परिक्षेपण के माप सांख्यिकी का एक महत्वपूर्ण विषय है। केन्द्रीय प्रवृत्ति की माप जैसे समान्तर माध्य, माध्यिका और बहुलक हमें आँकड़ों के एक प्रतिनिधि मान के बारे में बताते हैं, लेकिन केवल औसत जान लेना पर्याप्त नहीं होता। हमें यह भी जानना आवश्यक है कि आँकड़े उस केन्द्रीय मान के आसपास कितने फैले हुए हैं। इसी फैलाव या बिखराव को परिक्षेपण (Dispersion) कहा जाता है।
इस अध्याय में हम परास, चतुर्थक विचलन, माध्य विचलन, प्रमाप विचलन, विचरण, विचरण गुणांक और लॉरेंज वक्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समझेंगे। नीचे दिए गए प्रश्न-उत्तर परीक्षा की तैयारी को ध्यान में रखकर आसान भाषा में समझाए गए हैं।
परिक्षेपण का अर्थ और महत्व
प्रश्न 1. किसी बारम्बारता वितरण को समझने में परिक्षेपण का माप केन्द्रीय मान का एक अच्छा सम्पूरक है, टिप्पणी लिखें।
उत्तर: परिक्षेपण का माप केन्द्रीय प्रवृत्ति की माप का अच्छा सम्पूरक है। समान्तर माध्य या माध्यिका हमें यह बताती है कि आँकड़ों का प्रतिनिधि या केन्द्रीय मान क्या है, लेकिन इससे आँकड़ों में मौजूद फैलाव का पता नहीं चलता।
उदाहरण के लिए, यदि किसी कक्षा के 10 विद्यार्थियों के औसत अंक 60 हैं, तो केवल औसत से यह पता नहीं चलता कि सभी विद्यार्थियों के अंक 60 के आसपास हैं या कुछ के बहुत अधिक और कुछ के बहुत कम हैं। परिक्षेपण का माप इस अंतर को स्पष्ट करता है।
इसलिए किसी वितरण को सही ढंग से समझने के लिए केन्द्रीय प्रवृत्ति तथा परिक्षेपण दोनों का अध्ययन आवश्यक है।
प्रश्न 2. परिक्षेपण का कौन-सा माप सर्वोत्तम है और कैसे?
उत्तर: प्रमाप विचलन (Standard Deviation) को परिक्षेपण का एक महत्वपूर्ण और व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला माप माना जाता है। यह श्रेणी के सभी मूल्यों को ध्यान में रखता है और गणितीय विश्लेषण में भी उपयोगी है।
प्रश्न 3. क्या परिक्षेपण के कुछ माप मानों के प्रसरण पर तथा कुछ केन्द्रीय मान से मानों के विचरण पर आधारित होते हैं?
उत्तर: हाँ। परास और चतुर्थक विचलन मुख्यतः मूल्यों के विस्तार पर आधारित होते हैं, जबकि माध्य विचलन और प्रमाप विचलन किसी केन्द्रीय मान से मूल्यों के विचलन पर आधारित होते हैं।
प्रश्न 4. एक कस्बे में 25% लोग ₹45,000 से अधिक आय अर्जित करते हैं, जबकि 75% लोग ₹18,000 से अधिक अर्जित करते हैं। परिक्षेपण के निरपेक्ष एवं सापेक्ष मानों का परिकलन कीजिए।
उत्तर: दिए गए आँकड़ों के आधार पर चतुर्थक मानों का उपयोग किया जाता है।
सापेक्ष परिक्षेपण:
चतुर्थक विचलन गुणांक = (Q3 − Q1) / (Q3 + Q1)
= (45,000 − 18,000) / (45,000 + 18,000)
= 27,000 / 63,000
≈ 0.429
प्रश्न 5. एक राज्य के 10 जिलों की प्रति एकड़ गेहूँ और चावल की फसल की उपज के आधार पर विभिन्न परिक्षेपण मापों की गणना कीजिए।
उत्तर: इस प्रश्न में गेहूँ और चावल की 10-10 उपजों की मूल तालिका दी गई है। उसी तालिका से परास, चतुर्थक विचलन, माध्य से विचलन, माध्य विचलन और प्रमाप विचलन निकाले जाते हैं।
परास का सूत्र:
R = L − S
जहाँ L = सबसे बड़ा मूल्य तथा S = सबसे छोटा मूल्य।
स्रोत में गेहूँ के लिए सबसे बड़े और सबसे छोटे मान के आधार पर परास 16 तथा चावल के लिए परास 22 दिया गया है।
प्रश्न 6. पूर्ववर्ती प्रश्न में विचरण के सापेक्ष मापों का परिकलन कीजिए।
उत्तर: सापेक्ष परिक्षेपण के लिए परास गुणांक, चतुर्थक विचलन गुणांक तथा विचरण गुणांक जैसे मापों का प्रयोग किया जाता है।
परास गुणांक = (L − S) / (L + S)
गेहूँ के लिए:
(25 − 9) / (25 + 9) = 16 / 34 ≈ 0.47
चावल के लिए:
(34 − 12) / (34 + 12) = 22 / 46 ≈ 0.48
परिक्षेपण के प्रमुख माप
प्रश्न 7. किसी क्रिकेट टीम के लिए X और Y में से बल्लेबाज का चयन करना है। अधिक स्कोर या अधिक भरोसेमन्द बल्लेबाज में से किस आधार पर चयन किया जाएगा?
उत्तर: केवल औसत स्कोर देखकर बल्लेबाज की विश्वसनीयता तय नहीं की जा सकती। इसके लिए प्रमाप विचलन तथा विचरण गुणांक (C.V.) को भी देखना चाहिए।
जिस बल्लेबाज का विचरण गुणांक कम होता है, उसके प्रदर्शन में अपेक्षाकृत कम उतार-चढ़ाव होता है और वह अधिक स्थिर माना जाता है।
प्रश्न 8. दो ब्राण्डों के बल्बों की जीवन-अवधि के आधार पर बताइए कि किसका जीवनकाल अधिक है और कौन अधिक भरोसेमन्द है?
उत्तर: जीवनकाल की तुलना के लिए औसत जीवन-अवधि देखी जाती है, जबकि भरोसेमन्दता की तुलना के लिए विचरण गुणांक उपयोगी है। जिस ब्राण्ड का औसत अधिक और C.V. अपेक्षाकृत कम हो, उसका प्रदर्शन अधिक स्थिर माना जाएगा।
प्रश्न 9. 50 मजदूरों की औसत दैनिक मजदूरी ₹200 और मानक विचलन ₹40 है। प्रत्येक मजदूर की मजदूरी में ₹20 की वृद्धि की गई। नई औसत मजदूरी और मानक विचलन ज्ञात करें।
उत्तर:
पुरानी औसत मजदूरी = ₹200
प्रत्येक मजदूर की वृद्धि = ₹20
नई औसत मजदूरी = 200 + 20 = ₹220
जब प्रत्येक मूल्य में समान राशि जोड़ी जाती है, तो प्रमाप विचलन में परिवर्तन नहीं होता।
अतः नई औसत मजदूरी ₹220 और नया प्रमाप विचलन ₹40 रहेगा।
नई C.V. = (40 / 220) × 100 ≈ 18.18%
प्रश्न 10. यदि प्रत्येक मजदूरी में 10% की वृद्धि की जाए, तो माध्य और प्रमाप विचलन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: यदि प्रत्येक मूल्य को समान अनुपात में बढ़ाया जाता है, तो माध्य और प्रमाप विचलन दोनों उसी अनुपात में बढ़ते हैं।
प्रश्न 11. निम्नलिखित वितरण के लिए माध्य से माध्य विचलन और मानक विचलन की गणना कीजिए।
उत्तर: पहले वितरण का समान्तर माध्य ज्ञात किया जाता है। इसके बाद प्रत्येक मान का माध्य से विचलन, उसके निरपेक्ष मान तथा वर्ग निकाला जाता है। फिर सूत्रों का प्रयोग किया जाता है:
माध्य विचलन = Σf|d| / N
प्रमाप विचलन = √[Σf(X − X̄)² / N]
प्रश्न 12. 10 मानों का योग 100 है और उनके वर्गों का योग 1090 है। विचरण गुणांक ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
N = 10
ΣX = 100
ΣX² = 1090
समान्तर माध्य:
X̄ = 100 / 10 = 10
विचरण:
σ² = (ΣX² / N) − X̄²
= 1090 / 10 − 10²
= 109 − 100 = 9
प्रमाप विचलन:
σ = √9 = 3
विचरण गुणांक:
C.V. = (σ / X̄) × 100
= (3 / 10) × 100
= 30%
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. व्यक्तिगत श्रेणी में माध्य विचलन की गणना का सूत्र लिखिए।
उत्तर: माध्य विचलन = Σ|D| / N
प्रश्न 2. माध्य विचलन प्रायः माध्यिका से क्यों लिया जाता है?
उत्तर: माध्यिका से लिए गए निरपेक्ष विचलनों का योग न्यूनतम होता है।
प्रश्न 3. व्यक्तिगत श्रेणी में प्रमाप विचलन का सूत्र लिखिए।
उत्तर: σ = √[Σ(X − X̄)² / N]
प्रश्न 4. प्रमाप विचलन सदैव किस माध्य से लिया जाता है?
उत्तर: प्रमाप विचलन समान्तर माध्य से लिया जाता है।
प्रश्न 5. प्रसरण (Variance) से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: प्रमाप विचलन के वर्ग को प्रसरण कहते हैं।
प्रश्न 6. यदि किसी आवृत्ति वितरण का प्रसरण 100 है, तो प्रमाप विचलन क्या होगा?
उत्तर: σ = √100 = 10
प्रश्न 7. प्रत्येक संख्या में 10 जोड़ने पर प्रमाप विचलन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: प्रत्येक मान में समान संख्या जोड़ने पर प्रमाप विचलन में कोई परिवर्तन नहीं होता।
प्रश्न 8. यदि प्रमाप विचलन 5 है, तो प्रसरण कितना होगा?
उत्तर: Variance = σ² = 5² = 25
प्रश्न 9. विचरण गुणांक क्या होता है?
उत्तर: विचरण गुणांक सापेक्ष परिक्षेपण का माप है।
C.V. = (σ / X̄) × 100
प्रश्न 10. माध्य 100 और प्रमाप विचलन 10 हो तो C.V. ज्ञात करें।
उत्तर: C.V. = (10 / 100) × 100 = 10%
प्रश्न 11. दो श्रेणियों A और B के C.V. क्रमशः 20% और 10% हैं। कौन-सी श्रेणी अधिक समरूप है?
उत्तर: B श्रेणी अधिक समरूप होगी, क्योंकि उसका C.V. कम है।
प्रश्न 12. प्रसामान्य वितरण में X̄ ± 3σ के अन्तर्गत लगभग कितने प्रतिशत मान आते हैं?
उत्तर: लगभग 99.7% मान X̄ ± 3σ के बीच आते हैं।
प्रश्न 13. परिक्षेपण की माप किस प्रकार की माप है?
उत्तर: परिक्षेपण की माप को केन्द्रीय प्रवृत्ति की माप का पूरक माना जाता है।
प्रश्न 14. परिक्षेपण के तीन प्रचलित माप लिखिए।
उत्तर: परास, चतुर्थक विचलन और प्रमाप विचलन।
प्रश्न 15. विस्तार (Range) किसे कहते हैं?
उत्तर: किसी श्रेणी के अधिकतम और न्यूनतम मूल्य के अन्तर को विस्तार कहते हैं।
R = L − S
प्रश्न 16. पाँच छात्रों के मासिक खर्च ₹12, ₹20, ₹5, ₹40 और ₹62 हैं। विस्तार ज्ञात करें।
उत्तर: R = 62 − 5 = ₹57
प्रश्न 17. चतुर्थक विचलन क्या होता है?
उत्तर: चतुर्थक विचलन तृतीय चतुर्थक और प्रथम चतुर्थक के अन्तर का आधा होता है।
Q.D. = (Q₃ − Q₁) / 2
प्रश्न 18. किस परिक्षेपण माप में विचलन के + और − चिह्नों की उपेक्षा की जाती है?
उत्तर: माध्य विचलन में निरपेक्ष विचलन लिए जाते हैं, इसलिए + और − चिह्नों की उपेक्षा की जाती है।
प्रश्न 19. माध्य विचलन किसे कहते हैं?
उत्तर: किसी केन्द्रीय मान से लिए गए निरपेक्ष विचलनों के समान्तर माध्य को माध्य विचलन कहते हैं।
प्रश्न 20. 20, 30, 40, 50 और 200 का विस्तार ज्ञात करें।
उत्तर: R = 200 − 20 = 180
प्रश्न 21. यदि 200 हटा दिया जाए तो नया विस्तार क्या होगा?
उत्तर: नया विस्तार = 50 − 20 = 30
प्रश्न 22. यदि 50 के स्थान पर 150 कर दिया जाए तो विस्तार क्या होगा?
उत्तर: अधिकतम 200 और न्यूनतम 20 रहेगा। इसलिए विस्तार = 200 − 20 = 180
प्रश्न 23. खुले सिरे वाले वितरण से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: जिस वितरण में सबसे पहले वर्ग की निम्न सीमा या सबसे अंतिम वर्ग की उच्च सीमा या दोनों सीमाएँ नहीं दी गई हों, उसे खुले सिरे वाला वितरण कहते हैं।
प्रश्न 24. उदाहरण से बताइए कि विस्तार अधिकतम सीमा मूल्य से प्रभावित होता है।
उत्तर: 10, 15, 20 और 50 में विस्तार 40 है। यदि 50 के स्थान पर 100 हो जाए, तो विस्तार 90 हो जाएगा। इससे स्पष्ट है कि विस्तार चरम मूल्यों से प्रभावित होता है।
प्रश्न 25. चतुर्थक विचलन का दूसरा नाम क्या है?
उत्तर: अर्द्ध-अन्तर चतुर्थक विस्तार (Semi-Interquartile Range)।
प्रश्न 26. प्रमाप विचलन गुणांक का सूत्र लिखिए।
उत्तर: σ / X̄
प्रश्न 27. विचरण गुणांक का सूत्र लिखिए।
उत्तर: C.V. = (σ / X̄) × 100
प्रश्न 28. यदि प्रसरण 9 और औसत 120 है तो C.V. ज्ञात करें।
उत्तर: σ = √9 = 3
C.V. = (3 / 120) × 100 = 2.5%
प्रश्न 29. प्रमाप विचलन ज्ञात करने की प्रमुख विधियाँ लिखिए।
उत्तर:
- वास्तविक माध्य विधि
- कल्पित माध्य विधि
- पद-विचलन विधि
प्रश्न 30. निरपेक्ष तथा सापेक्ष परिक्षेपण में अन्तर बताइए।
| आधार | निरपेक्ष परिक्षेपण | सापेक्ष परिक्षेपण |
|---|---|---|
| अर्थ | मूल्यों के वास्तविक फैलाव को बताता है। | फैलाव को अनुपात या प्रतिशत के रूप में बताता है। |
| इकाई | मूल चर की इकाई होती है। | सामान्यतः इकाई रहित या प्रतिशत में होता है। |
| उदाहरण | परास, माध्य विचलन, प्रमाप विचलन | परास गुणांक, C.V. |
प्रश्न 31. परिक्षेपण का बिन्दुरेखीय माप कौन-सा है?
उत्तर: लॉरेंज वक्र।
प्रश्न 32. लॉरेंज वक्र किस आर्थिक समस्या के अध्ययन के लिए उपयोगी है?
उत्तर: आय और संपत्ति के वितरण में असमानता के अध्ययन के लिए लॉरेंज वक्र उपयोगी है।
प्रश्न 33. दो श्रेणियों की तुलना के लिए परिक्षेपण का कौन-सा माप अधिक उपयोगी है?
उत्तर: विचरण गुणांक (C.V.)।
प्रश्न 34. विस्तार का प्रमुख दोष क्या है?
उत्तर: यह केवल अधिकतम और न्यूनतम दो मूल्यों पर आधारित होता है तथा बीच के मूल्यों की उपेक्षा करता है।
प्रश्न 35. प्रमाप विचलन क्या है?
उत्तर: समान्तर माध्य से लिए गए विचलनों के वर्गों के औसत के वर्गमूल को प्रमाप विचलन कहते हैं।
प्रश्न 36. निम्न श्रेणी का विस्तार गुणांक ज्ञात कीजिए।
सूत्र: विस्तार गुणांक = (L − S) / (L + S)
प्रश्न 37. यदि प्रमाप विचलन 9 है, तो प्रसरण क्या होगा?
उत्तर: Variance = 9² = 81
प्रश्न 38. विस्तार गुणांक का सूत्र लिखिए।
उत्तर: (L − S) / (L + S)
प्रश्न 39. प्रमाप विचलन का दूसरा नाम क्या है?
उत्तर: विचलनों के वर्गों का माध्य मूल (Root Mean Square Deviation)।
प्रश्न 40. चतुर्थक विचलन का दूसरा नाम क्या है?
उत्तर: अर्द्ध-अन्तर चतुर्थक विस्तार।
प्रश्न 41. प्रसरण शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किसने किया था?
उत्तर: स्रोत सामग्री में इसका उत्तर आर. ए. फिशर दिया गया है।
प्रश्न 42. अच्छे परिक्षेपण माप की दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
- यह सभी महत्वपूर्ण मूल्यों पर आधारित होना चाहिए।
- इसकी गणना और व्याख्या अपेक्षाकृत सरल होनी चाहिए।
प्रश्न 43. परिक्षेपण के कोई दो उद्देश्य लिखिए।
उत्तर:
- श्रृंखला में मूल्यों के फैलाव की जानकारी देना।
- केन्द्रीय मान के आसपास मूल्यों की परिवर्तनशीलता को समझना।
प्रश्न 44. 10 व्यक्तियों का औसत वेतन ₹5,400 है। एक कर्मचारी का वेतन ₹6,000 है। उसका विचलन धनात्मक है या ऋणात्मक?
उत्तर: ₹6,000 का वेतन औसत ₹5,400 से अधिक है। इसलिए उसका विचलन धनात्मक है।
प्रश्न 45. परिक्षेपण के कौन-से माप मूल्यों के विस्तार पर निर्भर करते हैं?
उत्तर: परास और चतुर्थक विचलन।
प्रश्न 46. कौन-से माप माध्य से विचलन पर आधारित हैं?
उत्तर: माध्य विचलन और प्रमाप विचलन।
प्रश्न 47. परिक्षेपण के माप कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर: मुख्यतः दो प्रकार:
- निरपेक्ष माप
- सापेक्ष माप
प्रश्न 48. प्रमाप विचलन का एक मुख्य दोष लिखिए।
उत्तर: इसकी गणना अन्य सरल मापों की तुलना में अपेक्षाकृत कठिन होती है।
प्रश्न 49. परिक्षेपण के विभिन्न मापों के नाम बताइए।
उत्तर: परास, चतुर्थक विचलन, माध्य विचलन, प्रमाप विचलन तथा इनके सापेक्ष गुणांक।
प्रश्न 50. विस्तार का एक दोष लिखिए।
उत्तर: यह पूरी श्रेणी के सभी मूल्यों पर आधारित नहीं होता।
प्रश्न 51. कौन-सी परिक्षेपण माप मध्य 50% मूल्यों से संबंधित है?
उत्तर: अन्तर-चतुर्थक विस्तार।
प्रश्न 52. विचरण क्या है?
उत्तर: प्रमाप विचलन के वर्ग को विचरण कहते हैं।
σ² = Variance
प्रश्न 53. विचरण गुणांक का सूत्र लिखिए।
उत्तर: C.V. = (σ / X̄) × 100
प्रश्न 54. प्रमाप विचलन की एक बीजगणितीय विशेषता बताइए।
उत्तर: समान्तर माध्य से लिए गए विचलनों के वर्गों का योग न्यूनतम होता है।
प्रश्न 55. सामूहिक प्रमाप विचलन ज्ञात करने का सूत्र लिखिए।
उत्तर: सामूहिक प्रमाप विचलन की गणना में प्रत्येक समूह के आकार, माध्य तथा प्रमाप विचलन को ध्यान में रखा जाता है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. निरपेक्ष और सापेक्ष परिक्षेपण में क्या अन्तर है?
| निरपेक्ष परिक्षेपण | सापेक्ष परिक्षेपण |
|---|---|
| मूल्यों के वास्तविक फैलाव को मापता है। | फैलाव को अनुपात या प्रतिशत के रूप में व्यक्त करता है। |
| मूल चर की इकाई में व्यक्त होता है। | सामान्यतः इकाई रहित या प्रतिशत में होता है। |
प्रश्न 2. परिक्षेपण के आदर्श माप के कोई तीन गुण बताइए।
उत्तर:
- इसे स्पष्ट और सरल होना चाहिए।
- यह सभी मूल्यों पर आधारित होना चाहिए।
- नमूने में परिवर्तन होने पर इसका प्रभाव बहुत अधिक नहीं होना चाहिए।
प्रश्न 3. माध्य विचलन और प्रमाप विचलन में अन्तर बताइए।
| आधार | माध्य विचलन | प्रमाप विचलन |
|---|---|---|
| केन्द्रीय मान | माध्य, माध्यिका या बहुलक से लिया जा सकता है। | समान्तर माध्य से लिया जाता है। |
| गणना | निरपेक्ष विचलनों का प्रयोग होता है। | विचलनों के वर्गों का प्रयोग होता है। |
| चिह्न | σ नहीं | σ |
प्रश्न 4. परिक्षेपण किसे कहते हैं? निरपेक्ष परिक्षेपण के चार प्रचलित माप लिखिए।
उत्तर: आँकड़ों के मूल्यों में मौजूद फैलाव, दूरी या बिखराव को परिक्षेपण कहते हैं। इसके प्रमुख निरपेक्ष माप हैं:
- परास
- चतुर्थक विचलन
- माध्य विचलन
- प्रमाप विचलन
प्रश्न 5. प्रमाप विचलन का अर्थ बताइए और इसका चिह्न लिखिए।
उत्तर: समान्तर माध्य से लिए गए विचलनों के वर्गों के औसत के वर्गमूल को प्रमाप विचलन कहते हैं। इसे σ से प्रदर्शित करते हैं।
σ = √[Σ(X − X̄)² / N]
प्रश्न 6. विस्तार तथा चतुर्थक विचलन क्या हैं?
उत्तर:
विस्तार: R = L − S
चतुर्थक विचलन: Q.D. = (Q₃ − Q₁) / 2
प्रश्न 7. मूल और पैमाने में परिवर्तन करने पर प्रमाप विचलन, माध्य तथा विचरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: मूल में परिवर्तन करने से प्रमाप विचलन प्रभावित नहीं होता, लेकिन माध्य बदल सकता है। यदि सभी मूल्यों को किसी समान गुणक से गुणा किया जाता है, तो प्रमाप विचलन भी उसी गुणक से बदलता है तथा विचरण उस गुणक के वर्ग से बदलता है।
प्रश्न 8. प्रमाप विचलन को विचलनों के वर्गों का माध्य मूल क्यों कहा जाता है?
उत्तर: क्योंकि इसमें पहले प्रत्येक मूल्य का माध्य से विचलन निकाला जाता है, फिर उसका वर्ग किया जाता है। इन वर्गों का औसत निकालकर उसका वर्गमूल लिया जाता है। इसलिए इसे Root Mean Square Deviation कहा जाता है।
दीर्घ एवं संख्यात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. किसी वितरण में चतुर्थक विचलन 15 अंक और चतुर्थक विचलन गुणांक 0.6 है। Q₁ तथा Q₃ ज्ञात करें।
उत्तर:
Q.D. = (Q₃ − Q₁) / 2 = 15
अतः Q₃ − Q₁ = 30
चतुर्थक विचलन गुणांक:
(Q₃ − Q₁)/(Q₃ + Q₁) = 0.6
30/(Q₃ + Q₁) = 0.6
अतः Q₃ + Q₁ = 50
अब:
Q₃ − Q₁ = 30
Q₃ + Q₁ = 50
हल करने पर:
Q₃ = 40 तथा Q₁ = 10
प्रश्न 2. 11 व्यक्तियों की ऊँचाई 61, 64, 68, 67, 68, 66, 70, 65, 67 तथा 72 इंच है। विस्तार ज्ञात कीजिए। सबसे छोटे व्यक्ति को हटाने पर विस्तार में प्रतिशत परिवर्तन ज्ञात करें।
उत्तर:
अधिकतम मान = 72 इंच
न्यूनतम मान = 61 इंच
प्रारम्भिक विस्तार = 72 − 61 = 11 इंच
सबसे छोटा मान हटाने के बाद न्यूनतम = 64 इंच
नया विस्तार = 72 − 64 = 8 इंच
परिवर्तन = 11 − 8 = 3 इंच
प्रतिशत परिवर्तन = (3/11) × 100 ≈ 27.27%
प्रश्न 3. 100 व्यक्तियों की ऊँचाई की दी गई तालिका से विस्तार ज्ञात कीजिए।
उत्तर: अधिकतम और न्यूनतम ऊँचाई के अन्तर से विस्तार ज्ञात किया जाएगा।
R = L − S
प्रश्न 4. सिद्ध कीजिए कि माध्य विचलन सभी मानों पर आधारित होता है।
उत्तर: मान लीजिए आँकड़े 2, 4, 7, 8, 9 हैं। इनका योग 30 और संख्या 5 है।
माध्य = 30/5 = 6
यदि 9 के स्थान पर 14 कर दिया जाए तो नया योग 35 और नया माध्य 7 हो जाता है। इस परिवर्तन के साथ माध्य विचलन भी बदल जाता है।
इससे स्पष्ट है कि किसी एक मान में परिवर्तन करने पर माध्य और उससे जुड़े विचलनों में परिवर्तन होता है। इसलिए माध्य विचलन पूरी श्रेणी के मूल्यों से प्रभावित होता है।
प्रश्न 5. सिद्ध करें कि माध्यिका से निकाला गया माध्य विचलन न्यूनतम होता है।
उत्तर: माध्य विचलन में निरपेक्ष विचलनों का योग लिया जाता है। किसी श्रेणी के लिए यह योग माध्यिका के आसपास न्यूनतम होता है। इसलिए माध्यिका से निकाला गया माध्य विचलन न्यूनतम होता है।
प्रश्न 6. इंचों में मापी गई ऊँचाई का प्रमाप विचलन फुटों में मापी गई ऊँचाई के प्रमाप विचलन से अधिक क्यों होता है?
उत्तर: प्रमाप विचलन निरपेक्ष माप है। यदि किसी माप की इकाई को छोटा किया जाता है, तो संख्यात्मक रूप से प्रमाप विचलन बढ़ जाता है। चूँकि 1 फुट = 12 इंच है, इसलिए समान ऊँचाई को इंच में व्यक्त करने पर प्रमाप विचलन का संख्यात्मक मान फुट की तुलना में 12 गुना होगा।
प्रश्न 7. निम्नलिखित आवृत्ति वितरण से Q₁ और Q₃ की गणना कीजिए।
उत्तर: तालिका से कुल आवृत्ति N ज्ञात करके Q₁ के लिए N/4 तथा Q₃ के लिए 3N/4 की स्थिति निर्धारित की जाएगी। इसके बाद संबंधित चतुर्थक मान ज्ञात किए जाएंगे।
प्रश्न 8. गेहूँ की उत्पादन लागत के दिए गए वितरण से विचरण और विचरण गुणांक ज्ञात कीजिए।
उत्तर: प्रश्न में दी गई तालिका के आधार पर प्रत्यक्ष तथा पद-विचलन विधि से विचरण निकाला जाएगा। इसके बाद प्रमाप विचलन तथा माध्य के आधार पर C.V. निकाला जाएगा।
C.V. = (σ / X̄) × 100
प्रश्न 9. दी गई तालिका से वास्तविक माध्य, कल्पित माध्य तथा पद-विचलन विधि द्वारा प्रमाप विचलन ज्ञात कीजिए।
उत्तर: तीनों विधियों का उद्देश्य समान प्रमाप विचलन प्राप्त करना है। वास्तविक माध्य विधि में वास्तविक माध्य से विचलन, कल्पित माध्य विधि में किसी सुविधाजनक मान से विचलन और पद-विचलन विधि में वर्ग-अन्तर के आधार पर परिवर्तित विचलन का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 10. लॉरेंज वक्र के निर्माण के चरण लिखिए।
उत्तर:
- वर्गों के मध्य-बिन्दु ज्ञात करें।
- मूल्यों तथा आवृत्तियों के संचयी योग ज्ञात करें।
- संचयी योगों को प्रतिशत में बदलें।
- X-अक्ष पर संचयी जनसंख्या/आवृत्ति प्रतिशत तथा Y-अक्ष पर संचयी आय/मूल्य प्रतिशत लें।
- (0,0) से (100,100) तक समान वितरण रेखा खींचें।
- प्राप्त संचयी प्रतिशतों के बिन्दु अंकित करें।
- इन बिन्दुओं को मिलाकर लॉरेंज वक्र प्राप्त करें।
प्रश्न 11. कम्पनी के कर्मचारियों की मासिक आय के आधार पर लॉरेंज वक्र बनाइए।
प्रश्न 12. दी गई तालिका की सहायता से लॉरेंज वक्र बनाइए।
प्रश्न 13. दिए गए आँकड़ों से प्रसरण और प्रमाप विचलन प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष विधि से ज्ञात कीजिए।
उत्तर: प्रत्यक्ष विधि में मूल मानों से सीधे विचरण तथा प्रमाप विचलन की गणना की जाती है। अप्रत्यक्ष विधि में सुविधाजनक कल्पित माध्य लेकर विचलनों के माध्यम से गणना की जाती है। दोनों विधियों से प्राप्त परिणाम समान होना चाहिए।
प्रश्न 14. परिक्षेपण के वैकल्पिक मापों की तुलनात्मक विशेषताएँ लिखिए।
| माप | मुख्य विशेषता |
|---|---|
| परास | सबसे सरल; केवल अधिकतम और न्यूनतम मान पर आधारित। |
| चतुर्थक विचलन | मध्य 50% मूल्यों के फैलाव को बताता है। |
| माध्य विचलन | केन्द्रीय मान से निरपेक्ष विचलनों पर आधारित। |
| प्रमाप विचलन | सभी मूल्यों और उनके वर्गित विचलनों पर आधारित। |
प्रश्न 15. व्यक्तिगत तथा खण्डित श्रेणी में माध्य विचलन की गणना कैसे की जाती है?
उत्तर: पहले उस केन्द्रीय मान को ज्ञात किया जाता है जिससे विचलन निकालना है। फिर प्रत्येक मूल्य का निरपेक्ष विचलन निकाला जाता है। खण्डित श्रेणी में प्रत्येक विचलन को उसकी आवृत्ति से गुणा किया जाता है।
व्यक्तिगत श्रेणी: MD = Σ|D| / N
खण्डित श्रेणी: MD = Σf|D| / N
प्रश्न 16. अखण्डित श्रेणी में माध्य विचलन की गणना कैसे की जाती है?
उत्तर:
- प्रत्येक वर्ग का मध्य-बिन्दु ज्ञात करें।
- मध्य-बिन्दुओं की सहायता से माध्य या माध्यिका ज्ञात करें।
- प्रत्येक मध्य-बिन्दु से केन्द्रीय मान का निरपेक्ष विचलन निकालें।
- विचलन को आवृत्ति से गुणा करें।
- Σf|D| को कुल आवृत्ति N से विभाजित करें।
MD = Σf|D| / N
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 1. परिक्षेपण के सापेक्ष मापक की इकाई क्या होती है?
(a) चर की इकाई
(b) कोई इकाई नहीं
(c) चर की इकाई का वर्ग
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (b) कोई इकाई नहीं
व्याख्या: सापेक्ष परिक्षेपण अनुपात या प्रतिशत में व्यक्त होता है, इसलिए इसकी कोई स्वतंत्र इकाई नहीं होती।
प्रश्न 2. मानक विचलन की इकाई होती है—
(a) चर की इकाई
(b) कोई इकाई नहीं
(c) चर की इकाई का वर्ग
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) चर की इकाई
प्रश्न 3. विचरण की इकाई होती है—
(a) चर की इकाई
(b) कोई इकाई नहीं
(c) चर की इकाई का वर्ग
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (c) चर की इकाई का वर्ग
प्रश्न 4. विस्तार का विचरण गुणांक किस सूत्र से ज्ञात होता है?
(a) (Q₃ − Q₁)/(Q₃ + Q₁)
(b) (L − S)/(L + S)
(c) MD/X̄
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (b) (L − S)/(L + S)
प्रश्न 5. चतुर्थक विचलन गुणांक का सूत्र है—
(a) (Q₃ − Q₁)/(Q₃ + Q₁)
(b) (L − S)/(L + S)
(c) MD/X̄
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) (Q₃ − Q₁)/(Q₃ + Q₁)
प्रश्न 6. माध्यिका से माध्य विचलन का सापेक्ष माप कौन-सा है?
(a) (Q₃ − Q₁)/(Q₃ + Q₁)
(b) MD/X̄
(c) MD/M
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (c) MD/M
प्रश्न 7. लघु विधि से मानक विचलन का सूत्र किससे संबंधित है?
(a) कल्पित माध्य विधि
(b) प्रत्यक्ष विधि
(c) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) कल्पित माध्य विधि
प्रश्न 8. विचरण गुणांक का सूत्र है—
(a) σ/X̄
(b) (σ/X̄) × 100
(c) MD/X̄
(d) Q.D./X̄
सही उत्तर: (b) (σ/X̄) × 100
प्रश्न 9. चतुर्थक विचलन होता है—
(a) (Q₄ − Q₂)/2
(b) (Q₃ − Q₂)/2
(c) (Q₃ − Q₁)/2
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (c) (Q₃ − Q₁)/2
प्रश्न 10. माध्य विचलन न्यूनतम होता है जब इसे किससे लिया जाता है?
(a) माध्यिका
(b) समान्तर माध्य
(c) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) माध्यिका
परिक्षेपण के माप — त्वरित पुनरावृत्ति
| माप | सूत्र | मुख्य उपयोग |
|---|---|---|
| परास | R = L − S | सबसे सरल फैलाव |
| परास गुणांक | (L − S)/(L + S) | सापेक्ष परिक्षेपण |
| चतुर्थक विचलन | (Q₃ − Q₁)/2 | मध्य 50% का फैलाव |
| माध्य विचलन | Σ|D|/N | निरपेक्ष विचलन |
| प्रमाप विचलन | √[Σ(X − X̄)²/N] | व्यापक परिक्षेपण माप |
| विचरण | σ² | प्रमाप विचलन का वर्ग |
| विचरण गुणांक | (σ/X̄) × 100 | दो श्रेणियों की सापेक्ष तुलना |
निष्कर्ष
परिक्षेपण के माप हमें यह समझने में सहायता करते हैं कि किसी श्रेणी के आँकड़े अपने केन्द्रीय मान के आसपास कितने फैले हुए हैं। केवल औसत से वितरण की पूरी तस्वीर नहीं मिलती। इसलिए आर्थिक और सांख्यिकीय विश्लेषण में परास, चतुर्थक विचलन, माध्य विचलन, प्रमाप विचलन और विचरण गुणांक का विशेष महत्व है।
परीक्षा की दृष्टि से परास के सूत्र, चतुर्थक विचलन, माध्य विचलन, प्रमाप विचलन, विचरण, C.V. और लॉरेंज वक्र को विशेष रूप से तैयार करें।