मुहावरे और लोकोक्तियाँ – परिभाषा, अंतर, सूची और वाक्य प्रयोग सहित सम्पूर्ण व्याख्या | कक्षा 10 हिंदी व्याकरण
प्रस्तावना
“मुहावरे और लोकोक्तियाँ” बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिंदी व्याकरण का एक अत्यंत रोचक और परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण अध्याय है। ये भाषा को सजीव, प्रभावशाली और मुहावरेदार बनाने वाले तत्व हैं। परीक्षा में प्रायः मुहावरों और लोकोक्तियों का अर्थ लिखने तथा उनका वाक्य में प्रयोग करने से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इस लेख में मुहावरे और लोकोक्ति की परिभाषा, दोनों में अंतर, महत्वपूर्ण मुहावरों व लोकोक्तियों की सूची अर्थ और वाक्य-प्रयोग सहित, तथा परीक्षा-उपयोगी टिप्स विस्तार से दिए गए हैं।
मुहावरा किसे कहते हैं?
मुहावरा शब्द अरबी भाषा के ‘मुहावरः’ से बना है, जिसका अर्थ है ‘अभ्यास’ या ‘बातचीत’। जब कोई वाक्यांश निरंतर प्रयोग और अभ्यास के कारण अपने शाब्दिक (प्रत्यक्ष) अर्थ को छोड़कर किसी विशेष, रूढ़ अर्थ (लक्ष्यार्थ) को प्रकट करने लगता है, तो उसे मुहावरा कहते हैं। जैसे — ‘नौ दो ग्यारह होना’ मुहावरे का शाब्दिक अर्थ किसी गणितीय संक्रिया से नहीं, बल्कि ‘भाग जाना’ से है। मुहावरे वाक्य का अभिन्न अंग होते हैं और सदैव किसी संज्ञा या क्रिया के साथ प्रयुक्त होकर वाक्य में जुड़ जाते हैं; ये स्वयं में पूर्ण वाक्य नहीं होते।
लोकोक्ति किसे कहते हैं?
लोकोक्ति शब्द ‘लोक’ + ‘उक्ति’ के मेल से बना है, जिसका अर्थ है ‘लोक में प्रचलित कथन’। जनसाधारण के बीच चिरकाल से प्रचलित तथा किसी अनुभव, घटना या शिक्षा पर आधारित पूर्ण वाक्य को लोकोक्ति (कहावत) कहते हैं। जैसे — ‘जैसी करनी वैसी भरनी’ एक संपूर्ण वाक्य है, जो अपने आप में पूर्ण अर्थ और उपदेश देता है।
मुहावरे और लोकोक्ति में अंतर
| बिंदु | मुहावरा | लोकोक्ति |
|---|---|---|
| स्वरूप | वाक्यांश (अपूर्ण वाक्य), जो वाक्य में जुड़कर प्रयुक्त होता है | स्वयं में एक पूर्ण, स्वतंत्र वाक्य होती है |
| अर्थ | शाब्दिक अर्थ से हटकर विशेष लक्ष्यार्थ देता है | किसी अनुभव, घटना या नीति-उपदेश को व्यक्त करती है |
| प्रयोग | संज्ञा या क्रिया के साथ जुड़कर वाक्य का अंग बनता है | अपने आप में पूर्ण कथन के रूप में प्रयुक्त होती है |
| उदाहरण | दाँत खट्टे करना (बुरी तरह हराना) | जैसी करनी वैसी भरनी |
महत्वपूर्ण मुहावरे, अर्थ और वाक्य-प्रयोग (विस्तृत सूची)
| क्रम | मुहावरा | अर्थ | वाक्य-प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 1 | कमर कसना | किसी कार्य को करने के लिए तैयार होना | देशवासियों को विपत्ति के समय कमर कस लेनी चाहिए। |
| 2 | नाक में दम करना | बहुत परेशान करना | पड़ोसी के कुत्ते ने पूरी गली के लोगों की नाक में दम कर रखा है। |
| 3 | जले पर नमक छिड़कना | दुखी व्यक्ति के दुख को और बढ़ाना | वह पहले से ही परेशान था, तुमने ताना देकर जले पर नमक छिड़क दिया। |
| 4 | टका-सा जवाब देना | साफ इनकार कर देना | जब मैंने उधार माँगा, तो उसने टका-सा जवाब दे दिया। |
| 5 | आँखें खुलना | सही बात समझ में आना | असफलता मिलने पर ही राकेश की आँखें खुलीं। |
| 6 | नौ दो ग्यारह होना | चुपके से भाग जाना | पुलिस को देखते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गया। |
| 7 | दाँत खट्टे करना | बुरी तरह हराना | भारतीय सेना ने शत्रुओं के दाँत खट्टे कर दिए। |
| 8 | चंपत होना | भाग जाना, गायब हो जाना | शरारत करके बच्चे तुरंत चंपत हो गए। |
| 9 | दिल बाग-बाग होना | अत्यंत प्रसन्न होना | परीक्षा परिणाम सुनकर उसका दिल बाग-बाग हो गया। |
| 10 | सुध-बुध खोना | होश में न रहना | दुर्घटना देखकर वह पूरी तरह सुध-बुध खो बैठा। |
| 11 | श्रीगणेश करना | किसी कार्य का आरंभ करना | नए वर्ष के साथ ही उसने पढ़ाई का श्रीगणेश कर दिया। |
| 12 | तिल का ताड़ बनाना | छोटी बात को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कहना | माँ को हर छोटी बात का तिल का ताड़ बनाने की आदत है। |
| 13 | टोपी उछालना | किसी को अपमानित करना | बड़ों की टोपी उछालना अच्छे संस्कारों की निशानी नहीं है। |
| 14 | डींगें हाँकना | झूठी शेखी बघारना | बिना मेहनत किए वह हमेशा डींगें हाँकता रहता है। |
| 15 | हथियार डालना | हार मान लेना | लंबे संघर्ष के बाद अंततः विरोधियों ने हथियार डाल दिए। |
| 16 | तारे गिनना | व्यग्रता से प्रतीक्षा करना | अपने बेटे के विदेश से लौटने की खबर सुनकर माँ रातभर तारे गिनती रही। |
| 17 | हवा लगना | बुरा असर पड़ना | शहर आते ही उस सीधे-सादे लड़के को हवा लग गई। |
| 18 | आपे से बाहर होना | अत्यंत क्रोधित हो जाना | अपमान सुनकर वह आपे से बाहर हो गया। |
| 19 | घी के दीये जलाना | अत्यंत प्रसन्न होना, खुशी मनाना | बेटे की सफलता पर परिवार ने घी के दीये जलाए। |
| 20 | छाती पर मूँग दलना | किसी को लगातार सताना या कष्ट देना | सौतेली माँ रोज उस अनाथ बच्ची की छाती पर मूँग दलती थी। |
महत्वपूर्ण लोकोक्तियाँ, अर्थ और वाक्य-प्रयोग (विस्तृत सूची)
| क्रम | लोकोक्ति | अर्थ | वाक्य-प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 1 | जैसी करनी वैसी भरनी | जैसा कर्म करोगे, वैसा फल मिलेगा | बेईमानी करके वह आज जेल में है — आखिर जैसी करनी वैसी भरनी। |
| 2 | अंधों में काना राजा | मूर्खों के बीच थोड़ा जानकार व्यक्ति भी श्रेष्ठ माना जाता है | अनपढ़ गाँव में पाँचवीं पास मोहन को सब बड़ा विद्वान मानते हैं, सच है — अंधों में काना राजा। |
| 3 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी असफलता का दोष दूसरों पर मढ़ना | काम ठीक से न होने पर औजार को दोष देना तो नाच न जाने आँगन टेढ़ा वाली बात है। |
| 4 | आम के आम गुठलियों के दाम | एक ही कार्य से दोहरा लाभ होना | पुराना सामान बेचकर उसने जगह भी खाली की और पैसे भी कमाए, यह तो आम के आम गुठलियों के दाम हुआ। |
| 5 | ऊँट के मुँह में जीरा | आवश्यकता से बहुत कम वस्तु मिलना | बड़े परिवार के लिए यह भोजन तो ऊँट के मुँह में जीरा साबित हुआ। |
| 6 | घर की मुर्गी दाल बराबर | अपनी वस्तु का कोई मूल्य न समझना | अपनी बेटी की कला की कोई कद्र नहीं करता, यही तो घर की मुर्गी दाल बराबर है। |
| 7 | दूध का दूध पानी का पानी | सही और गलत का स्पष्ट निर्णय करना | पंचायत ने दोनों पक्षों को सुनकर दूध का दूध पानी का पानी कर दिया। |
| 8 | नौ नकद न तेरह उधार | उधार लेने से बेहतर है थोड़ा नकद ले लेना | व्यापारी ने कहा, मुझे तो नौ नकद न तेरह उधार चाहिए। |
| 9 | अधजल गगरी छलकत जाए | अल्पज्ञानी व्यक्ति अधिक दिखावा करता है | थोड़ी-सी सफलता पर ही वह इतना घमंड करता है, सच है — अधजल गगरी छलकत जाए। |
| 10 | अंत भला तो सब भला | यदि परिणाम अच्छा हो तो सारी कठिनाइयाँ भुला दी जाती हैं | परीक्षा में कठिनाई हुई पर परिणाम अच्छा आया — अंत भला तो सब भला। |
मुहावरे और लोकोक्तियाँ याद रखने के महत्वपूर्ण टिप्स
- मुहावरे को हमेशा उसके वाक्य-प्रयोग सहित याद करें, केवल अर्थ रटने से परीक्षा में वाक्य बनाना कठिन हो जाता है।
- मुहावरे को वाक्य में प्रयोग करते समय उसे व्याकरणिक रूप से बदल सकते हैं (काल, वचन आदि के अनुसार), जैसे ‘नाक में दम करना’ को ‘नाक में दम कर रखा है’ के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है।
- लोकोक्ति को वाक्य में प्रयोग करते समय उसे ज्यों का त्यों, बिना बदलाव के प्रयुक्त करें, क्योंकि यह स्वयं में पूर्ण वाक्य है।
- समान अर्थ वाले मुहावरों को समूह बनाकर याद करें, जैसे ‘खुशी’ के भाव के मुहावरे: दिल बाग-बाग होना, घी के दीये जलाना, फूला न समाना।
- परीक्षा में प्रायः मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग करने को कहा जाता है, अतः दोनों का अभ्यास साथ-साथ करें।
महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न
- ‘नौ दो ग्यारह होना’ मुहावरे का अर्थ क्या है?
(a) संख्या गिनना (b) भाग जाना (c) झगड़ा करना (d) प्रसन्न होना
उत्तर: (b) भाग जाना
- ‘दाँत खट्टे करना’ मुहावरे का सही अर्थ है
(a) खट्टा खाना (b) बुरी तरह हराना (c) दर्द होना (d) डरना
उत्तर: (b) बुरी तरह हराना
- लोकोक्ति की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
(a) यह अधूरा वाक्यांश है (b) यह पूर्ण वाक्य है (c) यह केवल संज्ञा है (d) यह केवल क्रिया है
उत्तर: (b) यह पूर्ण वाक्य है
- ‘अंधों में काना राजा’ लोकोक्ति का अर्थ है
(a) सबसे बुद्धिमान व्यक्ति (b) मूर्खों में थोड़ा जानकार भी श्रेष्ठ माना जाना (c) अंधापन (d) राजा का गुण
उत्तर: (b) मूर्खों में थोड़ा जानकार भी श्रेष्ठ माना जाना
- ‘श्रीगणेश करना’ मुहावरे का अर्थ है
(a) पूजा करना (b) आरंभ करना (c) समाप्त करना (d) भगवान को याद करना
उत्तर: (b) आरंभ करना
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
- प्रश्न: मुहावरा किसे कहते हैं?
उत्तर: जो वाक्यांश शाब्दिक अर्थ को छोड़कर किसी विशेष रूढ़ अर्थ का बोध कराए, उसे मुहावरा कहते हैं।
- प्रश्न: लोकोक्ति किसे कहते हैं?
उत्तर: जनसाधारण में चिरकाल से प्रचलित तथा किसी अनुभव या उपदेश पर आधारित पूर्ण वाक्य को लोकोक्ति कहते हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न
- प्रश्न: मुहावरे और लोकोक्ति में मुख्य अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: मुहावरा एक अपूर्ण वाक्यांश होता है, जो वाक्य में जुड़कर विशेष अर्थ देता है, जबकि लोकोक्ति स्वयं में एक पूर्ण, स्वतंत्र वाक्य होती है, जो किसी अनुभव या उपदेश को व्यक्त करती है।
- प्रश्न: ‘जैसी करनी वैसी भरनी’ लोकोक्ति का प्रयोग करते हुए एक वाक्य बनाइए।
उत्तर: बेईमानी से धन कमाने वाला व्यापारी आज कर्ज में डूबा है — आखिर जैसी करनी वैसी भरनी।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
- प्रश्न: मुहावरे और लोकोक्ति की परिभाषा देते हुए दोनों में अंतर उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: मुहावरा वह वाक्यांश है, जो निरंतर प्रयोग और अभ्यास के कारण अपने शाब्दिक अर्थ को छोड़कर किसी विशेष, रूढ़ अर्थ को व्यक्त करने लगता है; जैसे ‘नौ दो ग्यारह होना’ का अर्थ है ‘भाग जाना’। यह वाक्य का अभिन्न अंग होता है और संज्ञा या क्रिया के साथ जुड़कर प्रयुक्त होता है। इसके विपरीत, लोकोक्ति ‘लोक’ और ‘उक्ति’ शब्दों से मिलकर बनी है, जिसका अर्थ है जनसाधारण में प्रचलित कथन। यह स्वयं में एक पूर्ण वाक्य होती है और किसी अनुभव, घटना या नीति-उपदेश को व्यक्त करती है; जैसे ‘जैसी करनी वैसी भरनी’। इस प्रकार मुख्य अंतर यह है कि मुहावरा अधूरा वाक्यांश है, जबकि लोकोक्ति स्वयं में पूर्ण वाक्य है। दोनों ही भाषा को अलंकृत, प्रभावशाली और सजीव बनाने में सहायक होते हैं।
- प्रश्न: निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ बताते हुए अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए – (i) कमर कसना (ii) दिल बाग-बाग होना (iii) हथियार डालना
उत्तर: (i) कमर कसना का अर्थ है किसी कार्य को करने के लिए पूरी तरह तैयार होना; वाक्य-प्रयोग: परीक्षा नजदीक आते ही सभी विद्यार्थियों ने पढ़ाई के लिए कमर कस ली। (ii) दिल बाग-बाग होना का अर्थ है अत्यंत प्रसन्न होना; वाक्य-प्रयोग: बेटी की सफलता की खबर सुनकर माता-पिता का दिल बाग-बाग हो गया। (iii) हथियार डालना का अर्थ है हार मान लेना; वाक्य-प्रयोग: लंबी बीमारी से जूझने के बाद भी उसने कभी हथियार नहीं डाले।
महत्वपूर्ण परीक्षा प्रश्न
- निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ बताते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए।
- मुहावरा और लोकोक्ति में अंतर स्पष्ट कीजिए।
- दिए गए लोकोक्तियों का भावार्थ स्पष्ट करते हुए वाक्य-प्रयोग कीजिए।
- निम्नलिखित वाक्यों में उपयुक्त मुहावरे का प्रयोग कर वाक्य पूरा कीजिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- प्रश्न: मुहावरे शब्द की उत्पत्ति किस भाषा से हुई है?
उत्तर: ‘मुहावरा’ शब्द अरबी भाषा के ‘मुहावरः’ से बना है, जिसका अर्थ है ‘अभ्यास’ या ‘बातचीत’।
- प्रश्न: परीक्षा में मुहावरे और लोकोक्ति से जुड़े प्रश्न किस प्रकार पूछे जाते हैं?
उत्तर: प्रायः दिए गए मुहावरे/लोकोक्ति का अर्थ लिखने और उसका वाक्य में प्रयोग करने से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
- प्रश्न: क्या मुहावरे का प्रयोग वाक्य में व्याकरणिक रूप से बदलकर किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, मुहावरे को काल, वचन आदि के अनुसार बदलकर प्रयोग किया जा सकता है, जबकि लोकोक्ति को सामान्यतः ज्यों का त्यों ही प्रयोग किया जाता है।
निष्कर्ष
मुहावरे और लोकोक्तियाँ हिंदी भाषा की सुंदरता और प्रभावशीलता के महत्वपूर्ण अंग हैं। इनका सही अर्थ समझकर वाक्य में उचित प्रयोग करने से न केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त होते हैं, बल्कि विद्यार्थियों की भाषा-अभिव्यक्ति भी अधिक सजीव और प्रभावशाली बनती है। नियमित अभ्यास और वाक्य-प्रयोग के माध्यम से यह विषय सरलता से आत्मसात किया जा सकता है।
यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य से BSEB कक्षा 10 हिंदी व्याकरण पाठ्यक्रम के आधार पर तैयार किया गया है।
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