ग्रामीण विकास भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण विषय है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग कृषि और उससे संबंधित गतिविधियों पर निर्भर रहते हैं। इसलिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के बिना देश का संतुलित आर्थिक विकास संभव नहीं है।
इस अध्याय में ग्रामीण विकास, ग्रामीण साख, ग्रामीण बैंकिंग, कृषि विपणन, कृषि विविधीकरण, पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी, सूचना प्रौद्योगिकी और जैविक कृषि जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समझाया गया है।
ग्रामीण विकास – महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
1. ग्रामीण विकास का क्या अर्थ है? ग्रामीण विकास से जुड़े मुख्य प्रश्नों को स्पष्ट करें।
उत्तर: ग्रामीण विकास का अर्थ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उन क्षेत्रों और घटकों का विकास करना है जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सर्वांगीण विकास में पीछे रह गए हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण लोगों के जीवन स्तर, रोजगार, आय और सुविधाओं में सुधार करना है।
ग्रामीण विकास से जुड़े प्रमुख प्रश्न निम्नलिखित हैं:
- साक्षरता और कौशल का विकास।
- स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास।
- उत्पादक संसाधनों का विकास।
- आधारिक संरचना का विकास।
- कृषि अनुसंधान और सूचना प्रसार की सुविधाएँ।
- निर्धनता निवारण तथा कमजोर वर्गों के जीवन स्तर में सुधार।
2. ग्रामीण भारत के विकास के लिए किन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान देना आवश्यक है?
उत्तर: ग्रामीण भारत के विकास के लिए मुख्य रूप से साख प्रणाली, विपणन व्यवस्था, कृषि में विविधीकरण और धारणीय आर्थिक विकास पर ध्यान देना आवश्यक है। इनके साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, भंडारण और रोजगार के अवसरों का विस्तार भी जरूरी है।
3. ग्रामीण विकास में साख के महत्व की चर्चा करें।
उत्तर: ग्रामीण विकास में साख अर्थात ऋण की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक, कृषि यंत्र, सिंचाई और भूमि सुधार जैसी उत्पादक गतिविधियों के लिए धन की आवश्यकता होती है।
इसके अलावा किसान परिवार के निर्वाह, विवाह, मृत्यु और धार्मिक कार्यों जैसी आवश्यकताओं के लिए भी ऋण लेते हैं। पर्याप्त और उचित दर पर साख उपलब्ध होने से किसान उत्पादन बढ़ा सकते हैं और अपनी आय में सुधार कर सकते हैं।
4. कृषि साख से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: कृषि कार्यों तथा उससे संबंधित आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किसानों द्वारा लिया गया ऋण कृषि साख कहलाता है। इसका उपयोग बीज, खाद, कृषि यंत्र, सिंचाई, भूमि सुधार आदि के लिए किया जाता है।
5. कृषि साख के मुख्य साधन कौन-कौन से हैं?
उत्तर: कृषि साख के प्रमुख साधन हैं:
- साहूकार।
- सहकारी साख समितियाँ।
- व्यावसायिक बैंक।
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक।
- भूमि विकास बैंक।
6. नाबार्ड का पूरा नाम लिखें और इसकी स्थापना कब हुई?
उत्तर: NABARD का पूरा नाम National Bank for Agriculture and Rural Development अर्थात राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक है। इसकी स्थापना 1982 ई. में हुई थी।
7. गरीबों की ऋण आवश्यकताओं की पूर्ति में अति लघु साख व्यवस्था की भूमिका समझाइए।
उत्तर: अति लघु साख व्यवस्था में सदस्य छोटी-छोटी बचत जमा करते हैं और उस राशि से जरूरतमंद सदस्यों को ऋण दिया जाता है। ऋण को आसान किस्तों में लौटाने की व्यवस्था होती है तथा ब्याज की दर भी अपेक्षाकृत उचित रखी जाती है।
इससे गरीब लोगों को छोटे व्यवसाय और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए ऋण प्राप्त करने में सहायता मिलती है तथा उनमें बचत की आदत विकसित होती है।
8. स्वयं सहायता समूह (SHG) क्या है?
उत्तर: SHG का पूरा नाम Self Help Group अर्थात स्वयं सहायता समूह है। इसमें सदस्य नियमित रूप से छोटी-छोटी बचत करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर समूह की बचत से ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
9. 2003 ई. के अंत तक लगभग कितने साख प्रदान करने वाले स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे थे?
उत्तर: संदर्भ सामग्री के अनुसार 2003 ई. के अंत तक लगभग 7 लाख स्वयं सहायता समूह साख संबंधी गतिविधियों में कार्य कर रहे थे।
ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था
10. भारत में ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था की भूमिका का मूल्यांकन करें।
उत्तर: ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था ने कृषि तथा गैर-कृषि गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से किसानों को कृषि उत्पादन के लिए आवश्यक वित्त उपलब्ध कराने में बैंकों का योगदान रहा है।
ग्रामीण बैंकिंग से कृषि उत्पादन, आय और रोजगार को बढ़ावा मिला है। किसानों को बीज, खाद, कृषि उपकरण और अन्य उत्पादन आवश्यकताओं के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
हालाँकि, ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था में ऋण की वसूली, ऋण की समय पर वापसी और औपचारिक साख संस्थाओं के कमजोर प्रदर्शन जैसी समस्याएँ भी रही हैं। इसलिए ग्रामीण बैंकिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बैंकिंग सेवाओं की पहुँच और किसानों की वित्तीय जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।
11. हमारी ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था अभी तक उचित रूप से विकसित क्यों नहीं हो पाई है?
उत्तर: इसके प्रमुख कारण हैं:
- औपचारिक साख संस्थाओं का अपेक्षाकृत निम्न प्रदर्शन।
- किसानों द्वारा ऋण की किस्त समय पर न चुका पाना।
- ऋण की वसूली से जुड़ी समस्याएँ।
- ग्रामीण लोगों में औपचारिक बैंकिंग के प्रति पर्याप्त जागरूकता का अभाव।
12. ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था की प्रमुख खामियाँ लिखें।
उत्तर:
- ग्रामीण बैंकों द्वारा साख सृजन का स्तर अपेक्षाकृत कम रहना।
- किसानों द्वारा समय पर ऋण की किस्त न चुकाना।
- बचत और ऋण भुगतान के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन का अभाव।
- कुछ मामलों में ऋण की जानबूझकर वापसी न करना।
- ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था पर आर्थिक सुधारों का प्रभाव।
13. गाँवों में बैंकिंग व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?
उत्तर:
- बैंकों को ग्रामीण लोगों की आवश्यकताओं के अनुसार अपनी कार्यप्रणाली विकसित करनी चाहिए।
- किसानों और मजदूरों को औपचारिक साख व्यवस्था का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
- ग्रामीण लोगों को अपनी अतिरिक्त आय बैंक में जमा करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
- किसानों को ऋण की किस्त समय पर चुकाने के लिए जागरूक करना चाहिए।
कृषि विपणन
14. कृषि विपणन से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: कृषि उत्पादों के संग्रह, भंडारण, प्रसंस्करण, परिवहन, पैकिंग, वर्गीकरण और वितरण की पूरी प्रक्रिया को कृषि विपणन कहा जाता है।
15. कृषि विपणन प्रक्रिया की प्रमुख बाधाएँ क्या हैं?
उत्तर:
- तौल में हेराफेरी।
- किसानों को बाजार भाव की सही जानकारी न होना।
- उचित भंडारण सुविधाओं का अभाव।
- कृषि उत्पादों का खराब या क्षतिग्रस्त हो जाना।
16. सरकार द्वारा ग्रामीण बाजारों के विकास के लिए क्या प्रयास किए गए हैं?
उत्तर: सरकार द्वारा ग्रामीण बाजारों के विकास के लिए कई उपाय किए गए हैं:
- बाजार का नियमन: व्यवस्थित और पारदर्शी विपणन व्यवस्था विकसित करना।
- भौतिक आधारिक संरचना: सड़क, रेल, गोदाम, भंडारगृह, शीतगृह और प्रसंस्करण इकाइयों का विकास।
- उचित मूल्य: किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने की व्यवस्था।
- नीतिगत साधन: न्यूनतम समर्थन मूल्य, भारतीय खाद्य निगम द्वारा खाद्यान्न भंडारण तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली।
17. नीतिगत साधनों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: नीतिगत साधनों का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना तथा गरीब उपभोक्ताओं को आवश्यक वस्तुएँ अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध कराना है।
18. कृषि विपणन के वैकल्पिक क्रय-विक्रय माध्यमों के उदाहरण दें।
उत्तर: कृषि उत्पादों के वैकल्पिक क्रय-विक्रय माध्यमों में किसानों द्वारा सीधे उपभोक्ताओं को उत्पाद बेचने वाली मंडियाँ शामिल हैं। संदर्भ सामग्री में पुणे की हड़पसर मंडी, तमिलनाडु की उझावर मंडी तथा आंध्र प्रदेश की फल-सब्जी मंडियों के उदाहरण दिए गए हैं।
कृषि विविधीकरण
19. आजीविका को धारणीय बनाने के लिए कृषि का विविधीकरण क्यों आवश्यक है?
उत्तर: केवल एक प्रकार की फसल पर निर्भर रहने से किसानों की आय और रोजगार पर जोखिम बढ़ जाता है। कृषि विविधीकरण से किसान फसल उत्पादन के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी और अन्य गतिविधियों को अपना सकते हैं।
इससे आय के वैकल्पिक स्रोत विकसित होते हैं और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को अधिक स्थिर और धारणीय बनाने में सहायता मिलती है।
20. कृषि विविधीकरण के दो प्रमुख पहलू कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
- फसलों के उत्पादन में विविधता लाना।
- श्रम शक्ति को खेती से हटाकर संबंधित तथा गैर-कृषि गतिविधियों में लगाना।
21. विविधीकरण के क्या लाभ हैं?
उत्तर:
- खेती पर निर्भर आजीविका का जोखिम कम होता है।
- ग्रामीण लोगों को वैकल्पिक रोजगार मिलता है।
- आय के नए स्रोत विकसित होते हैं।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
22. भारत की बढ़ती श्रम-शक्ति के लिए गैर-कृषि रोजगार की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर: कृषि क्षेत्र पर पहले से ही बड़ी संख्या में लोग निर्भर हैं। इसलिए बढ़ती हुई श्रम-शक्ति को केवल कृषि में रोजगार देना कठिन है। गैर-कृषि गतिविधियों का विस्तार करने से अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं और कृषि पर दबाव कम किया जा सकता है।
23. गैर-कृषि अर्थतंत्र के गतिशील उपक्षेत्र कौन-कौन से हैं?
उत्तर: संदर्भ सामग्री के अनुसार कृषि प्रसंस्करण उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, चर्म उद्योग और पटसन उद्योग गैर-कृषि अर्थतंत्र के गतिशील उपक्षेत्रों के उदाहरण हैं।
पशुपालन और डेयरी
24. पशुपालन क्या है?
उत्तर: पालतू पशुओं का पालन-पोषण, देखभाल और उनसे उपयोगी उत्पाद प्राप्त करने की गतिविधि को पशुपालन कहते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन कृषि के साथ आय का महत्वपूर्ण वैकल्पिक स्रोत है।
25. पशुपालन में कौन-कौन सी प्रमुख प्रजातियाँ शामिल हैं?
उत्तर: पशुपालन में गाय, भैंस, बकरी, मुर्गी, बत्तख आदि प्रमुख पशु-पक्षी शामिल हैं।
26. पशुपालन के प्रमुख लाभ लिखिए।
उत्तर:
- परिवार की आय में स्थिरता आती है।
- दूध, अंडे और मांस जैसे खाद्य पदार्थ प्राप्त होते हैं।
- पोषण और खाद्य सुरक्षा में सहायता मिलती है।
- कृषि के साथ अतिरिक्त रोजगार और आय का साधन मिलता है।
27. ऑपरेशन फ्लड क्या है?
उत्तर: ऑपरेशन फ्लड विश्व का एक बड़ा एकीकृत डेयरी विकास कार्यक्रम था। इसका उद्देश्य डेयरी सहकारी समितियों को संगठित करके ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों और शहरी उपभोक्ताओं के बीच बेहतर संबंध स्थापित करना था।
28. ऑपरेशन फ्लड का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य डेयरी सहकारी समितियों को विकसित करके ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों को बाजार से जोड़ना और शहरी उपभोक्ताओं तक दूध की आपूर्ति को व्यवस्थित करना था।
29. ऑपरेशन फ्लड के अंतर्गत कौन-कौन सी गतिविधियाँ की जाती हैं?
उत्तर: किसान अपने बिक्री योग्य दूध को एकत्रित करते हैं। दूध की गुणवत्ता के अनुसार उसका प्रसंस्करण किया जाता है और फिर सहकारी व्यवस्था के माध्यम से शहरी केंद्रों में बेचा जाता है।
30. 1960–2002 की अवधि में भारत में दूध उत्पादन में क्या परिवर्तन हुआ?
उत्तर: संदर्भ सामग्री के अनुसार 1960–2002 की अवधि में देश में दूध उत्पादन चार गुना से अधिक बढ़ा।
मत्स्य पालन
31. मत्स्य पालन का ग्रामीण विकास में क्या महत्व है?
उत्तर: मत्स्य पालन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय का वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराता है। इससे मछुआरों और उनके परिवारों की आजीविका को सहायता मिलती है तथा खाद्य और पोषण सुरक्षा में भी योगदान होता है।
32. मत्स्य उत्पादन से संबंधित प्रमुख राज्यों के नाम लिखें।
उत्तर: संदर्भ सामग्री में सागरीय उत्पादों के प्रमुख राज्यों के रूप में केरल, गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु का उल्लेख किया गया है।
33. मछुआरों की मुख्य समस्याएँ क्या हैं?
उत्तर:
- निम्न सामाजिक और आर्थिक स्थिति।
- रोजगार के सीमित अवसर।
- प्रति व्यक्ति कम आय।
- अन्य कार्यों में जाने के अवसरों का अभाव।
- उच्च निरक्षरता।
- गंभीर ऋणग्रस्तता।
बागवानी और स्वर्णिम क्रांति
34. बागवानी क्या है?
उत्तर: फल, सब्जियाँ, औषधीय एवं सुगंधित पौधे, मसाले, चाय, कॉफी और अन्य उद्यान उत्पादों का उत्पादन करने वाली गतिविधि को बागवानी कहा जाता है।
35. बागवानी का क्या महत्व है?
उत्तर: बागवानी रोजगार, आय और पोषण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे किसानों को कृषि के अतिरिक्त आय का स्रोत मिलता है तथा कई उत्पादों के निर्यात से विदेशी मुद्रा भी प्राप्त हो सकती है।
36. स्वर्णिम क्रांति के आरंभ का काल किस अवधि को माना जाता है?
उत्तर: संदर्भ सामग्री के अनुसार 1991–2003 ई. की अवधि को स्वर्णिम क्रांति के आरंभ का काल माना गया है।
37. भारत किन फलों के उत्पादन में अग्रणी माना गया है?
उत्तर: संदर्भ सामग्री में भारत को आम, केला, नारियल और काजू जैसे फलों के उत्पादन में अग्रणी बताया गया है।
38. फल और सब्जियों के उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान बताया गया है?
उत्तर: संदर्भ सामग्री के अनुसार भारत का फल और सब्जियों के उत्पादन में दूसरा स्थान बताया गया है।
39. बागवानी को बढ़ावा देने के लिए क्या किया जाना चाहिए?
उत्तर:
- बिजली की पर्याप्त व्यवस्था।
- शीतगृहों का विकास।
- बेहतर विपणन व्यवस्था।
- लघु स्तर की प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना।
- नई तकनीक का विकास और प्रसार।
- आवश्यक आधारिक संरचना में निवेश।
सूचना प्रौद्योगिकी और ग्रामीण विकास
40. सूचना प्रौद्योगिकी धारणीय विकास और खाद्य सुरक्षा में किस प्रकार योगदान करती है?
उत्तर: सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों तक मौसम, कीमतों, नई तकनीकों तथा मिट्टी और फसलों से संबंधित जानकारी पहुँचाई जा सकती है।
सरकार खाद्य असुरक्षा की संभावना वाले क्षेत्रों का समय रहते अनुमान लगाने के लिए सूचना का उपयोग कर सकती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में ज्ञान और रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
41. ‘प्रत्येक गाँव – एक ज्ञान का केन्द्र’ कार्यक्रम से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना और तकनीकी ज्ञान पहुँचाने के उद्देश्य से ज्ञान केंद्रों की अवधारणा विकसित की गई। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण लोगों को इंटरनेट, कृषि और अन्य उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
जैविक कृषि
42. जैविक कृषि क्या है?
उत्तर: ऐसी कृषि पद्धति जिसमें पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखते हुए प्राकृतिक और जैविक साधनों का उपयोग किया जाता है, जैविक कृषि कहलाती है। इसमें रासायनिक आगतों पर निर्भरता कम करने का प्रयास किया जाता है।
43. जैविक कृषि धारणीय विकास को किस प्रकार बढ़ावा देती है?
उत्तर: जैविक कृषि पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन पद्धतियों को बढ़ावा देती है। इससे रासायनिक आगतों पर निर्भरता कम हो सकती है और मिट्टी तथा पर्यावरण के संरक्षण में सहायता मिलती है। साथ ही जैविक उत्पादों की मांग से किसानों को वैकल्पिक आय के अवसर मिल सकते हैं।
44. जैविक कृषि के लाभ और सीमाएँ स्पष्ट करें।
उत्तर:
लाभ:
- जैविक आगतों का उपयोग किया जाता है।
- जैविक उत्पादों की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग हो सकती है।
- पर्यावरण संरक्षण में सहायता मिलती है।
- इसमें श्रम की अधिक आवश्यकता होने के कारण रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
सीमाएँ:
- उपयुक्त नीतियों और बाजार व्यवस्था का अभाव हो सकता है।
- जैविक उत्पादों के विपणन में कठिनाई हो सकती है।
- प्रारंभिक वर्षों में उत्पादकता कम रह सकती है।
- कुछ जैविक उत्पाद जल्दी खराब हो सकते हैं।
- बेमौसमी फसलों का उत्पादन सीमित हो सकता है।
45. जैविक कृषि अपनाने वाले किसानों को शुरुआती वर्षों में किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है?
उत्तर:
- प्रारंभिक वर्षों में उत्पादकता कम रह सकती है।
- जैविक उत्पादों के भंडारण और विपणन में कठिनाई हो सकती है।
- कुछ उत्पाद जल्दी खराब हो सकते हैं।
- बेमौसमी फसलों का उत्पादन सीमित हो सकता है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
1. धारणीय विकास से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: ऐसा विकास जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता को नुकसान न पहुँचाए, धारणीय विकास कहलाता है।
2. भारतीय खाद्य निगम किन खाद्यान्नों का सुरक्षित भंडारण करता है?
उत्तर: संदर्भ सामग्री के अनुसार भारतीय खाद्य निगम गेहूँ और चावल के सुरक्षित भंडार का रख-रखाव करता है।
3. न्यूनतम समर्थन मूल्य कितने कृषि उत्पादों के लिए सुनिश्चित किया गया है?
उत्तर: संदर्भ सामग्री के अनुसार 24 कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन कीमत सुनिश्चित की गई है।
4. नीतिगत साधनों का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: किसानों को उचित मूल्य दिलाना और गरीबों को कम कीमत पर आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध कराना।
5. कृषि मंडियों पर किन लोगों का वर्चस्व बताया गया है?
उत्तर: निजी व्यापारियों, साहूकारों, बड़े व्यापारियों और अमीर किसानों आदि का वर्चस्व बताया गया है।
6. सरकारी संस्थाएँ और सहकारिताएँ सकल कृषि उत्पादन के कितने प्रतिशत अंश का आदान-प्रदान करती हैं?
उत्तर: संदर्भ सामग्री में 10 प्रतिशत का उल्लेख है।
7. भारत की अधिकांश कृषि किस ऋतु की फसलों से जुड़ी है?
उत्तर: खरीफ की फसलों से।
8. गैर-कृषि रोजगार की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर: कृषि क्षेत्र पर जनसंख्या और श्रम-शक्ति का अधिक दबाव होने के कारण वैकल्पिक रोजगार आवश्यक है।
9. पशुपालन के प्रमुख पशु कौन-कौन से हैं?
उत्तर: गाय, भैंस, बकरी, मुर्गी और बत्तख आदि।
10. पशुपालन का एक प्रमुख लाभ लिखें।
उत्तर: यह ग्रामीण परिवारों को कृषि के अतिरिक्त आय का स्रोत उपलब्ध कराता है।
11. ऑपरेशन फ्लड का संबंध किससे है?
उत्तर: डेयरी और दूध उत्पादन से।
12. ऑपरेशन फ्लड का उद्देश्य क्या था?
उत्तर: दुग्ध उत्पादकों और शहरी उपभोक्ताओं के बीच सहकारी व्यवस्था के माध्यम से संबंध स्थापित करना।
13. मत्स्य उत्पादन का एक लाभ लिखें।
उत्तर: यह ग्रामीण लोगों को रोजगार और आय का वैकल्पिक स्रोत प्रदान करता है।
14. बागवानी के प्रमुख उत्पाद कौन-कौन से हैं?
उत्तर: फल, सब्जियाँ, फूल, मसाले, औषधीय पौधे, चाय और कॉफी आदि।
15. बागवानी का एक प्रमुख लाभ लिखें।
उत्तर: यह रोजगार, आय और पोषण उपलब्ध कराने में सहायता करती है।
16. स्वर्णिम क्रांति का संबंध किससे है?
उत्तर: बागवानी क्षेत्र से।
17. जैविक कृषि क्या है?
उत्तर: पर्यावरण के अनुकूल जैविक साधनों पर आधारित कृषि पद्धति को जैविक कृषि कहते हैं।
18. जैविक कृषि की एक सीमा लिखें।
उत्तर: प्रारंभिक वर्षों में इसकी उत्पादकता रासायनिक कृषि की तुलना में कम रह सकती है।
19. ग्रामीण विकास की एक प्रमुख बाधा लिखें।
उत्तर: अपर्याप्त आधारिक संरचना ग्रामीण विकास की प्रमुख बाधाओं में से एक है।
20. ग्रामीण विकास के लिए दो आवश्यक क्षेत्र लिखें।
उत्तर: साख व्यवस्था और विपणन व्यवस्था।
21. SHG का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: Self Help Group – स्वयं सहायता समूह।
22. NABARD का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: National Bank for Agriculture and Rural Development – राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक।
23. NABARD की स्थापना कब हुई?
उत्तर: 1982 ई. में।
24. कृषि विपणन क्या है?
उत्तर: कृषि उत्पादों के संग्रह, भंडारण, प्रसंस्करण, परिवहन, पैकिंग, वर्गीकरण और वितरण की प्रक्रिया कृषि विपणन है।
25. कृषि विपणन की एक बाधा लिखें।
उत्तर: किसानों को बाजार भाव की सही जानकारी न होना।
26. विविधीकरण के दो पहलू क्या हैं?
उत्तर: फसल विविधीकरण तथा श्रम शक्ति को गैर-कृषि और संबंधित गतिविधियों में लगाना।
27. विविधीकरण का एक लाभ लिखें।
उत्तर: इससे खेती पर निर्भर आजीविका का जोखिम कम होता है।
28. मत्स्य उत्पादन में प्रमुख सागरीय राज्यों के नाम लिखें।
उत्तर: केरल, गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु।
29. मछुआरों की एक प्रमुख समस्या लिखें।
उत्तर: कम आय और ऋणग्रस्तता उनकी प्रमुख समस्याओं में शामिल हैं।
30. बागवानी को बढ़ावा देने के लिए एक उपाय बताइए।
उत्तर: शीतगृह और बेहतर विपणन व्यवस्था का विकास करना।
31. सूचना प्रौद्योगिकी कृषि में किस प्रकार उपयोगी है?
उत्तर: यह किसानों तक मौसम, कीमत, तकनीक और फसल संबंधी जानकारी पहुँचाने में उपयोगी है।
32. जैविक कृषि में किस प्रकार के उत्पाद प्राप्त होते हैं?
उत्तर: पर्यावरण के अनुकूल जैविक विधियों से उत्पादित कृषि उत्पाद।
33. जैविक कृषि का एक लाभ लिखें।
उत्तर: यह पर्यावरण संरक्षण और धारणीय कृषि को बढ़ावा देती है।
34. जैविक कृषि की एक समस्या बताइए।
उत्तर: शुरुआती वर्षों में उत्पादकता कम रह सकती है।
35. ग्रामीण बाजार को सुधारने का एक उपाय बताइए।
उत्तर: गाँवों को शहरों से जोड़ने वाली आधारिक संरचना विकसित करनी चाहिए।
36. ग्रामीण विकास में बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ किस प्रकार सहायता कर सकती हैं?
उत्तर: वे किसानों के साथ अनुबंध, कृषि आगतों की उपलब्धता, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और पूर्व निर्धारित कीमत जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण बाजार से जुड़ सकती हैं।
37. तमिलनाडु की TANWA योजना का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देकर कृषि उत्पादकता और परिवार की आय बढ़ाने में उनकी भागीदारी बढ़ाना।
38. ग्रामीण विकास के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर: कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ गैर-कृषि गतिविधियों, खाद्य प्रसंस्करण और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का विस्तार करना चाहिए।
39. 1990 के दशक में कृषि की संवृद्धि दर कितनी रह गई थी?
उत्तर: संदर्भ सामग्री के अनुसार 2.3 प्रतिशत।
40. कृषि संवृद्धि में कमी का एक कारण लिखें।
उत्तर: 1991 के बाद सार्वजनिक निवेश में आई गिरावट को एक कारण बताया गया है।
41. कृषि विविधीकरण का एक स्रोत बताइए।
उत्तर: पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी कृषि विविधीकरण के प्रमुख स्रोत हैं।
42. सूचना प्रौद्योगिकी ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार कैसे बढ़ा सकती है?
उत्तर: सूचना सेवाओं, डिजिटल सुविधाओं और ज्ञान आधारित गतिविधियों के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
43. जैविक कृषि के लिए विपणन क्यों आवश्यक है?
उत्तर: जैविक उत्पादों की अलग पहचान और बाजार उपलब्ध होने पर किसान अपने उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।
44. धारणीय आजीविका से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: ऐसी आजीविका जो वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य में भी आय और संसाधनों की उपलब्धता को बनाए रखने में सक्षम हो, धारणीय आजीविका कहलाती है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. महात्मा गाँधी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रगति के लिए क्या विचार दिया था?
उत्तर: महात्मा गाँधी का विचार था कि भारत की वास्तविक प्रगति गाँवों के विकास से जुड़ी है। केवल कुछ शहरी औद्योगिक केंद्रों का विस्तार देश की समग्र प्रगति के लिए पर्याप्त नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि के विकास पर ध्यान देना आवश्यक है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग ग्रामीण क्षेत्रों में रहते और कृषि पर निर्भर रहते हैं।
2. भारत में कृषि क्षेत्र की संवृद्धि घटने के क्या कारण थे?
उत्तर:
- सार्वजनिक निवेश में गिरावट।
- अपर्याप्त आधारिक संरचना।
- विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में वैकल्पिक रोजगार के अवसरों की कमी।
- रोजगार में अस्थायित्व बढ़ना।
3. निर्धन महिलाओं की बैंकिंग/साख व्यवस्था पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर: निर्धन महिलाओं की छोटी-छोटी बचतों को संगठित करके उन्हें साख उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक आधार पर महिला समूहों की व्यवस्था विकसित की गई। इससे महिलाओं में बचत की आदत बढ़ी और उन्हें छोटे आर्थिक कार्यों के लिए ऋण प्राप्त करने का अवसर मिला।
4. हमारी ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था की खामियाँ लिखिए।
उत्तर: ग्रामीण बैंकिंग की प्रमुख समस्याओं में कम साख सृजन, ऋण की किस्त समय पर न चुकाना, औपचारिक वित्तीय संस्थाओं द्वारा पर्याप्त प्रोत्साहन का अभाव तथा कुछ मामलों में ऋण की वापसी न करना शामिल हैं।
5. गाँव में बैंकिंग व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए उपाय सुझाइए।
उत्तर: बैंकों को ग्रामीण लोगों की जरूरतों के अनुसार सेवाएँ उपलब्ध करानी चाहिए। किसानों और मजदूरों को औपचारिक साख के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। किसानों को बचत करने तथा ऋण की किस्त समय पर चुकाने के लिए जागरूक करना भी आवश्यक है।
6. ग्रामीण बाजार को सुधारने के क्या उपाय हो सकते हैं?
उत्तर:
- माप-तौल की उचित व्यवस्था हो।
- गाँवों को शहरों से जोड़ने के लिए सड़क और अन्य आधारिक संरचना विकसित की जाए।
- भंडारण और शीत भंडारण की उचित व्यवस्था की जाए।
- किसानों को बाजार और कीमतों की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण दिया जाए।
7. ग्रामीण विकास में बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ ग्रामीण बाजारों में किसानों के साथ अनुबंध कर सकती हैं। वे गुणवत्तापूर्ण फल, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों के उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर सकती हैं तथा बीज और अन्य कृषि आगत उपलब्ध करा सकती हैं। कुछ मामलों में वे पूर्व निर्धारित कीमत की व्यवस्था भी कर सकती हैं।
8. तमिलनाडु में कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर: संदर्भ सामग्री में TANWA को महिलाओं से संबंधित एक कार्य योजना के रूप में बताया गया है। इसके माध्यम से महिलाओं को नई कृषि तकनीकों की जानकारी देने और कृषि उत्पादकता तथा परिवार की आय बढ़ाने में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया।
9. पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी ग्रामीण विविधीकरण में कैसे सहायक हैं?
उत्तर: ये तीनों गतिविधियाँ कृषि पर निर्भरता कम करके ग्रामीण परिवारों को आय और रोजगार के वैकल्पिक स्रोत प्रदान करती हैं। पशुपालन से दूध और अन्य उत्पाद, मत्स्य पालन से मछली और रोजगार तथा बागवानी से फल, सब्जियाँ और अन्य उत्पाद प्राप्त होते हैं। इससे ग्रामीण आय के स्रोतों में विविधता आती है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. पशुपालन पर विस्तृत टिप्पणी लिखिए।
उत्तर: पशुपालन में पालतू पशुओं का पालन-पोषण और देखभाल की जाती है। ग्रामीण भारत में कृषि और पशुपालन लंबे समय से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। पशुपालन किसानों को कृषि के अतिरिक्त आय का स्रोत प्रदान करता है।
पशुपालन से दूध, मांस, अंडे और अन्य उत्पाद प्राप्त होते हैं। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में स्थिरता आती है तथा पोषण और खाद्य सुरक्षा में सहायता मिलती है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह विशेष रूप से उपयोगी वैकल्पिक गतिविधि है।
डेयरी क्षेत्र के विकास में ऑपरेशन फ्लड की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सहकारी व्यवस्था के माध्यम से किसानों के दूध को एकत्रित करके शहरी बाजारों तक पहुँचाने में सहायता मिली। इस प्रकार पशुपालन ग्रामीण विविधीकरण और ग्रामीण विकास का महत्वपूर्ण आधार है।
2. भारत में बागवानी का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
उत्तर: भारत में विभिन्न प्रकार की जलवायु और मिट्टी उपलब्ध होने के कारण बागवानी के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ हैं। फल, सब्जियाँ, फूल, औषधीय पौधे, सजावटी पौधे और मसाले आदि बागवानी के प्रमुख उत्पाद हैं।
बागवानी ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराती है। इससे भोजन और पोषण की उपलब्धता भी बढ़ती है। संदर्भ सामग्री में 1991–2003 की अवधि को बागवानी क्षेत्र में निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। इसे स्वर्णिम क्रांति से भी जोड़ा गया है।
बागवानी को बढ़ावा देने के लिए शीतगृह, बिजली, परिवहन, प्रसंस्करण, विपणन और आधुनिक तकनीक जैसी आधारिक सुविधाओं का विकास आवश्यक है।
3. निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए।
(क) प्रत्येक गाँव – एक ज्ञान का केन्द्र
उत्तर: ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना और ज्ञान पहुँचाने के लिए ज्ञान केंद्रों की अवधारणा विकसित की गई। संदर्भ सामग्री के अनुसार 1995 में ग्रामीण विकास के उद्देश्य से ‘जमशेद जी टाटा राष्ट्रीय वर्चुअल एकेडेमी’ की स्थापना की गई। इसमें सूचना और संचार तकनीक के माध्यम से ग्रामीण लोगों को विभिन्न प्रकार की जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
(ख) महाराष्ट्र में जैविक आधार पर कपास उत्पादन
उत्तर: संदर्भ सामग्री में महाराष्ट्र में बिना कीटनाशक रसायनों के जैविक आधार पर कपास उत्पादन के प्रयास का उल्लेख किया गया है। इसका उद्देश्य रासायनिक आगतों पर निर्भरता कम करते हुए जैविक कृषि को बढ़ावा देना था। इस प्रकार की कृषि से पर्यावरण संरक्षण और धारणीय कृषि को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)
1. कौन-सी फसल के लिए रासायनिक कीटनाशकों का सर्वाधिक प्रयोग होता है?
(a) कपास
(b) गेहूँ
(c) चावल
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) कपास
व्याख्या: संदर्भ सामग्री में कपास को सही विकल्प दिया गया है।
2. सीमांत किसानों की जोत का औसत आकार कितना बताया गया है?
(a) 2 हेक्टेयर
(b) 5 हेक्टेयर
(c) 0.8 हेक्टेयर
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (c) 0.8 हेक्टेयर
व्याख्या: संदर्भ सामग्री में 0.8 हेक्टेयर विकल्प दिया गया है।
3. जैविक कृषि उत्पादों का मूल्य सामान्य कृषि उत्पादों से लगभग कितना अधिक बताया गया है?
(a) 20–200 प्रतिशत
(b) 10–100 प्रतिशत
(c) 10–150 प्रतिशत
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (b) 10–100 प्रतिशत
व्याख्या: यह उत्तर reference सामग्री में दिए गए विकल्प पर आधारित है।
4. एम. एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन कहाँ स्थित है?
(a) दिल्ली
(b) मुंबई
(c) चेन्नई
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (c) चेन्नई
व्याख्या: एम. एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन चेन्नई से संबंधित है।
5. श्री रतन टाटा ट्रस्ट कहाँ स्थित है?
(a) पटना
(b) मुंबई
(c) बेंगलुरु
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (b) मुंबई
व्याख्या: Reference में इस प्रश्न के विकल्पों में typing/duplicate city issue था; यहाँ संस्था का स्थान साफ रूप में दिया गया है।
6. ऑपरेशन फ्लड का संबंध किससे है?
(a) दूध उत्पादन
(b) चावल उत्पादन
(c) तेल उत्पादन
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) दूध उत्पादन
व्याख्या: ऑपरेशन फ्लड डेयरी विकास से संबंधित कार्यक्रम था।
7. सुनहरी क्रांति का संबंध किससे है?
(a) मत्स्य पालन
(b) डेयरी फार्मिंग
(c) बागवानी
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (c) बागवानी
व्याख्या: सुनहरी क्रांति को बागवानी क्षेत्र के विकास से जोड़ा जाता है।
8. मत्स्य पालन में महिला कार्यबल का प्रतिशत कितना बताया गया है?
(a) 60 प्रतिशत
(b) 40 प्रतिशत
(c) 50 प्रतिशत
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) 60 प्रतिशत
व्याख्या: यह संदर्भ सामग्री में दिया गया आँकड़ा है।
9. अंतरराष्ट्रीय मत्स्य बाजार में महिला कार्यबल का प्रतिशत कितना बताया गया है?
(a) 60 प्रतिशत
(b) 40 प्रतिशत
(c) 50 प्रतिशत
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (b) 40 प्रतिशत
व्याख्या: Reference में 40 प्रतिशत को सही विकल्प दिया गया है।
10. भारत के सकल घरेलू उत्पाद में मत्स्य उद्योग का कितना योगदान बताया गया है?
(a) 1.4 प्रतिशत
(b) 2 प्रतिशत
(c) 1.1 प्रतिशत
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) 1.4 प्रतिशत
व्याख्या: यह reference सामग्री में दिया गया ऐतिहासिक आँकड़ा है।
11. भारत में लगभग मवेशियों की संख्या कितनी बताई गई है?
(a) 287 मिलियन
(b) 90 मिलियन
(c) 170 मिलियन
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) 287 मिलियन
व्याख्या: यह reference सामग्री में दिया गया आँकड़ा है।
12. गतिशील उपक्षेत्र में कौन शामिल है?
(a) कृषि प्रसंस्करण उद्योग
(b) बागवानी
(c) मत्स्य पालन
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) कृषि प्रसंस्करण उद्योग
व्याख्या: कृषि प्रसंस्करण ग्रामीण गैर-कृषि अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण उपक्षेत्रों में शामिल है।
अध्याय का सारांश
- ग्रामीण विकास का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ग्रामीण लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना है।
- ग्रामीण विकास के लिए साख और बैंकिंग व्यवस्था महत्वपूर्ण है।
- कृषि विपणन में संग्रह, भंडारण, प्रसंस्करण, परिवहन और वितरण शामिल हैं।
- कृषि विविधीकरण से किसानों की आय के स्रोत बढ़ते हैं और जोखिम कम हो सकता है।
- पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी ग्रामीण विविधीकरण के महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
- ऑपरेशन फ्लड डेयरी विकास से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।
- सूचना प्रौद्योगिकी ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और बाजार संबंधी जानकारी पहुँचाने में सहायक है।
- जैविक कृषि पर्यावरण संरक्षण और धारणीय विकास को बढ़ावा देती है।
- ग्रामीण विकास के लिए आधारिक संरचना, रोजगार, साख, बाजार और तकनीकी जानकारी का विकास आवश्यक है।
निष्कर्ष
ग्रामीण विकास केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के लिए साख, विपणन, आधारिक संरचना, रोजगार, पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी और गैर-कृषि गतिविधियों का विकास भी आवश्यक है। साथ ही पर्यावरण की रक्षा करते हुए धारणीय कृषि और जैविक कृषि को बढ़ावा देना ग्रामीण जीवन को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने में सहायता कर सकता है।
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