Bihar Board Class 11 History Chapter 5 – यायावर साम्राज्य में मध्य एशिया के मंगोलों, उनके यायावर जीवन, पशुपालन, व्यापार, चंगेज खान के उदय, मंगोलों की सैन्य शक्ति, मंगोल साम्राज्य के विस्तार, प्रशासन, यासा, उलुस, व्यापारिक मार्गों और मंगोल शासन के प्रभाव का अध्ययन किया जाता है।
अध्याय का परिचय
मध्य एशिया का विशाल स्टेपी क्षेत्र अनेक यायावर पशुपालक समुदायों का निवास स्थान था। इन समुदायों का जीवन स्थायी कृषि और नगरों की अपेक्षा पशुपालन, शिकार, चरागाहों और गतिशील जीवन पर अधिक निर्भर था। इसी क्षेत्र से मंगोल शक्ति का उदय हुआ और चंगेज खान ने विभिन्न मंगोल तथा तुर्की कबीलों को संगठित करके एक विशाल साम्राज्य का निर्माण किया।
चंगेज खान ने केवल सैन्य विजय ही प्राप्त नहीं की, बल्कि मंगोल कबीलों को नई सामाजिक और सैनिक इकाइयों में संगठित किया। उसके शासन में संचार व्यवस्था, व्यापारिक मार्गों और प्रशासन को भी विकसित किया गया।
अध्याय के मुख्य बिंदु
- मंगोलों का यायावर जीवन
- स्टेपी क्षेत्र की भौगोलिक विशेषताएँ
- मंगोलों की पशुपालक अर्थव्यवस्था
- मंगोलों के लिए व्यापार का महत्व
- चंगेज खान का उदय
- मंगोल कबीलों का संगठन
- मंगोलों की सैन्य शक्ति
- मंगोल साम्राज्य का विस्तार
- यासा और मंगोल प्रशासन
- चार उलुस
- पैक्स मंगोलिका
- मंगोलों की संचार व्यवस्था
- मंगोल साम्राज्य में धार्मिक सहिष्णुता
- मंगोल साम्राज्य का विखंडन
पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. मंगोलों के लिए व्यापार क्यों इतना महत्वपूर्ण था?
उत्तर: मंगोलों के लिए व्यापार बहुत महत्वपूर्ण था क्योंकि वे मध्य एशिया के स्टेपी क्षेत्र में रहते थे। इस क्षेत्र की जलवायु कृषि के लिए अनुकूल नहीं थी। यहाँ लंबे समय तक ठंडी ऋतु रहती थी और गर्मियों की अवधि छोटी तथा शुष्क होती थी। इसलिए कृषि उत्पादन सीमित था।
मंगोल मुख्य रूप से पशुपालक तथा शिकारी-संग्राहक थे। उनकी अर्थव्यवस्था घनी आबादी वाले नगरों को बनाए रखने में सक्षम नहीं थी। इसलिए उन्हें अपनी आवश्यक वस्तुओं के लिए दूसरे क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ता था।
चीन के साथ व्यापार में मंगोल कृषि उत्पाद और लोहे के उपकरण प्राप्त करते थे तथा बदले में घोड़े, फर और शिकार से प्राप्त वस्तुएँ देते थे। इस प्रकार व्यापार ने मंगोलों की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रश्न 2. चंगेज खान ने यह क्यों अनुभव किया कि मंगोल कबीलों को नवीन सामाजिक और सैनिक इकाइयों में विभक्त करने की आवश्यकता है?
उत्तर: चंगेज खान के अधीन अलग-अलग मंगोल तथा अन्य जनजातीय समूह एकत्रित हो गए थे। इनमें उसके समर्थक, पराजित लोग और विभिन्न कबीलों के सदस्य शामिल थे। यदि इनकी पुरानी जनजातीय पहचान बनी रहती तो आपसी संघर्ष की संभावना बनी रहती।
इसलिए चंगेज खान ने पुराने कबीलाई विभाजनों को कमजोर करके लोगों को नई सामाजिक और सैनिक इकाइयों में संगठित किया। इससे उसकी सेना अधिक संगठित हुई और विशाल साम्राज्य पर नियंत्रण रखना आसान हुआ।
प्रश्न 3. ‘यास’ के बारे में परवर्ती मंगोलों का चिंतन किस तरह चंगेज खान की स्मृति के साथ जुड़े हुए उनके तनावपूर्ण संबंधों को उजागर करता है?
उत्तर: यास या यसाक शब्द का संबंध नियम, आदेश अथवा प्रशासनिक विनियमों से था। बाद के मंगोलों ने इसे चंगेज खान की विधि-संहिता के रूप में देखा।
यास को चंगेज खान से जोड़ने का अर्थ यह भी था कि मंगोल अपने राजनीतिक और सामाजिक विधान को अपने महान पूर्वज की परंपरा से वैधता प्रदान कर रहे थे। इस प्रकार यास चंगेज खान की स्मृति, मंगोल परंपरा और शासन व्यवस्था के बीच संबंध का प्रतीक बन गया।
प्रश्न 4. यदि इतिहास नगरों में रहने वाले साहित्यकारों के लिखित विवरणों पर निर्भर करता है तो यायावर समाजों के बारे में हमेशा प्रतिकूल विचार ही रखे जाएंगे? क्या आप सहमत हैं? फारसी इतिवृत्तकारों ने मंगोल अभियानों में मारे गए लोगों की संख्या इतनी बढ़ा-चढ़ाकर क्यों बताई?
उत्तर: केवल नगरों में रहने वाले लेखकों के विवरणों पर निर्भर रहने से यायावर समाजों का चित्र एकतरफा हो सकता है। नगरवासी लेखक अक्सर यायावरों को लुटेरे और विनाशकारी समूह के रूप में देखते थे, क्योंकि उनके नगरों पर आक्रमण हुए थे।
फारसी इतिवृत्तकारों द्वारा मंगोल अभियानों में मारे गए लोगों की संख्या अधिक बताने के कई कारण हो सकते हैं:
- वे मंगोलों के प्रति पहले से नकारात्मक दृष्टिकोण रखते थे।
- कई संख्याएँ प्रत्यक्ष गणना के बजाय अनुमान पर आधारित थीं।
- युद्ध और विनाश की विशालता को व्यक्त करने के लिए बड़ी संख्याओं का प्रयोग किया गया।
इसलिए यायावर समाजों का इतिहास समझने के लिए लिखित विवरणों के साथ अन्य ऐतिहासिक और पुरातात्त्विक साक्ष्यों को भी देखना आवश्यक है।
प्रश्न 5. मंगोल और बेदोइन समाज की यायावरी विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए बताइए कि उनके ऐतिहासिक अनुभव एक-दूसरे से कैसे भिन्न थे?
उत्तर: मंगोल और बेदोइन दोनों यायावर समाज थे, लेकिन उनके भौगोलिक क्षेत्र, आर्थिक परिस्थितियाँ और राजनीतिक अनुभव अलग-अलग थे।
मंगोल स्टेपी क्षेत्र में पशुपालन, शिकार और व्यापार पर निर्भर थे। चीन के साथ उनके व्यापारिक संबंध थे। वे घोड़े, फर और शिकार की वस्तुओं का विनिमय करके कृषि उत्पाद तथा लोहे के उपकरण प्राप्त करते थे। कभी-कभी व्यापारिक विवाद सैन्य संघर्ष में बदल जाते थे।
दूसरी ओर, बेदोइन समाज मुख्यतः पश्चिम एशिया के शुष्क क्षेत्रों में पशुपालन और गतिशील जीवन से जुड़ा था। इसलिए दोनों समाजों में यायावरी समान थी, लेकिन उनके पर्यावरण, पड़ोसी स्थायी समाजों और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उनके ऐतिहासिक अनुभव अलग रहे।
प्रश्न 6. तेरहवीं शताब्दी के मध्य में मंगोलिया द्वारा निर्मित “पैक्स मंगोलिका” का वर्णन उसके चरित्र को किस प्रकार उजागर करता है?
उत्तर: पैक्स मंगोलिका का अर्थ मंगोलों द्वारा स्थापित ऐसी शांति और राजनीतिक स्थिरता से है जिसने विशाल मंगोल साम्राज्य में व्यापार और यात्राओं को सुरक्षित बनाया।
फ्रांसिस्कन मठवासी रूबुक के विलियम जब महान खान के दरबार में पहुँचे तो उन्होंने वहाँ विभिन्न देशों और धर्मों के लोगों को देखा। दरबार में फ्रांस और हंगरी से जुड़े लोग, ईसाई, मुस्लिम, बौद्ध और ताओ धर्म के अनुयायी मौजूद थे।
इससे मंगोल दरबार की धार्मिक सहिष्णुता, सांस्कृतिक विविधता और अंतरराष्ट्रीय संपर्क का पता चलता है।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. चंगेज खान कौन था?
उत्तर: चंगेज खान का जन्म लगभग 1162 ई. में आधुनिक मंगोलिया के क्षेत्र में हुआ था। उसका प्रारंभिक नाम तेमुजिन था। उसके पिता येसुजेई कियात कबीले के मुखिया थे।
प्रश्न 2. अपने शत्रुओं को पराजित करने के बाद तेमुजिन को किस प्रकार सम्मानित किया गया?
उत्तर: 1206 ई. तक तेमुजिन ने अपने प्रमुख शत्रुओं को पराजित कर दिया। मंगोल सरदारों की सभा कुरिलताई में उसे चंगेज खान की उपाधि दी गई और उसे महानायक घोषित किया गया।
प्रश्न 3. चंगेज खान के चीन अभियान से पहले चीन किन तीन राज्यों में विभक्त था?
उत्तर:
- सी-सिआ
- चिन राजवंश
- दक्षिणी चीन का शुंग राजवंश
प्रश्न 4. चंगेज खान ने निशापुर को ध्वस्त करने का आदेश क्यों दिया?
उत्तर: निशापुर की घेराबंदी के दौरान एक मंगोल राजकुमार की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद चंगेज खान ने निशापुर को नष्ट करने का आदेश दिया।
प्रश्न 5. चंगेज खान ने निशापुर को ध्वस्त करने के आदेश में क्या कहा था?
उत्तर: स्रोत के अनुसार उसने नगर को इस प्रकार नष्ट करने का आदेश दिया कि वहाँ हल चलाया जा सके और कोई जीवित न बचे।
प्रश्न 6. चंगेज खान सिंधु नदी से मंगोलिया असम मार्ग होकर वापस क्यों नहीं गया?
उत्तर: अत्यधिक गर्मी, प्राकृतिक परिस्थितियों की कठिनाइयों तथा अशुभ संकेतों के कारण उसने अपना विचार बदल दिया।
प्रश्न 7. चंगेज खान की सैनिक सफलताओं में सहायक दो कारक बताइए।
उत्तर:
- मंगोलों की कुशल घुड़सवारी।
- घोड़े पर सवार होकर तीरंदाजी करने की अद्भुत क्षमता।
प्रश्न 8. 1260 के दशक के बाद मंगोल राजनीति में नई प्रवृत्तियों के उदय के क्या कारण थे?
उत्तर: मंगोलों को पश्चिम में हंगरी के स्टेपी क्षेत्र से पीछे हटना पड़ा और मिस्र की सेनाओं के हाथों पराजय मिली। साथ ही मंगोल शासकों का ध्यान चीन की विजय और आंतरिक उत्तराधिकार की राजनीति की ओर बढ़ गया।
प्रश्न 9. मंगोल सेनाओं को मिस्र के हाथों पराजित क्यों होना पड़ा?
उत्तर: मंगोल शासकों का ध्यान चीन की ओर अधिक हो गया था। इसलिए मिस्र के विरुद्ध भेजी गई सेना अपेक्षाकृत छोटी थी। परिणामस्वरूप मंगोल सेना को पराजय का सामना करना पड़ा।
प्रश्न 10. मंगोल सेना ने विशाल और संगठित सेना का रूप कैसे धारण किया?
उत्तर: मंगोल जनजातियों के एकीकरण और विभिन्न अभियानों के दौरान अलग-अलग जातियों के सैनिक मंगोल सेना में शामिल होते गए। इससे सेना बड़ी और विविधतापूर्ण होने के साथ अधिक संगठित भी हुई।
प्रश्न 11. ‘बर्बर’ शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर: ‘बर्बर’ शब्द यूनानी शब्द बारबरोस से निकला है। यूनानी लोग गैर-यूनानी भाषाओं को समझ नहीं पाते थे और उन्हें असंगठित ध्वनि जैसा मानते थे।
प्रश्न 12. मोंके कौन था? उसने फ्रांस के शासक लुई नौवें को क्या चेतावनी दी?
उत्तर: मोंके चंगेज खान का पोता था। उसने फ्रांस के शासक लुई नौवें को मंगोलों के विरुद्ध आक्रमण न करने की चेतावनी दी थी।
प्रश्न 13. बाटू के 1236–1241 ई. के सैनिक अभियानों की दो सफलताएँ बताइए।
उत्तर:
- उसने रूस के स्टेपी क्षेत्रों पर विजय प्राप्त की और मास्को तक पहुँचा।
- उसने पोलैंड और हंगरी पर विजय प्राप्त की और वियना तक पहुँच गया।
प्रश्न 14. मंगोल कौन थे?
उत्तर: मंगोल विविध यायावर लोगों का जनसमुदाय थे। वे पशुपालक और शिकारी-संग्राहक थे। उनका संबंध तातार, खितान, मंचू तथा विभिन्न तुर्की कबीलों से था।
प्रश्न 15. स्टेपी क्षेत्र में कोई नगर क्यों नहीं उभर पाया?
उत्तर: मंगोलों की अर्थव्यवस्था पशुपालन और शिकार-संग्रह पर आधारित थी। यह अर्थव्यवस्था घनी आबादी वाले नगरों को बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं थी। इसलिए स्टेपी क्षेत्र में बड़े नगर विकसित नहीं हुए।
प्रश्न 16. धनी मंगोल परिवारों के अनेक अनुयायी क्यों होते थे?
उत्तर: धनी परिवारों के पास अधिक पशु, विशाल चरागाह और स्थानीय राजनीति में अधिक प्रभाव होता था। इसलिए उनके साथ बड़ी संख्या में अनुयायी जुड़ जाते थे।
प्रश्न 17. मंगोल कबीलों को चरागाहों की खोज में क्यों भटकना पड़ता था?
उत्तर: सर्दियों में खाद्य भंडार समाप्त हो जाते थे और वर्षा न होने पर घास के मैदान सूख जाते थे। इसलिए मंगोल कबीलों को नए चरागाहों की तलाश करनी पड़ती थी।
प्रश्न 18. चंगेज खान की राजनीतिक व्यवस्था की स्थायित्व का उदाहरण दीजिए।
उत्तर: चंगेज खान की मृत्यु के बाद भी उसकी राजनीतिक व्यवस्था बनी रही। उसके द्वारा स्थापित संगठन ने चीन, ईरान और पूर्वी यूरोप की शक्तियों के विरुद्ध मंगोल साम्राज्य को लंबे समय तक बनाए रखने में सहायता की।
प्रश्न 19. मंगोलों के लिए व्यापार क्यों महत्वपूर्ण था?
उत्तर: स्टेपी क्षेत्र में संसाधनों की सीमित उपलब्धता के कारण मंगोलों को कृषि उत्पाद, धातु और अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए व्यापार पर निर्भर रहना पड़ता था।
प्रश्न 20. व्यापारिक गतिविधियों में मंगोलों को तनाव का सामना क्यों करना पड़ता था?
उत्तर: व्यापार में दोनों पक्ष अधिक लाभ प्राप्त करना चाहते थे। कभी-कभी यह प्रतिस्पर्धा सैनिक कार्रवाई और लूटपाट में बदल जाती थी।
प्रश्न 21. चीन के साथ मंगोलों के व्यापार की मुख्य वस्तुएँ क्या थीं?
उत्तर: मंगोल चीन से कृषि उत्पाद और लोहे के उपकरण प्राप्त करते थे। बदले में वे घोड़े, फर और शिकार से प्राप्त वस्तुएँ देते थे।
प्रश्न 22. चीन की महान दीवार क्यों बनवाई गई?
उत्तर: यायावर कबीलों के बार-बार होने वाले आक्रमणों और लूट से चीन की रक्षा करने के लिए विभिन्न रक्षात्मक दीवारों को मिलाकर विशाल सुरक्षा व्यवस्था विकसित की गई, जिसे चीन की महान दीवार के नाम से जाना गया।
प्रश्न 23. 13वीं शताब्दी में चीन, ईरान और पूर्वी यूरोप के नगरवासी स्टेपी के गिरोहों से भय और घृणा क्यों करते थे?
उत्तर: मंगोल सेनाओं ने कई नगरों पर आक्रमण किए, उन्हें लूटा और नष्ट किया। बड़ी संख्या में लोग मारे गए और कई लोगों को दास बनाया गया। इसलिए नगरवासी मंगोलों को भय और घृणा की दृष्टि से देखते थे।
प्रश्न 24. यास के बारे में परवर्ती मंगोलों का चिंतन क्या दर्शाता है?
उत्तर: परवर्ती मंगोलों ने यास को चंगेज खान की विधि-संहिता के रूप में देखा। इससे वे अपनी राजनीतिक व्यवस्था को चंगेज खान की परंपरा से जोड़ते थे।
प्रश्न 25. आज मंगोलिया में चंगेज खान का क्या स्थान है?
उत्तर: स्रोत के अनुसार चंगेज खान को मंगोलिया में महान राष्ट्रीय नायक के रूप में सम्मान दिया जाता है और उसकी सार्वजनिक रूप से प्रतिष्ठा है।
प्रश्न 26. चंगेज खान के वंशजों के अलग-अलग समूहों में बँटने का क्या परिणाम निकला?
उत्तर: अलग-अलग समूहों में बँटने से पुराने पारिवारिक संबंधों और परंपराओं में परिवर्तन आया तथा अलग-अलग राजवंशों और क्षेत्रीय राज्यों का विकास हुआ।
प्रश्न 27. विजित राज्यों के नागरिक प्रशासकों ने मंगोल नीति को प्रभावित करने के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
- चीनी मंत्री ये-लू-चुत्साई ने ओगोदेई की लूट की नीति को बदलने में भूमिका निभाई।
- वजीर रशीदुद्दीन ने गजन खान के लिए ऐसा भाषण तैयार किया जिसमें किसानों की रक्षा करने की बात कही गई।
प्रश्न 28. विजित राज्यों के नागरिक प्रशासकों की भर्ती का क्या महत्व था?
उत्तर: इससे दूरस्थ क्षेत्रों को संगठित करने, कर वसूलने और प्रशासन चलाने में सहायता मिली। इससे स्थानीय जनता पर अनियंत्रित लूटमार भी कम हुई।
प्रश्न 29. कुबकुर (Qubcur) नामक कर क्या था?
उत्तर: मंगोल संचार व्यवस्था के लिए यायावरों से उनके घोड़ों अथवा अन्य पशुओं का दसवाँ भाग लिया जाता था। इसे कुबकुर कर कहा गया था।
प्रश्न 30. विजित लोगों को अपने नए यायावर शासकों से लगाव क्यों नहीं था?
उत्तर:
- कई नगर नष्ट कर दिए गए थे।
- कृषि भूमि को नुकसान पहुँचा था।
- व्यापार व्यवस्था प्रभावित हुई थी।
- दस्तकारी और स्थानीय उत्पादन अस्त-व्यस्त हो गया था।
प्रश्न 31. यायावरों द्वारा नव-विजित प्रदेशों में भारी पारिस्थितिक विनाश क्यों हुआ?
उत्तर: युद्ध और अस्थिरता के कारण भूमिगत नहरों की नियमित मरम्मत नहीं हो पाई। सिंचाई व्यवस्था कमजोर होने से ईरान के शुष्क क्षेत्रों में मरुस्थलीकरण बढ़ा और पर्यावरण को नुकसान पहुँचा।
प्रश्न 32. मंगोलों के सैनिक अभियानों में विराम आने का व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: सैनिक अभियानों में विराम आने के बाद यूरोप और चीन के बीच संपर्क बढ़ा। मंगोल नियंत्रण के कारण रेशम मार्ग का व्यापार अधिक सुरक्षित हुआ और व्यापारिक संबंधों में वृद्धि हुई।
प्रश्न 33. मंगोलों ने सुरक्षित यात्रा के लिए क्या व्यवस्था की?
उत्तर: यात्रियों और व्यापारियों को सुरक्षित यात्रा के लिए पास दिए जाते थे। इसके बदले कर लिया जाता था। इस व्यवस्था से यात्रियों की आवाजाही और व्यापार को सुरक्षा मिली तथा मंगोल सत्ता मजबूत हुई।
प्रश्न 34. चंगेज खान की मृत्यु के बाद मंगोल साम्राज्य को किन दो चरणों में देखा जाता है?
उत्तर:
- पहला चरण: 1236–1242 ई., जिसमें रूस के स्टेपी क्षेत्र, बुल्गार, कीव, पोलैंड और हंगरी में मंगोलों की सफलताएँ हुईं।
- दूसरा चरण: 1255–1300 ई., जिसमें चीन, ईरान, इराक और सीरिया की ओर मंगोल विस्तार हुआ।
प्रश्न 35. चार उलुस का गठन कैसे हुआ?
उत्तर: चंगेज खान ने अपने चार पुत्रों को साम्राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों के शासन की जिम्मेदारी दी। इन क्षेत्रीय इकाइयों को उलुस कहा गया।
लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. चंगेज खान की सेना विविध जातियों का मिश्रण थी। उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: मंगोल और अन्य यायावर समाजों में स्वस्थ वयस्क पुरुषों के लिए आवश्यकता पड़ने पर हथियार उठाना सामान्य था। विभिन्न मंगोल जनजातियों के एकीकरण तथा विजय अभियानों के दौरान अनेक नए सैनिक सेना में शामिल हुए।
उइगूर और केराइट जैसे विभिन्न समुदायों के लोग भी मंगोल सेना का हिस्सा बने। इस प्रकार चंगेज खान की सेना केवल मंगोलों की सेना नहीं रही, बल्कि अनेक जातीय समूहों से बनी विशाल सैन्य शक्ति बन गई।
प्रश्न 2. चंगेज खान द्वारा अपनाई गई संचार प्रणाली की मुख्य विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: चंगेज खान ने दूर-दराज के क्षेत्रों से संपर्क बनाए रखने के लिए तेज संचार व्यवस्था विकसित की। निश्चित दूरी पर सैनिक चौकियाँ बनाई गईं। वहाँ घोड़े और घुड़सवार संदेशवाहक तैनात रहते थे।
संदेशवाहक एक चौकी से दूसरी चौकी तक घोड़े बदलकर तेजी से संदेश पहुँचाते थे। इस व्यवस्था से महान खान को साम्राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों की जानकारी मिलती रहती थी। इसके लिए यायावर समुदायों से पशुओं का एक भाग कर के रूप में लिया जाता था।
प्रश्न 3. मंगोल वंश का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर: मंगोल साम्राज्य का संस्थापक चंगेज खान था। उसकी पटरानी बोरटे से चार प्रमुख पुत्र हुए—जोची, चघताई, ओगोदेई और तोलोए। इन्हीं की शाखाओं से आगे विभिन्न मंगोल राजवंश विकसित हुए।
जोची की शाखा ने पश्चिमी क्षेत्रों में शक्ति स्थापित की। ओगोदेई की शाखा महान खान की सत्ता से जुड़ी रही। तोलोए की शाखा से आगे चलकर कुबलई खान और अन्य शक्तिशाली शासक सामने आए।
प्रश्न 4. मंगोलों के सैन्य अभियानों में विराम आने का राज्य पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: सैन्य अभियानों में विराम के कारण साम्राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के बीच व्यापार और संपर्क बढ़ा। चीन और यूरोप के बीच रेशम मार्ग का व्यापार अधिक सक्रिय हुआ। यात्रियों और व्यापारियों के लिए सुरक्षित यात्रा की व्यवस्था विकसित हुई।
इससे मंगोल साम्राज्य में वस्तुओं, विचारों और लोगों का आवागमन बढ़ा और मंगोल शासन की आर्थिक उपयोगिता भी मजबूत हुई।
प्रश्न 5. तेरहवीं शताब्दी में यायावरों तथा स्थायी समुदायों के बीच विरोध कम होने से कृषि को किस प्रकार बढ़ावा मिला?
उत्तर: जब मंगोल शासकों ने केवल लूट और युद्ध के बजाय कृषि और नगरों की सुरक्षा पर ध्यान देना शुरू किया तो किसानों को अधिक स्थिर वातावरण मिला।
चीन में कुछ मंगोल शासकों ने किसानों और नगरों की रक्षा की नीति अपनाई। गजन खान ने भी अपने अधिकारियों को किसानों को न लूटने का आदेश दिया। इससे कृषि उत्पादन और राज्य की आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिला।
प्रश्न 6. मंगोल प्रशासन में विजित राज्यों के नागरिक प्रशासकों की भूमिका की विवेचना कीजिए।
उत्तर: मंगोलों ने विजित क्षेत्रों से स्थानीय नागरिक प्रशासकों को अपने शासन में शामिल किया। वे कर वसूलने, प्रशासन चलाने और दूरस्थ क्षेत्रों को व्यवस्थित करने में सहायक बने।
कुछ प्रशासक मंगोल शासकों की नीतियों को प्रभावित करने में भी सफल हुए। चीनी मंत्री ये-लू-चुत्साई ने ओगोदेई की लूट की नीति में परिवर्तन लाने में भूमिका निभाई। रशीदुद्दीन ने गजन खान को किसानों की रक्षा की आवश्यकता समझाने में सहायता की।
प्रश्न 7. तेरहवीं शताब्दी में चंगेज खान के वंशजों का अलग-अलग वंश समूहों में विभाजन किस प्रकार हुआ?
उत्तर: तेरहवीं शताब्दी के मध्य तक सामूहिक पारिवारिक व्यवस्था के स्थान पर व्यक्तिगत राजवंश स्थापित करने की प्रवृत्ति बढ़ने लगी। प्रत्येक राजवंश अपने क्षेत्रीय उलुस पर अधिकार चाहता था।
चरागाहों और राजनीतिक सत्ता को लेकर चंगेज खान के वंशजों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ी। तोलोए के वंशजों ने चीन और ईरान में युआन तथा इलखानी राजवंश स्थापित किए, जबकि जोची की शाखा ने रूस के स्टेपी क्षेत्रों में सुनहरे गिरोह का निर्माण किया।
प्रश्न 8. मंगोल परिसंघ किस प्रकृति के होते थे? अंटीला और चंगेज खान के परिसंघों में समानता और असमानता बताइए।
| आधार | अंटीला का परिसंघ | चंगेज खान का परिसंघ |
|---|---|---|
| आकार | बड़ा यायावर परिसंघ | मंगोल और तुर्की कबीलों का विशाल परिसंघ |
| संगठन | यायावर समूहों पर आधारित | अधिक संगठित सामाजिक और सैनिक व्यवस्था |
| स्थायित्व | तुलनात्मक रूप से अल्पकालिक | अधिक स्थायी |
प्रश्न 9. चंगेज खान के अधीन मंगोलों की सैनिक सफलताओं में किन कारकों ने सहायता पहुँचाई?
उत्तर:
- कुशल घुड़सवारी।
- घोड़े पर सवार होकर तीरंदाजी।
- भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम का अच्छा ज्ञान।
- बर्फ से जमी नदियों का मार्ग के रूप में उपयोग।
- घेराबंदी की तकनीक का प्रयोग।
- हल्के चल-उपकरण और सैन्य तकनीक।
प्रश्न 10. मंगोल क्षेत्र का भौगोलिक परिदृश्य कैसा था?
उत्तर: मंगोल क्षेत्र मध्य एशिया के स्टेपी क्षेत्र में स्थित था। पश्चिम में अल्ताई पर्वत, दक्षिण में गोबी मरुस्थल तथा उत्तर-पश्चिम में ओनोन और सेलेंगा जैसी नदियाँ थीं। यहाँ घास के विस्तृत मैदान पशुपालन के लिए उपयुक्त थे।
सर्दियाँ कठोर और लंबी होती थीं तथा गर्मियाँ छोटी और शुष्क। कृषि केवल कुछ सीमित क्षेत्रों और मौसमों में ही संभव थी।
प्रश्न 11. मंगोल कबीलों की मुख्य विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
- वे नृजातीय और भाषायी संबंधों से जुड़े थे।
- समाज पितृपक्षीय वंशों में विभाजित था।
- धनी परिवारों के पास अधिक पशु और चरागाह होते थे।
- प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण उन्हें चरागाह बदलने पड़ते थे।
- कबीलों के बीच संघर्ष होते थे।
- सुरक्षा और युद्ध के लिए परिवार शक्तिशाली समूहों से गठबंधन करते थे।
प्रश्न 12. मंगोल कौन-कौन थे? उनके जन-जीवन का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर: मंगोल विविध यायावर समुदायों का समूह थे। कुछ पशुपालक थे और कुछ शिकारी-संग्राहक। पशुपालक लोग भेड़, बकरी और अन्य पशु पालते थे। शिकारी-संग्राहक लोग वन क्षेत्रों में रहते और शिकार तथा प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहते थे।
मंगोल तंबुओं में रहते थे और मौसम के अनुसार अपने पशुधन के साथ शीतकालीन निवास से ग्रीष्मकालीन चरागाहों की ओर जाते थे।
प्रश्न 13. मंगोल साम्राज्य को चंगेज खान की क्या देन थी?
उत्तर: चंगेज खान ने बिखरे हुए मंगोल कबीलों को संगठित किया और उन्हें एक शक्तिशाली राजनीतिक तथा सैन्य शक्ति में बदल दिया। उसने विशाल साम्राज्य स्थापित किया और व्यापारिक मार्गों तथा बाजारों को अधिक व्यापक संपर्क से जोड़ा।
प्रश्न 14. विजित लोग अपने मंगोल शासकों को पसंद क्यों नहीं करते थे? इसका क्या परिणाम निकला?
उत्तर: अनेक नगर नष्ट हुए, कृषि भूमि को नुकसान पहुँचा, व्यापार और दस्तकारी प्रभावित हुई तथा बड़ी संख्या में लोग मारे गए या दास बनाए गए। इससे विजित लोगों में मंगोल शासन के प्रति असंतोष पैदा हुआ।
कुछ क्षेत्रों में प्रशासनिक अस्थिरता के कारण सिंचाई व्यवस्था की मरम्मत प्रभावित हुई और पर्यावरणीय समस्याएँ बढ़ीं।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. चार ‘उलुस’ का गठन किस प्रकार हुआ? इन ‘उलुस’ का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर: चंगेज खान ने अपने चार पुत्रों को साम्राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के शासन की जिम्मेदारी दी। इन क्षेत्रीय इकाइयों को उलुस कहा गया।
| पुत्र | उलुस/क्षेत्र | मुख्य जानकारी |
|---|---|---|
| जोची | रूसी स्टेपी क्षेत्र | इसकी शक्ति पश्चिम की ओर विस्तृत हुई। |
| चघताई | तरान और पामीर का उत्तरी क्षेत्र | उसका क्षेत्र मध्य एशिया की ओर था। |
| ओगोदेई | महान खान का क्षेत्र | उसने कराकोरम को राजधानी बनाया। |
| तोलोए | मंगोलिया | उसे पैतृक भूमि प्राप्त हुई। |
चंगेज खान चाहता था कि उसके पुत्र मिलकर साम्राज्य का शासन संभालें। इसके लिए अलग-अलग सैन्य टुकड़ियाँ भी निर्धारित की गई थीं। महत्वपूर्ण निर्णय सरदारों की परिषद में सामूहिक रूप से लिए जाते थे।
प्रश्न 2. तेरहवीं शताब्दी में मंगोल साम्राज्य की क्या स्थिति थी? इसमें यास की क्या भूमिका थी?
उत्तर: तेरहवीं शताब्दी के मध्य तक मंगोलों ने एक विशाल साम्राज्य का निर्माण कर लिया था। वे संख्या में अल्पसंख्यक होते हुए भी चीन, ईरान और पूर्वी यूरोप के जटिल शहरी और कृषि समाजों पर शासन कर रहे थे।
इस स्थिति में अपनी पहचान और राजनीतिक परंपराओं को बनाए रखना मंगोलों के लिए महत्वपूर्ण था। यास को चंगेज खान की परंपरा और मंगोलों के विधान से जोड़ा गया।
यास का संबंध नियमों और प्रशासनिक विनियमों से था। बाद के मंगोलों ने इसे चंगेज खान की विधि-संहिता के रूप में देखा। इससे उनके शासन को परंपरागत वैधता प्राप्त हुई और मंगोल पहचान को बनाए रखने में सहायता मिली।
प्रश्न 3. चंगेज खान के बाद मंगोलों की राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी दीजिए।
उत्तर: 1227 ई. में चंगेज खान की मृत्यु के बाद मंगोल साम्राज्य का विस्तार उसके उत्तराधिकारियों के माध्यम से जारी रहा। स्रोत के अनुसार इसे दो प्रमुख चरणों में देखा गया है।
पहला चरण – 1236–1242 ई.
इस काल में मंगोलों ने रूस के स्टेपी क्षेत्रों, बुल्गार, कीव, पोलैंड और हंगरी में सफलता प्राप्त की। उनका पश्चिमी विस्तार बहुत व्यापक था।
दूसरा चरण – 1255–1300 ई.
इस काल में मंगोलों का ध्यान चीन, ईरान, इराक और सीरिया की ओर रहा।
1260 के दशक के बाद पश्चिम की ओर विस्तार में कठिनाइयाँ आईं। मंगोलों को हंगरी के स्टेपी क्षेत्र से पीछे हटना पड़ा और मिस्र की सेनाओं से पराजय हुई। साथ ही उत्तराधिकार को लेकर मंगोल परिवार में आंतरिक संघर्ष बढ़ने लगे।
तोलोए की शाखा का ध्यान चीन की विजय की ओर बढ़ गया। अंततः पश्चिमी विस्तार की गति कम हुई, जबकि चीन में मंगोलों का अभियान जारी रहा और चीन का एकीकरण किया गया।
प्रश्न 4. मंगोलों की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर: मंगोल प्रशासन की महत्वपूर्ण विशेषता यह थी कि उन्होंने अपनी यायावर सैन्य शक्ति के साथ विजित क्षेत्रों की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को भी अपनाया।
- साम्राज्य को अलग-अलग उलुस में विभाजित किया गया।
- स्थानीय नागरिक प्रशासकों को शासन में शामिल किया गया।
- कर-संग्रह की व्यवस्था विकसित की गई।
- संचार के लिए हरकारा और चौकी व्यवस्था स्थापित की गई।
- व्यापारियों और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा के लिए पास दिए गए।
- यास को मंगोल शासन की परंपरा और नियमों से जोड़ा गया।
इन व्यवस्थाओं से विशाल साम्राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को नियंत्रित करना आसान हुआ।
प्रश्न 5. मंगोलों के सैन्य अभियानों और उनकी सफलता के प्रमुख कारणों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: मंगोलों की सैन्य सफलता के पीछे उनकी जीवन-शैली और युद्ध तकनीक दोनों की भूमिका थी।
- मंगोल सैनिक बचपन से ही घुड़सवारी में कुशल होते थे।
- वे घोड़े पर सवार होकर तीर चलाने में अत्यंत दक्ष थे।
- उन्हें स्टेपी क्षेत्र के भूगोल और मौसम की अच्छी जानकारी थी।
- बर्फ से जमी नदियों का उपयोग सैनिक मार्ग के रूप में किया जाता था।
- चंगेज खान ने विभिन्न जनजातियों को एक संगठित सेना में बदला।
- घेराबंदी के लिए विशेष तकनीक और उपकरण विकसित किए गए।
- विजित क्षेत्रों के सैनिकों को भी मंगोल सेना में शामिल किया गया।
इन कारणों से मंगोल सेना तेज गति से लंबी दूरी तय करने और अचानक आक्रमण करने में सक्षम थी।
प्रश्न 6. चंगेज खान कौन था? वह मंगोलों का महानायक कैसे बना?
उत्तर: चंगेज खान का जन्म लगभग 1162 ई. में आधुनिक मंगोलिया के क्षेत्र में ओनोन नदी के निकट हुआ था। उसका प्रारंभिक नाम तेमुजिन था। उसके पिता येसूजेई कियात कबीले के मुखिया थे। पिता की मृत्यु के बाद उसकी माता ने कठिन परिस्थितियों में उसका पालन-पोषण किया।
तेमुजिन ने कठिन परिस्थितियों में मित्र और सहयोगी बनाए। बोघरचू उसका विश्वसनीय मित्र बना। जमूका भी प्रारंभ में उसका सहयोगी था, लेकिन बाद में दोनों प्रतिद्वंद्वी बन गए। तेमुजिन ने विभिन्न शक्तिशाली कबीलों और विरोधियों को पराजित करते हुए अपनी शक्ति बढ़ाई।
1206 ई. में उसने अपने प्रमुख शत्रुओं को निर्णायक रूप से पराजित कर दिया। इसके बाद मंगोल सरदारों की कुरिलताई सभा में उसे चंगेज खान की उपाधि दी गई और वह मंगोलों का महानायक घोषित हुआ।
प्रश्न 7. कुरिलताई से मान्यता मिलने के बाद चंगेज खान की सैनिक सफलताओं की चर्चा कीजिए।
उत्तर: 1206 ई. में कुरिलताई से मान्यता मिलने के बाद चंगेज खान ने मंगोल सेना को अधिक संगठित किया और विस्तारवादी अभियान जारी रखे।
चीन की ओर अभियान
- 1209 ई. में सी-सिआ के लोगों को पराजित किया गया।
- 1213 ई. में चीन की महान दीवार को पार किया गया।
- 1215 ई. में पेकिंग पर मंगोलों का अधिकार हुआ।
- चिन वंश के विरुद्ध संघर्ष लंबे समय तक चलता रहा।
मध्य एशिया की ओर अभियान
1218 ई. में करा-खिता को पराजित किया गया। इसके बाद मंगोल साम्राज्य का विस्तार अमूदरिया, तुरान और ख्वारजम की ओर हुआ। ख्वारजम के सुल्तान द्वारा मंगोल दूतों की हत्या के बाद चंगेज खान ने उसके विरुद्ध अभियान चलाया।
1219–1221 ई. के अभियान
ओट्रार, बुखारा, समरकंद, बल्ख, गुरगंज, निशापुर और हेरात जैसे नगर मंगोल सेनाओं के अभियान से प्रभावित हुए। जिन नगरों ने कड़ा प्रतिरोध किया, उन्हें नष्ट कर दिया गया।
मंगोल सेनाएँ आगे बढ़ते हुए अजरबैजान, क्रीमिया, अफगानिस्तान और सिंध तक पहुँचीं। सिंधु नदी के तट तक पहुँचने के बाद चंगेज खान ने उत्तरी भारत और असम के रास्ते लौटने पर विचार किया, लेकिन परिस्थितियों के कारण उसने अपना विचार बदल दिया।
1227 ई. में चंगेज खान की मृत्यु हुई। उसकी सैन्य सफलताओं ने मध्य एशिया, चीन, ईरान और पूर्वी यूरोप के बड़े क्षेत्रों की राजनीतिक व्यवस्था को बदल दिया।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 1. चंगेज खान का जन्म कब हुआ था?
(क) 1062 में
(ख) 1162 में
(ग) 1150 में
(घ) 1170 में
सही उत्तर: (ख) 1162 में
व्याख्या: स्रोत में चंगेज खान का जन्म लगभग 1162 ई. बताया गया है।
प्रश्न 2. चंगेज खान की मृत्यु कब हुई?
(क) 1227 में
(ख) 1230 में
(ग) 1240 में
(घ) 1260 में
सही उत्तर: (क) 1227 में
व्याख्या: चंगेज खान की मृत्यु 1227 ई. में हुई।
प्रश्न 3. तेमुजिन किस मंगोल खान का मूल नाम था?
(क) चंगेज खान
(ख) बाटू खान
(ग) कुबलई खान
(घ) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (क) चंगेज खान
व्याख्या: चंगेज खान का प्रारंभिक नाम तेमुजिन था।
प्रश्न 4. किस मंगोल सेना नायक ने धर्म परिवर्तन कर इस्लाम ग्रहण किया?
(क) चंगेज खान
(ख) चगताई खान
(ग) कुबलई खान
(घ) गजन खान
सही उत्तर: (घ) गजन खान
व्याख्या: स्रोत में गजन खान को सही विकल्प दिया गया है।
प्रश्न 5. अफीम युद्ध किन दो देशों के बीच हुआ?
(क) चीन एवं फ्रांस
(ख) जापान एवं रूस
(ग) चीन एवं जापान
(घ) चीन एवं ब्रिटेन
सही उत्तर: (घ) चीन एवं ब्रिटेन
व्याख्या: स्रोत के अनुसार चीन और ब्रिटेन सही उत्तर है।
प्रश्न 6. चीन में साम्यवादी पार्टी की स्थापना कब हुई?
(क) 1911
(ख) 1921
(ग) 1945
(घ) 1947
सही उत्तर: (ख) 1921
व्याख्या: स्रोत में 1921 को सही विकल्प दिया गया है।
प्रश्न 7. साम्यवादियों से पराजित होकर च्यांग काई शेक कहाँ गया?
(क) ताईवान
(ख) शैन्सी
(ग) कैन्टन
(घ) फुन्ना
सही उत्तर: (क) ताईवान
व्याख्या: स्रोत के अनुसार ताईवान सही उत्तर है।
प्रश्न 8. आधुनिक चीन के संस्थापक माने जाते हैं—
(क) माओ-त्से-तुंग
(ख) डॉ. सन यात सेन
(ग) च्यांग काई शेक
(घ) चाऊ एनलाई
सही उत्तर: (ख) डॉ. सन यात सेन
व्याख्या: स्रोत में डॉ. सन यात सेन को सही विकल्प दिया गया है।
प्रश्न 9. यायावर का अर्थ है—
(क) घुमक्कड़
(ख) आवारा
(ग) जनजाति
(घ) प्रजाति
सही उत्तर: (क) घुमक्कड़
व्याख्या: यायावर ऐसे व्यक्ति या समुदाय को कहा जाता है जो एक स्थान पर स्थायी रूप से न रहकर स्थान बदलता रहता है।
प्रश्न 10. चंगेज खान का प्रारंभिक नाम था—
(क) तेमुजिन
(ख) सीसुजिन
(ग) च्यांग
(घ) सन यात सेन
सही उत्तर: (क) तेमुजिन
व्याख्या: तेमुजिन ही बाद में चंगेज खान के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
प्रश्न 11. रूस में मंगोलों का राज्य कितने वर्षों तक रहा?
(क) 300
(ख) 400
(ग) 200
(घ) 600
सही उत्तर: (क) 300
व्याख्या: source में 300 वर्ष को सही उत्तर दिया गया है।
प्रश्न 12. ओगोदेई किसका पुत्र था?
(क) चंगेज खान
(ख) अरब खान
(ग) च्यांग सेन
(घ) गुयूक
सही उत्तर: (क) चंगेज खान
व्याख्या: ओगोदेई चंगेज खान के चार प्रमुख पुत्रों में से एक था।
प्रश्न 13. मंगोलिया गणराज्य कब बना?
(क) 1921 में
(ख) 1920 में
(ग) 1930 में
(घ) 1940 में
सही उत्तर: (क) 1921 में
व्याख्या: स्रोत में 1921 को सही विकल्प दिया गया है।
प्रश्न 14. चीन में युआन राजवंश का अंत कब हुआ?
(क) 1368 में
(ख) 1360 में
(ग) 1367 में
(घ) 1371 में
सही उत्तर: (क) 1368 में
व्याख्या: स्रोत में 1368 को सही उत्तर दिया गया है।
प्रश्न 15. चंगेज खान का वंशज था—
(क) तैमूर
(ख) अकबर
(ग) जहाँगीर
(घ) गजनवी
सही उत्तर: (क) तैमूर
व्याख्या: स्रोत में तैमूर को सही विकल्प दिया गया है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| विषय | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|
| चंगेज खान का प्रारंभिक नाम | तेमुजिन |
| चंगेज खान का जन्म | लगभग 1162 ई. |
| महानायक की उपाधि | 1206 ई. में कुरिलताई |
| चंगेज खान की मृत्यु | 1227 ई. |
| मंगोलों की प्रमुख जीवन शैली | यायावरी पशुपालन और शिकार-संग्रह |
| मुख्य आर्थिक आवश्यकता | व्यापार और वस्तु-विनिमय |
| मंगोल साम्राज्य की क्षेत्रीय इकाई | उलुस |
| मंगोल नियम/परंपरा | यास |
| महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग | रेशम मार्ग |
| मंगोल शांति | पैक्स मंगोलिका |
अध्याय का सारांश
यायावर समाजों का जीवन स्थायी कृषि समाजों से अलग था। मंगोल स्टेपी क्षेत्र में पशुपालन और शिकार पर निर्भर थे। संसाधनों की सीमित उपलब्धता के कारण व्यापार उनके जीवन का महत्वपूर्ण आधार बन गया।
तेमुजिन ने विभिन्न मंगोल कबीलों को एकजुट करके 1206 ई. में चंगेज खान की उपाधि प्राप्त की। उसने मंगोलों की सेना को संगठित किया और चीन, मध्य एशिया तथा पश्चिमी क्षेत्रों में विशाल सैन्य अभियान चलाए।
चंगेज खान की मृत्यु के बाद उसके उत्तराधिकारियों ने साम्राज्य का विस्तार जारी रखा। साम्राज्य को अलग-अलग उलुस में संगठित किया गया। यास, संचार व्यवस्था, कर-संग्रह और स्थानीय प्रशासकों के प्रयोग ने शासन को संगठित करने में सहायता की।
मंगोल शासन के दौरान सुरक्षित व्यापार और यात्रा के कारण यूरोप तथा एशिया के बीच संपर्क बढ़ा। इसी संदर्भ में पैक्स मंगोलिका का उल्लेख किया जाता है। हालांकि युद्धों और विजय अभियानों से अनेक नगरों और कृषि क्षेत्रों को भारी नुकसान भी हुआ।
अध्याय की त्वरित पुनरावृत्ति
- मंगोल मध्य एशिया के स्टेपी क्षेत्र से संबंधित यायावर समुदाय थे।
- उनकी अर्थव्यवस्था में पशुपालन और शिकार की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
- संसाधनों की कमी के कारण व्यापार आवश्यक था।
- तेमुजिन को 1206 ई. में चंगेज खान की उपाधि मिली।
- चंगेज खान ने मंगोल कबीलों को संगठित किया।
- मंगोल सेना घुड़सवारी और तीरंदाजी में अत्यंत कुशल थी।
- यास मंगोल शासन और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण शब्द था।
- उलुस साम्राज्य की क्षेत्रीय इकाइयाँ थीं।
- पैक्स मंगोलिका ने व्यापार और यात्रा को बढ़ावा दिया।
- मंगोल साम्राज्य के विस्तार से एशिया और यूरोप के बीच संपर्क बढ़ा।
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