बिहार बोर्ड कक्षा 11 इतिहास अध्याय 1 – समय की शुरुआत से में मानव उद्भव, प्रारंभिक मानव, होमिनिड, प्राइमेट्स, पत्थर के औजार, आग के उपयोग, भाषा के विकास, भोजन जुटाने के तरीकों, गुफाओं तथा शिकारी-संग्राहक समाजों के जीवन का अध्ययन किया जाता है। इस अध्याय में मानव के क्रमिक विकास और उसके जीवन में आए महत्वपूर्ण परिवर्तनों को समझाया गया है।
अध्याय का संक्षिप्त परिचय
मानव इतिहास को समझने के लिए हमें उसके सबसे प्रारंभिक चरणों तक जाना पड़ता है। प्रारंभिक मानव ने लंबे समय तक प्रकृति पर निर्भर रहते हुए भोजन प्राप्त किया, पत्थर के औजार बनाए, आग का नियंत्रित उपयोग सीखा और धीरे-धीरे अपनी सामाजिक तथा बौद्धिक क्षमताओं का विकास किया।
इस अध्याय में मानव उद्भव से संबंधित विभिन्न विचारों, होमिनिड तथा होमो की प्रमुख विशेषताओं, आदिकालीन मानव के भोजन, आवास, औजार, भाषा और कला के बारे में जानकारी दी गई है।
अध्याय के मुख्य बिंदु
- मानव उद्भव और क्रमिक विकास
- प्राइमेट्स और होमिनिड
- आस्ट्रेलोपिथिकस तथा होमो
- दो पैरों पर चलने का महत्व
- पत्थर के औजारों का निर्माण
- आग का नियंत्रित उपयोग
- भाषा का विकास
- प्रारंभिक मानव के भोजन के साधन
- गुफाओं और खुले स्थानों में निवास
- शिकारी-संग्राहक समाज
- गुफा चित्रकला
- मानव उद्भव के क्षेत्रीय निरंतरता और प्रतिस्थापन मॉडल
पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. सकारात्मक प्रतिपुष्टि व्यवस्था को देखकर बताइए कि औजारों के निर्माण में कौन-कौन से निवेश सहायक हुए? औजारों के निर्माण से किन प्रक्रियाओं को बल मिला?
उत्तर: औजारों का निर्माण मानव के शारीरिक तथा मानसिक विकास से जुड़ा हुआ था। औजार बनाने और उनका प्रयोग करने के लिए हाथों की विशेष क्षमता, मस्तिष्क का विकास तथा सीधे खड़े होकर चलने जैसी विशेषताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
औजारों के निर्माण में सहायक प्रमुख विशेषताएँ:
- मस्तिष्क के आकार और उसकी क्षमता में वृद्धि।
- हाथों का अधिक कुशल और स्वतंत्र होना।
- सीधे खड़े होकर दो पैरों पर चलना।
- दूर तक देखकर भोजन तथा शिकार की तलाश करना।
औजारों के निर्माण से जिन प्रक्रियाओं को बल मिला:
- भोजन प्राप्त करने की क्षमता में वृद्धि हुई।
- शिकार करना आसान हुआ।
- खतरनाक जानवरों से सुरक्षा में सहायता मिली।
- मानव की मानसिक और तकनीकी क्षमताओं का विकास हुआ।
- औजारों में सुधार के साथ जीवन के अन्य कार्य भी अधिक व्यवस्थित हुए।
प्रश्न 2. मानव और लंगूर तथा वानरों जैसे स्तनपायियों के व्यवहार तथा शरीर रचना में पाई जाने वाली समानताओं और अंतरों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: मानव और अन्य प्राइमेट्स में कई समानताएँ दिखाई देती हैं, लेकिन मानव में कुछ ऐसी विशिष्ट विशेषताएँ भी विकसित हुईं जिन्होंने उसे अन्य वानरों से अलग बनाया।
| आधार | समानताएँ | महत्वपूर्ण अंतर |
|---|---|---|
| शरीर रचना | मानव और वानर दोनों स्तनधारी हैं तथा उनके शरीर में कई समान संरचनाएँ मिलती हैं। | मानव सीधे खड़े होकर दो पैरों पर चल सकता है और उसके हाथ औजार बनाने तथा प्रयोग करने में अधिक सक्षम हैं। |
| मस्तिष्क | दोनों में विकसित मस्तिष्क पाया जाता है। | मानव का मस्तिष्क अधिक विकसित और जटिल है। |
| व्यवहार | दोनों समूह सामाजिक व्यवहार प्रदर्शित करते हैं। | मानव ने भाषा, जटिल तकनीक और संगठित गतिविधियों का अधिक विकास किया। |
| हाथ-पैर | दोनों के हाथ-पैर पकड़ने और वस्तुओं के उपयोग में सहायक होते हैं। | मानव के हाथ औजार बनाने और सूक्ष्म कार्य करने के लिए अधिक सक्षम हुए। |
प्रश्न 3. मानव उद्भव के क्षेत्रीय निरंतरता मॉडल के पक्ष में दिए गए तर्कों पर चर्चा कीजिए। क्या यह मॉडल पुरातात्त्विक साक्ष्य का युक्तियुक्त स्पष्टीकरण देता है?
उत्तर: क्षेत्रीय निरंतरता मॉडल के अनुसार आधुनिक मानव का विकास संसार के अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले पूर्ववर्ती मानव समूहों से हुआ। इस विचार के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले मानव समूहों का विकास अलग-अलग गति से हुआ और इसी कारण आधुनिक मनुष्यों में क्षेत्रीय शारीरिक भिन्नताएँ दिखाई देती हैं।
इस मॉडल के समर्थक वर्तमान मानव में दिखाई देने वाली विभिन्न शारीरिक विशेषताओं को अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले पूर्ववर्ती मानव समूहों से जोड़ते हैं।
हालाँकि, इस मॉडल से उपलब्ध पुरातात्त्विक साक्ष्यों की पूरी व्याख्या करना कठिन माना गया है। इसलिए मानव उद्भव को समझने के लिए अन्य साक्ष्यों और मॉडलों का भी अध्ययन किया जाता है।
प्रश्न 4. इनमें से किस क्रिया के साक्ष्य और प्रमाण पुरातात्त्विक अभिलेख में सर्वाधिक मिलते हैं—संग्रहण, औजार बनाना या आग का प्रयोग?
उत्तर: औजार बनाना की क्रिया के पुरातात्त्विक प्रमाण सबसे अधिक मिलते हैं। पत्थर के औजार अपेक्षाकृत लंबे समय तक सुरक्षित रह सकते हैं, इसलिए इनके अवशेष पुरास्थलों से बड़ी संख्या में प्राप्त हुए हैं।
प्रश्न 5. भाषा के प्रयोग से शिकार करने और आश्रय बनाने में कितनी मदद मिली होगी? इन कार्यों में विचार-संप्रेषण के अन्य किन तरीकों का उपयोग किया जा सकता था?
उत्तर: भाषा ने प्रारंभिक मानव को सामूहिक कार्यों की योजना बनाने और अपने विचार दूसरे लोगों तक पहुँचाने में सहायता की होगी।
शिकार में भाषा का महत्व:
- शिकार की योजना बनाई जा सकती थी।
- जानवरों की गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा की जा सकती थी।
- शिकार के तरीकों और तकनीकों पर चर्चा की जा सकती थी।
- शिकार के लिए बनाए गए औजारों में सुधार के बारे में विचार किया जा सकता था।
- शिकार किए गए जानवर के अलग-अलग अंगों के उपयोग पर चर्चा की जा सकती थी।
आश्रय बनाने में भाषा का महत्व:
- सुरक्षित स्थानों की जानकारी साझा की जा सकती थी।
- निर्माण सामग्री की जानकारी दी जा सकती थी।
- आश्रय बनाने की तकनीक समझाई जा सकती थी।
- आश्रय के आसपास उपलब्ध संसाधनों के बारे में जानकारी दी जा सकती थी।
भाषा के अतिरिक्त हाव-भाव, संकेत और चित्र भी विचार-संप्रेषण के माध्यम हो सकते थे।
प्रश्न 6. अध्याय के कालानुक्रम में से किन्हीं दो घटनाओं को चुनकर उनका महत्व बताइए।
उत्तर:
1. होमिनॉइड और होमिनिड शाखा का विभाजन: मानव विकास के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण चरण था। इससे ऐसे मानव-पूर्वजों के विकास की दिशा स्पष्ट होती है जिनमें बाद में सीधे खड़े होकर चलने और औजारों का उपयोग करने जैसी विशेषताएँ विकसित हुईं।
2. पत्थर के सबसे प्रारंभिक औजारों का निर्माण: पत्थर के औजारों के निर्माण ने मानव जीवन में बड़ा परिवर्तन किया। इनके माध्यम से भोजन प्राप्त करने, शिकार करने और सुरक्षा जैसे कार्यों में सहायता मिली।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. प्रजाति या स्पीशीज क्या होती है?
उत्तर: प्रजाति ऐसे जीवों का समूह है जिसके सदस्य आपस में प्रजनन करके संतान उत्पन्न कर सकते हैं और यह जैविक क्रम आगे भी जारी रह सकता है।
प्रश्न 2. आदि मानव के इतिहास की जानकारी में किन खोजों ने सहायता पहुँचाई है?
उत्तर: मानव जीवाश्मों, पत्थर के औजारों, पुरास्थलों और गुफा चित्रों की खोजों से आदि मानव के इतिहास को समझने में सहायता मिली है।
प्रश्न 3. विलुप्त मानव प्रजातियों के जीवाश्मों का तिथि-निर्धारण कैसे किया जाता है?
उत्तर: जीवाश्मों का तिथि-निर्धारण प्रत्यक्ष रासायनिक विश्लेषण तथा उन परतों के तिथि-निर्धारण से किया जा सकता है जिनमें जीवाश्म पाए जाते हैं।
प्रश्न 4. चार्ल्स डार्विन की मनुष्य की उत्पत्ति संबंधी पुस्तक का नाम बताइए।
उत्तर: स्रोत में डार्विन की पुस्तक का नाम ‘On the Origin of Species’ दिया गया है। विकास के संदर्भ में डार्विन ने जीवों के क्रमिक विकास की व्याख्या की।
प्रश्न 5. एशिया और अफ्रीका में प्राइमेट्स कब अस्तित्व में आए?
उत्तर: स्रोत के अनुसार लगभग 36 मिलियन वर्ष पहले प्राइमेट्स के अस्तित्व के प्रमाण मिलते हैं।
प्रश्न 6. होमिनिड्स के अफ्रीका में उद्भव के पक्ष में कौन-से प्रमाण दिए जा सकते हैं?
उत्तर: पूर्वी अफ्रीका में मिले प्रारंभिक होमिनिड जीवाश्म तथा अफ्रीका से बाहर मिले अपेक्षाकृत बाद के जीवाश्म मानव उद्भव के अफ्रीकी संबंध की ओर संकेत करते हैं।
प्रश्न 7. होमिनिड्स की मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
- मस्तिष्क का अपेक्षाकृत बड़ा आकार।
- सीधे खड़े होकर चलना।
- दो पैरों पर चलना।
- हाथों से औजार बनाने और उनका प्रयोग करने की क्षमता।
प्रश्न 8. होमिनिड्स के दो महत्त्वपूर्ण वर्ग कौन-से हैं?
उत्तर: आस्ट्रेलोपिथिकस और होमो।
प्रश्न 9. आस्ट्रेलोपिथिकस तथा होमो में क्या अंतर है?
उत्तर: आस्ट्रेलोपिथिकस की तुलना में होमो का मस्तिष्क अपेक्षाकृत बड़ा था। आस्ट्रेलोपिथिकस में वानर जैसी कुछ अधिक विशेषताएँ थीं, जबकि होमो में अधिक विकसित मानवीय विशेषताएँ दिखाई देती हैं।
प्रश्न 10. विभिन्न मानव प्रजातियों के नामकरण में किन भाषाओं के शब्दों का प्रयोग किया गया?
उत्तर: यूनानी और लैटिन भाषाओं के शब्दों का प्रयोग किया गया।
प्रश्न 11. आस्ट्रेलोपिथिकस के कौन-से शारीरिक लक्षण उसे वृक्षों पर रहने के अनुकूल बनाते थे?
उत्तर: लंबे अग्र-अवयव, हाथ-पैरों की मुड़ी हुई हड्डियाँ तथा टखनों के घुमावदार जोड़ जैसे लक्षण वृक्षों पर रहने में सहायक थे।
प्रश्न 12. औजार बनाने तथा लंबी दूरी तक चलने से आस्ट्रेलोपिथिकस में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर: उसके शरीर और व्यवहार में कई मानवीय लक्षण विकसित हुए तथा उसकी गतिविधियों में परिवर्तन आया।
प्रश्न 13. ‘होमो’ शब्द का क्या अर्थ है? होमो के प्रमुख वर्ग कौन-से हैं?
उत्तर: ‘होमो’ लैटिन भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ ‘आदमी’ है। स्रोत में इसके प्रमुख वर्ग इस प्रकार दिए गए हैं:
- होमो हैबिलिस – औजार बनाने वाले।
- होमो एरेक्टस – सीधे खड़े होकर चलने वाले।
- होमो सैपियंस – चिंतनशील मनुष्य।
प्रश्न 14. होमो के जीवाश्मों को उनकी प्राप्ति-स्थल के नाम पर दिए गए दो नाम बताइए।
उत्तर: होमो हाइडेलबर्गेंसिस और होमो निअंडरथलैंसिस इसके उदाहरण हैं।
प्रश्न 15. यूरोप में पाए जाने वाले पुराने होमो जीवाश्म कौन-कौन से हैं?
उत्तर: स्रोत में होमो हाइडेलबर्गेंसिस तथा होमो निअंडरथलैंसिस का उल्लेख किया गया है।
प्रश्न 16. आदिकालीन मानव किन-किन तरीकों से भोजन प्राप्त करता था?
उत्तर: संग्रहण, शिकार, अपमार्जन और मछली पकड़ना प्रारंभिक मानव के भोजन प्राप्त करने के प्रमुख तरीके थे।
प्रश्न 17. मस्तिष्क का आकार होमो के किस लक्षण को दर्शाता है?
उत्तर: मस्तिष्क का बड़ा आकार अधिक विकसित मानसिक क्षमता, स्मृति और बुद्धि से संबंधित माना जाता है।
प्रश्न 18. किस बात से संकेत मिलता है कि होमिनिड्स पूर्वी अफ्रीका से एशिया तथा यूरोप पहुँचे?
उत्तर: एशिया में मिले कुछ होमिनिड जीवाश्म अफ्रीका में मिले जीवाश्मों की तुलना में बाद के हैं। इससे अफ्रीका से अन्य क्षेत्रों की ओर मानव-पूर्वजों के प्रसार की संभावना व्यक्त की जाती है।
प्रश्न 19. आदिकालीन गुफाओं में पाए गए चूल्हे किस बात के द्योतक हैं?
उत्तर: चूल्हे आग के नियंत्रित उपयोग के द्योतक हैं।
प्रश्न 20. मनुष्य की भाँति वानर औजारों का निर्माण तथा उपयोग क्यों नहीं कर पाते थे?
उत्तर: स्रोत के अनुसार आवश्यक स्मरण शक्ति, कौशल और जटिल संगठनात्मक क्षमता के अंतर के कारण मानव और वानरों की औजार निर्माण क्षमता में अंतर था।
प्रश्न 21. पत्थर के औजार बनाने और उनका इस्तेमाल करने का सबसे प्राचीन साक्ष्य कहाँ से मिला?
उत्तर: स्रोत के अनुसार इथियोपिया और केन्या के पुरास्थलों से पत्थर के औजारों के प्राचीन साक्ष्य मिले हैं। इन्हें संभवतः आस्ट्रेलोपिथिकस से जोड़ा गया है।
प्रश्न 22. फ्रांस तथा स्पेन की किन गुफाओं में आदिकालीन चित्रकारियाँ पाई गई हैं?
उत्तर: फ्रांस की लैसकॉक्स और चाउवेट तथा स्पेन की आल्टामीरा गुफाओं में आदिकालीन चित्रकारियों के प्रमाण मिले हैं। इनमें विभिन्न जंगली जानवरों के चित्र बनाए गए हैं।
प्रश्न 23. मानव विज्ञान से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: मानव विज्ञान वह विषय है जिसमें मानव संस्कृति, समाज तथा मानव के जैविक और विकासात्मक पहलुओं का अध्ययन किया जाता है।
प्रश्न 24. अफ्रीका के हादजा जनसमूह का मुख्य भोजन क्या है?
उत्तर: स्रोत के अनुसार हादजा जनसमूह जंगली साग-सब्जियों तथा पशुओं के मांस से भोजन प्राप्त करता है।
प्रश्न 25. हादजा लोग जमीन और उसके संसाधनों पर अपना दावा क्यों नहीं करते?
उत्तर: उनके जीवन में घूमकर संसाधन प्राप्त करने की परंपरा रही है। वे शिकार करते, कंद-मूल और शहद एकत्र करते तथा उपलब्ध जल-स्रोतों का उपयोग करते हैं। इसलिए उनका जीवन स्थायी भूमि-स्वामित्व पर आधारित नहीं था।
प्रश्न 26. हादजा लोगों के पास सूखे के समय भी भोजन की कमी क्यों नहीं होती?
उत्तर: स्रोत के अनुसार सूखे मौसम में भी उनके क्षेत्र में कंद-मूल, बेर और बाओबाब के फल जैसे खाद्य संसाधन उपलब्ध रहते हैं।
प्रश्न 27. आज के शिकारी समाजों में पाई जाने वाली तीन भिन्नताएँ बताइए।
उत्तर:
- वे शिकार और संग्रहण को अलग-अलग महत्व देते हैं।
- उनके समूहों का आकार अलग-अलग होता है।
- उनकी गतिविधियों और जीवन-शैली में भी अंतर पाया जाता है।
प्रश्न 28. अंतिम हिमयुग के अंत के कोई दो परिणाम बताइए।
उत्तर:
- जलवायु अपेक्षाकृत अधिक गर्म और नम हुई।
- जंगली जौ और गेहूँ जैसे अनाजों के विकास के लिए परिस्थितियाँ अधिक अनुकूल हुईं।
प्रश्न 29. जीवाश्म किस प्रकार लाखों वर्षों तक सुरक्षित रहते हैं?
उत्तर: जीवाश्म प्रायः चट्टानों और तलछटी परतों में दबे रहते हैं। इस कारण वे लंबे समय तक सुरक्षित रह सकते हैं।
प्रश्न 30. विश्व के उस क्षेत्र का नाम बताइए जहाँ लगभग दस हजार वर्ष पहले खेती और पशुचारण प्रारंभ हुआ?
उत्तर: स्रोत में मध्य सागर के तट से ईरान की जागरोस पर्वतमाला तक फैले क्षेत्र को फर्टाइल क्रीसेंट या उर्वर अर्धचंद्राकार क्षेत्र कहा गया है।
लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. आरंभिक मानव के दो पैरों पर चलने से क्या लाभ हुए? इसके प्रारंभिक प्रत्यक्ष प्रमाण कहाँ मिले?
उत्तर: दो पैरों पर चलने से मानव के हाथ अधिक स्वतंत्र हो गए। वह हाथों का उपयोग बच्चों को उठाने, वस्तुओं को ले जाने और औजारों का प्रयोग करने में कर सकता था। इससे औजारों के निर्माण और उपयोग में भी सहायता मिली।
स्रोत में दो पैरों पर चलने वाले मानव-प्रतिरूप के प्रमाण हादर, इथियोपिया से मिलने का उल्लेख है।
प्रश्न 2. ‘होमो’ का क्या अर्थ है? इन्हें कौन-कौन सी प्रजातियों में बाँटा गया है?
उत्तर: ‘होमो’ लैटिन शब्द है जिसका अर्थ ‘आदमी’ है। स्रोत में होमो की प्रमुख प्रजातियों के रूप में होमो हैबिलिस, होमो एरेक्टस और होमो सैपियंस का उल्लेख है।
| प्रजाति | मुख्य विशेषता |
|---|---|
| होमो हैबिलिस | औजार बनाने वाले |
| होमो एरेक्टस | सीधे खड़े होकर चलने वाले |
| होमो सैपियंस | चिंतनशील मनुष्य |
प्रश्न 3. आदिकालीन मानव के खुले स्थलों पर आवास तथा जीवन-शैली के बारे में जानकारी कैसे प्राप्त होती है?
उत्तर: खुले स्थलों पर मिले पत्थर के औजार, हस्तकुठार, शल्क तथा अन्य पुरातात्त्विक अवशेषों के फैलाव का अध्ययन करके प्रारंभिक मानव की जीवन-शैली के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है।
जहाँ बड़ी संख्या में औजार मिलते हैं, वहाँ यह संकेत मिल सकता है कि मानव वहाँ लंबे समय तक रहा होगा या उस स्थान पर बार-बार आता रहा होगा।
प्रश्न 4. फ्रांस तथा स्पेन की किन गुफाओं में जानवरों की चित्रकारियाँ पाई गई हैं? इन चित्रकारियों के उद्देश्य के बारे में क्या बताया जाता है?
उत्तर: फ्रांस की लैसकॉक्स और चाउवेट तथा स्पेन की आल्टामीरा गुफाओं में जानवरों की चित्रकारियों के प्रमाण मिले हैं। इनमें जंगली बैल, घोड़े, हिरन, गैंडे, शेर, भालू आदि जानवरों के चित्र दिखाई देते हैं।
इन चित्रों के उद्देश्य के बारे में विभिन्न विचार हैं। इन्हें धार्मिक क्रियाओं, जादू-टोने, शिकार की सफलता से जुड़े विश्वास, सामूहिक गतिविधियों अथवा शिकार की जानकारी साझा करने से जोड़ा गया है।
प्रश्न 5. यह किस आधार पर कहा जाता है कि मानव का विकास क्रमिक रूप से हुआ?
उत्तर: मानव की विभिन्न विलुप्त प्रजातियों के जीवाश्मों से उसके क्रमिक विकास के बारे में जानकारी मिलती है। अलग-अलग काल की मानव प्रजातियों में शारीरिक विशेषताओं में परिवर्तन दिखाई देता है। इन जीवाश्मों की आयु का निर्धारण विभिन्न वैज्ञानिक विधियों तथा संबंधित परतों के अध्ययन से किया जाता है। इससे मानव विकास की क्रमिक प्रक्रिया को समझने में सहायता मिलती है।
प्रश्न 6. होमिनिड का विकास किससे हुआ? दोनों में क्या अंतर पाए जाते हैं?
उत्तर: स्रोत के अनुसार होमिनिड का विकास होमिनॉइड से संबंधित माना गया है। दोनों में प्रमुख अंतर इस प्रकार हैं:
| आधार | होमिनॉइड | होमिनिड |
|---|---|---|
| मस्तिष्क | अपेक्षाकृत छोटा | अधिक विकसित |
| चलना | मुख्यतः चार पैरों पर | दो पैरों पर सीधे चलना |
| हाथ | औजार निर्माण में सीमित क्षमता | औजार बनाने और उपयोग करने में अधिक सक्षम |
प्रश्न 7. लगभग 35,000 वर्ष पहले तथा उसके बाद आदिमानव की जीवन-शैली में क्या परिवर्तन हुए?
उत्तर: इस काल के आसपास प्रारंभिक मानव के औजारों और जीवन-शैली में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन दिखाई देते हैं।
- फेंककर मारने वाले भाले और तीर-कमान जैसे नए औजार विकसित हुए।
- मांस को काटकर और सुरक्षित करके बाद में उपयोग करने की प्रक्रिया विकसित हुई।
- जानवरों की खाल का कपड़ों के रूप में उपयोग बढ़ा।
- सिलाई के लिए सुई का प्रयोग हुआ।
- हड्डी, सींग, हाथीदाँत और लकड़ी पर नक्काशी के लिए छोटे औजार बनाए गए।
प्रश्न 8. मानव उद्भव के प्रतिस्थापन मॉडल की संक्षिप्त जानकारी दीजिए।
उत्तर: प्रतिस्थापन मॉडल के अनुसार आधुनिक मानव का उद्भव एक क्षेत्र, विशेष रूप से अफ्रीका, से हुआ और बाद में वह दुनिया के अन्य क्षेत्रों में फैला। इस प्रक्रिया में पहले के मानव रूपों का स्थान आधुनिक मानव ने लिया।
इस मॉडल के अनुसार आधुनिक मानव में पाई जाने वाली व्यापक समानताएँ उसके साझा पूर्वजों से जुड़ी हैं, जबकि अलग-अलग क्षेत्रों में लंबे समय तक रहने के कारण कुछ शारीरिक भिन्नताएँ विकसित हुईं।
प्रश्न 9. आदिमानव द्वारा पत्थर के औजार बनाने और उनका इस्तेमाल करने की संक्षिप्त जानकारी दीजिए।
उत्तर: पत्थर के औजार मानव जीवन में महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि थे। प्रारंभिक मानव ने पत्थरों को तोड़कर और उनमें धार बनाकर विभिन्न प्रकार के औजार तैयार किए। इनका उपयोग भोजन प्राप्त करने, शिकार करने और सुरक्षा जैसे कार्यों में किया जाता था।
औजारों का निर्माण मानव के हाथों की कुशलता, स्मृति और संगठनात्मक क्षमता के विकास से भी जुड़ा था।
प्रश्न 10. प्राइमेट्स से क्या अभिप्राय है? इनकी मुख्य विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: प्राइमेट्स स्तनधारियों का एक समूह है जिसमें वानर, लंगूर और मानव आदि शामिल हैं।
- शरीर पर बाल पाए जाते हैं।
- गर्भकाल अपेक्षाकृत लंबा होता है।
- बच्चों को जन्म देते हैं।
- माताओं में बच्चों को दूध पिलाने वाली ग्रंथियाँ होती हैं।
- दाँत अलग-अलग प्रकार के होते हैं।
- शरीर का तापमान नियंत्रित रखने की क्षमता होती है।
प्रश्न 11. होमिनॉइड तथा बंदर में क्या अंतर पाए जाते हैं?
उत्तर:
| आधार | होमिनॉइड | बंदर |
|---|---|---|
| शरीर | सामान्यतः बड़ा | तुलनात्मक रूप से छोटा |
| पूँछ | पूँछ नहीं होती | कई बंदरों में पूँछ होती है |
| बच्चों का विकास | धीमा विकास | तुलनात्मक रूप से अलग विकास प्रक्रिया |
| निर्भरता | बच्चे लंबे समय तक माता-पिता पर निर्भर रहते हैं | तुलनात्मक रूप से कम अवधि |
प्रश्न 12. आस्ट्रेलोपिथिकस को यह नाम क्यों दिया गया?
उत्तर: ‘आस्ट्रेलोपिथिकस’ नाम में ‘आस्ट्रल’ का अर्थ दक्षिणी और ‘पिथिकस’ का अर्थ वानर से संबंधित है। यह नाम इसलिए दिया गया क्योंकि इनमें मानव के साथ-साथ वानर जैसी कई शारीरिक विशेषताएँ भी दिखाई देती थीं।
इनका मस्तिष्क होमो की तुलना में छोटा था, दाँत अपेक्षाकृत बड़े थे और वे वृक्षों पर रहने के अनुकूल कई विशेषताएँ रखते थे।
प्रश्न 13. क्या खानाबदोश पशुचारक शहरी जीवन के लिए खतरा थे?
उत्तर: स्रोत के अनुसार मेसोपोटामिया के उपजाऊ क्षेत्रों में खानाबदोश पशुचारक अपने पशुओं के साथ आते थे। कभी-कभी उनके पशुओं से किसानों की फसलों को नुकसान पहुँचता था और कुछ समूह गाँवों पर हमला या लूट भी कर सकते थे। इस कारण स्थानीय किसानों और शासकों के लिए वे संभावित खतरा माने जाते थे।
प्रश्न 14. उच्चरित अर्थात् बोली जाने वाली भाषा की उत्पत्ति कब हुई?
उत्तर: भाषा की उत्पत्ति के समय को लेकर निश्चित प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। स्रोत में विभिन्न संभावनाओं का उल्लेख है। इसमें मस्तिष्क और स्वर-तंत्र के विकास के साथ भाषा के क्रमिक विकास की चर्चा की गई है।
प्रश्न 15. संजाति-वृत्त (Ethnography) से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: संजाति-वृत्त में समकालीन नृजातीय समूहों के जीवन का विश्लेषणात्मक अध्ययन किया जाता है। इसमें उनके रहन-सहन, खान-पान, आजीविका, तकनीक, स्त्री-पुरुष की भूमिका, राजनीतिक संस्थाओं, सामाजिक परंपराओं तथा धार्मिक रीति-रिवाजों का अध्ययन किया जाता है।
प्रश्न 16. हिमयुग कब आया? इससे मानव जीवन में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर: स्रोत के अनुसार लगभग 25 लाख वर्ष पहले हिमयुग आया। इससे जलवायु और वनस्पति में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए। तापमान तथा वर्षा में कमी के कारण कई क्षेत्रों में वन कम हुए और घास के मैदान बढ़े। इससे मानव-पूर्वजों की जीवन-शैली और अनुकूलन में परिवर्तन आया।
प्रश्न 17. प्रारंभिक मानव कुछ स्थलों को सोच-समझकर शिकार के लिए क्यों चुनता था?
उत्तर: प्रारंभिक मानव जानवरों की आवाजाही और उनके मौसमी व्यवहार को समझता था। इसलिए वह ऐसे स्थान चुनता था जहाँ बड़ी संख्या में जानवरों के आने की संभावना होती थी। नदी या जल-स्रोत के पास के स्थान इस दृष्टि से उपयोगी होते थे।
प्रश्न 18. आस्ट्रेलोपिथिकस तथा होमो के बीच क्या शारीरिक अंतर थे? ये अंतर क्या दर्शाते हैं?
उत्तर:
| आधार | आस्ट्रेलोपिथिकस | होमो |
|---|---|---|
| मस्तिष्क | तुलनात्मक रूप से छोटा | अधिक बड़ा |
| जबड़े | अधिक बाहर निकले हुए | कम बाहर निकले हुए |
| दाँत | तुलनात्मक रूप से बड़े | तुलनात्मक रूप से छोटे |
इन परिवर्तनों से मानव के शारीरिक और व्यवहारिक विकास की दिशा को समझने में सहायता मिलती है।
प्रश्न 19. भाषा का विकास किस प्रकार हुआ?
उत्तर: भाषा का विकास एक क्रमिक प्रक्रिया रही होगी। प्रारंभिक मानव हाव-भाव, संकेत, हाथों की गतिविधियों तथा विभिन्न ध्वनियों का प्रयोग करता रहा होगा। बाद में इन ध्वनियों और संकेतों का अधिक व्यवस्थित प्रयोग हुआ और धीरे-धीरे बोली जाने वाली भाषा विकसित हुई।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. आदिकालीन मानव किन-किन तरीकों से अपना भोजन जुटाता था?
उत्तर: आदिकालीन मानव प्रकृति से सीधे भोजन प्राप्त करता था। उसके भोजन प्राप्त करने के प्रमुख तरीके थे—संग्रहण, शिकार, अपमार्जन और मछली पकड़ना।
1. संग्रहण
संग्रहण में पेड़ों से मिलने वाले फल, बीज, बेर, कंद-मूल और अन्य खाद्य पदार्थ इकट्ठा किए जाते थे। प्रारंभिक काल के पौधों से संबंधित प्रत्यक्ष प्रमाण कम मिलते हैं, क्योंकि पौधों के अवशेष लंबे समय तक सुरक्षित रहना कठिन होता है।
2. शिकार
शिकार के माध्यम से मानव ने विभिन्न पशुओं से मांस प्राप्त किया। समय के साथ शिकार की तकनीक अधिक संगठित हुई और इसके लिए विशेष औजारों का उपयोग किया जाने लगा। स्रोत में बॉक्सग्रोव और शोनीनजेन जैसे स्थलों का उल्लेख योजनाबद्ध शिकार के प्रमाण के रूप में किया गया है।
3. अपमार्जन
अपमार्जन का अर्थ त्यागी हुई वस्तुओं या मृत जानवरों के अवशेषों से उपयोगी भोजन प्राप्त करना है। प्रारंभिक मानव मृत या अन्य हिंसक जानवरों द्वारा मारे गए पशुओं के शरीर से मांस और मज्जा प्राप्त करता होगा। छोटे स्तनधारी, पक्षी, अंडे, सरीसृप और अन्य छोटे जीव भी भोजन का हिस्सा रहे होंगे।
4. मछली पकड़ना
मछली भी प्रारंभिक मानव के भोजन का एक महत्वपूर्ण स्रोत थी। विभिन्न पुरास्थलों से मछलियों की हड्डियाँ मिलने से इसके प्रमाण प्राप्त होते हैं।
इस प्रकार प्रारंभिक मानव का जीवन आसपास उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों पर काफी हद तक निर्भर था।
प्रश्न 2. क्या वर्तमान शिकारी-संग्राहक समाजों के बारे में प्राप्त जानकारी का उपयोग सुदूर अतीत के मानव जीवन को समझने में किया जा सकता है?
उत्तर: वर्तमान शिकारी-संग्राहक समाजों का अध्ययन प्रारंभिक मानव के जीवन को समझने में कुछ संकेत दे सकता है, लेकिन दोनों को पूरी तरह समान मानना उचित नहीं है।
पहला दृष्टिकोण: कुछ विद्वान वर्तमान शिकारी-संग्राहक समाजों के जीवन और गतिविधियों से प्राप्त जानकारी का उपयोग प्राचीन मानव के पुरातात्त्विक अवशेषों की व्याख्या करने में करते हैं। उदाहरण के लिए, कुछ पुरास्थलों को मौसमी निवास या शिविर के रूप में समझने के लिए वर्तमान समाजों की गतिविधियों से तुलना की जाती है।
दूसरा दृष्टिकोण: कुछ विद्वानों का मानना है कि वर्तमान समाजों की परिस्थितियाँ प्राचीन मानव से काफी अलग हैं। आधुनिक शिकारी-संग्राहक समाजों में भी शिकार, संग्रहण, श्रम-विभाजन और समूह के आकार में काफी विविधता मिलती है।
इसलिए वर्तमान समाजों से प्राप्त जानकारी उपयोगी हो सकती है, लेकिन उससे प्राचीन मानव के बारे में सीधे और निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाले जाने चाहिए।
प्रश्न 3. आदि मानव के गुफाओं तथा खुले स्थानों पर आवास के बारे में चर्चा कीजिए।
उत्तर: प्रारंभिक मानव ने गुफाओं के साथ-साथ खुले स्थानों पर भी निवास किया। पुरास्थलों से मिले चूल्हे, पत्थर के औजार, खाद्य अवशेष तथा अन्य वस्तुएँ उनके निवास और जीवन-शैली की जानकारी देती हैं।
गुफाओं में निवास
दक्षिण फ्रांस की लाजारेट गुफा जैसे स्थलों से निवास, चूल्हों तथा भोजन के अवशेषों के प्रमाण मिले हैं। आग से प्रकाश और गर्मी प्राप्त करने के साथ भोजन पकाने तथा कुछ औजारों के निर्माण में भी सहायता मिलती थी।
खुले स्थानों पर निवास
खुले स्थलों पर पत्थर के औजारों का बड़ी संख्या में मिलना यह संकेत दे सकता है कि प्रारंभिक मानव वहाँ लंबे समय तक रहा या बार-बार आता था। खाद्य संसाधनों की उपलब्धता ऐसे स्थानों के चयन का एक महत्वपूर्ण कारण रही होगी।
आग का महत्व
- गुफाओं में प्रकाश प्राप्त करने के लिए।
- ठंड से बचने के लिए गर्मी प्राप्त करने में।
- भोजन पकाने के लिए।
- लकड़ी को कठोर करने के लिए।
- कुछ औजार बनाने की प्रक्रिया में।
- खतरनाक जानवरों को दूर रखने के लिए।
प्रश्न 4. आधुनिक मानव का उद्भव कहाँ हुआ? इस संबंध में प्रचलित मतों की जानकारी दीजिए।
उत्तर: आधुनिक मानव के उद्भव के संबंध में इतिहास और मानव-विज्ञान में विभिन्न विचार प्रस्तुत किए गए हैं। स्रोत में मुख्य रूप से दो मॉडल बताए गए हैं—क्षेत्रीय निरंतरता मॉडल और प्रतिस्थापन मॉडल।
1. क्षेत्रीय निरंतरता मॉडल
इस मॉडल के अनुसार आधुनिक मानव का विकास अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले पूर्ववर्ती मानव समूहों से हुआ। अलग-अलग क्षेत्रों में विकास की गति अलग रही और इसी कारण आधुनिक मानव में क्षेत्रीय शारीरिक भिन्नताएँ दिखाई दीं।
2. प्रतिस्थापन मॉडल
इस मॉडल के अनुसार आधुनिक मानव का उद्भव एक क्षेत्र, विशेषकर अफ्रीका, में हुआ और वहाँ से वह दुनिया के विभिन्न भागों में फैला। इस प्रक्रिया में पहले के मानव रूपों का स्थान आधुनिक मानव ने लिया।
मानव उद्भव को समझने में जीवाश्म, पुरातात्त्विक अवशेष, पत्थर के औजार और अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 1. आधुनिक मानव के उद्भव से संबंधित प्रतिस्थापन मॉडल के अनुसार कौन-सा मत सही है?
(क) मनुष्य का उद्भव एक ही स्थान अफ्रीका में हुआ
(ख) अनेक क्षेत्रों में एक ही तरह के मनुष्यों की उत्पत्ति हुई
(ग) मनुष्य का उद्भव यूरोप में हुआ
(घ) सभी क्षेत्रों में एक ही तरह के मनुष्यों की उत्पत्ति नहीं हुई
सही उत्तर: (क) मनुष्य का उद्भव एक ही स्थान अफ्रीका में हुआ
व्याख्या: प्रतिस्थापन मॉडल मानव के अफ्रीकी उद्भव और बाद में अन्य क्षेत्रों में प्रसार की बात करता है।
प्रश्न 2. अपमार्जन का अर्थ है—
(क) भोजन की तलाश करना
(ख) भोजन एकत्रित करना
(ग) त्यागी हुई वस्तुओं की सफाई करना
(घ) कंदमूल जमा करना
सही उत्तर: (ग) त्यागी हुई वस्तुओं की सफाई करना
व्याख्या: अपमार्जन में त्यागी हुई वस्तुओं या मृत पशुओं के अवशेषों से उपयोगी भोजन प्राप्त करना शामिल था।
प्रश्न 3. गुफा चित्रकला का प्राचीनतम प्रमाण किस काल का मिला है?
(क) पुरापाषाण
(ख) मध्यपाषाण
(ग) नवपाषाण
(घ) हड़प्पा
सही उत्तर: (ग) नवपाषाण
व्याख्या: स्रोत में इसी विकल्प को सही उत्तर दिया गया है।
प्रश्न 4. हमें प्रथम होमिनिड्स का साक्ष्य मिलता है—
(क) 50 मिलियन वर्ष पूर्व
(ख) 5.6 मिलियन वर्ष पूर्व
(ग) 10 मिलियन वर्ष पूर्व
(घ) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (ख) 5.6 मिलियन वर्ष पूर्व
व्याख्या: स्रोत में लगभग 5.6 मिलियन वर्ष पुराने प्रारंभिक होमिनिड साक्ष्य का उल्लेख किया गया है।
प्रश्न 5. साक्ष्यों से ज्ञात होता है कि होमिनिड्स का उद्भव—
(क) एशिया में हुआ
(ख) यूरोप में हुआ
(ग) अफ्रीका में हुआ
(घ) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (ग) अफ्रीका में हुआ
व्याख्या: प्रारंभिक होमिनिड जीवाश्मों के महत्वपूर्ण प्रमाण अफ्रीका से मिले हैं।
प्रश्न 6. जीवों का ऐसा समूह जिसके नर और मादा मिलकर बच्चे पैदा कर सकते हैं और यह क्रम आगे जारी रहता है, कहलाता है—
(क) प्राइमेट्स
(ख) स्पीशीज
(ग) होमिनिड
(घ) जीवाश्म
सही उत्तर: (ख) स्पीशीज
व्याख्या: स्पीशीज या प्रजाति समान जैविक समूह को कहा जाता है जिसके सदस्य आपस में प्रजनन कर सकते हैं।
प्रश्न 7. ‘होमो’ लैटिन भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है—
(क) आदमी
(ख) स्त्री
(ग) वानर
(घ) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (क) आदमी
व्याख्या: ‘होमो’ लैटिन शब्द है जिसका अर्थ स्रोत में ‘आदमी’ दिया गया है।
प्रश्न 8. होमिनिड समूह की विशेषताएँ हैं—
(क) मस्तिष्क का बड़ा आकार
(ख) दो पैरों पर चलना
(ग) हाथ की विशेष आकृति
(घ) उपरोक्त सभी
सही उत्तर: (घ) उपरोक्त सभी
व्याख्या: होमिनिड्स में विकसित मस्तिष्क, दो पैरों पर चलना और औजारों के लिए सक्षम हाथ महत्वपूर्ण विशेषताएँ थीं।
प्रश्न 9. आस्ट्रेलोपिथिकस की उत्पत्ति किस भाषायी शब्द से संबंधित है?
(क) लैटिन भाषा से
(ख) ग्रीक भाषा से
(ग) लैटिन तथा ग्रीक भाषाओं से
(घ) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (ग) लैटिन तथा ग्रीक भाषाओं से
व्याख्या: नाम दो भाषायी मूलों से बना है—‘आस्ट्रल’ और ‘पिथिकस’।
प्रश्न 10. चार्ल्स डार्विन की पुस्तक ‘Origin of Species’ कब प्रकाशित हुई?
(क) 1852
(ख) 1856
(ग) 1857
(घ) 1859
सही उत्तर: (घ) 1859
व्याख्या: स्रोत में 1859 को सही विकल्प दिया गया है।
प्रश्न 11. आधुनिक मानव का उद्भव लगभग कितने वर्ष पूर्व हुआ?
(क) 45,000
(ख) 200,000
(ग) 300,000
(घ) 400,000
सही उत्तर: (क) 45,000
व्याख्या: यह उत्तर स्रोत में दिया गया है।
प्रश्न 12. केन्या के किलोबे और ऑलार्जेसाइली स्थल से किस काल के हस्तकुठार मिलते हैं?
(क) पुरापाषाण काल
(ख) मध्यपाषाण काल
(ग) नवपाषाण काल
(घ) ताम्रपाषाण काल
सही उत्तर: (क) पुरापाषाण काल
व्याख्या: हस्तकुठार पत्थर के प्रारंभिक औजारों की परंपरा से संबंधित हैं।
प्रश्न 13. पत्थर के औजार संभवतः सबसे पहले किसने बनाए थे?
(क) रामापिथेकस
(ख) आस्ट्रेलोपिथिकस
(ग) निअंडरथाल
(घ) होमो सैपियंस
सही उत्तर: (ख) आस्ट्रेलोपिथिकस
व्याख्या: स्रोत में प्रारंभिक पत्थर के औजारों को संभवतः आस्ट्रेलोपिथिकस से जोड़ा गया है।
प्रश्न 14. लैसकॉक्स और चाउवेट की गुफा की चित्रकला कहाँ पाई गई है?
(क) फ्रांस
(ख) नार्वे
(ग) डेनमार्क
(घ) रूस
सही उत्तर: (क) फ्रांस
व्याख्या: दोनों प्रसिद्ध गुफाएँ फ्रांस में स्थित हैं।
प्रश्न 15. शहरी जीवन की शुरुआत सर्वप्रथम कहाँ हुई?
(क) मेसोपोटामिया
(ख) चीन
(ग) यूनान
(घ) रोम
सही उत्तर: (क) मेसोपोटामिया
व्याख्या: स्रोत में मेसोपोटामिया को सही उत्तर दिया गया है।
प्रश्न 16. वार्का शीर्ष कहाँ मिला है?
(क) उरुक
(ख) यमन
(ग) जॉर्डन
(घ) तुर्की
सही उत्तर: (क) उरुक
व्याख्या: वार्का शीर्ष का संबंध प्राचीन मेसोपोटामियाई नगर उरुक से है।
प्रश्न 17. ओल्डुवई गोर्ज रिफ्ट घाटी कहाँ स्थित है?
(क) दक्षिण अमेरिका
(ख) पूर्वी अफ्रीका
(ग) इंडोनेशिया
(घ) मध्य यूरोप
सही उत्तर: (ख) पूर्वी अफ्रीका
व्याख्या: ओल्डुवई गोर्ज पूर्वी अफ्रीका में स्थित महत्वपूर्ण पुरास्थल है।
प्रश्न 18. यूरोप में मिले सबसे पुराने होमो जीवाश्म किसके हैं?
(क) होमो हाइडेलबर्गेंसिस
(ख) रामापिथेकस
(ग) आस्ट्रेलोपिथिकस
(घ) क्रोमैग्नॉन
सही उत्तर: (क) होमो हाइडेलबर्गेंसिस
व्याख्या: स्रोत में होमो हाइडेलबर्गेंसिस को सही विकल्प दिया गया है।
प्रश्न 19. योजनाबद्ध तरीके से जानवरों के शिकार का सबसे पुराना स्पष्ट साक्ष्य कहाँ से मिलता है?
(क) बॉक्सग्रोव, इंग्लैंड
(ख) शोनीनजेन
(ग) सोजान घाटी, पाकिस्तान
(घ) बलन घाटी
सही उत्तर: (क) बॉक्सग्रोव, इंग्लैंड
व्याख्या: स्रोत में बॉक्सग्रोव को सही उत्तर दिया गया है।
प्रश्न 20. दफनाने की परंपरा का प्राचीनतम साक्ष्य लगभग कितने लाख वर्ष पहले का मिला है?
(क) 5 लाख वर्ष पूर्व
(ख) 4 लाख वर्ष पूर्व
(ग) 3 लाख वर्ष पूर्व
(घ) 2 लाख वर्ष पूर्व
सही उत्तर: (ग) 3 लाख वर्ष पूर्व
व्याख्या: स्रोत में लगभग 3 लाख वर्ष पूर्व का विकल्प सही दिया गया है।
त्वरित पुनरावृत्ति
- प्राइमेट्स: वानर, लंगूर और मानव आदि को शामिल करने वाला स्तनधारी समूह।
- होमिनिड: मानव विकास से संबंधित प्रारंभिक मानव-पूर्वजों का समूह।
- होमो: लैटिन शब्द, जिसका अर्थ ‘आदमी’ है।
- औजार: प्रारंभिक मानव की तकनीकी क्षमता और जीवन-निर्वाह के महत्वपूर्ण साधन।
- अपमार्जन: त्यागे गए या मृत जीवों के अवशेषों से भोजन प्राप्त करना।
- संग्रहण: फल, बीज, कंद-मूल आदि प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को एकत्र करना।
- शिकार: जानवरों को पकड़कर या मारकर भोजन प्राप्त करना।
- चूल्हा: आग के नियंत्रित उपयोग का महत्वपूर्ण पुरातात्त्विक प्रमाण।
- प्रतिस्थापन मॉडल: आधुनिक मानव के एक क्षेत्र, विशेषकर अफ्रीका, से उद्भव और बाद में अन्य क्षेत्रों में फैलाव से संबंधित मॉडल।
- क्षेत्रीय निरंतरता मॉडल: अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले पूर्ववर्ती मानव समूहों से आधुनिक मानव के विकास को समझाने वाला मॉडल।
अध्याय का निष्कर्ष
“समय की शुरुआत से” अध्याय मानव के आरंभिक इतिहास और उसके क्रमिक विकास को समझने का आधार प्रदान करता है। मानव ने प्रकृति से भोजन प्राप्त करने से लेकर औजार बनाने, आग का नियंत्रित उपयोग करने, भाषा विकसित करने और सामूहिक जीवन जीने तक लंबी यात्रा की। जीवाश्म, पत्थर के औजार, चूल्हे, गुफा चित्र और अन्य पुरातात्त्विक साक्ष्य इस यात्रा को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से होमिनिड, होमो, आस्ट्रेलोपिथिकस, प्राइमेट्स, पत्थर के औजार, आग का उपयोग, भाषा का विकास, शिकारी-संग्राहक जीवन, गुफा चित्रकला तथा मानव उद्भव के मॉडल विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
अध्याय सूची:
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