Bihar Board Class 11 Physics Solutions Chapter 15 तरंगें में तरंग गति, प्रगामी तरंग, अप्रगामी तरंग, तरंगदैर्ध्य, आवृत्ति, आयाम, ध्वनि तरंग, पराश्रव्य तरंग, अनुनाद, विस्पंद तथा डॉप्लर प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण topics को आसान भाषा में समझाया गया है। इस अध्याय में Bihar Board Class 11 Physics के महत्वपूर्ण प्रश्नों और numericals को step-by-step तरीके से हल किया गया है।
तरंग एक ऐसा विक्षोभ है जो ऊर्जा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थानांतरित करता है, जबकि माध्यम के कण सामान्यतः अपने माध्य स्थान के आसपास दोलन करते हैं। तरंगों का अध्ययन ध्वनि, संगीत, संचार, भूकंप, चिकित्सा और अनेक वैज्ञानिक अनुप्रयोगों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
पिछला अध्याय: Chapter 14 – दोलन
तरंग क्या है?
माध्यम में उत्पन्न ऐसा विक्षोभ जो ऊर्जा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाता है, तरंग कहलाता है। तरंग के संचरण में माध्यम के कण अपने-अपने स्थान के आसपास दोलन करते हैं।
उदाहरण के लिए जल की सतह पर उत्पन्न तरंग, तनी हुई डोरी में उत्पन्न तरंग और वायु में ध्वनि तरंग महत्वपूर्ण उदाहरण हैं।
तरंगों के प्रमुख प्रकार
1. अनुप्रस्थ तरंग
जिस तरंग में माध्यम के कणों का दोलन तरंग के संचरण की दिशा के लंबवत होता है, उसे अनुप्रस्थ तरंग कहते हैं।
तनी हुई डोरी में उत्पन्न तरंग इसका प्रमुख उदाहरण है।
2. अनुदैर्ध्य तरंग
जिस तरंग में माध्यम के कणों का दोलन तरंग के संचरण की दिशा के समानांतर होता है, उसे अनुदैर्ध्य तरंग कहते हैं।
वायु में ध्वनि तरंग इसका प्रमुख उदाहरण है।
यांत्रिक और विद्युतचुंबकीय तरंग
यांत्रिक तरंग के संचरण के लिए माध्यम आवश्यक होता है। ध्वनि तरंग इसका उदाहरण है।
विद्युतचुंबकीय तरंग को संचरण के लिए किसी भौतिक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती। प्रकाश इसका उदाहरण है।
तरंगों से संबंधित महत्वपूर्ण राशियाँ
आयाम (Amplitude)
माध्य स्थिति से माध्यम के कण का अधिकतम विस्थापन आयाम कहलाता है। इसे A से प्रदर्शित करते हैं।
तरंगदैर्ध्य (Wavelength)
दो क्रमागत समान कला वाले कणों के बीच की न्यूनतम दूरी को तरंगदैर्ध्य कहते हैं। इसे λ से प्रदर्शित किया जाता है।
आवृत्ति (Frequency)
किसी बिंदु द्वारा एक सेकंड में किए गए पूर्ण दोलनों की संख्या को आवृत्ति कहते हैं। इसे f या ν से प्रदर्शित करते हैं।
आवर्तकाल (Time Period)
एक पूर्ण दोलन पूरा करने में लगने वाले समय को आवर्तकाल कहते हैं।
T = 1/f
तरंग की चाल
तरंग की चाल, आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य में संबंध:
v = fλ
यह Chapter 15 का सबसे महत्वपूर्ण सूत्र है।
प्रगामी तरंग (Progressive Wave)
जो तरंग माध्यम में एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर आगे बढ़ती है, उसे प्रगामी तरंग कहते हैं।
धनात्मक x-दिशा में चलने वाली sinusoidal तरंग का सामान्य समीकरण:
y = A sin(ωt − kx + φ)
जहाँ:
- A = आयाम
- ω = कोणीय आवृत्ति
- k = तरंग संख्या
- φ = प्रारंभिक कला
तरंग संख्या:
k = 2π/λ
और:
ω = 2πf
अप्रगामी या स्थिर तरंग (Standing Wave)
जब समान आयाम, समान आवृत्ति और समान तरंगदैर्ध्य वाली दो तरंगें विपरीत दिशाओं में चलकर अध्यारोपित होती हैं, तो अप्रगामी तरंग उत्पन्न हो सकती है।
इसमें कुछ स्थानों पर विस्थापन हमेशा शून्य रहता है और कुछ स्थानों पर अधिकतम होता है।
निस्पंद (Node)
अप्रगामी तरंग में वह स्थान जहाँ कण का आयाम हमेशा शून्य रहता है, निस्पंद कहलाता है।
प्रस्पंद (Antinode)
वह स्थान जहाँ अप्रगामी तरंग का आयाम अधिकतम होता है, प्रस्पंद कहलाता है।
अप्रगामी तरंग का समीकरण
दो विपरीत दिशाओं में चलने वाली तरंगों के अध्यारोपण से सामान्य रूप में:
y = 2A sin(kx) cos(ωt)
प्राप्त किया जा सकता है।
इससे स्पष्ट है कि अलग-अलग स्थानों पर आयाम अलग-अलग हो सकता है, जबकि सभी बिंदुओं की आवृत्ति समान रहती है।
ध्वनि तरंग
ध्वनि एक यांत्रिक अनुदैर्ध्य तरंग है। सामान्य परिस्थितियों में वायु में ध्वनि तरंग संपीड़न और विरलन के रूप में आगे बढ़ती है।
ध्वनि की चाल माध्यम की प्रत्यास्थता और घनत्व पर निर्भर करती है। गैस में:
v = √(γP/ρ)
जहाँ γ गैस का adiabatic index, P दाब और ρ घनत्व है।
वायु में ध्वनि की चाल पर दाब का प्रभाव
एक ही तापमान पर आदर्श गैस के लिए P/ρ का मान नियत रहता है। इसलिए:
v = √(γP/ρ)
में P और ρ दोनों साथ-साथ बदलते हैं। परिणामस्वरूप स्थिर तापमान पर वायु में ध्वनि की चाल पर दाब परिवर्तन का प्रभाव नगण्य होता है। Reference के प्रश्न 15.4 में इसी कारण को समझाया गया है। 1
तापमान के साथ ध्वनि की चाल
गैस के लिए:
v = √(γRT/M)
अतः:
v ∝ √T
इसलिए तापमान बढ़ने पर गैस में ध्वनि की चाल बढ़ती है।
आर्द्रता के साथ ध्वनि की चाल
आर्द्र वायु का घनत्व शुष्क वायु की तुलना में कम होता है। इसलिए समान परिस्थितियों में आर्द्रता बढ़ने पर वायु में ध्वनि की चाल बढ़ती है। Reference के प्रश्न 15.4(c) में भी यही निष्कर्ष दिया गया है। 2
तरंग का वेग और कण का दोलन वेग
यह दोनों अलग-अलग भौतिक राशियाँ हैं।
- तरंग का वेग: तरंग द्वारा ऊर्जा या विक्षोभ के संचरण की चाल।
- कण का दोलन वेग: माध्यम का कोई विशेष कण जिस चाल से अपने माध्य स्थान के आसपास गति करता है।
इसलिए किसी माध्यम के कण का दोलन वेग आवश्यक रूप से तरंग के संचरण वेग के बराबर नहीं होता। Reference के अतिरिक्त प्रश्न 15.22 में भी इस अंतर को numerical के माध्यम से दिखाया गया है। 3
प्रश्न 15.1: डोरी में विक्षोभ के पहुँचने का समय
प्रश्न: 2.50 kg द्रव्यमान और 20 m लंबाई की तनी डोरी पर 200 N तनाव है। डोरी के एक सिरे पर अनुप्रस्थ झटका देने पर विक्षोभ दूसरे सिरे तक कितने समय में पहुँचेगा?
दिया है:
- M = 2.50 kg
- l = 20 m
- T = 200 N
रेखीय द्रव्यमान घनत्व:
μ = M/l
μ = 2.50/20 = 0.125 kg/m
डोरी में अनुप्रस्थ तरंग की चाल:
v = √(T/μ)
v = √(200/0.125) = 40 m/s
अतः समय:
t = l/v
t = 20/40 = 0.5 s
उत्तर: 0.5 सेकंड
Reference में भी यही परिणाम दिया गया है। 4
प्रश्न 15.2: टावर से गिरते पत्थर की आवाज
प्रश्न: 300 m ऊँची मीनार से पत्थर गिराया जाता है। पानी से टकराने की आवाज ऊपर कितने समय बाद सुनाई देगी? वायु में ध्वनि की चाल 340 m/s तथा g = 9.8 m/s² है।
पत्थर के गिरने का समय:
h = 1/2 gt12
अतः:
t1 = √(2h/g)
t1 = √(600/9.8)
t1 ≈ 7.82 s
ध्वनि को 300 m ऊपर आने में:
t2 = h/v = 300/340 ≈ 0.88 s
कुल समय:
t = t1 + t2
t ≈ 7.82 + 0.88 = 8.70 s
उत्तर: लगभग 8.7 सेकंड
यह calculation reference के प्रश्न 15.2 के अनुरूप है। 5
प्रश्न 15.3: तार में आवश्यक तनाव
प्रश्न: 12 m लंबे तार का द्रव्यमान 2.10 kg है। तार में कितना तनाव होना चाहिए ताकि अनुप्रस्थ तरंग की चाल 343 m/s हो?
रेखीय द्रव्यमान घनत्व:
μ = M/l = 2.10/12 = 0.175 kg/m
सूत्र:
v = √(T/μ)
अतः:
T = μv2
T = 0.175 × (343)2
T ≈ 2.06 × 104 N
उत्तर: लगभग 2.06 × 104 N
Reference में यही numerical result दिया गया है। 6
प्रश्न 15.5: क्या प्रत्येक f(x ± vt) प्रगामी तरंग है?
केवल x और t का x ± vt के रूप में दिखाई देना पर्याप्त नहीं है। तरंग फलन को भौतिक रूप से स्वीकार्य होना चाहिए और संबंधित स्थानों पर परिमित होना चाहिए।
Reference के प्रश्न में दिए गए functions:
- (x − vt)2
- log[(x + vt)/x0]
- 1/(x + vt)
के परीक्षण में reference केवल तीसरे function को दिए गए आवश्यक restriction को संतुष्ट करने वाला बताता है। 7
प्रश्न 15.6: वायु और जल में पराश्रव्य तरंग की तरंगदैर्ध्य
प्रश्न: चमगादड़ 1000 kHz की ultrasonic sound उत्पन्न करता है। वायु में ध्वनि की चाल 340 m/s और जल में 1486 m/s है। परावर्तित और पारगमित तरंग की wavelength ज्ञात कीजिए।
आवृत्ति:
f = 1000 kHz = 106 Hz
(a) वायु में परावर्तित ध्वनि
λair = v/f
λair = 340/106
λair = 0.34 mm
(b) जल में पारगमित ध्वनि
λwater = 1486/106
λwater ≈ 1.486 mm
उत्तर: वायु में 0.34 mm और जल में लगभग 1.49 mm। Reference में जल के लिए 0.149 cm लिखा है, जो unit conversion के अनुसार लगभग 1.49 mm के बराबर है। 8
प्रश्न 15.7: Ultrasonic Scanner में तरंगदैर्ध्य
दिया है:
- ध्वनि की चाल = 1.7 km/s = 1700 m/s
- आवृत्ति = 4.2 MHz = 4.2 × 106 Hz
सूत्र:
λ = v/f
λ = 1700/(4.2 × 106)
λ ≈ 4.05 × 10−4 m
λ ≈ 0.405 mm
उत्तर: 0.405 mm
यह reference के numerical के अनुरूप है। 9
प्रश्न 15.8: प्रगामी तरंग के समीकरण की पहचान
दिया गया समीकरण:
y(x,t) = 3.0 sin(36t + 0.018x + π/4)
यह x और t को संयुक्त रूप से इस प्रकार रखता है कि यह एक प्रगामी तरंग को प्रदर्शित करता है।
सामान्य रूप:
y = A sin(ωt + kx + φ)
इसलिए:
- आयाम A = 3.0 cm
- ω = 36 rad/s
- φ = π/4
- k = 0.018 rad/cm
तरंगदैर्ध्य:
λ = 2π/k
λ ≈ 348.9 cm ≈ 3.49 m
Reference में इसी प्रश्न के लिए लगभग 3.49 m तरंगदैर्ध्य दिया गया है। 10
प्रश्न 15.9: अलग-अलग बिंदुओं पर दोलन
प्रश्न 15.8 की तरंग के लिए:
y(x,t) = 3.0 sin(36t + 0.018x + π/4)
x = 0, 2 cm और 4 cm पर अलग-अलग displacement-time equations मिलेंगी, लेकिन सभी curves sinusoidal होंगे।
इन सभी बिंदुओं पर:
- आयाम समान = 3 cm
- आवृत्ति समान = 36/(2π) Hz
- कला अलग-अलग
अर्थात प्रगामी तरंग में अलग-अलग बिंदुओं के दोलन में मुख्य अंतर phase का होता है। 11
प्रश्न 15.10: दोलनी बिंदुओं के बीच कलांतर
कलांतर का सूत्र:
Δφ = (2π/λ)Δx
अर्थात दो बिंदुओं के बीच दूरी बढ़ने पर उनका phase difference बढ़ता है।
यदि दूरी:
Δx = λ/2
तो:
Δφ = π rad
और यदि:
Δx = 3λ/4
तो:
Δφ = 3π/2 rad
Reference में इसी प्रकार 4 m तथा 0.5 m की दूरी के लिए भी phase difference निकाला गया है। 12
प्रश्न 15.11: अप्रगामी तरंग और डोरी का तनाव
दिया गया समीकरण:
y(x,t) = 0.06 sin(2πx/3) cos(120πt)
यह अप्रगामी तरंग के रूप में लिखा जा सकता है।
तरंगदैर्ध्य:
λ = 3 m
और:
ω = 120π rad/s
इससे:
f = ω/(2π) = 60 Hz
तरंग की चाल:
v = fλ
v = 60 × 3 = 180 m/s
यदि रेखीय द्रव्यमान घनत्व μ = 2 × 10−2 kg/m है, तो:
T = μv2
T = 2 × 10−2 × 1802
T = 648 N
उत्तर: डोरी का तनाव 648 N
Reference में भी 648 N परिणाम दिया गया है। 13
प्रश्न 15.12: अप्रगामी तरंग में सभी बिंदुओं का व्यवहार
अप्रगामी तरंग में डोरी के सभी बिंदुओं की:
- आवृत्ति समान होती है।
- निस्पंदों के बीच स्थित बिंदु समान phase में कंपन कर सकते हैं।
- आयाम समान नहीं होता; यह स्थान के साथ बदलता है।
Reference के प्रश्न 15.12 में 0.375 m दूर बिंदु के amplitude को इसी standing-wave equation से निर्धारित करने को कहा गया है। 14
प्रश्न 15.13: विभिन्न तरंग समीकरणों की पहचान
Reference में दिए गए functions का classification इस प्रकार है:
| फलन | प्रकृति |
|---|---|
| y = 2 cos(3x) sin(10t) | अप्रगामी तरंग |
| y = 2√(x − vt) | स्वीकार्य तरंग फलन नहीं |
| y = 3 sin(5x − 0.5t) + 4 cos(5x − 0.5t) | प्रगामी तरंग |
| y = cos x sin t + cos 2x sin 2t | दो प्रगामी तरंगों का अध्यारोपण |
यह classification reference के प्रश्न 15.13 से लिया गया है। 15
प्रश्न 15.14: तार में तरंग की चाल और तनाव
दिया है:
- तार का द्रव्यमान = 3.5 × 10−2 kg
- रेखीय द्रव्यमान घनत्व μ = 4.0 × 10−2 kg/m
- मूल आवृत्ति = 45 Hz
तार की लंबाई:
l = M/μ
l = (3.5 × 10−2)/(4 × 10−2) = 0.875 m
मूल विधा में:
λ = 2l = 1.75 m
तरंग की चाल:
v = fλ
v = 45 × 1.75 ≈ 78.75 m/s
अतः लगभग:
v ≈ 79 m/s
तनाव:
T = μv2
T ≈ 0.04 × (78.75)2
T ≈ 248 N
Reference में लगभग 79 m/s और 248 N परिणाम दिए गए हैं। 16
प्रश्न 15.15: बंद नली में अनुनाद
एक सिरे पर खुली और दूसरे सिरे पर piston से बंद नली में दो क्रमागत resonance lengths:
l1 = 25.5 cm
l2 = 79.3 cm
बंद नली में क्रमागत resonance lengths का अंतर:
l2 − l1 = λ/2
अतः:
λ = 2(79.3 − 25.5)
λ = 107.6 cm
और 340 Hz source के लिए ध्वनि की चाल लगभग:
v = fλ
v ≈ 340 × 1.076 ≈ 366 m/s
महत्वपूर्ण नोट: Reference के उपलब्ध text में इस प्रश्न की calculation में equation/indices के कारण लगभग 347 m/s परिणाम लिखा गया है, जबकि resonance-length difference के सीधे संबंध से लगभग 366 m/s मिलता है। इसलिए published post में source की conflicting calculation को बिना जाँच के एकमात्र सही value के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। 17
प्रश्न 15.16: स्टील की छड़ में ध्वनि की चाल
दिया है:
- छड़ की लंबाई = 100 cm = 1 m
- मूल आवृत्ति = 2.53 kHz
मध्य बिंदु पर बाधित छड़ के लिए:
l = λ/2
अतः:
λ = 2l = 2 m
ध्वनि की चाल:
v = fλ
v = 2.53 × 103 × 2
v = 5.06 × 103 m/s
उत्तर: 5.06 km/s
Reference में भी यही परिणाम दिया गया है। 18
प्रश्न 15.17: बंद और खुली नली में अनुनाद
20 cm लंबी बंद नली और 430 Hz source के लिए बंद नली की अनुमत frequencies विषम गुणजों के रूप में होती हैं:
fn = (2n − 1)v/(4l)
मूल आवृत्ति:
f1 = v/(4l)
f1 = 340/(4 × 0.2) = 425 Hz
430 Hz source इसके बहुत निकट है, इसलिए मूल विधा के resonance के रूप में इसे लिया जा सकता है।
यदि दोनों सिरे खुले हों, तो:
fn = nv/(2l)
इस स्थिति में 430 Hz के लिए आवश्यक n पूर्णांक नहीं आता। इसलिए दिए गए ideal conditions में वही source खुली नली के साथ resonance नहीं करेगा। Reference में भी यही निष्कर्ष दिया गया है। 19
प्रश्न 15.18: सितार की डोरियों में विस्पंद
दो डोरियों A और B की मूल frequencies में 6 Hz का अंतर है। A की मूल frequency 324 Hz है।
अतः:
|fA − fB| = 6
Reference के अनुसार:
fB = 324 − 6 = 318 Hz
A का तनाव घटाने पर उसकी frequency 321 Hz हो जाती है और नई beat frequency 3 Hz हो जाती है। इससे B की frequency 318 Hz ही रहती है।
उत्तर: 318 Hz
Reference के प्रश्न 15.18 में यही परिणाम दिया गया है। 20
प्रश्न 15.19: ध्वनि तरंग और तरंगों के महत्वपूर्ण concepts
(a) विस्थापन निस्पंद पर दाब प्रस्पंद क्यों?
ध्वनि की अनुदैर्ध्य तरंग में जहाँ कण अधिक पास-पास होते हैं वहाँ compression के कारण दाब अधिक होता है। जहाँ कण दूर-दूर होते हैं वहाँ rarefaction के कारण दाब कम होता है। इसलिए displacement और pressure variations के maxima/minima विपरीत phase relation में होते हैं।
(b) चमगादड़ बाधा की दूरी कैसे पता करता है?
चमगादड़ ultrasonic waves भेजता है। ये तरंगें बाधा से परावर्तित होकर वापस आती हैं। लौटने वाली तरंग से दूरी तथा अन्य जानकारी का अनुमान लगाया जा सकता है।
(c) समान frequency वाले violin और sitar के स्वर अलग क्यों लगते हैं?
स्वर की पहचान केवल fundamental frequency से नहीं होती। विभिन्न वाद्ययंत्रों में harmonics या overtones की संख्या और relative intensities अलग हो सकती हैं। इसी कारण उनका timbre अलग सुनाई देता है।
(d) ठोसों में अनुप्रस्थ और अनुदैर्ध्य दोनों तरंगें क्यों?
ठोसों में bulk तथा shear दोनों प्रकार की elasticity होती है। इसलिए उनमें दोनों प्रकार की mechanical waves propagate कर सकती हैं। गैसों में shear rigidity नगण्य होने के कारण सामान्यतः केवल longitudinal sound waves propagate करती हैं।
(e) dispersive medium में pulse का आकार क्यों बदलता है?
यदि अलग-अलग wavelength components अलग-अलग speeds से propagate करें, तो pulse के components अलग-अलग दूरी तय करेंगे और pulse की shape बदल जाएगी।
Reference में प्रश्न 15.19 के सभी parts के लिए यही conceptual explanation दी गई है। 21
प्रश्न 15.20: Doppler Effect और चलती ट्रेन
एक स्थिर observer के सामने 400 Hz की whistle वाली train 10 m/s से चल रही है। वायु में ध्वनि की चाल 340 m/s है।
(a) ट्रेन observer की ओर आ रही है
सूत्र:
f′ = f[v/(v − vs)]
f′ = 400 × 340/(340 − 10)
f′ ≈ 412 Hz
(b) ट्रेन observer से दूर जा रही है
f′ = f[v/(v + vs)]
f′ = 400 × 340/(340 + 10)
f′ ≈ 389 Hz
दोनों परिस्थितियों में शांत वायु के frame में ध्वनि की चाल 340 m/s रहती है। Reference में भी 412 Hz और 389 Hz परिणाम दिए गए हैं। 22
प्रश्न 15.21: वायु के चलने पर ध्वनि
यदि source और observer दोनों जमीन के सापेक्ष स्थिर हैं और वायु observer की ओर 10 m/s से बह रही है, तो माध्यम के सापेक्ष sound speed 340 m/s होने पर जमीन के सापेक्ष wave speed 350 m/s हो जाती है।
Source की frequency source और medium के बीच relative motion पर निर्भर करती है। Source और observer दोनों medium के सापेक्ष स्थिर होने पर frequency 400 Hz बनी रहती है।
अतः जमीन के सापेक्ष wavelength:
λ′ = 350/400 = 0.875 m
Reference में भी 0.875 m wavelength और 350 m/s की effective propagation speed दी गई है। 23
अतिरिक्त प्रश्न 15.22: बिंदु का दोलन वेग और तरंग वेग
दिया गया wave equation:
y(x,t) = 7.5 sin(0.0050x + 12t + π/4)
इस प्रकार के प्रश्न में wave equation से wave number और angular frequency की तुलना की जाती है:
k = 0.0050
ω = 12 rad/s
तरंगदैर्ध्य:
λ = 2π/k ≈ 12.57 m
तरंग की चाल:
v = ω/k
इसके बाद दिए गए x और t पर particle velocity निकालने के लिए:
u = ∂y/∂t
यह particle velocity है, जबकि wave velocity अलग quantity है। Reference में x = 1 cm तथा t = 1 s पर particle velocity लगभग 88 cm/s और wave propagation velocity 24 m/s बताई गई है। 24
अतिरिक्त प्रश्न 15.23: सीमित ध्वनि स्पंद
किसी सीमित sound pulse की कोई एक निश्चित frequency या wavelength आवश्यक नहीं होती, क्योंकि pulse कई frequency components का मिश्रण हो सकता है। लेकिन माध्यम में उसका propagation speed माध्यम के गुणों से निर्धारित होती है।
यदि whistle प्रत्येक 20 सेकंड में केवल एक छोटा pulse भेजती है, तो pulse repetition rate:
1/20 = 0.05 Hz
लेकिन इसे emitted sound की frequency नहीं माना जा सकता। Reference के प्रश्न 15.23 में भी यही distinction किया गया है। 25
अतिरिक्त प्रश्न 15.24: डोरी पर प्रगामी तरंग का समीकरण
दिया है:
- रेखीय द्रव्यमान घनत्व = 8.0 × 10−3 kg/m
- frequency = 256 Hz
- hanging mass = 90 kg
- amplitude = 5.0 cm
डोरी का tension:
T = Mg
T = 90 × 9.8 = 882 N
डोरी में तरंग की चाल:
v = √(T/μ)
v = √(882/(8 × 10−3))
v ≈ 332 m/s
तरंग संख्या:
k = 2πf/v
और angular frequency:
ω = 2πf
क्योंकि t = 0 पर x = 0 पर displacement zero और particle positive y-direction में जा रहा है, इसलिए phase condition के अनुसार wave equation को sine form में लिखा जा सकता है:
y = A sin(ωt − kx)
Reference में source के OCR रूप में अंतिम equation के numerical coefficients अस्पष्ट हैं, इसलिए यहाँ calculation को standard wave relation के रूप में स्पष्ट किया गया है। 26
अतिरिक्त प्रश्न 15.25: SONAR और Doppler Effect
SONAR की frequency 40.0 kHz है और submarine 360 km/h की चाल से SONAR की ओर बढ़ रही है।
पहले submarine की चाल को m/s में बदलते हैं:
vs = 360 × 5/18 = 100 m/s
जल में sound speed:
v = 1450 m/s
यह double-Doppler situation है, क्योंकि submarine पहले incident sound को receive करती है और फिर reflected sound के रूप में वापस भेजती है। इसलिए Doppler effect को दो चरणों में लागू किया जाता है:
- SONAR से approaching submarine द्वारा received frequency निकालना।
- चलती submarine को reflected sound का source मानकर SONAR पर received frequency निकालना।
नोट: Reference में इस प्रश्न के text में submarine speed की एक जगह 1360 km/h जैसी OCR error दिखाई देती है, जबकि प्रश्न में 360 km/h है। इसलिए numerical solution में प्रश्न के स्पष्ट दिए गए 360 km/h को आधार माना गया है। 27
अतिरिक्त प्रश्न 15.26: भूकंप की P और S तरंगें
दिया है:
- S-wave speed = 4.0 km/s
- P-wave speed = 8.0 km/s
- P-wave, S-wave से 4 मिनट पहले पहुँचती है।
मान लें दूरी x है।
S-wave का समय:
tS = x/4
P-wave का समय:
tP = x/8
समय का अंतर:
x/4 − x/8 = 4
x/8 = 4
x = 32 km
महत्वपूर्ण नोट: Reference के उपलब्ध solution text में unit conversion की स्पष्ट गणितीय गड़बड़ी के कारण 1920 km result दिया गया है। प्रश्न के दिए हुए 4 km/s और 8 km/s को सीधे लागू करने पर सही dimensional result 32 km आता है। इसलिए source की 1920 km value को बिना जाँच के reproduce नहीं किया गया है। 28
अतिरिक्त प्रश्न 15.27: चमगादड़ और Doppler Effect
चमगादड़ दीवार की ओर उड़ते हुए ultrasonic sound emit करता है। उसकी speed sound speed की 0.03 गुनी है। Reference में emitted frequency 40 kHz के आधार पर reflected sound की frequency दो Doppler shifts से निकाली गई है।
पहले wall को approaching source के रूप में frequency प्राप्त होती है। इसके बाद reflected wave को moving bat द्वारा observer के रूप में receive किया जाता है।
इस double-Doppler process के बाद Reference में:
f′ ≈ 42.47 kHz
दिया गया है। 29
अनुनाद (Resonance)
जब किसी system पर लगाया गया periodic force उसकी natural frequency के बराबर या उसके बहुत निकट frequency का हो जाता है, तो system का amplitude बहुत अधिक बढ़ सकता है। इस घटना को अनुनाद कहते हैं।
वायु स्तंभों, तारों और musical instruments में resonance का महत्वपूर्ण उपयोग होता है।
खुली नली में अनुनाद
दोनों सिरों से खुली नली के लिए मूल विधा में:
l = λ/2
अतः:
f1 = v/(2l)
अनुमत frequencies:
fn = nv/(2l)
जहाँ n = 1, 2, 3, …
एक सिरे से बंद नली में अनुनाद
एक सिरे से बंद नली के लिए मूल विधा में:
l = λ/4
अतः:
f1 = v/(4l)
अनुमत frequencies केवल विषम गुणज होती हैं:
fn = (2n − 1)v/(4l)
जहाँ n = 1, 2, 3, …
विस्पंद (Beats)
दो लगभग समान frequencies वाली ध्वनि तरंगों के अध्यारोपण से ध्वनि की तीव्रता समय के साथ बढ़ती और घटती रहती है। इसे विस्पंद कहते हैं।
विस्पंद की आवृत्ति:
fbeats = |f1 − f2|
संगीत में tuning के दौरान beats का उपयोग दो instruments की frequencies को मिलाने के लिए किया जाता है।
Doppler Effect
जब source और observer के बीच relative motion के कारण observer को प्राप्त frequency source की वास्तविक frequency से अलग दिखाई देती है, तो इसे Doppler Effect कहते हैं।
यदि source observer की ओर बढ़ रहा हो तो observed frequency बढ़ती है। यदि source observer से दूर जा रहा हो तो observed frequency घटती है।
स्थिर observer और moving source के लिए:
f′ = f[v/(v − vs)]
जब source observer की ओर जा रहा हो।
और source दूर जा रहा हो:
f′ = f[v/(v + vs)]
तरंगों के महत्वपूर्ण सूत्र
| क्रम | सूत्र | उपयोग |
|---|---|---|
| 1 | v = fλ | तरंग की चाल |
| 2 | f = 1/T | आवृत्ति |
| 3 | ω = 2πf | कोणीय आवृत्ति |
| 4 | k = 2π/λ | तरंग संख्या |
| 5 | y = A sin(ωt − kx + φ) | प्रगामी तरंग |
| 6 | v = √(T/μ) | तनी डोरी में तरंग की चाल |
| 7 | v = √(γP/ρ) | गैस में ध्वनि की चाल |
| 8 | v = √(γRT/M) | गैस में ध्वनि की चाल |
| 9 | fbeats = |f1 − f2| | विस्पंद आवृत्ति |
| 10 | Δφ = 2πΔx/λ | कलांतर |
| 11 | fn = nv/(2l) | खुली नली |
| 12 | fn = (2n − 1)v/(4l) | एक सिरे से बंद नली |
| 13 | f′ = f[v/(v − vs)] | Approaching source Doppler effect |
| 14 | f′ = f[v/(v + vs)] | Receding source Doppler effect |
तरंगें Chapter 15 के महत्वपूर्ण परीक्षा प्रश्न
- तरंग क्या है?
- अनुप्रस्थ और अनुदैर्ध्य तरंग में अंतर लिखिए।
- प्रगामी तरंग से क्या समझते हैं?
- अप्रगामी तरंग क्या है?
- निस्पंद और प्रस्पंद क्या हैं?
- तरंग की चाल, आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य में संबंध लिखिए।
- तनी हुई डोरी में तरंग की चाल का सूत्र प्राप्त कीजिए।
- वायु में ध्वनि की चाल दाब पर निर्भर क्यों नहीं करती?
- तापमान बढ़ने पर ध्वनि की चाल क्यों बढ़ती है?
- आर्द्रता बढ़ने पर ध्वनि की चाल क्यों बढ़ती है?
- तरंग का वेग और माध्यम के कण का दोलन वेग अलग क्यों होते हैं?
- अप्रगामी तरंग में निस्पंद और प्रस्पंद समझाइए।
- खुली और बंद नली की fundamental frequency के सूत्र लिखिए।
- विस्पंद क्या है? इसकी आवृत्ति का सूत्र लिखिए।
- Doppler Effect क्या है?
- चलती train की whistle की frequency observer को अलग क्यों सुनाई देती है?
- चमगादड़ ultrasonic waves का उपयोग कैसे करता है?
- ठोसों में transverse और longitudinal दोनों waves क्यों propagate कर सकती हैं?
- परिक्षेपी माध्यम में pulse की आकृति क्यों बदल जाती है?
- P और S seismic waves में क्या अंतर है?
Objective Questions – तरंगें
तरंग की चाल का सही संबंध कौन-सा है?
(A) v = f/λ
(B) v = fλ
(C) v = λ/f
(D) v = f + λउत्तर: (B) v = fλ
तरंगदैर्ध्य का SI मात्रक क्या है?
(A) सेकंड
(B) हर्ट्ज
(C) मीटर
(D) न्यूटनउत्तर: (C) मीटर
तनी हुई डोरी में तरंग की चाल किस पर निर्भर करती है?
(A) केवल frequency पर
(B) tension और linear mass density पर
(C) केवल amplitude पर
(D) केवल wavelength परउत्तर: (B) tension और linear mass density पर
तनी डोरी में तरंग की चाल का सूत्र क्या है?
(A) √(μ/T)
(B) √(T/μ)
(C) Tμ
(D) T/μउत्तर: (B) √(T/μ)
ध्वनि तरंग वायु में किस प्रकार की होती है?
(A) अनुप्रस्थ
(B) अनुदैर्ध्य
(C) विद्युतचुंबकीय
(D) स्थिरउत्तर: (B) अनुदैर्ध्य
विस्पंद की frequency क्या होती है?
(A) f1 + f2
(B) f1f2
(C) |f1 − f2|
(D) f1/f2उत्तर: (C) |f1 − f2|
अप्रगामी तरंग में amplitude अधिकतम कहाँ होता है?
(A) निस्पंद पर
(B) प्रस्पंद पर
(C) हर जगह समान
(D) केवल सिरों परउत्तर: (B) प्रस्पंद पर
एक सिरे से बंद नली की fundamental frequency क्या है?
(A) v/2l
(B) v/4l
(C) 2v/l
(D) v/lउत्तर: (B) v/4l
दोनों सिरे खुले pipe की fundamental frequency क्या है?
(A) v/4l
(B) v/2l
(C) 2v/l
(D) 4v/lउत्तर: (B) v/2l
Doppler Effect किस कारण होता है?
(A) amplitude में बदलाव
(B) source और observer के बीच relative motion
(C) wavelength हमेशा स्थिर रहने के कारण
(D) medium के रंग के कारणउत्तर: (B) source और observer के बीच relative motion
आर्द्रता बढ़ने पर वायु में ध्वनि की चाल सामान्यतः:
(A) घटती है
(B) बढ़ती है
(C) शून्य हो जाती है
(D) अपरिवर्तित रहती हैउत्तर: (B) बढ़ती है
P-wave और S-wave में कौन तेज होती है?
(A) S-wave
(B) P-wave
(C) दोनों हमेशा समान
(D) कोई नहींउत्तर: (B) P-wave
Chapter 15 तरंगें का संक्षिप्त सार
- तरंग ऊर्जा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती है।
- तरंगों को मुख्य रूप से transverse और longitudinal waves में बाँटा जा सकता है।
- तरंग की चाल के लिए v = fλ सबसे महत्वपूर्ण relation है।
- तनी हुई डोरी में तरंग की चाल v = √(T/μ) होती है।
- प्रगामी तरंग माध्यम में आगे बढ़ती है।
- अप्रगामी तरंग दो विपरीत दिशाओं में चलने वाली समान तरंगों के superposition से बन सकती है।
- अप्रगामी तरंग में nodes और antinodes बनते हैं।
- गैस में ध्वनि की चाल v = √(γP/ρ) से व्यक्त की जा सकती है।
- स्थिर तापमान पर वायु में ध्वनि की चाल दाब पर सीधे निर्भर नहीं करती।
- तापमान और humidity बढ़ने पर वायु में sound speed बढ़ सकती है।
- दो निकट frequencies की ध्वनियों से beats उत्पन्न होते हैं।
- Resonance में driving frequency natural frequency के निकट होने पर amplitude बढ़ सकता है।
- एक सिरे से बंद नली में केवल odd harmonics permitted होते हैं।
- Doppler Effect relative motion के कारण observed frequency में परिवर्तन है।
- P-waves और S-waves भूकंप विज्ञान में महत्वपूर्ण seismic waves हैं।
अध्याय से जुड़े महत्वपूर्ण लिंक
Class 11 Physics – Chapter 1 भौतिक जगत
निष्कर्ष
Bihar Board Class 11 Physics Solutions Chapter 15 तरंगें Class 11 Physics का अंतिम और परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण अध्याय है। इसमें तरंगों की मूल अवधारणा से लेकर progressive और standing waves, sound waves, resonance, beats तथा Doppler Effect तक महत्वपूर्ण topics शामिल हैं। विद्यार्थियों को विशेष रूप से v = fλ, v = √(T/μ), खुले और बंद pipe की frequencies, beats तथा Doppler Effect के formulas का नियमित अभ्यास करना चाहिए।
नोट: दिए गए reference page में कुछ जगह OCR/typing errors और calculation inconsistencies दिखाई देती हैं। ऊपर जहाँ source का प्रश्न और data स्पष्ट था वहाँ उसी के आधार पर step-by-step solution दिया गया है। जहाँ source में स्पष्ट mathematical inconsistency थी, वहाँ उसे छिपाने के बजाय note किया गया है।