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Bihar Board Class 11 Economics Solutions Chapter 7 रोजगार-संवृद्धि, अनौपचारीकरण एवं अन्य मुद्दे

रोजगार-संवृद्धि, अनौपचारीकरण एवं अन्य मुद्दे भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इसमें श्रमिक, रोजगार, बेरोजगारी, श्रमिक जनसंख्या अनुपात, कार्यबल का क्षेत्रवार वितरण, स्वरोजगार, नियमित वेतनभोगी रोजगार और अनौपचारिक क्षेत्र जैसे विषयों को समझाया गया है।

इस अध्याय में यह भी समझाया गया है कि आर्थिक संवृद्धि और रोजगार-सृजन के बीच क्या संबंध है तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार की स्थिति में किस प्रकार अंतर दिखाई देता है।

Table of Contents

रोजगार-संवृद्धि, अनौपचारीकरण एवं अन्य मुद्दे – महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर

1. श्रमिक किसे कहते हैं?

उत्तर: श्रमिक उस व्यक्ति को कहते हैं जो किसी आर्थिक क्रिया में संलग्न होकर उत्पादन या सेवा प्रदान करता है। उसकी गतिविधि से वस्तुओं या सेवाओं के उत्पादन में योगदान होता है।

2. श्रमिक जनसंख्या अनुपात से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: श्रमिक जनसंख्या अनुपात से यह पता चलता है कि किसी निश्चित जनसंख्या में कितने व्यक्ति आर्थिक रूप से कार्यरत हैं। इसे कार्यरत श्रमिकों की संख्या को कुल जनसंख्या से भाग देकर 100 से गुणा करके निकाला जाता है।

सूत्र:

श्रमिक जनसंख्या अनुपात = (कार्यरत श्रमिकों की संख्या ÷ कुल जनसंख्या) × 100

3. आर्थिक क्रियाएँ किसे कहते हैं?

उत्तर: ऐसी क्रियाएँ जिनसे वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन होता है तथा राष्ट्रीय उत्पादन में योगदान मिलता है, आर्थिक क्रियाएँ कहलाती हैं। उदाहरण के लिए शिक्षक का पढ़ाना, नर्स का रोगी की सेवा करना, बैंक कर्मचारी का काम करना और कारखाने में उत्पादन करना आर्थिक क्रियाएँ हैं।

4. क्या भिखारी, चोर, तस्कर और जुआरी श्रमिक माने जाते हैं? क्यों?

उत्तर: दिए गए संदर्भ के अनुसार इन्हें श्रमिक नहीं माना जाता, क्योंकि उनकी गतिविधियों को वैध उत्पादक आर्थिक क्रियाओं के रूप में नहीं माना जाता।

5. निम्नलिखित में असंगत कौन है और क्यों?

(क) नाई की दुकान का मालिक

(ख) मोची

(ग) मदर डेयरी का कोषपाल

(घ) ट्यूशन पढ़ाने वाला शिक्षक

(ङ) परिवहन कंपनी का संचालक

(च) निर्माण मजदूर

उत्तर: (ग) मदर डेयरी का कोषपाल असंगत है, क्योंकि वह वेतन पर कार्य करने वाला कर्मचारी है, जबकि अन्य उदाहरणों में व्यक्ति स्वयं अपना कार्य या व्यवसाय कर रहा है।

6. नए उभरते रोजगार मुख्यतः किस क्षेत्र में मिल रहे हैं?

उत्तर: नए उभरते रोजगार मुख्यतः सेवा क्षेत्र में मिल रहे हैं।

7. अनौपचारिक क्षेत्रक क्या है?

उत्तर: ऐसे छोटे उद्यम या प्रतिष्ठान जिनमें श्रमिकों की संख्या कम होती है और जहाँ औपचारिक रोजगार व्यवस्था तथा सामाजिक सुरक्षा की सुविधाएँ सीमित हो सकती हैं, उन्हें अनौपचारिक क्षेत्र से संबंधित माना जाता है।

8. राज स्कूल जाता है, लेकिन खाली समय में अपने खेत में काम करता है। क्या उसे श्रमिक माना जाएगा?

उत्तर: यदि उसका खेत पर किया गया कार्य परिवार के उत्पादन में वास्तविक आर्थिक योगदान देता है, तो उसे आर्थिक गतिविधि में संलग्न माना जा सकता है। केवल स्कूल जाने के कारण उसके आर्थिक कार्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

9. शहरी महिलाओं की अपेक्षा अधिक ग्रामीण महिलाएँ काम करती दिखाई देती हैं। क्यों?

उत्तर: ग्रामीण परिवारों में आय के साधन अपेक्षाकृत सीमित होते हैं। इसलिए परिवार की आय बढ़ाने और आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए महिलाएँ कृषि तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों में भी भाग लेती हैं।

10. मीना गृहिणी है और अपने पति की कपड़े की दुकान में भी काम करती है। क्या उसे श्रमिक माना जा सकता है?

उत्तर: हाँ। यदि मीना दुकान के व्यवसाय में वास्तविक आर्थिक गतिविधि करती है, तो उसे आर्थिक क्रिया में संलग्न माना जा सकता है। केवल घरेलू काम करना और आर्थिक व्यवसाय में योगदान देना अलग-अलग स्थितियाँ हैं।

11. निम्नलिखित में असंगत कौन है?

(क) किसी अन्य के अधीन रिक्शा चलाने वाला

(ख) राज मिस्त्री

(ग) किसी मैकेनिक की दुकान पर काम करने वाला श्रमिक

(घ) जूते पॉलिश करने वाला लड़का

उत्तर: (घ) जूते पॉलिश करने वाला लड़का असंगत है।

कार्यबल और रोजगार की स्थिति

12. 1972-73 में भारत के श्रम बल के वितरण की प्रमुख विशेषताएँ क्या थीं?

उत्तर: संदर्भ तालिका के अनुसार उस समय भारत में श्रम बल का बड़ा भाग ग्रामीण क्षेत्रों में था। पुरुषों की संख्या महिलाओं की तुलना में अधिक थी। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक दिखाई देती थी। इसका संबंध ग्रामीण परिवारों की आय, कृषि पर निर्भरता और सीमित वैकल्पिक रोजगार से था।

13. 1999-2000 में भारत के कार्यबल का अनुमान कितना बताया गया है?

उत्तर: संदर्भ सामग्री में 1999-2000 के लिए लगभग 400 मिलियन कार्यबल का उल्लेख किया गया है।

14. कार्यरत जनसंख्या अनुपात क्या बताता है?

उत्तर: कार्यरत जनसंख्या अनुपात यह बताता है कि कुल जनसंख्या में से कितने व्यक्ति आर्थिक गतिविधियों में कार्यरत हैं।

15. यदि ‘क’ देश का कार्यरत जनसंख्या अनुपात 50 और ‘ख’ देश का 40 है, तो किस देश में अनुपात अधिक है?

उत्तर: ‘क’ देश में कार्यरत जनसंख्या अनुपात अधिक है।

16. किसी देश की जनसंख्या 28.52 करोड़ है और कार्यरत जनसंख्या अनुपात 33.7 है। कार्यरत लोगों की संख्या ज्ञात करें।

उत्तर:

कार्यरत जनसंख्या = 28.52 × 33.7 ÷ 100

= 9.61 करोड़ लगभग

17. किसी देश में 9.61 करोड़ लोग कार्यरत हैं और कुल जनसंख्या 28.52 करोड़ है। कार्यरत जनसंख्या अनुपात ज्ञात करें।

उत्तर:

कार्यरत जनसंख्या अनुपात = (9.61 ÷ 28.52) × 100

= लगभग 33.7%

18. ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित वेतनभोगी कर्मचारियों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में ऐसे कर्मचारी अधिक क्यों होते हैं?

उत्तर: शहरों में कार्यालय, अस्पताल, विद्यालय, कारखाने, व्यापारिक प्रतिष्ठान और अन्य संस्थाएँ अधिक संख्या में होती हैं। इनमें नियमित वेतन पर कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। साथ ही शहरी क्षेत्रों में शिक्षित और प्रशिक्षित श्रमिकों की उपलब्धता अधिक होने के कारण नियमित वेतनभोगी रोजगार का अनुपात भी अधिक होता है।

19. नियमित वेतनभोगी कर्मचारियों में महिलाओं की संख्या कम होने के क्या कारण बताए जाते हैं?

उत्तर: महिलाओं पर घरेलू जिम्मेदारियों का अधिक बोझ, शिक्षा और कौशल के अवसरों में अंतर तथा कुछ सामाजिक परिस्थितियाँ उनके नियमित वेतनभोगी रोजगार को प्रभावित कर सकती हैं। इसके कारण कई क्षेत्रों में महिलाओं की नियमित वेतनभोगी रोजगार में भागीदारी कम दिखाई देती है।

भारत में रोजगार का क्षेत्रवार वितरण

20. भारत में श्रमबल के क्षेत्रवार वितरण की प्रमुख प्रवृत्ति क्या रही है?

उत्तर: संदर्भ सामग्री में 1972-73 से 1999-2000 के बीच कृषि एवं प्राथमिक क्षेत्र में कार्यरत लोगों के अनुपात में कमी और द्वितीयक तथा सेवा क्षेत्र में वृद्धि दिखाई गई है।

क्षेत्र1972-731999-2000प्रवृत्ति
प्राथमिक क्षेत्रलगभग 74%लगभग 60%कमी
द्वितीयक क्षेत्रलगभग 11%लगभग 16%वृद्धि
सेवा क्षेत्रलगभग 15%लगभग 24%वृद्धि

21. क्या 1970 के बाद भारत के विभिन्न उद्योगों में श्रमबल के वितरण में कोई परिवर्तन नहीं हुआ?

उत्तर: ऐसा कहना सही नहीं होगा। समय के साथ प्राथमिक क्षेत्र में रोजगार का अनुपात घटा है, जबकि द्वितीयक और सेवा क्षेत्रों में रोजगार का अनुपात बढ़ा है। इससे स्पष्ट होता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में रोजगार का क्षेत्रीय स्वरूप बदला है।

22. ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत जनसंख्या का अनुपात शहरी क्षेत्र से अधिक क्यों होता है?

उत्तर:

  • ग्रामीण परिवारों में आय के साधन सीमित होते हैं।
  • परिवार के अधिक सदस्य कृषि और संबंधित गतिविधियों में काम करते हैं।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और युवाओं के शिक्षा में बने रहने की अवधि कम हो सकती है।
  • जीवन-निर्वाह के लिए परिवार के अधिक सदस्यों का काम करना आवश्यक हो सकता है।

रोजगार की स्थिति और श्रमिकों का वर्गीकरण

23. रोजगार के आधार पर श्रमिकों के प्रमुख वर्ग कौन-कौन से हैं?

उत्तर: श्रमिकों को रोजगार की स्थिति के आधार पर मुख्यतः निम्न वर्गों में समझा जाता है:

  1. स्वनियोजित: जो अपना व्यवसाय या कार्य स्वयं करते हैं।
  2. नियमित वेतनभोगी: जिन्हें नियमित रूप से वेतन प्राप्त होता है।
  3. अनियत/दैनिक मजदूरी श्रमिक: जिन्हें काम के अनुसार मजदूरी मिलती है और रोजगार की नियमितता कम होती है।

24. 1972-73 और 1999-2000 के बीच रोजगार की स्थिति में क्या परिवर्तन आया?

उत्तर: संदर्भ सामग्री के अनुसार स्वनियोजित श्रमिकों का अनुपात घटा और नियमित वेतनभोगी रोजगार में बहुत कम परिवर्तन हुआ। इसके विपरीत दैनिक मजदूरी पर काम करने वाले श्रमिकों का अनुपात बढ़ा।

रोजगार स्थिति1972-731999-2000
स्वनियोजित61.4%52.6%
नियमित वेतनभोगी15.4%14.6%
दैनिक मजदूरी23.2%32.8%

25. औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्र में अंतर स्पष्ट करें।

आधारऔपचारिक क्षेत्रअनौपचारिक क्षेत्र
रोजगार की प्रकृतिनियमित और अधिक व्यवस्थित रोजगार।रोजगार की नियमितता अपेक्षाकृत कम हो सकती है।
सामाजिक सुरक्षासामाजिक सुरक्षा सुविधाएँ उपलब्ध हो सकती हैं।सामाजिक सुरक्षा सीमित या अनुपलब्ध हो सकती है।
श्रम कानूनश्रम कानूनों का अधिक औपचारिक अनुपालन।कानूनी सुरक्षा का दायरा सीमित हो सकता है।
वेतननियमित वेतन की व्यवस्था।दैनिक या अनियमित भुगतान हो सकता है।
नौकरी की सुरक्षातुलनात्मक रूप से अधिक।तुलनात्मक रूप से कम।

26. अनौपचारिक क्षेत्र की अपेक्षा औपचारिक क्षेत्र में रोजगार को अधिक सुरक्षित क्यों माना जाता है?

उत्तर: औपचारिक क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा, नियमित वेतन, श्रम कानूनों का संरक्षण, पेंशन या भविष्य निधि जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त नौकरी की सुरक्षा और प्रशिक्षण के अवसर भी अपेक्षाकृत बेहतर होते हैं।

27. अनियत दिहाड़ी मजदूर कौन होते हैं?

उत्तर: ऐसे मजदूर जिन्हें किसी व्यक्ति या उद्यम से नियमित रूप से काम नहीं मिलता और जो काम मिलने पर मजदूरी प्राप्त करते हैं, अनियत दिहाड़ी मजदूर कहलाते हैं। वे ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और शहरी क्षेत्रों में निर्माण जैसे कार्यों में लगे हो सकते हैं।

28. कैसे पता लगाया जा सकता है कि कोई व्यक्ति अनौपचारिक क्षेत्र में काम करता है?

उत्तर: उसके कार्यस्थल या उद्यम की प्रकृति, कर्मचारियों की संख्या, रोजगार की नियमितता तथा सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाओं को देखकर यह समझा जा सकता है कि वह औपचारिक या अनौपचारिक क्षेत्र में काम करता है।

29. अल्परोजगार क्या है?

उत्तर: जब किसी व्यक्ति को उसकी उपलब्ध कार्यक्षमता की तुलना में कम समय या कम मात्रा में काम मिलता है, तो उसे अल्परोजगार की स्थिति कहा जाता है। व्यक्ति कुछ काम कर रहा होता है, लेकिन उसकी पूरी श्रम क्षमता का उपयोग नहीं हो रहा होता।

30. यदि किसी व्यक्ति को दिन में केवल दो घंटे काम मिलता है और बाकी समय काम की तलाश में रहता है, तो उसकी स्थिति क्या होगी?

उत्तर: वह पूर्ण बेरोजगार नहीं है क्योंकि उसे कुछ काम मिल रहा है। लेकिन उसकी श्रम क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो रहा है, इसलिए उसे अल्परोजगार की स्थिति में माना जा सकता है।

रोजगार और आर्थिक संवृद्धि

31. क्या भारत में GDP की वृद्धि के साथ रोजगार में भी उसी अनुपात में वृद्धि हुई?

उत्तर: संदर्भ सामग्री के अनुसार GDP की वृद्धि रोजगार वृद्धि की तुलना में अधिक रही। रोजगार की वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी रही और 1990 के बाद रोजगार वृद्धि में कमी दिखाई दी। इससे ऐसी स्थिति की चर्चा होती है जिसे रोजगार-विहीन संवृद्धि (Jobless Growth) कहा जाता है।

32. रोजगार-विहीन संवृद्धि से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: जब अर्थव्यवस्था में उत्पादन और GDP में वृद्धि होती है लेकिन उसके अनुपात में पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा नहीं होते, तो ऐसी स्थिति को रोजगार-विहीन संवृद्धि कहा जाता है।

33. भारत में रोजगार सृजन की गति प्रभावित होने के प्रमुख कारण क्या बताए गए हैं?

उत्तर: संदर्भ सामग्री में जनसंख्या की तेज वृद्धि, रोजगार के अवसरों की धीमी वृद्धि, स्वनियोजित रोजगार के अनुपात में कमी और नियमित वेतनभोगी रोजगार के अनुपात में कमी जैसे कारणों का उल्लेख किया गया है।

सकल घरेलू उत्पाद और सकल राष्ट्रीय उत्पाद

34. सकल घरेलू उत्पाद (GDP) क्या है?

उत्तर: किसी देश की घरेलू सीमा के भीतर एक निश्चित अवधि, सामान्यतः एक वर्ष, में उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मौद्रिक मूल्य को सकल घरेलू उत्पाद या GDP कहते हैं।

35. सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) क्या है?

उत्तर: सकल राष्ट्रीय उत्पाद वह उत्पादन मूल्य है जो सकल घरेलू उत्पाद में विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय को जोड़ने पर प्राप्त होता है।

सूत्र: GNP = GDP + विदेशों से शुद्ध साधन आय

36. विदेशों से शुद्ध साधन आय कब धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य होती है?

उत्तर:

  • जब विदेशों से प्राप्त साधन आय, विदेशों को दी गई साधन आय से अधिक हो, तो यह धनात्मक होती है।
  • जब विदेशों को दी गई साधन आय अधिक हो, तो यह ऋणात्मक होती है।
  • जब दोनों बराबर हों, तो यह शून्य होती है।

37. यदि GDP ₹9,000 करोड़ और विदेशों से शुद्ध आय (-) ₹10 करोड़ है, तो GNP ज्ञात करें।

उत्तर:

GNP = GDP + विदेशों से शुद्ध आय

= 9,000 + (-10)

= ₹8,990 करोड़

38. यदि GNP ₹10,100 करोड़ और विदेशों से शुद्ध आय ₹100 करोड़ है, तो GDP ज्ञात करें।

उत्तर:

GNP = GDP + विदेशों से शुद्ध आय

अतः GDP = GNP − विदेशों से शुद्ध आय

= 10,100 − 100

= ₹10,000 करोड़

ग्रामीण रोजगार और रोजगार गारंटी

39. ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में कितने दिनों के रोजगार की गारंटी बताई गई है?

उत्तर: संदर्भ सामग्री में एक वर्ष में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी का उल्लेख है।

40. ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना 2 फरवरी 2006 को कितने जिलों में शुरू की गई थी?

उत्तर: संदर्भ सामग्री के अनुसार इसे प्रारंभ में 200 जिलों में शुरू किया गया था।

41. ग्राम पंचायत रोजगार सृजन के लिए किन गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती है?

उत्तर: ग्राम पंचायत निम्नलिखित कार्यों के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा कर सकती है:

  • गाँव की सड़कों का निर्माण और सुधार।
  • सफाई व्यवस्था।
  • नालियों की सफाई और निर्माण।
  • कुओं तथा तालाबों की सफाई।
  • प्रौढ़ शिक्षा की व्यवस्था।
  • कमजोर विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक सहायता।
  • खेलकूद सुविधाओं का विकास।
  • तालाब निर्माण एवं रखरखाव।

अनौपचारिक क्षेत्र और श्रमिक

42. निम्नलिखित में कौन अनौपचारिक क्षेत्र में काम करता है?

  1. सात वेतनभोगी कर्मचारियों और तीन परिवार के सदस्यों वाला छोटा होटल।
  2. 20 वेतनभोगी अध्यापकों वाला निजी विद्यालय।
  3. पुलिस कांस्टेबल।
  4. सरकारी अस्पताल की नर्स।
  5. साइकिल रिक्शा चालक।
  6. टेक्सटाइल दुकान का स्वामी।
  7. 20 कर्मचारियों वाली बस कंपनी का स्वामी।
  8. वकील।

उत्तर: संदर्भ सामग्री के अनुसार छोटा होटल, साइकिल रिक्शा चालक और टेक्सटाइल दुकान का स्वामी अनौपचारिक क्षेत्र से संबंधित माने गए हैं।

43. राष्ट्रीय उत्पाद में योगदान देने वाली पाँच आर्थिक गतिविधियाँ लिखिए।

उत्तर:

  1. विद्यालय में शिक्षक द्वारा पढ़ाना।
  2. अस्पताल में नर्स द्वारा रोगी की सेवा करना।
  3. बैंक कर्मचारी द्वारा बैंकिंग कार्य करना।
  4. कारखाने में श्रमिक द्वारा उत्पादन करना।
  5. दुकानदार द्वारा वस्तुओं की बिक्री करना।

44. भारत में महिलाओं की तुलना में पुरुष अधिक संख्या में कार्यरत क्यों पाए जाते हैं?

उत्तर: रोजगार में लैंगिक अंतर के पीछे सामाजिक मान्यताएँ, घरेलू जिम्मेदारियाँ, शिक्षा एवं कौशल के अवसरों में अंतर और कुछ क्षेत्रों में महिलाओं के लिए रोजगार के सीमित अवसर जैसे कारण हो सकते हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में यह अंतर अलग-अलग रूप में दिखाई देता है।

आर्थिक क्षेत्रों का वर्गीकरण

45. आर्थिक गतिविधियों को कितनी प्रमुख औद्योगिक श्रेणियों में बाँटा जा सकता है?

उत्तर: संदर्भ सामग्री में निम्नलिखित आठ औद्योगिक श्रेणियाँ दी गई हैं:

  1. कृषि
  2. खनन तथा उत्खनन
  3. विनिर्माण
  4. विद्युत, गैस तथा पानी की आपूर्ति
  5. निर्माण
  6. व्यापार
  7. परिवहन एवं भंडारण
  8. सेवाएँ

46. प्राथमिक क्षेत्र में कौन-कौन से उपक्षेत्र आते हैं?

उत्तर: प्राथमिक क्षेत्र में मुख्यतः कृषि तथा खनन एवं उत्खनन शामिल हैं।

47. द्वितीयक क्षेत्र के प्रमुख उपक्षेत्र कौन-कौन से हैं?

उत्तर:

  • विनिर्माण
  • विद्युत, गैस तथा जल आपूर्ति
  • निर्माण

48. तृतीयक क्षेत्र के प्रमुख उपक्षेत्र कौन-कौन से हैं?

उत्तर:

  • व्यापार
  • परिवहन एवं भंडारण
  • सेवाएँ

49. प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र के दो-दो उदाहरण दें।

क्षेत्रउदाहरण
प्राथमिककृषि, खनन एवं उत्खनन
द्वितीयकविनिर्माण, निर्माण
तृतीयकव्यापार, सेवाएँ

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

50. 1972-73 में भारत के कार्यबल के वितरण का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर: 1972-73 में भारत की अर्थव्यवस्था में ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि का महत्वपूर्ण स्थान था। संदर्भ सामग्री में इस वर्ष के कार्यबल का आकार लगभग 233 मिलियन बताया गया है, जिसमें लगभग 157 मिलियन पुरुष और 76 मिलियन महिलाएँ थीं।

उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करने वालों की संख्या शहरी क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक थी। इसका प्रमुख कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था का कृषि पर अधिक निर्भर होना और ग्रामीण परिवारों में अधिक सदस्यों का आर्थिक गतिविधियों में शामिल होना था।

महिला श्रमिकों की ग्रामीण भागीदारी भी शहरी क्षेत्र की तुलना में अधिक थी। ग्रामीण महिलाएँ कृषि और उससे संबंधित कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देती थीं।

51. 1972-73 और 1999-2000 के बीच श्रमिकों की रोजगार स्थिति में हुए परिवर्तन का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर: इस अवधि में रोजगार की स्थिति में महत्वपूर्ण परिवर्तन दिखाई देता है। स्वनियोजित श्रमिकों का अनुपात कम हुआ, जबकि दैनिक मजदूरी श्रमिकों का अनुपात बढ़ा। नियमित वेतनभोगी रोजगार में अपेक्षाकृत कम परिवर्तन हुआ।

श्रमिक वर्ग1972-731999-2000
स्वनियोजित61.4%52.6%
नियमित वेतनभोगी15.4%14.6%
दैनिक मजदूरी23.2%32.8%

इससे पता चलता है कि रोजगार की संरचना में दैनिक मजदूरी वाले रोजगार का महत्व बढ़ा, जबकि स्वनियोजित रोजगार का अनुपात घटा।

52. 1993-94 में ग्रामीण और शहरी कार्यरत जनसंख्या अनुपात का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर: संदर्भ सामग्री में 1993-94 के लिए ग्रामीण क्षेत्र का कार्यरत जनसंख्या अनुपात 44.4% और शहरी क्षेत्र का लगभग 34.7% बताया गया है।

ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत लोगों का अनुपात अधिक होने के प्रमुख कारण ग्रामीण परिवारों की आय के सीमित साधन और कृषि पर निर्भरता हैं। परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अधिक सदस्य काम करते हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की अवधि कम होने से भी कम आयु में लोग काम में प्रवेश कर सकते हैं।

53. 1972-73 और 1999-2000 के बीच पुरुष रोजगार की प्रवृत्ति का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर: संदर्भ सामग्री के अनुसार इस अवधि में स्वनियोजित और नियमित वेतनभोगी रोजगार के अनुपात में कमी आई, जबकि दैनिक मजदूरी वाले रोजगार का अनुपात बढ़ा।

रोजगार स्थिति1972-731999-2000परिवर्तन
स्वनियोजितलगभग 61%लगभग 51%कमी
नियमित वेतनभोगी18.7%17.8%कमी
दैनिक मजदूरी19.7%30.9%वृद्धि

संदर्भ सामग्री में इसके कारणों के रूप में तेज जनसंख्या वृद्धि, स्वनियोजित रोजगार के अनुपात में कमी और नियमित रोजगार के अवसरों में धीमी वृद्धि को बताया गया है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)

1. एक वर्ष की अवधि में कितने दिनों से अधिक काम मिलने पर व्यक्ति को श्रमिक की स्थिति में माना गया है?

(a) 183 दिन से कम

(b) 183 दिन से अधिक

(c) दोनों

(d) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (b) 183 दिन से अधिक

व्याख्या: Reference में 183 दिनों से अधिक काम वाले विकल्प को सही बताया गया है।

2. श्रम बल भागीदारी दर का सूत्र किससे संबंधित है?

(a) श्रम बल और संबंधित जनसंख्या का अनुपात

(b) केवल कुल जनसंख्या

(c) (a) और (b) दोनों

(d) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (a)

व्याख्या: श्रम बल भागीदारी दर कार्य करने योग्य/संबंधित जनसंख्या में श्रम बल की भागीदारी को मापती है।

3. राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के आँकड़ों का आधार क्या है?

(a) प्रतिचयन

(b) संगणना

(c) दोनों

(d) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (a) प्रतिचयन

व्याख्या: संदर्भ सामग्री में प्रतिचयन को सही विकल्प दिया गया है।

4. 15 वर्ष से कम तथा 60 वर्ष से ऊपर की आयु वाले लोगों को किस श्रेणी में रखा गया है?

(a) उत्पादक

(b) उपभोक्ता

(c) दोनों

(d) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (b) उपभोक्ता

व्याख्या: Reference में यही विकल्प सही दिया गया है।

5. विश्वव्यापी मंदी के समय इंग्लैंड तथा अमेरिका में बेरोजगारी दर कितनी हो गई थी?

(a) 20 प्रतिशत

(b) 40 प्रतिशत

(c) 30 प्रतिशत

(d) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (a) 20 प्रतिशत

व्याख्या: यह संदर्भ सामग्री में दिया गया ऐतिहासिक आँकड़ा है।

6. आर्थिक मंदी के दौरान संभाव्य उत्पादन में कितने प्रतिशत की कमी का उल्लेख है?

(a) 20 प्रतिशत

(b) 40 प्रतिशत

(c) 30 प्रतिशत

(d) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (b) 40 प्रतिशत

व्याख्या: Reference में 40 प्रतिशत को सही विकल्प बताया गया है।

7. भारत में प्रच्छन्न बेरोजगारी कहाँ पाई जाती है?

(a) कृषि में

(b) पारिवारिक व्यवसायों में

(c) (a) और (b) दोनों

(d) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (c) (a) और (b) दोनों

व्याख्या: जब आवश्यकता से अधिक श्रमिक किसी कार्य में लगे हों और कुछ श्रमिकों को हटाने पर भी उत्पादन पर विशेष प्रभाव न पड़े, तो ऐसी स्थिति प्रच्छन्न बेरोजगारी से जुड़ी होती है।

8. महिलाओं के आर्थिक कार्यों को किस श्रेणी में रखा जाता है?

(a) काम की श्रेणी में

(b) काम की श्रेणी में नहीं

(c) दोनों

(d) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (a) काम की श्रेणी में

व्याख्या: आर्थिक गतिविधि में वास्तविक योगदान करने वाले कार्य को रोजगार/काम की श्रेणी में रखा जा सकता है।

9. भारत में 1999-2000 में बेरोजगारी का आकार कितना बताया गया है?

(a) 0.39 करोड़

(b) 1.24 करोड़

(c) 0.80 करोड़

(d) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (c) 0.80 करोड़

व्याख्या: यह reference सामग्री में दिया गया ऐतिहासिक आँकड़ा है।

10. भारत में 1999-2000 में 1972-73 की तुलना में बेरोजगारी के आकार में कितनी वृद्धि बताई गई?

(a) दो गुनी

(b) तीन गुनी

(c) चार गुनी

(d) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (a) दो गुनी

व्याख्या: Reference में दो गुनी को सही विकल्प दिया गया है।

अध्याय का सारांश

  • श्रमिक वह व्यक्ति है जो आर्थिक गतिविधि में योगदान देता है।
  • श्रमिक जनसंख्या अनुपात कुल जनसंख्या में कार्यरत लोगों का अनुपात बताता है।
  • भारत में लंबे समय तक ग्रामीण और कृषि क्षेत्र रोजगार का प्रमुख आधार रहे हैं।
  • समय के साथ प्राथमिक क्षेत्र में रोजगार का अनुपात घटा और द्वितीयक तथा सेवा क्षेत्र में बढ़ा।
  • श्रमिकों को स्वनियोजित, नियमित वेतनभोगी और दैनिक मजदूरी श्रमिकों के रूप में समझा जा सकता है।
  • अनौपचारिक क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा और रोजगार सुरक्षा अपेक्षाकृत सीमित हो सकती है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत जनसंख्या अनुपात शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक पाया जा सकता है।
  • GDP की वृद्धि के साथ समान गति से रोजगार न बढ़ने की स्थिति को रोजगार-विहीन संवृद्धि कहा जाता है।
  • ग्रामीण रोजगार बढ़ाने के लिए स्थानीय आधारिक संरचना और रोजगारपरक गतिविधियों का विकास आवश्यक है।

निष्कर्ष

रोजगार-संवृद्धि, अनौपचारीकरण एवं अन्य मुद्दे अध्याय भारत में रोजगार की संरचना और उसकी बदलती प्रवृत्तियों को समझने में सहायता करता है। आर्थिक विकास के साथ रोजगार के पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण अवसर पैदा करना आवश्यक है। औपचारिक रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का विस्तार समावेशी आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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