📢 महत्वपूर्ण सूचना: BSEB Class 11वीं और 12वीं के Notes, Questions & Answers अभी तैयार किए जा रहे हैं। नए Chapters लगातार जोड़े जा रहे हैं।

Bihar Board Class 11 Geography Solutions Chapter 12 विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन

बिहार बोर्ड कक्षा 11 भूगोल अध्याय 12 – विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन में जलवायु के विभिन्न प्रकार, जलवायु वर्गीकरण, कोपेन एवं ट्रिवार्था की वर्गीकरण पद्धतियाँ, ग्रीनहाउस गैसें, वैश्विक तापमान वृद्धि तथा जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन किया जाता है। इस पोस्ट में अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर आसान भाषा में दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी अच्छी तरह कर सकें।

Table of Contents

बिहार बोर्ड कक्षा 11 भूगोल अध्याय 12 के प्रश्न-उत्तर

बहुवैकल्पिक प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन-सा साल विश्व का सबसे गर्म साल माना गया है?

(क) 1990
(ख) 1998
(ग) 1885
(घ) 1950

उत्तर: (ख) 1998

प्रश्न 2. नीचे लिखे गए चार जलवायु के समूहों में से कौन-सा समूह आर्द्र दशाओं को प्रदर्शित करता है?

(क) A-B-C-D
(ख) A-C-D-E
(ग) B-C-D-E
(घ) A-C-D-F

उत्तर: (ख) A-C-D-E

प्रश्न 3. निम्नलिखित में किस प्रकार के क्षेत्र में कोपेन की H जलवायु पायी जाती है?

(क) उच्च अक्षांश
(ख) उच्च पर्वतीय क्षेत्र
(ग) उच्च तापमान
(घ) अधिक वर्षा

उत्तर: (ख) उच्च पर्वतीय क्षेत्र

प्रश्न 4. कोपेन द्वारा जलवायु वर्गीकरण के क्या आधार हैं?

(क) तापमान एवं वृष्टि के मासिक मान
(ख) वृष्टि एवं वाष्पीकरण के मासिक मान
(ग) निरपेक्ष एवं सापेक्ष आर्द्रता के मासिक मान
(घ) वाष्पोत्सर्जन के मासिक मान

उत्तर: (क) तापमान एवं वृष्टि के मासिक मान

प्रश्न 5. कोपेन के A प्रकार की जलवायु के लिए निम्न में से कौन-सी दशा अहंक हैं?

(क) सभी महीनों में उच्च वर्षा
(ख) सबसे ठंडे महीने का औसत मासिक तापमान हिमांक बिन्द से अधिक
(ग) सभी महीनों का औसत मासिक तापमान 18° सेल्सियस से अधिक
(घ) सभी महीनों का औसत तापमान 10° सेल्सियस से नीचे

उत्तर: (ग) सभी महीनों का औसत मासिक तापमान 18° सेल्सियस से अधिक

प्रश्न 6. जलवायु के वर्गीकरण से संबंधित कोपेन की पद्धति को व्यक्त किया जा सकता है ………………

(क) अनुप्रयुक्त
(ख) व्यवस्थित
(ग) जननिक
(घ) आनुभविक

उत्तर: (घ) आनुभविक

प्रश्न 7. भारतीय प्रायद्वीप के अधिकतर भागों को कोपेन की पद्धति के अनुसार वर्गीकृत किया जायेगा

(क) Af
(ख) BSh
(ग) Cfb
(घ) Am

उत्तर: (घ) Am

लगभग 150 शब्दों में उत्तर

प्रश्न 1. A एवं B प्रकार की जलवायुओं की जलवायविक दशाओं की तुलना करें।

उत्तर: A प्रकार की जलवायु उष्णकटिबंधीय जलवायु है। इसमें पूरे वर्ष तापमान अधिक रहता है और सामान्यतः वार्षिक तापान्तर कम होता है। इस समूह में वर्षा की मात्रा अधिक होती है। A जलवायु को मुख्य रूप से Af, Am और Aw प्रकारों में बाँटा जाता है।

B प्रकार की जलवायु को शुष्क जलवायु कहा जाता है। इसमें वाष्पीकरण की तुलना में वर्षा कम होती है। इसके कारण यहाँ नमी की कमी रहती है। B जलवायु को मुख्य रूप से स्टेपी अथवा अर्ध-शुष्क जलवायु और मरुस्थलीय जलवायु में बाँटा जाता है।

इस प्रकार A जलवायु की प्रमुख विशेषता अधिक तापमान और पर्याप्त नमी है, जबकि B जलवायु की प्रमुख विशेषता शुष्कता और कम प्रभावी वर्षा है।

प्रश्न 2. C एवं A प्रकार की जलवायु में आप किस प्रकार की वनस्पति पाएंगे?

उत्तर: A प्रकार की जलवायु मुख्यतः उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाई जाती है। अधिक तापमान और पर्याप्त वर्षा के कारण यहाँ घने वन, उष्णकटिबंधीय वर्षावन, घास तथा विभिन्न प्रकार की वनस्पतियाँ मिलती हैं।

C प्रकार की जलवायु में तापमान A जलवायु की अपेक्षा कम होता है। यहाँ जलवायु के अनुसार सदाबहार, पर्णपाती तथा मिश्रित वन पाए जा सकते हैं। पर्वतीय और ठंडे क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के शंकुधारी वृक्ष भी मिलते हैं।

अतः A जलवायु में गर्म एवं आर्द्र परिस्थितियों के कारण घने उष्णकटिबंधीय वन मिलते हैं, जबकि C जलवायु में तापमान तथा वर्षा के क्षेत्रीय अंतर के कारण वनस्पति में विविधता पाई जाती है।

प्रश्न 3. ग्रीन हाउस गैसों से आप क्या समझते हैं? ग्रीन हाउस गैसों की एक सूची तैयार करें।

उत्तर: वे गैसें जो पृथ्वी से निकलने वाली दीर्घ तरंगीय पार्थिव विकिरण को अवशोषित करती हैं और वायुमंडल को गर्म रखने में सहायता करती हैं, उन्हें ग्रीनहाउस गैसें कहा जाता है। इन गैसों के कारण पृथ्वी का औसत तापमान जीवन के लिए उपयुक्त बना रहता है।

प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें निम्नलिखित हैं:

  • कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)
  • मीथेन (CH₄)
  • नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O)
  • क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs)
  • ओजोन (O₃)
  • जलवाष्प

मानवीय गतिविधियों के कारण इन गैसों की मात्रा बढ़ने पर ग्रीनहाउस प्रभाव बढ़ सकता है, जिससे वैश्विक तापमान में वृद्धि और जलवायु परिवर्तन की समस्या उत्पन्न होती है।

लगभग 30 शब्दों में उत्तर

प्रश्न 1. जलवायु के वर्गीकरण के लिए कोपेन के द्वारा किन दो जलवायविक वर्गों का प्रयोग किया गया है?

उत्तर: कोपेन के वर्गीकरण में A, C, D और E आर्द्र जलवायु को तथा B शुष्क जलवायु को प्रदर्शित करता है।

प्रश्न 2. वर्गीकरण की जननिक प्रणाली आनुभविक प्रणाली से किस प्रकार भिन्न है?

उत्तर: जननिक वर्गीकरण जलवायु के कारणों के आधार पर किया जाता है, जबकि आनुभविक वर्गीकरण मुख्यतः तापमान और वर्षा जैसे देखे गए आँकड़ों पर आधारित होता है।

प्रश्न 3. किस प्रकार की जलवायु में तापांतर बहुत कम होता है?

उत्तर: भूमध्यरेखीय या उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु में वार्षिक तापान्तर बहुत कम होता है। इसका कारण वर्ष भर अधिक तापमान, अधिक आर्द्रता और पर्याप्त वर्षा है।

प्रश्न 4. सौर कलंकों में वृद्धि होने पर किस प्रकार की जलवायविक दशाएँ प्रभावित होंगी?

उत्तर: सौर कलंकों की संख्या में परिवर्तन से सौर विकिरण में परिवर्तन हो सकता है, जिससे तापमान और मौसम संबंधी दशाओं पर प्रभाव पड़ सकता है।

परियोजना कार्य

प्रश्न 1. भूमंडलीय जलवायु परिवर्तनों से संबंधित ‘क्योटो प्रोटोकॉल’ से संबंधित जानकारियाँ एकत्रित कीजिए।

उत्तर: क्योटो प्रोटोकॉल जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए किया गया एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौता है। इसका उद्देश्य ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करना था। इसे वर्ष 1997 में अपनाया गया और वर्ष 2005 में यह प्रभावी हुआ।

इस प्रोटोकॉल में विकसित देशों के लिए ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्य निर्धारित किए गए थे। इसका पहला प्रतिबद्धता काल 2008 से 2012 तक रहा। क्योटो प्रोटोकॉल ने जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1. ‘चीन तुल्य’ जलवायु किस क्षेत्र में पाई जाती है?

उत्तर: चीन तुल्य जलवायु दक्षिण-पूर्वी चीन, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी भाग, दक्षिणी ब्राजील, अर्जेंटीना तथा ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तटों के कुछ भागों में पाई जाती है।

प्रश्न 2. कोणधारी वन किस क्षेत्र में पाए जाते हैं?

उत्तर: कोणधारी वन मुख्य रूप से टैगा जलवायु क्षेत्र में पाए जाते हैं। यह क्षेत्र उत्तरी अमेरिका और यूरेशिया के उत्तरी भागों में विस्तृत है।

प्रश्न 3. टुण्ड्रा जलवायु की क्या विशेषता है?

उत्तर: टुण्ड्रा जलवायु में लंबी और अत्यधिक ठंडी शीत ऋतु तथा बहुत छोटी और ठंडी ग्रीष्म ऋतु होती है। यहाँ वनस्पति मुख्यतः काई, लाइकेन और छोटी झाड़ियों तक सीमित रहती है।

प्रश्न 4. कोपेन का वर्गीकरण कितने वर्गों में बंटा है?

उत्तर: कोपेन के वर्गीकरण में मुख्य जलवायु समूहों को बड़े अंग्रेजी अक्षरों द्वारा दर्शाया गया है। इसमें उष्णकटिबंधीय, शुष्क, शीतोष्ण, महाद्वीपीय, ध्रुवीय तथा उच्च पर्वतीय जलवायु समूह शामिल हैं।

प्रश्न 5. जैतून (Olive) किस प्रदेश के प्रतिनिधि वृक्ष हैं?

उत्तर: जैतून भूमध्यसागरीय जलवायु प्रदेश की प्रमुख प्रतिनिधि वनस्पति है। यह कैलिफोर्निया, मध्य चिली, दक्षिणी अफ्रीका तथा भूमध्यसागरीय क्षेत्र के कुछ भागों में पाया जाता है।

प्रश्न 6. जलवायु विज्ञान किसे कहते हैं?

उत्तर: वायुमंडल की दीर्घकालीन दशाओं तथा तापमान, वायुदाब, पवन, आर्द्रता और वर्षा जैसे जलवायु तत्वों के अध्ययन को जलवायु विज्ञान कहा जाता है।

प्रश्न 7. उन तत्त्वों के नाम बताएं जिनके आधार पर जलवायु का वर्गीकरण किया गया है?

उत्तर: जलवायु वर्गीकरण में मुख्यतः निम्नलिखित तत्वों का उपयोग किया जाता है:

  1. तापमान
  2. वर्षा
  3. वाष्पीकरण
  4. वाष्पोत्सर्जन
  5. जल संतुलन

प्रश्न 8. दो प्रसिद्ध भूगोलवेत्ताओं के नाम बताएं जिनके नाम पर जलवायु का वर्गीकरण किया गया है?

उत्तर: जलवायु वर्गीकरण के संदर्भ में दो प्रमुख नाम थॉर्नथ्वेट (Thornthwaite) और कोपेन (Köppen) हैं। दोनों ने जलवायु को वर्गीकृत करने की महत्वपूर्ण पद्धतियाँ विकसित कीं।

प्रश्न 9. कोपेन के जलवायु वर्गीकरण में किस प्रकार के जलवायु आँकड़े प्रयोग किए जाते हैं?

उत्तर: कोपेन के वर्गीकरण में मुख्यतः तापमान और वर्षा के आँकड़ों का प्रयोग किया जाता है। प्राकृतिक वनस्पति और इन जलवायु तत्वों के संबंध को भी वर्गीकरण समझने में उपयोगी माना गया है।

प्रश्न 10. मानसून जलवायु वाले क्षेत्र में किस प्रकार की वनस्पति पाई जाती है?

उत्तर: मानसून जलवायु वाले क्षेत्रों में वर्षा की मात्रा के अनुसार सदाबहार, मानसूनी पर्णपाती वन तथा कम वर्षा वाले क्षेत्रों में झाड़ियाँ और घास पाई जाती हैं। साल और सागवान प्रमुख वृक्ष हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1. द्विवार्था के जलवायु वर्गीकरण के उद्देश्य स्पष्ट थे?

उत्तर: जलवायु वर्गीकरण का उद्देश्य जलवायु संबंधी तथ्यों को व्यवस्थित करके उन्हें समझने योग्य बनाना था। इससे भूगोलवेत्ता, जीव वैज्ञानिक, किसान और अन्य लोग जलवायविक पर्यावरण को अपने-अपने उद्देश्यों के अनुसार समझ और उपयोग कर सकते हैं। जलवायु की उत्पत्ति को समझने से उसके विभिन्न स्वरूपों को समझना भी आसान होता है।

प्रश्न 2. वायुमण्डल में कार्बन डाइऑक्साइड और मिथेन की मात्रा बढ़ने से जलवायु पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

उत्तर: कार्बन डाइऑक्साइड और मिथेन जैसी ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा बढ़ने से ग्रीनहाउस प्रभाव मजबूत हो सकता है। इससे पृथ्वी के औसत तापमान में वृद्धि, हिमनदों और बर्फ के पिघलने, समुद्र तल में वृद्धि तथा वर्षा के वितरण में परिवर्तन जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इसके कारण कृषि, पारिस्थितिकी तंत्र और मानव जीवन भी प्रभावित हो सकते हैं।

प्रश्न 3. किस प्रकार की जलवायु में वार्षिक तापान्तर कम से कम होता है?

उत्तर: भूमध्यरेखीय जलवायु में वार्षिक तापान्तर सबसे कम पाया जाता है। इसका प्रमुख कारण पूरे वर्ष सूर्य की किरणों का अपेक्षाकृत अधिक प्रभाव, अधिक आर्द्रता, बादल और नियमित वर्षा है।

प्रश्न 4. वायुमण्डलीय प्रभाव किस प्रकार कार्य करता है?

उत्तर: ग्रीनहाउस प्रभाव में वायुमंडल की कुछ गैसें पृथ्वी से निकलने वाले दीर्घ तरंगीय विकिरण का कुछ भाग अवशोषित करती हैं और पुनः विकिरित करती हैं। इससे पृथ्वी की सतह और निचला वायुमंडल गर्म रहता है। यही प्राकृतिक ग्रीनहाउस प्रभाव पृथ्वी पर जीवन के लिए अनुकूल तापमान बनाए रखने में महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 5. चीन तुल्य जलवायु वाले प्रदेशों के जलवायु लक्षण तथा वनस्पति का वर्णन करों।

उत्तर: चीन तुल्य जलवायु सामान्यतः महाद्वीपों के पूर्वी तटों पर पाई जाती है। यहाँ गर्म ग्रीष्म ऋतु और अपेक्षाकृत हल्की शीत ऋतु होती है। वर्षा सामान्यतः पर्याप्त होती है और कई क्षेत्रों में वर्ष भर वर्षा होती है।

इस जलवायु में चौड़ी पत्ती वाले सदाबहार तथा मिश्रित वन पाए जाते हैं। कुछ क्षेत्रों में ओक, कपूर, शहतूत और यूकेलिप्टस जैसे वृक्ष मिलते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में पाइन जैसे शंकुधारी वृक्ष भी पाए जा सकते हैं।

प्रश्न 6. पश्चिमी यूरोपीय जलवायु उत्तरी दक्षिणी अमेरिका में केवल पतली समुद्र तटीय पट्टियों में ही क्यों पाई जाती है?

उत्तर: पश्चिमी यूरोपीय प्रकार की जलवायु मध्य अक्षांशों में समुद्र के प्रभाव से विकसित होती है। अमेरिका में ऊँची पर्वत श्रेणियाँ समुद्री प्रभाव और पश्चिमी पवनों को अंदरूनी भागों तक पहुँचने से रोकती हैं। इसलिए यह जलवायु मुख्यतः संकरी तटीय पट्टियों तक सीमित रहती है।

प्रश्न 7. जलवायु विज्ञान की परिभाषा लिखें।

उत्तर: पृथ्वी के वायुमंडल की दीर्घकालीन दशाओं तथा तापमान, वायुदाब, पवन, आर्द्रता, बादल और वर्षा जैसे तत्वों के अध्ययन को जलवायु विज्ञान कहा जाता है। यह कृषि, सिंचाई, भूमि उपयोग, परिवहन और मानव जीवन को समझने में महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 8. जलवायु का वर्गीकरण किस आधार पर किया गया है?

उत्तर: जलवायु में क्षेत्रीय भिन्नताओं को समझने के लिए उसका वर्गीकरण किया जाता है। इसके लिए तापमान, वर्षा, वाष्पीकरण, वाष्पोत्सर्जन और जल संतुलन जैसे तत्वों को आधार बनाया जाता है। अलग-अलग वैज्ञानिकों ने अलग-अलग उद्देश्यों के अनुसार वर्गीकरण पद्धतियाँ विकसित की हैं।

प्रश्न 9. निम्नलिखित प्रकार की जलवायु की महत्त्वपूर्ण विशेषताएँ बताइए

  1. सवाना जलवायु: वर्ष भर तापमान अधिक रहता है। ग्रीष्म ऋतु में वर्षा और शीत ऋतु में शुष्कता प्रमुख होती है। घास तथा बिखरे हुए वृक्ष मिलते हैं।
  2. उष्ण मरुस्थलीय जलवायु: यहाँ तापमान अधिक और वर्षा बहुत कम होती है। आकाश सामान्यतः साफ रहता है तथा दैनिक तापान्तर अधिक हो सकता है।
  3. मानसूनी जलवायु: गर्मियों में पर्याप्त या भारी वर्षा और शीत ऋतु में अपेक्षाकृत शुष्क परिस्थितियाँ मिलती हैं।
  4. भूमध्य रेखीय जलवायु: वर्ष भर तापमान अधिक रहता है और नियमित वर्षा होती है। घने सदाबहार वन पाए जाते हैं।
  5. भूमध्य-सागरीय जलवायु: गर्मी गर्म और शुष्क तथा सर्दी हल्की और वर्षायुक्त होती है। जैतून इसकी प्रमुख वनस्पति है।
  6. टैगा जलवायु: शीत ऋतु लंबी और कठोर तथा ग्रीष्म ऋतु छोटी होती है। यहाँ मुख्यतः शंकुधारी वन पाए जाते हैं।
  7. टुण्ड्रा जलवायु: यहाँ अत्यधिक ठंड रहती है। ग्रीष्म ऋतु बहुत छोटी और ठंडी होती है तथा वृक्षों का विकास बहुत सीमित होता है।

प्रश्न 10. मरुस्थलीय जलवायु तथा स्टेपी जलवायु में क्या अंतर है?

आधारमरुस्थलीय जलवायुस्टेपी जलवायु
वर्षावर्षा बहुत कम होती है।मरुस्थल की तुलना में वर्षा अधिक होती है।
नमीनमी की बहुत अधिक कमी रहती है।नमी मरुस्थल की अपेक्षा अधिक होती है।
वनस्पतिवनस्पति बहुत कम और विरल होती है।घास और छोटी झाड़ियाँ अधिक पाई जाती हैं।
कृषिसिंचाई के बिना कृषि कठिन होती है।कुछ क्षेत्रों में घासभूमि और कृषि संभव होती है।

प्रश्न 11. उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु 20° से 40° अक्षांशें के मध्य अनियमित पट्टी में क्यों पाई जाती है? व्याख्या कीजिए।

उत्तर: उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु का वितरण तापमान, वर्षा, समुद्र की निकटता, पवनों और वायुदाब की स्थिति से प्रभावित होता है। महाद्वीपों के पूर्वी भागों में समुद्र से आने वाली आर्द्र व्यापारिक पवनें वर्षा को बढ़ाती हैं। अंतःउष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र और उपोष्ण जेट धारा भी इसके वितरण को प्रभावित करते हैं। इसलिए इसका विस्तार सभी स्थानों पर समान न होकर अनियमित दिखाई देता है।

प्रश्न 12. कोपेन के जलवायु वर्गीकरण की अपेक्षा ट्रिवार्था के जलवायु वर्गीकरण के लाभों का वर्णन कीजिए।

उत्तर: ट्रिवार्था ने कोपेन की पद्धति से संबंधित विचारों को आगे बढ़ाते हुए जलवायु के बड़े समूहों को अधिक सरल रूप में व्यवस्थित किया। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

  • यह अपेक्षाकृत सरल और समझने में आसान है।
  • जलवायु के बड़े समूहों को स्पष्ट रूप से अलग किया गया है।
  • तापमान और वर्षा को प्रमुख आधार बनाया गया है।
  • जलवायु की क्षेत्रीय विशेषताओं को समझने में सहायता मिलती है।
  • इसमें सीमित संख्या में बड़े जलवायु समूहों के माध्यम से विश्व की जलवायु को समझना आसान होता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1. वायुमण्डल में कार्बन वितरण का वर्णन कीजिए तथा कार्बन चक्र एवं ग्रीन हाऊस प्रभाव के मध्य सम्बन्ध स्थापित कीजिए।

उत्तर: कार्बन पृथ्वी के पर्यावरण और जीवमंडल का एक महत्वपूर्ण तत्व है। यह वायुमंडल, महासागरों, मिट्टी, वनस्पतियों, जीव-जंतुओं तथा जीवाश्म ईंधनों में विभिन्न रूपों में पाया जाता है। कार्बन का विभिन्न भंडारों के बीच निरंतर स्थानांतरण कार्बन चक्र कहलाता है।

वनस्पतियाँ प्रकाश संश्लेषण द्वारा वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करती हैं। इसके बाद कार्बन खाद्य श्रृंखला के माध्यम से जीव-जंतुओं तक पहुँचता है। श्वसन, अपघटन और दहन जैसी प्रक्रियाओं से कार्बन पुनः वायुमंडल में पहुँचता है। महासागर भी कार्बन के महत्वपूर्ण भंडार हैं।

मानवीय गतिविधियों, विशेषकर कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों के दहन तथा वनों की कटाई से वायुमंडल में CO₂ की मात्रा बढ़ती है। CO₂, CH₄ जैसी ग्रीनहाउस गैसें पृथ्वी से निकलने वाले दीर्घ तरंगीय विकिरण को अवशोषित करती हैं। इससे ग्रीनहाउस प्रभाव बढ़ता है और पृथ्वी का तापमान बढ़ सकता है।

इस प्रकार कार्बन चक्र और ग्रीनहाउस प्रभाव एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। कार्बन के प्राकृतिक चक्र में मानवीय हस्तक्षेप होने पर वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे वैश्विक जलवायु प्रभावित होती है।

प्रश्न 2. निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए –

  1. कोपेन का जलवायु वर्गीकरण
  2. उपोष्ण जलवायु
  3. भूमण्डलीय जलवायु परिवर्तन

उत्तर:

1. कोपेन का जलवायु वर्गीकरण

व्लादिमीर कोपेन ने जलवायु वर्गीकरण की एक महत्वपूर्ण पद्धति विकसित की। यह मुख्यतः तापमान और वर्षा के आँकड़ों पर आधारित है तथा प्राकृतिक वनस्पति के वितरण से इनके संबंध को भी ध्यान में रखती है। इस वर्गीकरण में जलवायु समूहों को अंग्रेजी के बड़े अक्षरों से प्रदर्शित किया जाता है। प्रमुख समूहों में उष्णकटिबंधीय, शुष्क, शीतोष्ण, महाद्वीपीय, ध्रुवीय तथा उच्च पर्वतीय जलवायु शामिल हैं।

2. उपोष्ण जलवायु

उपोष्ण जलवायु सामान्यतः उष्णकटिबंधीय और शीतोष्ण जलवायु के बीच पाई जाती है। इसमें ग्रीष्म ऋतु अपेक्षाकृत गर्म और शीत ऋतु सामान्यतः हल्की होती है। वर्षा का वितरण क्षेत्र के अनुसार बदलता है। कुछ क्षेत्रों में वर्ष भर वर्षा होती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में शीत ऋतु में अधिक वर्षा और ग्रीष्म ऋतु में शुष्कता मिलती है।

3. भूमण्डलीय जलवायु परिवर्तन

पृथ्वी की जलवायु में समय के साथ होने वाले दीर्घकालीन परिवर्तन को भूमण्डलीय जलवायु परिवर्तन कहा जाता है। वर्तमान समय में मानवीय गतिविधियों के कारण CO₂, मीथेन और अन्य ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा में वृद्धि जलवायु परिवर्तन का महत्वपूर्ण कारण बन रही है। इसके परिणामस्वरूप वैश्विक तापमान, हिमनद, समुद्र तल, वर्षा के स्वरूप और पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो सकते हैं।

प्रश्न 3. जलवायु तथा मौसम में क्या अंतर है? उदाहरण सहित व्याख्या करें।

उत्तर: मौसम और जलवायु दोनों वायुमंडल की दशाओं से संबंधित हैं, लेकिन दोनों के समय-मान में अंतर होता है।

आधारमौसमजलवायु
समयकम समय की वायुमंडलीय दशाएँ।लंबे समय की औसत वायुमंडलीय दशाएँ।
परिवर्तनजल्दी-जल्दी बदल सकता है।लंबे समय में धीरे-धीरे परिवर्तन होता है।
उदाहरणआज दिल्ली में भारी वर्षा होना मौसम की स्थिति है।दिल्ली में गर्मी और मानसून के दौरान सामान्य मौसमी दशाएँ वहाँ की जलवायु का हिस्सा हैं।

इस प्रकार किसी स्थान के किसी विशेष समय की वायुमंडलीय दशा को मौसम कहते हैं, जबकि लंबे समय तक देखी गई औसत वायुमंडलीय दशाओं को जलवायु कहा जाता है।

प्रश्न 4. मनुष्य के लिए जलवायु विज्ञान का क्या महत्त्व है?

उत्तर: जलवायु विज्ञान मनुष्य के जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जलवायु का प्रभाव भोजन, वस्त्र, मकान, कृषि, स्वास्थ्य, परिवहन, उद्योग और मानव की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है।

  • भोजन: अलग-अलग जलवायु में अलग-अलग फसलों और खाद्य पदार्थों का उत्पादन होता है।
  • वस्त्र: ठंडे क्षेत्रों में ऊनी वस्त्र और गर्म क्षेत्रों में हल्के वस्त्र अधिक उपयोग किए जाते हैं।
  • मकान: वर्षा, तापमान और बर्फ के अनुसार मकानों की बनावट बदलती है।
  • कृषि: तापमान और वर्षा फसलों के चयन और उत्पादन को प्रभावित करते हैं।
  • स्वास्थ्य: अत्यधिक गर्मी, ठंड, आर्द्रता और कुछ जलवायु परिस्थितियाँ मानव स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।
  • परिवहन: अत्यधिक वर्षा, हिमपात, तूफान और कोहरा परिवहन को प्रभावित कर सकते हैं।
  • आर्थिक गतिविधियाँ: उद्योग, पर्यटन और व्यापार पर भी जलवायु का प्रभाव पड़ता है।

प्रश्न 5. अंतर स्पष्ट कीजिए –

  1. जलवायु का जननिक एवं आनुभाविक वर्गीकरण
  2. उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु तथा उष्णकटिबंधीय आर्द्र एवं शुष्क जलवायु
  3. बोरियल तथा ध्रुवीय जलवायु

उत्तर:

1. जननिक एवं आनुभाविक वर्गीकरण

आधारजननिक वर्गीकरणआनुभाविक वर्गीकरण
आधारजलवायु के कारणों और उत्पत्ति पर आधारित।देखे गए जलवायु आँकड़ों पर आधारित।
मुख्य तत्ववायुमंडलीय परिसंचरण और जलवायु उत्पन्न करने वाले कारक।मुख्यतः तापमान और वर्षा।
उद्देश्यजलवायु क्यों और कैसे बनी, यह समझना।विभिन्न जलवायु प्रकारों को आँकड़ों के आधार पर वर्गीकृत करना।

2. उष्णकटिबंधीय आर्द्र तथा उष्णकटिबंधीय आर्द्र एवं शुष्क जलवायु

आधारउष्णकटिबंधीय आर्द्रउष्णकटिबंधीय आर्द्र एवं शुष्क
वर्षावर्षा पूरे वर्ष पर्याप्त होती है।वर्षा मुख्यतः एक निश्चित ऋतु में होती है।
शुष्क ऋतुशुष्क ऋतु बहुत कम या अनुपस्थित होती है।शुष्क ऋतु स्पष्ट होती है।
वनस्पतिघने उष्णकटिबंधीय वन।घासभूमि और बिखरे हुए वृक्ष।

3. बोरियल तथा ध्रुवीय जलवायु

आधारबोरियल जलवायुध्रुवीय जलवायु
तापमानशीत ऋतु अत्यधिक ठंडी और ग्रीष्म ऋतु छोटी होती है।तापमान बहुत कम रहता है।
वनस्पतिमुख्यतः शंकुधारी वन पाए जाते हैं।वनस्पति बहुत सीमित होती है।
क्षेत्रउच्च मध्य अक्षांशों में।ध्रुवीय उच्च अक्षांशों में।

प्रश्न 6. ट्विार्था द्वारा बनाए गए बड़े जलवायु समूहों का वर्णन कीजिए। इसके वर्गीकरण के क्या आधार हैं?

उत्तर: ट्रिवार्था ने विश्व की जलवायु को बड़े समूहों में बाँटने के लिए तापमान और वर्षा को प्रमुख आधार बनाया। उनकी पद्धति में जलवायु के बड़े समूहों को समझने पर विशेष जोर दिया गया।

उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु: इस प्रकार की जलवायु में तापमान अधिक रहता है और कई क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा होती है। जहाँ वर्षा पूरे वर्ष होती है वहाँ घने उष्णकटिबंधीय वन मिलते हैं।

उपोष्ण जलवायु: यह उष्णकटिबंधीय और शीतोष्ण क्षेत्रों के बीच पाई जाती है। इसमें ग्रीष्म ऋतु गर्म और शीत ऋतु अपेक्षाकृत हल्की होती है।

शीतोष्ण जलवायु: यह मध्य अक्षांशों में पाई जाती है। यहाँ ऋतुओं में स्पष्ट अंतर होता है और समुद्र से दूरी के अनुसार जलवायु में परिवर्तन होता है।

बोरियल जलवायु: इसमें ग्रीष्म ऋतु छोटी और शीत ऋतु लंबी तथा कठोर होती है। यहाँ शंकुधारी वन प्रमुख होते हैं।

ध्रुवीय जलवायु: उच्च अक्षांशों में पाई जाने वाली इस जलवायु में तापमान बहुत कम रहता है। टुण्ड्रा और हिमटोपी जैसी जलवायु इसके प्रमुख प्रकार हैं।

शुष्क जलवायु: इस जलवायु की मुख्य पहचान कम वर्षा और नमी की कमी है। इसमें मरुस्थलीय तथा स्टेपी क्षेत्रों को शामिल किया जाता है।

अध्याय 12 का सारांश

विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन अध्याय में विश्व की विभिन्न जलवायु परिस्थितियों और उनके वर्गीकरण का अध्ययन किया जाता है। जलवायु का वर्गीकरण तापमान, वर्षा, वाष्पीकरण, वाष्पोत्सर्जन तथा जल संतुलन जैसे तत्वों के आधार पर किया जा सकता है।

कोपेन और ट्रिवार्था ने विश्व की जलवायु को समझने के लिए महत्वपूर्ण वर्गीकरण पद्धतियाँ प्रस्तुत कीं। उष्णकटिबंधीय, शुष्क, शीतोष्ण, बोरियल और ध्रुवीय जलवायु की अपनी अलग-अलग विशेषताएँ होती हैं।

अध्याय में ग्रीनहाउस गैसों, कार्बन चक्र और वैश्विक जलवायु परिवर्तन का भी अध्ययन किया जाता है। मानवीय गतिविधियों से ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा बढ़ने पर वैश्विक तापमान और जलवायु प्रणाली प्रभावित हो सकती है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

  • जलवायु और मौसम में अंतर याद रखें।
  • कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के प्रमुख समूहों को समझें।
  • ग्रीनहाउस गैसों के नाम याद करें।
  • कार्बन चक्र और ग्रीनहाउस प्रभाव का संबंध समझें।
  • जननिक और आनुभविक वर्गीकरण में अंतर तैयार करें।
  • मरुस्थलीय और स्टेपी जलवायु का अंतर याद करें।
  • भूमध्यसागरीय जलवायु में जैतून की भूमिका याद रखें।
  • टैगा जलवायु में शंकुधारी वनों की उपस्थिति याद रखें।
  • टुण्ड्रा जलवायु की प्रमुख विशेषताओं को समझें।
  • क्योटो प्रोटोकॉल को जलवायु परिवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रयास के रूप में याद रखें।

अन्य BSEB Class 11 Geography Chapters

Chapter 1 – भूगोल एक विषय के रूप में

Chapter 2 – पृथ्वी की उत्पत्ति एवं विकास

Chapter 3 – पृथ्वी की आंतरिक संरचना

Chapter 4 – महासागरों और महाद्वीपों का वितरण

Chapter 5 – खनिज एवं शैल

Chapter 6 – भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ

Chapter 7 – भू-आकृतियाँ तथा उनका विकास

Chapter 8 – वायुमंडल का संघटन तथा संरचना

Chapter 9 – सौर विकिरण, ऊष्मा संतुलन एवं तापमान

Chapter 10 – वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसम प्रणालियाँ

Chapter 11 – वायुमंडल में जल

निष्कर्ष

Bihar Board Class 11 Geography Chapter 12 – विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन परीक्षा की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इसमें जलवायु वर्गीकरण, विभिन्न जलवायु प्रदेश, ग्रीनहाउस गैसें, कार्बन चक्र और वैश्विक जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। विद्यार्थियों को विशेष रूप से MCQ, जलवायु वर्गीकरण और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की अच्छी तैयारी करनी चाहिए।

Leave a Comment