सांख्यिकीय विधियों के उपयोग अर्थशास्त्र में सांख्यिकी के व्यावहारिक प्रयोग को समझने वाला महत्वपूर्ण अध्याय है। इस अध्याय में यह समझाया गया है कि किसी आर्थिक या सामाजिक समस्या का अध्ययन करने के लिए आँकड़ों का संग्रह, प्रश्नावली का निर्माण, सर्वेक्षण, आँकड़ों का विश्लेषण और परियोजना कार्य किस प्रकार किया जाता है।
इस अध्याय में विशेष रूप से प्राथमिक आँकड़े, द्वितीयक आँकड़े, आँकड़े एकत्र करने की विधियाँ, अच्छी प्रश्नावली की विशेषताएँ, लक्ष्य समूह, सर्वेक्षण तथा परियोजना कार्य से संबंधित प्रश्नों का अभ्यास कराया गया है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. प्राथमिक आँकड़े किसे कहते हैं?
उत्तर: प्राथमिक आँकड़े वे आँकड़े होते हैं जिन्हें अनुसंधानकर्ता अपने निर्धारित उद्देश्य के लिए पहली बार स्वयं मूल रूप से एकत्र करता है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी गाँव में परिवारों की आय जानने के लिए हम स्वयं परिवारों से जानकारी प्राप्त करते हैं, तो प्राप्त जानकारी प्राथमिक आँकड़े कहलाएगी।
प्रश्न 2. प्राथमिक आँकड़ों का संग्रह करने के लिए किन-किन विधियों का प्रयोग किया जा सकता है?
उत्तर: प्राथमिक आँकड़े एकत्र करने की प्रमुख विधियाँ निम्नलिखित हैं:
- प्रत्यक्ष व्यक्तिगत अनुसंधान
- अप्रत्यक्ष मौखिक अनुसंधान
- संवाददाता द्वारा सूचना
- सूचना देने वालों द्वारा अनुसूचियों को भरना
- प्रगणकों द्वारा अनुसूचियों को भरना
प्रश्न 3. एक अच्छी प्रश्नावली की कोई तीन विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: एक अच्छी प्रश्नावली की प्रमुख विशेषताएँ हैं:
- प्रश्न सरल, स्पष्ट और सीधे होने चाहिए।
- प्रश्नों की संख्या सीमित होनी चाहिए।
- प्रश्न एक निश्चित और सुव्यवस्थित क्रम में होने चाहिए।
प्रश्न 4. द्वितीयक आँकड़े किसे कहते हैं?
उत्तर: ऐसे आँकड़े जिन्हें अनुसंधानकर्ता स्वयं पहली बार एकत्र नहीं करता, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति, संस्था, कार्यालय या प्रकाशित स्रोत से प्राप्त करता है, द्वितीयक आँकड़े कहलाते हैं।
प्रश्न 5. द्वितीयक आँकड़ों के प्रमुख स्रोत लिखिए।
उत्तर: द्वितीयक आँकड़ों के प्रमुख स्रोत निम्नलिखित हैं:
- सरकारी प्रकाशन
- अर्द्धसरकारी प्रकाशन
- निजी शोध संस्थाएँ
- विश्वविद्यालय एवं अन्य संस्थाएँ
प्रश्न 6. द्वितीयक आँकड़ों का प्रयोग प्रायः कब किया जाता है?
उत्तर: जब आँकड़े पहले से किसी विश्वसनीय स्रोत से उपलब्ध हों या अनुसंधानकर्ता के पास समय, धन और मानव संसाधन की कमी हो, तब द्वितीयक आँकड़ों का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 7. कोई तीन आर्थिक गतिविधियाँ लिखिए।
उत्तर:
- बैंकिंग
- बीमा
- व्यापार
प्रश्न 8. परियोजना का प्रथम चरण लिखिए।
उत्तर: परियोजना का प्रथम चरण समस्या की पहचान करना है। सबसे पहले यह स्पष्ट किया जाता है कि किस समस्या या विषय का अध्ययन करना है।
प्रश्न 9. आपके अध्ययन के क्षेत्र कौन-कौन से हो सकते हैं? कोई तीन क्षेत्र लिखिए।
उत्तर: अध्ययन के क्षेत्र के उदाहरण हैं:
- कार
- मोबाइल फोन
- नहाने का साबुन
प्रश्न 10. अध्ययन के लिए उपयुक्त प्रश्नावली बनाने के लिए क्या महत्त्वपूर्ण होता है?
उत्तर: अध्ययन के लिए प्रश्नावली तैयार करते समय लक्षित समूह का चुनाव बहुत महत्त्वपूर्ण होता है। जिस वर्ग या समूह का अध्ययन करना है, उसके अनुसार प्रश्न तैयार किए जाने चाहिए।
प्रश्न 11. यदि आपकी परियोजना कार से संबंधित है तब आपका लक्ष्य समूह मुख्यतः क्या होगा?
उत्तर: यदि परियोजना कार से संबंधित है, तो लक्ष्य समूह मुख्यतः मध्य आय वर्ग या उच्च आय वर्ग के लोग हो सकते हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. अच्छी प्रश्नावली की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: अच्छी प्रश्नावली ऐसी होनी चाहिए जिससे उत्तरदाता प्रश्नों को आसानी से समझ सके और सही जानकारी दे सके। इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- प्रश्न सरल, स्पष्ट और प्रत्यक्ष होने चाहिए।
- प्रश्न बहुत व्यक्तिगत नहीं होने चाहिए।
- प्रश्नों की संख्या सीमित होनी चाहिए।
- जहाँ उपयुक्त हो, प्रश्नों के उत्तर हाँ या नहीं में दिए जा सकें।
- प्रश्न एक-दूसरे के पूरक होने चाहिए।
- सभी प्रश्न सर्वेक्षण के उद्देश्य से सीधे संबंधित होने चाहिए।
- बहुविकल्पीय प्रश्नों में सभी आवश्यक विकल्प दिए जाने चाहिए।
- प्रश्नों को उचित और तार्किक क्रम में रखना चाहिए।
प्रश्न 13. प्राथमिक आँकड़ों तथा द्वितीयक आँकड़ों में अंतर बताइए।
| आधार | प्राथमिक आँकड़े | द्वितीयक आँकड़े |
|---|---|---|
| स्रोत | अनुसंधानकर्ता स्वयं आँकड़े एकत्र करता है। | किसी अन्य व्यक्ति या संस्था से प्राप्त किए जाते हैं। |
| उद्देश्य | विशेष अध्ययन के उद्देश्य से पहली बार एकत्र किए जाते हैं। | पहले से उपलब्ध आँकड़ों का पुनः उपयोग किया जाता है। |
| समय | संग्रह करने में अधिक समय लग सकता है। | पहले से उपलब्ध होने के कारण समय की बचत होती है। |
| लागत | संग्रह में अधिक खर्च हो सकता है। | तुलनात्मक रूप से कम खर्च में प्राप्त हो सकते हैं। |
| उदाहरण | सर्वेक्षण, साक्षात्कार और प्रश्नावली से प्राप्त जानकारी। | सरकारी रिपोर्ट, प्रकाशित पुस्तक या शोध रिपोर्ट से प्राप्त आँकड़े। |
प्रश्न 14. निम्न तालिका से बताइए कि लोग किस प्रकार के एयर कंडीशनर को प्राथमिकता देते हैं। आधार निम्नलिखित हैं—
- ब्राण्ड
- कीमत
- विक्रय के बाद सेवाएँ
- तकनीकी विशेषताएँ
उत्तर: इस प्रश्न में अलग-अलग एयर कंडीशनर ब्राण्डों को ब्राण्ड, कीमत, विक्रय के बाद सेवा और तकनीकी विशेषताओं के आधार पर अंक या प्रतिशत दिए गए हैं। इन सभी आधारों को ध्यान में रखकर औसत प्रतिशत की तुलना की जाती है।
स्रोत में दिए गए परिणाम के अनुसार विडियोकॉन का औसत प्रतिशत सबसे अधिक 22.5% है। इसलिए दिए गए आँकड़ों के आधार पर विडियोकॉन को सबसे अधिक प्राथमिकता प्राप्त होती है।
प्रश्न 15. निम्नलिखित सूचना को दंड-आरेख में प्रदर्शित करें और बताइए कि परिवार किस संचार माध्यम से अधिक प्रभावित होते हैं।
उत्तर: इस प्रश्न में दिए गए आँकड़ों को दंड-आरेख के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। प्रत्येक संचार माध्यम के लिए उसके संबंधित मान के अनुसार एक दंड बनाया जाएगा।
दिए गए स्रोत के निष्कर्ष के अनुसार अधिकांश लोगों को उत्पादों के बारे में जानकारी टेलीविजन या समाचार पत्रों के माध्यम से प्राप्त हुई।
प्रश्नावली आधारित परियोजना कार्य
प्रश्न 16. घरेलू ईंधन के रूप में रसोई गैस की माँग का अनुमान लगाने के लिए एक प्रश्नावली तैयार कीजिए।
उत्तर: निम्नलिखित प्रश्नावली का उपयोग घरेलू ईंधन के रूप में रसोई गैस की माँग का अध्ययन करने के लिए किया जा सकता है।
प्रश्नावली — घरेलू ईंधन के रूप में रसोई गैस की माँग का अनुमान
- घर के मुखिया का नाम: __________________________
- आयु: __________________________
- घर का पता: __________________________
-
वैवाहिक स्थिति:
- विवाहित
- अविवाहित
- परिवार के सदस्यों की संख्या (आश्रित): __________________________
-
व्यवसाय:
- नौकरी
- स्व-रोजगार
-
औसत मासिक आय:
- 500 रुपये से 1000 रुपये के बीच
- 1000 रुपये से 1200 रुपये के बीच
- 2000 रुपये से 5000 रुपये के बीच
- 5000 रुपये से 10,000 रुपये के बीच
- 10,000 रुपये से अधिक
-
आप किस ईंधन-पदार्थ का प्रयोग करते हैं?
- लकड़ी
- कोयला
- मिट्टी का तेल
- गैस
- क्या आप गैस का प्रयोग करते हैं? — हाँ / नहीं
- क्या आप केवल गैस का ही प्रयोग करते हैं? — हाँ / नहीं
-
यदि आप गैस का प्रयोग नहीं करते या गैस के प्रयोग में कठिनाई है, तो मुख्य कारण क्या है?
- गैस कनेक्शन का न मिलना
- कनेक्शन लेने के लिए पैसों की कमी
- गैस के प्रयोग को ठीक से न समझना
- गैस का प्रयोग सुरक्षित न लगना
-
यदि आप गैस के साथ अन्य ईंधन पदार्थ का प्रयोग करते हैं, तो मुख्य कारण क्या है?
- पर्याप्त गैस न मिलना
- गैस की कीमत अधिक होने के कारण केवल आवश्यक कार्यों के लिए प्रयोग करना
- स्वास्थ्य की दृष्टि से गैस का सभी कार्यों के लिए उपयुक्त न होना
-
यदि आप गैस का प्रयोग करते हैं, तो इसका मुख्य कारण क्या है?
- अन्य ईंधन पदार्थों की अपेक्षा सस्ती होना
- इसका प्रयोग सुविधाजनक होना
- कोई अन्य कारण
-
आपकी गैस वितरण एजेंसी आपके निवास स्थान से कितनी दूर है?
- एक किलोमीटर तक
- एक किलोमीटर से पाँच किलोमीटर तक
- पाँच किलोमीटर से अधिक
-
आपके पास कितने गैस सिलेंडर हैं?
- एक
- दो
- दो से अधिक
- यदि आपके पास गैस कनेक्शन नहीं है, तो मिलने पर क्या आप इसे लेना चाहेंगे? — हाँ / नहीं
-
आपके गैस सिलेंडर की सप्लाई कब मिलती है?
- सूचना देते ही
- एक सप्ताह के अंदर
- एक सप्ताह के बाद
- क्या आपका गैस कनेक्शन आपके नाम पर है? — हाँ / नहीं
-
एक महीने में आपके कितने गैस सिलेंडर प्रयोग किए जाते हैं?
- एक से कम
- एक
- दो
- दो से अधिक
प्रश्न 17. सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सुविधाओं का मूल्यांकन करने के लिए एक प्रश्नावली तैयार कीजिए।
उत्तर: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की सुविधाओं का अध्ययन करने के लिए निम्नलिखित प्रश्नावली तैयार की जा सकती है:
प्रश्नावली — सार्वजनिक वितरण प्रणाली का मूल्यांकन
- उपभोक्ता का नाम: __________________________
- निवास स्थान: __________________________
- परिवार में सदस्यों की संख्या: __________________________
-
औसत मासिक आय:
- 1000 रुपये तक
- 1000 रुपये से 2000 रुपये के बीच
- 2000 रुपये से 5000 रुपये के बीच
- 5000 रुपये से 10,000 रुपये के बीच
- 10,000 रुपये से अधिक
-
आपका व्यवसाय:
- नौकरी
- व्यापार
- अन्य
-
राशन की दुकान आपके घर से कितनी दूर है?
- 200 मीटर तक
- 500 मीटर तक
- एक किलोमीटर तक
- क्या आप उचित मूल्य की दुकान से राशन लेते हैं? — हाँ / नहीं
-
आप उचित मूल्य की दुकान से किन-किन वस्तुओं का राशन लेते हैं?
- चीनी
- गेहूँ
- चावल
- दालें
- अन्य
-
यदि आप उचित मूल्य की दुकान से राशन नहीं लेते हैं, तो मुख्य कारण क्या है?
- लम्बी कतारें
- घटिया वस्तुएँ
- कीमतों में विशेष अन्तर न होना
- समय का अभाव
- संबंधित वस्तु का उपलब्ध न होना
- राशन की दुकान का दूर होना
-
यदि आप उचित मूल्य की दुकान से राशन लेते हैं, तो मुख्य कारण क्या है?
- कीमतों का कम होना
- आय का कम होना
- निवास स्थान के पास होना
-
क्या आप केवल चीनी का ही राशन लेते हैं? — हाँ / नहीं
यदि हाँ, तो मुख्य कारण:
- खुले बाजार और राशन की चीनी की कीमत में अधिक अन्तर होना
- चीनी प्रायः उपलब्ध होना जबकि अन्य वस्तुओं का स्टॉक उपलब्ध न होना
-
क्या आप राशन का गेहूँ प्रयोग करते हैं? — हाँ / नहीं
यदि हाँ/नहीं, तो मुख्य कारण:
- गेहूँ की गुणवत्ता खराब होना
- गेहूँ का प्रायः उपलब्ध न होना
- चावल का प्रयोग करना
- प्रत्यक्ष आटे का प्रयोग करना
-
क्या आप राशन के खाद्य तेल का प्रयोग करते हैं? — हाँ / नहीं
यदि नहीं, तो मुख्य कारण:
- तेल का प्रायः उपलब्ध न होना
- उपयोग किए जाने वाले ब्राण्ड का उपलब्ध न होना
- अन्य कारण
-
आपकी दृष्टि में राशन-वितरण प्रणाली में सुधार के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण उपाय क्या होगा?
- सभी वस्तुओं की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता
- और अधिक वस्तुओं की उपलब्धता, जैसे जूते और कपड़े आदि
- उचित मूल्य की दुकानों की संख्या में वृद्धि
परियोजना कार्य
प्रश्न 18. प्राथमिक आँकड़ों की सहायता से मदर डेयरी में कुछ सब्जियों की कीमतों में होने वाले परिवर्तनों पर एक परियोजना तैयार कीजिए।
उत्तर: इस परियोजना में मदर डेयरी के सब्जी विभाग में एक निश्चित अवधि के दौरान विभिन्न सब्जियों की कीमतों का अध्ययन किया जाता है। स्रोत में जनवरी-फरवरी 2006 के दौरान सब्जियों की कीमतों को आधार बनाकर परियोजना दी गई है।
परियोजना के प्रमुख चरण
- अध्ययन का उद्देश्य निर्धारित करें।
- मदर डेयरी के सब्जी विभाग से कीमतों से संबंधित प्राथमिक आँकड़े एकत्र करें।
- अलग-अलग सब्जियों की कीमतों को दिन/तिथि के अनुसार दर्ज करें।
- आँकड़ों को व्यवस्थित करके तालिका तैयार करें।
- कीमतों में हुए परिवर्तन का अध्ययन करें।
- आँकड़ों का चित्रमय प्रदर्शन करें।
- अंत में प्राप्त परिणाम का निष्कर्ष लिखें।
स्रोत में उदाहरण के रूप में आलू की कीमतों का चित्रमय प्रदर्शन किया गया है।
इस प्रकार प्राथमिक आँकड़ों के संग्रह, वर्गीकरण और चित्रमय प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सब्जियों की कीमतों में होने वाले परिवर्तन का अध्ययन किया जा सकता है।
प्रश्न 19. उपभोक्ता जागृति के विषय में प्राप्त जानकारी को तालिका में प्रदर्शित कीजिए।
उत्तर: उपभोक्ता जागृति से संबंधित जानकारी को अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत करके सारणी के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। ग्रामीण उपभोक्ताओं से संबंधित आँकड़ों को पहले व्यवस्थित किया जाता है और फिर उपयुक्त शीर्षकों के अंतर्गत तालिका बनाई जाती है।
प्राथमिक और द्वितीयक आँकड़े — परीक्षा के लिए त्वरित पुनरावृत्ति
| बिंदु | प्राथमिक आँकड़े | द्वितीयक आँकड़े |
|---|---|---|
| संग्रह | स्वयं पहली बार एकत्र किए जाते हैं। | पहले से उपलब्ध स्रोत से प्राप्त किए जाते हैं। |
| उद्देश्य | विशेष अनुसंधान के उद्देश्य से। | किसी अन्य उद्देश्य से पहले एकत्र किए गए आँकड़ों का उपयोग। |
| स्रोत | साक्षात्कार, सर्वेक्षण, प्रश्नावली आदि। | सरकारी रिपोर्ट, संस्थाएँ, पुस्तकें, शोध आदि। |
इस अध्याय के महत्वपूर्ण बिंदु
- प्राथमिक आँकड़े — अनुसंधानकर्ता द्वारा पहली बार एकत्र किए जाते हैं।
- द्वितीयक आँकड़े — पहले से उपलब्ध स्रोतों से प्राप्त किए जाते हैं।
- प्रश्नावली — सर्वेक्षण के लिए प्रश्नों की व्यवस्थित सूची।
- लक्षित समूह — जिस वर्ग या समूह का अध्ययन किया जाना है।
- परियोजना का पहला चरण — समस्या की पहचान।
- अच्छी प्रश्नावली — सरल, स्पष्ट, सीमित और सुव्यवस्थित होनी चाहिए।
- परियोजना कार्य — आँकड़ों के संग्रह, संगठन, प्रस्तुतीकरण और निष्कर्ष पर आधारित होता है।
निष्कर्ष
सांख्यिकीय विधियों के उपयोग अध्याय से हमें यह समझने में सहायता मिलती है कि अर्थशास्त्र में केवल आँकड़े जानना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सही उद्देश्य के लिए एकत्र करना, व्यवस्थित करना, प्रस्तुत करना और उनका अर्थ समझना भी आवश्यक है। प्राथमिक एवं द्वितीयक आँकड़ों का सही चुनाव, अच्छी प्रश्नावली का निर्माण और परियोजना की उचित योजना किसी भी सांख्यिकीय अध्ययन को अधिक उपयोगी बनाती है।
परीक्षा की दृष्टि से प्राथमिक आँकड़े, द्वितीयक आँकड़े, आँकड़े संग्रह की विधियाँ, अच्छी प्रश्नावली की विशेषताएँ, लक्ष्य समूह और परियोजना के चरण विशेष रूप से तैयार करें।