आधारिक संरचना भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास का एक महत्वपूर्ण आधार है। सड़क, रेलवे, बिजली, सिंचाई, संचार, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी सुविधाएँ अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहायता प्रदान करती हैं।
इस अध्याय में आर्थिक एवं सामाजिक आधारिक संरचना, ऊर्जा, विद्युत क्षेत्र, ग्रामीण आधारिक संरचना, स्वास्थ्य सेवाएँ, सार्वजनिक स्वास्थ्य, निजी क्षेत्र और आधारिक संरचना के विकास की चुनौतियों को आसान भाषा में समझाया गया है।
आधारिक संरचना – महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
1. आधारिक संरचना की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: आधारिक संरचना से अभिप्राय उन सुविधाओं, सेवाओं और संस्थाओं से है जो अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के संचालन तथा विकास में सहायता करती हैं।
सड़क, रेलवे, बंदरगाह, हवाई अड्डे, बाँध, बिजलीघर, तेल एवं गैस पाइपलाइन, बैंक, बीमा, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ आधारिक संरचना के प्रमुख उदाहरण हैं। इनके विकास से कृषि, उद्योग, व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ने में सहायता मिलती है।
2. आधारिक संरचना के प्रमुख प्रकार कौन-कौन से हैं?
उत्तर: आधारिक संरचना मुख्यतः दो प्रकार की होती है:
- आर्थिक आधारिक संरचना
- सामाजिक आधारिक संरचना
ऊर्जा, परिवहन, संचार, सिंचाई तथा वित्तीय संस्थाएँ आर्थिक आधारिक संरचना के उदाहरण हैं, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास सामाजिक आधारिक संरचना के उदाहरण हैं।
3. आर्थिक और सामाजिक आधारिक संरचना में अंतर स्पष्ट करें।
| आधार | आर्थिक आधारिक संरचना | सामाजिक आधारिक संरचना |
|---|---|---|
| प्रभाव | अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। | अर्थव्यवस्था को मुख्यतः अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। |
| मुख्य उद्देश्य | उत्पादन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को सुविधा देना। | मानव जीवन की गुणवत्ता और क्षमता में सुधार करना। |
| उदाहरण | परिवहन, संचार, ऊर्जा, सिंचाई और वित्तीय संस्थाएँ। | शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण, शोध और आवास। |
| भूमिका | कृषि एवं उद्योग की उत्पादकता बढ़ाने में सहायता करती है। | मानव संसाधनों की गुणवत्ता और कार्यकुशलता बढ़ाती है। |
4. आर्थिक और सामाजिक आधारिक संरचनाएँ एक-दूसरे पर किस प्रकार निर्भर हैं?
उत्तर: दोनों प्रकार की आधारिक संरचनाएँ एक-दूसरे की पूरक हैं। शिक्षित और स्वस्थ व्यक्ति परिवहन, ऊर्जा तथा संचार जैसी आर्थिक सुविधाओं का बेहतर उपयोग कर सकता है। दूसरी ओर परिवहन और संचार की अच्छी सुविधाएँ शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुँचाने में सहायता करती हैं।
इसलिए आर्थिक और सामाजिक आधारिक संरचनाओं का विकास एक-दूसरे को मजबूत करता है।
5. आधारिक संरचना उत्पादन का संवर्द्धन कैसे करती है?
उत्तर: आधारिक संरचना उत्पादन के लिए आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराती है। सड़क और रेलवे से कच्चे माल तथा तैयार वस्तुओं का परिवहन आसान होता है। बिजली मशीनों को चलाने के लिए आवश्यक है। सिंचाई कृषि उत्पादन बढ़ाती है और बैंकिंग व्यवस्था उत्पादन के लिए वित्त उपलब्ध कराती है।
इस प्रकार आधारिक संरचना उत्पादन की लागत कम करने, उत्पादकता बढ़ाने और बाजारों का विस्तार करने में सहायता करती है।
6. किसी देश के आर्थिक विकास में आधारिक संरचना का क्या महत्व है?
उत्तर: किसी देश के आर्थिक विकास के लिए पर्याप्त और अच्छी आधारिक संरचना आवश्यक है। इसके प्रमुख लाभ हैं:
- आर्थिक विकास की गति बढ़ती है।
- कृषि एवं औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि होती है।
- श्रम की गतिशीलता बढ़ती है।
- वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता बढ़ती है।
- प्राकृतिक एवं आर्थिक संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है।
- बाजार का विस्तार होता है।
- शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशिक्षण से श्रम की कार्यकुशलता बढ़ती है।
ग्रामीण आधारिक संरचना
7. भारत में ग्रामीण आधारिक संरचना की स्थिति कैसी है?
उत्तर: ग्रामीण क्षेत्रों में आधारिक संरचना की सुविधाएँ लंबे समय से शहरी क्षेत्रों की तुलना में कम रही हैं। बिजली, स्वच्छ पानी, सड़क, स्वच्छता और आधुनिक ईंधन जैसी सुविधाओं की उपलब्धता में ग्रामीण क्षेत्रों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
ग्रामीण आधारिक संरचना में सुधार से कृषि उत्पादकता, रोजगार, स्वास्थ्य और ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार किया जा सकता है।
8. 2001 की जनगणना के अनुसार ग्रामीण भारत में बिजली की स्थिति क्या थी?
उत्तर: संदर्भ सामग्री के अनुसार 2001 में ग्रामीण भारत के लगभग 56% परिवारों को प्रकाश के लिए बिजली का कनेक्शन प्राप्त था। लगभग 43% परिवार मिट्टी के तेल का उपयोग करते थे।
9. ग्रामीण क्षेत्रों में आधारिक संरचना के विकास की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर: ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी आबादी निवास करती है और बड़ी संख्या में लोग कृषि तथा संबंधित गतिविधियों पर निर्भर हैं। सड़क, बिजली, सिंचाई, बैंकिंग, स्वास्थ्य और संचार जैसी सुविधाओं के विकास से ग्रामीण उत्पादन, रोजगार और जीवन स्तर में सुधार किया जा सकता है।
ऊर्जा
10. ऊर्जा का क्या महत्व है?
उत्तर: ऊर्जा आधुनिक अर्थव्यवस्था की आवश्यक आधारिक संरचना है। बिजली उद्योग, कृषि, परिवहन, संचार और घरेलू गतिविधियों के लिए आवश्यक है। पर्याप्त ऊर्जा उपलब्ध होने पर उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार संभव होता है।
11. ऊर्जा के व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक स्रोतों में अंतर कीजिए।
| आधार | व्यावसायिक ऊर्जा स्रोत | गैर-व्यावसायिक ऊर्जा स्रोत |
|---|---|---|
| अर्थ | जिन्हें सामान्यतः बाजार में खरीदा और बेचा जाता है। | जिनका उपयोग प्रायः स्थानीय या घरेलू स्तर पर किया जाता है। |
| उदाहरण | कोयला, पेट्रोलियम और बिजली। | जलाऊ लकड़ी, कृषि अपशिष्ट और गोबर। |
| उपयोग | उद्योग, परिवहन, कृषि और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में व्यापक उपयोग। | मुख्यतः घरेलू कार्यों और स्थानीय आवश्यकताओं में उपयोग। |
12. ऊर्जा के विभिन्न गैर-व्यावसायिक स्रोत कौन-कौन से हैं?
उत्तर: जलाऊ लकड़ी, कृषि का कूड़ा-कचरा, गोबर तथा पशु-शक्ति आदि गैर-व्यावसायिक ऊर्जा स्रोतों के उदाहरण हैं।
13. ऊर्जा के परंपरागत और गैर-परंपरागत स्रोतों में अंतर स्पष्ट करें।
| आधार | परंपरागत ऊर्जा स्रोत | गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोत |
|---|---|---|
| उपयोग | इनका उपयोग लंबे समय से होता आया है। | इनका व्यापक आधुनिक उपयोग बाद में विकसित हुआ। |
| उदाहरण | कोयला, पेट्रोलियम और जल विद्युत आदि। | सौर, पवन, ज्वारीय और बायो ऊर्जा आदि। |
| प्रकृति | कई स्रोत सीमित या समाप्त होने वाले हैं। | कई स्रोत नवीकरणीय हैं। |
| पर्यावरण | कुछ स्रोत प्रदूषण अधिक पैदा करते हैं। | कई स्रोत अपेक्षाकृत स्वच्छ होते हैं। |
14. विद्युत उत्पादन के तीन प्रमुख स्रोत कौन-से हैं?
उत्तर: विद्युत उत्पादन के प्रमुख स्रोत हैं:
- ताप विद्युत
- जल विद्युत
- परमाणु ऊर्जा
15. भारत में बिजली के मुख्य स्रोतों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
- ताप विद्युत: मुख्यतः कोयले जैसे ईंधन का उपयोग करके बिजली उत्पन्न की जाती है।
- जल विद्युत: नदियों और बाँधों के पानी की शक्ति का उपयोग करके बिजली उत्पन्न की जाती है।
- परमाणु ऊर्जा: परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में परमाणु ऊर्जा से बिजली उत्पन्न की जाती है।
16. विद्युत उत्पादन एवं वितरण की प्रमुख चुनौतियाँ क्या हैं?
उत्तर: प्रमुख चुनौतियाँ हैं:
- बिजली का अपर्याप्त उत्पादन।
- उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग न होना।
- बिजली बोर्डों का वित्तीय घाटा।
- बिजली चोरी।
- संचरण और वितरण के दौरान ऊर्जा की हानि।
- ताप विद्युत संयंत्रों के लिए कोयले की उपलब्धता से जुड़ी समस्याएँ।
17. संचारण और वितरण हानि से क्या समझते हैं?
उत्तर: बिजली को उत्पादन केंद्र से दूसरे स्थान तक पहुँचाते समय तारों और विद्युत प्रणाली में होने वाली ऊर्जा की हानि को संचारण हानि कहा जाता है। उपभोक्ताओं तक बिजली पहुँचाने की प्रक्रिया में होने वाली हानि को वितरण हानि कहा जाता है।
आधुनिक तकनीक, बेहतर विद्युत नेटवर्क, रखरखाव और बिजली चोरी पर नियंत्रण के माध्यम से इन हानियों को कम किया जा सकता है।
18. बिजली बोर्डों के घाटे के प्रमुख कारण क्या हैं?
उत्तर:
- बिजली चोरी।
- संचरण एवं वितरण के दौरान बिजली की हानि।
- कुछ क्षेत्रों को रियायती दर पर बिजली की आपूर्ति।
- बिजली बोर्डों की प्रशासनिक एवं वित्तीय समस्याएँ।
19. ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत ऊर्जा संकट को कम करने में कैसे सहायक हो सकते हैं?
उत्तर: सौर, पवन, बायोमास और ज्वारीय ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोत बार-बार उपलब्ध होने वाले प्राकृतिक स्रोत हैं। इनके अधिक उपयोग से कोयला और पेट्रोलियम जैसे सीमित स्रोतों पर निर्भरता कम की जा सकती है। इससे ऊर्जा की दीर्घकालीन उपलब्धता बढ़ाने और पर्यावरणीय दबाव कम करने में सहायता मिल सकती है।
20. ऊर्जा के उपभोग और आर्थिक संवृद्धि में क्या संबंध है?
उत्तर: आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ ऊर्जा की माँग सामान्यतः बढ़ती है। उद्योग, कृषि, परिवहन और सेवाओं के विकास के लिए ऊर्जा आवश्यक होती है। संदर्भ सामग्री में यह बताया गया है कि तेज आर्थिक संवृद्धि के लिए बिजली की आपूर्ति में भी पर्याप्त वृद्धि आवश्यक होती है।
स्वच्छ एवं वैकल्पिक ऊर्जा
21. बायो-ऊर्जा क्या है?
उत्तर: जैव पदार्थों या जैविक सामग्री से प्राप्त ऊर्जा को बायो-ऊर्जा कहा जाता है। इसके प्रमुख रूपों में बायोगैस और बायोमास शामिल हैं।
22. बायोगैस क्या है?
उत्तर: जैविक पदार्थों, विशेषकर गोबर आदि के अपघटन से प्राप्त गैस को बायोगैस कहा जाता है। इसका उपयोग खाना पकाने, ताप, प्रकाश और बिजली उत्पादन में किया जा सकता है। बायोगैस संयंत्र से प्राप्त अवशेष का उपयोग खाद के रूप में भी किया जा सकता है।
23. बायोमास क्या है?
उत्तर: पौधों तथा अन्य जैविक पदार्थों से प्राप्त ऊर्जा सामग्री को बायोमास कहा जाता है। लकड़ी, कृषि अवशेष और अन्य जैविक पदार्थ इसके उदाहरण हैं।
24. गैर-परंपरागत ऊर्जा के प्रमुख स्रोतों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: गैर-परंपरागत ऊर्जा के प्रमुख स्रोत हैं:
- बायो-ऊर्जा: जैविक पदार्थों से प्राप्त ऊर्जा।
- सौर ऊर्जा: सूर्य के प्रकाश और ताप से प्राप्त ऊर्जा।
- पवन ऊर्जा: हवा की गति से उत्पन्न ऊर्जा।
- ज्वारीय ऊर्जा: समुद्र में ज्वार-भाटा की गति से प्राप्त ऊर्जा।
- शहरी कचरे से ऊर्जा: ठोस कचरे के उपयोग से ऊर्जा उत्पादन।
स्वास्थ्य आधारिक संरचना
25. भारत में स्वास्थ्य की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर: संदर्भ सामग्री में भारत की स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ी कई चुनौतियों का उल्लेख है। इनमें संक्रामक रोगों का बोझ, कुपोषण, स्वास्थ्य सेवाओं की असमान उपलब्धता और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त चिकित्सकों तथा दवाओं की कमी जैसी समस्याएँ शामिल हैं।
26. रोग वैश्विक मार (GBD) क्या है?
उत्तर: Global Burden of Disease (GBD) एक स्वास्थ्य सूचक है जिसका उपयोग विभिन्न रोगों से होने वाली मृत्यु तथा बीमारी या विकलांगता के कारण जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करने के लिए किया जाता है।
27. भारत की स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की प्रमुख कमियाँ क्या हैं?
उत्तर:
- सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और गुणवत्ता में असमानता।
- निजी स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च गरीब लोगों के लिए अधिक होना।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में पर्याप्त निवेश की आवश्यकता।
- ग्रामीण और कमजोर क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी।
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और दवाओं की कमी।
28. महिलाओं का स्वास्थ्य चिंता का विषय क्यों है?
उत्तर: महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले अनेक सामाजिक और आर्थिक कारण हैं। कम उम्र में विवाह और मातृत्व, एनीमिया, पोषण की कमी, स्वास्थ्य सुविधाओं तक सीमित पहुँच और कुछ सामाजिक समस्याएँ महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। इसलिए महिलाओं के लिए पर्याप्त पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ आवश्यक हैं।
29. भारत में निम्न स्वास्थ्य स्तर के प्रमुख कारण क्या हैं?
उत्तर:
- अस्वच्छ वातावरण।
- सुरक्षित पेयजल की कमी।
- अपर्याप्त स्वच्छता व्यवस्था।
- खराब आवास और भीड़भाड़।
- कुपोषण।
- तेजी से बढ़ती जनसंख्या और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव।
30. सार्वजनिक स्वास्थ्य का अर्थ क्या है?
उत्तर: सार्वजनिक स्वास्थ्य का उद्देश्य समाज के लोगों को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएँ, रोग-निवारण, स्वच्छता, टीकाकरण और उपचार की व्यवस्था करना है। इसमें सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है ताकि आर्थिक स्थिति के कारण कोई व्यक्ति आवश्यक स्वास्थ्य सेवा से वंचित न रहे।
31. भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य आधारिक संरचना के विस्तार की प्रमुख उपलब्धियाँ क्या हैं?
उत्तर: संदर्भ सामग्री में 1951 से 2000 के बीच अस्पतालों और डिस्पेंसरियों, अस्पतालों में बिस्तरों, नर्सों तथा एलोपैथिक डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि का उल्लेख है। चेचक जैसी बीमारियों के उन्मूलन और अन्य संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के प्रयास भी किए गए।
32. स्वास्थ्य सुविधाओं की प्रभावशीलता कैसे बढ़ाई जा सकती है?
उत्तर:
- सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण किया जाए।
- स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए।
- प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जाए।
- स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुँच सुनिश्चित की जाए।
- दूरसंचार और तकनीक का उपयोग स्वास्थ्य जागरूकता के लिए किया जाए।
33. भारतीय चिकित्सा की छह प्रणालियाँ कौन-कौन सी हैं?
उत्तर:
- आयुर्वेद
- योग
- यूनानी
- सिद्ध
- होम्योपैथी
- प्राकृतिक चिकित्सा
स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी क्षेत्र
34. स्वास्थ्य आधारिक संरचना में निजी क्षेत्र की क्या भूमिका है?
उत्तर: निजी क्षेत्र भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। निजी अस्पताल, डिस्पेंसरी, चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और चिकित्सा तकनीक के क्षेत्र में निजी संस्थाएँ सेवाएँ उपलब्ध कराती हैं।
साथ ही निजी स्वास्थ्य सेवाओं की लागत कई गरीब परिवारों के लिए अधिक हो सकती है। इसलिए सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के बीच उचित संतुलन तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुँच महत्वपूर्ण है।
35. विदेशी लोग भारत में इलाज कराने क्यों आते हैं?
उत्तर: संदर्भ सामग्री में इसके प्रमुख कारणों के रूप में आधुनिक चिकित्सा तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और तुलनात्मक रूप से कम उपचार लागत का उल्लेख किया गया है।
36. चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े तीन प्रमुख संस्थानों के नाम लिखिए।
उत्तर:
- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली
- पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट (PGI), चंडीगढ़
- अखिल भारतीय स्वच्छता एवं जन स्वास्थ्य संस्थान, कोलकाता
आधारिक संरचना में निजी क्षेत्र की भूमिका
37. निजी पूँजीपति आधारिक संरचना में निवेश करने में रुचि क्यों नहीं रखते?
उत्तर:
- आधारिक संरचना परियोजनाओं में बहुत बड़ी प्रारंभिक पूँजी की आवश्यकता होती है।
- निवेश का प्रतिफल प्राप्त होने में लंबा समय लग सकता है।
- कई आधारिक सेवाएँ सार्वजनिक वस्तु जैसी प्रकृति रखती हैं।
- कुछ क्षेत्रों में सरकारी नियंत्रण और नियमन अधिक होता है।
38. आधारिक संरचना क्षेत्र में निजीकरण और व्यावसायीकरण की आवश्यकता क्यों महसूस की गई?
उत्तर: आधारिक संरचना के विकास के लिए बहुत बड़े निवेश की आवश्यकता होती है। केवल सार्वजनिक क्षेत्र के संसाधनों से सभी आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन हो सकता है। इसलिए निजी निवेश, बेहतर प्रबंधन, तकनीक और पूँजी की उपलब्धता के माध्यम से आधारिक संरचना का विस्तार करने की आवश्यकता महसूस की गई।
39. आधारिक संरचना के विकास में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र दोनों का योगदान क्यों आवश्यक है?
उत्तर: आधारिक संरचना परियोजनाओं के लिए बहुत अधिक पूँजी और लंबे समय के निवेश की आवश्यकता होती है। सरकार सामाजिक रूप से आवश्यक लेकिन कम लाभ वाले क्षेत्रों में निवेश कर सकती है, जबकि निजी क्षेत्र पूँजी, तकनीक और प्रबंधन उपलब्ध करा सकता है। दोनों क्षेत्रों की भागीदारी से आधारिक संरचना का व्यापक विकास किया जा सकता है।
भारत की आधारिक संरचना की चुनौतियाँ
40. भारत की आधारिक संरचना के सामने प्रमुख चुनौतियाँ क्या हैं?
उत्तर:
- अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं की तुलना में आधारिक सुविधाओं की कमी।
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुविधाओं की असमानता।
- आधारिक संरचना का बड़े शहरों और महानगरों में अधिक केंद्रीकरण।
- कमजोर वर्गों तक सुविधाओं की सीमित पहुँच।
- ऊर्जा और स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाओं में गुणवत्ता तथा उपलब्धता की समस्या।
41. भारतीय गाँवों में आधारिक संरचना की सुविधाओं की स्थिति कैसी है?
उत्तर: ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली, स्वच्छ पानी, आधुनिक ईंधन और स्वच्छता जैसी सुविधाओं की कमी लंबे समय से रही है। संदर्भ सामग्री में 2001 के आँकड़ों के आधार पर बताया गया है कि लगभग 56% ग्रामीण घरों में बिजली कनेक्शन था और लगभग 24% लोगों को नल के पानी की सुविधा उपलब्ध थी।
42. विकास में आधारिक संरचना के महत्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: आधारिक संरचना विकास की पूरी प्रक्रिया को सहायता प्रदान करती है। इसके प्रमुख महत्व हैं:
- तेज आर्थिक विकास में सहायता।
- श्रम की गतिशीलता में वृद्धि।
- वित्त की उपलब्धता।
- संसाधनों का बेहतर उपयोग।
- बाजार का विस्तार।
- श्रम की कार्यकुशलता में वृद्धि।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
1. आधारिक संरचना कितने प्रकार की होती है?
उत्तर: दो प्रकार की—आर्थिक और सामाजिक आधारिक संरचना।
2. आर्थिक आधारिक संरचना के तीन प्रमुख घटक लिखें।
उत्तर: परिवहन एवं संचार, ऊर्जा एवं सिंचाई तथा मौद्रिक एवं वित्तीय संस्थाएँ।
3. सामाजिक आधारिक संरचना के दो उदाहरण दें।
उत्तर: शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ।
4. पंजाब और हरियाणा कृषि में आगे क्यों हैं?
उत्तर: सिंचाई जैसी कृषि आधारिक सुविधाओं की बेहतर उपलब्धता इसका एक प्रमुख कारण है।
5. बेंगलुरु अन्य शहरों से किस प्रकार अलग है?
उत्तर: यह सूचना एवं संचार तकनीक तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियों की उपस्थिति के लिए प्रसिद्ध है।
6. समय से पूर्व मृत्यु के प्रमुख कारण क्या हैं?
उत्तर: अशिक्षा, स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही, कम उम्र में विवाह और मातृत्व, कुपोषण तथा बीमारियाँ आदि।
7. ऊर्जा के परंपरागत वाणिज्यिक स्रोत कौन-कौन से हैं?
उत्तर: कोयला, लिग्नाइट, कच्चा पेट्रोलियम और जल विद्युत आदि।
8. गैर-परंपरागत वाणिज्यिक ऊर्जा स्रोतों के उदाहरण दें।
उत्तर: सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और बायो-ऊर्जा आदि।
9. 2001 में ग्रामीण भारत में कितने प्रतिशत परिवारों को बिजली कनेक्शन मिला था?
उत्तर: संदर्भ सामग्री के अनुसार 56% परिवारों को।
10. बायोगैस क्या है?
उत्तर: जैविक पदार्थों, विशेषकर गोबर आदि के अपघटन से प्राप्त ऊर्जा गैस को बायोगैस कहते हैं।
11. बायोमास क्या है?
उत्तर: पौधों और अन्य जैविक पदार्थों से प्राप्त ऊर्जा सामग्री को बायोमास कहा जाता है।
12. बिजली उत्पादन की तीन चुनौतियाँ लिखें।
उत्तर: अपर्याप्त उत्पादन, उत्पादन क्षमता का कम उपयोग और बिजली बोर्डों का घाटा।
13. आधारिक संरचना के विकास की जिम्मेदारी परंपरागत रूप से किसकी रही है?
उत्तर: सरकार की।
14. आधारिक संरचना में निजी क्षेत्र की भूमिका क्यों बढ़ी?
उत्तर: क्योंकि आवश्यक आधारिक संरचना में सार्वजनिक निवेश सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं रहा।
15. विद्युत उत्पादन के तीन नवीकरणीय स्रोत लिखें।
उत्तर: सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और ज्वारीय ऊर्जा।
16. भारत में विदेशी लोग इलाज के लिए क्यों आते हैं?
उत्तर: विशेषज्ञ डॉक्टर, आधुनिक तकनीक और तुलनात्मक रूप से कम उपचार लागत इसके प्रमुख कारण हैं।
17. स्वास्थ्य के तीन प्रमुख घटक लिखें।
उत्तर: स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन और पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएँ।
18. भारतीय चिकित्सा की छह प्रणालियाँ कौन-कौन सी हैं?
उत्तर: आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी और प्राकृतिक चिकित्सा।
19. स्वास्थ्य सुविधा कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने का एक उपाय लिखें।
उत्तर: प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना।
20. भारत में निम्न स्वास्थ्य स्तर का एक कारण बताइए।
उत्तर: अस्वच्छ वातावरण और सुरक्षित पेयजल की कमी।
21. स्वास्थ्य आधारिक संरचना में निजी क्षेत्र की एक भूमिका बताइए।
उत्तर: निजी क्षेत्र अस्पताल, डिस्पेंसरी और चिकित्सा शिक्षा जैसी सेवाएँ उपलब्ध कराता है।
22. आधारिक संरचना की एक प्रमुख चुनौती बताइए।
उत्तर: आवश्यकताओं की तुलना में आधारिक सुविधाओं की अपर्याप्त उपलब्धता।
23. सार्वजनिक स्वास्थ्य का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: समाज के लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराकर रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा देना।
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. भारत में पिछले 50 वर्षों में सार्वजनिक स्वास्थ्य आधारिक संरचना के विस्तार पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य आधारिक संरचना में लंबे समय में विस्तार हुआ है। संदर्भ सामग्री के अनुसार 1951 में अस्पतालों और डिस्पेंसरियों की संख्या लगभग 9,300 थी, जो 2000 में बढ़कर लगभग 43,300 हो गई। अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या भी बढ़ी।
इसी अवधि में नर्सों और एलोपैथिक डॉक्टरों की संख्या में भी वृद्धि हुई। चेचक जैसी बीमारियों के उन्मूलन तथा अन्य संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के प्रयास किए गए।
2. वर्तमान समय में स्वास्थ्य आधारिक संरचना में निजी क्षेत्र की क्या भूमिका है?
उत्तर: निजी क्षेत्र अस्पतालों, डिस्पेंसरी, चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और चिकित्सा तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संदर्भ सामग्री में निजी क्षेत्र के अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी हिस्सेदारी का उल्लेख किया गया है।
हालाँकि निजी स्वास्थ्य सेवाओं की लागत अधिक होने के कारण गरीब वर्ग के लिए इन तक पहुँच कठिन हो सकती है। इसलिए सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को भी मजबूत रखना आवश्यक है।
3. भारतीय महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: महिलाओं के स्वास्थ्य पर सामाजिक, आर्थिक और पोषण संबंधी समस्याओं का प्रभाव पड़ता है। कम उम्र में विवाह और मातृत्व, एनीमिया, कुपोषण तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित पहुँच जैसी समस्याएँ महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं।
महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए शिक्षा, पर्याप्त पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ाना आवश्यक है।
4. निजी पूँजीपति आधारिक संरचना में निवेश करने से क्यों बचते हैं?
उत्तर: आधारिक संरचना में बहुत बड़ी प्रारंभिक पूँजी की आवश्यकता होती है और निवेश का प्रतिफल प्राप्त होने में काफी समय लग सकता है। इसके अतिरिक्त कई आधारिक सेवाएँ सार्वजनिक हित से जुड़ी होती हैं। इन कारणों से निजी निवेशक कुछ आधारिक क्षेत्रों में निवेश करने में कम रुचि दिखा सकते हैं।
5. भारत की आधारिक संरचना के सामने प्रमुख चुनौतियाँ बताइए।
उत्तर: भारत की आधारिक संरचना के सामने मुख्य चुनौतियाँ हैं—आवश्यकता की तुलना में सुविधाओं की कमी, ग्रामीण-शहरी असमानता, सुविधाओं का बड़े शहरों में केंद्रीकरण तथा कमजोर वर्गों तक पर्याप्त सुविधाएँ न पहुँच पाना।
6. ऊर्जा के व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक उपयोग में अंतर बताइए।
| आधार | व्यावसायिक उपयोग | गैर-व्यावसायिक उपयोग |
|---|---|---|
| उपयोग | उद्योग, कृषि, रेलवे और व्यावसायिक गतिविधियों में। | खाना पकाने, रोशनी और घरेलू कार्यों में। |
| उद्देश्य | उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों में सहायता। | घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति। |
7. भारत में बिजली के मुख्य स्रोतों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: भारत में बिजली उत्पादन के प्रमुख स्रोत ताप विद्युत, जल विद्युत और परमाणु ऊर्जा हैं। ताप विद्युत में मुख्यतः कोयले का उपयोग होता है। जल विद्युत नदियों और बाँधों के पानी से तथा परमाणु ऊर्जा परमाणु ऊर्जा संयंत्रों से प्राप्त होती है।
8. ऊर्जा के परंपरागत और गैर-परंपरागत स्रोतों में तीन अंतर बताइए।
| आधार | परंपरागत स्रोत | गैर-परंपरागत स्रोत |
|---|---|---|
| उपयोग | लंबे समय से उपयोग में। | आधुनिक समय में तेजी से विकसित। |
| स्रोत | कोयला, पेट्रोलियम आदि। | सौर, पवन, ज्वारीय आदि। |
| नवीकरण | कई स्रोत सीमित हैं। | कई स्रोत नवीकरणीय हैं। |
9. बिजली बोर्डों के घाटे के कारण लिखिए और इसे कम करने के उपाय बताइए।
उत्तर: बिजली बोर्डों के घाटे के प्रमुख कारण बिजली चोरी, संचरण एवं वितरण हानि, कुछ क्षेत्रों को रियायती दर पर बिजली देना तथा प्रशासनिक एवं वित्तीय समस्याएँ हैं।
घाटे को कम करने के लिए बिजली चोरी पर नियंत्रण, आधुनिक वितरण प्रणाली, बेहतर प्रबंधन, तकनीकी सुधार और बिजली उत्पादन एवं वितरण में आवश्यक निवेश बढ़ाना महत्वपूर्ण है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. परंपरागत तथा गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोतों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
| आधार | परंपरागत ऊर्जा | गैर-परंपरागत ऊर्जा |
|---|---|---|
| अर्थ | लंबे समय से उपयोग किए जाने वाले ऊर्जा स्रोत। | वैकल्पिक और आधुनिक ऊर्जा स्रोत। |
| उदाहरण | कोयला, पेट्रोलियम, जल विद्युत आदि। | सौर, पवन, ज्वारीय, बायो-ऊर्जा आदि। |
| नवीकरण | कई स्रोत समाप्त होने वाले हैं। | अधिकांश प्रमुख स्रोत नवीकरणीय हैं। |
| प्रदूषण | कुछ स्रोतों से प्रदूषण अधिक होता है। | कई स्रोत अपेक्षाकृत कम प्रदूषणकारी हैं। |
| उत्पादन का स्तर | बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव। | कई स्रोत स्थानीय स्तर पर भी उपयोगी हैं। |
2. भारत में गैर-परंपरागत ऊर्जा के प्रमुख स्रोतों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
1. बायो-ऊर्जा
जैविक पदार्थों से प्राप्त ऊर्जा को बायो-ऊर्जा कहते हैं। बायोगैस और बायोमास इसके उदाहरण हैं।
2. सौर ऊर्जा
सूर्य के प्रकाश और ताप से प्राप्त ऊर्जा सौर ऊर्जा कहलाती है। यह नवीकरणीय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत है।
3. पवन ऊर्जा
हवा की गति का उपयोग करके टर्बाइन के माध्यम से बिजली उत्पन्न की जाती है।
4. शहरी कचरे से ऊर्जा
शहरी ठोस कचरे का उपयोग करके ऊर्जा या बिजली का उत्पादन किया जा सकता है।
5. ज्वारीय ऊर्जा
समुद्र में ज्वार-भाटा की गति से ऊर्जा उत्पन्न की जा सकती है।
6. ऊर्जा ग्राम
स्थानीय रूप से उपलब्ध और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करके ग्रामीण ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की अवधारणा ऊर्जा ग्राम से संबंधित है।
3. विकास में आधारिक संरचना के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालिए।
उत्तर: आधारिक संरचना किसी अर्थव्यवस्था के विकास के लिए आवश्यक आधार प्रदान करती है। इसका महत्व निम्नलिखित है:
- तेज आर्थिक विकास: बिजली, परिवहन, संचार और वित्तीय सेवाएँ उत्पादन और व्यापार को गति देती हैं।
- श्रम की गतिशीलता: परिवहन और संचार श्रमिकों को रोजगार के अवसरों तक पहुँचने में सहायता करते हैं।
- वित्त की उपलब्धता: बैंक और वित्तीय संस्थाएँ उत्पादन एवं निवेश के लिए पूँजी उपलब्ध कराती हैं।
- संसाधनों का उपयोग: सिंचाई, परिवहन और ऊर्जा प्राकृतिक तथा आर्थिक संसाधनों के बेहतर उपयोग में सहायता करते हैं।
- बाजार का विस्तार: परिवहन और संचार से वस्तुओं को दूर के बाजारों तक पहुँचाना आसान होता है।
- श्रम की कार्यकुशलता: शिक्षा, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवाएँ श्रम की उत्पादकता बढ़ाती हैं।
4. भारत में निम्नस्तरीय स्वास्थ्य के कारणों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
- अस्वच्छ परिस्थितियाँ: सुरक्षित पानी, सफाई और उचित स्वच्छता की कमी।
- खराब आवास: भीड़भाड़ वाली बस्तियाँ, अपर्याप्त हवा और प्रकाश।
- कुपोषण: पर्याप्त और पौष्टिक भोजन का अभाव।
- तेजी से बढ़ती जनसंख्या: स्वास्थ्य सेवाओं और संसाधनों पर अधिक दबाव।
- स्वास्थ्य सेवाओं की कमी: विशेषकर ग्रामीण और कमजोर क्षेत्रों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं का अभाव।
5. आधारिक संरचना क्षेत्र में निजीकरण एवं व्यावसायीकरण की आवश्यकता समझाइए।
उत्तर: आधारिक संरचना के विकास के लिए बहुत बड़े निवेश की आवश्यकता होती है। सरकार के संसाधन सीमित होने के कारण केवल सार्वजनिक निवेश से सभी आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन हो सकता है।
निजी क्षेत्र पूँजी, आधुनिक तकनीक और प्रबंधन उपलब्ध कराने में सहायता कर सकता है। वैश्वीकरण के कारण अंतरराष्ट्रीय पूँजी की उपलब्धता भी बढ़ी है। इसलिए आवश्यक क्षेत्रों में निजी निवेश को आधारिक संरचना के विस्तार के एक माध्यम के रूप में देखा गया।
6. सामाजिक और आर्थिक आधारिक संरचना में अंतर स्पष्ट करते हुए उनके परस्पर संबंध को समझाइए।
| बिंदु | सामाजिक आधारिक संरचना | आर्थिक आधारिक संरचना |
|---|---|---|
| प्रभाव | अर्थव्यवस्था को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। | उत्पादन एवं आर्थिक गतिविधियों को प्रत्यक्ष सहायता देती है। |
| उद्देश्य | मानव क्षमता और जीवन गुणवत्ता में सुधार। | उत्पादन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को सुविधा देना। |
| उदाहरण | शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास। | परिवहन, संचार, ऊर्जा, वित्तीय संस्थाएँ। |
दोनों एक-दूसरे की पूरक हैं। स्वस्थ और शिक्षित व्यक्ति आर्थिक आधारिक सुविधाओं का बेहतर उपयोग कर सकता है, जबकि परिवहन और संचार जैसी आर्थिक सुविधाएँ शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुँचाने में सहायता करती हैं।
7. जन स्वास्थ्य का अर्थ बताइए तथा बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा किए गए उपायों की चर्चा कीजिए।
उत्तर: जन स्वास्थ्य का उद्देश्य लोगों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है। इसके लिए स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन, सुरक्षित पानी, टीकाकरण और पर्याप्त चिकित्सा सेवाएँ आवश्यक हैं।
बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा टीकाकरण कार्यक्रम, मलेरिया विरोधी कार्यक्रम, कुष्ठ रोग नियंत्रण, तपेदिक नियंत्रण, अंधापन निवारण और HIV/AIDS नियंत्रण जैसे कार्यक्रम चलाए गए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य उपकेंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के विस्तार पर भी ध्यान दिया गया।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)
1. शताब्दी के अंत में भारत में साक्षर अनुपात लगभग कितना था?
(a) 1/6
(b) 2/3
(c) 1/3
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (b) 2/3
व्याख्या: संदर्भ सामग्री में लगभग दो-तिहाई को सही विकल्प दिया गया है।
2. वर्ष 2001 में भारत में साक्षरों की संख्या कितनी बताई गई है?
(a) 57 करोड़
(b) 75 करोड़
(c) 50 करोड़
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) 57 करोड़
व्याख्या: यह reference में दिया गया ऐतिहासिक आँकड़ा है।
3. भारत में शिक्षा पर कुल व्यय GDP के कितने प्रतिशत से संबंधित विकल्प दिया गया है?
(a) 4 प्रतिशत
(b) 4 प्रतिशत से ज्यादा
(c) 4 प्रतिशत से कम
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (c) 4 प्रतिशत से कम
व्याख्या: यह reference सामग्री में दिया गया उत्तर है।
4. भारत में शिक्षा प्रणाली कौन-सी है?
(a) 10 + 2 + 2
(b) 10 + 2 + 3
(c) 11 + 3
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (b) 10 + 2 + 3
व्याख्या: Reference में 10+2+3 को सही विकल्प दिया गया है।
5. Reference सामग्री में भारत की जीवन प्रत्याशा कितनी दी गई है?
(a) 65 वर्ष
(b) 70 वर्ष
(c) 60 वर्ष
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) 65 वर्ष
व्याख्या: यह reference में दिया गया पुराना आँकड़ा है।
6. भारत में स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर कुल योजना व्यय का कितना प्रतिशत बताया गया है?
(a) 3 प्रतिशत
(b) 7 प्रतिशत
(c) 4.5 प्रतिशत
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) 3 प्रतिशत
व्याख्या: यह reference सामग्री में दिया गया आँकड़ा है।
7. एड्स की रोकथाम का कार्यक्रम किस स्तर पर चलाया जाता है?
(a) राष्ट्रीय स्तर
(b) केवल राज्य स्तर
(c) केवल जिला स्तर
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) राष्ट्रीय स्तर
व्याख्या: संदर्भ सामग्री में राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम को सही उत्तर दिया गया है।
8. नौवीं योजना में शिक्षा पर व्यय का प्रतिशत कितना बताया गया है?
(a) 7 प्रतिशत
(b) 2.7 प्रतिशत
(c) 6 प्रतिशत
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (c) 6 प्रतिशत
व्याख्या: यह reference में दिया गया ऐतिहासिक आँकड़ा है।
9. वर्ष 2000 में भारत में बच्चों की मृत्यु दर कितनी बताई गई है?
(a) 52
(b) 22
(c) 70
(d) 32
सही उत्तर: (b) 22
व्याख्या: यह reference में दिया गया आँकड़ा है।
10. छठा अखिल भारतीय शैक्षिक सर्वेक्षण किस वर्ष कराया गया था?
(a) 1986
(b) 1993
(c) 2000
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (b) 1993
व्याख्या: Reference सामग्री में 1993 को सही विकल्प दिया गया है।
11. राकेश मोहन समिति का संबंध किससे बताया गया है?
(a) भारतीय रेलवे
(b) भारतीय भू-परिवहन व्यवस्था
(c) भारतीय नौ परिवहन
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) भारतीय रेलवे
व्याख्या: Reference में भारतीय रेलवे को सही उत्तर दिया गया है।
12. वर्ष 1991 में पूर्ण विद्युतीकृत राज्यों की संख्या कितनी बताई गई है?
(a) 8
(b) 13
(c) 22
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (b) 13
व्याख्या: यह reference सामग्री का ऐतिहासिक आँकड़ा है।
13. भारत में अंतरराष्ट्रीय सेवाएँ कौन प्रदान करती थी?
(a) एयर इंडिया
(b) इंडियन एयरलाइंस
(c) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (a) एयर इंडिया
व्याख्या: Reference में एयर इंडिया को सही विकल्प दिया गया है।
14. Reference सामग्री में भारत में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्टों की संख्या कितनी दी गई है?
(a) 28
(b) 92
(c) 5
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (c) 5
व्याख्या: यह reference में दिया गया ऐतिहासिक आँकड़ा है।
15. Reference सामग्री में एयरपोर्ट प्राधिकरण के अंतर्गत एयरपोर्टों की संख्या कितनी दी गई है?
(a) 28
(b) 92
(c) 15
(d) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (b) 92
व्याख्या: यह reference सामग्री में दिया गया आँकड़ा है।
अध्याय का सारांश
- आधारिक संरचना अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के संचालन और विकास में सहायता करती है।
- आधारिक संरचना मुख्यतः आर्थिक और सामाजिक दो प्रकार की होती है।
- परिवहन, संचार, ऊर्जा और वित्तीय संस्थाएँ आर्थिक आधारिक संरचना के प्रमुख घटक हैं।
- शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास सामाजिक आधारिक संरचना के प्रमुख घटक हैं।
- ऊर्जा आधुनिक आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है।
- बिजली क्षेत्र में उत्पादन, संचरण, वितरण और वित्तीय घाटे जैसी चुनौतियाँ रही हैं।
- नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय दबाव को कम करने में सहायता कर सकते हैं।
- स्वास्थ्य आधारिक संरचना मानव पूँजी और आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है।
- भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के बावजूद उनकी समान पहुँच और गुणवत्ता एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
- सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों की भागीदारी से आधारिक संरचना का विस्तार किया जा सकता है।
निष्कर्ष
आधारिक संरचना किसी भी आधुनिक अर्थव्यवस्था के विकास की रीढ़ है। सड़क, बिजली, परिवहन, संचार, वित्त, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएँ मजबूत होने पर कृषि, उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र अधिक प्रभावी ढंग से विकसित हो सकते हैं। इसलिए संतुलित आर्थिक विकास के लिए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण आधारिक सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है।
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