Bihar Board Class 11 Physics Solutions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत में गैसों के अणुओं की गति और उनके सूक्ष्म व्यवहार के आधार पर गैस के दाब, तापमान, आयतन तथा अन्य गुणों को समझाया गया है। इस अध्याय में आदर्श गैस, अणुओं की औसत तापीय ऊर्जा, वर्ग माध्य मूल वेग (vrms), माध्य मुक्त पथ, संघट्ट आवृत्ति और गैसों के विसरण जैसे महत्वपूर्ण topics शामिल हैं।
अणुगति सिद्धांत के अनुसार गैस असंख्य सूक्ष्म अणुओं से बनी होती है। ये अणु लगातार अनियमित गति करते रहते हैं और पात्र की दीवारों से टकराते हैं। इन टक्करों के कारण गैस का दाब उत्पन्न होता है। Bihar Board परीक्षा की दृष्टि से इस अध्याय के numerical questions विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
पिछला अध्याय: Chapter 12 – ऊष्मागतिकी
अणुगति सिद्धांत क्या है?
गैसों के स्थूल गुणों की व्याख्या उनके अणुओं की सूक्ष्म गति के आधार पर करने वाले सिद्धांत को गैसों का अणुगति सिद्धांत (Kinetic Theory of Gases) कहते हैं।
इस सिद्धांत में गैस के अणुओं की गति, उनके बीच होने वाली टक्कर तथा पात्र की दीवारों से होने वाली टक्कर के आधार पर गैस के दाब और तापमान जैसे गुणों को समझाया जाता है।
गैसों के अणुगति सिद्धांत की मुख्य धारणाएँ
- गैस बहुत बड़ी संख्या में सूक्ष्म अणुओं से बनी होती है।
- अणुओं का वास्तविक आयतन गैस के कुल आयतन की तुलना में बहुत छोटा माना जाता है।
- अणु लगातार अनियमित गति करते रहते हैं।
- अणुओं के बीच की दूरी उनके आकार की तुलना में बहुत अधिक होती है।
- अणुओं के बीच टक्करें पूर्णतः प्रत्यास्थ मानी जाती हैं।
- अणुओं तथा पात्र की दीवारों के बीच टक्कर भी प्रत्यास्थ मानी जाती है।
- अणुओं के बीच कोई आकर्षण या प्रतिकर्षण बल नहीं माना जाता, सिवाय टक्कर के बहुत कम समय के।
- गैस का दाब अणुओं द्वारा पात्र की दीवारों पर किए गए संघट्टों के कारण उत्पन्न होता है।
आदर्श गैस
वह गैस जो सभी तापमान और दाब पर गैस के आदर्श नियम का पूर्णतः पालन करे, आदर्श गैस कहलाती है। वास्तविक गैसें विशेष रूप से उच्च दाब और निम्न तापमान पर आदर्श व्यवहार से विचलित हो सकती हैं।
आदर्श गैस का समीकरण:
PV = nRT
जहाँ P दाब, V आयतन, n गैस के मोल, R सार्वत्रिक गैस नियतांक और T परम तापमान है।
गैस का मोलर आयतन
STP पर आदर्श गैस के एक मोल द्वारा घेरा गया आयतन लगभग 22.4 लीटर होता है। Reference में भी PV = nRT का उपयोग करके STP पर 1 mol गैस के लिए लगभग 22.4 L आयतन प्राप्त किया गया है। 1
STP पर:
- P = 1 atm ≈ 1.013 × 105 Pa
- T = 273 K
- n = 1 mol
- R = 8.31 J mol−1K−1
अतः:
V = nRT/P
V ≈ 22.4 × 10−3 m3
V ≈ 22.4 L
गैस के दाब की अणुगति व्याख्या
गैस के अणु लगातार गति करते हैं। जब ये अणु पात्र की दीवार से टकराते हैं तो उनका संवेग बदलता है। बहुत बड़ी संख्या में होने वाली इन टक्करों के कारण दीवार पर बल उत्पन्न होता है। यही बल प्रति इकाई क्षेत्रफल गैस का दाब कहलाता है।
अणुगति सिद्धांत से प्राप्त महत्वपूर्ण संबंध:
P = ⅓ ρvrms2
जहाँ ρ गैस का घनत्व और vrms अणुओं का वर्ग माध्य मूल वेग है।
वर्ग माध्य मूल वेग (RMS Speed)
गैस के अणुओं के वेग अलग-अलग होते हैं। इन सभी वेगों के वर्गों के औसत का वर्गमूल वर्ग माध्य मूल वेग या RMS speed कहलाता है।
इसका सूत्र:
vrms = √(3RT/M)
जहाँ:
- R = सार्वत्रिक गैस नियतांक
- T = परम तापमान
- M = गैस का मोलर द्रव्यमान
इससे स्पष्ट है कि:
vrms ∝ √T
और समान तापमान पर:
vrms ∝ 1/√M
औसत तापीय ऊर्जा
एकपरमाणुक आदर्श गैस के एक अणु की औसत स्थानांतरीय गतिज ऊर्जा तापमान के समानुपाती होती है।
E = 3/2 kBT
जहाँ kB बोल्ट्जमैन नियतांक है। Reference में हीलियम परमाणु की औसत तापीय ऊर्जा के लिए इसी संबंध का प्रयोग किया गया है। 2
यदि तापमान बढ़ता है, तो अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा भी बढ़ती है।
बोल्ट्जमैन नियतांक
बोल्ट्जमैन नियतांक का मान लगभग:
kB = 1.38 × 10−23 J K−1
सार्वत्रिक गैस नियतांक और बोल्ट्जमैन नियतांक में संबंध:
R = NAkB
जहाँ NA आवोगाद्रो संख्या है।
गैस के अणुओं की संख्या
आदर्श गैस के लिए:
PV = NkBT
अतः किसी गैस के कुल अणुओं की संख्या:
N = PV/(kBT)
यह सूत्र तब उपयोगी होता है जब गैस का दाब, आयतन और तापमान दिया हो तथा कुल अणुओं की संख्या ज्ञात करनी हो।
माध्य मुक्त पथ (Mean Free Path)
गैस का कोई अणु दो क्रमागत टक्करों के बीच जितनी औसत दूरी तय करता है, उसे माध्य मुक्त पथ (Mean Free Path) कहते हैं। इसे सामान्यतः λ से प्रदर्शित किया जाता है।
माध्य मुक्त पथ दाब, तापमान तथा अणुओं के आकार और संख्या घनत्व पर निर्भर करता है।
सरल रूप में:
λ ∝ 1/P
अर्थात तापमान समान रहने पर दाब बढ़ने से माध्य मुक्त पथ कम होता है।
संघट्ट आवृत्ति
किसी गैस अणु द्वारा एक सेकंड में की जाने वाली औसत टक्करों की संख्या को संघट्ट आवृत्ति कहा जाता है।
यदि अणु की औसत चाल C और माध्य मुक्त पथ λ है, तो अनुमानतः:
ν ≈ C/λ
Reference के नाइट्रोजन वाले numerical में लगभग 5.1 × 109 s−1 की संघट्ट आवृत्ति प्राप्त की गई है। 3
प्रश्न 13.1: ऑक्सीजन अणुओं के आयतन और गैस के कुल आयतन का अनुपात
प्रश्न: STP पर ऑक्सीजन के अणुओं के वास्तविक आयतन और उनके द्वारा घेरे गए कुल आयतन का अनुपात ज्ञात कीजिए। ऑक्सीजन अणु का व्यास 3 Å दिया गया है।
दिया गया:
- अणु का व्यास = 3 Å
- त्रिज्या r = 1.5 Å = 1.5 × 10−10 m
- 1 mol गैस का आयतन = 22.4 × 10−3 m3
- अणुओं की संख्या = 6.02 × 1023
एक अणु का आयतन:
V = 4/3 πr3
एक मोल के सभी अणुओं का कुल वास्तविक आयतन:
Vmolecules = NA × 4/3 πr3
दिए गए मान रखने पर लगभग:
Vmolecules ≈ 8.5 × 10−6 m3
अतः:
Vmolecules/Vgas ≈ 3.8 × 10−4
अर्थात गैस के कुल आयतन की तुलना में अणुओं का वास्तविक आयतन बहुत कम होता है। यह आदर्श गैस की महत्वपूर्ण धारणा को स्पष्ट करता है। Reference में भी यही अनुपात लगभग 3.8 × 10−4 दिया गया है। 4
प्रश्न 13.2: STP पर मोलर आयतन
प्रश्न: सिद्ध कीजिए कि STP पर किसी आदर्श गैस के एक मोल का आयतन 22.4 लीटर होता है।
आदर्श गैस समीकरण:
PV = nRT
एक मोल के लिए n = 1 तथा STP पर T = 273 K और P = 1.013 × 105 Pa।
अतः:
V = nRT/P
V = (1 × 8.31 × 273)/(1.013 × 105)
V ≈ 22.4 × 10−3 m3
चूँकि 1 m3 = 1000 L:
V ≈ 22.4 L
अतः STP पर 1 mol आदर्श गैस का मोलर आयतन लगभग 22.4 L है। 5
प्रश्न 13.3: PV/T और P का ग्राफ
प्रश्न: अलग-अलग तापमान पर ऑक्सीजन के लिए PV/T और P के बीच ग्राफ दिया गया है। आदर्श गैस की स्थिति में PV/T का मान क्या होगा और तापमानों की तुलना कैसे की जाएगी?
आदर्श गैस के लिए:
PV = nRT
अतः:
PV/T = nR
इसलिए निश्चित मात्रा की आदर्श गैस के लिए PV/T स्थिर रहता है।
वास्तविक गैसें निम्न तापमान पर आदर्श गैस के व्यवहार से अधिक विचलित करती हैं। इसलिए जिस तापमान का ग्राफ आदर्श गैस के ग्राफ के अधिक निकट है, वह अपेक्षाकृत अधिक तापमान को दर्शाता है। Reference में इसी आधार पर T1 > T2 निष्कर्ष दिया गया है। 6
प्रश्न 13.4: ऑक्सीजन सिलिंडर से निकाली गई गैस की मात्रा
प्रश्न: 30 L के ऑक्सीजन सिलिंडर में प्रारंभिक दाब 15 atm और तापमान 27°C है। कुछ गैस निकालने के बाद दाब 11 atm और तापमान 17°C हो जाता है। निकाली गई ऑक्सीजन की मात्रा ज्ञात कीजिए।
प्रारंभिक अवस्था में:
n1 = P1V/(RT1)
जहाँ:
- P1 = 15 × 1.013 × 105 Pa
- V = 30 × 10−3 m3
- T1 = 300 K
इससे:
n1 ≈ 18.25 mol
अंतिम अवस्था में:
n2 = P2V/(RT2)
जहाँ T2 = 290 K। इससे:
n2 ≈ 13.85 mol
निकाली गई गैस:
Δn = n1 − n2 ≈ 4.41 mol
O2 का मोलर द्रव्यमान 32 × 10−3 kg mol−1 है।
अतः:
m = Δn × M
m ≈ 4.41 × 32 × 10−3
m ≈ 0.141 kg
अतः लगभग 0.141 kg ऑक्सीजन निकाली गई। Reference में भी लगभग 0.141 kg परिणाम दिया गया है। 7
प्रश्न 13.5: झील की गहराई से सतह तक वायु के बुलबुले का आयतन
प्रश्न: 1.0 cm3 का वायु बुलबुला 40 m गहरी झील की तली से ऊपर आता है। तली पर तापमान 12°C और सतह पर 35°C है। सतह पर बुलबुले का आयतन ज्ञात कीजिए।
तली पर:
V1 = 1.0 cm3
T1 = 285 K
तली पर कुल दाब:
P1 = Patm + ρgh
P1 ≈ 4.93 × 105 Pa
सतह पर:
T2 = 308 K
P2 = 1.013 × 105 Pa
गैस समीकरण से:
P1V1/T1 = P2V2/T2
अतः:
V2 = P1V1T2/(P2T1)
दिए गए मान रखने पर सतह पर बुलबुले का आयतन लगभग 3.39 cm3 प्राप्त होता है।
प्रश्न 13.6: कमरे में कुल गैस अणुओं की संख्या
प्रश्न: 25.0 m3 के कमरे में 27°C तापमान और 1 atm दाब पर वायु के कुल अणुओं की संख्या ज्ञात कीजिए।
सूत्र:
PV = NkBT
अतः:
N = PV/(kBT)
दिया है:
- P = 1.013 × 105 Pa
- V = 25 m3
- T = 300 K
- kB = 1.38 × 10−23 J K−1
अतः:
N ≈ 6.10 × 1026
अर्थात कमरे में लगभग 6.1 × 1026 गैस अणु हैं। Reference में भी यही क्रम का परिणाम दिया गया है। 8
प्रश्न 13.7: हीलियम परमाणु की औसत तापीय ऊर्जा
प्रश्न: हीलियम परमाणु की औसत तापीय ऊर्जा 27°C, 6000 K तथा 107 K तापमान पर ज्ञात कीजिए।
सूत्र:
E = 3/2 kBT
(i) 27°C पर
T = 300 K
E = 3/2 × 1.38 × 10−23 × 300
E ≈ 6.21 × 10−21 J
(ii) 6000 K पर
E = 3/2 × 1.38 × 10−23 × 6000
E ≈ 1.24 × 10−19 J
(iii) 107 K पर
E = 3/2 × 1.38 × 10−23 × 107
E ≈ 2.07 × 10−16 J
इससे स्पष्ट होता है कि तापमान बढ़ने के साथ अणुओं की औसत तापीय ऊर्जा भी बढ़ती है। ये तीनों मान Reference में दिए गए परिणामों के अनुरूप हैं। 9
प्रश्न 13.8: अलग-अलग गैसों के अणुओं की संख्या और RMS वेग
प्रश्न: समान आयतन के तीन पात्रों में समान ताप और दाब पर नियॉन, क्लोरीन तथा यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड गैसें हैं। क्या तीनों पात्रों में अणुओं की संख्या समान होगी? क्या उनका vrms समान होगा?
अणुओं की संख्या
समान ताप, दाब और आयतन पर:
PV = NkBT
इसलिए N समान होगा। अतः तीनों पात्रों में गैस के अणुओं की संख्या समान होगी।
RMS वेग
vrms = √(3RT/M)
इसलिए समान तापमान पर RMS वेग मोलर द्रव्यमान पर निर्भर करता है। अलग-अलग गैसों के मोलर द्रव्यमान अलग होने के कारण उनके RMS वेग समान नहीं होंगे। Reference में भी यही निष्कर्ष दिया गया है। 10
प्रश्न 13.9: आर्गन और हीलियम का समान RMS वेग
प्रश्न: किस तापमान पर आर्गन गैस के अणुओं का RMS वेग 20°C पर हीलियम परमाणुओं के RMS वेग के बराबर होगा?
RMS वेग:
vrms = √(3RT/M)
दोनों गैसों के RMS वेग समान रखने पर:
TAr/MAr = THe/MHe
इसलिए:
TAr = THe × MAr/MHe
दिए गए मोलर द्रव्यमानों को रखने पर आर्गन का आवश्यक तापमान लगभग 2.52 × 103 K प्राप्त होता है। Reference में लगभग 2524 K दिया गया है। 11
प्रश्न 13.10: नाइट्रोजन का माध्य मुक्त पथ और संघट्ट आवृत्ति
प्रश्न: 2 atm दाब और 17°C तापमान पर नाइट्रोजन अणुओं के माध्य मुक्त पथ तथा संघट्ट आवृत्ति का अनुमान लगाइए। नाइट्रोजन अणु की त्रिज्या लगभग 1 Å है।
तापमान:
T = 17 + 273 = 290 K
नाइट्रोजन का मोलर द्रव्यमान:
M = 28 × 10−3 kg mol−1
अणुओं की RMS गति के लिए:
vrms = √(3RT/M)
दिए गए मान रखने पर:
vrms ≈ 5.1 × 102 m/s
Reference में माध्य मुक्त पथ लगभग 1.0 × 10−7 m लेकर संघट्ट आवृत्ति लगभग:
ν ≈ 5.1 × 109 s−1
दो टक्करों के बीच स्वतंत्र गति का समय collision time की तुलना में बहुत अधिक पाया जाता है। Reference के अनुसार यह अनुपात लगभग 500 है। 12
अतिरिक्त प्रश्न 13.11: पारे के स्तंभ से वायु का संपीड़न
इस प्रश्न में एक सिरे से बंद नली में पारे के स्तंभ द्वारा वायु को रोककर रखा गया है। नली को क्षैतिज से ऊर्ध्वाधर करने पर पारे के स्तंभ और बंद वायु के आयतन में परिवर्तन होता है।
इस प्रकार के प्रश्न में मुख्य रूप से Boyle’s Law का प्रयोग किया जाता है:
P1V1 = P2V2
Reference में समीकरण बनाकर पारे के लगभग 28.23 cm बाहर निकलने का परिणाम दिया गया है। 13
अतिरिक्त प्रश्न 13.12: ग्राहम के विसरण नियम
प्रश्न: हाइड्रोजन गैस 28.7 cm3 s−1 की दर से विसरित होती है। दूसरी गैस 7.2 cm3 s−1 की दर से विसरित होती है। दूसरी गैस की पहचान कीजिए।
ग्राहम का विसरण नियम:
R1/R2 = √(M2/M1)
हाइड्रोजन के लिए:
M1 = 2
अतः:
28.7/7.2 = √(M2/2)
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर:
M2 ≈ 32 u
32 u का आणविक द्रव्यमान ऑक्सीजन (O2) का है।
उत्तर: दूसरी गैस O2 है। Reference में भी O2 को सही उत्तर दिया गया है। 14
अतिरिक्त प्रश्न 13.13: गुरुत्वाकर्षण के कारण गैस का वितरण
गुरुत्वाकर्षण की उपस्थिति में गैस का दाब और संख्या घनत्व ऊँचाई के साथ बदलता है। समतापी स्थिति में संख्या घनत्व के लिए महत्वपूर्ण संबंध:
n2 = n1 exp[-mg(h2 − h1)/(kBT)]
इससे पता चलता है कि ऊँचाई बढ़ने पर गैस का संख्या घनत्व घटता है। Reference में इसी संबंध का उपयोग द्रव में निलंबित कणों के अवसादन साम्य को समझाने के लिए किया गया है। 15
अतिरिक्त प्रश्न 13.14: परमाणुओं के आकार का अनुमान
ठोस या द्रव के घनत्व और पदार्थ के मोलर द्रव्यमान की सहायता से परमाणु के लगभग आकार का अनुमान लगाया जा सकता है।
एक परमाणु का द्रव्यमान:
m = M/NA
एक परमाणु का अनुमानित आयतन:
V = m/ρ
यदि परमाणु को लगभग गोलाकार माना जाए, तो:
V = 4/3 πr3
इन दोनों समीकरणों से परमाणु की त्रिज्या का अनुमान लगाया जा सकता है। Reference में कार्बन, सोना, नाइट्रोजन, लिथियम और फ्लोरीन आदि के लिए इसी प्रकार का अनुमान लगाया गया है। 16
अणुगति सिद्धांत के महत्वपूर्ण सूत्र
| क्रम | सूत्र | उपयोग |
|---|---|---|
| 1 | PV = nRT | आदर्श गैस समीकरण |
| 2 | PV = NkBT | अणुओं की संख्या |
| 3 | P = ⅓ρvrms2 | गैस का दाब |
| 4 | vrms = √(3RT/M) | RMS वेग |
| 5 | E = 3/2 kBT | एकपरमाणुक गैस की औसत तापीय ऊर्जा |
| 6 | R = NAkB | R और kB का संबंध |
| 7 | ν ≈ C/λ | संघट्ट आवृत्ति |
| 8 | R1/R2 = √(M2/M1) | ग्राहम का विसरण नियम |
| 9 | P1V1 = P2V2 | स्थिर ताप पर गैस का संबंध |
| 10 | n2 = n1 exp[-mgΔh/(kBT)] | गुरुत्व के कारण संख्या घनत्व |
अणुगति सिद्धांत के महत्वपूर्ण परीक्षा प्रश्न
- गैसों के अणुगति सिद्धांत की मुख्य धारणाएँ लिखिए।
- आदर्श गैस से क्या समझते हैं?
- आदर्श गैस का समीकरण लिखिए।
- STP पर गैस के मोलर आयतन को सिद्ध कीजिए।
- गैस के दाब की अणुगति व्याख्या कीजिए।
- वर्ग माध्य मूल वेग क्या है?
- vrms का सूत्र प्राप्त कीजिए।
- गैस के अणु की औसत तापीय ऊर्जा का सूत्र लिखिए।
- माध्य मुक्त पथ क्या है?
- संघट्ट आवृत्ति से क्या समझते हैं?
- ग्राहम का विसरण नियम लिखिए।
- तापमान बढ़ने पर गैस के अणुओं की RMS गति क्यों बढ़ती है?
- समान ताप और दाब पर समान आयतन की अलग-अलग गैसों में अणुओं की संख्या कैसी होगी?
- गुरुत्वाकर्षण के कारण गैस का घनत्व ऊँचाई के साथ क्यों घटता है?
- ठोस के घनत्व से उसके परमाणु के आकार का अनुमान कैसे लगाया जा सकता है?
Objective Questions – अणुगति सिद्धांत
STP पर एक मोल आदर्श गैस का आयतन लगभग कितना होता है?
(A) 2.24 L
(B) 22.4 L
(C) 224 L
(D) 0.224 Lउत्तर: (B) 22.4 L
बोल्ट्जमैन नियतांक का लगभग मान क्या है?
(A) 1.38 × 10−23 J K−1
(B) 8.31 J K−1
(C) 6.02 × 1023 J K−1
(D) 9.8 J K−1उत्तर: (A) 1.38 × 10−23 J K−1
RMS वेग किसके समानुपाती होता है?
(A) T
(B) √T
(C) 1/T
(D) T2उत्तर: (B) √T
समान तापमान पर RMS वेग किसके व्युत्क्रमानुपाती होता है?
(A) M
(B) √M
(C) 1/√M
(D) M2उत्तर: (B) √M के व्युत्क्रमानुपाती, अर्थात 1/√M
आदर्श गैस का समीकरण कौन-सा है?
(A) PV = nRT
(B) PV = RT/n
(C) P = nVT
(D) V = nPRTउत्तर: (A) PV = nRT
माध्य मुक्त पथ किसे कहते हैं?
(A) गैस के पात्र की लंबाई
(B) दो क्रमागत टक्करों के बीच औसत दूरी
(C) अणु का व्यास
(D) अणु का औसत व्यासउत्तर: (B) दो क्रमागत टक्करों के बीच औसत दूरी
एकपरमाणुक गैस के एक अणु की औसत तापीय ऊर्जा क्या है?
(A) kT
(B) 3/2 kT
(C) 2kT
(D) 3kTउत्तर: (B) 3/2 kT
ग्राहम का विसरण नियम किससे संबंधित है?
(A) दाब
(B) ऊष्मा
(C) गैसों के विसरण की दर
(D) विद्युत धाराउत्तर: (C) गैसों के विसरण की दर
गैस का दाब मुख्यतः किसके कारण उत्पन्न होता है?
(A) अणुओं का भार
(B) अणुओं की पात्र की दीवारों से टक्कर
(C) अणुओं का रंग
(D) गुरुत्वाकर्षण का अभावउत्तर: (B) अणुओं की पात्र की दीवारों से टक्कर
तापमान बढ़ाने पर गैस अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा:
(A) घटती है
(B) बढ़ती है
(C) स्थिर रहती है
(D) शून्य हो जाती हैउत्तर: (B) बढ़ती है
Chapter 13 अणुगति सिद्धांत का संक्षिप्त सार
- गैस असंख्य सूक्ष्म अणुओं से बनी होती है।
- गैस के अणु लगातार अनियमित गति करते रहते हैं।
- पात्र की दीवारों से अणुओं की टक्कर के कारण गैस का दाब उत्पन्न होता है।
- आदर्श गैस के लिए PV = nRT होता है।
- STP पर 1 mol आदर्श गैस का आयतन लगभग 22.4 L होता है।
- गैस के अणुओं की संख्या के लिए N = PV/(kBT) उपयोगी है।
- RMS वेग vrms = √(3RT/M) होता है।
- एकपरमाणुक गैस के एक अणु की औसत तापीय ऊर्जा 3/2 kBT होती है।
- दो क्रमागत टक्करों के बीच औसत दूरी को माध्य मुक्त पथ कहते हैं।
- गैसों के विसरण की दर के लिए ग्राहम का नियम महत्वपूर्ण है।
- गुरुत्वाकर्षण की उपस्थिति में गैस का संख्या घनत्व ऊँचाई बढ़ने के साथ घटता है।
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Chapter 11 – द्रव्य के तापीय गुण
निष्कर्ष
Bihar Board Class 11 Physics Solutions Chapter 13 अणुगति सिद्धांत में गैसों के सूक्ष्म अणुगति व्यवहार को समझकर उनके स्थूल गुणों की व्याख्या की जाती है। परीक्षा के लिए PV = nRT, PV = NkBT, vrms = √(3RT/M), E = 3/2 kBT, माध्य मुक्त पथ और ग्राहम के विसरण नियम को अच्छी तरह तैयार करना चाहिए। इस अध्याय के numerical questions में units और Kelvin temperature का विशेष ध्यान रखें।