Bihar Board Class 11 History Chapter 4 – इस्लाम का उदय और विस्तार लगभग 570–1200 ई. में अरब समाज, पैगंबर मुहम्मद, इस्लाम के उदय, खिलाफत की स्थापना, उमय्यद और अब्बासी वंश, तुर्कों के उदय, व्यापार, कृषि, शहरीकरण, इस्लामी वास्तुकला, सूफीवाद तथा धर्मयुद्धों का अध्ययन किया जाता है।
अध्याय का परिचय
सातवीं शताब्दी में अरब प्रायद्वीप में इस्लाम का उदय हुआ। पैगंबर मुहम्मद ने एकेश्वरवाद, नैतिकता और सामाजिक एकता पर आधारित संदेश दिया। उनके अनुयायियों का समुदाय उम्मा कहलाया। बाद में इस्लामी राज्य का विस्तार अरब से बाहर हुआ और विशाल क्षेत्रों में इस्लामी राजनीतिक तथा सांस्कृतिक प्रभाव स्थापित हुआ।
इस अध्याय में इस्लाम के प्रारंभिक इतिहास के साथ-साथ उमय्यद और अब्बासी शासन, इस्लामी व्यापार, कृषि, शहरों, वास्तुकला, साहित्य, विज्ञान, सूफी विचारधारा और धर्मयुद्धों की जानकारी दी गई है।
अध्याय के प्रमुख विषय
- सातवीं शताब्दी का अरब समाज
- पैगंबर मुहम्मद और इस्लाम का उदय
- कुरान और इस्लामी धार्मिक विश्वास
- हिजरा और मदीना
- खिलाफत की स्थापना
- प्रारंभिक खलीफा
- सुन्नी और शिया संप्रदाय
- उमय्यद वंश
- अब्बासी क्रांति और अब्बासी शासन
- तुर्कों और गजनवी सत्ता का उदय
- इस्लामी कृषि और भू-राजस्व
- व्यापार और मुद्रा का प्रसार
- इस्लामी शहरीकरण
- इस्लामी वास्तुकला
- फारसी साहित्य
- सूफीवाद
- इस्लामी विज्ञान और चिकित्सा
- धर्मयुद्ध
पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. सातवीं शताब्दी के आरंभिक दशकों में बेदुइनों के जीवन की क्या विशेषताएँ थीं?
उत्तर: सातवीं शताब्दी के आरंभिक दशकों में बेदुइन मरुस्थलीय क्षेत्रों में घूम-घूमकर जीवन बिताते थे। वे खजूर जैसे खाद्य पदार्थों तथा अपने ऊँटों के लिए चारे की तलाश करते थे। वे मौसम और संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार सूखे क्षेत्रों से हरे-भरे क्षेत्रों की ओर जाते रहते थे।
प्रश्न 2. ‘अब्बासी क्रांति’ से आपका क्या तात्पर्य है?
उत्तर: उमय्यद शासन के विरुद्ध अब्बासियों ने एक संगठित आंदोलन चलाया। इस आंदोलन को अब्बासी क्रांति कहा जाता है। 750 ई. में उमय्यद वंश का पतन हुआ और अब्बासी सत्ता में आए। अब्बासियों ने दावा किया कि वे पैगंबर मुहम्मद के मूल इस्लामी आदर्शों को पुनः स्थापित करेंगे।
प्रश्न 3. अरबों, ईरानियों और तुर्कों द्वारा स्थापित राज्यों की बहुसंस्कृतियों के उदाहरण दीजिए।
उत्तर: इन राज्यों में विभिन्न भाषाओं, धर्मों और संस्कृतियों के लोग रहते थे।
- अरब राज्यों में मुस्लिम, ईसाई और यहूदी समुदाय रहते थे।
- ईरानी क्षेत्रों में मुस्लिम तथा विभिन्न एशियाई सांस्कृतिक परंपराएँ विकसित हुईं।
- तुर्की सत्ता वाले क्षेत्रों में मिस्री, ईरानी, सीरियाई और भारतीय संस्कृतियों का प्रभाव दिखाई देता था।
प्रश्न 4. यूरोप और एशिया पर धर्मयुद्धों का क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: धर्मयुद्धों का ईसाई-मुस्लिम संबंधों और व्यापार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा।
- कुछ मुस्लिम राज्यों ने अपनी ईसाई प्रजा के प्रति कठोर नीति अपनाई।
- पूर्व और पश्चिम के बीच व्यापार में इटली के व्यापारिक नगरों का प्रभाव बढ़ा।
- भूमध्यसागरीय क्षेत्र में राजनीतिक संघर्ष बढ़े।
- यूरोप और पश्चिमी एशिया के बीच संपर्क और व्यापारिक गतिविधियाँ भी बढ़ीं।
प्रश्न 5. रोमन साम्राज्य के वास्तुकलात्मक रूपों से इस्लामी वास्तुकलात्मक रूप कैसे भिन्न थे?
उत्तर: रोमन वास्तुकला में मेहराब, गुंबद और बड़े सार्वजनिक भवनों की परंपरा प्रमुख थी। रोमन लोग बड़े भवनों, पुलों, नगर-द्वारों और मनोरंजन स्थलों के निर्माण में मेहराब का प्रयोग करते थे।
इस्लामी वास्तुकला ने ईरानी और स्थानीय परंपराओं के साथ विभिन्न वास्तु तत्वों को अपनाया। मस्जिदों और अन्य भवनों में गुंबद, मीनार, मेहराब और खुले प्रांगण प्रमुख विशेषताएँ थीं। भवनों की सजावट में ज्यामितीय तथा वनस्पति आकृतियों और सुलेख का प्रयोग हुआ।
| आधार | रोमन वास्तुकला | इस्लामी वास्तुकला |
|---|---|---|
| मुख्य संरचनाएँ | मेहराब, गुंबद और बड़े सार्वजनिक भवन | गुंबद, मेहराब, मीनार और खुले प्रांगण |
| प्रमुख भवन | पुल, नगर-द्वार, सार्वजनिक भवन, कोलेजियम | मस्जिद, महल, मकबरे, विद्यालय और चिकित्सालय |
| सजावट | वास्तु संरचना और मूर्तिकला | सुलेख, ज्यामितीय तथा वनस्पति डिज़ाइन |
प्रश्न 6. रास्ते पर पड़ने वाले नगरों का उल्लेख करते हुए समरकंद से दमिश्क तक की यात्रा का वर्णन कीजिए।
उत्तर: समरकंद इस्लामी दुनिया के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित महत्वपूर्ण नगर था, जबकि दमिश्क सीरिया में स्थित प्रमुख नगर था। समरकंद से दमिश्क की यात्रा करते हुए यात्री मर्व, निशापुर और अन्य महत्वपूर्ण नगरों से होकर गुजर सकता था। ये नगर व्यापार, शिक्षा और प्रशासन के महत्वपूर्ण केंद्र थे।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. ‘कुरान’ शब्द किससे बना है?
उत्तर: ‘कुरान’ शब्द ‘इकरा’ से संबंधित माना गया है, जिसका अर्थ पढ़ना या पाठ करना है।
प्रश्न 2. मक्का शहर क्यों विख्यात था?
उत्तर: मक्का काबा के कारण पवित्र धार्मिक केंद्र था। यह महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग पर स्थित होने के कारण व्यापारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण था।
प्रश्न 3. पैगंबर मुहम्मद ने अपने आपको खुदा का संदेशवाहक कब घोषित किया?
उत्तर: स्रोत के अनुसार लगभग 612 ई. में पैगंबर मुहम्मद ने स्वयं को ईश्वर का संदेशवाहक घोषित किया। उन्होंने एकेश्वरवाद और ऐसे समाज की स्थापना का संदेश दिया जिसमें लोग धार्मिक विश्वास के आधार पर एक समुदाय के रूप में जुड़े हों।
प्रश्न 4. पैगंबर मुहम्मद के धर्म-सिद्धांत को स्वीकार करने वाले लोग क्या कहलाए?
उत्तर: पैगंबर मुहम्मद के संदेश को स्वीकार करने वाले लोग मुसलमान कहलाए। उन्हें धार्मिक समुदाय में समानता और भविष्य में मुक्ति की आशा का संदेश दिया गया।
प्रश्न 5. मक्का में मुसलमानों को किन लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा और क्यों?
उत्तर: मक्का के प्रभावशाली और समृद्ध लोगों ने विरोध किया। उन्हें अपने पारंपरिक देवी-देवताओं की पूजा को अस्वीकार किया जाना पसंद नहीं था। उन्हें यह भी लगा कि नया धर्म मक्का की धार्मिक प्रतिष्ठा और व्यापारिक महत्व को प्रभावित कर सकता है।
प्रश्न 6. ‘हिजरा’ से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: पैगंबर मुहम्मद और उनके अनुयायियों का मक्का से मदीना जाना हिजरा कहलाता है। 622 ई. में हुई यह घटना इस्लामी इतिहास में महत्वपूर्ण है और इसी से हिजरी संवत की शुरुआत मानी जाती है।
प्रश्न 7. किसी धर्म के जीवित रहने के लिए क्या शर्तें होती हैं?
उत्तर: धर्म के अनुयायियों का संगठित और सुरक्षित रहना आवश्यक होता है। इसके लिए आंतरिक एकता, सामाजिक संगठन और बाहरी खतरों से सुरक्षा देने वाली संस्थाओं की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 8. खिलाफत की संस्था का निर्माण कैसे हुआ?
उत्तर: 632 ई. में पैगंबर मुहम्मद की मृत्यु के बाद उत्तराधिकार का कोई निश्चित नियम नहीं था। उनके राजनीतिक और सामुदायिक उत्तराधिकार के लिए एक ऐसी संस्था विकसित हुई जिसमें समुदाय का नेता खलीफा कहलाया। इस प्रकार खिलाफत की संस्था अस्तित्व में आई।
प्रश्न 9. इस्लामी क्षेत्रों में 600–1200 ई. के इतिहास के कोई चार स्रोत बताइए।
उत्तर:
- इतिवृत्त और इतिहास ग्रंथ
- पैगंबर के कथनों के अभिलेख
- कुरान की टीकाएँ
- जीवन-चरित्र
प्रश्न 10. पैगंबर मुहम्मद कौन थे?
उत्तर: पैगंबर मुहम्मद मक्का के कुरैश समुदाय से संबंधित व्यापारी थे। उन्होंने एकेश्वरवाद का संदेश दिया और इस्लामी समुदाय के निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाई।
प्रश्न 11. अरब कबीले के संगठन की जानकारी दीजिए।
उत्तर: अरब कबीलों में बड़े परिवार और वंश समूह शामिल होते थे। प्रत्येक कबीले का नेतृत्व एक शेख करता था। उसके चयन में साहस, बुद्धिमत्ता और उदारता जैसे गुण महत्वपूर्ण माने जाते थे।
प्रश्न 12. खलीफाओं ने नए शहरों की स्थापना किस उद्देश्य से की?
उत्तर: नए शहरों की स्थापना मुख्य रूप से अरब सैनिकों को बसाने और प्रशासन को संगठित करने के लिए की गई। प्रमुख फौजी शहरों में इराक के कूफा और बसरा तथा मिस्र के फुस्तात और काहिरा शामिल थे।
प्रश्न 13. इस्लाम धर्म का मूल क्या है?
उत्तर: इस्लाम का मूल सिद्धांत एक ईश्वर अर्थात अल्लाह की उपासना करना है।
प्रश्न 14. काबा क्या था?
उत्तर: काबा मक्का में स्थित घनाकार पवित्र भवन था। यह अरब का प्रमुख धार्मिक केंद्र था और बाद में इस्लाम का सबसे पवित्र स्थल बना।
प्रश्न 15. उमर खय्याम कौन था?
उत्तर: उमर खय्याम प्रसिद्ध कवि, गणितज्ञ और खगोलशास्त्री था। वह विशेष रूप से अपनी रुबाइयों के लिए प्रसिद्ध हुआ।
प्रश्न 16. अब्बासी कौन थे?
उत्तर: अब्बासी पैगंबर मुहम्मद के चाचा अब्बास के वंशज माने जाते थे। उन्होंने उमय्यद शासन के विरुद्ध आंदोलन किया और 750 ई. में सत्ता प्राप्त की।
प्रश्न 17. अब्बासियों ने उमय्यदों की किन दो परंपराओं को बनाए रखा?
उत्तर:
- केंद्रीकृत सरकार और साम्राज्य की व्यवस्था।
- शाही वास्तुकला और राजदरबार के भव्य समारोहों की परंपरा।
प्रश्न 18. नौवीं शताब्दी में अब्बासी राज्य के कमजोर होने के दो कारण बताइए।
उत्तर:
- दूर के प्रांतों पर बगदाद का नियंत्रण कमजोर हो गया।
- सेना और नौकरशाही में अरब समर्थक तथा ईरान समर्थक गुटों के बीच संघर्ष बढ़ा।
प्रश्न 19. बगदाद के बुवाही शासकों के दो कार्य बताइए।
उत्तर:
- उन्होंने ‘शहंशाह’ जैसी उपाधियाँ धारण कीं।
- उन्होंने शिया प्रशासकों, कवियों और विद्वानों को संरक्षण दिया।
प्रश्न 20. फातिमी कौन थे?
उत्तर: फातिमी शिया इस्माइली परंपरा से जुड़े राजवंश थे। वे स्वयं को पैगंबर मुहम्मद की पुत्री फातिमा के वंशज मानते थे और इसी आधार पर अपनी राजनीतिक वैधता का दावा करते थे।
प्रश्न 21. अब्द-अल-मलिक ने अरब-इस्लामी पहचान के विकास के लिए कौन-से कार्य किए?
उत्तर:
- उसने अरबी लेख वाली इस्लामी मुद्राएँ जारी कीं।
- जेरूसलम में डोम ऑफ द रॉक का निर्माण करवाया।
प्रश्न 22. तुर्क कौन थे?
उत्तर: तुर्क मध्य एशिया के घास के मैदानों से आने वाले खानाबदोश कबाइली समूह थे। वे कुशल घुड़सवार और योद्धा थे। उनकी सैनिक क्षमता के कारण वे विभिन्न इस्लामी राज्यों की सेनाओं और प्रशासन में महत्वपूर्ण पदों तक पहुँचे।
प्रश्न 23. खिलाफत संस्था के दो मुख्य उद्देश्य क्या थे?
उत्तर:
- उम्मा और कबीलों पर नियंत्रण बनाए रखना।
- राज्य के लिए आवश्यक संसाधन जुटाना।
प्रश्न 24. बाइजेंटाइन तथा ससानी साम्राज्यों के विरुद्ध अरबों की सफलता में कौन-से कारक सहायक हुए?
उत्तर:
- अरबों की सामरिक नीति।
- धार्मिक उत्साह।
- बाइजेंटाइन और ससानी साम्राज्यों की आंतरिक कमजोरियाँ।
प्रश्न 25. तीसरे खलीफा उथमान की हत्या क्यों की गई?
उत्तर: उथमान ने प्रशासन में अपने कुरैश समर्थकों को अधिक महत्व दिया। इससे अन्य कबीलों में असंतोष बढ़ा। इराक और मिस्र में पहले से विरोध था और अंततः मदीना में भी विरोध बढ़ने के बाद उथमान की हत्या कर दी गई।
प्रश्न 26. चौथे खलीफा अली ने कौन-कौन से दो युद्ध लड़े?
उत्तर:
- ऊँट की लड़ाई: आयशा के नेतृत्व वाली सेना के विरुद्ध। इसमें अली की विजय हुई।
- सिफ्फिन का युद्ध: मुआविया के गुट के विरुद्ध। यह संघर्ष अंततः समझौते में समाप्त हुआ।
प्रश्न 27. इस्लाम दो मुख्य संप्रदायों में क्यों विभाजित हुआ?
उत्तर: पैगंबर मुहम्मद के बाद नेतृत्व और राजनीतिक सत्ता को लेकर मतभेद उत्पन्न हुए। अली के समर्थकों और उनके विरोधियों के बीच संघर्षों ने इस विभाजन को गहरा किया। आगे चलकर दो प्रमुख संप्रदाय सुन्नी और शिया के रूप में विकसित हुए।
प्रश्न 28. खलीफा अली की हत्या कहाँ और किसने की?
उत्तर: खलीफा अली की हत्या एक खारजी ने कुफा की मस्जिद में की।
प्रश्न 29. उमय्यद वंश की स्थापना कब और किसने की?
उत्तर: उमय्यद वंश की स्थापना 661 ई. में मुआविया ने की। यह वंश 750 ई. तक सत्ता में रहा।
प्रश्न 30. जेरूसलम में डोम ऑफ रॉक किसने बनवाया?
उत्तर: डोम ऑफ रॉक का निर्माण उमय्यद शासक अब्द अल-मलिक ने करवाया। यह प्रारंभिक इस्लामी वास्तुकला की महत्वपूर्ण इमारत है।
प्रश्न 31. चौथी शताब्दी में लाल सागर मार्ग का महत्व बढ़ने के दो कारण बताइए।
उत्तर:
- काहिरा का व्यापारिक शक्ति के रूप में उभरना।
- इटली के व्यापारिक नगरों में पूर्वी वस्तुओं की बढ़ती माँग।
प्रश्न 32. समरकंद में कागज के निर्माण में किस घटना ने सहायता पहुँचाई?
उत्तर: स्रोत के अनुसार 751 ई. में समरकंद के मुस्लिम शासकों के हाथों चीनी बंदियों में कुछ लोग कागज बनाने की तकनीक जानते थे। उनके ज्ञान से समरकंद में कागज निर्माण को बढ़ावा मिला।
प्रश्न 33. वाणिज्यिक पत्रों के उपयोग से व्यापारियों को क्या लाभ पहुँचा?
उत्तर: व्यापारियों को हर स्थान पर बड़ी मात्रा में नकद धन ले जाने की आवश्यकता नहीं रही। इससे लंबी दूरी की यात्राएँ अधिक सुरक्षित और व्यापार अधिक सुविधाजनक हुआ।
प्रश्न 34. मुजार्बा क्या था?
उत्तर: मुजार्बा एक व्यापारिक व्यवस्था थी जिसमें एक साझेदार अपनी पूँजी व्यापार करने वाले दूसरे साझेदार को देता था। व्यापार से होने वाले लाभ या हानि को पहले से तय व्यवस्था के अनुसार बाँटा जाता था।
प्रश्न 35. इस्लाम में ब्याज संबंधी निषेध क्या था?
उत्तर: इस्लामी धार्मिक व्यवस्था में ब्याज से होने वाली आय को निषिद्ध माना गया। स्रोत के अनुसार कुछ लोग अलग-अलग प्रकार की मुद्राओं के बीच लेन-देन और विनिमय के माध्यम से ब्याज जैसी आय प्राप्त करते थे।
प्रश्न 36. आठवीं और नौवीं शताब्दी में कानून की चार शाखाएँ कौन-सी थीं?
उत्तर:
- मलिकी
- हनफी
- शफीई
- हनबली
स्रोत में हनबली शाखा को सबसे अधिक रूढ़िवादी बताया गया है।
प्रश्न 37. सूफी मत के दो सिद्धांत लिखिए।
उत्तर:
- सांसारिक सुखों और भौतिकता का त्याग।
- केवल ईश्वर पर भरोसा रखना।
प्रश्न 38. सूफी मत के सर्वेश्वरवाद का क्या अर्थ है?
उत्तर: सर्वेश्वरवाद में ईश्वर और उसकी सृष्टि के बीच एकता का विचार मिलता है। सूफी विचार में मनुष्य की आत्मा को ईश्वर से जोड़ने और गहरे प्रेम के माध्यम से आध्यात्मिक एकता प्राप्त करने पर बल दिया गया।
प्रश्न 39. इनसिना कौन था?
उत्तर: इनसिना एक प्रसिद्ध चिकित्सक और दार्शनिक था। उसकी चिकित्सा संबंधी रचनाएँ व्यापक रूप से पढ़ी गईं। उसकी प्रसिद्ध पुस्तक अल-कानून फिल तिब चिकित्सा ज्ञान का महत्वपूर्ण ग्रंथ थी।
प्रश्न 40. सलजुक तुर्कों की पहली राजधानी निशापुर का क्या महत्व था?
उत्तर: निशापुर एक महत्वपूर्ण फारसी-इस्लामी शिक्षा और संस्कृति केंद्र था। यह उमर खय्याम से भी जुड़ा हुआ था।
प्रश्न 41. तुगरिल बेग कौन था?
उत्तर: तुगरिल बेग सलजुक तुर्कों का प्रमुख शासक था। उसने 1037 ई. में खुरासान पर अधिकार किया और निशापुर को राजधानी बनाया। 1055 ई. में उसने बगदाद पर भी अधिकार स्थापित किया।
प्रश्न 42. धर्मयुद्ध क्या थे?
उत्तर: पश्चिमी यूरोप के ईसाइयों द्वारा पवित्र भूमि और धार्मिक स्थलों पर नियंत्रण के लिए मुस्लिम शक्तियों के विरुद्ध किए गए सैन्य अभियानों को धर्मयुद्ध या क्रूसेड कहा गया।
प्रश्न 43. प्रथम धर्मयुद्ध की संक्षिप्त जानकारी दीजिए।
उत्तर: प्रथम धर्मयुद्ध के दौरान पश्चिमी यूरोप के सैनिकों ने एंटीओक और जेरूसलम पर अधिकार किया। इसके बाद सीरिया-फिलिस्तीन क्षेत्र में कई ईसाई राज्य स्थापित हुए।
प्रश्न 44. मध्यकालीन इस्लामी समाज का ईसाइयों के प्रति क्या दृष्टिकोण था?
उत्तर: ईसाइयों को ‘पुस्तक वाले लोग’ माना जाता था क्योंकि उनके पास अपना धार्मिक ग्रंथ था। कई मुस्लिम राज्यों में उन्हें धार्मिक और सामुदायिक जीवन के लिए संरक्षण और कुछ स्वायत्तता दी गई।
प्रश्न 45. धर्मयुद्धों ने ईसाई-मुस्लिम संबंधों पर क्या प्रभाव डाला?
उत्तर:
- कुछ मुस्लिम राज्यों में ईसाई प्रजा के प्रति कठोरता बढ़ी।
- पूर्व और पश्चिम के व्यापार में इटली के व्यापारिक समुदायों का प्रभाव बढ़ा।
प्रश्न 46. फ्रैंक कौन थे?
उत्तर: धर्मयुद्धों में पश्चिमी यूरोप से आए ईसाई योद्धाओं को फ्रैंक कहा गया। कुछ फ्रैंक सीरिया और फिलिस्तीन में बस गए।
प्रश्न 47. खलीफाओं ने धर्मांतरण के कारण राजस्व में आई कमी को पूरा करने के लिए क्या कदम उठाए?
उत्तर:
- धर्मांतरण को हतोत्साहित किया गया।
- बाद में कर वसूली की अधिक समान नीति अपनाई गई।
प्रश्न 48. रुबाई क्या होती है?
उत्तर: रुबाई चार पंक्तियों वाला काव्य-छंद है। इसकी पहली दो पंक्तियाँ भूमिका तैयार करती हैं और अंतिम पंक्ति मुख्य विचार को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत करती है।
प्रश्न 49. उमय्यद शासकों द्वारा बनवाए गए मरुस्थलीय महल किस काम आते थे?
उत्तर: ये महल विलासपूर्ण निवास, शिकार और मनोरंजन के लिए विश्राम स्थलों के रूप में प्रयोग किए जाते थे।
प्रश्न 50. किसी मस्जिद के बड़े कमरे की दो महत्वपूर्ण विशेषताएँ क्या होती हैं?
उत्तर:
- दीवार में मक्का की दिशा बताने वाली मेहराब।
- प्रवचन देने के लिए मंच।
प्रश्न 51. फिरदौसी द्वारा रचित ‘शाहनामा’ की दो विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
- यह फारसी साहित्य की प्रसिद्ध कृति है।
- इसमें ईरान की परंपराओं और आख्यानों का वर्णन है तथा रुस्तम जैसे प्रसिद्ध पात्रों की कथाएँ मिलती हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. 950 से 1200 ई. के बीच इस्लामी समाज की एकजुटता में किन तत्वों का योगदान था?
उत्तर: इस अवधि में इस्लामी समाज को जोड़ने वाले कई सांस्कृतिक और आर्थिक तत्व थे। फारसी उच्च संस्कृति की महत्वपूर्ण भाषा बनी। विद्वानों, कलाकारों और व्यापारियों का विभिन्न क्षेत्रों में आवागमन होता था। बौद्धिक परंपराओं के बीच संवाद और विचारों के आदान-प्रदान ने भी एकता को बढ़ावा दिया।
प्रश्न 2. सलजुक तुर्क कौन थे? उन्होंने तुर्की सत्ता की स्थापना और विस्तार कैसे किया?
उत्तर: सलजुक तुर्क मध्य एशिया के तुर्क समूहों से संबंधित थे। वे प्रारंभ में विभिन्न शासकों की सेनाओं में सैनिक के रूप में कार्य करते थे। तुगरिल और छागरी बेग के नेतृत्व में उन्होंने शक्तिशाली राजनीतिक समूह बनाया। 1037 ई. में खुरासान पर अधिकार किया और निशापुर को राजधानी बनाया। 1055 ई. में बगदाद पर अधिकार करके उन्होंने अपनी राजनीतिक शक्ति को मजबूत किया।
प्रश्न 3. चौथे खलीफा अली के शासनकाल पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर: अली 656 से 661 ई. तक खलीफा रहे। उनके शासनकाल में राजनीतिक संघर्ष बढ़ गए। उन्होंने आयशा के नेतृत्व वाले गुट के विरुद्ध ऊँट की लड़ाई लड़ी और उसके बाद मुआविया के गुट से सिफ्फिन में संघर्ष किया। सिफ्फिन का संघर्ष समझौते में समाप्त हुआ। इससे अली के समर्थकों में भी विभाजन हुआ और खारजी समूह सामने आया। अंततः एक खारजी ने अली की हत्या कर दी।
प्रश्न 4. उमय्यद वंश की स्थापना किन परिस्थितियों में हुई?
उत्तर: प्रारंभिक खिलाफत के विस्तार के साथ राजनीतिक सत्ता और प्रशासन पर नियंत्रण को लेकर संघर्ष बढ़ा। 661 ई. में मुआविया ने सत्ता संभाली और उमय्यद वंश की स्थापना की। उसने दमिश्क को राजधानी बनाया और प्रशासन में बाइजेंटाइन राजकीय परंपराओं का उपयोग किया। उसने वंशगत उत्तराधिकार की परंपरा को भी मजबूत किया।
प्रश्न 5. आरंभिक खलीफाओं के अधीन अरब साम्राज्य के प्रशासनिक ढाँचे की मुख्य विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: विजित क्षेत्रों में गवर्नर प्रशासन चलाते थे। कबीलों के मुखिया भी स्थानीय व्यवस्था में महत्वपूर्ण थे। राज्य की आय करों और युद्ध से प्राप्त संसाधनों से आती थी। सैनिकों को भत्ते और वेतन दिए जाते थे। गैर-मुस्लिम लोगों से जजिया जैसे कर लिए जाते थे और उन्हें अपने धार्मिक तथा सामुदायिक कार्य करने की अनुमति थी।
प्रश्न 6. तीसरे खलीफा उथमान की हत्या के लिए कौन-सी परिस्थितियाँ उत्तरदायी थीं?
उत्तर: साम्राज्य के विस्तार के साथ प्रशासनिक पदों और संसाधनों के वितरण को लेकर संघर्ष बढ़ा। उथमान ने अपने कुरैश समर्थकों को प्रशासन में अधिक महत्व दिया। इससे अन्य कबीलों में असंतोष फैल गया। इराक और मिस्र में विरोध के साथ मदीना में भी विरोध बढ़ा और अंततः उथमान की हत्या कर दी गई।
प्रश्न 7. मध्यकालीन इस्लामी जगत में धार्मिक विद्वानों ने कुरान की टीका और शरीआ तैयार करने की ओर ध्यान क्यों दिया?
उत्तर: धार्मिक विद्वान कुरान और पैगंबर के आदर्श व्यवहार को धार्मिक जीवन और सामाजिक व्यवस्था का मार्गदर्शक मानते थे। इसलिए उन्होंने कुरान की टीका, हदीथ का संकलन और धार्मिक कानून यानी शरीआ तैयार करने का कार्य किया। जहाँ कुरान और हदीथ में किसी विषय का स्पष्ट उल्लेख नहीं था, वहाँ विधिवेत्ताओं ने तर्क और अनुमान का भी प्रयोग किया।
प्रश्न 8. मध्यकालीन व्यापार-व्यवस्था में वाणिज्यिक पत्रों का क्या महत्व था?
उत्तर: वाणिज्यिक पत्रों और हुंडियों से व्यापारी बिना बड़ी मात्रा में नकद धन साथ रखे दूर-दूर तक व्यापार कर सकते थे। इससे यात्रा अधिक सुरक्षित हुई और व्यापारिक भुगतान सरल हुआ। इस व्यवस्था ने लंबी दूरी के व्यापार को बढ़ावा दिया।
प्रश्न 9. अरब साम्राज्य में कृषि की समृद्धि के लिए क्या कदम उठाए गए?
उत्तर:
- नदियों और क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था विकसित की गई।
- बाँध, नहर और कुएँ बनाए गए।
- नई भूमि पर खेती करने वालों को कुछ कर छूट दी गई।
- कपास, संतरा, केला, तरबूज, पालक और बैंगन जैसी फसलों की खेती बढ़ी।
- कृषि उत्पादन बढ़ने से कुछ फसलों का निर्यात भी हुआ।
प्रश्न 10. तुर्क कौन थे? गजनी में तुर्की सत्ता किस प्रकार स्थापित हुई?
उत्तर: तुर्क मध्य एशिया के घास के मैदानों के खानाबदोश योद्धा थे। वे कुशल घुड़सवार थे और विभिन्न इस्लामी शासकों की सेनाओं में सैनिक तथा अधिकारी बने। अलप्तगीन ने गजनी में तुर्की सत्ता की नींव रखी और महमूद गजनवी ने उसे मजबूत किया। अब्बासी खलीफा से सुल्तान की उपाधि प्राप्त करके महमूद ने अपनी सत्ता को धार्मिक-राजनीतिक वैधता भी दिलाई।
प्रश्न 11. अरबों द्वारा विजित क्षेत्रों में कृषि भूमि के स्वामित्व का वितरण कैसा था?
उत्तर: अधिकांश क्षेत्रों में छोटे और बड़े किसान भूमि के मालिक थे। कुछ क्षेत्रों में राज्य का स्वामित्व था। ईरान में बड़ी भूमि इकाइयों पर किसान खेती करते थे। कुछ छोड़ी हुई भू-संपत्तियाँ राज्य ने अपने अधिकार में लेकर विशिष्ट वर्ग के मुसलमानों को प्रदान कीं।
प्रश्न 12. अरब साम्राज्य में भू-राजस्व की क्या व्यवस्था थी?
उत्तर: राज्य की आय में भू-राजस्व का महत्वपूर्ण स्थान था। गैर-मुस्लिम मालिकों की भूमि पर खराज लगाया जाता था। मुस्लिम स्वामित्व वाली भूमि पर अलग कर व्यवस्था थी। धर्मांतरण से राजस्व में कमी आने पर खलीफाओं ने बाद में अधिक समान कर व्यवस्था अपनाई।
प्रश्न 13. गजनी साम्राज्य में फारसी साहित्य के विकास की जानकारी दीजिए।
उत्तर: गजनी शाही संरक्षण के कारण फारसी साहित्य का महत्वपूर्ण केंद्र बना। महमूद गजनवी के दरबार में कवियों और विद्वानों को संरक्षण मिला। इनमें फिरदौसी सबसे प्रसिद्ध थे। उन्होंने शाहनामा की रचना की, जिसमें ईरान की परंपराओं और आख्यानों का वर्णन मिलता है।
प्रश्न 14. इस्लामी जगत में नई फारसी का विकास कब हुआ?
उत्तर: अरबों की ईरान विजय के बाद पहलवी परंपरा से नई फारसी का विकास हुआ। इसमें अरबी शब्दों का भी व्यापक प्रयोग हुआ। रुदकी को नई फारसी कविता का जनक माना गया। आगे चलकर गजल और रुबाई जैसे काव्य रूप विकसित हुए। उमर खय्याम ने रुबाई को विशेष प्रसिद्धि दिलाई।
प्रश्न 15. मध्यकालीन इस्लामी समाज में भाषा के विकास की संक्षिप्त चर्चा कीजिए।
उत्तर: मध्यकालीन इस्लामी समाज में भाषा और साहित्य को महत्वपूर्ण स्थान मिला। कविता और गद्य दोनों का विकास हुआ। अब्बासी काल में दरबारी कविता को संरक्षण मिला। फारसी मूल के कवियों ने अरबी कविता में नए विषय और शैलियाँ जोड़ीं। बाद में सूफी कवियों ने रहस्यवादी प्रेम और आध्यात्मिकता को साहित्य का विषय बनाया।
प्रश्न 16. प्रारंभिक इस्लाम के इतिहास के स्रोत के रूप में कुरान के उपयोग में क्या समस्याएँ उत्पन्न होती हैं?
उत्तर: कुरान एक धार्मिक ग्रंथ है और इसमें धार्मिक विश्वासों का केंद्रीय स्थान है। इसलिए इसे केवल सामान्य ऐतिहासिक दस्तावेज के रूप में पढ़ना कठिन है। दूसरी समस्या यह है कि इसमें अनेक बातें संकेत और रूपक के रूप में आती हैं तथा घटनाओं का विस्तृत कालक्रमिक वर्णन नहीं मिलता। इसलिए प्रारंभिक इस्लाम के इतिहास को समझने के लिए हदीथ और अन्य स्रोतों का भी उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 17. सूफी कौन थे और उनके धार्मिक विश्वास क्या थे?
उत्तर: सूफी मध्यकालीन इस्लाम में आध्यात्मिक और रहस्यवादी विचारों पर बल देने वाले समूहों से जुड़े थे। वे सांसारिक भौतिकता से दूरी, ईश्वर पर भरोसा और आध्यात्मिक प्रेम को महत्व देते थे। सूफी साधना में संगीत और आध्यात्मिक अनुभवों का भी स्थान था।
प्रश्न 18. विज्ञान संबंधी नए विषयों के अध्ययन का इस्लामी जगत के बौद्धिक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: नए विषयों के अध्ययन से आलोचनात्मक और तार्किक दृष्टिकोण को बढ़ावा मिला। यूनानी तर्क और दर्शन का अध्ययन बढ़ा। चिकित्साशास्त्र, गणित, खगोलशास्त्र और अन्य विषयों पर विद्वानों ने कार्य किया। इनसिना जैसे विद्वानों की चिकित्सा संबंधी रचनाओं ने बौद्धिक जीवन को समृद्ध किया।
प्रश्न 19. इस्लामी धार्मिक कला में प्राणियों के चित्रण की मनाही से कला के किन रूपों को बढ़ावा मिला?
उत्तर: इस्लामी कला में खुशनवीसी यानी सुंदर लेखन तथा अरबेस्क यानी ज्यामितीय और वनस्पति डिजाइनों को विशेष महत्व मिला। धार्मिक भवनों और पांडुलिपियों में सुलेख तथा सजावटी डिजाइनों का व्यापक प्रयोग हुआ।
प्रश्न 20. अब्बासी शासन की क्या विशेषताएँ थीं? क्या अब्बासी शासक राजतंत्र को समाप्त कर सके?
उत्तर: अब्बासी शासन में बगदाद राजधानी बना। ईरानी संस्कृति का प्रभाव बढ़ा और सेना तथा नौकरशाही को अधिक व्यापक आधार पर संगठित किया गया। इस्लामी संस्थाओं और विद्वानों को संरक्षण मिला।
अब्बासियों ने उमय्यदों की शाही परंपराओं और केंद्रीकृत शासन को पूरी तरह समाप्त नहीं किया। इसलिए वे राजतंत्र को समाप्त करने के बजाय एक नए रूप में केंद्रीय राजकीय व्यवस्था को आगे बढ़ाते रहे।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. खलीफाओं के अधीन इस्लामी सत्ता का विस्तार किस प्रकार हुआ?
उत्तर: पैगंबर मुहम्मद की मृत्यु के बाद कुछ अरब कबीलों ने इस्लामी राज्य से अलग होने का प्रयास किया। पहले खलीफा अबू बकर ने विद्रोहों को दबाया। दूसरे खलीफा उमर ने राज्य के विस्तार की नीति अपनाई।
अरबों ने पश्चिम में बाइजेंटाइन और पूर्व में ससानी साम्राज्य के क्षेत्रों की ओर अभियान चलाए। इन साम्राज्यों की आंतरिक राजनीतिक और धार्मिक समस्याओं ने अरबों की सफलता में सहायता की।
637–642 ई. के अभियानों में सीरिया और इराक सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर अरबों का नियंत्रण स्थापित हुआ। आगे के अभियानों से इस्लामी राज्य का विस्तार मध्य एशिया की ओर भी हुआ।
प्रश्न 2. अरब साम्राज्य में खिलाफत का विघटन किस प्रकार हुआ? बुवाही शासकों ने खलीफा का पद प्रतीकात्मक रूप से क्यों बनाए रखा?
उत्तर: नौवीं शताब्दी में अब्बासी राज्य कमजोर होने लगा। दूर के प्रांतों पर बगदाद का नियंत्रण कम हुआ और सेना तथा नौकरशाही में गुटबंदी बढ़ी। हारून अल-रशीद के उत्तराधिकारियों के बीच गृहयुद्ध ने स्थिति को और कमजोर किया।
इसके बाद अनेक छोटे राजवंश उभरे। 945 ई. में बुवाही शासकों ने बगदाद पर अधिकार कर लिया। उन्होंने खलीफा का पद समाप्त नहीं किया, बल्कि उसे सुन्नी जनता के प्रतीकात्मक धार्मिक प्रमुख के रूप में बनाए रखा।
इसका एक कारण फातिमियों का राजनीतिक दावा भी था। इसलिए खलीफा के पद को बनाए रखना राजनीतिक वैधता और धार्मिक प्रभाव की दृष्टि से उपयोगी था।
प्रश्न 3. धर्मयुद्ध किस-किस के बीच हुए? इनके लिए कौन-कौन सी परिस्थितियाँ उत्तरदायी थीं?
उत्तर: धर्मयुद्ध मुख्यतः पश्चिमी यूरोप के ईसाइयों और मुस्लिम शक्तियों के बीच हुए। फिलिस्तीन और जेरूसलम ईसाइयों के लिए धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण थे। मुस्लिम नियंत्रण के कारण यूरोपीय ईसाई शक्तियों में पवित्र भूमि को पुनः प्राप्त करने की इच्छा बढ़ी।
ग्यारहवीं शताब्दी में पश्चिमी यूरोप की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों में परिवर्तन हुआ। सामंती योद्धा वर्ग की सैन्य गतिविधियों को धार्मिक दिशा मिली। 1095 ई. में पोप अर्बन द्वितीय ने पवित्र भूमि को मुक्त कराने के लिए युद्ध का आह्वान किया।
सलजुक शक्ति के कमजोर होने और बाइजेंटाइन सम्राट की सहायता की आवश्यकता ने भी इस परिस्थिति को प्रभावित किया। इसके बाद 1095 से 1291 ई. के बीच कई धर्मयुद्ध हुए।
प्रश्न 4. प्रथम तीन धर्मयुद्धों की जानकारी दीजिए और उनके प्रभावों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
प्रथम धर्मयुद्ध
प्रथम धर्मयुद्ध में पश्चिमी यूरोप के सैनिकों ने एंटीओक और जेरूसलम पर अधिकार किया। सीरिया-फिलिस्तीन में कई ईसाई राज्य स्थापित हुए।
दूसरा धर्मयुद्ध
1144 ई. में एडेस्सा पर तुर्कों के अधिकार के बाद दूसरा धर्मयुद्ध हुआ। जर्मन और फ्रांसीसी सेनाओं ने दमिश्क पर अधिकार करने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हुए।
तीसरा धर्मयुद्ध
1187 ई. में सलाह अल-दीन ने जेरूसलम पर पुनः अधिकार किया। इसके बाद तीसरा धर्मयुद्ध हुआ। अंततः ईसाई शक्तियाँ फिलिस्तीन में सीमित क्षेत्रों तक रह गईं और 1291 ई. में मामलूक शासकों ने धर्मयुद्ध करने वाले ईसाइयों को फिलिस्तीन से बाहर कर दिया।
धर्मयुद्धों के प्रभाव
- ईसाई-मुस्लिम संबंधों में तनाव बढ़ा।
- कुछ मुस्लिम राज्यों की ईसाई प्रजा के प्रति नीति कठोर हुई।
- पूर्व और पश्चिम के बीच व्यापार में इटली के नगरों का प्रभाव बढ़ा।
प्रश्न 5. मध्यकालीन इस्लामी जगत में शहरीकरण की मुख्य विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: मध्यकालीन इस्लामी जगत में अनेक नए शहर विकसित हुए और पुराने शहरों का भी विस्तार हुआ। कूफा, बसरा, फुस्तात और काहिरा जैसे शहर सैनिक और प्रशासनिक केंद्र बने। बगदाद, दमिश्क, इस्फहान और समरकंद जैसे पुराने शहरों को भी नई आर्थिक और सांस्कृतिक ऊर्जा मिली।
शहरों में मुख्य रूप से दो महत्वपूर्ण भवन-समूह होते थे—मस्जिद और केंद्रीय मंडी। मंडी में दुकानें, व्यापारियों के आवास और सर्राफ के कार्यालय होते थे। बाहरी क्षेत्रों में सामान्य नागरिक, सैनिक और शहरी गरीब रहते थे। वहाँ बाजार, काफिला-स्थल, कसाई की दुकानें और अन्य व्यवसाय भी होते थे।
प्रश्न 6. मध्यकालीन इस्लामी जगत में वास्तुकला के विकास का विवरण दीजिए।
उत्तर: दसवीं शताब्दी तक इस्लामी वास्तुकला ने स्पष्ट पहचान विकसित कर ली थी। मस्जिदों, महलों और मकबरों में कुछ समान वास्तु विशेषताएँ दिखाई देती थीं।
मस्जिदों की प्रमुख विशेषताएँ
- खुला प्रांगण
- मेहराब
- गुंबद
- मीनार
- प्रार्थना कक्ष
- मक्का की दिशा बताने वाली मेहराब
- प्रवचन के लिए मंच
महल
उमय्यदों ने मरुस्थलीय क्षेत्रों में भव्य महल बनवाए। ये निवास, शिकार और मनोरंजन के लिए प्रयोग किए जाते थे। अब्बासियों ने समरा और बगदाद में तथा फातिमियों ने काहिरा में महल बनवाए।
प्रश्न 7. इस्लाम धर्म की स्थापना कब हुई? इसका अरब समाज पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: स्रोत के अनुसार लगभग 612 ई. में पैगंबर मुहम्मद ने स्वयं को ईश्वर का संदेशवाहक घोषित किया और इस्लामी संदेश का प्रचार किया। इस संदेश को स्वीकार करने वाले लोग मुस्लिम कहलाए और उनका समुदाय उम्मा कहलाया।
इस्लाम ने अरब समाज में एकेश्वरवाद, धार्मिक अनुशासन और सामुदायिक एकता पर बल दिया। मदीना राजनीतिक केंद्र बना और मक्का धार्मिक केंद्र। विभिन्न अरब कबीलों को एक व्यापक धार्मिक और राजनीतिक समुदाय में जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
प्रश्न 8. पैगंबर मुहम्मद के अधीन इस्लामी राज्य तथा समाज के मुख्य पहलुओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर: पैगंबर मुहम्मद ने मदीना में एक राजनीतिक व्यवस्था स्थापित की। इससे उनके अनुयायियों को सुरक्षा मिली और विभिन्न समूहों को एक समुदाय के रूप में संगठित करने का प्रयास हुआ।
प्रारंभिक इस्लामी राज्य को कृषि, व्यापार, जकात और अन्य आय से संसाधन मिलते थे। मक्का पर नियंत्रण स्थापित होने के बाद पैगंबर की राजनीतिक और धार्मिक प्रतिष्ठा बढ़ी। अनेक कबीलों ने इस्लाम स्वीकार किया। मदीना प्रशासनिक केंद्र और मक्का धार्मिक केंद्र बना।
प्रश्न 9. ‘अब्बासी क्रांति’ से क्या अभिप्राय है? उमय्यद वंश के पतन तथा अब्बासी वंश की स्थापना के संदर्भ में इसकी जानकारी दीजिए।
उत्तर: उमय्यद शासन के विरुद्ध अब्बासियों ने एक संगठित आंदोलन चलाया। इसका केंद्र खुरासान बना। वहाँ अरब और ईरानी मुसलमानों के बीच असंतोष था। उमय्यदों की कर नीति और राजनीतिक पक्षपात से भी कई समूह नाराज थे।
अब्बासियों ने पैगंबर के परिवार से अपने संबंध को अपनी राजनीतिक वैधता का आधार बनाया। अबू मुस्लिम के नेतृत्व में आंदोलन मजबूत हुआ और अंतिम उमय्यद खलीफा मारवान पराजित हुआ। 750 ई. में उमय्यद वंश का अंत हुआ और अब्बासी सत्ता में आए।
प्रश्न 10. मध्यकालीन मुस्लिम साम्राज्य के व्यापार एवं वाणिज्य की जानकारी देते हुए मुद्रा के प्रसार पर इसके प्रभाव को बताइए।
उत्तर: मध्यकालीन मुस्लिम साम्राज्य में हिंद महासागर, लाल सागर, फारस की खाड़ी और भूमध्यसागर के माध्यम से व्यापक व्यापार होता था। भारत और चीन से मसाले, कपड़े, चीनी मिट्टी की वस्तुएँ और अन्य सामान समुद्री मार्ग से लाल सागर और फारस की खाड़ी के बंदरगाहों तक आते थे।
इसके बाद माल को ऊँटों के काफिलों द्वारा बगदाद, दमिश्क और अन्य शहरों तक पहुँचाया जाता था। व्यापार के विस्तार से मुद्रा की माँग बढ़ी। सोने, चाँदी और ताँबे के सिक्कों का प्रचलन बढ़ा तथा उधार और वित्तीय लेन-देन भी विकसित हुए।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 1. पैगंबर मुहम्मद ने प्रथम सार्वजनिक उपदेश कब दिए?
(क) 610 ई.
(ख) 612 ई.
(ग) 622 ई.
(घ) 627 ई.
सही उत्तर: (ख) 612 ई.
प्रश्न 2. उमय्यद खिलाफत वंश की स्थापना किसने की?
(क) मुआविया
(ख) यजीद
(ग) उथमान
(घ) वालीद
सही उत्तर: (क) मुआविया
प्रश्न 3. मुस्लिम कानून की किस शाखा को सर्वाधिक रूढ़िवादी माना गया है?
(क) मलिकी
(ख) हनफी
(ग) शफीई
(घ) हनबली
सही उत्तर: (घ) हनबली
प्रश्न 4. किस सूफी संत ने ‘फना’ के सिद्धांत दिए?
(क) बायजीद बिस्तामी
(ख) राबिया
(ग) बहाउद्दीन जकारिया
(घ) सलीम चिश्ती
सही उत्तर: (क) बायजीद बिस्तामी
प्रश्न 5. ‘मुरूज अल-धहाब’ की रचना किसने की?
(क) मसूदी
(ख) तबरी
(ग) अलबेरूनी
(घ) बालाधुरी
सही उत्तर: (क) मसूदी
प्रश्न 6. ईरान में इल-खानी राज्य की स्थापना किसने की?
(क) कुबलई खान
(ख) हुलागू खान
(ग) मोंके खान
(घ) चगताई खान
सही उत्तर: (ख) हुलागू खान
प्रश्न 7. 1095 से 1291 तक के धर्मयुद्ध किनके बीच हुए?
(क) ईसाई और यहूदी
(ख) यहूदी और अरब
(ग) ईसाई और मुसलमान
(घ) मुसलमान और मंगोल
सही उत्तर: (ग) ईसाई और मुसलमान
प्रश्न 8. समानी वंश का संबंध किस क्षेत्र से था?
(क) ईरान
(ख) तुर्की
(ग) रूस
(घ) इटली
सही उत्तर: (क) ईरान
प्रश्न 9. ‘डोम ऑफ द रॉक’ कहाँ स्थित है?
(क) बसरा
(ख) दमिश्क
(ग) जेरूसलम
(घ) समरकंद
सही उत्तर: (ग) जेरूसलम
प्रश्न 10. अब्बासी क्रांति कब हुई?
(क) 712 ई.
(ख) 750 ई.
(ग) 786 ई.
(घ) 802 ई.
सही उत्तर: (ख) 750 ई.
प्रश्न 11. पैगंबर का प्रतिनिधि क्या कहलाता था?
(क) ताज
(ख) उम्मा
(ग) अमीर
(घ) खलीफा
सही उत्तर: (घ) खलीफा
प्रश्न 12. दास-प्रजनन क्या था?
(क) गुलामों की संख्या बढ़ाने की प्रथा
(ख) वेतनभोगी दासों की श्रेणी
(ग) दासता से स्वतंत्र होने की प्रथा
(घ) अभिजात वर्ग द्वारा दासों की स्त्रियों का उपयोग
सही उत्तर: (क) गुलामों की संख्या बढ़ाने की प्रथा
प्रश्न 13. मुसलमानों का प्रथम खलीफा कौन था?
(क) उमर
(ख) अब्बासी
(ग) अबू बकर
(घ) महदी
सही उत्तर: (ग) अबू बकर
प्रश्न 14. मामलूक किसे कहा जाता था?
(क) खलीफा
(ख) तुर्क शासक
(ग) तुर्की गुलाम अधिकारी
(घ) ईरानी मुसलमान
सही उत्तर: (ग) तुर्की गुलाम अधिकारी
प्रश्न 15. शार्लमेन कौन था?
(क) फ्रांस का शासक
(ख) इंग्लैंड का शासक
(ग) इटली का शासक
(घ) स्पेन का शासक
सही उत्तर: (क) फ्रांस का शासक
प्रश्न 16. पैगंबर मुहम्मद साहब का जन्म कब हुआ था?
(क) 570 ई.
(ख) 622 ई.
(ग) 612 ई.
(घ) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (क) 570 ई.
प्रश्न 17. पैगंबर मुहम्मद साहब का जन्म किस स्थान पर हुआ था?
(क) मदीना
(ख) मक्का
(ग) बगदाद
(घ) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (ख) मक्का
प्रश्न 18. पैगंबर मुहम्मद साहब को पहला दिव्य संदेश किस आयु में प्राप्त हुआ?
(क) 30 वर्ष
(ख) 35 वर्ष
(ग) 40 वर्ष
(घ) 45 वर्ष
सही उत्तर: (ग) 40 वर्ष
प्रश्न 19. मक्का से मदीना को पैगंबर का प्रस्थान क्या कहलाता है?
(क) हिजरा
(ख) आवागमन
(ग) तीर्थयात्रा
(घ) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (क) हिजरा
प्रश्न 20. मुस्लिम पंचांग का प्रथम वर्ष माना जाता है—
(क) 612 ई.
(ख) 570 ई.
(ग) 622 ई.
(घ) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (ग) 622 ई.
प्रश्न 21. मुसलमानों का पवित्र धर्मग्रंथ कहलाता है—
(क) कुरान
(ख) उपदेश
(ग) दोनों
(घ) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (क) कुरान
प्रश्न 22. पैगंबर मुहम्मद साहब की मृत्यु हुई—
(क) 620 ई.
(ख) 632 ई.
(ग) 640 ई.
(घ) 650 ई.
सही उत्तर: (ख) 632 ई.
प्रश्न 23. इस्लामी कॉलेज अल-अजहर कहाँ स्थित था?
(क) मक्का
(ख) मदीना
(ग) काहिरा
(घ) बसरा
सही उत्तर: (ग) काहिरा
प्रश्न 24. पहले खलीफा कौन थे?
(क) अबू बकर
(ख) उथमान
(ग) अली
(घ) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (क) अबू बकर
प्रश्न 25. द्वितीय खलीफा कौन थे?
(क) अली
(ख) उमर
(ग) खलीफा
(घ) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (ख) उमर
प्रश्न 26. तीसरे खलीफा कौन थे?
(क) उथमान
(ख) उमय्यद
(ग) अब्बासी
(घ) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (क) उथमान
प्रश्न 27. चौथे खलीफा कौन थे?
(क) अमीर
(ख) अली
(ग) अशरफ
(घ) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (ख) अली
प्रश्न 28. ऊँट की प्रसिद्ध लड़ाई में अली ने किसे पराजित किया?
(क) उथमान
(ख) मुआविया
(ग) आयशा
(घ) यजीद
सही उत्तर: (ग) आयशा
प्रश्न 29. जजिया किनसे लिया जाता था?
(क) हिंदू
(ख) गैर-मुसलमान
(ग) मुसलमान
(घ) केवल यहूदी
सही उत्तर: (ख) गैर-मुसलमान
प्रश्न 30. प्रसिद्ध सूफी महिला संत राबिया कहाँ की रहने वाली थीं?
(क) दमिश्क
(ख) मक्का
(ग) बसरा
(घ) इस्तांबुल
सही उत्तर: (ग) बसरा
प्रश्न 31. नई फारसी कविता का जनक किसे कहा जाता है?
(क) अबू नुवास
(ख) उमर खय्याम
(ग) फिरदौसी
(घ) रुदकी
सही उत्तर: (घ) रुदकी
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| विषय | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|
| इस्लाम का उदय | सातवीं शताब्दी में अरब में |
| पैगंबर मुहम्मद का जन्म | 570 ई., मक्का |
| हिजरा | मक्का से मदीना, 622 ई. |
| पैगंबर मुहम्मद की मृत्यु | 632 ई. |
| पहले खलीफा | अबू बकर |
| दूसरे खलीफा | उमर |
| तीसरे खलीफा | उथमान |
| चौथे खलीफा | अली |
| उमय्यद वंश | 661–750 ई. |
| अब्बासी क्रांति | 750 ई. |
| अब्बासी राजधानी | बगदाद |
| डोम ऑफ द रॉक | जेरूसलम |
| प्रमुख कानून शाखाएँ | मलिकी, हनफी, शफीई, हनबली |
| नई फारसी कविता | रुदकी से संबंधित |
| प्रसिद्ध फारसी कृति | फिरदौसी का शाहनामा |
| प्रमुख सूफी विचार | त्याग, ईश्वर पर भरोसा और आध्यात्मिक प्रेम |
| धर्मयुद्ध | 1095–1291 ई. के बीच अनेक अभियान |
अध्याय का सारांश
इस्लाम का उदय सातवीं शताब्दी में अरब प्रायद्वीप में हुआ। पैगंबर मुहम्मद ने एकेश्वरवाद और सामाजिक एकता का संदेश दिया। हिजरा के बाद मदीना इस्लामी राजनीतिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बना। पैगंबर की मृत्यु के बाद खिलाफत की संस्था विकसित हुई और प्रारंभिक खलीफाओं के समय इस्लामी राज्य का तेजी से विस्तार हुआ।
661 ई. में उमय्यद वंश की स्थापना हुई और दमिश्क राजधानी बना। 750 ई. में अब्बासी क्रांति के बाद अब्बासियों ने सत्ता संभाली और बगदाद को प्रमुख केंद्र बनाया। इस अवधि में इस्लामी दुनिया में कृषि, व्यापार, शहरीकरण, वास्तुकला, साहित्य, विज्ञान और चिकित्सा का विकास हुआ।
तुर्कों के बढ़ते प्रभाव से इस्लामी राजनीतिक इतिहास में नए परिवर्तन आए। फारसी साहित्य में फिरदौसी और नई फारसी कविता में रुदकी तथा उमर खय्याम जैसे विद्वानों का योगदान महत्वपूर्ण रहा। सूफी विचारधारा ने आध्यात्मिक प्रेम, त्याग और ईश्वर पर भरोसे को महत्व दिया।
धर्मयुद्धों ने यूरोप और इस्लामी दुनिया के राजनीतिक तथा धार्मिक संबंधों को प्रभावित किया। साथ ही पूर्व और पश्चिम के व्यापारिक संपर्कों में भी परिवर्तन आया। इस प्रकार 570 से 1200 ई. के बीच इस्लामी दुनिया में राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर व्यापक परिवर्तन हुए।
पिछला अध्याय:
Chapter 3 – तीन महाद्वीपों में फैला हुआ साम्राज्य
अगला अध्याय:
सभी अध्याय: