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Bihar Board Class 11 Physics Solutions Chapter 10 तरलों के यांत्रिकी गुण

Bihar Board Class 11 Physics Solutions Chapter 10 – तरलों के यांत्रिकी गुण में दाब, पास्कल का नियम, द्रवस्थैतिक दाब, बर्नूली प्रमेय, सातत्य समीकरण, श्यानता, पृष्ठ तनाव, केशिकत्व और रेनॉल्ड संख्या जैसे महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन किया जाता है। यह अध्याय बिहार बोर्ड कक्षा 11 भौतिकी की परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और इससे theory के साथ numerical questions भी पूछे जा सकते हैं।

इस पोस्ट में Bihar Board Class 11 Physics Chapter 10 तरलों के यांत्रिकी गुण के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर, जरूरी formulas, numerical solutions, objective questions और chapter summary को आसान भाषा में समझाया गया है।

पिछला अध्याय:
Chapter 9 – ठोसों के यांत्रिक गुण

Table of Contents

अध्याय 10 – तरलों के यांत्रिकी गुण

तरल पदार्थों में द्रव और गैस दोनों शामिल होते हैं। तरल पदार्थों का अपना निश्चित आकार नहीं होता और वे जिस पात्र में रखे जाते हैं उसका आकार ग्रहण कर लेते हैं। तरलों के व्यवहार को समझने के लिए दाब, घनत्व, प्रवाह, श्यानता और पृष्ठ तनाव जैसी राशियों का अध्ययन किया जाता है।

दाब (Pressure)

किसी सतह के प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लम्बवत लगने वाले बल को दाब कहते हैं।

P = F/A

जहाँ F बल तथा A क्षेत्रफल है।

दाब का SI मात्रक पास्कल (Pa) है।

1 Pa = 1 N/m2

द्रवस्थैतिक दाब

स्थिर द्रव में किसी बिंदु पर दाब उस बिंदु के ऊपर उपस्थित द्रव के स्तम्भ के भार के कारण उत्पन्न होता है। यदि द्रव का घनत्व ρ, गहराई h और गुरुत्वीय त्वरण g हो, तो गेज दाब:

P = ρgh

अतः द्रव में नीचे जाने पर दाब बढ़ता जाता है।

रक्तचाप पैरों पर अधिक क्यों होता है?

मानव शरीर में पैरों का स्तर मस्तिष्क की तुलना में नीचे होता है। इसलिए पैरों पर रक्त के स्तम्भ की प्रभावी ऊँचाई अधिक होती है और द्रवस्थैतिक दाब भी अधिक होता है।

वायुमंडलीय दाब

पृथ्वी के चारों ओर उपस्थित वायुमंडल के भार के कारण पृथ्वी की सतह पर दाब उत्पन्न होता है। सामान्य वायुमंडलीय दाब लगभग

1.013 × 105 Pa

होता है। इसे लगभग 76 cm Hg के बराबर माना जाता है।

गेज दाब और निरपेक्ष दाब

निरपेक्ष दाब: निर्वात के संदर्भ में मापा गया कुल दाब निरपेक्ष दाब कहलाता है।

गेज दाब: वायुमंडलीय दाब की तुलना में किसी द्रव या गैस का अतिरिक्त दाब गेज दाब कहलाता है।

दोनों के बीच संबंध:

Pabsolute = Patmospheric + Pgauge

पास्कल का नियम

पास्कल के नियम के अनुसार बंद द्रव पर लगाए गए बाहरी दाब में परिवर्तन बिना घटे द्रव के प्रत्येक भाग और पात्र की दीवारों तक पहुँचता है।

इसी सिद्धांत का उपयोग हाइड्रोलिक लिफ्ट, हाइड्रोलिक ब्रेक और हाइड्रोलिक प्रेस में किया जाता है।

हाइड्रोलिक लिफ्ट का सिद्धांत

यदि छोटे पिस्टन पर F1 बल और A1 क्षेत्रफल तथा बड़े पिस्टन पर F2 बल और A2 क्षेत्रफल हो, तो

F1/A1 = F2/A2

अतः छोटे पिस्टन पर लगाया गया अपेक्षाकृत छोटा बल बड़े पिस्टन पर बड़ा बल उत्पन्न कर सकता है।

द्रव का घनत्व

किसी पदार्थ के प्रति इकाई आयतन में उपस्थित द्रव्यमान को उसका घनत्व कहते हैं।

ρ = m/V

घनत्व का SI मात्रक kg/m3 है।

आपेक्षिक घनत्व

किसी पदार्थ के घनत्व और जल के घनत्व के अनुपात को उस पदार्थ का आपेक्षिक घनत्व कहते हैं।

Relative Density = ρsubstance/ρwater

यह एक विमाहीन राशि है।

प्रश्न 10.1 – द्रवस्थैतिक दाब से संबंधित प्रश्न

(a) पैरों पर रक्तचाप अधिक क्यों होता है?

उत्तर: पैरों की स्थिति हृदय और मस्तिष्क की तुलना में नीचे होने के कारण पैरों के ऊपर रक्त स्तम्भ की ऊँचाई अधिक होती है। इसलिए द्रवस्थैतिक प्रभाव के कारण पैरों पर रक्त का दाब अधिक होता है।

(b) 6 km ऊँचाई पर वायुमंडलीय दाब कम क्यों हो जाता है?

उत्तर: ऊँचाई बढ़ने के साथ वायु का घनत्व कम होता जाता है। इसलिए ऊपर स्थित वायु का भार कम होता है और वायुमंडलीय दाब भी तेजी से घटता है।

(c) दाब अदिश राशि क्यों माना जाता है?

उत्तर: स्थिर द्रव में किसी बिंदु पर दाब सभी दिशाओं में समान रूप से कार्य करता है। इसलिए दाब को अदिश राशि माना जाता है।

पृष्ठ तनाव (Surface Tension)

तरल की मुक्त सतह एक खिंची हुई प्रत्यास्थ झिल्ली की तरह व्यवहार करती है। तरल की सतह को न्यूनतम क्षेत्रफल में रखने की प्रवृत्ति को पृष्ठ तनाव से समझाया जाता है।

पृष्ठ तनाव को सामान्यतः T या S से प्रदर्शित किया जाता है।

इसका SI मात्रक:

N/m

पृष्ठ तनाव के कारण बूंद गोल क्यों होती है?

निश्चित आयतन के लिए गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल न्यूनतम होता है। पृष्ठ तनाव तरल के मुक्त पृष्ठ को न्यूनतम करने की कोशिश करता है। इसलिए बाहरी बलों की उपेक्षा करने पर छोटी तरल बूंद लगभग गोलाकार हो जाती है।

तापमान बढ़ने पर पृष्ठ तनाव

सामान्यतः तापमान बढ़ने पर तरल का पृष्ठ तनाव घटता है।

अपमार्जक मिलाने पर पृष्ठ तनाव

जल में साबुन या अपमार्जक मिलाने पर जल का पृष्ठ तनाव कम हो जाता है। इससे जल का फैलाव और गीला करने की क्षमता बढ़ती है।

स्पर्श कोण (Angle of Contact)

ठोस सतह और तरल की सतह के बीच तरल के अंदर मापा गया कोण स्पर्श कोण कहलाता है।

जल और स्वच्छ काँच के लिए स्पर्श कोण सामान्यतः न्यून कोण होता है, जबकि पारा और काँच के लिए यह अधिक कोण होता है।

पृष्ठ तनाव और साबुन की फिल्म

साबुन की फिल्म की दो सतहें होती हैं। इसलिए फिल्म के संपर्क में स्थित तार पर पृष्ठ तनाव के कारण कुल बल:

F = 2Tl

जहाँ T पृष्ठ तनाव और l संपर्क तार की लंबाई है।

अतः

T = F/(2l)

श्यानता (Viscosity)

तरल की विभिन्न परतों के बीच सापेक्ष गति का विरोध करने वाले आंतरिक घर्षण के गुण को श्यानता कहते हैं।

तरल में एक परत दूसरी परत की गति का विरोध करती है। इस विरोध के कारण प्रवाह में ऊर्जा का कुछ भाग ऊष्मा में परिवर्तित हो सकता है।

तरल और गैस की श्यानता में तापमान का प्रभाव

  • गैसों की श्यानता सामान्यतः तापमान बढ़ने पर बढ़ती है।
  • तरलों की श्यानता सामान्यतः तापमान बढ़ने पर घटती है।

श्यानता गुणांक

श्यान बल को सामान्यतः इस प्रकार लिखा जा सकता है:

F = ηA(dv/dy)

जहाँ η श्यानता गुणांक है। इसका SI मात्रक Pa·s है।

स्टोक्स का नियम

किसी छोटे गोलाकार पिंड के श्यान द्रव में धीमी गति से चलने पर उस पर लगने वाला श्यान प्रतिरोधी बल स्टोक्स के नियम से दिया जाता है:

F = 6πηrv

जहाँ r गोलाकार पिंड की त्रिज्या और v उसकी चाल है।

सीमान्त वेग (Terminal Velocity)

जब किसी छोटी गोलाकार वस्तु का नीचे की ओर भार, उत्प्लावन बल और ऊपर की ओर लगने वाले श्यान बल के साथ संतुलित हो जाता है, तब वस्तु नियत वेग से गिरती है। इस नियत वेग को सीमान्त वेग कहते हैं।

छोटी गोलाकार वस्तु के लिए:

vt = 2r2(ρ − σ)g/(9η)

जहाँ ρ वस्तु का घनत्व तथा σ द्रव का घनत्व है।

रेनॉल्ड संख्या

द्रव के प्रवाह की प्रकृति का अनुमान लगाने के लिए Reynolds Number का उपयोग किया जाता है।

Re = ρvd/η

जहाँ ρ द्रव का घनत्व, v औसत वेग, d नली का विशिष्ट व्यास तथा η श्यानता गुणांक है।

कम रेनॉल्ड संख्या पर प्रवाह सामान्यतः स्तरीय या धारा-रेखी होता है, जबकि अधिक रेनॉल्ड संख्या पर प्रवाह प्रक्षुब्ध हो सकता है।

स्तरीय और प्रक्षुब्ध प्रवाह

स्तरीय प्रवाह

जब द्रव की विभिन्न परतें सुव्यवस्थित तरीके से एक-दूसरे के समानांतर बहती हैं और प्रवाह में अनियमितता बहुत कम होती है, तो इसे स्तरीय प्रवाह कहते हैं।

प्रक्षुब्ध प्रवाह

जब द्रव का प्रवाह अनियमित हो जाता है तथा वेग और दिशा में तीव्र उतार-चढ़ाव दिखाई देता है, तो इसे प्रक्षुब्ध प्रवाह कहते हैं।

सातत्य समीकरण (Equation of Continuity)

असंपीड्य द्रव के स्थिर प्रवाह में प्रति सेकंड बहने वाला आयतन समान रहता है। इसलिए

A1v1 = A2v2

इससे स्पष्ट है कि नली का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल कम होने पर द्रव की चाल बढ़ जाती है।

बर्नूली प्रमेय

आदर्श, असंपीड्य तथा धारा-रेखी प्रवाह में किसी धारा-रेखा के प्रत्येक बिंदु पर प्रति इकाई आयतन कुल यांत्रिक ऊर्जा नियत रहती है।

बर्नूली समीकरण:

P + 1/2 ρv2 + ρgh = constant

यहाँ P दाब, ρ घनत्व, v वेग, g गुरुत्वीय त्वरण और h ऊँचाई है।

बर्नूली प्रमेय का महत्वपूर्ण परिणाम

यदि दो बिंदु समान ऊँचाई पर हों, तो

P + 1/2ρv2 = constant

इसलिए जहाँ द्रव का वेग अधिक होगा, वहाँ दाब कम हो सकता है।

बर्नूली प्रमेय के अनुप्रयोग

  • वायुयान के पंखों पर उत्थापक बल
  • स्प्रे पंप
  • वेंचुरीमीटर
  • एटोमाइजर
  • कार्ब्युरेटर
  • नली के संकीर्ण भाग में दाब का परिवर्तन

प्रश्न 10.4 – बर्नूली प्रमेय के अनुप्रयोग

(a) कागज को ऊपर की ओर हवा फूँकने पर वह क्यों ऊपर उठता है?

कागज के ऊपर से हवा का वेग बढ़ जाता है। बर्नूली प्रमेय के अनुसार अधिक वेग वाले क्षेत्र में दाब कम हो जाता है। कागज के ऊपर और नीचे दाब में अंतर उत्पन्न होने के कारण कागज पर ऊपर की ओर उत्थापक बल लगता है।

(b) नल की धारा को उँगलियों से संकीर्ण करने पर पानी तेजी से क्यों निकलता है?

नली के निकास का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल घट जाता है। सातत्य समीकरण

Av = constant

के अनुसार क्षेत्रफल घटने पर प्रवाह का वेग बढ़ जाता है।

(c) स्प्रे पंप किस सिद्धांत पर काम करता है?

तेज गति से बहती हवा या द्रव के क्षेत्र में दाब कम हो जाता है। इस दाब अंतर के कारण दूसरा द्रव ऊपर खिंचकर महीन बूंदों के रूप में बाहर निकल सकता है। यह बर्नूली सिद्धांत का अनुप्रयोग है।

प्रश्न 10.5 – ऊँची एड़ी से दाब

प्रश्न: 50 kg द्रव्यमान की लड़की 1.0 cm व्यास की एक गोलाकार एड़ी पर संतुलित है। फर्श पर एड़ी द्वारा लगाया गया दाब ज्ञात कीजिए।

दिया है:

  • m = 50 kg
  • d = 1.0 cm = 1.0 × 10−2 m
  • g = 9.8 m/s2

भार:

F = mg = 50 × 9.8 = 490 N

त्रिज्या:

r = d/2 = 5 × 10−3 m

क्षेत्रफल:

A = πr2

A ≈ 7.85 × 10−5 m2

अतः

P = F/A

P ≈ 6.24 × 106 Pa

उत्तर: एड़ी द्वारा लगाया गया दाब लगभग 6.24 × 106 Pa है।

प्रश्न 10.6 – फ्रेंच शराब वाले बैरोमीटर में द्रव स्तम्भ

दिया है:

  • P = 1.013 × 105 Pa
  • ρ = 984 kg/m3
  • g = 9.8 m/s2

दाब के लिए

P = ρgh

अतः

h = P/(ρg)

h = (1.013 × 105)/(984 × 9.8)

h ≈ 10.5 m

उत्तर: फ्रेंच शराब के स्तम्भ की ऊँचाई लगभग 10.5 m होगी।

प्रश्न 10.7 – समुद्र के भीतर संरचना पर दाब

दिया है:

  • गहराई h = 3 km = 3 × 103 m
  • जल का घनत्व = 103 kg/m3
  • g = 9.8 m/s2

जल के कारण गेज दाब:

P = ρgh

P = 103 × 9.8 × 3 × 103

P = 2.94 × 107 Pa

यह अधिकतम अनुमत प्रतिबल 109 Pa से काफी कम है। इसलिए दिए गए मानों के अनुसार संरचना इस दाब को सहन कर सकती है।

प्रश्न 10.8 – हाइड्रोलिक लिफ्ट

दिया है:

  • कार का द्रव्यमान = 3000 kg
  • बड़े पिस्टन का क्षेत्रफल = 425 cm2

कार का भार:

F = mg = 3000 × 9.8 = 29400 N

क्षेत्रफल:

A = 425 × 10−4 m2

दाब:

P = F/A

P ≈ 6.92 × 105 Pa

पास्कल के नियम के अनुसार यही दाब छोटे पिस्टन तक भी पहुँचता है।

प्रश्न 10.9 – U-नली में स्पिरिट का आपेक्षिक घनत्व

दिया है:

  • जल की ऊँचाई = 10 cm
  • स्पिरिट की ऊँचाई = 12.5 cm

समान स्तर पर दाब समान होने के कारण:

ρwghw = ρsghs

g कट जाएगा:

ρs/ρw = hw/hs

Relative Density = 10/12.5 = 0.8

उत्तर: स्पिरिट का आपेक्षिक घनत्व 0.8 है।

प्रश्न 10.11 – नदी की क्षिप्रिका और बर्नूली समीकरण

उत्तर: बर्नूली समीकरण आदर्श धारा-रेखी प्रवाह के लिए लागू किया जाता है। नदी की क्षिप्रिका में प्रवाह सामान्यतः अत्यधिक अनियमित और प्रक्षुब्ध होता है। इसलिए ऐसे प्रवाह का वर्णन करने के लिए सामान्य बर्नूली समीकरण को सीधे लागू नहीं किया जा सकता।

प्रश्न 10.12 – निरपेक्ष दाब के स्थान पर गेज दाब

यदि बर्नूली समीकरण के दोनों बिंदुओं पर समान वायुमंडलीय दाब उपस्थित हो, तो दोनों ओर वायुमंडलीय दाब का समान पद जुड़ता है और समीकरण से हट जाता है। इसलिए ऐसे मामले में निरपेक्ष दाब की जगह गेज दाब का प्रयोग करने पर परिणाम में कोई अंतर नहीं पड़ता।

प्रश्न 10.13 – ग्लिसरीन का प्रवाह

इस प्रश्न में ग्लिसरीन की नली की लंबाई, त्रिज्या, द्रव्यमान प्रवाह दर, घनत्व और श्यानता दी गई है। दाबांतर ज्ञात करने के लिए Poiseuille’s law तथा प्रवाह की प्रकृति जाँचने के लिए Reynolds number का उपयोग किया जाता है।

Poiseuille का संबंध:

Q = πr4ΔP/(8ηl)

जहाँ Q आयतन प्रवाह दर, r नली की त्रिज्या, η श्यानता और l नली की लंबाई है।

द्रव्यमान प्रवाह दर ज्ञात होने पर:

Q = ṁ/ρ

इसके बाद दाबांतर निकाला जाता है और Reynolds number से यह जाँचा जाता है कि प्रवाह स्तरीय है या नहीं। Reference solution में दिए गए मानों के आधार पर प्रवाह को स्तरीय बताया गया है। 1

प्रश्न 10.14 – वायुयान के पंख पर उत्थापक बल

दिया है:

  • ऊपरी सतह पर वायु की चाल = 70 m/s
  • निचली सतह पर वायु की चाल = 63 m/s
  • पंख का क्षेत्रफल = 2.5 m2
  • वायु का घनत्व = 1.3 kg/m3

दोनों सतहों की ऊँचाई समान मानकर बर्नूली समीकरण:

P1 + 1/2ρv12 = P2 + 1/2ρv22

अतः दाबांतर:

ΔP = 1/2ρ(v12 − v22)

ΔP = 1/2 × 1.3 × (702 − 632)

ΔP ≈ 605.15 Pa

उत्थापक बल:

F = ΔP × A

F ≈ 605.15 × 2.5

F ≈ 1.51 × 103 N

उत्तर: उत्थापक बल लगभग 1.51 × 103 N है।

प्रश्न 10.16 – स्प्रे पंप से निकलने वाले द्रव की चाल

सातत्य समीकरण:

A1v1 = A2v2

छोटे छिद्रों का कुल क्षेत्रफल निकालकर

v2 = A1v1/A2

दिए गए आँकड़ों को रखने पर reference में निष्कासन चाल लगभग 9.64 m/s दी गई है। 2

प्रश्न 10.17 – साबुन की फिल्म का पृष्ठ तनाव

दिया है:

  • भार = 1.5 × 10−2 N
  • तार की लंबाई = 30 cm = 0.30 m

साबुन की फिल्म की दो सतहें होने के कारण:

F = 2Tl

अतः

T = F/(2l)

T = (1.5 × 10−2)/(2 × 0.30)

T = 2.5 × 10−2 N/m

उत्तर: साबुन के विलयन का पृष्ठ तनाव 2.5 × 10−2 N/m है। 3

प्रश्न 10.19 – पारे की बूंद के भीतर दाब

दिया है:

  • बूंद की त्रिज्या = 3.0 mm = 3 × 10−3 m
  • पृष्ठ तनाव = 4.65 × 10−1 N/m
  • वायुमंडलीय दाब = 1.01 × 105 Pa

एक तरल बूंद के लिए अतिरिक्त दाब:

ΔP = 2T/r

ΔP = (2 × 4.65 × 10−1})/(3 × 10−3)

ΔP = 310 Pa

अतः बूंद के भीतर कुल दाब:

Pinside = Patm + ΔP

Pinside ≈ 1.0131 × 105 Pa

प्रश्न 10.20 – साबुन के बुलबुले के भीतर अतिरिक्त दाब

साबुन के बुलबुले में दो सतहें होती हैं। इसलिए अतिरिक्त दाब:

ΔP = 4T/r

यदि

  • T = 2.5 × 10−2 N/m
  • r = 5.0 × 10−3 m

तो

ΔP = 4 × 2.5 × 10−2/(5 × 10−3)

ΔP = 20 Pa

यदि बुलबुला 40 cm गहराई पर साबुन के घोल में हो, तो उसके बाहर का दाब:

Poutside = Patm + ρgh

और अंदर का दाब:

Pinside = Poutside + 4T/r

प्रश्न 10.21 – दो द्रवों के कारण दरवाजे पर बल

दोनों ओर अलग-अलग द्रव होने पर दरवाजे के दोनों तरफ दाब अलग होगा। प्रत्येक तरफ गेज दाब:

P = ρgh

दाबांतर:

ΔP = P2 − P1

और दरवाजा बंद रखने के लिए आवश्यक बल:

F = ΔP × A

दिए गए मानों के अनुसार reference solution में बल लगभग 55 N प्राप्त किया गया है। 4

प्रश्न 10.22 – मैनोमीटर

मैनोमीटर में पारे के स्तरों के अंतर से गैस के गेज दाब का पता लगाया जाता है। यदि वायुमंडलीय दाब 76 cm Hg और पारे के स्तर का अंतर 20 cm हो, तो सकारात्मक गेज दाब की स्थिति में:

Pabsolute = 76 + 20 = 96 cm Hg

यदि गैस का दाब वायुमंडलीय दाब से कम हो और अंतर 18 cm Hg हो, तो:

Pabsolute = 76 − 18 = 58 cm Hg

Reference में जल डालने के बाद पारे के स्तर में परिवर्तन भी इसी दाब-संतुलन सिद्धांत से निकाला गया है। 5

प्रश्न 10.24 – रक्ताधान के समय पात्र की ऊँचाई

दिया है:

  • शिरा में दाब = 2000 Pa
  • रक्त का घनत्व = 1.06 × 103 kg/m3
  • g = 9.8 m/s2

दाब:

P = ρgh

अतः

h = P/(ρg)

h = 2000/(1.06 × 103 × 9.8)

h ≈ 0.193 m

अर्थात् लगभग 19.3 cm। Reference solution में इसे लगभग 20 cm लिया गया है। 6

प्रश्न 10.25 – श्यान बल के कारण दाब में परिवर्तन

यदि द्रव के प्रवाह में श्यान या क्षयकारी बल मौजूद हो, तो द्रव की यांत्रिक ऊर्जा का कुछ भाग श्यान बल के विरुद्ध कार्य करने में खर्च होता है। इसलिए नली के साथ आगे बढ़ने पर दाब आदर्श बर्नूली स्थिति की तुलना में अधिक तेजी से घट सकता है।

द्रव का वेग बढ़ने पर वेग-ढाल और श्यान प्रभाव बढ़ सकते हैं, इसलिए उच्च वेग पर क्षयकारी प्रभाव अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

प्रश्न 10.26 – धमनी में रक्त का प्रवाह

रक्त के प्रवाह को स्तरीय बनाए रखने के लिए Reynolds number को उपयुक्त सीमा में रखना आवश्यक है।

Re = ρvd/η

इससे अधिकतम अनुमत वेग:

v = Reη/(ρd)

दिए गए आँकड़ों और प्रयुक्त critical Reynolds number के आधार पर reference solution में अधिकतम चाल लगभग 0.98 m/s दी गई है। 7

प्रश्न 10.27 – वायुयान की संहति

पंख के ऊपर और नीचे वायु की चाल अलग होने के कारण दाबांतर उत्पन्न होता है।

दिए गए वेग:

234 km/h = 65 m/s

180 km/h = 50 m/s

बर्नूली प्रमेय से:

ΔP = 1/2ρ(vupper2 − vlower2)

कुल पंख क्षेत्रफल:

A = 25 + 25 = 50 m2

उत्थापक बल:

F = ΔP × A

समतल उड़ान में इस उत्थापक बल को विमान के भार के बराबर रखकर विमान की संहति निकाली जाती है। 8

प्रश्न 10.28 – मिलिकन तेल-बूंद प्रयोग

दिया है:

  • r = 2.0 × 10−5 m
  • ρ = 1.2 × 103 kg/m3
  • η = 1.8 × 10−5 Pa·s

वायु का उत्प्लावन प्रभाव नगण्य मानकर सीमान्त चाल:

vt = 2r2ρg/(9η)

मान रखने पर reference solution में सीमान्त चाल लगभग 5.8 × 10−2 m/s दी गई है।

स्टोक्स के नियम से श्यान बल:

F = 6πηrvt

दिए गए मानों से श्यान बल लगभग 3.93 × 10−10 N प्राप्त होता है। 9

प्रश्न 10.29 – पारे का केशिका अवनमन

केशिका में द्रव के उठने या नीचे जाने की ऊँचाई:

h = 2T cosθ/(rρg)

पारे के लिए स्पर्श कोण 140° होने से

cos 140° ≈ −0.766

ऋणात्मक परिणाम यह बताता है कि पारा केशिका में नीचे जाता है। दिए गए मानों के अनुसार अवनमन लगभग 5.34 mm है। 10

प्रश्न 10.30 – अलग व्यास वाली दो केशिका नलियाँ

केशिका आरोहण का सूत्र:

h = 2T cosθ/(rρg)

इससे स्पष्ट है कि समान द्रव के लिए

h ∝ 1/r

अर्थात् छोटी त्रिज्या वाली नली में द्रव अधिक ऊँचाई तक चढ़ेगा। दिए गए 3.0 mm और 6.0 mm व्यास वाली नलियों के लिए छोटी नली में जल का केशिका आरोहण अधिक होगा। 11

वायुमंडल में ऊँचाई के साथ वायु का घनत्व

समतापी वायुमंडल में वायु का घनत्व ऊँचाई बढ़ने के साथ घटता है। reference chapter में इसे निम्न रूप में दिया गया है:

ρ = ρ0e−y/y0

जहाँ ρ0 समुद्र तल पर घनत्व तथा y0 एक नियतांक है। 12

तरलों के यांत्रिकी गुण के महत्वपूर्ण सूत्र

विषयसूत्र
दाबP = F/A
द्रवस्थैतिक दाबP = ρgh
घनत्वρ = m/V
हाइड्रोलिक मशीनF1/A1 = F2/A2
पृष्ठ तनावT = F/(2l) [साबुन फिल्म]
श्यान बलF = 6πηrv
सीमान्त वेगvt = 2r2(ρ−σ)g/(9η)
Reynolds संख्याRe = ρvd/η
सातत्य समीकरणA1v1 = A2v2
बर्नूली समीकरणP + 1/2ρv2 + ρgh = constant
केशिका आरोहणh = 2T cosθ/(rρg)
तरल बूंद का अतिरिक्त दाबΔP = 2T/r
साबुन के बुलबुले का अतिरिक्त दाबΔP = 4T/r
Poiseuille का नियमQ = πr4ΔP/(8ηl)

Important Objective Questions

1. दाब का SI मात्रक क्या है?

(A) Joule
(B) Pascal
(C) Watt
(D) Newton

उत्तर: (B) Pascal

2. द्रवस्थैतिक दाब का सूत्र क्या है?

उत्तर: P = ρgh

3. पास्कल का नियम किससे संबंधित है?

(A) ठोसों की प्रत्यास्थता
(B) बंद द्रव में दाब का संचरण
(C) ऊष्मा का संचरण
(D) विद्युत धारा

उत्तर: (B) बंद द्रव में दाब का संचरण

4. सातत्य समीकरण क्या है?

उत्तर: A1v1 = A2v2

5. नली का क्षेत्रफल घटने पर आदर्श असंपीड्य द्रव की चाल क्या होती है?

उत्तर: बढ़ जाती है।

6. बर्नूली समीकरण किस प्रकार के प्रवाह में लागू होता है?

उत्तर: आदर्श धारा-रेखी प्रवाह में।

7. तरल का पृष्ठ तनाव तापमान बढ़ने पर सामान्यतः क्या होता है?

उत्तर: घटता है।

8. गैसों की श्यानता ताप बढ़ने पर सामान्यतः कैसी होती है?

उत्तर: बढ़ती है।

9. तरलों की श्यानता ताप बढ़ने पर कैसी होती है?

उत्तर: घटती है।

10. स्टोक्स के नियम का सूत्र क्या है?

उत्तर: F = 6πηrv

11. पारे की बूंद के भीतर अतिरिक्त दाब का सूत्र क्या है?

उत्तर: ΔP = 2T/r

12. साबुन के बुलबुले के भीतर अतिरिक्त दाब का सूत्र क्या है?

उत्तर: ΔP = 4T/r

13. Reynolds number किसकी जानकारी देता है?

उत्तर: द्रव के प्रवाह की प्रकृति की।

14. छोटी त्रिज्या की केशिका में द्रव अधिक ऊँचाई तक क्यों चढ़ता है?

उत्तर: क्योंकि केशिका आरोहण h त्रिज्या r के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

15. पृष्ठ तनाव का SI मात्रक क्या है?

उत्तर: N/m

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

  • दाब की परिभाषा दीजिए और उसका SI मात्रक लिखिए।
  • द्रवस्थैतिक दाब का सूत्र प्राप्त कीजिए।
  • पास्कल का नियम लिखिए और उसके अनुप्रयोग बताइए।
  • हाइड्रोलिक लिफ्ट का सिद्धांत समझाइए।
  • पृष्ठ तनाव क्या है?
  • जल और काँच का स्पर्श कोण न्यून कोण क्यों होता है?
  • पारा और काँच का स्पर्श कोण अधिक कोण क्यों होता है?
  • तरल बूंद गोलाकार क्यों होती है?
  • श्यानता क्या है?
  • स्टोक्स का नियम लिखिए।
  • सीमान्त वेग क्या है?
  • Reynolds number की परिभाषा और सूत्र लिखिए।
  • स्तरीय तथा प्रक्षुब्ध प्रवाह में अंतर बताइए।
  • सातत्य समीकरण लिखिए और समझाइए।
  • बर्नूली प्रमेय लिखिए और उसके अनुप्रयोग बताइए।
  • अंतरिक्ष या वायुगतिकीय अनुप्रयोगों में बर्नूली सिद्धांत से दाब और वेग का संबंध समझाइए।
  • केशिका आरोहण का सूत्र प्राप्त कीजिए।
  • तरल बूंद तथा साबुन के बुलबुले के अंदर अतिरिक्त दाब के सूत्रों में अंतर बताइए।

Chapter 10 का संक्षिप्त सार

तरलों के यांत्रिकी गुण अध्याय में द्रवों और गैसों के यांत्रिक व्यवहार का अध्ययन किया जाता है। दाब किसी सतह पर प्रति इकाई क्षेत्रफल लगने वाला लम्बवत बल है और स्थिर द्रव में दाब गहराई, घनत्व तथा गुरुत्वीय त्वरण पर निर्भर करता है।

पास्कल का नियम हाइड्रोलिक मशीनों के कार्य को समझाता है। दूसरी ओर, द्रव के गतिशील प्रवाह को समझने के लिए सातत्य समीकरण और बर्नूली प्रमेय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। नली का क्षेत्रफल कम होने पर असंपीड्य द्रव का वेग बढ़ता है और बर्नूली सिद्धांत के अनुसार समान ऊँचाई पर दाब घट सकता है।

इस अध्याय में श्यानता, स्टोक्स का नियम, सीमान्त वेग और Reynolds number से प्रवाह की प्रकृति समझी जाती है। इसके अलावा पृष्ठ तनाव, स्पर्श कोण, केशिका आरोहण तथा तरल बूंद और साबुन के बुलबुले के अतिरिक्त दाब भी परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

अध्याय से जुड़े महत्वपूर्ण लिंक

Chapter 9 – ठोसों के यांत्रिक गुण

Chapter 10 – तरलों के यांत्रिकी गुण

Chapter 11 – द्रव्य के तापीय गुण

निष्कर्ष

Bihar Board Class 11 Physics Solutions Chapter 10 – तरलों के यांत्रिकी गुण में दाब, पास्कल का नियम, बर्नूली प्रमेय, सातत्य समीकरण, श्यानता, पृष्ठ तनाव और केशिकत्व जैसे महत्वपूर्ण concepts शामिल हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए formulas के साथ numerical questions का अभ्यास करना बहुत जरूरी है।

विशेष रूप से P = ρgh, A1v1 = A2v2, Bernoulli equation, F = 6πηrv, Reynolds number, ΔP = 2T/r और ΔP = 4T/r जैसे सूत्रों को अच्छी तरह समझकर तैयार करें।

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