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Bihar Board Class 11 History Solutions Chapter 2 लेखन कला और शहरी जीवन

Bihar Board Class 11 History Chapter 2 – लेखन कला और शहरी जीवन में प्राचीन मेसोपोटामिया में नगरों के विकास, कृषि, व्यापार, लेखन कला, कीलाक्षर लिपि, मंदिरों, राजमहलों, सामाजिक व्यवस्था और शहरी जीवन की प्रमुख विशेषताओं का अध्ययन किया जाता है। यह अध्याय बताता है कि किस प्रकार खाद्य उत्पादन, श्रम-विभाजन, व्यापार और प्रशासनिक व्यवस्था ने नगरों के विकास को संभव बनाया।

Table of Contents

अध्याय का परिचय

मेसोपोटामिया का अर्थ है नदियों के बीच का प्रदेश। यह क्षेत्र मुख्य रूप से दजला और फरात नदियों के बीच स्थित था। यहाँ कृषि के विकास, सिंचाई, व्यापार और विभिन्न प्रकार के शिल्पों के कारण प्रारंभिक नगरों का विकास हुआ।

मेसोपोटामिया की सभ्यता की प्रमुख उपलब्धियों में शहरी जीवन, लेखन कला, गणित, खगोल ज्ञान, व्यापार, वास्तुकला और प्रशासनिक व्यवस्था विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न एवं उत्तर

प्रश्न 1. आप यह कैसे कह सकते हैं कि प्राकृतिक उर्वरता तथा खाद्य उत्पादन के उच्च स्तर ही आरंभ में शहरीकरण के कारण थे?

उत्तर: प्राकृतिक उर्वरता और अधिक खाद्य उत्पादन ने लोगों को स्थायी जीवन अपनाने में सहायता की। इसके प्रमुख कारण थे—

  • उपजाऊ भूमि ने कृषि को विकसित किया।
  • घास के मैदानों के कारण पशुपालन को बढ़ावा मिला।
  • कृषि और पशुपालन के कारण लोगों का जीवन स्थायी हुआ।
  • स्थायी जीवन के कारण गाँवों का विकास हुआ।
  • अधिक खाद्य उत्पादन से वस्तु-विनिमय बढ़ा।
  • नए व्यवसाय और शिल्प विकसित हुए।
  • धीरे-धीरे बड़े गाँव नगरों में बदलने लगे।

इस प्रकार खाद्य उत्पादन और प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता ने प्रारंभिक शहरीकरण की आधारभूमि तैयार की।

प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन-सी आवश्यक दशाएँ थीं जिनकी वजह से प्रारम्भ में शहरीकरण हुआ और कौन-सी बातें शहरों के विकास के फलस्वरूप उत्पन्न हुईं?

शहरीकरण के लिए आवश्यक दशाएँशहरों के विकास के फलस्वरूप विकसित बातें
अत्यंत उत्पादक खेतीधातु और पत्थर की कमी
जल-परिवहनमुद्राओं का प्रयोग
श्रम-विभाजनराजाओं की सैन्य शक्ति तथा संगठित श्रम

प्रश्न 3. यह कहना क्यों सही होगा कि खानाबदोश पशुचारक निश्चित रूप से शहरी जीवन के लिए खतरा थे?

उत्तर: खानाबदोश पशुचारक अपने पशुओं के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान जाते थे। कभी-कभी उनके पशु खेतों में प्रवेश कर फसलों को नुकसान पहुँचाते थे। कुछ अवसरों पर वे किसानों के गाँवों पर हमला करके सामान भी लूट लेते थे।

दूसरी ओर, स्थायी बस्तियों के लोग भी पशुचारकों को नदियों और नहरों तक पहुँचने से रोकते थे। पशुओं के अत्यधिक चरने से भूमि को भी नुकसान हो सकता था। इसलिए पशुचारकों और किसानों के बीच संघर्ष की स्थिति उत्पन्न होती रहती थी।

प्रश्न 4. आप ऐसा क्यों सोचते हैं कि पुराने मंदिर बहुत कुछ घर जैसे ही होंगे?

उत्तर: प्रारंभिक मंदिरों में खुले आँगन के चारों ओर कमरे बने होते थे और उनका स्वरूप कुछ हद तक सामान्य घरों जैसा था। अंतर यह था कि मंदिरों की बाहरी दीवारों में विशेष प्रकार के मोड़ होते थे। मंदिर देवता का निवास स्थान माने जाते थे।

प्रश्न 5. शहरी जीवन शुरू होने के बाद कौन-कौन-सी नई संस्थाएँ अस्तित्व में आईं? इनमें से कौन-सी संस्थाएँ राजा की पहल पर निर्भर थीं?

उत्तर: शहरी जीवन के विकास के साथ कई नई संस्थाएँ और व्यवसाय विकसित हुए। इनमें प्रमुख थे—

  • मंदिर
  • विद्यालय
  • लिपिक और पट्टिका लेखक
  • व्यापार केंद्र
  • स्थायी सेना
  • शिल्पकार
  • वास्तुविद्
  • मूर्तिकार

मंदिर, प्रशासन, व्यापार और लेखन जैसी संस्थाओं के विकास में शासक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

प्रश्न 6. किन पुरानी कहानियों से हमें मेसोपोटामिया की सभ्यता की झलक मिलती है?

उत्तर: मेसोपोटामिया की सभ्यता के बारे में हमें प्राचीन साहित्य और महाकाव्यों से महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। गिल्गेमिश महाकाव्य इसका प्रमुख उदाहरण है। इसमें उरुक नगर, उसके शासक गिल्गेमिश, उसके साहसिक कार्य और नगर के प्रति लोगों के गौरव का वर्णन मिलता है।

मेसोपोटामिया की धार्मिक तथा सामाजिक परंपराओं के बारे में भी प्राचीन कथाओं और लिखित पट्टिकाओं से जानकारी मिलती है।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर

प्रश्न 1. मेसोपोटामिया का क्या अर्थ है?

उत्तर: मेसोपोटामिया यूनानी शब्दों से बना है। इसका अर्थ है नदियों के बीच का प्रदेश। यह दजला और फरात नदियों के बीच का क्षेत्र था।

प्रश्न 2. मेसोपोटामिया के दो स्थानों के नाम बताइए जहाँ लंबे समय तक उत्खनन कार्य चला?

उत्तर: उरुक और मारी।

प्रश्न 3. मेसोपोटामिया के इतिहास के कौन-कौन से स्रोत उपलब्ध हैं?

उत्तर: इमारतें, मूर्तियाँ, आभूषण, औजार, मुहरें और लिखित दस्तावेज आदि इसके प्रमुख स्रोत हैं।

प्रश्न 4. मेसोपोटामिया के प्राचीनतम नगरों का निर्माण कब शुरू हुआ?

उत्तर: कांस्य युग में, लगभग 3000 ई.पू. में प्राचीनतम नगरों के निर्माण की शुरुआत हुई।

प्रश्न 5. मेसोपोटामिया के लोग आवश्यक धातुएँ तथा अन्य पदार्थ कहाँ से मंगवाते थे?

उत्तर: वे तुर्की, ईरान तथा खाड़ी पार के क्षेत्रों से धातु और अन्य पदार्थ मंगवाते थे। इसके बदले वे कपड़ा तथा कृषि उत्पाद भेजते थे।

प्रश्न 6. मेसोपोटामिया के लोग लिखने के लिए किस चीज का प्रयोग करते थे?

उत्तर: वे मिट्टी की पट्टिकाओं पर लिखते थे।

प्रश्न 7. मेसोपोटामिया की सबसे पुरानी ज्ञात भाषा कौन-सी थी?

उत्तर: सुमेरियन भाषा।

प्रश्न 8. मेसोपोटामिया में साक्षरता कम क्यों थी?

उत्तर: वहाँ की लिपि में सैकड़ों जटिल चिह्न थे। इन्हें सीखना और सही ढंग से प्रयोग करना कठिन था। इसलिए लेखन-पठन का ज्ञान सीमित लोगों तक ही था।

प्रश्न 9. मेसोपोटामिया की विचारधारा के अनुसार व्यापार और लेखन की व्यवस्था सर्वप्रथम किसने की?

उत्तर: एनमर्कर से इसे जोड़ा जाता है।

प्रश्न 10. मेसोपोटामिया के दो देवी-देवताओं के नाम बताइए।

उत्तर: चंद्र देवता उर और प्रेम एवं युद्ध की देवी इन्नाना।

प्रश्न 11. मेसोपोटामिया के पुराने मंदिरों तथा घरों में एक अंतर बताइए।

उत्तर: मंदिरों की बाहरी दीवारें विशेष अंतराल पर भीतर और बाहर की ओर मुड़ी होती थीं, जबकि सामान्य घरों की दीवारों में यह विशेषता नहीं थी।

प्रश्न 12. मेसोपोटामिया में खेतों, मत्स्य क्षेत्रों तथा लोगों के पशुधन का स्वामी किसे माना जाता था?

उत्तर: आराध्य देवता को इन संसाधनों का स्वामी माना जाता था।

प्रश्न 13. मेसोपोटामिया के लोगों के धर्म की दो विशेषताएँ बताइए।

उत्तर:

  • प्रत्येक समुदाय का अपना इष्ट देव होता था।
  • लोग देवी-देवताओं को अन्न, दही और मछली जैसी वस्तुएँ अर्पित करते थे।

प्रश्न 14. शहरी जीवन की शुरुआत कहाँ से हुई थी?

उत्तर: शहरी जीवन की शुरुआत मेसोपोटामिया से हुई। यह क्षेत्र दजला और फरात नदियों के बीच स्थित था।

प्रश्न 15. मेसोपोटामिया की सभ्यता किन विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध है?

उत्तर: यह सभ्यता समृद्धि, शहरी जीवन, साहित्य, गणित और खगोल ज्ञान के लिए प्रसिद्ध थी।

प्रश्न 16. मेसोपोटामिया में पुरातात्त्विक खोजों की शुरुआत कब हुई?

उत्तर: 1840 के दशक में।

प्रश्न 17. यूरोपवासियों के लिए मेसोपोटामिया क्यों महत्वपूर्ण था?

उत्तर: बाइबिल के प्रथम भाग ‘ओल्ड टेस्टामेंट’ में मेसोपोटामिया का उल्लेख मिलता है। इसी कारण यूरोपीय विद्वानों की इसमें विशेष रुचि थी।

प्रश्न 18. शहर अथवा कस्बे किस प्रकार अस्तित्व में आते हैं?

उत्तर: जब खाद्य उत्पादन के साथ व्यापार, शिल्प और अन्य आर्थिक गतिविधियाँ विकसित होती हैं तथा किसी स्थान पर जनसंख्या का घनत्व बढ़ता है, तो कस्बे और शहर विकसित होने लगते हैं।

प्रश्न 19. वार्का शीर्ष कहाँ मिला? इसे किस चीज से बनाया गया था?

उत्तर: वार्का शीर्ष का प्रसिद्ध नमूना उरुक नगर से मिला। इसे सफेद संगमरमर को तराशकर बनाया गया था।

प्रश्न 20. कांसा कौन-सी दो धातुओं के मिश्रण से बनाया जाता है?

उत्तर: ताँबा और टिन के मिश्रण से।

प्रश्न 21. लेखन या लिपि से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: बोली जाने वाली ध्वनियों या विचारों को संकेतों और चिह्नों के रूप में दर्ज करने की व्यवस्था को लेखन या लिपि कहा जाता है।

प्रश्न 22. मेसोपोटामिया की लिपि कैसी थी?

उत्तर: मेसोपोटामिया में कीलाकार या क्यूनीफॉर्म लिपि का प्रयोग होता था।

प्रश्न 23. एकल परिवार क्या होता है?

उत्तर: एकल परिवार में सामान्यतः पति, पत्नी और उनके बच्चे शामिल होते हैं।

प्रश्न 24. उर के समाज में धन-दौलत के छोटे वर्ग में केंद्रित होने की पुष्टि कैसे होती है?

उत्तर: राजाओं और रानियों की कब्रों से बड़ी मात्रा में बहुमूल्य वस्तुएँ, आभूषण, सोने के पात्र और अन्य वस्तुएँ मिली हैं। इससे पता चलता है कि धन का बड़ा भाग उच्च वर्ग में केंद्रित था।

प्रश्न 25. शहरी अर्थव्यवस्था के लिए कुम्हार के चाक का क्या महत्व था?

उत्तर: कुम्हार के चाक से एक जैसे बर्तन बड़ी संख्या में और अपेक्षाकृत तेजी से बनाए जा सकते थे। इससे उत्पादन अधिक संगठित हुआ और कार्यशाला आधारित उत्पादन को बढ़ावा मिला।

प्रश्न 26. बेबीलोनिया को उच्च संस्कृति का केंद्र क्यों माना जाता था?

उत्तर: बेबीलोनिया के कई नगर लिखित पट्टिकाओं के बड़े संग्रह के लिए प्रसिद्ध थे। यहाँ साहित्य, ज्ञान और लेखन की समृद्ध परंपरा विकसित हुई थी।

प्रश्न 27. बेबीलोनिया को असीरियाई आधिपत्य से कब और किसने मुक्त कराया?

उत्तर: स्रोत के अनुसार नैबोपोलास्सर ने लगभग 625 ई.पू. में बेबीलोन को असीरियाई आधिपत्य से मुक्त कराया।

प्रश्न 28. स्वतंत्र बेबीलोन का अंतिम शासक कौन था?

उत्तर: स्वतंत्र बेबीलोन का अंतिम शासक नैबोनिडस था। उसने अक्कद के राजा सारगोन की खंडित मूर्ति की मरम्मत करवाने का कार्य किया।

प्रश्न 29. बेबीलोन नगर की दो महत्वपूर्ण विशेषताएँ बताइए।

उत्तर:

  • इसका क्षेत्रफल 850 हेक्टेयर से अधिक था।
  • यहाँ बड़े राजमहल और मंदिर थे।

प्रश्न 30. हौज क्या होता है?

उत्तर: हौज जमीन में बना एक गड्ढा या जल-संग्रह स्थान होता है।

प्रश्न 31. उर नगर में शवों का अंतिम संस्कार कैसे किया जाता था?

उत्तर: शवों को भूमि के नीचे दफनाया जाता था। कुछ लोगों को घरों के फर्श के नीचे भी दफनाया जाता था।

प्रश्न 32. मारी के राजाओं ने किस देवता के लिए मंदिर बनवाया?

उत्तर: स्टेपी क्षेत्र के देवता डैगन (Dagan) के लिए।

प्रश्न 33. जिमरीलिम का मारी स्थित राजमहल बहुत विशाल था। दो उदाहरण दीजिए।

उत्तर:

  • राजमहल लगभग 2.4 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला था।
  • इसमें लगभग 260 कक्ष थे।

प्रश्न 34. गिल्गेमिश महाकाव्य क्या है?

उत्तर: गिल्गेमिश महाकाव्य 12 पट्टिकाओं पर लिखा गया प्रसिद्ध मेसोपोटामियाई महाकाव्य है। यह उरुक नगर और उसके लोगों के नगर-गौरव को दर्शाता है।

प्रश्न 35. असुरबनिपाल कौन था? उसकी दो उपलब्धियाँ बताइए।

उत्तर: असुरबनिपाल असीरिया का अंतिम प्रमुख शासक था।

  • उसने निनवै में एक विशाल पुस्तकालय स्थापित करवाया।
  • उसने इतिहास, साहित्य, महाकाव्य और ज्योतिष संबंधी पट्टिकाओं का संग्रह करवाया।

प्रश्न 36. दक्षिणी मेसोपोटामिया में विकसित शहरों के तीन प्रकार कौन-से थे?

उत्तर:

  1. मंदिरों के चारों ओर विकसित शहर।
  2. व्यापार केंद्रों के रूप में विकसित शहर।
  3. शाही शहर।

प्रश्न 37. क्यूनीफॉर्म शब्द कैसे बना है?

उत्तर: क्यूनीफॉर्म शब्द लैटिन मूल के शब्दों से बना है और इसका संबंध कील के आकार से है। मेसोपोटामिया की लिपि में कील जैसे चिह्न बनाए जाते थे।

प्रश्न 38. पुराने मंदिर बहुत कुछ घर जैसे क्यों होते थे?

उत्तर: मंदिर देवता का निवास स्थान माने जाते थे। प्रारंभिक मंदिरों में भी खुले आँगन के चारों ओर कमरे होते थे, इसलिए उनका स्वरूप कुछ हद तक घर जैसा दिखाई देता था।

प्रश्न 39. संसार को मेसोपोटामिया की सबसे बड़ी देन क्या है?

उत्तर: मेसोपोटामिया की महत्वपूर्ण देन उसकी कालगणना और गणित की विद्वतापूर्ण परंपरा है।

प्रश्न 40. मेसोपोटामिया के लोगों ने समय का विभाजन किस प्रकार किया?

उत्तर: उन्होंने चंद्रमा की गति के आधार पर वर्ष को 12 महीनों में बाँटा। दिन को 24 घंटों तथा घंटे को 60 मिनट में बाँटने की परंपरा भी विकसित हुई।

प्रश्न 41. सुमेर के व्यापार की पहली घटना को किस व्यक्ति से जोड़ा जाता है?

उत्तर: उरुक के प्राचीन शासक एनमर्कर (Enmerkar) से।

प्रश्न 42. 2400 ई.पू. के बाद सुमेरियन भाषा का स्थान किस भाषा ने ले लिया?

उत्तर: अक्कदी भाषा ने।

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर

प्रश्न 1. शहरी अर्थव्यवस्था में सामाजिक संगठन होना क्यों जरूरी है?

उत्तर: नगर आत्मनिर्भर नहीं होते थे। शहरी अर्थव्यवस्था को गाँवों से अनाज और अन्य खाद्य पदार्थ चाहिए होते थे। शिल्पकारों को धातु, लकड़ी, पत्थर और अन्य कच्चा माल चाहिए होता था। इन वस्तुओं के उत्पादन, भंडारण, व्यापार और वितरण के लिए संगठित व्यवस्था आवश्यक थी। लेखा-जोखा रखने तथा अलग-अलग कार्यों में तालमेल के लिए भी सामाजिक संगठन जरूरी था।

प्रश्न 2. शहरी जीवन में श्रम-विभाजन का क्या महत्व है?

उत्तर: श्रम-विभाजन का अर्थ है कि अलग-अलग लोग अलग-अलग कार्यों में विशेषज्ञता प्राप्त करें। नगरों में कोई व्यक्ति पत्थर तराशने का काम करता था, कोई धातु के औजार बनाता था और कोई व्यापार करता था। इसलिए सभी एक-दूसरे की वस्तुओं और सेवाओं पर निर्भर रहते थे। इससे उत्पादन और व्यापार अधिक व्यवस्थित हुआ।

प्रश्न 3. मेसोपोटामिया के दक्षिणी रेगिस्तानी भाग का क्या महत्व था?

उत्तर: दक्षिणी मेसोपोटामिया का क्षेत्र प्राकृतिक रूप से शुष्क था, लेकिन दजला और फरात नदियों ने इसे कृषि के लिए अत्यंत उपयोगी बनाया। नदियाँ उपजाऊ मिट्टी लाती थीं और उनकी धाराओं तथा नहरों से खेतों की सिंचाई की जाती थी। इसलिए वर्षा कम होने के बावजूद यहाँ कृषि उत्पादन काफी अधिक था।

प्रश्न 4. मेसोपोटामिया के आयात-निर्यात पर टिप्पणी लिखिए।

उत्तर: मेसोपोटामिया में कृषि संसाधन पर्याप्त थे, लेकिन पत्थर, लकड़ी और धातुओं की कमी थी। इसलिए तुर्की, ईरान और खाड़ी पार के क्षेत्रों से लकड़ी, ताँबा, टिन, चाँदी, सोना, सीपी और पत्थर मंगाए जाते थे। इनके बदले कपड़ा और कृषि उत्पाद भेजे जाते थे।

प्रश्न 5. बाइबल में उल्लिखित जलप्लावन की कहानी क्या बताती है?

उत्तर: जलप्लावन की कथा में एक महान बाढ़ का वर्णन मिलता है। कथा के अनुसार नोआ को एक बड़ी नाव बनाने और उसमें जीव-जंतुओं के जोड़े सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया। बाढ़ के बाद नाव में सुरक्षित जीवों के माध्यम से जीवन के बने रहने की बात कही गई है।

प्रश्न 6. इराक भौगोलिक विविधता का देश है। उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: इराक में विभिन्न प्रकार के भौगोलिक क्षेत्र पाए जाते हैं।

  • पूर्वोत्तर में हरे-भरे मैदान और पर्वतीय क्षेत्र हैं।
  • उत्तर में स्टेपी घास के मैदान हैं, जहाँ पशुपालन होता था।
  • पूर्व में दजला की सहायक नदियाँ परिवहन में सहायक थीं।
  • दक्षिणी भाग में रेगिस्तानी क्षेत्र है।
  • दजला और फरात नदियों ने दक्षिणी क्षेत्र में कृषि को संभव बनाया।

प्रश्न 7. 2600 ई.पू. से पहली शताब्दी तक मेसोपोटामिया के लेखन और भाषा में क्या परिवर्तन आए?

उत्तर: लगभग 2600 ई.पू. के आसपास मेसोपोटामिया की लिपि अधिक व्यवस्थित कीलाकार रूप में विकसित हुई। शुरुआत में लेखन का उपयोग मुख्यतः हिसाब-किताब के लिए होता था। बाद में इसका प्रयोग शब्द-सूचियों, भूमि हस्तांतरण, राजकीय कार्यों और कानूनों को दर्ज करने में होने लगा।

लगभग 2400 ई.पू. के बाद सुमेरियन भाषा की जगह धीरे-धीरे अक्कदी भाषा का प्रभाव बढ़ा। अक्कदी भाषा में भी कीलाकार लेखन लंबे समय तक चलता रहा।

प्रश्न 8. दक्षिणी मेसोपोटामिया में कृषि कई बार संकटों से क्यों घिर जाती थी?

उत्तर: कृषि संकट के प्राकृतिक और मानव-निर्मित दोनों कारण थे। कभी फरात नदी में अत्यधिक पानी आने से फसलें डूब जाती थीं और कभी नदी की धाराएँ बदलने से खेतों को पानी नहीं मिल पाता था। ऊपरी क्षेत्रों के लोग अत्यधिक पानी ले लेते थे तो नीचे के गाँवों में पानी की कमी हो जाती थी। नहरों में गाद जमा होने से भी जल-प्रवाह प्रभावित होता था।

प्रश्न 9. शहरी अर्थव्यवस्था के लिए कुशल परिवहन व्यवस्था की क्या भूमिका होती है?

उत्तर: नगरों में खाद्य पदार्थ, कच्चा माल और तैयार वस्तुएँ दूर-दूर से आती थीं। भारी सामान को भूमि मार्ग से ले जाना कठिन और महँगा था। इसलिए जल-परिवहन अधिक उपयोगी था। मेसोपोटामिया में नदियों और नहरों ने वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रश्न 10. उरुक नगर में होने वाली तकनीकी प्रगति के बारे में जानकारी दीजिए।

उत्तर: उरुक में लगभग 3000 ई.पू. के आसपास तकनीकी प्रगति हुई।

  • काँसे के औजारों का प्रयोग बढ़ा।
  • ईंटों के स्तंभ बनाए जाने लगे।
  • मंदिरों की दीवारों को सजाने के लिए रंगीन मिट्टी के शंकुओं का उपयोग हुआ।
  • मूर्तिकला में प्रगति हुई।
  • कुम्हार के चाक के प्रयोग से बड़े पैमाने पर एक जैसे बर्तन बनने लगे।

प्रश्न 11. मेसोपोटामिया में मुद्राओं के निर्माण और उनके महत्व का वर्णन कीजिए।

उत्तर: मेसोपोटामिया में बेलनाकार पत्थर की मुद्राएँ बनाई जाती थीं। उन्हें गीली मिट्टी पर घुमाने से लगातार चित्र या लेख की छाप बनती थी। इन मुद्राओं पर स्वामी का नाम, इष्ट देवता और पद आदि का उल्लेख हो सकता था।

मुद्राओं का प्रयोग वस्तुओं की सुरक्षा तथा दस्तावेजों की प्रामाणिकता दिखाने के लिए भी किया जाता था।

प्रश्न 12. मारी नगर में पशुचारकों पर टिप्पणी लिखिए।

उत्तर: मारी के आसपास खेती और पशुपालन दोनों होते थे। पशुचारक अपने पशुओं के साथ घूमते थे और अनाज, धातु के औजार आदि प्राप्त करने के लिए पशु, पनीर, चमड़ा और मांस जैसी वस्तुओं का विनिमय करते थे। पशुओं से प्राप्त गोबर किसानों के लिए खाद के रूप में उपयोगी था। फिर भी किसानों और पशुचारकों के बीच कई बार संघर्ष होते थे।

प्रश्न 13. मेसोपोटामिया का समाज और संस्कृति विभिन्न समुदायों और संस्कृतियों का मिश्रण थी। स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: मेसोपोटामिया में विभिन्न समुदायों के लोग आते-जाते और बसते रहे। अक्कदी, एमोराइट और असीरियाई जैसे समुदायों का यहाँ प्रभाव रहा। इन समुदायों ने स्थानीय धार्मिक परंपराओं को अपनाया और अपनी कुछ परंपराएँ भी साथ लाए। मारी के शासकों द्वारा डैगन जैसे देवता के लिए मंदिर बनवाना सांस्कृतिक मिश्रण का उदाहरण है।

प्रश्न 14. जिमरीलिम के मारी स्थित राजमहल का संक्षिप्त परिचय दीजिए।

उत्तर: मारी का राजमहल लगभग 2.4 हेक्टेयर में फैला विशाल भवन था। इसमें लगभग 260 कक्ष थे। यह राजपरिवार के निवास के साथ प्रशासनिक कार्यों का भी प्रमुख केंद्र था। महल में बड़े आँगन, सुंदर पत्थरों से सजाए गए स्थान और भित्तिचित्रों वाले कक्ष थे।

प्रश्न 15. मेसोपोटामिया में लेखन कला का विकास कैसे हुआ?

उत्तर: शहरी जीवन के विकास के साथ वस्तुओं के लेन-देन और भंडारण का स्थायी हिसाब रखने की आवश्यकता हुई। इसी आवश्यकता ने लेखन के विकास को बढ़ावा दिया। लगभग 3200 ई.पू. की मिट्टी की पट्टिकाओं पर चित्र जैसे चिह्न और संख्याएँ मिलती हैं। धीरे-धीरे लेखन अधिक व्यवस्थित हुआ और इसका उपयोग प्रशासन, कानून और व्यापार में भी होने लगा।

प्रश्न 16. मेसोपोटामिया के लोग लेखन कार्य किस प्रकार करते थे?

उत्तर: लिपिक गीली चिकनी मिट्टी की पट्टिका तैयार करता था। इसके बाद सरकंडे की नुकीली कलम से उस पर कीलाकार चिह्न बनाए जाते थे। पट्टिका को धूप में सुखाने के बाद वह कठोर हो जाती थी। प्रत्येक लेन-देन के लिए अलग पट्टिका तैयार की जा सकती थी।

प्रश्न 17. मारी नगर व्यापार तथा समृद्धि की दृष्टि से अद्वितीय था। उदाहरण दीजिए।

उत्तर: मारी फरात नदी के मार्ग पर स्थित महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र था। यहाँ से लकड़ी, ताँबा, टिन, तेल, मदिरा और अन्य वस्तुओं का आवागमन होता था। साइप्रस के अलाशिया से ताँबे के आने के प्रमाण भी मिलते हैं। व्यापार से प्राप्त आय ने मारी की समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रश्न 18. बेबीलोन नगर की मुख्य विशेषताएँ बताइए।

उत्तर:

  • बेबीलोन का क्षेत्रफल 850 हेक्टेयर से अधिक था।
  • इसकी चहारदीवारी तिहरी थी।
  • यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सांस्कृतिक नगर था।
  • यहाँ बड़े राजमहल और मंदिर थे।

प्रश्न 19. गिल्गेमिश का महाकाव्य किस बात पर प्रकाश डालता है?

उत्तर: गिल्गेमिश महाकाव्य मेसोपोटामिया के लोगों के नगर-गौरव को दर्शाता है। इसमें उरुक के शासक गिल्गेमिश की कथा है। अपने मित्र की मृत्यु के बाद वह अमरत्व की खोज में निकलता है, लेकिन अंततः अपने नगर उरुक लौट आता है। नगर की दीवारों को देखकर उसे अपने नगर की उपलब्धियों और स्थायित्व का महत्व समझ आता है।

प्रश्न 20. विश्व को मेसोपोटामिया की क्या देन है?

उत्तर: मेसोपोटामिया की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गणित, कालगणना और खगोल संबंधी ज्ञान शामिल हैं। वहाँ गुणा-भाग, वर्ग और वर्गमूल की तालिकाएँ मिलती हैं। समय को वर्ष, महीने, दिन, घंटे और मिनट में विभाजित करने की परंपरा तथा सूर्य-चंद्र ग्रहणों और तारों के निरीक्षण का भी विकास हुआ।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर

प्रश्न 1. मेसोपोटामिया में राजा के पद का विकास किस प्रकार हुआ? राजा ने अपना प्रभाव और नियंत्रण बढ़ाने के लिए क्या-क्या कदम उठाए?

उत्तर: मेसोपोटामिया के प्रारंभिक गाँवों में भूमि और पानी को लेकर समुदायों के बीच संघर्ष होते रहते थे। युद्धों में सफल मुखिया अपने अनुयायियों के बीच लूट की वस्तुएँ बाँटते और पराजित लोगों को बंदी बनाकर अपने अधीन रखते थे। धीरे-धीरे ऐसे प्रभावशाली मुखिया राजनीतिक नेतृत्व की स्थिति में आए और आगे चलकर राजा के रूप में स्थापित हुए।

राजाओं ने अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए:

  1. समुदाय का कल्याण: लोगों की सुरक्षा और व्यवस्था पर ध्यान दिया।
  2. मंदिरों का विकास: मंदिरों को बहुमूल्य वस्तुओं से सजाया तथा धार्मिक संस्थाओं को मजबूत किया।
  3. सुरक्षा: लोगों को सुरक्षित बस्तियों में रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
  4. संगठित श्रम: स्थानीय लोगों और युद्धबंदियों से मंदिर तथा शासकीय कार्य करवाए गए और बदले में अनाज आदि दिया गया।

प्रश्न 2. मेसोपोटामिया के लोगों ने कला, शिल्प तथा ज्ञान में जो सफलताएँ प्राप्त कीं, उनका वर्णन कीजिए।

उत्तर: मेसोपोटामिया के लोगों ने कला, शिल्प और ज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की।

कला और शिल्प

  • सुंदर मूर्तियाँ बनाई जाती थीं।
  • सोने और चाँदी के बर्तन तथा आभूषण बनाए जाते थे।
  • लकड़ी पर पच्चीकारी का काम किया जाता था।
  • मिट्टी और ताँबे के बर्तन बनाए जाते थे।
  • कुम्हार के चाक से बड़े पैमाने पर बर्तन बनाए जाते थे।

ज्ञान के क्षेत्र में

  • अंकगणित और ज्यामिति का विकास हुआ।
  • गुणा और भाग की तालिकाएँ बनाई गईं।
  • वर्ग और वर्गमूल की गणना की जाती थी।
  • खगोल संबंधी ज्ञान विकसित हुआ।
  • सूर्य और चंद्र ग्रहणों का अध्ययन किया जाता था।
  • चंद्रमा पर आधारित पंचांग का प्रयोग किया जाता था।

प्रश्न 3. दक्षिणी मेसोपोटामिया के शहरीकरण की जानकारी देते हुए वहाँ मंदिरों के निर्माण एवं उनके बढ़ते हुए महत्व पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: दक्षिणी मेसोपोटामिया में लगभग 5000 ई.पू. से बस्तियों का विकास होने लगा। समय के साथ कुछ बस्तियाँ नगरों में बदल गईं। नगरों को मुख्यतः तीन प्रकारों में देखा जा सकता है—मंदिरों के आसपास विकसित नगर, व्यापारिक केंद्र और शाही नगर।

मंदिरों का निर्माण

मंदिर देवी-देवताओं के निवास स्थान माने जाते थे। प्रारंभिक मंदिर कच्ची ईंटों से बने छोटे भवन थे। समय के साथ मंदिरों का आकार बढ़ता गया और उनके चारों ओर कई कमरे तथा खुले आँगन बनाए गए।

मंदिरों का बढ़ता महत्व

  • मंदिर धार्मिक गतिविधियों का केंद्र थे।
  • उत्पादों के संग्रह और वितरण में उनकी भूमिका बढ़ी।
  • व्यापारियों की नियुक्ति की जाने लगी।
  • अन्न, पशु, रोटी, जौ की शराब और मछली आदि के वितरण का रिकॉर्ड रखा जाने लगा।
  • मंदिर धीरे-धीरे प्रमुख शहरी संस्था बन गए।

प्रश्न 4. मेसोपोटामिया के उर नगर की मुख्य विशेषताएँ बताइए।

उत्तर: उर मेसोपोटामिया के महत्वपूर्ण नगरों में से एक था। यहाँ नगर जीवन की कई विशेषताएँ दिखाई देती हैं।

विशेषताविवरण
संकरी गलियाँनगर में टेढ़ी-मेढ़ी और संकरी गलियाँ थीं।
जल निकासीनालियों और मिट्टी की नलिकाओं की व्यवस्था थी।
कूड़ा प्रबंधनकूड़ा गलियों में फेंके जाने से समय के साथ उनकी सतह ऊँची होती गई।
खिड़कियाँकमरों में सामान्यतः बाहर की ओर खिड़कियाँ नहीं थीं।
दफन की परंपराकुछ लोगों को कब्रिस्तानों में और कुछ को घरों के फर्श के नीचे दफनाया जाता था।

प्रश्न 5. मेसोपोटामिया के नगरों की सामाजिक व्यवस्था के संबंध में उच्च वर्ग, परिवार और विवाह-प्रणाली का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

(क) उच्च वर्ग की स्थिति

मेसोपोटामिया में एक उच्च या संभ्रांत वर्ग विकसित हो चुका था। धन-दौलत का बड़ा हिस्सा इसी वर्ग के पास केंद्रित था। राजाओं और रानियों की कब्रों से सोने के पात्र, आभूषण, सजावटी वस्तुएँ और अन्य बहुमूल्य सामग्री मिली है।

(ख) परिवार का स्वरूप

कानूनी दस्तावेजों से पता चलता है कि एकल परिवार को आदर्श माना जाता था। परिवार का मुखिया सामान्यतः पिता होता था। विवाहित पुत्र अपने परिवार के साथ माता-पिता के पास भी रह सकता था।

(ग) विवाह-प्रणाली

विवाह के लिए परिवारों की सहमति आवश्यक होती थी। वर पक्ष द्वारा उपहार दिए जाते थे और विवाह के अवसर पर दोनों पक्षों में वस्तुओं का आदान-प्रदान होता था। विवाह के बाद वधू को उसके पिता की संपत्ति में उत्तराधिकार का हिस्सा दिया जा सकता था, जबकि घर, पशुधन और खेतों पर पुत्रों का अधिकार रहता था।

प्रश्न 6. मेसोपोटामिया के भूगोल की विशेषताएँ बताइए।

उत्तर: मेसोपोटामिया क्षेत्र में भौगोलिक विविधता थी।

  • पूर्वोत्तर में हरे-भरे मैदान और पर्वतीय क्षेत्र थे।
  • उत्तर में स्टेपी घास के मैदान थे, जहाँ पशुपालन किया जाता था।
  • पूर्व में दजला की सहायक नदियाँ परिवहन का साधन थीं।
  • दक्षिणी क्षेत्र अपेक्षाकृत रेगिस्तानी था।
  • दजला और फरात नदियाँ कृषि के लिए महत्वपूर्ण थीं।
  • नदियों द्वारा लाई गई उपजाऊ मिट्टी से कृषि उत्पादन बढ़ता था।
  • नदियों और नहरों का उपयोग सिंचाई तथा परिवहन दोनों के लिए किया जाता था।
  • भेड़-बकरियों का पालन और मछली पकड़ना भी महत्वपूर्ण गतिविधियाँ थीं।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)

प्रश्न 1. मेसोपोटामिया के उर देवता थे—

(क) सूर्य
(ख) चंद्र
(ग) जल
(घ) पवन

सही उत्तर: (ख) चंद्र

प्रश्न 2. मेसोपोटामिया की देवी इन्नाना का संबंध था—

(क) प्रेम और युद्ध
(ख) करुणा
(ग) अहिंसा
(घ) विद्या एवं धन

सही उत्तर: (क) प्रेम और युद्ध

प्रश्न 3. असुरबनिपाल कहाँ का शासक था?

(क) असीरिया
(ख) क्रीट
(ग) रोम
(घ) चीन

सही उत्तर: (क) असीरिया

प्रश्न 4. बेबीलोनिया के किस शासक ने अपनी पुत्री को महिला पुरोहित के रूप में प्रतिष्ठित किया?

(क) असुरबनीपाल
(ख) नैबोपोलास्सर
(ग) नैबोनिडस
(घ) गिल्गेमिश

सही उत्तर: (ग) नैबोनिडस

प्रश्न 5. मेसोपोटामिया किन दो नदियों के बीच स्थित है?

(क) हाबुर और दजला
(ख) बालिख और फरात
(ग) दजला और फरात
(घ) हाबुर और बालिख

सही उत्तर: (ग) दजला और फरात

प्रश्न 6. मेसोपोटामिया की लिपि किस प्रकार की थी?

(क) चित्रलिपि
(ख) कीलाक्षर लिपि
(ग) ज्यामितीय लिपि
(घ) काजी लिपि

सही उत्तर: (ख) कीलाक्षर लिपि

प्रश्न 7. मेसोपोटामिया में परिवार किस प्रकार के थे?

(क) एकल परिवार
(ख) संयुक्त परिवार
(ग) सामुदायिक परिवार
(घ) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (क) एकल परिवार

प्रश्न 8. मेसोपोटामिया के किस भाग में सबसे पहले नगरों एवं लेखन प्रणाली का प्रादुर्भाव हुआ?

(क) उत्तर के स्टेपी घास के मैदान में
(ख) दक्षिणी रेगिस्तानी भाग में
(ग) पूर्व के दजला की घाटी में
(घ) पश्चिमी भाग में

सही उत्तर: (ख) दक्षिणी रेगिस्तानी भाग में

प्रश्न 9. गिल्गेमिश महाकाव्य का संबंध किस प्राचीन सभ्यता से है?

(क) मिस्र
(ख) मेसोपोटामिया
(ग) ईरान
(घ) यूनान

सही उत्तर: (ख) मेसोपोटामिया

प्रश्न 10. मेसोपोटामिया के लोग लिखने के लिए किस चीज का प्रयोग करते थे?

(क) ताम्र पत्रों का
(ख) कागज का
(ग) मिट्टी की पट्टिकाओं का
(घ) ताड़पत्रों का

सही उत्तर: (ग) मिट्टी की पट्टिकाओं का

प्रश्न 11. मेसोपोटामिया शब्द की उत्पत्ति किस भाषा से हुई?

(क) यूनानी भाषा
(ख) लैटिन भाषा
(ग) यूनानी तथा लैटिन भाषा
(घ) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (क) यूनानी भाषा

प्रश्न 12. मेसोपोटामिया फरात तथा दजला नदियों के बीच का हिस्सा है—

(क) ईरान का
(ख) इराक का
(ग) सीरिया का
(घ) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (ख) इराक का

प्रश्न 13. मेसोपोटामिया की सभ्यता जानी जाती है—

(क) समृद्धि तथा शहरी जीवन के लिए
(ख) विशाल तथा समृद्ध साहित्य के लिए
(ग) गणित तथा खगोल विद्या के लिए
(घ) उपरोक्त सभी

सही उत्तर: (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 14. बेबीलोन मेसोपोटामिया का महत्वपूर्ण शहर बन गया—

(क) 5000 ई.पू. के बाद
(ख) 2000 ई.पू. के बाद
(ग) 100 ईस्वी में
(घ) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (ख) 2000 ई.पू. के बाद

प्रश्न 15. 1400 ई.पू. अरामाइक भाषा मिलती-जुलती थी—

(क) सुमेरी भाषा से
(ख) अक्कदी भाषा से
(ग) हिब्रू भाषा से
(घ) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (ग) हिब्रू भाषा से

प्रश्न 16. मेसोपोटामिया में पुरातात्त्विक खोजों का प्रारंभ हुआ—

(क) 1840 के दशक में
(ख) 1000 ई.पू. में
(ग) 5000 ई.पू. में
(घ) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (क) 1840 के दशक में

प्रश्न 17. मेसोपोटामिया में खेती शुरू हुई—

(क) 5000 से 4000 ई.पू.
(ख) 10,000 से 9,000 ई.पू.
(ग) 7000 से 6000 ई.पू.
(घ) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (ग) 7000 से 6000 ई.पू.

प्रश्न 18. मेसोपोटामिया के प्राचीनतम नगरों का निर्माण कांस्य युग में लगभग कब हुआ?

(क) लगभग 3000 ई.पू.
(ख) लगभग 2000 ई.पू.
(ग) लगभग 1000 ई.पू.
(घ) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (क) लगभग 3000 ई.पू.

प्रश्न 19. ‘ओल्ड टेस्टामेंट’ की किस पुस्तक में शिमार अर्थात् सुमेर के विषय में कहा गया है?

(क) ओरिजिन ऑफ स्पीसीज
(ख) बुक ऑफ जेनेसिस
(ग) ऑन द डिगनिटी ऑफ मैन
(घ) इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर: (ख) बुक ऑफ जेनेसिस

प्रश्न 20. श्रम-विभाजन तथा विशेषीकरण किसकी विशेषताएँ हैं?

(क) ग्रामीण जीवन की
(ख) प्राचीन काल की
(ग) शहरी जीवन की
(घ) उपरोक्त सभी

सही उत्तर: (ग) शहरी जीवन की

अध्याय के महत्वपूर्ण बिंदु

  • मेसोपोटामिया: दजला और फरात नदियों के बीच का क्षेत्र।
  • उरुक: प्रारंभिक महत्वपूर्ण नगरों में से एक।
  • मारी: महत्वपूर्ण व्यापारिक और राजनीतिक केंद्र।
  • उर: प्रमुख प्राचीन नगर।
  • कीलाक्षर लिपि: मेसोपोटामिया की प्रमुख लेखन प्रणाली।
  • मिट्टी की पट्टिकाएँ: लेखन और अभिलेख रखने का प्रमुख माध्यम।
  • मंदिर: धार्मिक होने के साथ आर्थिक और प्रशासनिक गतिविधियों के भी केंद्र बने।
  • श्रम-विभाजन: शहरी अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण विशेषता।
  • गिल्गेमिश: प्रसिद्ध मेसोपोटामियाई महाकाव्य का नायक।
  • कुम्हार का चाक: बड़े पैमाने पर समान बर्तन बनाने में सहायक तकनीक।

अध्याय का सारांश

मेसोपोटामिया में प्राकृतिक संसाधनों, कृषि, सिंचाई और व्यापार के विकास ने स्थायी बस्तियों तथा नगरों के विकास को बढ़ावा दिया। नगरों के साथ श्रम-विभाजन, विशेषज्ञता, व्यापार, मंदिर और प्रशासनिक संस्थाएँ विकसित हुईं।

लेखन की आवश्यकता मुख्यतः शहरी अर्थव्यवस्था में लेन-देन और वस्तुओं का हिसाब रखने के कारण बढ़ी। मिट्टी की पट्टिकाओं पर कीलाकार लिपि में लिखे गए अभिलेख आज मेसोपोटामिया के इतिहास को समझने के महत्वपूर्ण स्रोत हैं।

मेसोपोटामिया के लोगों ने गणित, कालगणना, खगोल ज्ञान, वास्तुकला, शिल्प और साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ प्राप्त कीं। गिल्गेमिश महाकाव्य, उरुक, मारी और उर जैसे नगर इस समृद्ध शहरी सभ्यता के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं।


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यह पहला उपलब्ध History chapter है, इसलिए पिछला अध्याय लिंक नहीं दिया गया है।

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