश्न 9. आवागमन के साधनों में हुए नए आविष्कारों की जानकारी दीजिए।
| साधन | प्रमुख विकास |
|---|---|
| सड़क | जॉन मैकऐडम ने मजबूत सड़क निर्माण में योगदान दिया। |
| नहर | जेम्स ब्रिंडली ने नहर निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। |
| रेल | ट्रेविथिक और जॉर्ज स्टीफेंसन के कार्यों से रेल परिवहन का विकास हुआ। |
| भाप का जहाज | रॉबर्ट फुल्टन के कार्य से भाप जहाजों के विकास को बढ़ावा मिला। |
| मोटर-कार | 19वीं शताब्दी के अंत में पेट्रोल से चलने वाली मोटर-कार का विकास हुआ। |
प्रश्न 10. उन पाँच महत्वपूर्ण कारणों का वर्णन करें जिनके कारण इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति आरंभ हुई।
उत्तर:
- पूँजी की अधिकता: विदेशी व्यापार से पर्याप्त पूँजी उपलब्ध थी।
- कच्चे माल की उपलब्धता: उपनिवेशों से कच्चा माल प्राप्त होता था।
- भूमिहीन श्रमिक: कृषि परिवर्तन के कारण उद्योगों को श्रमिक मिलने लगे।
- कोयला और लौह-अयस्क: दोनों संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थे।
- नवीन आविष्कार: मशीनों, भाप इंजन और परिवहन साधनों में तेजी से विकास हुआ।
प्रश्न 11. इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति की प्रमुख विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर: औद्योगिक क्रांति की प्रमुख विशेषताएँ थीं—कारखाना प्रणाली का विकास, मशीनों का प्रयोग, बड़े पैमाने पर उत्पादन, कपड़ा उद्योग का विस्तार, भाप की शक्ति का प्रयोग, परिवहन के साधनों का विकास और औद्योगिक नगरों का विकास।
प्रश्न 12. औद्योगिक क्रांति के मुख्य परिणामों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
- कारखाना प्रणाली का विकास हुआ।
- घरेलू और कुटीर उद्योगों का महत्व घटा।
- औद्योगिक नगरों का विकास हुआ।
- उत्पादन और वस्तुओं की उपलब्धता बढ़ी।
- पूँजीपति और मजदूर वर्ग विकसित हुए।
- श्रमिक समस्याएँ और श्रमिक आंदोलन बढ़े।
- उपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद के विस्तार को आर्थिक आधार मिला।
प्रश्न 13. निम्नलिखित का अर्थ समझाइए—औद्योगिक क्रांति, पूँजीवाद, साम्राज्यवाद, संरक्षी आयात कर और अहस्तक्षेप का सिद्धांत।
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| औद्योगिक क्रांति | उत्पादन प्रणाली में मशीनों और कारखानों के कारण आया व्यापक परिवर्तन। |
| पूँजीवाद | ऐसी आर्थिक व्यवस्था जिसमें उत्पादन के साधनों पर निजी पूँजी का स्वामित्व महत्वपूर्ण होता है और उत्पादन में लाभ का उद्देश्य प्रमुख होता है। |
| साम्राज्यवाद | किसी शक्तिशाली देश द्वारा दूसरे क्षेत्रों पर राजनीतिक और आर्थिक प्रभुत्व स्थापित करने की नीति। |
| संरक्षी आयात कर | विदेशी वस्तुओं पर लगाया जाने वाला ऐसा कर जिसका उद्देश्य घरेलू उद्योगों को संरक्षण देना होता है। |
| अहस्तक्षेप | व्यापार और उद्योग में सरकार के न्यूनतम हस्तक्षेप की नीति। |
प्रश्न 14. औद्योगिकीकरण के लिए कौन-सी परिस्थितियाँ बहुत अनुकूल हैं?
उत्तर: औद्योगिकीकरण के लिए पाँच प्रमुख आवश्यकताओं को 5M के रूप में समझा जा सकता है—
- Money: पूँजी
- Material: कच्चा माल
- Machine: मशीनें
- Market: बाजार
- Man: श्रमिक
प्रश्न 15. औद्योगिक क्रांति के कारण कच्चे माल और बाजार की आवश्यकता हुई। इस प्रकार राष्ट्र एक-दूसरे पर निर्भर हो गए। उदाहरण दीजिए।
उत्तर: उद्योगों को मशीनों के लिए कच्चे माल की आवश्यकता होती थी और तैयार माल बेचने के लिए बाजार चाहिए था। उदाहरण के लिए ब्रिटेन अपने उद्योगों के लिए भारत से कपास प्राप्त करता था और तैयार वस्तुओं को विभिन्न बाजारों में बेचता था। इस प्रकार औद्योगीकरण ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक निर्भरता बढ़ाई।
प्रश्न 16. जब औद्योगिक क्रांति फैली तब औद्योगिक नगरों और कारखानों की जो दशा थी, उसका वर्णन करें।
उत्तर: औद्योगिक नगरों में बड़ी संख्या में श्रमिक आने लगे। आवास की कमी, गंदी बस्तियाँ, खराब जल निकासी और प्रदूषण जैसी समस्याएँ उत्पन्न हुईं।
कारखानों में मशीनों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। हवा और रोशनी की कमी तथा लंबे कार्य घंटे श्रमिकों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक थे। महिलाओं और बच्चों को भी कम मजदूरी पर काम कराया जाता था।
प्रश्न 17. मजदूर संघों का विकास अहस्तक्षेप की नीति को समाप्त करने में किस प्रकार सहायक सिद्ध हुआ?
उत्तर: प्रारंभ में सरकार द्वारा उद्योगों में कम हस्तक्षेप की नीति के कारण मजदूरों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता था। मजदूरों ने अपनी समस्याओं को उठाने के लिए संघ बनाए और उचित मजदूरी तथा काम के उचित घंटे की माँग की।
श्रमिक आंदोलनों और संघर्षों के बढ़ने के बाद सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा और श्रमिकों की सुरक्षा तथा काम की परिस्थितियों में सुधार के लिए कानून बनाए गए।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. ब्रिटेन में 1850 ई. तक रेलवे के विकास की चर्चा कीजिए।
उत्तर: रेलवे के विकास ने ब्रिटेन के औद्योगीकरण को गति दी। लोहे की पटरी और भाप इंजन के संयोजन से रेलवे परिवहन का प्रभावी साधन बना।
- रिचर्ड ट्रेविथिक ने प्रारंभिक लोकोमोटिव इंजन विकसित किया।
- 1814 में जॉर्ज स्टीफेंसन ने महत्वपूर्ण रेल इंजन विकसित किया।
- 1825 में स्टॉकटन और डार्लिंगटन के बीच रेलवे सेवा शुरू हुई।
- 1830 में लिवरपूल और मैनचेस्टर को रेलमार्ग से जोड़ा गया।
- 1830 से 1850 के बीच ब्रिटेन में रेलमार्ग तेजी से फैला।
- 1850 तक ब्रिटेन के अधिकांश महत्वपूर्ण क्षेत्र रेलवे नेटवर्क से जुड़ चुके थे।
रेलवे ने कोयला, लोहा और अन्य औद्योगिक सामग्री के परिवहन को तेज किया तथा यात्रियों की आवाजाही को भी आसान बनाया।
प्रश्न 2. ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति के कारण औरतों तथा बच्चों के काम करने के तरीकों में क्या परिवर्तन आए?
उत्तर: औद्योगिक क्रांति से पहले ग्रामीण महिलाएँ खेती, पशुपालन और घरेलू उत्पादन में भाग लेती थीं। बच्चे भी परिवार के साथ खेतों और घरों में काम करते थे। काम समय, मौसम और घरेलू आवश्यकता के अनुसार बदलता था।
कारखाना प्रणाली के विकास के बाद महिलाओं और बच्चों को भी कारखानों में काम करने के लिए लगाया जाने लगा। वहाँ काम के निश्चित घंटे थे और एक ही प्रकार का काम लगातार करना पड़ता था।
महिलाओं और बच्चों को अपेक्षाकृत कम मजदूरी पर लगाया जाता था। कपड़ा उद्योग तथा कोयला खानों में बाल श्रम का प्रयोग विशेष रूप से दिखाई देता था। कई बच्चों को मशीनों के बीच काम करना पड़ता था और उनके लिए दुर्घटना का खतरा रहता था।
प्रश्न 3. इंग्लैंड के श्रमिकों में बढ़ते हुए विरोध के प्रति सरकार ने क्या नीति अपनाई?
उत्तर: प्रारंभिक समय में सरकार ने श्रमिकों के विरोध को नियंत्रित करने के लिए कई दमनकारी कदम उठाए। सार्वजनिक सभाओं और राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए गए।
समय के साथ श्रमिक आंदोलन मजबूत हुआ। मशीनों के कारण रोजगार प्रभावित होने से कुछ श्रमिकों ने मशीनों का विरोध किया। लुडिज्म आंदोलन इसी व्यापक श्रमिक असंतोष से जुड़ा था।
1819 में मैनचेस्टर के सेंट पीटर्स फील्ड में श्रमिकों ने राजनीतिक अधिकारों की माँग के लिए सभा की। बाद में श्रमिकों की माँगों और आंदोलनों के दबाव में सरकार ने श्रम कानूनों तथा राजनीतिक सुधारों की दिशा में कदम उठाए।
प्रश्न 4. ब्रिटेन की सरकार द्वारा श्रमिकों की दशा सुधारने के लिए कौन-कौन से कानूनी कदम उठाए गए?
उत्तर: श्रमिकों की स्थिति सुधारने के लिए कई कानून बनाए गए।
| वर्ष | कानूनी कदम | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|---|
| 1819 | बाल श्रम संबंधी कानून | कम आयु के बच्चों के काम पर नियंत्रण। |
| 1833 | फैक्टरी अधिनियम | बाल श्रमिकों के काम के घंटे सीमित करना और निरीक्षकों की व्यवस्था। |
| 1842 | खान संबंधी अधिनियम | खानों में महिलाओं और बच्चों के काम पर प्रतिबंध। |
| 1847 | फैक्टरी अधिनियम | महिलाओं और युवाओं के काम के घंटों को सीमित करना। |
प्रश्न 5. क्या कपास या लोहा उद्योगों में अथवा विदेशी व्यापार में 1780 के दशक से 1820 के दशक तक हुए विकास को ‘क्रांतिकारी’ कहा जा सकता है?
उत्तर: इस प्रश्न का उत्तर देते समय औद्योगिक परिवर्तन की गति और व्यापकता को ध्यान में रखना आवश्यक है। कपास उद्योग में मशीनों के प्रयोग से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, लेकिन औद्योगिक विकास की पूरी प्रक्रिया अभी शुरुआती अवस्था में थी।
1780 से 1820 के बीच युद्धों और राजनीतिक परिस्थितियों ने भी आर्थिक विकास को प्रभावित किया। सतत औद्योगीकरण की गति बाद की अवधि में अधिक स्पष्ट हुई। इसलिए इस अवधि के सभी औद्योगिक परिवर्तनों को समान रूप से ‘क्रांतिकारी’ कहना उचित नहीं माना जा सकता।
प्रश्न 6. ब्रिटेन में औद्योगिक विकास 1815 से पहले की अपेक्षा उसके बाद अधिक तेजी से क्यों हुआ?
उत्तर: 18वीं शताब्दी के अंत और 19वीं शताब्दी के प्रारंभ में ब्रिटेन लंबे समय तक युद्धों में व्यस्त रहा। युद्धों में बड़ी मात्रा में पूँजी खर्च हुई, श्रमिक सेना में गए और खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ीं। युद्ध और नाकेबंदी ने विदेशी व्यापार को भी प्रभावित किया।
1815 के बाद युद्ध संबंधी बाधाएँ कम हुईं। निवेश, मशीनों, कारखानों, रेलवे और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए अधिक अनुकूल परिस्थितियाँ बनीं। 19वीं शताब्दी के मध्य तक औद्योगीकरण का विस्तार काफी व्यापक हो गया।
प्रश्न 7. औद्योगिक क्रांति के अंतर्गत हुए आविष्कारों की विस्तृत जानकारी दें।
उत्तर:
| आविष्कार | व्यक्ति | महत्व |
|---|---|---|
| फ्लाइंग शटल | जॉन के | बुनाई की गति बढ़ी। |
| स्पिनिंग जैनी | जेम्स हारग्रीव्ज | एक साथ कई धागे कातने की सुविधा। |
| वाटर फ्रेम | रिचर्ड आर्कराइट | मजबूत सूत के उत्पादन में सहायता। |
| म्यूल | सैम्युअल क्रॉम्पटन | बारीक और मजबूत सूत बनाने में उपयोगी। |
| पावरलूम | एडमंड कार्टराइट | मशीन से तेज बुनाई। |
| भाप इंजन | जेम्स वाट द्वारा सुधार | कारखानों और परिवहन में शक्ति का उपयोग। |
| सड़क निर्माण | जॉन मैकऐडम | मजबूत सड़कों के निर्माण को बढ़ावा। |
| नहर | जेम्स ब्रिंडली | भारी माल के सस्ते परिवहन में सहायता। |
| रेल इंजन | रिचर्ड ट्रेविथिक और जॉर्ज स्टीफेंसन | रेल परिवहन के विकास में महत्वपूर्ण योगदान। |
प्रश्न 8. कृषि-क्रांति के बारे में विस्तार से वर्णन करें।
उत्तर: 18वीं शताब्दी में कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीकों और नई मशीनों के प्रयोग से कृषि उत्पादन में परिवर्तन आया। भूमि की जुताई, बीज बोने और फसल काटने की तकनीकों में सुधार हुआ।
कृषि के पुराने तरीके अधिक परंपरागत थे। छोटे और अलग-अलग खेतों में खेती करना कठिन था। नई कृषि पद्धतियों और उपकरणों से उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिली।
प्रश्न 9. औद्योगिक क्रांति के सामाजिक तथा आर्थिक प्रभाव क्या थे?
उत्तर: औद्योगिक क्रांति ने ब्रिटेन के सामाजिक और आर्थिक जीवन को व्यापक रूप से प्रभावित किया।
आर्थिक प्रभाव
- औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि हुई।
- विदेशी व्यापार का विस्तार हुआ।
- मशीनों से वस्तुओं का बड़े पैमाने पर उत्पादन होने लगा।
- कारखाना प्रणाली विकसित हुई।
- कई वस्तुएँ अपेक्षाकृत सस्ती हुईं।
सामाजिक प्रभाव
- नए औद्योगिक नगर विकसित हुए।
- ग्रामीण आबादी का एक हिस्सा नगरों की ओर गया।
- पूँजीपति और मजदूर वर्ग का विस्तार हुआ।
- मजदूरों की कामकाजी परिस्थितियाँ गंभीर समस्या बनीं।
- महिला और बाल श्रम का विस्तार हुआ।
- आवास, स्वास्थ्य और स्वच्छता की समस्याएँ बढ़ीं।
प्रश्न 10. औद्योगिक क्रांति इंग्लैंड में पहले क्यों आई? अथवा, औद्योगिक क्रांति सर्वप्रथम किस देश में आई और क्यों?
उत्तर: औद्योगिक क्रांति सर्वप्रथम इंग्लैंड में विकसित हुई। इसके पीछे कई परिस्थितियों का संयुक्त प्रभाव था।
- जनसंख्या में वृद्धि: वस्तुओं की माँग बढ़ी।
- उपनिवेश: तैयार माल के लिए बाजार उपलब्ध थे।
- कच्चे माल की उपलब्धता: उपनिवेशों से कच्चा माल प्राप्त होता था।
- पूँजी: व्यापार से पर्याप्त पूँजी उपलब्ध थी।
- बैंकिंग व्यवस्था: उद्योगों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध थे।
- कोयला और लोहा: औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक संसाधन पर्याप्त थे।
- विदेशी व्यापार: ब्रिटेन का समुद्री व्यापार मजबूत था।
- समुद्री बेड़ा: माल के परिवहन में सुविधा थी।
- नवीन आविष्कार: मशीनों और भाप की शक्ति में तेजी से विकास हुआ।
- अनुकूल परिस्थितियाँ: व्यापार, पूँजी, बाजार और श्रम एक साथ उपलब्ध थे।
प्रश्न 11. यूरोप तथा अमेरिका में औद्योगिक क्रांति के प्रसार का वर्णन करें। एशिया में सर्वप्रथम किस देश में यह क्रांति आई?
उत्तर: औद्योगिक विकास सबसे पहले ब्रिटेन में तेजी से हुआ। बाद में फ्रांस, बेल्जियम, स्विट्जरलैंड और जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों में मशीनों का प्रयोग बढ़ा। जर्मनी के एकीकरण के बाद वहाँ औद्योगिक विकास तेज हुआ।
संयुक्त राज्य अमेरिका में भी औद्योगिक विकास बढ़ा और 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में उसका औद्योगिक महत्व तेजी से बढ़ा। रूस में औद्योगिक विकास अपेक्षाकृत बाद में हुआ।
एशिया में जापान में औद्योगिक विकास सबसे पहले तेजी से हुआ। वहाँ इस्पात, मशीन, रसायन और धातु उद्योगों का विकास हुआ तथा उत्पादन का एक हिस्सा निर्यात भी किया जाने लगा।
प्रश्न 12. ब्रिटेन में सूती वस्त्र उद्योग के विकास की चर्चा कीजिए।
उत्तर: ब्रिटेन में सूती वस्त्र उद्योग औद्योगिक क्रांति का प्रमुख क्षेत्र बना। ब्रिटेन में कपास का उत्पादन पर्याप्त नहीं था, इसलिए कच्ची कपास आयात की जाती थी। भारत से सूती वस्त्रों के आयात ने भी ब्रिटिश बाजार को प्रभावित किया।
कताई और बुनाई की नई मशीनों के कारण उत्पादन की गति बढ़ी। फ्लाइंग शटल, स्पिनिंग जैनी, वाटर फ्रेम, म्यूल और पावरलूम जैसे आविष्कारों ने कपड़ा उद्योग को बदल दिया। उत्पादन धीरे-धीरे घरेलू व्यवस्था से हटकर कारखानों में चला गया।
प्रश्न 13. ब्रिटेन में धातुकर्म उद्योग का विकास कैसे हुआ?
उत्तर: ब्रिटेन में कोक के प्रयोग से लोहे के प्रगलन में महत्वपूर्ण सुधार हुआ। अब काठकोयले पर निर्भरता कम हुई और उच्च तापमान प्राप्त करना आसान हुआ।
इसके बाद पिघले लोहे से बेहतर ढलाई संभव हुई। पडलिंग और रोलिंग जैसी तकनीकों से लोहे की गुणवत्ता और उपयोगिता बढ़ी। लोहे का प्रयोग मशीनों, पाइपों, पुलों और अन्य वस्तुओं में होने लगा।
कोयला और लौह-अयस्क के क्षेत्रों की निकटता ने उद्योग को और अधिक विकसित किया। जहाज निर्माण तथा नौपरिवहन का भी विस्तार हुआ।
प्रश्न 14. भाप की शक्ति ने ब्रिटेन के औद्योगिक विकास में किस प्रकार सहायता पहुँचाई?
उत्तर: भाप की शक्ति औद्योगिक क्रांति की प्रमुख ऊर्जा शक्तियों में से एक बनी। भाप इंजन का प्रयोग सबसे पहले खानों से पानी निकालने में हुआ।
थॉमस सेवरी ने 1698 में खानों के पानी को बाहर निकालने के लिए इंजन का मॉडल बनाया। थॉमस न्यूकॉमेन ने 1712 में भाप इंजन विकसित किया। बाद में जेम्स वाट ने उसमें महत्वपूर्ण सुधार किए।
जेम्स वाट के सुधारों के बाद भाप इंजन को केवल खनन ही नहीं बल्कि कारखानों में मशीनें चलाने के लिए भी प्रयोग किया जाने लगा। बाद में भाप की शक्ति ने रेलवे और जहाजों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महत्वपूर्ण आविष्कार — त्वरित पुनरावृत्ति
| आविष्कार | नाम | महत्व |
|---|---|---|
| फ्लाइंग शटल | जॉन के | बुनाई तेज हुई |
| स्पिनिंग जैनी | हारग्रीव्ज | कई धागे एक साथ कातना |
| वाटर फ्रेम | आर्कराइट | मजबूत सूत |
| म्यूल | क्रॉम्पटन | बारीक और मजबूत धागा |
| पावरलूम | कार्टराइट | तेज बुनाई |
| भाप इंजन में सुधार | जेम्स वाट | कारखानों में शक्ति का उपयोग |
| सड़क निर्माण | मैकऐडम | मजबूत सड़कें |
| नहर निर्माण | ब्रिंडली | भारी माल का परिवहन |
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 1. औद्योगिक क्रांति के परिणामों में कौन-सा सही है?
(a) औद्योगिक नगरों का विकास
(b) मजदूरों की समृद्धि
(c) देशी कारीगरों का विनाश
(d) वर्ग भेद का उदय
सही उत्तर: (a) औद्योगिक नगरों का विकास
व्याख्या: औद्योगिक क्रांति के साथ कारखानों और रोजगार के केंद्रों के रूप में नए औद्योगिक नगर विकसित हुए।
प्रश्न 2. औद्योगिक क्रांति ने समाज में निम्न में से कौन-सा नया वर्ग पैदा किया?
(a) वेतनभोगी श्रमिक वर्ग
(b) बेगार करने वाले श्रमिक
(c) संगठित श्रमिक वर्ग
(d) सुस्त श्रमिक वर्ग
सही उत्तर: (a) वेतनभोगी श्रमिक वर्ग
व्याख्या: कारखाना प्रणाली के विस्तार के साथ वेतन पर काम करने वाले श्रमिकों की संख्या बढ़ी।
प्रश्न 3. निम्न में से कौन इंग्लैंड में औद्योगिक शहर नहीं है?
(a) डबलिन
(b) न्यूकासल
(c) लंदन
(d) मैनचेस्टर
सही उत्तर: (a) डबलिन
व्याख्या: दिए गए विकल्पों में डबलिन इंग्लैंड का औद्योगिक शहर नहीं है।
प्रश्न 4. यूरोपीय लोग मुद्रण प्रणाली के ज्ञान हेतु किसके ऋणी रहे?
(a) चीनी
(b) मंगोल
(c) चीनियों तथा मंगोल शासक
(d) चीन एवं भारत
सही उत्तर: (c) चीनियों तथा मंगोल शासक
प्रश्न 5. औद्योगिक क्रांति किस सदी में हुई थी?
(a) 18वीं सदी के उत्तरार्द्ध
(b) 19वीं सदी में
(c) 17वीं सदी में
(d) 21वीं सदी में
सही उत्तर: (a) 18वीं सदी के उत्तरार्द्ध
प्रश्न 6. स्पिनिंग जैनी का आविष्कार किसने किया?
(a) हारग्रीव्ज ने
(b) जेम्स वाट
(c) कार्टराइट ने
(d) एडमंड ने
सही उत्तर: (a) हारग्रीव्ज ने
व्याख्या: स्पिनिंग जैनी ने एक साथ कई धागे कातने की क्षमता प्रदान की और कताई की गति बढ़ाई।
प्रश्न 7. तार का आविष्कार किस वर्ष हुआ?
(a) 1835
(b) 1836
(c) 1837
(d) 1839
सही उत्तर: (a) 1835
प्रश्न 8. टेलीफोन का आविष्कार किस वर्ष हुआ?
(a) 1876
(b) 1877
(c) 1878
(d) 1979
सही उत्तर: (a) 1876
प्रश्न 9. ‘दास कैपिटल’ के रचनाकार कौन हैं?
(a) मार्क्स
(b) गैटेक
(c) अरस्तू
(d) कार्ल एईस
सही उत्तर: (a) मार्क्स
प्रश्न 10. दूसरी औद्योगिक क्रांति कब आई?
(a) 1850 के बाद
(b) 1950
(c) 1833
(d) 1834
सही उत्तर: (a) 1850 के बाद
प्रश्न 11. भाप के इंजन का आविष्कार किया—
(a) जेम्स वाट ने
(b) काईट ने
(c) रोस्टर ने
(d) जैनी ने
सही उत्तर: (a) जेम्स वाट ने
प्रश्न 12. म्यूल का आविष्कार किसने किया?
(a) डॉम्पटन ने
(b) कार्टराइट ने
(c) सैम्युअल क्रॉम्टन ने
(d) जैनी ने
सही उत्तर: (c) सैम्युअल क्रॉम्टन ने
व्याख्या: म्यूल मशीन ने स्पिनिंग जैनी और वाटर फ्रेम की विशेषताओं को मिलाकर बारीक तथा मजबूत धागा तैयार करने में सहायता की।
अध्याय का सारांश
औद्योगिक क्रांति ने उत्पादन की पूरी व्यवस्था को बदल दिया। घरेलू उत्पादन की जगह कारखाना प्रणाली का विस्तार हुआ और मशीनों के प्रयोग से बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव हुआ।
ब्रिटेन में पूँजी, बाजार, कच्चा माल, कोयला, लौह-अयस्क, बैंकिंग व्यवस्था और तकनीकी आविष्कार जैसी परिस्थितियों के कारण औद्योगिक विकास तेजी से हुआ। कपड़ा उद्योग में फ्लाइंग शटल, स्पिनिंग जैनी, वाटर फ्रेम, म्यूल और पावरलूम जैसी मशीनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भाप की शक्ति ने खनन, कारखानों और परिवहन को नई गति दी। रेलवे और नहरों के विकास से भारी माल और यात्रियों का परिवहन आसान हुआ।
औद्योगिक क्रांति से उत्पादन और व्यापार बढ़े, लेकिन इसके साथ शहरी भीड़, खराब आवास, प्रदूषण, बाल एवं महिला श्रम और श्रमिकों की कठिन परिस्थितियाँ जैसी समस्याएँ भी सामने आईं। इन परिस्थितियों ने श्रमिक आंदोलनों और बाद में श्रम कानूनों के विकास को प्रभावित किया।
अध्याय के महत्वपूर्ण तथ्य
- औद्योगिक क्रांति का प्रमुख प्रारंभिक केंद्र: ब्रिटेन
- प्रथम औद्योगिक क्रांति: लगभग 1780 के दशक से 1850 के दशक तक का ब्रिटिश औद्योगिक परिवर्तन
- दूसरी औद्योगिक क्रांति: लगभग 1850 के बाद
- स्पिनिंग जैनी: हारग्रीव्ज
- वाटर फ्रेम: रिचर्ड आर्कराइट
- म्यूल: सैम्युअल क्रॉम्पटन
- पावरलूम: एडमंड कार्टराइट
- भाप इंजन में प्रमुख सुधार: जेम्स वाट
- रेलवे विकास: ट्रेविथिक और जॉर्ज स्टीफेंसन
- प्रमुख औद्योगिक संसाधन: कोयला और लौह-अयस्क
- एशिया में प्रारंभिक औद्योगिक विकास: जापान
- प्रमुख श्रमिक आंदोलन: लुडिज्म
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