सूचकांक (Index Numbers) अर्थशास्त्र और सांख्यिकी का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। सूचकांक की सहायता से किसी वस्तु, सेवा, कीमत, उत्पादन, आय या अन्य आर्थिक चर में समय के साथ होने वाले सापेक्ष परिवर्तन को मापा जाता है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी वस्तु की कीमत आधार वर्ष में ₹100 थी और वर्तमान वर्ष में ₹150 हो गई, तो कीमत सूचकांक 150 होगा। इसका अर्थ है कि आधार वर्ष की तुलना में कीमत में 50 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
सूचकांक का अर्थ
प्रश्न 1. सूचकांक क्या है?
उत्तर: सूचकांक एक विशेष प्रकार का सांख्यिकीय माप है, जिसके द्वारा किसी समय या स्थान के आधार पर संबंधित चरों के समूह में होने वाले सापेक्ष परिवर्तन को मापा जाता है। सामान्यतः आधार वर्ष को 100 मानकर वर्तमान वर्ष के परिवर्तन को प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है।
प्रश्न 2. हमें सूचकांक की आवश्यकता क्यों होती है?
उत्तर: सूचकांक की आवश्यकता आर्थिक चरों में दो अलग-अलग समय बिंदुओं के बीच होने वाले औसत प्रतिशत परिवर्तन को जानने के लिए होती है। इससे जटिल आर्थिक परिवर्तनों को सरल रूप में समझना आसान होता है।
प्रश्न 3. आधार वर्ष से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: जिस वर्ष को तुलना के लिए मानक वर्ष मानकर उसका सूचकांक 100 निर्धारित किया जाता है, उसे आधार वर्ष कहते हैं। अन्य वर्षों के सूचकांक की तुलना इसी आधार वर्ष से की जाती है।
प्रश्न 4. आधार अवधि के वांछित गुण लिखिए।
उत्तर:
- आधार अवधि एक सामान्य अवधि होनी चाहिए।
- आधार अवधि बहुत अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए।
- आधार अवधि बहुत अधिक नई भी नहीं होनी चाहिए।
- उस अवधि के आवश्यक आँकड़े उपलब्ध होने चाहिए।
सूचकांक के प्रमुख प्रकार
| सूचकांक | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|
| कीमत सूचकांक | कीमतों में होने वाले परिवर्तन को मापना। |
| मात्रा सूचकांक | वस्तुओं की मात्रा में होने वाले परिवर्तन को मापना। |
| उपभोक्ता मूल्य सूचकांक | उपभोक्ताओं के जीवन-निर्वाह व्यय में परिवर्तन को मापना। |
| थोक मूल्य सूचकांक | थोक स्तर पर वस्तुओं की कीमतों में परिवर्तन को मापना। |
| औद्योगिक उत्पादन सूचकांक | औद्योगिक उत्पादन में परिवर्तन को मापना। |
प्रश्न 5. कीमत सूचकांक तथा मात्रा सूचकांक में क्या अन्तर है?
| आधार | कीमत सूचकांक | मात्रा सूचकांक |
|---|---|---|
| अर्थ | वस्तुओं की कीमतों में सापेक्ष परिवर्तन को मापता है। | वस्तुओं की मात्रा में सापेक्ष परिवर्तन को मापता है। |
| मुख्य उद्देश्य | कीमत स्तर में परिवर्तन का अध्ययन। | उत्पादन या मात्रा में परिवर्तन का अध्ययन। |
प्रश्न 6. क्या किसी भी प्रकार का कीमत परिवर्तन कीमत सूचकांक में प्रतिबिंबित होता है?
उत्तर: नहीं। सूचकांक में उन्हीं वस्तुओं और कीमतों में होने वाले परिवर्तन को शामिल किया जाता है जिन्हें सूचकांक बनाने के उद्देश्य से चुना गया है।
प्रश्न 7. विभिन्न उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग उपभोक्ता मूल्य सूचकांक क्यों आवश्यक हैं?
उत्तर: अलग-अलग वर्गों के लोगों की आवश्यकताएँ, आय, खान-पान, पहनावा और जीवन-शैली अलग हो सकती है। उदाहरण के लिए किसी वर्ग में गेहूँ की खपत अधिक हो सकती है जबकि दूसरे वर्ग में चावल की। इसलिए सभी उपभोक्ताओं के लिए एक ही उपभोक्ता मूल्य सूचकांक समान रूप से उपयुक्त नहीं हो सकता।
प्रश्न 8. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक क्या मापता है?
उत्तर: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक किसी विशेष उपभोक्ता वर्ग द्वारा उपयोग की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं के फुटकर मूल्यों में होने वाले परिवर्तन को मापता है। इसे जीवन-निर्वाह व्यय सूचकांक भी कहा जाता है।
प्रश्न 9. औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक क्या मापता है?
उत्तर: यह औद्योगिक श्रमिकों द्वारा उपभोग की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं के मूल्यों में परिवर्तन तथा उनके जीवन-निर्वाह व्यय पर पड़ने वाले प्रभाव को मापता है।
भारित और अभारित सूचकांक
प्रश्न 10. भारित सूचकांक क्या है?
उत्तर: जिस सूचकांक में विभिन्न वस्तुओं या मदों के महत्त्व के अनुसार अलग-अलग भार दिए जाते हैं, उसे भारित सूचकांक कहते हैं।
प्रश्न 11. अभारित सूचकांक क्या है?
उत्तर: जिस सूचकांक में सभी मदों को समान महत्त्व दिया जाता है और किसी विशेष भार का प्रयोग नहीं किया जाता, उसे अभारित सूचकांक कहते हैं।
प्रश्न 12. अभारित सूचकांक की एक सीमा बताइए।
उत्तर: अभारित सूचकांक में सभी वस्तुओं को समान महत्त्व दिया जाता है, जबकि वास्तविक जीवन में सभी वस्तुओं का महत्त्व समान नहीं होता। उदाहरण के लिए मकान का किराया और माचिस की कीमत को समान भार देना उचित नहीं होगा।
सूचकांक बनाने की विधियाँ
प्रश्न 13. सूचकांक बनाने की मुख्य विधियाँ कौन-कौन-सी हैं?
उत्तर: सूचकांक बनाने की प्रमुख विधियाँ हैं:
- साधारण समूह विधि (Simple Aggregative Method)
- साधारण मूल्यानुपात माध्य विधि (Simple Average of Price Relatives Method)
- भारित समूह विधि (Weighted Aggregative Method)
- भारित मूल्यानुपात माध्य विधि (Weighted Average of Price Relatives Method)
प्रश्न 14. साधारण समूह विधि का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
P01 = (ΣP1 / ΣP0) × 100
जहाँ P1 = चालू वर्ष की कीमत तथा P0 = आधार वर्ष की कीमत।
प्रश्न 15. साधारण मूल्यानुपात माध्य विधि का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
P01 = Σ(P1/P0 × 100) / N
प्रश्न 16. भारित समूह विधि में किस प्रकार के भार का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर: भारित समूह विधि में सामान्यतः मात्रा के भार (Quantity Weights) का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 17. भारित समूह विधि का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
P01 = (ΣP1q1 / ΣP0q0) × 100
प्रश्न 18. भारित मूल्यानुपात विधि में किस प्रकार के भार प्रयोग किए जाते हैं?
उत्तर: इसमें सामान्यतः मूल्य भार (Value Weights) का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 19. सूचकांक बनाने में कौन-सी माध्य विधि उपयुक्त मानी जाती है?
उत्तर: स्रोत सामग्री में गुणोत्तर माध्य (Geometric Mean) को उपयुक्त माध्य बताया गया है।
थोक मूल्य सूचकांक
प्रश्न 20. थोक मूल्य सूचकांक क्या है?
उत्तर: थोक मूल्य सूचकांक वह सूचकांक है जो एक समय अवधि में वस्तुओं के थोक मूल्यों में होने वाले परिवर्तनों को मापता है।
प्रश्न 21. भारत में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के निर्माण के लिए उद्योगों को कितनी श्रेणियों में बाँटा जाता है?
उत्तर: उद्योगों को तीन प्रमुख श्रेणियों में बाँटा जाता है:
- खनन (Mining)
- विनिर्माण (Manufacturing)
- बिजली (Electricity)
प्रश्न 22. थोक मूल्य सूचकांक के लाभ लिखिए।
उत्तर:
- इसकी सहायता से मुद्रास्फीति की दर की गणना की जा सकती है।
- माँग और पूर्ति में संभावित परिवर्तन का अनुमान लगाने में सहायता मिलती है।
- राष्ट्रीय आय में वास्तविक वृद्धि या कमी की जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
- विभिन्न परियोजनाओं की लागत का अनुमान लगाने में उपयोगी है।
सूचकांक के लाभ और उपयोगिता
प्रश्न 23. सूचकांक के प्रमुख लाभ लिखिए।
उत्तर:
- जटिल तथ्यों को सरल बनाना: जटिल आर्थिक परिवर्तनों को एक सरल संख्या या प्रतिशत में व्यक्त किया जा सकता है।
- भविष्य के लिए पूर्वानुमान: पिछले और वर्तमान परिवर्तनों के आधार पर भविष्य के संभावित परिवर्तनों का अनुमान लगाया जा सकता है।
- तुलनात्मक अध्ययन: अलग-अलग वर्षों या अवधियों के बीच तुलना की जा सकती है।
- सापेक्ष माप: आर्थिक तथ्यों में होने वाले सापेक्ष परिवर्तन को मापने में सहायता मिलती है।
- मुद्रा के मूल्य का माप: कीमतों में परिवर्तन के आधार पर मुद्रा की क्रय शक्ति में परिवर्तन को समझने में सहायता मिलती है।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक
प्रश्न 24. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: स्रोत के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के लिए अलग-अलग तैयार किए जाते हैं। इनमें औद्योगिक कर्मचारी, शहरी गैर-शारीरिक कार्य करने वाले कर्मचारी तथा कृषि श्रमिक जैसे वर्ग शामिल हैं। इनका उद्देश्य कीमतों में होने वाले परिवर्तन का इन वर्गों के जीवन-निर्वाह व्यय पर प्रभाव जानना है।
प्रश्न 25. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को जीवन-निर्वाह व्यय सूचकांक क्यों कहा जाता है?
उत्तर: क्योंकि यह किसी विशेष उपभोक्ता वर्ग द्वारा उपभोग की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में परिवर्तन के कारण उसके जीवन-निर्वाह व्यय में होने वाले परिवर्तन को मापता है।
लैसपियर और पाशे सूचकांक
प्रश्न 26. लैसपियर तथा पाशे सूचकांक में अन्तर बताइए।
| आधार | लैसपियर सूचकांक | पाशे सूचकांक |
|---|---|---|
| भार | आधार वर्ष की मात्रा को भार बनाया जाता है। | चालू वर्ष की मात्रा को भार बनाया जाता है। |
| मात्रा | q0 का प्रयोग होता है। | q1 का प्रयोग होता है। |
| आधार | पुराने उपभोग पैटर्न पर आधारित। | वर्तमान उपभोग पैटर्न पर आधारित। |
महत्वपूर्ण अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 27. मुद्रास्फीति की दर का सामान्य सूत्र लिखिए।
उत्तर:
मुद्रास्फीति दर = [(वर्तमान सूचकांक − पिछले सूचकांक) / पिछले सूचकांक] × 100
प्रश्न 28. मुद्रा की क्रय शक्ति तथा वास्तविक मजदूरी की गणना के लिए किस सूचकांक का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI)।
प्रश्न 29. पाशे सूचकांक में भार का आधार क्या होता है?
उत्तर: चालू वर्ष की मात्रा।
प्रश्न 30. सामान्य मूल्य सूचकांक क्या मापते हैं?
उत्तर: सामान्य मूल्य सूचकांक मूल्य स्तर में होने वाले परिवर्तन को मापते हैं।
प्रश्न 31. मूल्यानुपात (Price Relative) से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: आधार वर्ष की कीमत की तुलना में चालू वर्ष की कीमत का प्रतिशत मूल्यानुपात कहलाता है।
मूल्यानुपात = (P1/P0) × 100
प्रश्न 32. भारित मूल्यानुपात विधि में किस प्रकार का भार प्रयोग होता है?
उत्तर: मूल्य भार का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 33. वास्तविक राष्ट्रीय आय ज्ञात करने में मूल्य सूचकांक का क्या उपयोग है?
उत्तर: चालू कीमतों पर प्राप्त राष्ट्रीय आय को मूल्य सूचकांक की सहायता से वास्तविक कीमतों में परिवर्तित किया जा सकता है।
प्रश्न 34. किसी देश की चालू कीमतों पर राष्ट्रीय आय 1999 में ₹800 करोड़ तथा 2000 में ₹910 करोड़ है। मूल्य सूचकांक क्रमशः 120 और 130 है। वास्तविक राष्ट्रीय आय और वास्तविक वृद्धि ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
वर्ष 2000 की वास्तविक राष्ट्रीय आय:
₹910 × 120 / 130 = ₹840 करोड़
वास्तविक वृद्धि:
₹840 − ₹800 = ₹40 करोड़
प्रश्न 35. सूचकांक की चार प्रमुख विधियाँ लिखिए।
उत्तर:
- साधारण समूह विधि
- साधारण मूल्यानुपात माध्य विधि
- भारित समूह विधि
- भारित मूल्यानुपात माध्य विधि
प्रश्न 36. अभारित सूचकांक की मुख्य सीमा क्या है?
उत्तर: इसमें सभी मदों को समान भार दिया जाता है, जिससे अधिक महत्त्वपूर्ण और कम महत्त्वपूर्ण वस्तुओं के बीच वास्तविक अंतर दिखाई नहीं देता।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 37. सूचकांक की परिभाषा दीजिए।
उत्तर: सूचकांक एक विशेष प्रकार का सांख्यिकीय औसत है जिसके द्वारा किसी आधार समय की तुलना में वर्तमान समय में संबंधित चरों के समूह में होने वाले सापेक्ष परिवर्तन को मापा जाता है।
प्रश्न 38. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक क्या है?
उत्तर: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक किसी विशेष उपभोक्ता वर्ग के जीवन-निर्वाह व्यय में होने वाले परिवर्तनों की दिशा और मात्रा को प्रकट करता है। इसे जीवन-निर्वाह व्यय सूचकांक भी कहा जाता है।
प्रश्न 39. सूचकांक बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर:
- सूचकांक का उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए।
- उचित आधार वर्ष चुना जाना चाहिए।
- उचित मदों का चयन होना चाहिए।
- मदों को उचित भार देना चाहिए।
- उपयुक्त माध्य और विधि का चयन करना चाहिए।
- विश्वसनीय आँकड़ों का प्रयोग होना चाहिए।
प्रश्न 40. सूचकांक के निर्माण की प्रमुख समस्याएँ लिखिए।
उत्तर:
- उद्देश्य का निर्धारण।
- आधार वर्ष का चुनाव।
- मदों का चुनाव।
- उचित भार का निर्धारण।
- उचित माध्य का चुनाव।
- विश्वसनीय आँकड़ों की उपलब्धता।
प्रश्न 41. सरल समूह विधि की सीमाएँ लिखिए।
उत्तर:
- अधिक कीमत वाली वस्तुओं को स्वतः अधिक महत्त्व मिल जाता है।
- माप की इकाई बदलने पर सूचकांक प्रभावित हो सकता है।
- सभी वस्तुओं को समान वास्तविक महत्त्व दिया जाता है।
प्रश्न 42. औद्योगिक उत्पादन सूचकांक की प्रमुख औद्योगिक श्रेणियाँ लिखिए।
उत्तर:
- खनन
- विनिर्माण
- बिजली
प्रश्न 43. कुछ प्रमुख सूचकांकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
- उपभोक्ता मूल्य सूचकांक
- थोक मूल्य सूचकांक
- औद्योगिक उत्पादन सूचकांक
- कृषि उत्पादन सूचकांक
- सेंसेक्स
- उत्पादन मूल्य सूचकांक
- मानव विकास सूचकांक
प्रश्न 44. मानव विकास सूचकांक क्या है?
उत्तर: मानव विकास सूचकांक एक संयुक्त सूचकांक है जिसका प्रयोग मानव विकास की स्थिति को मापने के लिए किया जाता है। इसमें जीवन प्रत्याशा, शिक्षा तथा प्रति व्यक्ति आय जैसे प्रमुख आयामों को ध्यान में रखा जाता है।
दीर्घ एवं संख्यात्मक प्रश्न
प्रश्न 45. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के निर्माण के चरण लिखिए तथा इसकी प्रमुख मान्यताएँ बताइए।
उत्तर: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक बनाने में सबसे पहले यह निर्धारित किया जाता है कि किस उपभोक्ता वर्ग के लिए सूचकांक तैयार करना है। इसके बाद संबंधित वस्तुओं और सेवाओं का चयन किया जाता है, उनके भार निर्धारित किए जाते हैं तथा आधार वर्ष और वर्तमान वर्ष की कीमतों की तुलना की जाती है।
इसके लिए सामान्यतः निम्न मान्यताओं को ध्यान में रखा जाता है:
- एक विशेष उपभोक्ता वर्ग के लोगों की आवश्यकताओं में पर्याप्त समानता हो।
- चयनित वस्तुओं की कीमतों के आँकड़े उपलब्ध हों।
- उपभोग की संरचना को उचित भार द्वारा प्रदर्शित किया जा सके।
प्रश्न 46. सूचकांक के निर्माण की सामान्य विधि समझाइए।
उत्तर:
1. उद्देश्य का निर्धारण
सबसे पहले यह तय किया जाता है कि सूचकांक किस उद्देश्य से बनाया जा रहा है।
2. आधार वर्ष का चुनाव
ऐसा वर्ष चुना जाना चाहिए जो आर्थिक दृष्टि से सामान्य हो और जिसमें कोई असाधारण घटना न हुई हो।
3. मदों का चुनाव
उद्देश्य के अनुसार आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं का चयन किया जाता है।
4. भार का निर्धारण
अधिक महत्त्वपूर्ण मदों को अधिक तथा कम महत्त्वपूर्ण मदों को कम भार दिया जा सकता है।
5. उपयुक्त विधि का चुनाव
उपलब्ध आँकड़ों और उद्देश्य के अनुसार उपयुक्त सूचकांक विधि चुनी जाती है।
6. उपयुक्त माध्य का चुनाव
सूचकांक के लिए उपयुक्त माध्य का चुनाव किया जाता है।
प्रश्न 47. सूचकांक के लाभों की विस्तार से व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
- जटिल तथ्यों को सरल बनाना: बहुत सारे आर्थिक आँकड़ों को एक सूचकांक के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
- तुलनात्मक अध्ययन: अलग-अलग वर्षों की आर्थिक स्थिति की तुलना करना आसान होता है।
- पूर्वानुमान: पुराने और वर्तमान रुझानों से भविष्य के संभावित परिवर्तनों का अनुमान लगाया जा सकता है।
- सापेक्ष परिवर्तन: कीमत, उत्पादन या आय में प्रतिशत परिवर्तन ज्ञात किया जा सकता है।
- मुद्रा की क्रय शक्ति: कीमतों में परिवर्तन से मुद्रा की क्रय शक्ति में होने वाले परिवर्तन का अध्ययन किया जा सकता है।
प्रश्न 48. 1984 को आधार वर्ष मानकर दिए गए आँकड़ों से विभिन्न वर्षों के सूचकांक ज्ञात कीजिए।
हल: 1984 की कीमत को आधार मानकर प्रत्येक वर्ष के लिए:
सूचकांक = (वर्तमान वर्ष की कीमत / 1984 की कीमत) × 100
प्रश्न 49. वर्ष 1984 को आधार मानकर दिए गए आँकड़ों से मूल्यानुपात ज्ञात कीजिए।
सूत्र:
मूल्यानुपात = (P1/P0) × 100
प्रश्न 50. 1985 को आधार मानकर 1988 के लिए सूचकांक तैयार कीजिए।
हल: प्रत्येक मद के लिए 1988 की कीमत को 1985 की कीमत से विभाजित करके 100 से गुणा किया जाएगा।
प्रश्न 51. दिए गए आँकड़ों से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक निर्धारित कीजिए।
हल: प्रश्न में दिए गए भार और मूल्यानुपात के आधार पर भारित औसत निकाला जाएगा।
प्रश्न 52. दिए गए आँकड़ों से जीवन-निर्वाह लागत सूचकांक ज्ञात कीजिए।
हल: जीवन-निर्वाह लागत सूचकांक में विभिन्न उपभोक्ता वस्तुओं के मूल्यानुपात को उनके भार के साथ लिया जाता है।
प्रश्न 53. 1980 को आधार मानकर 1985 का भारित मूल्यानुपात सूचकांक ज्ञात कीजिए।
प्रश्न 54. मूल्यानुपात माध्य कीमत विधि द्वारा सूचकांक ज्ञात कीजिए।
सूत्र:
P01 = Σ(P1/P0 × 100) / N
प्रश्न 55. दिए गए आँकड़ों से जीवन-निर्वाह लागत सूचकांक की गणना कीजिए।
स्रोत में प्राप्त जीवन-निर्वाह सूचकांक = 253.50
प्रश्न 56. मूल्यनुपात माध्य विधि से साधारण सूचकांक ज्ञात कीजिए।
सूत्र:
P01 = Σ(P1/P0 × 100) / N
प्रश्न 57. भारित मूल्यानुपात माध्य विधि से सूचकांक की गणना कीजिए।
प्रश्न 58. औद्योगिक उत्पादन सूचकांक की दी गई तालिका पर टिप्पणी कीजिए।
उत्तर: औद्योगिक उत्पादन सूचकांक की विभिन्न श्रेणियों में उत्पादन वृद्धि समान नहीं होती। खनन, विनिर्माण और बिजली के प्रदर्शन में अंतर हो सकता है। भारित सामान्य सूचकांक इन विभिन्न श्रेणियों के प्रदर्शन को उनके महत्त्व के अनुसार सम्मिलित करके समग्र स्थिति बताता है।
प्रश्न 59. किसी औद्योगिक केन्द्र के श्रमिकों के 1980 और 2005 के व्यय से भारित जीवन-निर्वाह लागत सूचकांक तैयार कीजिए।
दिए गए भार: 75, 10, 5, 6 और 4।
हल की विधि: प्रत्येक मद का मूल्यानुपात निकालकर उसके भार से गुणा किया जाएगा। सभी भारित मूल्यानुपातों के योग को कुल भार से विभाजित करके जीवन-निर्वाह लागत सूचकांक प्राप्त होगा।
प्रश्न 60. किसी शहर के मध्यवर्गीय परिवार के बजट से 1995 की तुलना में 2004 का निर्वाह सूचकांक ज्ञात कीजिए।
स्रोत में दिया गया परिणाम: निर्वाह सूचकांक = 186.5
प्रश्न 61. विभिन्न सूचकांकों का प्रयोग करके मुद्रास्फीति की दर ज्ञात कीजिए और उनकी तुलना कीजिए।
हल की विधि:
मुद्रास्फीति दर = [(वर्तमान सूचकांक − पिछले सूचकांक) / पिछले सूचकांक] × 100
इसके बाद औद्योगिक श्रमिक, नगरीय गैर-शारीरिक कर्मचारी, कृषि श्रमिक तथा थोक कीमत सूचकांक के परिणामों की अलग-अलग तुलना की जाएगी।
लैसपियर और पाशे — याद रखने योग्य अंतर
| बिंदु | लैसपियर | पाशे |
|---|---|---|
| भार | आधार वर्ष की मात्रा | चालू वर्ष की मात्रा |
| मात्रा | q0 | q1 |
| उपभोग संरचना | आधार वर्ष की | चालू वर्ष की |
महत्वपूर्ण सूत्र
| विधि | सूत्र |
|---|---|
| साधारण समूह विधि | P01 = (ΣP1/ΣP0) × 100 |
| साधारण मूल्यानुपात माध्य | P01 = Σ(P1/P0 × 100)/N |
| भारित समूह विधि | P01 = (ΣP1q1/ΣP0q0) × 100 |
| मूल्यानुपात | (P1/P0) × 100 |
| मुद्रास्फीति दर | [(वर्तमान सूचकांक − पिछला सूचकांक)/पिछला सूचकांक] × 100 |
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 62. मदों के सापेक्षिक महत्त्व को बताने वाले सूचकांक को क्या कहते हैं?
(a) भारित सूचकांक
(b) सरल समूहित सूचकांक
(c) सरल मूल्यानुपात माध्य
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) भारित सूचकांक
प्रश्न 63. अधिकांश भारित सूचकांकों में भार का संबंध किससे होता है?
(a) आधार वर्ष
(b) वर्तमान वर्ष
(c) आधार एवं वर्तमान दोनों वर्ष
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) आधार वर्ष
प्रश्न 64. जिस वस्तु को सूचकांक में कम भार दिया गया है, उसकी कीमत में परिवर्तन से सूचकांक में परिवर्तन होगा—
(a) कम
(b) अधिक
(c) अनिश्चित
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) कम
प्रश्न 65. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक किस परिवर्तन को मापता है?
(a) खुदरा कीमत
(b) थोक कीमत
(c) उत्पादकों की कीमत
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) खुदरा कीमत
प्रश्न 66. औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में सामान्यतः किस मद का भार अधिक होता है?
(a) खाद्य पदार्थ
(b) आवास
(c) कपड़े
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) खाद्य पदार्थ
प्रश्न 67. मुद्रास्फीति के परिवर्तन को मापने में स्रोत सामग्री में किस सूचकांक का प्रयोग बताया गया है?
(a) थोक कीमत सूचकांक
(b) उपभोक्ता मूल्य सूचकांक
(c) उत्पादक कीमत सूचकांक
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) थोक कीमत सूचकांक
प्रश्न 68. सूचकांक बनाने में कौन-सी माध्य विधि उपयुक्त मानी गई है?
(a) अंकगणितीय माध्य
(b) ज्यामितीय माध्य
(c) माध्यिका
(d) बहुलक
सही उत्तर: (b) ज्यामितीय माध्य
प्रश्न 69. पाशे सूचकांक में किस वर्ष की मात्रा को भार बनाया जाता है?
(a) आधार वर्ष
(b) चालू वर्ष
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
सही उत्तर: (b) चालू वर्ष
प्रश्न 70. भारत में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक की प्रमुख श्रेणियाँ कौन-सी हैं?
(a) कृषि, सेवा और व्यापार
(b) खनन, विनिर्माण और बिजली
(c) बैंकिंग, बीमा और परिवहन
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (b) खनन, विनिर्माण और बिजली
अध्याय का त्वरित पुनरावृत्ति सार
| विषय | याद रखने योग्य बात |
|---|---|
| सूचकांक | सापेक्ष परिवर्तन का सांख्यिकीय माप। |
| आधार वर्ष | जिसे सामान्यतः 100 माना जाता है। |
| कीमत सूचकांक | कीमतों में परिवर्तन। |
| मात्रा सूचकांक | मात्रा में परिवर्तन। |
| CPI | उपभोक्ता के जीवन-निर्वाह व्यय में परिवर्तन। |
| WPI | थोक कीमतों में परिवर्तन। |
| लैसपियर | आधार वर्ष की मात्रा भार। |
| पाशे | चालू वर्ष की मात्रा भार। |
| मूल्यानुपात | (P1/P0) × 100 |
| मुद्रास्फीति दर | सूचकांक में प्रतिशत परिवर्तन। |
निष्कर्ष
सूचकांक आर्थिक परिवर्तनों को सरल और तुलनात्मक रूप में समझने का महत्वपूर्ण साधन है। इस अध्याय में विशेष रूप से आधार वर्ष, कीमत सूचकांक, मात्रा सूचकांक, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक, थोक मूल्य सूचकांक, भारित-अभारित सूचकांक, लैसपियर तथा पाशे विधि को अच्छी तरह समझना आवश्यक है।
परीक्षा में numerical प्रश्नों के लिए सूत्र याद रखने के साथ यह भी समझें कि प्रश्न में भार आधार वर्ष का है या चालू वर्ष का और कौन-सी सूचकांक विधि प्रयोग करनी है।