विशेषण और क्रिया विशेषण – कक्षा 10 हिंदी व्याकरण संपूर्ण अध्ययन
प्रस्तावना
हिंदी व्याकरण में “विशेषण” और “क्रिया विशेषण” दोनों ही महत्वपूर्ण पद-भेद हैं, जो वाक्य को अधिक स्पष्ट, सजीव और अर्थपूर्ण बनाते हैं। बिहार बोर्ड कक्षा 10 की परीक्षा में इन दोनों विषयों से संबंधित प्रश्न प्रायः पूछे जाते हैं। इस लेख में हम विशेषण की परिभाषा, उसके भेद-उपभेद, तुलना की अवस्थाएँ, प्रविशेषण, तथा क्रिया विशेषण के सभी प्रकारों को उदाहरण-वाक्यों, तालिकाओं और टिप्स सहित विस्तार से समझेंगे।
भाग 1: विशेषण
विशेषण की परिभाषा
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, संख्या, परिमाण आदि) बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं। जैसे – लाल फूल, ऊँचा पेड़, दस किताबें। यहाँ “लाल”, “ऊँचा” और “दस” शब्द क्रमशः फूल, पेड़ और किताबें नामक संज्ञाओं की विशेषता बता रहे हैं।
विशेष्य किसे कहते हैं?
जिस संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता विशेषण द्वारा प्रकट होती है, उसे “विशेष्य” कहते हैं। जैसे – काली बिल्ली में “काली” विशेषण है और “बिल्ली” विशेष्य है।
विशेषण के भेद
विशेषण के सामान्यतः चार भेद माने जाते हैं:
| क्रम | भेद | संक्षिप्त परिचय |
|---|---|---|
| 1 | गुणवाचक विशेषण | गुण, दोष, रंग, आकार, स्वाद आदि का बोध कराता है | 2 | परिमाणवाचक विशेषण | माप-तोल का बोध कराता है |
| 3 | संख्यावाचक विशेषण | संख्या या गणना का बोध कराता है |
| 4 | सार्वनामिक विशेषण | सर्वनाम का विशेषण के रूप में प्रयोग |
1. गुणवाचक विशेषण
संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, आकार, स्वभाव, स्वाद, गंध, स्थान आदि का बोध कराने वाले शब्द गुणवाचक विशेषण कहलाते हैं।
| श्रेणी | उदाहरण शब्द | वाक्य-प्रयोग | गुण/दोष | ईमानदार, आलसी, विनम्र | वह एक ईमानदार व्यापारी है। |
|---|---|---|
| रंग | लाल, हरा, पीला | बगीचे में हरी घास फैली है। | आकार | गोल, लंबा, चौकोर | मेज पर एक गोल थाली रखी है। |
| स्वाद/गंध | मीठा, खट्टा, सुगंधित | यह आम बहुत मीठा है। |
| अवस्था/दशा | बीमार, स्वस्थ, कमजोर | बीमार बालक अस्पताल में भर्ती है। |
| स्थान | भारतीय, गाँव का, विदेशी | यह भारतीय कारीगरी अद्भुत है। |
2. परिमाणवाचक विशेषण
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम के माप-तोल अथवा परिमाण का बोध कराते हैं, उन्हें परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं। इसके दो भेद हैं:
| भेद | विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|
| निश्चित परिमाणवाचक | ठीक-ठीक माप बताता है | दो किलो चावल, पाँच लीटर दूध |
| अनिश्चित परिमाणवाचक | अस्पष्ट माप-तोल बताता है | थोड़ा नमक, बहुत पानी, कुछ आटा |
वाक्य-प्रयोग: दुकानदार ने दो किलो आलू तौले। रसोई में थोड़ा तेल बचा है।
3. संख्यावाचक विशेषण
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की संख्या या गणना का बोध कराते हैं, उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। इसके दो मुख्य भेद हैं – निश्चित संख्यावाचक तथा अनिश्चित संख्यावाचक।
| उपभेद (निश्चित संख्यावाचक) | उदाहरण |
|---|---|
| पूर्ण संख्याबोधक (गणनावाचक) | एक, दो, तीन विद्यार्थी |
| अपूर्ण संख्याबोधक | आधा, पौन, सवा, डेढ़, ढाई |
| क्रमवाचक | पहला, दूसरा, तीसरा |
| आवृत्तिवाचक | दुगुना, तिगुना, चौगुना |
| समुदायवाचक | दोनों, तीनों, चारों |
| समुच्चयवाचक | दर्जन, जोड़ा, सैकड़ा |
| प्रत्येकबोधक | हर, प्रत्येक, प्रति |
अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण के उदाहरण: कुछ, कई, सब, सैकड़ों, थोड़े। जैसे – मेले में कई दुकानें सजी थीं।
4. सार्वनामिक विशेषण
जो सर्वनाम संज्ञा से पहले लगकर उसकी विशेषता बताते हैं, उन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं। इसके चार भेद हैं:
| भेद | उदाहरण वाक्य |
|---|---|
| निश्चयवाचक/संकेतवाचक | यह पुस्तक मेरी है। उस दरवाजे को बंद करो। |
| अनिश्चयवाचक | कोई व्यक्ति द्वार पर खड़ा है। |
| प्रश्नवाचक | कौन लड़का चिल्ला रहा है? तुम्हें कौन-सी किताब चाहिए? |
| संबंधवाचक | जो छात्र मेहनती है, वह अवश्य सफल होगा। |
सार्वनामिक विशेषण और सर्वनाम में अंतर: यदि सर्वनाम संज्ञा से पहले प्रयुक्त हो तो वह सार्वनामिक विशेषण है; यदि वह अकेला (संज्ञा के बिना) प्रयुक्त हो तो सर्वनाम है। जैसे – “यह किताब अच्छी है” (सार्वनामिक विशेषण) और “यह अच्छी है” (सर्वनाम)।
उद्देश्य-विशेषण और विधेय-विशेषण
| प्रकार | स्थिति | उदाहरण |
|---|---|---|
| उद्देश्य-विशेषण | विशेष्य से पहले आता है | सुंदर बालिका गा रही है। |
| विधेय-विशेषण | विशेष्य के बाद आता है | वह बालिका सुंदर है। |
ध्यान रखें: विशेषण का लिंग, वचन सदैव विशेष्य (संज्ञा) के अनुसार ही बदलता है। जैसे – अच्छा लड़का, अच्छी लड़की, अच्छे लड़के।
विशेषणों की तुलना (तुलनात्मक अवस्थाएँ)
विशेषण विशेष्य की तुलनात्मक अधिकता या न्यूनता भी प्रकट करते हैं। तुलना की तीन अवस्थाएँ होती हैं:
| अवस्था | विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|
| मूलावस्था | कोई तुलना नहीं, सामान्य विशेषता | यह आम मीठा है। |
| उत्तरावस्था | दो वस्तुओं/व्यक्तियों की तुलना | सीता गीता से अधिक बुद्धिमान है। |
| उत्तमावस्था | दो से अधिक की तुलना, सर्वाधिक/सबसे कम | राम कक्षा में सबसे तेज धावक है। |
तुलनाबोधक प्रत्यय: संस्कृत में उत्तरावस्था के लिए “तर” तथा उत्तमावस्था के लिए “तम” प्रत्यय जोड़ा जाता है। जैसे – लघु → लघुतर → लघुतम; उच्च → उच्चतर → उच्चतम।
प्रविशेषण
जो शब्द किसी विशेषण या क्रिया-विशेषण की भी विशेषता बताते हैं, उन्हें “प्रविशेषण” कहते हैं। जैसे – वह अत्यंत परिश्रमी छात्र है। यहाँ “अत्यंत” शब्द “परिश्रमी” (विशेषण) की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह प्रविशेषण है।
सामान्य प्रविशेषण: बहुत, अत्यंत, अति, बिल्कुल, लगभग, तनिक, ठीक, पूर्णतः।
| वाक्य | प्रविशेषण |
|---|---|
| वह बहुत होशियार लड़का है। | बहुत | मैं पूर्णतः स्वस्थ हूँ। | पूर्णतः |
| वहाँ लगभग सौ लोग थे। | लगभग |
भाग 2: क्रिया विशेषण
क्रिया विशेषण की परिभाषा
जो अविकारी शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं, उन्हें “क्रिया विशेषण” कहते हैं। जैसे – बच्चा धीरे-धीरे चल रहा है। यहाँ “धीरे-धीरे” शब्द “चलने” की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह क्रिया विशेषण है।
क्रिया विशेषण के भेद
क्रिया विशेषण मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं:
| क्रम | भेद | बोध |
|---|---|---|
| 1 | कालवाचक क्रिया विशेषण | समय का बोध |
| 2 | स्थानवाचक क्रिया विशेषण | स्थान/दिशा का बोध |
| 3 | रीतिवाचक क्रिया विशेषण | ढंग/विधि का बोध | 4 | परिमाणवाचक क्रिया विशेषण | मात्रा/परिमाण का बोध |
1. कालवाचक क्रिया विशेषण
क्रिया के होने या करने के समय का बोध कराने वाले शब्द कालवाचक क्रिया विशेषण कहलाते हैं।
| उपभेद | उदाहरण शब्द | वाक्य-प्रयोग |
|---|---|---|
| कालबिंदुवाचक | आज, कल, अभी, कब | वह कल परीक्षा देगा। |
| अवधिवाचक | सदा, निरंतर, आजकल | वह निरंतर परिश्रम करता है। | बारंबारतावाचक | प्रतिदिन, अक्सर, हर बार | वह प्रतिदिन योग करता है। |
2. स्थानवाचक क्रिया विशेषण
क्रिया के स्थान या दिशा का बोध कराने वाले शब्द स्थानवाचक क्रिया विशेषण कहलाते हैं।
| उपभेद | उदाहरण शब्द | वाक्य-प्रयोग |
|---|---|---|
| स्थितिवाचक | यहाँ, वहाँ, ऊपर, नीचे | किताबें अलमारी के ऊपर रखी हैं। |
| दिशावाचक | इधर, उधर, सामने, दाहिने | बच्चे सामने की ओर दौड़े। |
3. रीतिवाचक क्रिया विशेषण
क्रिया के होने की रीति या ढंग का बोध कराने वाले शब्द रीतिवाचक क्रिया विशेषण कहलाते हैं।
| उपभेद | उदाहरण शब्द | वाक्य-प्रयोग |
|---|---|---|
| निश्चयात्मक | अवश्य, सचमुच, बेशक | वह अवश्य सफल होगा। | अनिश्चयात्मक | शायद, प्रायः, कदाचित् | शायद आज बारिश हो। |
| आकस्मिकतात्मक | अचानक, एकाएक, सहसा | अचानक बिजली चली गई। |
| निषेधात्मक | नहीं, मत, न | कक्षा में शोर मत करो। |
4. परिमाणवाचक क्रिया विशेषण
क्रिया की मात्रा या परिमाण का बोध कराने वाले शब्द परिमाणवाचक क्रिया विशेषण कहलाते हैं। जैसे – वह बहुत थक गया है। यहाँ “बहुत” शब्द “थकने” की मात्रा बता रहा है।
| उदाहरण शब्द | वाक्य-प्रयोग |
|---|---|
| बहुत, थोड़ा, कम | तुम कम बोला करो। |
| लगभग, पर्याप्त | आज पर्याप्त वर्षा हुई। |
विशेषण और क्रिया विशेषण में अंतर
| आधार | विशेषण | क्रिया विशेषण |
|---|---|---|
| विशेषता किसकी बताता है | संज्ञा/सर्वनाम की | क्रिया की |
| रूप में परिवर्तन | लिंग-वचन के अनुसार बदलता है (कुछ विशेषण) | अविकारी होता है, कभी नहीं बदलता |
| उदाहरण | सुंदर लड़की, तेज घोड़ा | धीरे-धीरे चलना, अभी आना |
महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न
- विशेषण के कितने भेद माने जाते हैं?
(a) दो (b) तीन (c) चार (d) पाँच
उत्तर: (c) चार
- “वह अत्यंत परिश्रमी है” में “अत्यंत” क्या है?
(a) विशेषण (b) प्रविशेषण (c) क्रिया विशेषण (d) सर्वनाम
उत्तर: (b) प्रविशेषण
- क्रिया विशेषण के कितने भेद होते हैं?
(a) दो (b) तीन (c) चार (d) पाँच
उत्तर: (c) चार
- “वह धीरे-धीरे चलता है” में “धीरे-धीरे” कौन-सा क्रिया विशेषण है?
(a) कालवाचक (b) स्थानवाचक (c) रीतिवाचक (d) परिमाणवाचक
उत्तर: (c) रीतिवाचक
- “दस किताबें” में “दस” कौन-सा विशेषण है?
(a) गुणवाचक (b) संख्यावाचक (c) परिमाणवाचक (d) सार्वनामिक
उत्तर: (b) संख्यावाचक
अभ्यास हेतु प्रश्न (लघु उत्तरीय)
- प्रश्न: विशेषण और विशेष्य में क्या संबंध है?
उत्तर: विशेषण वह शब्द है जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है, और जिस संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताई जाती है, उसे विशेष्य कहते हैं। जैसे – “काली गाय” में “काली” विशेषण है और “गाय” विशेष्य है।
- प्रश्न: उद्देश्य-विशेषण और विधेय-विशेषण में क्या अंतर है?
उत्तर: जो विशेषण विशेष्य से पहले आता है, उसे उद्देश्य-विशेषण कहते हैं (जैसे – सुंदर लड़की), और जो विशेष्य के बाद आता है, उसे विधेय-विशेषण कहते हैं (जैसे – वह लड़की सुंदर है)।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
- प्रश्न: विशेषण के भेदों को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: विशेषण के चार भेद होते हैं। गुणवाचक विशेषण संज्ञा के गुण, दोष, रंग आदि का बोध कराता है (जैसे – सुंदर फूल)। परिमाणवाचक विशेषण माप-तोल बताता है (जैसे – दो किलो चावल)। संख्यावाचक विशेषण संख्या या गणना बताता है (जैसे – पाँच छात्र)। सार्वनामिक विशेषण वे सर्वनाम हैं जो संज्ञा से पहले लगकर उसकी विशेषता बताते हैं (जैसे – यह किताब)।
- प्रश्न: क्रिया विशेषण के भेदों का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर: क्रिया विशेषण के चार भेद होते हैं। कालवाचक क्रिया विशेषण क्रिया के समय का बोध कराता है (जैसे – वह कल आएगा)। स्थानवाचक क्रिया विशेषण स्थान या दिशा बताता है (जैसे – वह ऊपर गया)। रीतिवाचक क्रिया विशेषण क्रिया की रीति बताता है (जैसे – वह धीरे बोलता है)। परिमाणवाचक क्रिया विशेषण क्रिया की मात्रा बताता है (जैसे – वह बहुत थक गया)।
महत्वपूर्ण परीक्षा प्रश्न
- तुलनात्मक अवस्थाओं (मूलावस्था, उत्तरावस्था, उत्तमावस्था) को उदाहरण सहित समझाइए।
- सार्वनामिक विशेषण और सर्वनाम में अंतर स्पष्ट कीजिए।
- निम्नलिखित वाक्यों में विशेषण और क्रिया विशेषण छाँटें – (क) वह बहुत तेज दौड़ता है। (ख) मीठा आम स्वादिष्ट होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- प्रश्न: विशेषण किसे कहते हैं?
उत्तर: जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, संख्या, परिमाण आदि) बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं।
- प्रश्न: क्रिया विशेषण अविकारी शब्द क्यों कहलाता है?
उत्तर: क्रिया विशेषण का रूप लिंग, वचन या कारक के अनुसार कभी नहीं बदलता, इसलिए इसे अविकारी शब्द कहा जाता है।
- प्रश्न: प्रविशेषण और विशेषण में क्या अंतर है?
उत्तर: विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है, जबकि प्रविशेषण किसी विशेषण या क्रिया विशेषण की स्वयं विशेषता बताता है, जैसे “अत्यंत सुंदर” में “अत्यंत” प्रविशेषण है।
निष्कर्ष
विशेषण और क्रिया विशेषण हिंदी व्याकरण के ऐसे महत्वपूर्ण अंग हैं, जिनकी सही समझ से वाक्य अधिक स्पष्ट, प्रभावशाली और सजीव बनता है। दोनों के भेदों को उदाहरणों सहित बार-बार अभ्यास करने से छात्र परीक्षा में इनसे जुड़े प्रश्नों को सरलता और आत्मविश्वास के साथ हल कर सकते हैं।
यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य से BSEB कक्षा 10 हिंदी व्याकरण पाठ्यक्रम के आधार पर तैयार किया गया है।
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