Bihar Board Class 11 History Chapter 6 – तीन वर्ग में मध्यकालीन पश्चिमी यूरोप की सामंती सामाजिक व्यवस्था, पादरी वर्ग, अभिजात वर्ग और कृषक वर्ग का अध्ययन किया जाता है। इस अध्याय में सामंतवाद, मेनर, नाइट, सर्फ, चर्च, मठ, कृषि तकनीक, नगरों का विकास, व्यापार तथा चौदहवीं शताब्दी के संकट जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समझाया गया है।
अध्याय का परिचय
मध्यकालीन पश्चिमी यूरोप का समाज मुख्य रूप से तीन सामाजिक वर्गों में विभाजित माना जाता था—पादरी, अभिजात वर्ग और कृषक। पादरी वर्ग धार्मिक कार्य करता था, अभिजात वर्ग भूमि और सैन्य शक्ति पर नियंत्रण रखता था तथा कृषक वर्ग कृषि उत्पादन का मुख्य आधार था।
इस व्यवस्था के साथ सामंतवाद का विकास हुआ। राजा भूमि का वितरण लॉर्डों को करता था और लॉर्ड अपने अधीन नाइटों तथा अन्य लोगों को भूमि देते थे। इसके बदले सैनिक सेवा, निष्ठा और अन्य सेवाएँ प्राप्त की जाती थीं।
अध्याय के प्रमुख बिंदु
- सामंतवाद और उसकी विशेषताएँ
- तीन सामाजिक वर्ग
- पादरी वर्ग और कैथोलिक चर्च
- अभिजात वर्ग और वैसलेज व्यवस्था
- लॉर्ड और नाइट का संबंध
- मेनर व्यवस्था
- सर्फ तथा स्वतंत्र कृषक
- मठ और मठवासी जीवन
- मध्यकालीन यूरोप में कृषि
- तीन-क्षेत्रीय फसल-चक्र
- नगरों का विकास
- श्रेणी या गिल्ड व्यवस्था
- चौदहवीं शताब्दी का संकट
- किसान विद्रोह
- नए शक्तिशाली राज्यों का उदय
पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. फ्रांस में प्रारम्भिक सामंती समाज के दो लक्षणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: प्रारंभिक सामंती समाज की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित थीं—
- कृषक अपने खेतों के साथ-साथ सामंत की भूमि पर भी कार्य करते थे।
- लॉर्ड या सामंत किसानों को सैनिक सुरक्षा प्रदान करता था।
प्रश्न 2. जनसंख्या के स्तर में होने वाले लंबी अवधि के परिवर्तनों ने किस प्रकार यूरोप की अर्थव्यवस्था और समाज को प्रभावित किया?
उत्तर: यूरोप की जनसंख्या में लंबे समय तक वृद्धि हुई। इससे कृषि का विस्तार हुआ और अधिक लोगों के लिए खाद्यान्न की आवश्यकता बढ़ी। कृषि योग्य भूमि का विस्तार हुआ तथा जंगलों और चरागाहों के कुछ भागों को खेती में बदला गया।
जनसंख्या बढ़ने के साथ नगरों की आवश्यकता भी बढ़ी। लोगों को बाजार, सड़क, चर्च और नगर-चौक जैसी सुविधाओं की जरूरत हुई। इससे नगरों के विकास को प्रोत्साहन मिला।
प्रश्न 3. नाइट एक अलग वर्ग क्यों बने और उनका पतन कब हुआ?
उत्तर: नौवीं शताब्दी में कुशल घुड़सवार सैनिकों की आवश्यकता बढ़ने के कारण नाइट एक अलग वर्ग के रूप में विकसित हुए। नाइटों को भूमि या फीफ दिया जाता था और बदले में वे अपने लॉर्ड के लिए सैनिक सेवा करते थे।
चौदहवीं और पंद्रहवीं शताब्दी में नगरों के विकास और नई सैन्य तकनीकों के कारण नाइटों के पुराने सैन्य महत्व में कमी आने लगी।
प्रश्न 4. मध्यकालीन मठों का क्या कार्य था?
उत्तर: मध्यकालीन मठ धार्मिक समुदायों के निवास स्थान थे। यहाँ भिक्षु और भिक्षुणियाँ प्रार्थना, अध्ययन तथा शारीरिक श्रम करते थे।
- धार्मिक शिक्षा और प्रार्थना का कार्य होता था।
- कृषि तथा अन्य शारीरिक श्रम किया जाता था।
- कला और साहित्य के विकास में योगदान दिया गया।
- मठों में शिक्षा तथा धार्मिक गतिविधियों के केंद्र विकसित हुए।
प्रश्न 5. मध्यकालीन फ्रांस के नगर में एक शिल्पकार के एक दिन के जीवन की कल्पना कीजिए और इसका वर्णन करिए।
उत्तर: एक मध्यकालीन शिल्पकार अपना दिन अपने कार्य की तैयारी से शुरू करता था। यदि वह पत्थर पर काम करता था तो पहले पत्थर को सही स्थान पर रखता और अपने औजारों की जाँच करता। हथौड़ी और छेनी को तैयार करने के बाद पत्थर पर डिजाइन बनाता।
इसके बाद वह धीरे-धीरे पत्थर को काटकर उसे मनचाहा आकार देता। दोपहर में कुछ समय विश्राम करता और फिर अपने काम में लग जाता। शाम तक वह अपने औजारों को व्यवस्थित करके घर लौटता। उसका जीवन मेहनत, कौशल और अपने शिल्प पर निर्भर था।
प्रश्न 6. फ्रांस के सर्फ और रोम के दास जीवन की दशा की तुलना कीजिए।
उत्तर:
| आधार | फ्रांस का सर्फ | रोम का दास |
|---|---|---|
| काम | लॉर्ड की भूमि पर कृषि कार्य करता था। | स्वामी के निर्देश पर विभिन्न कार्य करता था। |
| मजदूरी | श्रम-सेवा के बदले सामान्य मजदूरी नहीं मिलती थी। | मजदूरी नहीं मिलती थी। |
| भूमि | गुजारे के लिए कुछ भूमि का उपयोग कर सकता था। | स्वतंत्र भूमि का अधिकार नहीं था। |
| स्थान परिवर्तन | लॉर्ड की अनुमति के बिना जागीर नहीं छोड़ सकता था। | स्वामी के नियंत्रण में रहता था। |
| विवाह | विवाह पर लॉर्ड का अधिकार हो सकता था। | स्रोत के अनुसार विवाह संबंधी स्वतंत्रता अत्यंत सीमित थी। |
| खरीद-बिक्री | सर्फ को दास की तरह खरीदा-बेचा नहीं जाता था। | दास खरीदे और बेचे जा सकते थे। |
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. ‘सामंतवाद’ का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: सामंतवाद भूमि और सेवा पर आधारित मध्यकालीन सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था थी। इसमें भूमि के बदले सैनिक तथा अन्य सेवाएँ प्राप्त की जाती थीं।
प्रश्न 2. रोमन साम्राज्य का कौन-सा प्रांत आगे चलकर फ्रांस बना?
उत्तर: गॉल (Gaul) प्रांत आगे चलकर फ्रांस बना।
प्रश्न 3. फ्रांस का समाज किस आधार पर तीन वर्गों में बँटा था?
उत्तर: कार्य और सामाजिक भूमिका के आधार पर समाज को तीन वर्गों में बाँटा गया था—पादरी, अभिजात वर्ग और कृषक।
प्रश्न 4. फ्रांस के अभिजात वर्ग को प्राप्त कोई दो विशेषाधिकार बताइए।
उत्तर:
- उन्हें अपनी संपदा पर व्यापक नियंत्रण प्राप्त था।
- वे अपना न्यायालय चला सकते थे और स्रोत के अनुसार अपनी मुद्रा भी जारी कर सकते थे।
प्रश्न 5. मेनर क्या था?
उत्तर: मेनर सामंत या लॉर्ड की जागीर थी। इसमें लॉर्ड का निवास, कृषि भूमि, चरागाह, किसानों के घर तथा अन्य आवश्यक सुविधाएँ होती थीं।
प्रश्न 6. तेरहवीं शताब्दी में दुर्गों का आकार क्यों बढ़ाया जाने लगा?
उत्तर: कुछ दुर्गों को बड़ा करके नाइट तथा उसके परिवार के निवास के योग्य बनाया जाने लगा।
प्रश्न 7. ‘फीफ’ क्या थी?
उत्तर: लॉर्ड द्वारा नाइट को दी गई भूमि के हिस्से को फीफ कहा जाता था। इसके बदले नाइट अपने लॉर्ड को सेवा और सैनिक सहायता देता था।
प्रश्न 8. बारहवीं शताब्दी में फ्रांस में घुमक्कड़ चारण क्या भूमिका निभाते थे?
उत्तर: वे घूम-घूमकर राजाओं और नाइटों की वीरता की कहानियाँ गीतों के रूप में सुनाते थे। इससे अभिजात वर्ग का मनोरंजन होता था।
प्रश्न 9. कैथोलिक चर्च एक शक्तिशाली संस्था कैसे था?
उत्तर: चर्च की अपनी धार्मिक व्यवस्था, नियम और भूमि थी। वह भूमि से आय प्राप्त करता था और कृषकों से टीथ भी लेता था। इसलिए उसकी आर्थिक और सामाजिक शक्ति काफी अधिक थी।
प्रश्न 10. ‘टीथ’ क्या था?
उत्तर: कृषकों की उपज का दसवाँ भाग चर्च को देने की व्यवस्था को टीथ (Tithe) कहा जाता था।
प्रश्न 11. तीन वर्गों से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: मध्यकालीन यूरोप की तीन प्रमुख सामाजिक श्रेणियों को तीन वर्ग कहा गया—
- ईसाई पादरी
- भूमिधारक अभिजात वर्ग
- कृषक
प्रश्न 12. नौवीं से ग्यारहवीं शताब्दी के बीच पश्चिमी यूरोप के ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाला कोई एक परिवर्तन बताइए।
उत्तर: चर्च तथा शाही शासन ने स्थानीय कबीलों के नियमों और संस्थाओं को व्यवस्थित राजनीतिक व्यवस्था से जोड़ने में सहायता की।
प्रश्न 13. वाइकिंग लोग कौन थे?
उत्तर: वाइकिंग स्कैंडिनेविया के लोग थे। इनमें नॉर्वे, स्वीडन और डेनमार्क के लोग प्रमुख थे। वे समुद्री यात्राओं, व्यापार और आक्रमणों के लिए प्रसिद्ध थे।
प्रश्न 14. नौवीं से सोलहवीं शताब्दी तक पश्चिमी यूरोप के इतिहास की जानकारी किस प्रकार मिली?
उत्तर: जन्म, मृत्यु और विवाह के अभिलेखों, व्यापारिक दस्तावेजों, गीतों, कहानियों और अन्य लिखित स्रोतों से इस काल की जानकारी मिलती है।
प्रश्न 15. कैथोलिक चर्च की आय के दो स्रोत बताइए।
उत्तर:
- कृषकों से प्राप्त टीथ।
- धनी लोगों द्वारा दिया गया दान।
प्रश्न 16. चर्च की औपचारिक रस्मों पर सामंती परंपराओं का प्रभाव कैसे दिखाई देता था?
उत्तर: प्रार्थना के समय हाथ जोड़कर और सिर झुकाकर घुटनों के बल बैठना नाइट द्वारा अपने वरिष्ठ लॉर्ड के प्रति निष्ठा व्यक्त करने की शैली से मिलता-जुलता था। ईश्वर के लिए ‘लॉर्ड’ शब्द का प्रयोग भी एक उदाहरण था।
प्रश्न 17. यूरोप के दो प्रसिद्ध मठ कौन-कौन से थे?
उत्तर:
- इटली में 529 ई. में स्थापित सेंट बेनेडिक्ट का मठ।
- बरगंडी में 910 ई. में स्थापित क्लूनी का मठ।
प्रश्न 18. फ्रायर किन्हें कहा जाता था?
उत्तर: तेरहवीं शताब्दी में कुछ धार्मिक समूहों ने स्थायी मठों में न रहकर घूम-घूमकर लोगों को उपदेश देना और दान से जीवनयापन करना शुरू किया। इन्हें फ्रायर कहा जाता था।
प्रश्न 19. टैली (Taille) क्या था? कौन लोग इससे मुक्त थे?
उत्तर: टैली एक प्रत्यक्ष कर था जो राजा द्वारा लगाया जाता था। स्रोत के अनुसार पादरी और अभिजात वर्ग इससे मुक्त थे।
प्रश्न 20. विलियम प्रथम कौन था?
उत्तर: विलियम प्रथम नॉरमैंडी का ड्यूक था। उसने इंग्लिश चैनल पार करके इंग्लैंड के सैक्सन राजा को पराजित किया और इंग्लैंड पर अधिकार स्थापित किया।
प्रश्न 21. मध्यकालीन इंग्लैंड की कृषि से जुड़ी दो समस्याएँ बताइए।
उत्तर:
- लकड़ी का हल भूमि को पर्याप्त गहराई तक नहीं जोत पाता था।
- फसल-चक्र की पुरानी व्यवस्था प्रभावी नहीं थी।
प्रश्न 22. कृषिदास नगरों में भागने का प्रयास क्यों करते थे?
उत्तर: कृषिदास सामंती नियंत्रण से मुक्त होना चाहते थे। स्रोत के अनुसार यदि कोई कृषिदास अपने लॉर्ड की नजरों से एक वर्ष और एक दिन तक नगर में छिपा रहता था तो वह स्वतंत्र नागरिक बन सकता था।
प्रश्न 23. इंग्लैंड में नई कृषि तकनीक के प्रचलन से कृषि में हुए दो परिवर्तन बताइए।
उत्तर:
- लकड़ी के हल की जगह लोहे की भारी नोक वाले हल और साँचेदार पटरे का उपयोग बढ़ा।
- पशुओं को जोतने की तकनीक में सुधार हुआ और जुआ कंधे पर रखा जाने लगा।
प्रश्न 24. मध्ययुग में नगरों के विकास के दो कारण बताइए।
उत्तर: व्यापार-वाणिज्य की उन्नति और सामंती नियंत्रण से नगरों की बढ़ती स्वतंत्रता नगरों के विकास के प्रमुख कारण थे।
प्रश्न 25. मध्ययुगीन यूरोप की शिल्पी श्रेणियों की दो मुख्य विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
- वे वेतन, कीमत और काम की अवधि निर्धारित करती थीं।
- वे अपने शिल्प की गुणवत्ता और नियमों को बनाए रखने के लिए कठोर नियम बनाती थीं।
प्रश्न 26. मध्यकालीन यूरोप में मठों के जीवन की दो विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
- मठ का जीवन अनुशासित और नियमबद्ध था।
- भिक्षुओं और भिक्षुणियों को निजी संपत्ति रखने तथा विवाह करने की अनुमति नहीं थी।
प्रश्न 27. फ्रांस के कैथेड्रल नगर क्या थे?
उत्तर: बड़े-बड़े चर्चों अर्थात् कैथेड्रलों के आसपास विकसित होने वाले नगरों को कैथेड्रल नगर कहा जाता था।
प्रश्न 28. चौदहवीं शताब्दी में यूरोप में किसान विद्रोह क्यों हुए?
उत्तर: आर्थिक संकट के कारण लॉर्डों की आय घटने लगी। उन्होंने पुराने श्रम-करारों को फिर लागू करने का प्रयास किया। किसानों ने इसका विरोध किया और कई क्षेत्रों में विद्रोह हुए।
प्रश्न 29. पंद्रहवीं तथा सोलहवीं शताब्दी के यूरोपीय शासकों को ‘नए शासक’ क्यों कहा गया?
उत्तर: इन शासकों ने अपनी सैन्य और वित्तीय शक्ति बढ़ाई तथा अधिक शक्तिशाली राज्य स्थापित किए। उन्होंने स्थायी सेनाओं, नौकरशाही और कर व्यवस्था को मजबूत किया।
प्रश्न 30. फ्रांस में स्टेट्स जनरल का अधिवेशन कब और किसने बुलाया?
उत्तर: स्रोत के अनुसार 1614 ई. में लुई तेरहवें ने स्टेट्स जनरल का अधिवेशन बुलाया। इसके तीन सदन तीन सामाजिक वर्गों का प्रतिनिधित्व करते थे। इसके बाद 1789 ई. तक इसे दोबारा नहीं बुलाया गया।
लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. सामंतवाद के समय नाइट, सर्फ, मेनर के स्वामी, स्वतंत्र किसान और मठवासी का जीवन कैसा था?
उत्तर:
| वर्ग | जीवन की मुख्य विशेषताएँ |
|---|---|
| नाइट | लॉर्ड के प्रति निष्ठावान रहता और सैनिक सेवा करता था। |
| सर्फ | लॉर्ड की भूमि पर कृषि तथा बेगार करता था और सामंती नियंत्रण में रहता था। |
| मेनर का स्वामी | भूमि, किसानों और जागीर की व्यवस्था पर नियंत्रण रखता था। |
| स्वतंत्र किसान | अपनी भूमि पर खेती करता और निर्धारित कर देता था। |
| मठवासी | प्रार्थना, अध्ययन, शारीरिक श्रम और धार्मिक कार्यों में जीवन बिताता था। |
प्रश्न 2. आजकल किसी समाज के जीवन-क्रम को सामंतवादी कहना बुरा क्यों समझा जाता है?
उत्तर: सामंती व्यवस्था में सामाजिक असमानता, किसानों पर श्रम-भार और सामंतों का विशेषाधिकार प्रमुख थे। सर्फों को बेगार करनी पड़ती थी और उनकी स्वतंत्रता सीमित थी। इसलिए आधुनिक समानता, स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों की अवधारणाओं की तुलना में सामंतवादी व्यवस्था को सामाजिक दृष्टि से पिछड़ा माना जाता है।
प्रश्न 3. मध्यकालीन यूरोप के समाज में मुख्य वर्ग कौन-कौन से थे?
उत्तर: मध्यकालीन यूरोप के समाज में पादरी, अभिजात वर्ग और कृषक प्रमुख सामाजिक वर्ग थे। कृषकों में स्वतंत्र किसान तथा सर्फ दोनों शामिल थे। सर्फ का जीवन कठोर था और उसे लॉर्ड की भूमि पर काम करना पड़ता था।
प्रश्न 4. यूरोपीय सामंत व्यवस्था के गुण-दोषों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
गुण:
- स्थानीय स्तर पर सुरक्षा की व्यवस्था हुई।
- राजा और सामंतों के बीच राजनीतिक संबंध विकसित हुए।
- सैनिक सेवा और भूमि के बीच संबंध स्थापित हुआ।
दोष:
- समाज में वर्गीय असमानता बढ़ी।
- कृषकों पर श्रम और कर का भार था।
- सामंतों के बीच संघर्ष होते थे।
- केंद्रीय सत्ता कमजोर रही।
प्रश्न 5. मध्ययुग में नगरों के विकास के कारण बताइए।
उत्तर: व्यापार-वाणिज्य की उन्नति, शिल्पों का विकास, नगरों की स्वतंत्रता, धन का प्रसार और बाजारों की बढ़ती आवश्यकता नगरों के विकास के प्रमुख कारण थे।
प्रश्न 6. मध्ययुग में नगरों के विकास तथा संगठन का वर्णन कीजिए।
उत्तर: व्यापारियों और शिल्पियों के बसने से नगरों का विस्तार हुआ। शिल्पियों ने अपने-अपने संगठन या गिल्ड बनाए। इन संगठनों ने उत्पादन की गुणवत्ता, कीमत और सदस्यों के कार्य से संबंधित नियम बनाए।
प्रश्न 7. पाँचवीं से ग्यारहवीं शताब्दी तक यूरोप के पर्यावरण का कृषि पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: प्रारंभिक मध्यकाल में यूरोप का बड़ा भाग वनों से ढका था और ठंडी जलवायु के कारण कृषि का विस्तार सीमित था। ग्यारहवीं शताब्दी से तापमान में वृद्धि हुई, जिससे खेती के लिए मौसम लंबा हुआ। जंगलों को साफ करके कृषि भूमि का विस्तार किया गया और कृषि उत्पादन बढ़ा।
प्रश्न 8. यूरोप में व्यापार एवं वाणिज्य में किस प्रकार वृद्धि हुई?
उत्तर: ग्यारहवीं शताब्दी से यूरोप और पश्चिमी एशिया के बीच नए व्यापार मार्ग विकसित हुए। स्कैंडिनेवियाई व्यापारी फर और शिकारी बाज जैसी वस्तुओं का व्यापार करते थे। फ्रांस में भी शिल्प और व्यापार बढ़े। इससे नगरों और व्यापारी वर्ग का विकास हुआ।
प्रश्न 9. यूरोप के नगरों में आर्थिक संस्था का आधार क्या था?
उत्तर: नगरों की आर्थिक व्यवस्था का आधार श्रेणी या गिल्ड थी। प्रत्येक शिल्प या उद्योग एक श्रेणी के रूप में संगठित था। गिल्ड उत्पाद की गुणवत्ता, कीमत और बिक्री पर नियंत्रण रखती थी।
प्रश्न 10. यूरोप में समाज का चौथा वर्ग किस प्रकार अस्तित्व में आया?
उत्तर: नगरों में स्वतंत्र किसान, भागे हुए सर्फ, दुकानदार, व्यापारी, साहूकार और वकील जैसे लोग बसने लगे। इन लोगों ने शहरी अर्थव्यवस्था में नई भूमिका निभाई और धीरे-धीरे समाज के चौथे वर्ग के रूप में पहचाने जाने लगे।
प्रश्न 11. ग्यारहवीं शताब्दी में यूरोप में सामंतवादी संबंधों में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर: मुद्रा के प्रयोग के बढ़ने से व्यक्तिगत सामंती संबंध कमजोर होने लगे। लॉर्ड श्रम-सेवा के बजाय नकद लगान लेने लगे। किसान भी अपनी उपज बाजार में बेचकर नकद प्राप्त करने लगे। इससे बाजार और व्यापार का महत्व बढ़ा।
प्रश्न 12. सामंतवाद क्या था? इसकी आर्थिक विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: सामंतवाद भूमि और सेवा पर आधारित व्यवस्था थी। इसकी आर्थिक विशेषताएँ थीं—कृषि पर निर्भरता, मेनर व्यवस्था, किसानों की श्रम-सेवा, सामंतों का भूमि पर नियंत्रण तथा स्थानीय उत्पादन और उपभोग की व्यवस्था।
प्रश्न 13. गॉल किस प्रकार फ्रांस बना?
उत्तर: गॉल रोमन साम्राज्य का एक प्रांत था। फ्रैंक नामक जर्मनिक जनजाति के प्रभाव से इस क्षेत्र को फ्रांस नाम मिला। समय के साथ यहाँ ईसाई राजाओं और फ्रैंक शासकों का प्रभाव मजबूत हुआ।
प्रश्न 14. खर्चीले प्रौद्योगिकी परिवर्तनों की समस्या से कैसे निपटा गया?
उत्तर: महँगी तकनीकों जैसे पनचक्की और पवनचक्की के लिए कई बार लॉर्डों ने पहल की। कृषकों ने भी तीन-क्षेत्रीय फसल-चक्र, लोहार की दुकानों और भट्टियों जैसी कम लागत वाली तकनीकों को अपनाया।
प्रश्न 15. फ्रांस के सर्फ और रोम के दास की जीवन-दशा की तुलना कीजिए।
उत्तर:
| आधार | फ्रांस का सर्फ | रोम का दास |
|---|---|---|
| भूमि | गुजारे के लिए भूमि का उपयोग कर सकता था। | स्वतंत्र भूमि का अधिकार नहीं था। |
| श्रम | लॉर्ड की भूमि पर कृषि और बेगार करता था। | स्वामी की इच्छा के अनुसार कार्य करता था। |
| स्वतंत्रता | जागीर छोड़ने की स्वतंत्रता सीमित थी। | व्यक्तिगत स्वतंत्रता अत्यंत सीमित थी। |
| स्थिति | सर्फ भूमि से बँधा था लेकिन दास की तरह खरीदा-बेचा नहीं जाता था। | दास खरीदा-बेचा जा सकता था। |
प्रश्न 16. लॉर्ड तथा नाइट के आपसी संबंधों की जानकारी दीजिए।
उत्तर: लॉर्ड नाइट को भूमि का एक हिस्सा अर्थात् फीफ देता था। इसके बदले नाइट अपने लॉर्ड के प्रति निष्ठा रखता और युद्ध के समय सैनिक सेवा देता था। नाइट सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करता था और अपने लॉर्ड की रक्षा तथा सेवा के लिए तैयार रहता था।
प्रश्न 17. मध्यकालीन पश्चिमी यूरोप का प्रथम वर्ग कौन-सा था?
उत्तर: मध्यकालीन पश्चिमी यूरोप का प्रथम वर्ग पादरी वर्ग था। इसमें पोप, बिशप और पादरी शामिल थे। चर्च धार्मिक मार्गदर्शन करता था। चर्च के पास भूमि और आय के साधन भी थे।
प्रश्न 18. इंग्लैंड में सामंतवाद का विकास कैसे हुआ?
उत्तर: ग्यारहवीं शताब्दी में विलियम प्रथम ने इंग्लैंड पर अधिकार करने के बाद भूमि का पुनर्वितरण किया। उसने नॉर्मन अभिजातों को भूमि दी। इन लॉर्डों ने आगे नाइटों को भूमि दी और बदले में सैनिक सेवा प्राप्त की। इसी प्रक्रिया से इंग्लैंड में सामंती व्यवस्था मजबूत हुई।
प्रश्न 19. सामंतवाद के समय यूरोपीय समाज में कौन-कौन से वर्ग थे? नए वर्ग का विकास क्यों हुआ?
उत्तर: सामंती समाज में शासक वर्ग में लॉर्ड और नाइट तथा शासित वर्ग में कृषक शामिल थे। मध्यकाल के अंतिम वर्षों में व्यापार और नगरों के विकास से व्यापारी वर्ग का विकास हुआ। धर्मयुद्धों और कृषि उत्पादन के विस्तार से वस्तुओं की मांग बढ़ी, जिससे व्यापारियों की संख्या बढ़ी।
प्रश्न 20. मध्य युग में पश्चिमी यूरोप की राजनीतिक दशा कैसी थी?
उत्तर: पश्चिमी यूरोप अनेक छोटे राज्यों और सामंती क्षेत्रों में विभाजित था। विभिन्न शासकों ने समय-समय पर बड़े राज्यों के निर्माण का प्रयास किया। शार्लमेन का साम्राज्य और बाद में पवित्र रोमन साम्राज्य इसके उदाहरण थे।
प्रश्न 21. फ्रांस के कैथेड्रल नगर किस प्रकार अस्तित्व में आए?
उत्तर: बड़े कैथेड्रल चर्चों के निर्माण में स्थानीय लोगों, व्यापारियों और अन्य समूहों ने श्रम तथा धन लगाया। इनके आसपास जनसंख्या बढ़ने लगी और निर्माण पूरा होने के बाद वे धार्मिक तथा तीर्थ केंद्र बन गए। इस प्रकार कैथेड्रलों के आसपास छोटे नगर विकसित हुए।
प्रश्न 22. कैथेड्रल किस प्रकार बनाए जाते थे?
उत्तर: कैथेड्रल इस प्रकार बनाए जाते थे कि बड़ी संख्या में लोग धार्मिक समारोह सुन सकें। ऊँची संरचनाएँ, घंटियाँ और रंगीन काँच की खिड़कियाँ उनकी प्रमुख विशेषताएँ थीं। रंगीन काँच पर धार्मिक कथाओं के चित्र बनाए जाते थे, जिनसे अनपढ़ लोग भी धार्मिक कथाओं को समझ सकते थे।
प्रश्न 23. चौदहवीं शताब्दी के आर्थिक संकट ने कृषकों में सामाजिक असंतोष कैसे पैदा किया?
उत्तर: आर्थिक संकट के कारण लॉर्डों की आय घटने लगी। उन्होंने किसानों पर पुरानी श्रम-सेवाएँ फिर लागू करने का प्रयास किया। किसानों ने इसका विरोध किया और फ्लैंडर्स, फ्रांस तथा इंग्लैंड में विद्रोह हुए।
प्रश्न 24. मध्यकालीन यूरोप में नगरों के उत्थान का जनजीवन पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: नगरों के विकास से सामंती ढाँचा कमजोर हुआ। व्यक्तिगत स्वतंत्रता का महत्व बढ़ा। व्यापार, शिल्प और शिक्षा को प्रोत्साहन मिला। नगरों ने सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन को गति दी।
प्रश्न 25. मध्यकालीन यूरोप में चौथे वर्ग का उदय कैसे हुआ?
उत्तर: नगरों के विकास के साथ स्वतंत्र किसान, कारीगर, व्यापारी, दुकानदार, साहूकार और वकील जैसे समूहों की संख्या बढ़ी। इन शहरी लोगों की आर्थिक भूमिका बढ़ने से नया सामाजिक वर्ग विकसित हुआ।
प्रश्न 26. मध्यकालीन यूरोप में शिल्पी श्रेणियों की भूमिका बताइए।
उत्तर: शिल्पी श्रेणियाँ उत्पादन की गुणवत्ता, कीमत और कार्य की अवधि को नियंत्रित करती थीं। वे नए शिल्पियों को प्रशिक्षण और सदस्यता देती थीं तथा अपने सदस्यों के हितों की रक्षा करती थीं।
प्रश्न 27. मध्यकालीन यूरोप में पादरी वर्ग की स्थिति बताइए।
उत्तर: पादरी वर्ग को सामाजिक व्यवस्था में पहला स्थान प्राप्त था। पोप, बिशप और पादरी धार्मिक जीवन का संचालन करते थे। बिशपों के पास बड़ी जागीरें थीं और चर्च को टीथ तथा दान से आय प्राप्त होती थी।
प्रश्न 28. लॉर्ड और कृषक के बीच संबंध कैसे थे?
उत्तर: कृषक लॉर्ड की भूमि पर काम करते थे और बदले में सुरक्षा तथा भूमि के उपयोग का अधिकार प्राप्त करते थे। सर्फों को लॉर्ड की भूमि पर श्रम-सेवा करनी पड़ती थी और वे उसकी अनुमति के बिना जागीर नहीं छोड़ सकते थे।
प्रश्न 29. मेनर की मुख्य विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर: मेनर में लॉर्ड का भवन, कृषि भूमि, चरागाह, चर्च, दुर्ग और किसानों के घर होते थे। कई दैनिक उपयोग की वस्तुएँ स्थानीय रूप से तैयार की जाती थीं, लेकिन नमक, धातु और कुछ विलासिता की वस्तुएँ बाहर से मंगानी पड़ती थीं।
प्रश्न 30. मध्यकालीन यूरोप में मठवाद का क्या महत्व था?
उत्तर: मठ धार्मिक जीवन, अध्ययन और शारीरिक श्रम के केंद्र थे। भिक्षु और भिक्षुणियाँ अनुशासित जीवन बिताते थे। मठों ने शिक्षा, धार्मिक विचार और कला के विकास में योगदान दिया।
प्रश्न 31. किसानों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति कैसी थी?
उत्तर: किसान समाज के तीसरे वर्ग में थे। वे कृषि उत्पादन का मुख्य आधार थे। उन्हें लॉर्ड की भूमि पर श्रम करना पड़ता था। सर्फों की स्वतंत्रता सीमित थी और उनसे विभिन्न प्रकार की सेवाएँ तथा कर लिए जाते थे।
प्रश्न 32. सामंती व्यवस्था में राजा और लॉर्ड के संबंध कैसे थे?
उत्तर: राजा भूमि लॉर्डों को देता था और लॉर्ड राजा के प्रति निष्ठा तथा सैनिक सहायता का वचन देते थे। इसी प्रकार लॉर्ड नाइटों को भूमि देकर उनसे सैन्य सेवा लेते थे।
प्रश्न 33. यूरोपीय सामंतवाद की मुख्य विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
- भूमि के बदले सेवा की व्यवस्था।
- राजा, लॉर्ड और नाइट के बीच संबंध।
- कृषकों का भूमि से संबंध।
- राजनीतिक शक्ति का विकेंद्रीकरण।
- सामंती सैन्य व्यवस्था।
प्रश्न 34. सामंतवाद के राजनीतिक और आर्थिक महत्व का वर्णन कीजिए।
उत्तर: राजनीतिक रूप से सामंतवाद ने सत्ता को राजा और स्थानीय लॉर्डों के बीच बाँटा। आर्थिक रूप से कृषि और मेनर व्यवस्था इसका आधार थी। कृषक उत्पादन करते थे और उसका एक हिस्सा सामंतों को प्राप्त होता था।
प्रश्न 35. सामंतवाद में मेनर पर आश्रित जीवन का विवरण दीजिए।
उत्तर: मेनर में रहने वाले लोग कृषि, पशुपालन और अन्य स्थानीय कार्यों से अपना जीवन चलाते थे। किसान भूमि की पट्टियों पर खेती करते थे। मेनर में चरागाह, चर्च और लॉर्ड का निवास भी होता था। लॉर्ड किसानों के सामाजिक और आर्थिक जीवन पर व्यापक नियंत्रण रखता था।
प्रश्न 36. मध्यकालीन यूरोप की सामंती व्यवस्था की आर्थिक और राजनीतिक विशेषताओं का उल्लेख करें।
उत्तर:
आर्थिक विशेषताएँ:
- कृषि अर्थव्यवस्था का आधार थी।
- मेनर व्यवस्था प्रचलित थी।
- कृषक श्रम-सेवा करते थे।
- स्थानीय उत्पादन और उपभोग महत्वपूर्ण था।
राजनीतिक विशेषताएँ:
- राजा की सत्ता का विकेंद्रीकरण हुआ।
- लॉर्डों को स्थानीय शक्ति प्राप्त थी।
- सामंती सैन्य व्यवस्था विकसित हुई।
प्रश्न 37. प्रारंभ में यूरोप में कृषि संबंधी क्या समस्याएँ थीं?
उत्तर: लकड़ी के हल की क्षमता सीमित थी और भूमि की गहरी जुताई नहीं हो पाती थी। दो-क्षेत्रीय फसल-चक्र भी पर्याप्त प्रभावी नहीं था। इससे भूमि की उर्वरता पर दबाव पड़ा और अकाल तथा कुपोषण की समस्या उत्पन्न हुई।
प्रश्न 38. कृषि संबंधी समस्याओं ने लॉर्डों तथा कृषकों के बीच विरोधी भावनाएँ कैसे पैदा कीं?
उत्तर: लॉर्ड अपनी आय बढ़ाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने किसानों से अधिक श्रम लेने का प्रयास किया। किसान इस अतिरिक्त श्रम और बेगार से बचना चाहते थे। चरागाहों और वन-भूमि के उपयोग को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न होते थे।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्न 1. यूरोप में चौदहवीं शताब्दी का संकट क्या था? इसके कारक और परिणाम बताइए।
उत्तर: चौदहवीं शताब्दी के आरंभ में यूरोप के आर्थिक विस्तार की गति धीमी हो गई। मौसम में परिवर्तन, जनसंख्या का दबाव, कृषि भूमि पर अत्यधिक उपयोग, चाँदी के उत्पादन में कमी और महामारियों ने इस संकट को गहरा किया।
मुख्य कारण
- मौसम में परिवर्तन: उत्तरी यूरोप में अधिक ठंडी परिस्थितियों के कारण फसल उगाने का मौसम छोटा हुआ।
- अधिक जुताई और जनसंख्या वृद्धि: भूमि पर दबाव बढ़ा और संसाधनों की कमी होने लगी।
- चाँदी के उत्पादन में कमी: चाँदी की खानों के उत्पादन में कमी से मुद्रा व्यवस्था प्रभावित हुई।
- महामारी: व्यापारिक संपर्कों के माध्यम से प्लेग जैसी महामारियाँ फैलीं।
परिणाम:
- जनसंख्या में भारी कमी आई।
- श्रमिकों की कमी हुई।
- कृषि उत्पादन और कीमतों में परिवर्तन आया।
- मजदूरी की दर बढ़ी।
- सामंती संबंधों पर दबाव बढ़ा।
- किसान विद्रोह हुए।
प्रश्न 2. मध्यकालीन यूरोप में शक्तिशाली राज्यों या राष्ट्र-राज्यों का उदय किस प्रकार हुआ? क्या अभिजात वर्ग ने इसका विरोध किया?
उत्तर: पंद्रहवीं और सोलहवीं शताब्दी में यूरोपीय शासकों ने सैन्य और वित्तीय शक्ति बढ़ाई। उन्होंने स्थायी सेनाएँ, नौकरशाही और नियमित कर व्यवस्था विकसित की। इससे केंद्रीय राजसत्ता मजबूत हुई।
फ्रांस, इंग्लैंड, ऑस्ट्रिया और स्पेन में शक्तिशाली राजतंत्रों का विकास हुआ। नई सैन्य तकनीक और तोपों से सुसज्जित प्रशिक्षित सेनाओं ने राजाओं की शक्ति बढ़ाई।
अभिजात वर्ग ने पूरी तरह अपना विरोध समाप्त नहीं किया। कर व्यवस्था और केंद्रीय सत्ता के विस्तार के विरुद्ध कई विद्रोह हुए। फ्रांस में राजाओं को ड्यूकों और राजकुमारों के विरोध का सामना करना पड़ा। इसलिए केंद्रीय राजसत्ता के मजबूत होने के बावजूद अभिजात वर्ग की राजनीतिक भूमिका बनी रही।
प्रश्न 3. यूरोप के शक्तिशाली राज्यों में अपनी शक्ति बनाए रखने के लिए अभिजात वर्ग ने क्या नीति अपनाई? क्या वे सफल रहे?
उत्तर: अभिजात वर्ग ने नई राजशाही व्यवस्था का पूरी तरह विरोध करने के बजाय उसके साथ सहयोग करना शुरू किया। उन्हें प्रशासनिक पद और राजदरबार में स्थान मिलने लगा।
राजाओं को अपनी सेनाओं और प्रशासन के लिए धन की आवश्यकता थी। व्यापारी और साहूकार उन्हें ऋण देते थे और बदले में दरबार में प्रभाव प्राप्त करते थे। इस प्रकार पुराने अभिजात वर्ग के साथ नए आर्थिक वर्गों को भी राजनीतिक व्यवस्था में स्थान मिला।
इंग्लैंड में संसद की परंपरा और फ्रांस में स्टेट्स जनरल जैसी संस्थाओं ने विभिन्न सामाजिक समूहों की राजनीतिक भूमिका को बनाए रखा। इसलिए अभिजात वर्ग ने बदलती व्यवस्था में अपनी भूमिका काफी हद तक बनाए रखी।
प्रश्न 4. यूरोप में मध्यकाल में नगरों का विकास किन कारणों से हुआ?
उत्तर: मध्यकालीन यूरोप में नगरों का विकास कई कारणों से हुआ।
1. सामंतों का आश्रय
शिल्पकार सुरक्षा की तलाश में सामंतों की गढ़ियों के आसपास बसने लगे। ये बस्तियाँ धीरे-धीरे नगरों में बदल गईं।
2. धर्मयुद्ध
धर्मयुद्धों के कारण यूरोप और एशिया के बीच व्यापार बढ़ा। व्यापारिक गतिविधियों और बाजारों के विकास से नगरों का विस्तार हुआ।
3. मुद्रा का प्रसार
व्यापार बढ़ने के साथ सिक्कों का प्रयोग बढ़ा। मुद्रा के प्रसार ने व्यापार और बाजारों के विकास को गति दी।
4. नगरों की स्वतंत्रता
कई नगर सामंती नियंत्रण से स्वतंत्र हुए। इससे व्यापारी और शिल्पकार अधिक स्वतंत्र होकर व्यापार कर सके।
5. नगरों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व
तेरहवीं शताब्दी तक नगरों की शक्ति बढ़ गई और उनके प्रतिनिधियों को राजनीतिक संस्थाओं में स्थान मिलने लगा।
प्रश्न 5. मध्यकालीन फ्रांस का दूसरा सामाजिक वर्ग कौन-सा था? समाज में इसकी क्या भूमिका थी?
उत्तर: मध्यकालीन फ्रांस का दूसरा सामाजिक वर्ग अभिजात वर्ग था। पहला वर्ग पादरी और तीसरा वर्ग कृषक था।
अभिजात वर्ग का मुख्य आधार भूमि पर नियंत्रण था। राजा और अभिजात वर्ग के बीच वैसलेज संबंध थे। लॉर्ड अपने अधीनस्थ वासल की रक्षा करता था और वासल उसके प्रति निष्ठा तथा सेवा का वचन देता था।
अभिजात वर्ग को कई विशेषाधिकार प्राप्त थे। वे अपनी संपदा पर नियंत्रण रखते थे, सैन्य शक्ति बनाए रखते थे और अपने न्यायालय भी चला सकते थे।
प्रश्न 6. मेनर की जागीर क्या थी? इसकी मुख्य विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: मेनर लॉर्ड की जागीर थी जिसमें उसका निवास, कृषि भूमि, चरागाह, किसानों के घर और अन्य आवश्यक सुविधाएँ होती थीं।
- अनाज और दैनिक उपयोग की कई वस्तुएँ स्थानीय रूप से तैयार होती थीं।
- लोहार और बढ़ई औजारों की देखभाल करते थे।
- चरागाह और वन क्षेत्र होते थे।
- चर्च और सुरक्षा के लिए दुर्ग हो सकता था।
- कुछ मेनर में नाइट और उसका परिवार भी रहते थे।
- नमक, धातु और कुछ विलासिता की वस्तुएँ बाहर से मंगानी पड़ती थीं।
प्रश्न 7. मध्यकालीन यूरोप के भिक्षुओं के जीवन तथा मठवाद का वर्णन कीजिए।
उत्तर: भिक्षु धार्मिक जीवन बिताने वाले लोग थे। वे ऐबी, मोनैस्ट्री या मठों में रहते थे। वे प्रार्थना, अध्ययन और शारीरिक श्रम में अपना समय बिताते थे।
पुरुषों को मोंक और महिलाओं को नन कहा जाता था। उन्हें सामान्यतः विवाह करने और निजी संपत्ति रखने की अनुमति नहीं थी।
बेनेडिक्टीन मठों में अनुशासन के लिए विस्तृत नियम थे। भिक्षुओं को निश्चित समय पर प्रार्थना, अध्ययन और शारीरिक श्रम करना होता था। मठों में जल, चक्की, उद्यान और कार्यशाला जैसी आवश्यक सुविधाएँ भी रखी जाती थीं।
प्रश्न 8. मध्यकालीन यूरोप के समाज पर चर्च के प्रभाव की चर्चा कीजिए।
उत्तर: चर्च मध्यकालीन यूरोप के सामाजिक और धार्मिक जीवन का प्रमुख संस्थान था। त्योहार, प्रार्थना, तीर्थयात्रा और धार्मिक संस्कार लोगों के दैनिक जीवन से जुड़े थे।
क्रिसमस और ईस्टर महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहार थे। कृषक धार्मिक छुट्टियों का उपयोग प्रार्थना के साथ-साथ विश्राम और मनोरंजन के लिए भी करते थे। लोग धार्मिक स्थलों और शहीदों की समाधियों की तीर्थयात्रा करते थे।
चर्च के पास भूमि और आय के साधन थे। कृषकों से टीथ लिया जाता था और धनी लोग दान देते थे। इस कारण चर्च की सामाजिक और आर्थिक शक्ति भी महत्वपूर्ण थी।
प्रश्न 9. मध्यकालीन यूरोप के तीसरे सामाजिक वर्ग अर्थात् किसानों के जनजीवन की मुख्य विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: किसान समाज के तीसरे वर्ग में थे और पादरी तथा अभिजात वर्ग के जीवन का आर्थिक आधार कृषि उत्पादन था। किसान मुख्यतः दो प्रकार के थे—स्वतंत्र किसान और सर्फ।
कृषकों को लॉर्ड की भूमि पर श्रम करना पड़ता था। इस श्रम को श्रम-अधिशेष या श्रम-रेंट कहा जाता था। इसके अतिरिक्त सड़क, बाड़ और भवनों की मरम्मत जैसे कार्य भी करने पड़ते थे।
महिलाएँ और बच्चे भी कृषि तथा घरेलू उत्पादन में योगदान देते थे। सर्फों को लॉर्ड की अनुमति के बिना जागीर छोड़ने की स्वतंत्रता नहीं थी। उन्हें लॉर्ड की चक्की, तंदूर और अन्य सुविधाओं का ही उपयोग करना पड़ता था।
प्रश्न 10. ग्यारहवीं शताब्दी में यूरोप में होने वाले नए प्रौद्योगिकी परिवर्तनों की विवेचना कीजिए। इनके परिणाम क्या निकले?
उत्तर: ग्यारहवीं शताब्दी तक यूरोप में कृषि तकनीक में महत्वपूर्ण परिवर्तन होने लगे।
- लकड़ी के हल की जगह लोहे की भारी नोक वाले हल और साँचेदार पटरे का उपयोग हुआ।
- पशुओं को जोतने की तकनीक में सुधार हुआ।
- घोड़ों के खुरों में लोहे की नाल लगाई जाने लगी।
- पवन और जल शक्ति का उपयोग बढ़ा।
- जल और वायु शक्ति से चलने वाली मिलों का प्रयोग हुआ।
- दो-क्षेत्रीय फसल-चक्र की जगह तीन-क्षेत्रीय फसल-चक्र का विस्तार हुआ।
परिणाम: प्रति इकाई भूमि उत्पादन बढ़ा, भोजन की उपलब्धता बढ़ी, पशुओं के लिए बेहतर चारा मिला और किसान कम भूमि पर अधिक उत्पादन करने में सक्षम हुए।
प्रश्न 11. मध्यकालीन यूरोप में कृषि के विस्तार के क्या परिणाम निकले?
उत्तर: कृषि के विस्तार से जनसंख्या, व्यापार और नगरों का विस्तार हुआ। अधिक खाद्य उत्पादन से जनसंख्या बढ़ी। अतिरिक्त खाद्यान्न को बाजार में बेचने की आवश्यकता से हाट और बाजार विकसित हुए।
इन बाजारों के आसपास छोटे विपणन केंद्र बने और धीरे-धीरे वे नगरों में बदलने लगे। नगरों ने किसानों के युवाओं के लिए वैतनिक कार्य तथा सामंती नियंत्रण से मुक्ति के नए अवसर भी उपलब्ध कराए।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 1. माइक्रोस्कोप की खोज किस वर्ष हुई?
(क) 1590 में
(ख) 1560 में
(ग) 1570 में
(घ) 1561 में
सही उत्तर: (क) 1590 में
प्रश्न 2. सौर-परिवार सिद्धांत किसने प्रस्तुत किया?
(क) कोपरनिकस
(ख) गैलीलियो
(ग) जचारियास
(घ) जेन्सन
सही उत्तर: (क) कोपरनिकस
प्रश्न 3. चीन में मिंग राजवंश कब स्थापित हुआ?
(क) 1368 में
(ख) 1373 में
(ग) 1378 में
(घ) 1383 में
सही उत्तर: (क) 1368 में
प्रश्न 4. रूस में आधुनिकीकरण किसने किया?
(क) पीटर महान ने
(ख) सन यात-सेन ने
(ग) च्यांग काई शेक ने
(घ) अल्हम्वा ने
सही उत्तर: (क) पीटर महान ने
प्रश्न 5. कॉफी का यूरोप में पहली बार प्रयोग किस वर्ष हुआ?
(क) 1517 में
(ख) 1520 में
(ग) 1521 में
(घ) 1570 में
सही उत्तर: (क) 1517 में
प्रश्न 6. 1325 में प्लेग किस देश में फैला?
(क) मिस्र
(ख) रूस
(ग) पुर्तगाल
(घ) भारत
सही उत्तर: (क) मिस्र
प्रश्न 7. इंग्लैंड में ट्यूडर वंश की स्थापना कब हुई?
(क) 1485 में
(ख) 1487 में
(ग) 1473 में
(घ) 1486 में
सही उत्तर: (क) 1485 में
प्रश्न 8. ‘कैंटरबरी टेल्स’ की रचना किसने की?
(क) जेफ्री चॉसर
(ख) मार्को पोलो
(ग) एडी रोडो
(घ) विची
सही उत्तर: (क) जेफ्री चॉसर
अध्याय की त्वरित पुनरावृत्ति
- सामंतवाद: भूमि और सेवा पर आधारित मध्यकालीन व्यवस्था।
- तीन वर्ग: पादरी, अभिजात वर्ग और कृषक।
- पादरी: धार्मिक कार्यों और चर्च व्यवस्था से जुड़े लोग।
- अभिजात वर्ग: भूमि और सैन्य शक्ति पर नियंत्रण रखने वाला वर्ग।
- कृषक: कृषि उत्पादन का मुख्य आधार।
- लॉर्ड: भूमि और स्थानीय अधिकार रखने वाला सामंत।
- नाइट: सैन्य सेवा देने वाला योद्धा वर्ग।
- फीफ: नाइट को दी गई भूमि।
- मेनर: लॉर्ड की जागीर और उससे जुड़ी कृषि व्यवस्था।
- सर्फ: भूमि से बँधा कृषक।
- टीथ: उपज का दसवाँ भाग चर्च को देने की व्यवस्था।
- टैली: राजा द्वारा लगाया जाने वाला प्रत्यक्ष कर।
- गिल्ड: शिल्पियों या व्यापारियों का संगठित समूह।
- तीन-क्षेत्रीय फसल-चक्र: तीन खेतों में अलग-अलग फसलों और परती भूमि का क्रमिक प्रयोग।
अध्याय का सारांश
मध्यकालीन पश्चिमी यूरोप में सामंतवाद एक महत्वपूर्ण सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था थी। समाज को पादरी, अभिजात और कृषक वर्गों में विभाजित किया गया था। अभिजात वर्ग भूमि और सैन्य शक्ति पर नियंत्रण रखता था, जबकि कृषक कृषि उत्पादन का मुख्य आधार थे।
मेनर व्यवस्था के अंतर्गत लॉर्ड की जागीर में कृषि भूमि, चरागाह, चर्च और अन्य सुविधाएँ होती थीं। नाइट लॉर्ड से फीफ प्राप्त करके सैनिक सेवा करता था। चर्च के पास भूमि और आर्थिक संसाधन थे तथा वह सामाजिक जीवन को प्रभावित करता था।
ग्यारहवीं शताब्दी के बाद कृषि तकनीक में सुधार, व्यापार के विस्तार और जनसंख्या वृद्धि से नगरों का विकास हुआ। गिल्डों और व्यापारियों का प्रभाव बढ़ा। चौदहवीं शताब्दी में जलवायु परिवर्तन, अकाल, आर्थिक कठिनाइयों और महामारियों ने यूरोप को गंभीर संकट में डाल दिया। इसके बाद सामंती संबंधों में बदलाव आया और धीरे-धीरे शक्तिशाली केंद्रीकृत राज्यों के विकास की प्रक्रिया तेज हुई।
अगला अध्याय
Chapter 7 – बदलती हुई सांस्कृतिक परंपराएँ