सहसंबंध (Correlation) सांख्यिकी का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इसमें हम यह अध्ययन करते हैं कि दो या दो से अधिक चरों के बीच किस प्रकार का संबंध है और उस संबंध की दिशा तथा मात्रा कितनी है। उदाहरण के लिए, आय बढ़ने पर उपभोग में क्या परिवर्तन होता है, कीमत बढ़ने पर माँग में क्या परिवर्तन होता है या पिता और पुत्र की ऊँचाई में कितना संबंध है—इन प्रश्नों का अध्ययन सहसंबंध की सहायता से किया जाता है।
इस अध्याय में धनात्मक सहसंबंध, ऋणात्मक सहसंबंध, पूर्ण सहसंबंध, शून्य सहसंबंध, विक्षेप चित्र, कार्ल पियरसन का सहसंबंध गुणांक और स्पीयरमैन का कोटि सहसंबंध प्रमुख विषय हैं। साथ ही अनेक महत्वपूर्ण संख्यात्मक प्रश्न भी दिए गए हैं।
सहसंबंध का अर्थ
प्रश्न 1. सहसंबंध से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: दो या दो से अधिक चरों में पाए जाने वाले पारस्परिक संबंध की दिशा और मात्रा के मापन को सहसंबंध कहते हैं।
प्रश्न 2. सहसंबंध गुणांक क्या है?
उत्तर: सहसंबंध गुणांक दो चरों के बीच सहसंबंध की मात्रा को संख्यात्मक रूप में व्यक्त करने वाला माप है। इसे सामान्यतः r से प्रदर्शित किया जाता है।
प्रश्न 3. सहसंबंध गुणांक की सीमा क्या है?
उत्तर: सहसंबंध गुणांक का मान हमेशा -1 और +1 के बीच होता है।
-1 ≤ r ≤ +1
प्रश्न 4. यदि r = +1 हो तो इसका क्या अर्थ है?
उत्तर: यदि r = +1 है, तो दोनों चरों के बीच पूर्ण धनात्मक सहसंबंध होता है। अर्थात दोनों चर एक ही दिशा में पूर्ण रूप से परिवर्तित होते हैं।
प्रश्न 5. यदि r = -1 हो तो इसका क्या अर्थ है?
उत्तर: यदि r = -1 है, तो दोनों चरों के बीच पूर्ण ऋणात्मक सहसंबंध होता है। अर्थात एक चर में वृद्धि होने पर दूसरा चर पूर्ण रूप से विपरीत दिशा में बदलता है।
प्रश्न 6. यदि r = 0 हो तो इसका क्या अर्थ है?
उत्तर: r = 0 होने पर दोनों चरों के बीच रेखीय सहसंबंध का अभाव माना जाता है।
धनात्मक और ऋणात्मक सहसंबंध
प्रश्न 7. धनात्मक सहसंबंध क्या है? उदाहरण दीजिए।
उत्तर: जब दो चर एक ही दिशा में परिवर्तित होते हैं, अर्थात एक चर के बढ़ने पर दूसरा भी बढ़ता है या एक के घटने पर दूसरा भी घटता है, तो इसे धनात्मक सहसंबंध कहते हैं।
उदाहरण: आय और उपभोग के बीच सामान्यतः धनात्मक सहसंबंध पाया जाता है। आय बढ़ने पर उपभोग भी बढ़ सकता है।
प्रश्न 8. ऋणात्मक सहसंबंध क्या है? उदाहरण दीजिए।
उत्तर: जब दो चर विपरीत दिशाओं में परिवर्तित होते हैं, अर्थात एक चर के बढ़ने पर दूसरा घटता है, तो इसे ऋणात्मक सहसंबंध कहते हैं।
उदाहरण: किसी वस्तु की कीमत और उसकी माँगी गई मात्रा के बीच सामान्यतः ऋणात्मक संबंध पाया जाता है।
प्रश्न 9. पूर्ण सहसंबंध से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: जब दो चरों में परिवर्तन एक निश्चित और पूर्ण अनुपात में होता है, तो उसे पूर्ण सहसंबंध कहते हैं। पूर्ण धनात्मक सहसंबंध में r = +1 तथा पूर्ण ऋणात्मक सहसंबंध में r = -1 होता है।
प्रश्न 10. रेखीय सहसंबंध कब कहा जाता है?
उत्तर: जब दो चरों में परिवर्तन एक निश्चित अनुपात के अनुसार होता है और उनके संबंध को एक सीधी रेखा द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है, तो उसे रेखीय सहसंबंध कहते हैं।
प्रश्न 11. सहसंबंध की अनुपस्थिति से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: जब दो चरों के बीच कोई रेखीय संबंध नहीं पाया जाता, तो उसे सहसंबंध की अनुपस्थिति कहते हैं। ऐसी स्थिति में पियरसन का सहसंबंध गुणांक r = 0 हो सकता है।
सहसंबंध के प्रकार
| प्रकार | अर्थ | सहसंबंध गुणांक |
|---|---|---|
| पूर्ण धनात्मक | दोनों चर पूर्ण रूप से एक ही दिशा में बदलते हैं। | r = +1 |
| पूर्ण ऋणात्मक | दोनों चर पूर्ण रूप से विपरीत दिशा में बदलते हैं। | r = -1 |
| शून्य सहसंबंध | रेखीय संबंध का अभाव। | r = 0 |
| धनात्मक | एक चर बढ़ने पर दूसरा सामान्यतः बढ़ता है। | 0 से +1 के बीच |
| ऋणात्मक | एक चर बढ़ने पर दूसरा सामान्यतः घटता है। | -1 से 0 के बीच |
सहसंबंध ज्ञात करने की प्रमुख विधियाँ
प्रश्न 12. सहसंबंध ज्ञात करने की तीन प्रमुख विधियाँ लिखिए।
उत्तर:
- विक्षेप चित्र विधि (Scatter Diagram)
- कार्ल पियरसन का सहसंबंध गुणांक
- स्पीयरमैन की कोटि सहसंबंध विधि
प्रश्न 13. विक्षेप चित्र का प्रमुख दोष क्या है?
उत्तर: विक्षेप चित्र सहसंबंध की दिशा और अनुमानित मात्रा बताता है, लेकिन यह सहसंबंध की मात्रा का सटीक संख्यात्मक माप नहीं देता।
प्रश्न 14. क्या सरल सहसंबंध गुणांक किसी भी प्रकार के संबंध को माप सकता है?
उत्तर: नहीं। कार्ल पियरसन का सरल सहसंबंध गुणांक मुख्यतः रेखीय संबंध की मात्रा को मापता है।
प्रश्न 15. क्या सहसंबंध से कार्य-कारण संबंध की जानकारी मिलती है?
उत्तर: नहीं। सहसंबंध केवल दो चरों के बीच संबंध की दिशा और मात्रा बताता है। इससे यह सिद्ध नहीं होता कि एक चर दूसरे का कारण है।
प्रश्न 16. क्या शून्य सहसंबंध का अर्थ स्वतंत्रता है?
उत्तर: शून्य पियरसन सहसंबंध का अर्थ यह है कि दोनों चरों के बीच रेखीय संबंध नहीं है। इससे हर प्रकार के संबंध या पूर्ण स्वतंत्रता का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
विक्षेप चित्र (Scatter Diagram)
प्रश्न 17. विक्षेप चित्र से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: विक्षेप चित्र दो चरों के बीच सहसंबंध की दिशा और उसकी अनुमानित तीव्रता को समझने की एक चित्रात्मक विधि है। इसमें X और Y के प्रत्येक युग्म को ग्राफ पर एक बिंदु के रूप में प्रदर्शित किया जाता है।
प्रश्न 18. विक्षेप चित्र द्वारा सहसंबंध कैसे ज्ञात किया जाता है?
उत्तर:
- स्वतंत्र चर को X-अक्ष पर लिया जाता है।
- आश्रित चर को Y-अक्ष पर लिया जाता है।
- X और Y के प्रत्येक युग्म के लिए एक बिंदु अंकित किया जाता है।
- सभी बिंदुओं की दिशा और फैलाव को देखा जाता है।
- यदि बिंदु ऊपर की ओर जाते हैं, तो धनात्मक सहसंबंध का संकेत मिलता है।
- यदि बिंदु नीचे की ओर जाते हैं, तो ऋणात्मक सहसंबंध का संकेत मिलता है।
- यदि बिंदु बिना किसी स्पष्ट दिशा के बहुत फैले हों, तो सहसंबंध कमजोर या अनुपस्थित हो सकता है।
प्रश्न 19. विक्षेप चित्र के प्रमुख गुण लिखिए।
उत्तर:
- यह बहुत सरल और समझने में आसान विधि है।
- चित्र देखकर सहसंबंध की दिशा का पता लगाया जा सकता है।
- यह धनात्मक और ऋणात्मक सहसंबंध में अंतर स्पष्ट करता है।
- यह दो चरों के बीच संबंध की सामान्य प्रकृति को जल्दी समझने में सहायता करता है।
प्रश्न 20. विक्षेप चित्र के दोष लिखिए।
उत्तर:
- यह सहसंबंध गुणांक का सटीक संख्यात्मक मान नहीं देता।
- परिणाम मुख्यतः चित्र की व्याख्या पर निर्भर करता है।
- बहुत अधिक बिंदु होने पर चित्र की व्याख्या कठिन हो सकती है।
कार्ल पियरसन का सहसंबंध गुणांक
प्रश्न 21. कार्ल पियरसन का सहसंबंध गुणांक क्या है?
उत्तर: कार्ल पियरसन का सहसंबंध गुणांक दो चरों के बीच रेखीय सहसंबंध की मात्रा को संख्यात्मक रूप में व्यक्त करता है। यह समान्तर माध्य और प्रमाप विचलन पर आधारित होता है।
प्रश्न 22. कार्ल पियरसन के सहसंबंध गुणांक का प्रत्यक्ष विधि का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
r = Σxy / √(Σx² × Σy²)
जहाँ:
- x = X − X̄
- y = Y − Ȳ
- Σxy = विचलनों के गुणनफल का योग
- Σx² = X के विचलनों के वर्गों का योग
- Σy² = Y के विचलनों के वर्गों का योग
प्रश्न 23. कार्ल पियरसन के सहसंबंध गुणांक की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
- r की कोई इकाई नहीं होती।
- r का मान -1 से +1 के बीच होता है।
- r का धनात्मक मान समान दिशा के संबंध को दर्शाता है।
- r का ऋणात्मक मान विपरीत दिशा के संबंध को दर्शाता है।
- r = 0 होने पर रेखीय सहसंबंध का अभाव होता है।
- r = +1 होने पर पूर्ण धनात्मक सहसंबंध होता है।
- r = -1 होने पर पूर्ण ऋणात्मक सहसंबंध होता है।
- मूल या पैमाने में समान परिवर्तन करने से सहसंबंध गुणांक का मान प्रभावित नहीं होता।
प्रश्न 24. कार्ल पियरसन की प्रत्यक्ष विधि से सहसंबंध की गणना के चरण लिखिए।
उत्तर:
- X और Y दोनों श्रेणियों का समान्तर माध्य ज्ञात करें।
- X के प्रत्येक मान से X का माध्य घटाकर x विचलन प्राप्त करें।
- Y के प्रत्येक मान से Y का माध्य घटाकर y विचलन प्राप्त करें।
- x² और y² ज्ञात करें।
- प्रत्येक x और y का गुणनफल xy ज्ञात करें।
- Σx², Σy² तथा Σxy ज्ञात करें।
- सूत्र में मान रखकर r ज्ञात करें।
सूत्र:
r = Σxy / √(Σx² × Σy²)
स्पीयरमैन की कोटि सहसंबंध विधि
प्रश्न 25. कोटि सहसंबंध गुणांक का प्रतिपादन किसने किया?
उत्तर: कोटि सहसंबंध गुणांक का प्रतिपादन स्पीयरमैन ने किया।
प्रश्न 26. कोटि सहसंबंध विधि का प्रयोग कहाँ किया जाता है?
उत्तर: जब चरों का प्रत्यक्ष और सटीक संख्यात्मक मापन कठिन हो तथा उन्हें क्रम या रैंक दिया जा सकता हो, तब कोटि सहसंबंध विधि उपयोगी होती है।
प्रश्न 27. स्पीयरमैन के कोटि सहसंबंध का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
rk = 1 − [6ΣD² / N(N² − 1)]
जहाँ:
- D = दोनों चरों की कोटियों का अंतर
- ΣD² = कोटि-अंतर के वर्गों का योग
- N = कोटि युग्मों की संख्या
प्रश्न 28. यदि कोटियाँ समान हों तो क्या किया जाता है?
उत्तर: यदि किसी चर में समान मूल्य दो या अधिक बार आते हैं, तो उन मूल्यों को सामान्यतः औसत कोटि (Average Rank) दी जाती है।
बहुगुणी और आंशिक सहसंबंध
प्रश्न 29. सरल, बहुगुणी एवं आंशिक सहसंबंध की परिभाषा दीजिए।
| प्रकार | अर्थ |
|---|---|
| सरल सहसंबंध | दो चरों के बीच संबंध का अध्ययन करता है। |
| बहुगुणी सहसंबंध | दो से अधिक चरों के बीच संबंध का अध्ययन करता है। |
| आंशिक सहसंबंध | अन्य चरों के प्रभाव को स्थिर रखते हुए दो चरों के बीच संबंध का अध्ययन करता है। |
महत्वपूर्ण सैद्धांतिक प्रश्न
प्रश्न 30. यदि परिशुद्ध रूप से मापित आँकड़े उपलब्ध हों तो सरल सहसंबंध गुणांक और कोटि सहसंबंध गुणांक में कौन अधिक उपयुक्त है?
उत्तर: यदि दोनों चरों के परिशुद्ध संख्यात्मक आँकड़े उपलब्ध हों, तो कार्ल पियरसन का सहसंबंध गुणांक अधिक उपयुक्त होता है।
प्रश्न 31. कोटि सहसंबंध कब अधिक उपयोगी होता है?
उत्तर: जब आँकड़ों का सटीक संख्यात्मक मापन कठिन हो, लेकिन वस्तुओं या व्यक्तियों को रैंक या कोटि दी जा सकती हो, तब कोटि सहसंबंध अधिक उपयोगी होता है।
प्रश्न 32. कुछ ऐसे चरों के उदाहरण दीजिए जिनका सटीक मापन कठिन है।
उत्तर: निष्पक्षता, ईमानदारी, सत्यता, देशभक्ति, सद्भावना, परोपकार और नि:स्वार्थता आदि ऐसे गुण हैं जिनका सटीक संख्यात्मक मापन कठिन हो सकता है।
प्रश्न 33. सहसंबंध गुणांक की सीमा क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: क्योंकि सहसंबंध गुणांक का मान -1 से +1 के बीच ही होना चाहिए। यदि गणना के बाद इसका मान इस सीमा से बाहर आता है, तो गणना में त्रुटि होने की संभावना रहती है।
महत्वपूर्ण संख्यात्मक प्रश्न
प्रश्न 34. 10 विद्यार्थियों के अंग्रेजी और अर्थशास्त्र के प्राप्तांकों की कोटियों के अंतर के वर्गों का योग 33 है। कोटि सहसंबंध गुणांक ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
N = 10
ΣD² = 33
सूत्र:
rk = 1 − 6ΣD² / N(N² − 1)
= 1 − (6 × 33) / [10(10² − 1)]
= 1 − 198 / 990
= 0.80
प्रश्न 35. 10 पदों के लिए D² = 39.50 हो तो कोटि सहसंबंध गुणांक ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
N = 10
ΣD² = 39.50
rk = 1 − (6 × 39.50) / [10(10² − 1)]
= 1 − 237 / 990
≈ 0.761
प्रश्न 36. दो श्रृंखलाओं में प्रत्येक के 50 पद हैं। उनके प्रमाप विचलन क्रमशः 4.5 और 3.5 हैं तथा विचलनों के गुणनफलों का योग 420 है। सहसंबंध गुणांक ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
N = 50
σx = 4.5
σy = 3.5
Σdxdy = 420
सूत्र:
r = Σdxdy / (Nσxσy)
= 420 / (50 × 4.5 × 3.5)
= 420 / 787.5
≈ 0.533
प्रश्न 37. X और Y के निम्न आँकड़े दिए हैं: Σx² = 144, Σy² = 225 तथा Σxy = 20। सहसंबंध गुणांक ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
r = Σxy / √(Σx² × Σy²)
= 20 / √(144 × 225)
= 20 / √32400
= 20 / 180
= 0.111
अतः X और Y में कम धनात्मक सहसंबंध है।
प्रश्न 38. पिताओं और उनके पुत्रों की ऊँचाई के दिए गए आँकड़ों से कोटि सहसंबंध ज्ञात कीजिए।
उत्तर: तालिका से दोनों की कोटियाँ निर्धारित करके D और D² निकाला जाएगा। इसके बाद:
rk = 1 − 6ΣD² / N(N² − 1)
दिए गए स्रोत में प्राप्त परिणाम लगभग 0.695 है।
प्रश्न 39. X और Y के बीच सहसंबंध गुणांक ज्ञात करके संबंध पर टिप्पणी कीजिए।
उत्तर: प्रश्न में दिए गए X और Y के मूल आँकड़ों से कार्ल पियरसन की विधि द्वारा r ज्ञात किया जाएगा। r के चिह्न से संबंध की दिशा तथा उसके परिमाण से संबंध की तीव्रता का पता चलेगा।
प्रश्न 40. X और Y के बीच सहसंबंध गुणांक ज्ञात करके संबंध पर टिप्पणी कीजिए।
उत्तर: दिए गए आँकड़ों से r की गणना करके उसका अर्थ निकाला जाएगा। यदि r धनात्मक है तो संबंध धनात्मक और यदि r ऋणात्मक है तो संबंध ऋणात्मक होगा।
प्रश्न 41. पद-विचलन विधि से कार्ल पियरसन सहसंबंध गुणांक की गणना कीजिए।
उत्तर: पद-विचलन विधि में दोनों श्रेणियों के लिए कल्पित माध्य और सामान्य गुणक निर्धारित करके पद-विचलन निकाले जाते हैं। इसके बाद आवश्यक योग प्राप्त कर सहसंबंध गुणांक के सूत्र का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 42. वास्तविक समान्तर माध्य से कार्ल पियरसन सहसंबंध गुणांक की गणना कीजिए।
उत्तर: पहले दोनों श्रेणियों के वास्तविक समान्तर माध्य ज्ञात किए जाते हैं। इसके बाद माध्य से विचलन लेकर Σx², Σy² और Σxy निकाला जाता है तथा पियरसन का सूत्र लगाया जाता है।
प्रश्न 43. कल्पित माध्य से कार्ल पियरसन सहसंबंध गुणांक की गणना कीजिए।
उत्तर: इस प्रश्न में सुविधाजनक कल्पित माध्य लेकर दोनों श्रेणियों के विचलन निकाले जाते हैं। स्रोत में X का कल्पित माध्य 85 और Y का कल्पित माध्य 80 दिया गया है।
प्रश्न 44. A और B के बीच कोटि सहसंबंध ज्ञात कीजिए।
उत्तर: दोनों श्रेणियों की कोटियों का अंतर D तथा D² निकालकर स्पीयरमैन के सूत्र से कोटि सहसंबंध ज्ञात किया जाएगा।
प्रश्न 45. पाँच विद्यार्थियों को गणित और अर्थशास्त्र में योग्यता के अनुसार रैंक दी गई है। स्पीयरमैन का कोटि सहसंबंध ज्ञात कीजिए।
उत्तर: स्रोत में इस प्रश्न के लिए ΣD² = 0 प्राप्त होता है।
rk = 1 − (6 × 0) / [N(N² − 1)]
अतः rk = 1।
प्रश्न 46. दो जजों द्वारा पाँच व्यक्तियों को सौंदर्य के आधार पर दी गई कोटियों से कोटि सहसंबंध ज्ञात कीजिए।
उत्तर: दोनों जजों की कोटियों का अंतर निकालकर D² का योग ज्ञात करें और स्पीयरमैन के सूत्र का प्रयोग करें।
प्रश्न 47. A तथा C द्वारा पाँच व्यक्तियों को दी गई कोटियों से कोटि सहसंबंध ज्ञात कीजिए।
उत्तर: प्रत्येक व्यक्ति की दोनों कोटियों का अंतर निकालकर D² ज्ञात करें। फिर:
rk = 1 − 6ΣD² / N(N² − 1)
प्रश्न 48. दिए गए आँकड़ों से कोटि सहसंबंध गुणांक ज्ञात कीजिए।
उत्तर: इस प्रश्न में कोटियाँ बढ़ते क्रम में दी गई हैं। सबसे छोटे मूल्य को 1 तथा सबसे बड़े मूल्य को उच्चतम कोटि देकर D और D² निकाला जाएगा।
प्रश्न 49. पाँच विद्यार्थियों के अर्थशास्त्र और सांख्यिकी के प्रतिशत अंकों से कोटि सहसंबंध ज्ञात कीजिए।
उत्तर: दोनों विषयों के अंकों को रैंक देकर D और D² निकालें तथा स्पीयरमैन के सूत्र से rk ज्ञात करें।
प्रश्न 50. दिए गए आँकड़ों से कोटि सहसंबंध गुणांक ज्ञात कीजिए।
प्रश्न 51. दिए गए आँकड़ों से कोटि सहसंबंध गुणांक ज्ञात कीजिए।
परीक्षा उपयोगी अतिरिक्त प्रश्न
प्रश्न 52. सहसंबंध गुणांक की इकाई क्या होती है?
उत्तर: सहसंबंध गुणांक की कोई इकाई नहीं होती। यह एक इकाई-रहित शुद्ध संख्या है।
प्रश्न 53. यदि x और y स्वतंत्र चर हों तो r का मान क्या होगा?
उत्तर: r = 0।
प्रश्न 54. यदि दो श्रेणियों में पूर्ण सहसंबंध हो तो r का मान क्या होगा?
उत्तर: पूर्ण धनात्मक सहसंबंध के लिए r = +1 तथा पूर्ण ऋणात्मक सहसंबंध के लिए r = -1।
प्रश्न 55. यदि विक्षेप रेखा ऊपर से नीचे दाहिनी ओर जाती है तो किस प्रकार का सहसंबंध होगा?
उत्तर: ऋणात्मक सहसंबंध।
प्रश्न 56. यदि एक चर के बढ़ने पर दूसरा भी बढ़ता है तो सहसंबंध कैसा होगा?
उत्तर: सामान्यतः धनात्मक सहसंबंध।
प्रश्न 57. यदि एक चर बढ़ने पर दूसरा घटता है तो सहसंबंध कैसा होगा?
उत्तर: ऋणात्मक सहसंबंध।
प्रश्न 58. सहसंबंध गुणांक को r क्यों कहा जाता है?
उत्तर: सहसंबंध की मात्रा को संक्षेप में प्रदर्शित करने के लिए सामान्यतः r प्रतीक का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 59. क्या r का मान +1 से अधिक हो सकता है?
उत्तर: नहीं। r का मान -1 से +1 के बीच ही होता है।
प्रश्न 60. क्या r का मान -1 से कम हो सकता है?
उत्तर: नहीं। r का न्यूनतम मान -1 होता है।
प्रश्न 61. यदि r का मान +1 के निकट है तो क्या संकेत मिलता है?
उत्तर: यह मजबूत धनात्मक रेखीय संबंध का संकेत देता है।
प्रश्न 62. यदि r का मान -1 के निकट है तो क्या संकेत मिलता है?
उत्तर: यह मजबूत ऋणात्मक रेखीय संबंध का संकेत देता है।
प्रश्न 63. यदि r शून्य के निकट है तो क्या संकेत मिलता है?
उत्तर: यह कमजोर रेखीय संबंध या रेखीय संबंध के लगभग अभाव का संकेत देता है।
प्रश्न 64. कोटि सहसंबंध का एक लाभ लिखिए।
उत्तर: जब आँकड़ों का सटीक संख्यात्मक मापन कठिन हो, तब रैंक के आधार पर संबंध का अध्ययन किया जा सकता है।
प्रश्न 65. विक्षेप चित्र में बिंदु एक-दूसरे के पास होने का क्या अर्थ है?
उत्तर: यदि बिंदु किसी स्पष्ट दिशा में एक-दूसरे के पास रहते हैं, तो सामान्यतः सहसंबंध अपेक्षाकृत मजबूत होने का संकेत मिलता है।
प्रश्न 66. विक्षेप चित्र में बिंदु चारों ओर फैले हों तो क्या संकेत मिलता है?
उत्तर: यह कमजोर या अनुपस्थित सहसंबंध का संकेत हो सकता है।
प्रश्न 67. सहसंबंध गुणांक में पैमाने के परिवर्तन का क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: मापन की इकाई या पैमाने को समान अनुपात में बदलने से सहसंबंध गुणांक का मान प्रभावित नहीं होता।
प्रश्न 68. सहसंबंध गुणांक का धनात्मक चिह्न क्या बताता है?
उत्तर: धनात्मक चिह्न बताता है कि दोनों चरों में परिवर्तन सामान्यतः एक ही दिशा में होता है।
प्रश्न 69. सहसंबंध गुणांक का ऋणात्मक चिह्न क्या बताता है?
उत्तर: ऋणात्मक चिह्न बताता है कि दोनों चरों में परिवर्तन सामान्यतः विपरीत दिशाओं में होता है।
प्रश्न 70. पियरसन सहसंबंध और स्पीयरमैन कोटि सहसंबंध में मुख्य अंतर बताइए।
| आधार | पियरसन सहसंबंध | स्पीयरमैन कोटि सहसंबंध |
|---|---|---|
| आधार | वास्तविक संख्यात्मक मूल्यों पर आधारित। | कोटि या रैंक पर आधारित। |
| उपयोग | रेखीय संबंध के लिए उपयोगी। | जब रैंक उपलब्ध हों या मापन कठिन हो, तब उपयोगी। |
| मुख्य सूत्र | r = Σxy / √(Σx²Σy²) | rk = 1 − 6ΣD²/N(N²−1) |
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 71. यदि r = -1 है तो सहसंबंध होगा—
(a) पूर्ण ऋणात्मक
(b) पूर्ण धनात्मक
(c) सहसंबंध का अभाव
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) पूर्ण ऋणात्मक
व्याख्या: r = -1 पूर्ण ऋणात्मक सहसंबंध को दर्शाता है।
प्रश्न 72. यदि r = +1 है तो सहसंबंध होगा—
(a) पूर्ण ऋणात्मक
(b) पूर्ण धनात्मक
(c) सहसंबंध का अभाव
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (b) पूर्ण धनात्मक
प्रश्न 73. दो चरों के बीच सहसंबंध शून्य है तो इसका अर्थ है—
(a) उच्च सहसंबंध
(b) सहसंबंध का अभाव
(c) निम्न सहसंबंध
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (b) सहसंबंध का अभाव
प्रश्न 74. rk = 1 − 6ΣD²/N(N²−1) सूत्र है—
(a) कार्ल पियरसन सहसंबंध गुणांक का
(b) स्पीयरमैन के कोटि सहसंबंध का
(c) दोनों का
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (b) स्पीयरमैन के कोटि सहसंबंध का
प्रश्न 75. सहसंबंध को गणितीय विधि से प्रतिपादित करने का श्रेय किसे दिया जाता है?
(a) मार्शल
(b) बाउले
(c) कार्ल पियरसन
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (c) कार्ल पियरसन
प्रश्न 76. यदि दो चर एक ही या विपरीत दिशा में परिवर्तित होते हैं, तो इसे कहा जाता है—
(a) केन्द्रीय प्रवृत्ति
(b) परिक्षेपण
(c) सहसंबंध
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (c) सहसंबंध
प्रश्न 77. यदि एक चर के बढ़ने पर दूसरे चर में भी वृद्धि होती है, तो सहसंबंध होगा—
(a) धनात्मक
(b) ऋणात्मक
(c) शून्य
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) धनात्मक
प्रश्न 78. कार्ल पियरसन सहसंबंध गुणांक का सही सूत्र कौन-सा है?
(a) r = Σxy / √(Σx² × Σy²)
(b) r = Σx² / Σy²
(c) r = Σxy / N
(d) r = Σx / Σy
सही उत्तर: (a) r = Σxy / √(Σx² × Σy²)
व्याख्या: यह माध्य से लिए गए X और Y के विचलनों पर आधारित पियरसन सहसंबंध का प्रमुख सूत्र है।
प्रश्न 79. यदि कोटि सहसंबंध में किसी चर की पुनरावृत्ति होती है तो कोटि किस आधार पर दी जाती है?
(a) अलग-अलग क्रमागत आधार पर
(b) औसत कोटि के आधार पर
(c) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (b) औसत कोटि के आधार पर
प्रश्न 80. कोटि सहसंबंध का मुख्य आधार क्या है?
(a) वास्तविक मूल्य
(b) कोटि या रैंक
(c) केवल माध्य
(d) केवल माध्यिका
सही उत्तर: (b) कोटि या रैंक
अध्याय का त्वरित पुनरावृत्ति सार
| विषय | मुख्य बात |
|---|---|
| सहसंबंध | दो या अधिक चरों के बीच संबंध की दिशा और मात्रा का अध्ययन। |
| धनात्मक सहसंबंध | दोनों चर सामान्यतः एक ही दिशा में बदलते हैं। |
| ऋणात्मक सहसंबंध | दोनों चर विपरीत दिशाओं में बदलते हैं। |
| पूर्ण धनात्मक | r = +1 |
| पूर्ण ऋणात्मक | r = -1 |
| शून्य रेखीय सहसंबंध | r = 0 |
| पियरसन विधि | वास्तविक संख्यात्मक मूल्यों और रेखीय संबंध पर आधारित। |
| स्पीयरमैन विधि | कोटि/रैंक पर आधारित। |
| विक्षेप चित्र | संबंध की दिशा और अनुमानित तीव्रता को चित्र द्वारा समझाता है। |
निष्कर्ष
सहसंबंध सांख्यिकी में दो चरों के बीच संबंध को समझने का महत्वपूर्ण साधन है। इसके द्वारा हम यह जान सकते हैं कि दो चर एक ही दिशा में बदलते हैं या विपरीत दिशा में तथा उनके बीच संबंध कितना मजबूत है। परीक्षा की दृष्टि से r की सीमा, धनात्मक-ऋणात्मक सहसंबंध, विक्षेप चित्र, कार्ल पियरसन का सूत्र और स्पीयरमैन का कोटि सहसंबंध सूत्र विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
इस अध्याय के numerical questions में पहले यह पहचानना जरूरी है कि प्रश्न में पियरसन विधि प्रयोग करनी है या स्पीयरमैन की कोटि विधि। इसके बाद सही सूत्र लगाकर चरणबद्ध तरीके से गणना करनी चाहिए।