Bihar Board Class 11 Physics Chapter 3 – सरल रेखा में गति कक्षा 11 भौतिकी का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इसमें किसी वस्तु की गति को एक सीधी रेखा के अनुदिश समझाया जाता है। इस अध्याय में स्थिति, दूरी, विस्थापन, चाल, वेग, त्वरण, औसत चाल, औसत वेग, आपेक्षिक वेग तथा गति के समीकरण का अध्ययन किया जाता है।
इस अध्याय में x-t तथा v-t ग्राफ का विशेष महत्व है। परीक्षा में ग्राफ आधारित प्रश्नों के साथ-साथ मुक्त-पतन, ऊपर की ओर फेंकी गई वस्तु, ट्रेन, कार, बस तथा आपेक्षिक गति से जुड़े numericals भी पूछे जा सकते हैं।
यदि आपने पिछला अध्याय नहीं पढ़ा है, तो पहले यहाँ देखें:
सरल रेखा में गति क्या है?
जब कोई वस्तु एक सीधी रेखा के अनुदिश अपनी स्थिति बदलती है, तो उसकी गति को सरल रेखीय गति या एकविमीय गति कहा जाता है।
उदाहरण के लिए सीधी सड़क पर चलती कार, सीधी पटरी पर चलती ट्रेन तथा ऊपर-नीचे गिरती हुई वस्तु को उपयुक्त परिस्थितियों में एकविमीय गति के रूप में समझा जा सकता है।
बिंदु वस्तु
किसी वस्तु की लंबाई या आकार की तुलना में यदि उसके द्वारा तय की गई दूरी बहुत अधिक हो, तो उस वस्तु को गति के अध्ययन में बिंदु वस्तु माना जा सकता है।
उदाहरण के लिए दो स्टेशनों के बीच चलती ट्रेन की गति का अध्ययन करते समय ट्रेन की लंबाई को नगण्य मानकर उसे बिंदु वस्तु माना जा सकता है। लेकिन बहुत कम दूरी में किसी वस्तु के घूमने या मुड़ने की गति का अध्ययन करते समय उसके आकार की उपेक्षा नहीं की जा सकती।
स्थिति (Position)
किसी निश्चित reference point के सापेक्ष किसी वस्तु की स्थिति को उसकी स्थिति कहते हैं। एकविमीय गति में किसी वस्तु की स्थिति को सामान्यतः x-coordinate द्वारा व्यक्त किया जाता है।
यदि किसी वस्तु की स्थिति समय के साथ बदलती है, तो वस्तु गति में है।
दूरी और विस्थापन
दूरी
किसी वस्तु द्वारा तय किए गए वास्तविक पथ की कुल लंबाई को दूरी कहते हैं। दूरी एक अदिश राशि है और यह कभी ऋणात्मक नहीं होती।
विस्थापन
वस्तु की प्रारंभिक स्थिति से अंतिम स्थिति तक की निर्देशित सीधी दूरी को विस्थापन कहते हैं। यह सदिश राशि है।
सरल रेखीय गति में विस्थापन धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है।
दूरी और विस्थापन में अंतर
| आधार | दूरी | विस्थापन |
|---|---|---|
| प्रकृति | अदिश | सदिश |
| निर्भरता | वास्तविक पथ पर | प्रारंभिक और अंतिम स्थिति पर |
| मान | हमेशा धनात्मक या शून्य | धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य |
| संबंध | दूरी ≥ विस्थापन का परिमाण | विस्थापन का परिमाण ≤ दूरी |
यदि वस्तु एक ही दिशा में बिना वापस लौटे सीधी रेखा में चलती है, तो दूरी का मान विस्थापन के परिमाण के बराबर हो सकता है।
चाल (Speed)
किसी वस्तु द्वारा तय की गई दूरी की समय के साथ दर को चाल कहते हैं।
औसत चाल = कुल दूरी / कुल समय
SI मात्रक: m/s
वेग (Velocity)
विस्थापन के परिवर्तन की दर को वेग कहते हैं।
औसत वेग = कुल विस्थापन / कुल समय
SI मात्रक: m/s
औसत चाल और औसत वेग
औसत चाल हमेशा कुल पथ की लंबाई और कुल समय के आधार पर निर्धारित होती है। वहीं औसत वेग कुल विस्थापन और कुल समय के आधार पर निर्धारित होता है।
इसलिए:
औसत चाल ≥ औसत वेग का परिमाण
दोनों बराबर तभी हो सकते हैं जब वस्तु एक ही दिशा में सीधी रेखा में बिना दिशा बदले गति करे।
उदाहरण – बाजार जाकर वापस आने पर औसत चाल और वेग
मान लीजिए कोई व्यक्ति 2.5 km दूर बाजार तक 5 km/h की चाल से जाता है और 7.5 km/h की चाल से वापस लौटता है।
बाजार जाने का समय:
t1 = 2.5/5 = 0.5 h = 30 min
वापस आने का समय:
t2 = 2.5/7.5 = 1/3 h = 20 min
कुल समय = 50 min
कुल दूरी = 5 km
अतः औसत चाल:
Average Speed = 5/(50/60) = 6 km/h
क्योंकि व्यक्ति वापस उसी स्थान पर आ गया, इसलिए कुल विस्थापन शून्य है।
Average Velocity = 0
तात्क्षणिक चाल और तात्क्षणिक वेग
बहुत छोटे समय अंतराल में किसी वस्तु की चाल और वेग के परिमाण में अंतर समाप्त हो जाता है। इसलिए:
तात्क्षणिक चाल = तात्क्षणिक वेग का परिमाण
गणितीय रूप में:
v = dx/dt
जहाँ x स्थिति और t समय है।
त्वरण (Acceleration)
वेग के परिवर्तन की समय के साथ दर को त्वरण कहते हैं।
a = Δv/Δt
तात्क्षणिक त्वरण:
a = dv/dt
SI मात्रक: m/s2
समान त्वरण
यदि समान समय अंतराल में वेग में समान परिवर्तन होता है, तो त्वरण को समान त्वरण कहते हैं।
समान त्वरण वाली गति के लिए गति के तीन महत्वपूर्ण समीकरण हैं।
गति के तीन समीकरण
पहला समीकरण
v = u + at
जहाँ:
- u = प्रारंभिक वेग
- v = अंतिम वेग
- a = त्वरण
- t = समय
दूसरा समीकरण
s = ut + 1/2 at2
जहाँ s विस्थापन है।
तीसरा समीकरण
v2 = u2 + 2as
इन तीनों समीकरणों का उपयोग समान त्वरण वाली सरल रेखीय गति में किया जाता है।
गति के समीकरणों का उपयोग कैसे करें?
Numerical हल करते समय पहले दिए गए data को लिखना चाहिए। इसके बाद यह देखना चाहिए कि प्रश्न में कौन-कौन सी राशियाँ ज्ञात हैं और कौन-सी राशि निकालनी है। फिर उसी के अनुसार उपयुक्त equation चुनना चाहिए।
उदाहरण – कार को रोकने का numerical
एक कार 126 km/h की चाल से चल रही है और 200 m की दूरी में रुक जाती है। कार का मंदन ज्ञात कीजिए।
दिया है:
u = 126 km/h
u = 126 × 5/18 = 35 m/s
s = 200 m
v = 0
समीकरण:
v2 = u2 + 2as
0 = 352 + 2a × 200
400a = -1225
a = -3.06 m/s2
ऋणात्मक चिन्ह बताता है कि त्वरण गति की दिशा के विपरीत है।
अब:
v = u + at
0 = 35 – 3.06t
t ≈ 11.4 s
मुक्त-पतन (Free Fall)
जब किसी वस्तु पर केवल गुरुत्वीय बल के कारण गति होती है और वायु प्रतिरोध की उपेक्षा की जाती है, तो उसे मुक्त-पतन कहा जाता है।
पृथ्वी की सतह के पास गुरुत्वीय त्वरण का मान लगभग:
g = 9.8 m/s2
यदि नीचे की दिशा को धनात्मक माना गया है, तो मुक्त-पतन के लिए:
a = +g
और यदि ऊपर की दिशा को धनात्मक माना गया है, तो:
a = -g
ऊपर की ओर फेंकी गई वस्तु
जब किसी वस्तु को ऊपर की ओर फेंका जाता है, तो उसका वेग ऊपर जाते समय कम होता जाता है क्योंकि गुरुत्वीय त्वरण नीचे की ओर कार्य करता है।
उच्चतम बिंदु पर:
v = 0
लेकिन त्वरण शून्य नहीं होता। वहाँ भी गुरुत्वीय त्वरण नीचे की ओर g के बराबर रहता है।
उदाहरण – गेंद को ऊपर फेंकना
एक गेंद को 29 m/s की प्रारंभिक चाल से ऊपर की ओर फेंका गया। g = 9.8 m/s2 मानिए।
उच्चतम बिंदु पर:
v = 0
u = 29 m/s
a = -9.8 m/s2
अधिकतम ऊँचाई के लिए:
v2 = u2 + 2as
0 = 292 – 2 × 9.8 × s
s = 841/19.6
s ≈ 42.9 m
ऊपर जाने का समय:
v = u + at
0 = 29 – 9.8t
t ≈ 2.96 s
यदि गेंद उसी ऊँचाई पर वापस आती है, तो कुल समय:
T ≈ 5.92 s
स्थिति-समय (x-t) ग्राफ
स्थिति और समय के बीच संबंध को x-t graph द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। इस ग्राफ की ढाल वस्तु के वेग को दर्शाती है।
ढाल = Δx/Δt = वेग
x-t ग्राफ से महत्वपूर्ण बातें
- सीधी क्षैतिज रेखा → वस्तु स्थिर है।
- सीधी तिरछी रेखा → समान वेग।
- ढाल अधिक → वेग का परिमाण अधिक।
- धनात्मक ढाल → धनात्मक वेग।
- ऋणात्मक ढाल → ऋणात्मक वेग।
वेग-समय (v-t) ग्राफ
वेग और समय के बीच संबंध को v-t graph द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। v-t ग्राफ की ढाल त्वरण देती है।
ढाल = Δv/Δt = त्वरण
इसके अतिरिक्त v-t ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल विस्थापन देता है:
विस्थापन = v-t ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल
चाल-समय ग्राफ
चाल-समय ग्राफ में vertical axis पर चाल और horizontal axis पर समय लिया जाता है। यदि चाल समान रूप से बढ़ रही है तो ग्राफ की ढाल के आधार पर त्वरण का अध्ययन किया जा सकता है।
चाल कभी ऋणात्मक नहीं होती। इसलिए speed-time graph में चाल को negative नहीं दिखाया जाता।
ग्राफ से औसत चाल ज्ञात करना
यदि चाल-समय ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल ज्ञात हो, तो वह वस्तु द्वारा तय की गई दूरी के बराबर होता है।
दूरी = चाल-समय ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल
अतः:
औसत चाल = कुल दूरी / कुल समय
एकसमान और असमान गति
एकसमान गति
यदि वस्तु समान समय अंतराल में समान दूरी तय करती है, तो उसकी गति एकसमान गति कहलाती है।
असमान गति
यदि समान समय अंतराल में तय की गई दूरी अलग-अलग हो, तो गति असमान गति कहलाती है।
आपेक्षिक गति
एक वस्तु का दूसरी गतिमान वस्तु के सापेक्ष वेग आपेक्षिक वेग कहलाता है।
यदि A और B के वेग क्रमशः vA और vB हैं, तो:
vAB = vA – vB
या
vBA = vB – vA
एक ही दिशा में गति करने वाली वस्तुओं का आपेक्षिक वेग
यदि दो वस्तुएँ एक ही दिशा में चल रही हों, तो उनके बीच आपेक्षिक चाल सामान्यतः उनकी चालों के अंतर के बराबर होती है।
vrel = |v1 – v2|
विपरीत दिशाओं में गति
यदि दो वस्तुएँ विपरीत दिशाओं में चल रही हों, तो उनके बीच आपेक्षिक चाल उनकी चालों के योग के बराबर होती है।
vrel = v1 + v2
उदाहरण – जेट से निकलने वाले दहन उत्पाद
यदि जेट 500 km/h की चाल से चल रहा है और उसके सापेक्ष दहन उत्पाद 1500 km/h की चाल से विपरीत दिशा में बाहर निकलते हैं, तो ground observer के लिए दहन उत्पाद की चाल:
ve = 1500 – 500
= 1000 km/h
आपेक्षिक गति के प्रश्नों में दिशा का सही चुनाव करना बहुत महत्वपूर्ण है।
बस और साइकिल सवार का आपेक्षिक गति प्रश्न
एक साइकिल सवार 20 km/h की चाल से जा रहा है। उसी दिशा में आने वाली बस हर 18 मिनट में और विपरीत दिशा से आने वाली बस हर 6 मिनट में मिलती है।
स्रोत के समाधान के अनुसार बस की चाल:
vb = 40 km/h
और बस सेवा का अंतराल:
T = 9 मिनट
समान चाल लेकिन अलग वेग
चाल scalar quantity है, इसलिए उसमें केवल magnitude होता है। वेग vector quantity है, इसलिए उसमें magnitude के साथ direction भी होती है।
इसलिए दो वस्तुओं की चाल समान हो सकती है लेकिन उनके वेग अलग हो सकते हैं यदि उनकी गति की दिशाएँ अलग हों।
क्या चाल शून्य होने पर त्वरण अशून्य हो सकता है?
हाँ। उदाहरण के लिए ऊपर की ओर फेंकी गई गेंद उच्चतम बिंदु पर क्षणिक रूप से शून्य वेग की होती है, लेकिन उस समय भी गुरुत्वीय त्वरण नीचे की ओर कार्य करता है।
अतः:
v = 0 होने का अर्थ हमेशा a = 0 नहीं है।
क्या त्वरण धनात्मक होने पर चाल हमेशा बढ़ती है?
नहीं। त्वरण का धनात्मक या ऋणात्मक होना चुनी गई coordinate direction पर निर्भर करता है। यदि वस्तु की गति की दिशा और चुनी गई धनात्मक दिशा अलग हों, तो धनात्मक त्वरण के बावजूद चाल कम हो सकती है।
उदाहरण – 90 m ऊँचाई से गेंद का गिरना
एक गेंद को 90 m की ऊँचाई से गिराया जाता है। g = 9.8 m/s2 मानते हुए जमीन से टकराने से पहले उसकी चाल:
u = 0
s = 90 m
v2 = u2 + 2gs
v2 = 2 × 9.8 × 90
v ≈ 42 m/s
गिरने का समय:
v = u + gt
42 = 9.8t
t ≈ 4.2 s
यदि टक्कर के बाद गेंद की चाल 10% कम हो जाए, तो प्रत्येक अगली उछाल के लिए नई प्रारंभिक चाल निर्धारित करके motion का अध्ययन किया जा सकता है। स्रोत में इसी आधार पर 0 से 12 सेकंड तक का speed-time graph पूछा गया है।
दूरी और विस्थापन पर महत्वपूर्ण उदाहरण
यदि कोई व्यक्ति किसी स्थान से चलकर वापस उसी स्थान पर आ जाता है, तो उसकी कुल दूरी शून्य नहीं होती, लेकिन कुल विस्थापन शून्य होता है।
उदाहरण:
व्यक्ति 5 km आगे गया और 5 km वापस आया।
कुल दूरी = 10 km
विस्थापन = 0
इसलिए औसत चाल शून्य नहीं होगी, जबकि औसत वेग शून्य होगा।
औसत चाल का महत्वपूर्ण उदाहरण
यदि कोई व्यक्ति 2.5 km बाजार जाता है और 2.5 km वापस आता है, तो उसकी कुल दूरी 5 km होगी। यदि कुल समय 50 मिनट है:
Average Speed = 5/(50/60)
= 6 km/h
क्योंकि अंतिम स्थिति प्रारंभिक स्थिति के समान है:
Average Velocity = 0
x-t ग्राफ की ढाल
x-t graph में:
v = dx/dt
अर्थात किसी बिंदु पर x-t curve की tangent की slope उस क्षण का वेग देती है।
यदि slope positive है तो velocity positive होगी और यदि slope negative है तो velocity negative होगी।
v-t ग्राफ की ढाल
v-t graph में:
a = dv/dt
अर्थात v-t graph की slope त्वरण देती है।
यदि graph समय-अक्ष के समानांतर है, तो:
a = 0
v-t ग्राफ का क्षेत्रफल
v-t graph और time axis के बीच का क्षेत्रफल विस्थापन देता है।
Area under v-t graph = Displacement
यदि वस्तु की दिशा बदलती है, तो signed area के आधार पर कुल विस्थापन निर्धारित किया जाता है।
चाल-समय ग्राफ का क्षेत्रफल
Speed-time graph के नीचे का कुल area वस्तु द्वारा तय की गई कुल दूरी देता है।
Distance = Area under speed-time graph
एकसमान त्वरण में nth सेकंड में दूरी
यदि किसी वस्तु का प्रारंभिक वेग u तथा समान त्वरण a है, तो nवें सेकंड में तय दूरी:
sn = u + a/2 (2n – 1)
यह formula उन numericals में उपयोगी है जहाँ किसी वस्तु द्वारा किसी विशेष सेकंड में तय की गई दूरी पूछी जाती है।
उदाहरण – स्कूटर की गति
एक स्कूटर विरामावस्था से चलता है और 10 s तक 1 m/s2 के समान त्वरण से चलता है। इसके बाद समान वेग से आगे बढ़ता है।
प्रारंभिक वेग:
u = 0
त्वरण:
a = 1 m/s2
10 सेकंड के बाद वेग:
v = u + at
= 0 + 1 × 10
= 10 m/s
अतः 10 सेकंड के बाद स्कूटर समान 10 m/s वेग से चलता रहेगा। स्रोत में इसी स्थिति के लिए nth second की दूरी के graph पर प्रश्न दिया गया है।
लिफ्ट में ऊपर फेंकी गई गेंद
यदि लिफ्ट समान वेग से ऊपर की ओर चल रही है और उसमें खड़ा व्यक्ति गेंद को ऊपर फेंकता है, तो लिफ्ट के सापेक्ष गेंद की गति उसी प्रकार रहेगी जैसे स्थिर लिफ्ट में।
उदाहरण के लिए यदि गेंद की प्रारंभिक चाल 49 m/s और g = 9.8 m/s2 है, तो वापस हाथ में आने का समय:
T = 2u/g
= 2 × 49/9.8
= 10 s
यदि लिफ्ट समान वेग से ऊपर जा रही है, तब भी लिफ्ट के frame में यह समय 10 s ही रहेगा।
चलते पट्टे पर दौड़ता बालक
यदि कोई पट्टा 4 km/h की चाल से चल रहा है और बालक पट्टे के सापेक्ष 9 km/h की चाल से दौड़ता है, तो platform पर खड़े observer के लिए:
पट्टे की दिशा में:
v = 4 + 9 = 13 km/h
पट्टे की विपरीत दिशा में:
v = 4 – 9 = -5 km/h
ऋणात्मक चिन्ह बताता है कि बालक platform observer के अनुसार पट्टे की विपरीत दिशा में जा रहा है।
यदि माता-पिता स्वयं पट्टे पर खड़े हैं, तो उनके frame में बालक की चाल दोनों स्थितियों में 9 km/h रहेगी।
दो पत्थरों की आपेक्षिक गति
यदि समान स्थान से दो पत्थरों को अलग-अलग प्रारंभिक वेग से ऊपर की ओर फेंका जाए, तो दोनों पर समान गुरुत्वीय त्वरण कार्य करेगा। इसलिए दोनों का आपेक्षिक त्वरण शून्य होगा और उनके बीच की दूरी एक निश्चित दर से बढ़ सकती है, जब तक दोनों हवा में गतिमान हैं।
स्रोत के उदाहरण में 200 m ऊँची चट्टान से 15 m/s तथा 30 m/s के प्रारंभिक वेग से पत्थर फेंके गए हैं। पहले पत्थर के लिए:
x1(t) = 200 + 15t – 5t2
पहला पत्थर 8 s बाद जमीन पर पहुँचता है। दोनों पत्थरों के बीच उस समय दूरी:
Δx = (30 – 15)t
= 15t
t = 8 s पर:
Δx = 120 m
सत्य या असत्य – महत्वपूर्ण कथन
1. किसी क्षण चाल शून्य होने पर भी त्वरण अशून्य हो सकता है।
उत्तर: सत्य। ऊपर फेंकी गई गेंद के उच्चतम बिंदु पर v = 0 लेकिन a = g नीचे की ओर होता है।
2. चाल शून्य होने पर वेग अशून्य हो सकता है।
उत्तर: असत्य। चाल वेग के परिमाण के बराबर होती है। चाल शून्य होने पर वेग का परिमाण भी शून्य होगा।
3. चाल स्थिर हो तो त्वरण अवश्य शून्य होगा।
उत्तर: असत्य। सामान्य रूप से दिशा बदलने वाली गति में चाल स्थिर रहते हुए भी वेग बदल सकता है और त्वरण हो सकता है।
4. त्वरण धनात्मक होने पर चाल हमेशा बढ़ती रहेगी।
उत्तर: असत्य। acceleration का sign चुनी गई positive direction पर निर्भर करता है।
आपेक्षिक वेग का महत्वपूर्ण उदाहरण
यदि पुलिस की गाड़ी 30 km/h की चाल से चल रही है और सामने उसी दिशा में चोर की कार 192 km/h की चाल से चल रही है, तो दोनों के बीच आपेक्षिक चाल:
192 – 30 = 162 km/h
192 km/h = 160/3 m/s
30 km/h = 25/3 m/s
आपेक्षिक वेग:
= 160/3 – 25/3
= 45 m/s
यदि गोली की चाल पुलिस की गाड़ी के सापेक्ष 150 m/s है, तो चोर की कार पर पहुँचते समय गोली की relative speed:
150 – 45 = 105 m/s
ग्राफ आधारित प्रश्नों के लिए नियम
| ग्राफ | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| x-t graph की slope | वेग |
| v-t graph की slope | त्वरण |
| v-t graph का area | विस्थापन |
| speed-t graph का area | दूरी |
| x-t horizontal line | वस्तु विराम में |
| v-t horizontal line | समान वेग, a = 0 |
Chapter 3 के महत्वपूर्ण सूत्र
| अवधारणा | सूत्र |
|---|---|
| औसत चाल | कुल दूरी / कुल समय |
| औसत वेग | कुल विस्थापन / कुल समय |
| वेग | v = dx/dt |
| त्वरण | a = dv/dt |
| पहला गति समीकरण | v = u + at |
| दूसरा गति समीकरण | s = ut + 1/2 at2 |
| तीसरा गति समीकरण | v2 = u2 + 2as |
| nth second में दूरी | sn = u + a/2(2n – 1) |
| आपेक्षिक वेग | vAB = vA – vB |
| ऊपर फेंकी वस्तु का अधिकतम समय | t = u/g |
| ऊपर फेंकी वस्तु की अधिकतम ऊँचाई | H = u2/2g |
| समान ऊँचाई पर लौटने का कुल समय | T = 2u/g |
Chapter 3 के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
प्रश्न 1. सरल रेखीय गति क्या है?
उत्तर: जब कोई वस्तु एक सीधी रेखा के अनुदिश गति करती है, तो उसकी गति सरल रेखीय गति कहलाती है।
प्रश्न 2. दूरी और विस्थापन में क्या अंतर है?
उत्तर: दूरी वस्तु द्वारा तय किए गए वास्तविक पथ की कुल लंबाई है, जबकि विस्थापन प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच की निर्देशित दूरी है। दूरी अदिश तथा विस्थापन सदिश राशि है।
प्रश्न 3. औसत चाल का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
औसत चाल = कुल दूरी / कुल समय
प्रश्न 4. औसत वेग का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
औसत वेग = कुल विस्थापन / कुल समय
प्रश्न 5. त्वरण क्या है?
उत्तर: वेग के परिवर्तन की समय के साथ दर को त्वरण कहते हैं। इसका सूत्र a = Δv/Δt है।
प्रश्न 6. x-t ग्राफ की ढाल क्या बताती है?
उत्तर: x-t ग्राफ की ढाल वस्तु का वेग बताती है।
प्रश्न 7. v-t ग्राफ की ढाल क्या बताती है?
उत्तर: v-t ग्राफ की ढाल वस्तु का त्वरण बताती है।
प्रश्न 8. v-t ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल क्या बताता है?
उत्तर: v-t ग्राफ के नीचे का signed area वस्तु का विस्थापन बताता है।
प्रश्न 9. क्या उच्चतम बिंदु पर ऊपर फेंकी गई वस्तु का त्वरण शून्य होता है?
उत्तर: नहीं। उच्चतम बिंदु पर वेग शून्य होता है, लेकिन गुरुत्वीय त्वरण नीचे की ओर g के बराबर रहता है।
प्रश्न 10. आपेक्षिक वेग क्या है?
उत्तर: एक गतिमान वस्तु का दूसरी वस्तु के सापेक्ष वेग आपेक्षिक वेग कहलाता है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 1. चाल किस प्रकार की राशि है?
(A) सदिश
(B) अदिश
(C) दोनों
(D) कोई नहीं
उत्तर: (B) अदिश
प्रश्न 2. वेग किस प्रकार की राशि है?
(A) अदिश
(B) सदिश
(C) केवल संख्या
(D) विमाहीन
उत्तर: (B) सदिश
प्रश्न 3. त्वरण का SI मात्रक है –
(A) m/s
(B) m/s2
(C) km/h
(D) m2/s
उत्तर: (B) m/s2
प्रश्न 4. x-t ग्राफ की ढाल बताती है –
(A) दूरी
(B) वेग
(C) त्वरण
(D) बल
उत्तर: (B) वेग
प्रश्न 5. v-t ग्राफ की ढाल बताती है –
(A) विस्थापन
(B) दूरी
(C) त्वरण
(D) चाल
उत्तर: (C) त्वरण
प्रश्न 6. v-t ग्राफ का क्षेत्रफल बताता है –
(A) त्वरण
(B) विस्थापन
(C) बल
(D) द्रव्यमान
उत्तर: (B) विस्थापन
प्रश्न 7. यदि वस्तु स्थिर है तो उसका वेग होगा –
(A) अधिकतम
(B) न्यूनतम
(C) शून्य
(D) अनंत
उत्तर: (C) शून्य
प्रश्न 8. ऊपर फेंकी गई वस्तु के उच्चतम बिंदु पर वेग होता है –
(A) अधिकतम
(B) शून्य
(C) g
(D) अनंत
उत्तर: (B) शून्य
प्रश्न 9. मुक्त-पतन में पृथ्वी के पास त्वरण लगभग होता है –
(A) 0 m/s2
(B) 9.8 m/s2
(C) 98 m/s
(D) 1 m/s
उत्तर: (B) 9.8 m/s2
प्रश्न 10. समान दिशा में चलती दो वस्तुओं का आपेक्षिक वेग सामान्यतः होता है –
(A) वेगों का योग
(B) वेगों का अंतर
(C) शून्य ही
(D) दोनों का गुणनफल
उत्तर: (B) वेगों का अंतर
परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स
- बिंदु वस्तु और एकविमीय गति
- स्थिति और reference point
- दूरी एवं विस्थापन
- चाल एवं वेग
- औसत चाल एवं औसत वेग
- तात्क्षणिक चाल और वेग
- त्वरण एवं मंदन
- गति के तीन समीकरण
- मुक्त-पतन
- ऊपर की ओर फेंकी गई वस्तु
- आपेक्षिक वेग
- x-t graph
- v-t graph
- speed-time graph
- ग्राफ की slope और area
- लिफ्ट में गेंद की गति
- चलते पट्टे पर बालक की गति
- दो पत्थरों की आपेक्षिक गति
- nth second में दूरी
- गति आधारित numericals
Chapter 3 का संक्षिप्त सारांश
सरल रेखा में गति में एकविमीय गति का अध्ययन किया जाता है। जब वस्तु एक सीधी रेखा के अनुदिश गति करती है, तो उसकी स्थिति में होने वाला परिवर्तन x-coordinate द्वारा व्यक्त किया जा सकता है।
दूरी वस्तु द्वारा तय किए गए वास्तविक पथ की कुल लंबाई है, जबकि विस्थापन प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच का निर्देशित अंतर है। इसी प्रकार चाल अदिश राशि है, जबकि वेग सदिश राशि है। औसत चाल कुल दूरी को कुल समय से तथा औसत वेग कुल विस्थापन को कुल समय से विभाजित करके प्राप्त किया जाता है।
समान त्वरण वाली गति के लिए v = u + at, s = ut + 1/2at2 और v2 = u2 + 2as तीन महत्वपूर्ण समीकरण हैं। इनका उपयोग इस अध्याय के अधिकांश numerical questions को हल करने में किया जाता है।
इस अध्याय में graph आधारित प्रश्न भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। x-t graph की slope वेग बताती है, जबकि v-t graph की slope त्वरण बताती है। v-t graph के नीचे का area विस्थापन और speed-time graph के नीचे का area दूरी देता है।
मुक्त-पतन तथा ऊपर फेंकी गई वस्तु के प्रश्नों में गुरुत्वीय त्वरण का प्रयोग किया जाता है। उच्चतम बिंदु पर वस्तु का वेग शून्य होता है, लेकिन गुरुत्वीय त्वरण शून्य नहीं होता।
आपेक्षिक गति में observer के frame का विशेष महत्व है। इसी कारण ट्रेन, कार, बस, लिफ्ट और चलते पट्टे जैसे प्रश्नों में relative velocity का प्रयोग किया जाता है।
अध्याय से जुड़े महत्वपूर्ण लिंक
निष्कर्ष
Bihar Board Class 11 Physics Chapter 3 – सरल रेखा में गति आगे के mechanics chapters की आधारभूत तैयारी करता है। इस अध्याय को अच्छी तरह समझने के लिए विद्यार्थियों को केवल formulas याद करने के बजाय distance-displacement, speed-velocity, acceleration तथा graphs के बीच संबंध को समझना चाहिए।
बिहार बोर्ड परीक्षा की तैयारी में विशेष रूप से गति के तीन समीकरण, औसत चाल एवं औसत वेग, मुक्त-पतन, आपेक्षिक वेग, x-t graph, v-t graph और numerical problems का नियमित अभ्यास करना चाहिए।